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Ramakant MansoriyaRamakant MansoriyaFollow19 Sept 2024, 10:00 am
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यमुना एक्सप्रेसवे मुठभेड़: बदमाश पैर में गोली लगने से घायल, SI घायल सहित गिरफ्तार

Mathura, Uttar Pradesh:यमुना एक्सप्रेस-वे पर थाना नौहझील क्षेत्र के अंतर्गत माइलस्टोन 63/64 के पास बीते रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पश्चिम बंगाल से ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाए जा रहे एक शातिर अभियुक्त ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इस दौरान एक उप-निरीक्षक (SI) भी गोली लगने से घायल हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, 11/12 अगस्त की रात लगभग 12:15 बजे दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ (नॉर्थ-वेस्ट) की टीम अभियुक्त वसीम अकरम उर्फ लंबू को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल से दिल्ली ले जा रही थी। यमुना एक्सप्रेस-वे पर नौहझील थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 63/64 के पास अभियुक्त ने बाथरूम करने की इच्छा जताई। जैसे ही दिल्ली पुलिस के उप-निरीक्षक (SI) और कांस्टेबल उसे गाड़ी से उतारकर सड़क किनारे ले गए, वसीम अकरम ने चकमा देकर कांस्टेबल की सर्विस पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग करते हुए भागने लगा। जवाबी फायरिंग में घायल हुआ बदमाश अभियुक्त द्वारा की गई फायरिंग में उप-निरीक्षक अजय कुमार को गोली लग गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की गोली बदमाश वसीम अकरम के पैर में लगी है, जिससे वह वहीं गिर पड़ा और उसे दोबारा दबोच लिया गया। स्वास्थ्य केंद्र से बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। क्षेत्राधिकारी (CO) मांट, श्री अमरनाथ यादव ने बताया कि बीती रात दिल्ली पुलिस स्पेशल स्टाफ की टीम अभियुक्त वसीम अकरम उर्फ लंबू को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जा रही थी, नौहझील क्षेत्र में पिस्टल छीनकर फायर किया गया, जिसमें उप-निरीक्षक अजय कुमार घायल हुए। जवाबी फायरिंग में अभियुक्त के पैर में गोली लगी है। दोनों को उपचार हेतु हायर सेंटर भेजा गया है और स्थानीय नौहझील पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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चिड़ावा में जलभराव से स्कूल और राहगीर परेशान, खुले चैंबर से खतरा

Jhunjhunu, Rajasthan:चिड़ावा, झुंझुनूं चिड़ावा के वार्ड 26 में जलभराव से लोग परेशान स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए मुसीबत बना जलभराव बारिश ही नहीं, बिना बारिश भी सड़क पर भरा रहता है पानी जलभराव के बीच खुले चैंबर से हादसे का खतरा कई बार फिसलकर पानी में गिर चुके हैं स्कूल के बच्चे पानी में गिरने से बच्चों के चोटिल होने का भी आरोप बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर जल्द कार्रवाई की मांग झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे के वार्ड नंबर 26 में जलभराव की समस्या से स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान तो हालात गंभीर हो जाते हैं, वहीं बिना बारिश के भी यहां पानी भरा रहता है। जलभराव के कारण सड़क पर आवाजाही मुश्किल हो जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। पानी से होकर गुजरने के दौरान कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हो चुके हैं। बच्चों की स्कूल ड्रेस भी गंदी हो जाती है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रास्ते में एक खुला चैंबर भी है, जो जलभराव के बीच दिखाई नहीं देता। इसके चलते हादसे का खतरा और बढ़ गया है। लोगों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों ने प्रशासन से मांग की है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए, खुले चैंबर को सुरक्षित किया जाए और स्कूल जाने वाले बच्चों के आवागमन को सुगम बनाया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का समाधान हो सके。 बाइट 01 : स्टूडेंट बाइट 02 : स्टूडेंट
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नवलगढ़ में मॉक ड्रिल ने सुरक्षा तैयारियों और रिस्पॉन्स टाइम पर जोर दिया

