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जयपुर नगर निगम मुख्यालय में आग, फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल

Jaipur, Rajasthan:एंकर- जिस बिल्डिंग से पूरे जयपुर को फायर सेफ्टी के नियम सिखाए जाते हैं…जहां बैठकर फायर एनओसी जारी होती है…जहां आयुक्त से लेकर फायर उपायुक्त और चीफ फायर ऑफिसर तक रोज सुरक्षा की समीक्षा करते हैं…उसी नगर निगम मुख्यालय में आग लग गई…और जब आग बुझाने की बारी आई…तो फायर एक्सटिंग्विशर ही “दम” छोड़ गए। निगम मुख्यालय के कार्मिक शाखा में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने सिर्फ एक केबिन नहीं जलाया…बल्कि निगम की फायर सेफ्टी व्यवस्था की पोल भी खोल दी। वीओ-1- जयपुर नगर निगम मुख्यालय में सुबह लगी छोटी-सी आग ने पूरे सिस्टम की बड़ी लापरवाही उजागर कर दी। विडंबना देखिए…जिस बिल्डिंग से शहरभर की इमारतों को फायर एनओसी जारी होती है, जहां आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, फायर उपायुक्त और चीफ फायर ऑफिसर जैसे बड़े अधिकारी बैठते हैं......उसी भवन में आग बुझाने के लिए इस्तेमाल किए गए फायर एक्सटिंग्विशर एक्सपायरी डेट के और आधी क्षमता वाले निकले। सवाल यह है कि जब खुद निगम मुख्यालय की फायर सेफ्टी ऐसी है, तो शहर की बाकी इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी भरोसेमंद होगी....आज जब सुबह नगर निगम मुख्यालय में सुबह करीब 8:40 बजे कार्मिक शाखा की एक कैबिन में शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते वहां धुआं भर गया। आग ने पंखे, दस्तावेज और फर्नीचर को चपेट में ले लिया। कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि मौके पर मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। सबसे बड़ा सवाल यहीं खड़ा होता है कि जहां करोड़ों के फायर सेफ्टी मानकों की जांच करने वाली फायर शाखा मौजूद है......उसी परिसर में कर्मचारियों को एक्सपायरी डेट के अग्निशमन उपकरण मिले......आग बुझाने वाले कर्मचारी ने दावा किया कि करीब 10 फायर एक्सटिंग्विशर इस्तेमाल करने पड़े, लेकिन कई सिलेंडर आधे खाली निकले। बाहर से सील पैक दिखने वाले उपकरण जरूरत के वक्त पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाए। अगर आग थोड़ी और फैल जाती, तो निगम मुख्यालय में बड़ा हादसा हो सकता था। वॉक थ्रू---दीपक गोयल, जी मीडिया जयपुर वीओ-2-हैरानी की बात यह है कि हाल ही में नगर निगम अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र कुमार बंसल ने खुद आदेश जारी कर सभी शाखाओं को चेताया था कि कार्यालय छोड़ते समय एसी, पंखे और अन्य बिजली उपकरण बंद किए जाएं, ताकि शॉर्ट सर्किट और आग जैसी घटनाओं से बचा जा सके। लेकिन आदेश फाइलों तक सीमित रहे और उसी निगम भवन में शॉर्ट सर्किट हो गया, जहां से सुरक्षा संबंधी निर्देश जारी किए गए थे। इस पूरे घटनाक्रम ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या फायर एनओसी सिर्फ कागजी प्रक्रिया बनकर रह गई है....क्या सरकारी भवनों में सुरक्षा ऑडिट सिर्फ औपचारिकता हैं और सबसे बड़ा सवाल जब खुद फायर शाखा के अधिकारियों के दफ्तर वाली बिल्डिंग में एक्सपायरी डेट के फायर एक्सटिंग्विशर मौजूद हैं, तो शहर की निजी इमारतों और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की जांच कितनी गंभीरता से होती होगी......घटना के बाद अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र बंसल मौके पर पहुंचे और जांच के निर्देश दिए, लेकिन कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दी कि जिस सिस्टम को शहर की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है......वही अपने दफ्तर को सुरक्षित नहीं रख पा रहा.......इस आग ने सिर्फ एक केबिन नहीं जलाया, बल्कि नगर निगम की फायर सेफ्टी व्यवस्था की परतें भी खोल दी हैं....... बहरहाल, अब सबसे बड़ा सवाल जवाबदेही का है। क्या एक्सपायरी डेट के फायर एक्सटिंग्विशर रखने वालों पर कार्रवाई होगी.....क्या निगम मुख्यालय की फायर ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी....और क्या जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी पूरे शहर की अग्नि सुरक्षा देखना है, वे अपने ही दफ्तर की सुरक्षा में हुई इस लापरवाही की जिम्मेदारी लेंगे.......यह घटना केवल एक शॉर्ट सर्किट नहीं, बल्कि दिया तले अंधेरा वाली स्थिति का बड़ा उदाहरण बन गई है......दीपक गोयल, जी मीडिया जयपुर,
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पुष्कर में 10 दिन की ट्रेनिंग से कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की ताकत बढ़ेगी

