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चतरा में एक रात आठ घरों की चोरी, क्षेत्र में दहशत

Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा में एक ही रात आठ घरों में चोरी, लाखों का सामान ले उड़े चोर, जांच में जुटी पुलिस चतरा : जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के ख़ुटीकेवाल गांव के मुसहर टोला में बीती रात चोरों के द्वारा एक साथ आठ घरों में चोरी किये जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोग दहशतजदा होने के साथ साथ खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। बताया जाता है कि यह घटना तब घटी जब सभी मुसहर समुदाय के लोग अपनी रोजी- रोटी के लिए एक दो दिन पूर्व ही काम करने के लिए बाहर गए हुवे थे। इन आठ घरों में मात्र दो सदस्य ( एक महिला एक पुरुष)ही यहां रह गए थे। बीती रात दोनों सदस्य अपने अपने घरों में सोए हुए थे। इस दौरान चोरों ने मौके का फायदा उठाकर सभी घरों में हाँथ साफ कर दिया और नकदी, सोना,चांदी सहित लाखो रुपये के सामान लेकर चंपत हो गए। चोरी की घटना की जानकारी अहले सुबह लोगों तो तब हुई जब घर में सो रहे एक सदस्य युवक की नजर घर में बिखरे सामान और टूटे हुवे बक्शे पर पड़ी। इसकी जानकारी वह महिला को देने पहुंचा तो वहां का भी मंजर वही था। एक एक कर सभी घरों को देखा तो सबके घर के ताले के साथ साथ बख्शे के ताले भी टूटे पाए गए।  जिसके बाद युवक ने फोन के माध्यम से घटना की जानकारी बाहर कमाने गए परिजनों को दी। सूचना मिलते ही उपरोक्त सभी घर के सदस्य मौके पर पहुंचे तो देखकर दंग रह गए। वहीं पीड़ित ने इसकी सूचना हंटरगंज थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची तो जरूर पर घर में सोने वाले सदस्य को ही थाना में बंद कर दिया। जिसका विरोध मुसहर समुदाय के सभी सदस्यों ने किया। इनका कहना था कि चोर को पकड़ने के बजाय पुलिस हमारे घर के सदस्य को ही अंदर कर दे रही है। न एफआईआर कर रही है और ना कोई छानबीन। जिनके घरों में चोरी हुई उसमें अजय मुसहर, कारु मुसहर, विनय मुसहर, दीपू मुसहर, गोरा मुसहर, आलोक मुसहर, कृष्ण मुसहर और बांसों मुसहरनी का नाम शामिल है। इन घरों से लाखों का सामान की चोरी हुई है। इधर थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने बताया कि चोरी की सूचना पर जांच मेरे द्वारा प्रारंभ कर दी गई है परन्तु जिनके घर चोरी की घटना घटी है उनके द्वारा अभी तक थाना में कोई आवेदन नहीं दिया गया है।
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आगरा में ग्रेटर आगरा योजना के तहत 10 टाउनशिप का भूमि पूजन और शिलान्यास

Noida, Uttar Pradesh:ऐतिहासिक वैभव और वैश्विक विरासत को सहेजे आगरा की पावन धरा पर आज विकास के एक नए अध्याय का शुभारंभ होने जा रहा है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत ग्रेटर आगरा योजना (रायपुर-रहनकलां) में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 10 टाउनशिप का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया जाएगा, साथ ही जनपद आगरा के विकास को नई गति प्रदान करती विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी होगा। यह पहल आगरा की विरासत को संभालते हुए उसे आधुनिकता से जोड़ने का प्रयास है, ताकि शहर और अधिक व्यवस्थित हो, सुविधाएं बढ़ें और लोगों का जीवन बेहतर बन सके।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट: बिजली हादसे में घायल राजमिस्त्री को मुआवजा, विभाग पर जिम्मेदारी