Jhunjhunu, Rajasthan:नवलगढ़, झुंझुनूं नवलगढ़ में ज्वैलरी शोरूम पर पुलिस की मॉक ड्रिल मॉक ड्रिल कर पुलिस ने परखा रिस्पॉन्स टाइम वारदात की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम रहा संतोषजनक, और कम करने के निर्देश दिन-रात संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया पर फोकस नवलगढ़ डीएसपी सुगन सिंह के निर्देशन में हुई मॉक ड्रिल झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ कस्बे में संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को परखने और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस के त्वरित रिस्पॉन्स को सुनिश्चित करने के लिए नवलगढ़ में पुलिस ने स्टेशन रोड स्थित एक ज्वैलरी शोरूम पर मॉक ड्रिल की। डीएसपी सुगन सिंह के निर्देशन में आयोजित इस मॉक ड्रिल के दौरान वारदात की सूचना मिलने से लेकर पुलिस के मौके पर पहुंचने और प्रारंभिक कार्रवाई करने तक की पूरी प्रक्रिया को जांचा गया। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस टीम को शोरूम पर वारदात होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस जाब्ता मौके के लिए रवाना हुआ। पुलिस अधिकारियों ने सूचना मिलने से लेकर घटनास्थल तक पहुंचने में लगे समय, पुलिसकर्मियों की तैनाती और शुरुआती कार्रवाई का बारीकी से जायजा लिया। डीएसपी सुगन सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम को लगातार कम करना और पुलिस जाब्ते को संवेदनशील परिस्थितियों के लिए अलर्ट रखना है। दिन और रात, दोनों समय संवेदनशील स्थानों पर पुलिस कितनी तेजी से पहुंच सकती है, इसे लगातार परखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल में पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम संतोषजनक रहा, हालांकि इसे और कम करने के लिए पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की ओर से ज्वैलरी शोरूम सहित अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों के संचालकों को भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने प्रतिष्ठानों पर सायरन सिस्टम और बेहतर गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया है। जिन स्थानों को अधिक संवेदनशील माना जा रहा है, वहां सुरक्षा गार्ड और आवश्यकता के अनुसार हथियारबंद सुरक्षा गार्ड रखने के लिए भी संचालकों को प्रेरित किया जा रहा है। डीएसपी ने बताया कि संवेदनशील प्रतिष्ठानों का स्वयं का सर्विलांस सिस्टम भी महत्वपूर्ण है, वहीं पुलिस की ओर से रात्रि गश्त और पेट्रोलिंग के दौरान इन स्थानों को लगातार चेक किया जाता है। पुलिस का उद्देश्य किसी घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी आपात स्थिति में कम से कम समय में मौके पर पहुंचना है।
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सीएम सम्राट चौधरी गोपालगंज पहुंचेंगे, थावे दुर्गा मंदिर में पूजा–अर्चना और मेडिकल कॉलेज भूमि निरीक्षण

Gopalganj, Bihar:सीएम सम्राट चौधरी आज गोपालगंज पहुंचेंगे जहाँ सिद्धपीठ थावे दुर्गा मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। वही चनावे में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के भूमि का निरीक्षण करेंगे। सीएम के आगमन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं; सिद्धपीठ थावे दुर्गा मंदिर को सजाया गया है, भारी संख्या में पुलिस बल व मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है। सीएम सम्राट चौधरी चनावे के बाद सड़क मार्ग से बरिष्ट अधिवक्ता वाई वी गिरि के घर मानिकपुर आयेंगे जहाँ उनके माँ के श्राद्ध में शामिल होकर पुष्प अर्पित करेंगे। फिर सीएम बिस्कोमॉन स्थित हेलीकॉप्टर से पटना के लिए रवाना होंगे।
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बिहार शराबबंदी पर राजनीतिक बयानबाजी तेज, सभी दल एकजुटता के दावे