Jaipur, Rajasthan:कांग्रेस अपने जिला अध्यक्षों को 10 दिन पढ़ाएगी पार्टी की रीति-नीति का पाठ..... संगठन सृजन अभियान के तहत बनाए गए जिला अध्यक्षों को कांग्रेस अब विशेष ट्रेनिंग देनेजा रही है। कल से 10 दानों तक पुष्कर में जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग होगी .....AICC की टीम जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देगी...... इस ट्रेनिंग सेशन में राजस्थान के तमाम बड़े नेता भी जिला अध्यक्षों को कांग्रेस की रीति-नीति और संगठनात्मक कार्यशैली का पाठ पढ़ाएंगे..... PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित राजस्थान कांग्रेस के कई बड़े नेता भी जिला अध्यक्षों को मार्गदर्शन देने पुष्कर जाएंगे। अलग-अलग ट्रेनिंग सेशन के जरिए जिला अध्यक्षों को संगठन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी....... राजस्थान के साथ-साथ दिल्ली कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी इस ट्रेनिंग सेशन में शामिल होंगे। राजस्थान और दिल्ली के जिला अध्यक्ष पुष्कर में कांग्रेस का मूल मंत्र सीखेंगे...... बताया जा रहा है कि इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में एक दिन राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं। राहुल गांधी जिला अध्यक्षों के साथ बातचीत करते हुए कांग्रेस को आगे बढ़ाने, जिलों में संगठन को मजबूत करने और कार्यशैली को लेकर विस्तार से चर्चा कर सकते हैं..... ट्रेनिंग के दौरान जिला अध्यक्षों को कैंप से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। 10 दिनों तक पुष्कर में तमाम जिला अध्यक्ष कांग्रेस की विचारधारा और संगठनात्मक मजबूती का पाठ पढ़ेंगे..... कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को राहुल गांधी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। कांग्रेस का मानना है कि अगर जिला अध्यक्ष मजबूती के साथ काम करेंगे तो संगठन की जड़ें और मजबूत होंगी..... आने वाले समय में प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव होने हैं। ऐसे में जिला अध्यक्षों के लिए यह ट्रेनिंग काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.....
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गांव पंचायतों के तुगलकी फरमान: हुक्का-पानी बंद, एक लाख का दंड!

Ajmer, Rajasthan:देश में कानून और संविधान से सर्वोपरि भले ही कोई भी नहीं लेकिन आज भी गांवों में सामाजिक पंचायतों का फरमान किसी बड़ी अदालत से भी ज्यादा प्रभावी प्रतीत होता है. ऐसा ही एक मामला अजमेर जिले के भिनाय क्षेत्र के रूपरा गांव में हुआ जहां गांव के पांच पटेलों ने एक परिवार का हुक्का पानी बंद करने का फरमान जारी कर दिया. परिवार के सामाजिक बहिष्कार का एक बड़ा मामला सामने आया है. गांव के पंच पटेलों पर तुगलकी फरमान जारी करने के आरोप लगे हैं. एक पीड़ित प्रभु जाट ने बताया उसके परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है और परिवार के समाज में आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई है. इतना ही नहीं, अगर समाज का कोई व्यक्ति पीड़ित परिवार के घर आता-जाता है तो उस पर एक लाख रुपये तक का दंड लगाने की बात कही गई है. इस फरमान के बाद पीड़ित परिवार पुलिस के समक्ष न्याय की गुहार लगा रहा है. पीड़ित परिवार ने पंचों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की तैयारी कर ली वहीं गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है.
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राजस्थान टैक्स कलेक्शन 7% बढ़कर 37000 करोड़, नए आयकर कानून के साथ जागरूकता अभियान