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ी बड़ी ख़बर, करंट से होने वाली मौत को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिजली लाइन से किसी को चोट पहुंचती है तो विभाग होगा जिम्मेदार, हाईकोर्ट ने कहा बिजली विभाग अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता, पीड़ित को सिर्फ यह साबित करना होगा कि उसे बिजली के झटके से चोट आई है, पीलीभीत के मोहम्मद निसार ने आरोप लगाया कि वह घर के बाहर खड़ा तभी एचटी लाइन का तार टूटकर उनके ऊपर गिर पड़ा, तार की चपेट में आने के चलते वह गंभीर रूप से झुलस गए, गंभीर रूप से झुलसने से संक्रमण के चलते बायां हाथ उनका काटना पड़ा, ट्रायल कोर्ट में उन्होंने मुआवजे के लिए याचिका दाखिल की, ट्रायल कोर्ट ने उनकी अर्जी पर सुनवाई करते हुए 3 लाख 87 हजार 500 रुपए मुआवजे का आदेश दिया, मुआवजे के आदेश के खिलाफ उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद ने हाईकोर्ट में विशेष अपील दाखिल की, हाईकोर्ट में बिजली विभाग के वकील ने कहा हादसा विभाग की लापरवाही से नहीं हुआ, लाइन टूटने से बिजली की आपूर्ति स्वतः ही बंद हो जाती है, हालांकि बिजली विभाग ने दलीलों के समर्थन में कोई पुख्ता दस्तावेज पेश नहीं किया, हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद पाया कि पीड़ित राजमिस्त्री था, हाथ कटने के चलते उसके कमाने की पूरी क्षमता ख़त्म हो गई, यह टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने बिजली विभाग की अपील को खारिज कर दिया।
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खूंटी के तोरपा में आंधी-तूफान से मकान उजड़े, महिला घायल, राहत मदद की मांग

Khunti, Jharkhand:खूँटी जिले के तोरपा प्रखंड में कल हुई बारिश से विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या उत्पन्न हो गयी। कई गाँवों में घरों के एस्बेस्टस उड़ गये। गरीब किसानों के मकान क्षतिग्रस्त हो गये। फसल भी प्रभावित हो गया। ईचा बड़काटोली में वज्रपात से एक महिला गम्भीर रूप से घायल हो गयी। दुबांगदिरी गाँव में तीन लोगों के मकान उजड़ गये। इस तरह अलग-अलग गांवों में इस प्राकृतिक आपदा से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। तोरपा प्रखंड के बासकी गांव में तेज आंधी-तूफान ने एक गरीब किसान का आशियाना उजाड़ दिया। गांव निवासी बिनोद सिंह के कच्चे मकान की छत तेज हवा में पूरी तरह उड़ गई, जिससे उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है। घर के अंदर रखा सामान भी बारिश में भीगकर खराब हो गया। फिलहाल परिवार पड़ोसियों की मदद से किसी तरह गुजारा कर रहा है और प्रशासन से आपदा राहत के तहत सहायता की मांग कर रहा है। वहीं, तोरपा थाना क्षेत्र के इचा बड़का टोली गांव में वज्रपात की घटना में 49 वर्षीय संतोषी आईंद गंभीर रूप से झुलस गईं। बताया जा रहा है कि वह अपने घर के आंगन में थीं, तभी अचानक बिजली गिरने से वह उसकी चपेट में आ गईं। परिजनों ने तत्काल उन्हें रेफरल अस्पताल तोरपा पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। इधर, फटका पंचायत के दुमांगदिरी गाँव में भी आंधी और बारिश का असर देखने को मिला है। यहां तीन किसानों के घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि खेतों में लगी सब्जी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया ने मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है और प्रभावित परिवारों को जल्द सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। तेज आंधी-तूफान और वज्रपात की इन घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन पर टिकी है कि कब तक पीड़ितों को राहत मिल पाती है।
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हाई कोर्ट आदेश के बाद बलरामपुर का किसान बैंड-बाजे के साथ धान खरीदी केंद्र पहुंचा