Patna, Bihar:बिहार में शराबबंदी को लेकर आई रिपोर्ट और जितन मांझी के बयान पर राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि अधिकारी और नेता मिलकर बिहार में शराब बिकवा रहे हैं ऐसे में बिहार में शराब बंदी है कहां मुख्यमंत्री हुआ है उनको सभी विषयों पर विचार करना होगा... जदयू ने कहा की.. भाई बीरेंद्र जी का यह जो बयान है , वह उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। एक्चुअली, बिहार में शराबबंदी कानून पूरी सख्ती के साथ लागू है। अब वह 'खाकी' और 'खादी' की बात कर रहे हैं... तो खाकी हो या खादी हो, चाहे अन्य कोई भी हो, जिस किसी ने भी इस कानून को तोड़ने का प्रयास किया है, आज वह जेल की सलाखों के पीछे है। रही बात बॉर्डर की, तो बॉर्डर पर हमारी पुलिस, हमारी प्रशासन के मुस्तैदी का ही यह परिणाम है कि जो लोग भी इस कानून के खिलाफ काम करने की कोशिश किए हैं, उनके ऊपर सख्त कार्रवाई हो रही है और की भी गई है। देखिए, हकीकत यह है कि शराबबंदी का कानून जो है, सर्वदलीय यह निर्णय रहा है। और बिहार की महिलाएं इस बात को समझती हैं कि शराबबंदी ही वह कानून है जिसके माध्यम से उनके घर बर्बाद होने से बचे हैं। और हमारी सरकार महिलाओं के वेलफेयर को लेकर के, उनके... उनकी भावना को लेकर के या फिर जो जितने भी एक पॉजिटिव इंपैक्ट पड़े हैं शराबबंदी के कारण हमारे समाज में—दुर्घटनाएं कम हुई हैं, बीमारियां कम हुई हैं, महिलाएं अब कम प्रताड़ित की जाती हैं, एक्सीडेंट की घटनाएं कम होती हैं, इव टीज़िंग की घटनाएं... सो मेनी ऐसे पॉजिटिव परिणाम हैं, उसके मद्देनजर हमारी सरकार इस कानून को कहीं से भी कमजोर करने नहीं जा रही है, चाहे विपक्ष को जितना भी इसके खिलाफ में माहौल बनाना है बना ले। कांग्रेस ने कहा की कार्यपालिका हो या न्यायपालिका है या लोकतंत्र सबको पता है बिहार में शराब बिक रहा है... बिहार में शराबबंदी नहीं है अब देखना यह है शराब को माफिया बेच रहे हैं या सरकार के नियंत्रण में बिक रही है.. सवाल ये है माफिया सरकार को नियंत्रण में लिए हुए हैं या सरकार माफिया को... भाजपा ने कहा की यह तो सत्य है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी है 2016 में सभी दलों की सहमति से फैसला हुआ था आज तक शराबबंदी सही से चल रहा है भाई वीरेंद्र जी केवल राजनीतिक बयान बाजी करने का काम कर रहे हैं... जो लोग धंधा कर रहे हैं पुलिस उनको गिरफ्तार कर रही है कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है जो रिपोर्ट आई है जिन कंपनियों ने रिपोर्ट पेश की है सरकार उसे रिपोर्ट की भी समीक्षा करेगी और समय-समय पर कानून की भी समीक्षा हुई है मांझी जी ने भी जिक्र किया है अगर जरूरत होगी तो सरकारी इस मुद्दे को भी देखेगी... सरकार आज भी शराबबंदी के पक्ष में है... जो कुछ भी होगा केबिनेट कैटरीना के आधार पर होगा राजनीतिक दलों के सहमति के आधार पर होगा.... केंद्रीय पार्टी प्रवक्ताओं के बयानों का यह क्रम शराबबंदी पर राजनीतिक बहस को तेज कर रहा है।
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देहरा डिपो में भाजपाकर्मियों का घेराव, बसें बढ़ाने और रूट बहाल करने की मांग

Dehra Gopipur, Himachal Pradesh:देहरा: जसवां-परागपुर के विधायक एवं पूर्व परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर के नेतृत्व में बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने देहरा स्थित एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने संसारपुर टेरेस स्थित एचआरटीसी डिपो की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विक्रम ठाकुर ने कहा कि परिवहन मंत्री रहते हुए उन्होंने संसारपुर टेरेस में एचआरटीसी डिपो की स्थापना करवाई थी, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल सकें। लेकिन वर्तमान में इस डिपो की लगातार उपेक्षा की जा रही है और इसे बंद करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि डिपो में बसों की भारी कमी है। जो बसें उपलब्ध हैं, वे भी जर्जर हालत में हैं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण रूट बंद कर दिए गए हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व परिवहन मंत्री ने इन समस्याओं के लिए देहरा डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) को जिम्मेदार ठहराते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बसों की संख्या नहीं बढ़ाई गई और बंद रूट बहाल नहीं किए गए तो भाजपा आंदोलन को और तेज करेगी。
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जयपुर की 300 साल पुरानी तीज की शाही सवारी फिर से रंग जमाएगी