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान से इस बार 37000 करोड़ कलेक्शन हुआ, पिछले साल से 7 प्रतिशत अधिक-इनकम टैक्स आशीष चौहान, जयपुर- नए आयकर अधिनियम अब पहले से और सरल हो गया है. इसी को लेकर आज इनकम टैक्स दफ्तर में नए आयकर अधिनियम प्रारंभ कार्यक्रम हुआ. नए दौरान प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त सुमित कुमार ने कहा कि नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल से लागू हो गया ये पहले से छोटा है सरल है और सहज रूप से पेश किया गया. नए अधिनियम के साथ नए रूल भी जारी कर दिया है. नए आयकर अधिनियम को लेकर अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जारी है, जिसमें सीएस, बिजनेसमैन, एडवोकेट शामिल हुए. जल्द ही बाकी जिलों में भी इस तरह के इवेंट होगा. इस कानून में करप्रणाली में कोई खास अंतर नहीं तो पुराना कानून था, उसमें लगातार बदलाव हो रहे थे; नए कानून में पालिसी लेवल पर बदलाव है. राजस्थान से इस बार 37000 करोड़ कलेक्शन हुआ है जो पिछले साल से 7 प्रतिशत अधिक था. हालांकि राजस्थान जितना क्षेत्रफल में बड़ा है लेकिन कर उस तुलना में कम है. राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियाँ उतनी नहीं है. हम प्रयास कर रहे हैं कि राजस्थान से टैक्स कलेक्शन बढ़ाया जा सके, राजस्थान का योगदान देश के टैक्स कलेक्शन का 1.5 प्रतिशत है जो जनसंख्या और क्षेत्रफल के लिहाज़ में कम है. बाइट- सुमित कुमार, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त. नोट- इस खबर की फीड ओएफसी से INCOME_TAX_R स्लग से भेजी गई है।
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नगर आयुक्त और महापौर का औचक निरीक्षण तीन वार्ड में पानी की समस्या और। गड्ढों की समस्या को लेकर आदेश

Ashwani SharmaAshwani SharmaFollow1m ago
Firozabad, Uttar Pradesh:फिरोजाबाद में शुक्रवार को महापौर कामिनी राठौर और नगर आयुक्त प्रशांत नागर ने शहर की बदहाल मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों की टीम के साथ वार्ड नंबर 12, 20 और 38 का दौरा किया। इस दौरान पेयजल की समस्या और गेल गैस लिमिटेड द्वारा पाइपलाइन डालने के बाद खोदे गए गड्ढों को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। जनता की शिकायतें सुनने के बाद महापौर ने अधिकारियों और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई। निरीक्षण में कई गलियों और मुख्य मार्गों पर गहरे गड्ढे खुले पाए गए। स्थानीय निवासियों ने शिकायत की कि गेल गैस कंपनी पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की उचित मरम्मत नहीं कर रही है, जिससे राहगीर और बच्चे अक्सर चोटिल हो रहे हैं।
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खाद वितरण में लापरवाही पर CM साय ने अफसरों के निलंबन की कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया

Muju, Jeonbuk State:खाद वितरण में लापरवाही पर मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सहायक पंजीयक सहकारिता आयुष सिंह को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सहकारी बैंक के लेखापाल को भी निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद वितरण में लापरवाही की शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेश में स्वच्छ प्रशासन देने का प्रयास किया जा रहा है। कहीं भी कोई दोषी पाया जाएगा तो सरकार उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान बोनी का समय आ रहा है और प्रदेश के किसानों को खाद-बीज समय पर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
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महावन थाने पर शांति समिति की बैठक,ईद और गंगा दशहरा को लेकर प्रशासनिक निर्देश