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर बैंड-बाजे के साथ धान बेचने पहुंचा किसान, कोर्ट के आदेश के बाद मिली जीत बलरामपुर जिले से एक अनोखी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहां एक किसान अपनी धान बेचने के लिए बैंड-बाजे के साथ खरीदी केंद्र पहुंचा। यह सिर्फ एक जश्न नहीं था, बल्कि अपने हक की लड़ाई जीतने का अनोखा तरीका था! टोकन नहीं मिला, तो पहुंचा हाई कोर्ट दरअसल, बलरामपुर विकासखंड के चित्त विश्राम पुर गांव के किसान राजदेव मिंज को पहले धान बिक्री के लिए टोकन नहीं दिया गया था। अधिकारियों ने “लिमिट खत्म” होने का हवाला देकर उसे मना कर दिया। कई दिनों तक चक्कर लगाने के बाद किसान ने न्यायालय का रुख किया। न्यायालय का आदेश, किसान राजदेव मिंज को जब प्रशाशन से निराशा मिली तो उन्होंने उनकी समस्या को हाई कोर्ट के सामने याचिका दायर के माध्यम से रखी और हाई कोर्ट ने किसान के पक्ष में सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को किसान का धान खरीदने का आदेश पारित किया, जिसके बाद किसान अपनी 209 क्विंटल धान बरदर धान खरीदी केंद्र में बाकायदा बैंड बाजे के साथ लेकर पहुंचे जहां पर प्रशाशनिक अमले ने किसान से बकाया धान की खरीदी की है, जिसके बाद न्यायालय के इस फैसले से किसानों में खुशी देखने को मिली और किसान नाचते हुए भी दिखाई दिए। प्रशासन ने नकारा लेकिन न्यायालय से मिली राहत छत्तीसगढ़ में बीते दो माह पहले धान खरीदी की प्रक्रिया संपन्न हुई है और इस वर्ष जिले के किसानों को धान बेचने के लिये टोकन पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी, धान खरीदी केंद्रों में खरीदी की लिमिट तय किये जाने से जिले के कई किसान परेशान भी नजर आए थे, और यही वजह रही की राजदेव मिंज को भी धान बेचने का टोकन नही मिल पाया था, जिसके बाद किसान न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जिसे न्यायालय द्वारा न्याय दिलाते हुए किसान की धान खरीदने का आदेश दिया गया, जिसके बाद किसान अपनी धान को ट्रैक्टर में लेकर बाकायदा गाजे बाजे के साथ बरदर धान खरीदी केंद्र में पहुचा था, और प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए किसान से 524 बोरी धान की खरीदी की है।
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हाजीपुर के निजी महाविध्यालयों में गंभीर अनियमितताओं की जांच, शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

Hajipur, Bihar:वैशाली जिले से शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट में हाजीपुर के दो निजी महाविद्यालयों में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जांच में कॉलेजों की शैक्षणिक व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।हाजीपुर स्थित इंदू देवी रंजीत कुमार प्रकाश प्रोफेशनल कॉलेज और डॉ० रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज का 23 मार्च 2026 को जांच समिति द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी।जांच टीम को कॉलेज परिसर में न तो छात्र मिले और न ही शिक्षक या शिक्षकेत्तर कर्मी मौजूद पाए गए। भवन बने होने के बावजूद किसी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि संचलेट नहीं हो रही थी।जांच के दौरान प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरणों का अभाव पाया गया, जबकि कंप्यूटर लैब पूरी तरह खाली मिली। इससे छात्रों को मिलने वाली शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।जांच प्रतिवेदन में कहा गया है कि यदि छात्र इन संस्थानों से डिग्री प्राप्त करते हैं, तो उनकी योग्यता डिग्री के अनुरूप होने पर संदेह उत्पन्न होता है। जांच टीम ने इसे बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रभावित करने वाला मामला भी बताया है।हालांकि छात्रों से अवैध वसूली के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन जांच के दौरान कॉलेज प्रशासन पांच वर्षों का नामांकन और उत्तीर्ण छात्रों का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सका, जिससे संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ गए हैं।जांच में सहयोग नहीं करने को लेकर समिति ने संस्थानों की मंशा पर भी संदेह जताया है। साथ ही संबंधित विश्वविद्यालयों से दोनों कॉलेजों की संबद्धता पर पुनर्विचार करने की अनुशंसा की गई है।फिलहाल जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई संभव मानी जा रही है。
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कटोया में ट्राइब्यूनल के आवेदन को लेकर भीड़ भारी, वोट अधिकार बहाल पर हंगामा