Jaipur, Rajasthan:300 साल पुरानी तीज की शाही सवारी की परंपरा आज भी कायम, विदेशी पावने भी आएंगे गुलाबी नगरी जयपुर-जयपुर के राजघराने से तीज की शाही सवारी की परंपरा आज भी कायम है. लोक संस्कृति, कलाकारों और सांस्कृतिक विरासत को समेटे हुए गुलाबी नगरी में अबकी बार भी तीज की सवारी शाही अंदाज में निकलेगी, जिसका ना केवल जयपूर राजस्थान अबकी विदेशी पावणों को भी इंतजार है. 15 और 16 अगस्त को निकलने वाली शाही तीज की सवारी आखिर क्यों निकाली जाती है.. तीज की सवारी का शाही अंदाज निराला- जयपुर में तीज की सवारी का शाही अंदाज निराला है. संस्कृति, विरासत और सांस्कृति धरोहर को समेटे जयपुर राजघराने की 300 साल से ज्यादा पुरानी परंपरा अभी भी कायम है. पुराने जमाने से लेकर नए जमाने के तक उसी शाही अंदाज में तीज की सवारी निकाली जाती है. इस बार भी 15 और 16 अगस्त को पूरे गाजे बाजे के साथ ऐतिहासिक त्रिपोलिया गेट से तीज की सवारी निकलेगी. तीज माता सिटी पैलेस की जनानी ड्योढ़ी में स्थित रावले में विराजमान रहती हैं और वहीं पूजन किया जाता है. तीज की सवारी सिटी पैलेस से शुरू होती है. इससे पहले सिटी पैलेस की जनानी ड्योढ़ी में पूर्व राजपरिवार के सदस्य पारंपरिक पोशाक में त्रिपोलिया गेट पर माता की आरती उतारते हैं. तीज पर्व से जुड़ी ये शाही सवारी केवल रस्म नहीं, बल्कि जयपुर राजपरिवार की परंपरा और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है. तीज और गणगौर की सवारी में अंतर- पहला अंतर पालकी का - तीज और गणगौर की माता की पालकी में अंतर होता है. तीज की सवारी में पालकी के ऊपर सावन में बारिश को ध्यान में रखते हुए छतरी लगाई जाती है. जबकि गणगौर माता की सवारी में पालकी के ऊपर छतरी नहीं होती चारों ओर से पालकी खुली रहती है. दूसरा अंतर मूर्तियों का- तीज माता की मूर्ति दूधियां रंग की होती है. लहरियां पहनती है. गणगौर माता की मूर्ति गेहुंआ और गुलाबी रंग की होती है. chunri पहनाई जाती है. तीसरा अंतर शुरूआत, समापन का- तीज माता की सवारी से त्यौहार की शुरूआत मानी जाती है. तीज हरियाली, प्रेम और शिव पार्वती के मिलन का प्रतीक है. गणगौर की सवारी के साथ त्यौहार का समापन होता है. गणगौर नवविवाहित स्त्रियों के सौभाग्य और पारिवारिक समृद्धि की कामना से जुड़ी है. त्रिपोलिया गेट से निकलेगी शाही सवारी : तीज महोत्सव के तहत 15 और 16 अगस्त को शाम 5:35 बजे तीज माता की शाही सवारी निकलेगी. इस दौरान लोक प्रस्तुतियों का आयोजन भी होगा. तीज माता की सवारी त्रिपोलिया गेट से शुरू होकर शहर के पारंपरिक मार्गों से गुजरते हुए तालकटोरा झील पहुंचेगी. माता के शाही लवाजमे में सजे-धजे हाथी, ऊंट, बैलगाड़ियां, रथ, पालकियां और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां जयपुर की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक दिखाएंगी. तीज महोत्सव की सबसे खास पहचान तीज माता की शाही सवारी है. इस दौरान राजस्थानी लोक कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां देंगे. शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने वाली सवारी में राजस्थान की पारंपरिक कला और संस्कृति के रंग देखने को मिलेंगे. तीज माता की सवारी से पहले पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था त्रिपोलिया गेट के सामने बरामदों की छत पर रहेगी. जहां टूरिस्ट जयपुर के पारंपरिक मिष्ठान घेवर का स्वाद भी चखेंगे. महोत्सव के दौरान तालकटोरा झील के सामने पौंड्रिक उद्यान में क्राफ्ट और फूड बाजार लगाया जाएगा.
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जयपुर की 300 साल पुरानी तीज की शाही सवारी आज भी कायम

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के राजघराने से तीज की शाही सवारी की परंपरा आज भी कायम है. गुलाबी नगरी में तीज की सवारी शाही अंदाज में निकलेगी, जिसका दर्शक राजस्थान ही नहीं, विदेशियों के भी उत्साहजनक इंतजार है. 15 और 16 अगस्त को ऐतिहासिक त्रिपोलिया गेट से शाही तीज की सवारी शुरू होगी. माता सा की पूजा सिटी पैलेस के जनानी ड्योढ़ी में होती है और वहां से सवारी शहर के पारंपरिक मार्गों से गुजरती है. तीज माता की पालकी पर छतरी लगाई जाती है, जबकि गणगौर की पालकी पर छतरी नहीं होती. तीज माता की रंगीन मूर्ति दूधिया रंग की होती है, जबकि गणगौर माता की मूर्ति गेहूंआ और गुलाबी रंग की होती है. तीज पर्व हरियाली, प्रेम और शिव-पार्वती के मिलन की प्रतीक है. त्रिपोलिया गेट से निकलने वाली इस सवारी में हाथी, ऊंट, बैलगाड़ियाँ, रथ और लोक कलाकार प्रस्तुतियां देते हैं. पर्यटन के लिए जगह-जगह मिष्ठान घेवर की पेशकश भी होगी. महोत्सव के दौरान तालकटोरा झील के सामने क्राफ्ट और फूड बाजार भी सजेंगे.
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