DEEPAK KUMARDEEPAK KUMARFollow3m ago
Mathura, Uttar Pradesh:महावन थाने पर शांति समिति की बैठक,ईद और गंगा दशहरा को लेकर प्रशासनिक निर्देश मथुरा । आगामी त्योहारों—ईद और गंगा दशहरा के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए थाना महावन परिसर में एक महत्वपूर्ण पीस कमेटी (शांति समिति) की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी (SDM) महावन उषा सिंह और क्षेत्राधिकारी (CO) महावन श्वेता वर्मा ने की। बैठक में क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों, दोनों समुदायों के धार्मिक नेताओं और स्थानीय निवासियों ने भाग लिया। वीडियो में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा त्योहारों के दौरान स्वच्छता, कानून व्यवस्था और आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए: पारंपरिक तरीके से त्योहार मनाना: अधिकारियों ने अपील की कि सभी लोग अपने त्योहारों को पारंपरिक और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन: * कुर्बानी के बाद निकलने वाले कचरे और मलबे का उचित और वैज्ञानिक निस्तारण (Proper Disposal) किया जाए। कचरे या किसी भी प्रकार के अवशेष को खुले स्थानों पर न फेंका जाए, क्योंकि इससे आवारा पशुओं द्वारा गंदगी फैलने और बीमारी का खतरा रहता है। जल निकासी और नालियों की सफाई: यह सख्त निर्देश दिया गया कि कुर्बानी का खून या कोई भी गंदगी खुले तौर पर नालियों में नहीं बहनी चाहिए। कुर्बानी के बाद नालियों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जाए ताकि कहीं भी गंदगी जमा न हो। मूलभूत सुविधाएं: बैठक में स्थानीय निवासियों से पानी की आपूर्ति और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया गया, जिस पर लोगों ने समय से पानी की सप्लाई मिलने की बात कही। बैठक का उद्देश्य इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों के दौरान क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द, कानून व्यवस्था और स्वच्छता को बनाए रखना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के उल्लास के बीच किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन को अपनी ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
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इंदौर क्राइम ब्रांच ने हनी ट्रैप-2 के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया

Indore, Madhya Pradesh:एंकर इंदौर के बहुचर्चित शराब कारोबारी से जुड़े हनी ट्रैप-2 और ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट में इंदौर क्राइम ब्रांच ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने हुस्न के जाल और खाकी के रसूख का इस्तेमाल कर वसूली करने वाले इस गिरोह की मुख्य कड़ी मानी जा रही सागर निवासी रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी और इंदौर पुलिस की इंटेलिजेंस विंग में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट ने दोनों को 25 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. इस मामले में खाकी की मिलीभगत और वीआईपी कनेक्शन सामने आने के बाद दिल्ली से इंटेलिजेंस ब्यूरो अधिकारियों ने भी इंदौर पुलिस के आला अफसरों से पूरे केस की जानकारी मांगी है. आईबी ने भी अब आरोपियों की कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है. रिमांड के दौरान क्राइम ब्रANCH दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी. आपको बता दें कि इस सनसनीखेज मामले में क्राइम ब्रांच अब तक लेडी तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, लाखन चौधरी, जितेंद्र पुरोहित और मुख्य मास्टरमाइंड श्वेता जैन को पहले ही जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है. अब 25 मई तक मिली पुलिस रिमांड में हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा और रेशू चौधरी के मोबाइल चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक खातों से कई और सफेदपोशों के बेनकाब होने की उम्मीद है.
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तीन बीघा कॉरिडोर पर कंटीली तारों की बाड़ लगाने का काम शुरू