Katwa, West Bengal:কাটোয়ায় ভোটাধিকার ফেরাতে ট্রাইব্যুনালে আবেদন জমা ঘিরে সোমবার সকালে চরম ভোগান্তির ছবি ধরা পড়ল। ভোররাত থেকেই শতাধিক মানুষ মহকুমা শাসকের দপ্তরের সামনে লাইনে দাঁড়িয়ে পড়েন। রবিবার ছুটির কারণে আবেদন গ্রহণ বন্ধ থাকায়, সোমবার অফিস খোলার আগেই জমে যায় দীর্ঘ লাইন。 অফিস খোলার সঙ্গে সঙ্গেই পরিস্থিতি উত্তপ্ত হয়ে ওঠে। হুড়োহুড়ি, ঠেলাঠেলির মধ্যে কেউ কেউ প্রাচীর টপকে ভেতরে ঢোকার চেষ্টা করেন। এতে আতঙ্ক ছড়িয়ে পড়ে উপস্থিত মানুষের মধ্যে। বিশৃঙ্খলার জেরে কয়েকজন অসুস্থ হয়ে পড়েন বলেও জানা গেছে। অনেকেই পরিবার-পরিজন, এমনকি ছোট সন্তানদের নিয়ে লাইনে দাঁড়িয়ে ছিলেন。 লাইনে দাঁড়ানো বহু মানুষের দাবি, ভুলবশত ৬ এপ্রিলকেই ট্রাইব্যুনালে আবেদন জমার শেষ দিন মনে করায় এদিন ভিড় অস্বাভাবিকভাবে বেড়ে যায়। প্রয়োজনীয় নথি হাতে নিয়ে রাত থেকেই অপেক্ষা করছিলেন তারা। অভিযোগ ওঠে, এত বিপুল ভিড় সামাল দিতে শুরুতে পর্যাপ্ত পুলিশি নিরাপত্তা ছিল না。 ভোটারদের একাংশের বক্তব্য, একই পরিবারের কারও নাম ভোটার তালিকায় থাকলেও অন্য সদস্যদের নাম বাদ পড়েছে। এতে প্রশাসনের ভূমিকা নিয়ে প্রশ্ন তুলছেন অনেকে। তাঁদের অভিযোগ, ইচ্ছাকৃতভাবে সাধারণ মানুষকে হয়রানির মধ্যে ফেলা হচ্ছে। একই নথি থাকা সত্ত্বেও পরিবারের সদস্যদের নাম আলাদা ভাবে বাতিল হওয়া নিয়ে ক্ষোভ প্রকাশ করেন তারা。 যদিও মহকুমা শাসক অনির্বাণ বসু জানিয়েছেন, আবেদন জমার জন্য ছ’টি পৃথক রিসিভিং সেকশন খোলা হয়েছে। মানুষের ভোগান্তি কমাতে প্রশাসন নজর রাখছে বলেও তিনি জানান। বেলা বাড়ার সঙ্গে সঙ্গে পরিস্থিতি নিয়ন্ত্রণে আনতে মোতায়েন করা হয় অতিরিক্ত পুলিশ ও সিআরপিএফ জওয়ান, যাতে কোনও অপ্রীতিকর ঘটনা না ঘটে। সার্বিকভাবে, ভোটাধিকার ফেরানোর দাবিতে মানুষের এই ভিড় একদিকে যেমন প্রশাসনিক ব্যবস্থার ওপর প্রশ্ন তুলছে, তেমনই ভোটার তালিকা সংশোধন প্রক্রিয়া নিয়ে নতুন করে বিতর্কের জন্ম দিচ্ছে।
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