Noida, Uttar Pradesh:Border fencing work begins at Cooch Behar खाली जगहों पर बहुत जल्द कंटीले तारों की बाड़ लगाने का काम शुरू होगा। जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में बिना कंटीले तार वाले इलाकों में काफी हलचल देखी जा रही है। कोचबिहार जिले के मेखलीगंज के तीन बीघा इलाके में जमीन संबंधी जटिलताएं सुलझाकर खुली जगहों पर कंटीले तार की बाड़ लगाने के लिए जमीन अधिग्रहण में BSF और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं। भारत-बांग्लादेश सीमा के जिन हिस्सों में अभी तक बाड़ नहीं लगी है, वहाँ कंटीले तारों की बाड़ लगाने का काम बहुत जल्द शुरू होने वाला है। कूच बिहार ज़िले के मेखलीगंज स्थित 'तीन बीघा' इलाके—और उससे सटे सीमावर्ती क्षेत्रों—में प्रशासन और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने ज़मीन से जुड़े पुराने विवादों को सुलझाने के बाद, ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज़ कर दी है। सीमा की 'ज़ीरो लाइन' से लगभग 50 फ़ीट तक फैली ज़मीन की एक पट्टी को चिह्नित और सीमांकित करने की योजना बनाई गई है; इसी पट्टी पर आगे चलकर कंटीले तारों की बाड़ बनाई जाएगी। उप-विभागीय अधिकारी (SDO) अतानु कुमार मंडल ने बताया कि जिन सीमावर्ती क्षेत्रों में अभी तक कंटीले तारों की बाड़ नहीं लगी है, वहाँ ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। कलसीग्राम, दहाग्राम और अंगारपोटा सहित कई सीमावर्ती क्षेत्रों में लगभग 100 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण करने की योजना है। इस ज़मीन में से लगभग 30 एकड़ ज़मीन का सर्वेक्षण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि बाकी ज़मीन के लिए प्रक्रिया अभी चल रही है। बताया गया है कि प्रशासन ने इस परियोजना की देखरेख के लिए विशेष रूप से चार अलग-अलग टीमें गठित की हैं। एक बैठक के बाद, प्रशासनिक अधिकारियों ने 'तीन बीघा कॉरिडोर' से सटे दहाग्राम-अंगारपोटा सीमा क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान BSF के अधिकारी भी उनके साथ मौजूद थे। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सीमा के कुछ विशिष्ट हिस्सों में बांस के खंभे लगाकर ज़मीन की सीमाएं चिह्नित करने का काम पहले ही शुरू हो चुका है। भविष्य में इस ज़मीन पर कंटीले तारों की बाड़ बनाने के अलावा, BSF की गश्त और आवाजाही को आसान बनाने के लिए एक सड़क बनाने की भी योजना है। काफ़ी समय से, सीमा के इस बिना बाड़ वाले क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगों को सुरक्षा को लेकर चिंताएं सता रही थीं। पिछले कई वर्षों में सीमा पार से अवैध घुसपैठ, तस्करी की गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की आवाजाही को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का एक वर्ग मानता है कि कंटीले तारों की बाड़ बनने से इन अवैध गतिविधियों पर काफ़ी हद तक रोक लग सकेगी। तीन बीघा सीमा क्षेत्र के निवासियों ने कहा, "सीमा के खुले होने के कारण, बांग्लादेश से उपद्रवी आसानी से हमारे देश में घुस आते थे। फसलों को नुकसान पहुँचाने, तस्करी और अन्य कई तरह की गैर-कानूनी गतिविधियाँ यहाँ अक्सर होती रहती थीं। एक बार जब कंटीले तारों की बाड़ लग जाएगी, तो न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा मज़बूत होगी, बल्कि किसान भी पूरी निश्चिंतता के साथ अपनी ज़मीन पर खेती कर पाएँगे।"
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बेमेतरा में अवैध खनन पर कार्रवाई: JCB-हाईवा जप्त, दबिश जारी

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र से अवैध उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है... बिरनपुर में प्रशासन ने अवैध मुरूम खनन पर छापा मारा। साजा एसडीएम के निर्देश पर कार्रवाई की गई। तहसीलदार की टीम ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में लगी एक जेसीबी मशीन जप्त की गई। साथ ही एक हाईवा वाहन को भी प्रशासन ने कब्जे में लिया। बिना रॉयल्टी पर्ची के रेत परिवहन करते एक अन्य हाईवा को भी पकड़ा गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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Sajad Lone ने सरकार पर मिलीभगत का आरोप, ध्वस्तीकरण ड्राइव में भ्रष्टाचार पर सवाल

Aram Pora, Ganderbal, Handwara, May 22: Peoples Conference chairman Sajad Gani Lone on Friday accused the Jammu and Kashmir government of being “hand in glove” in the demolition drive carried out at Sidra in Jammu and alleged that the administration was selectively targeting people while ignoring corruption at higher levels. Lone made the remarks while speaking to reporters in Handwara after visiting Mawer to offer condolences to the family of jailed MP Er Rashid on the demise of his father. Launching a scathing attack on the Omar Abdullah-led government, Lone said he had raised the issue during the recently concluded Assembly session and urged the government to stop the forest department from carrying out demolition drives. He alleged that several ministers in the present government were involved in corruption and questioned the functioning of the Anti-Corruption Bureau (ACB). “If a public representative raises allegations of corruption against a minister, it becomes the moral responsibility of the ACB to seek details and investigate the matter,” Lone said. He claimed that anti-corruption agencies were only acting against lower-rung officials while avoiding action against influential politicians. “It is easy to catch patwaris and low-level officials. I dare the ACB to act against corrupt ministers as well,” he said. Lone also alleged that the Omar Abdullah government was “missing on the ground” and claimed that the chief minister was more occupied with public events than addressing pressing public issues.
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दौसा में दिशा कमेटी बैठक: सांसद ने जिला विकास की राह सकारात्मक संकेत दिए

Dausa, Rajasthan:जिला दौसा कलक्ट्रेट सभागार में दिशा कमेटी की बैठक सांसद मुरारीलाल मीणा की अध्यक्षता में हुई बैठक बांदीकुई विधायक भागचंद टाकड़ा, दौसा विधायक डीडी बैरवा, जिला प्रमुख हीरालाल सैनी, कलेक्टर डॉ सौम्या झा सहित अन्य अधिकारी रहे मौजूद केंद्रीय द्वारा संचालित योजनाओं की जिले की स्थिति की समीक्षा सांसद ने कहा मेरी सोच सकारात्मक इससे जिला विकास के पथ पर बढ़ेगा आगे dौसा कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद मुरारी लाल मीणा की अध्यक्षता में दिशा कमेटी की बैठक आयोजित हुई बैठक में केंद्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जिले में स्थित को लेकर समीक्षा की गई बैठक में बांदीकुई विधायक भागचंद टाकड़ा, दौसा विधायक डीडी बैरवा, कलेक्टर डॉ सौम्या झा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे सांसद मुरारी लाल मीणा ने कहा मेरी सोच सकारात्मक है कोशिश है कि जिला विकास के पथ पर आगे बड़े इसी को लेकर मीटिंग में अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं बिजली, पानी, स्वास्थ्य क्षेत्र के कामों को लेकर समीक्षा की इनमें और बेहतर सुविधाएं लोगों को कैसे मिले इस पर चर्चा की साथ ही जिले में रेलवे द्वारा स्वीकृत हुए अंडरपास का काम जल्द शुरू हो इस पर भी बात हुई वहीं सांसद ने कहा दौसा जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं बिगड़ी हुई है जैसे में कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पताल का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त करें ताकि आमजन को राहत मिल सके जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर बांदीकुई विधायक भागचंद टाकड़ा और दौसा विधायक डीडी बैरवा ने भी नाराजगी जाहिर की ।
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राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच अस्पतालों में हीटस्ट्रोक के लिए खास इंतजाम: डेडिकेटेड वार्ड से 24x7 मॉनिटरिंग

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में भीषण गर्मी को लेकर चिकित्सा विभाग अलर्ट,दो महीने में हीटस्ट्रोक के 43 केस आए सामने, अस्पतालों में हीटस्ट्रोक मरीजों के लिए विशेष इंतजाम राजस्थान में लगातार बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप को देखते हुए राजस्थान चिकित्सा विभाग ने राज्यभर के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में व्यापक व्यवस्थाएं लागू की हैं। पिछले दो महीनों के दौरान राजस्थान में भीषण गर्मी के चलते हीटस्ट्रोक के 43 केसेज रिपोर्ट किए गए है।हेल्थ डिपार्टमेंट राजस्थान ने जिला अस्पतालों से लेकर प्रमुख चिकित्सा संस्थानों तक हीटस्ट्रोक और गर्मी से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सा विभाग के अनुसार जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में हीटस्ट्रोक मरीजों के लिए डेडिकेटेड वार्ड और ICU बेड रिजर्व किए गए हैं। इन वार्डों में चौबीसों घंटे एयर कंडीशनर, कूलर और ठंडे पानी की व्यवस्था रखी गई है, ताकि मरीजों को तत्काल राहत मिल सके। बाड़मेर जैसे अत्यधिक गर्म जिलों में अस्पताल परिसरों के बाहर विशेष वाटर फाउंटेन और कूलिंग स्प्रे सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे मरीजों के शरीर का तापमान तुरंत कम किया जा सके।हेल्थ डिपार्टमेंट राजस्थान ने सभी अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी यूनिट्स में ORS कॉर्नर स्थापित किए हैं। साथ ही IV फ्लूड्स, ड्रिप, आइस पैक्स और हीटस्ट्रोक उपचार में काम आने वाली आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए अस्पतालों में स्टाफ की कमी न हो, इसके लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। चिकित्सा विभाग ने अस्पताल प्रशासन को पर्याप्त चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों की उपलब्धता बनाए रखने को कहा है।আপातकालीन स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा सेवाओं से जुड़े प्रमुख कार्यालयों में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम शुरू किए गए हैं, जो लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह एक्टिव रखने, उनके एयर कंडीशनर और जीवन रक्षक उपकरणों की नियमित जांच के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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