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Nitin JhawarNitin Jhawar3 Sept 2025, 03:47 am
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शहीद रवि परमार को सलामीदार राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

Dholpur, Rajasthan:शहीद रवि परमार को नम आंखों से अंतिम विदाई सलामी परेड और राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव भगवान सिंह का पूरा निवासी शहीद रवि परमार को रविवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ा। नागरिकों ने नम आंखों से शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की。 शहीद रवि परमार पुत्र रामनाथ ITBP की SPt बटालियन करेरा, शिवपुरी में तैनात थे। उनके 5 वर्ष और 2 वर्ष के दो पुत्र हैं। इंस्पेक्टर राज सिंह तोमर ने बताया कि जवान रवि को शनिवार को करेरा शिवपुरी कैम्प में ड्यूटी के दौरान मिर्गी का दौरा आने पर अस्पताल ले जाया गया था। रविवार को शहीद रवि परमार का अंतिम संस्कार सलामी परेड व राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव भगवान सिंह का पूरा, ममोधन में किया गया। शहीद की अंतिम दर्शन यात्रा में काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
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त्रि-सेवा महिला अधिकारियों की समुद्री प्रदक्षिणा: 314 दिन में इतिहास रचा

Sirsa, Haryana:एंकर भारत की थल सेना, नौसेना और वायु सेना (त्रिवेणी) ने पहली बार विश्व के पहले 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान, जिसमें 9 महिला अधिकारी शामिल थी, ने अपने बुलंद हौंसले व साहस से 314 दिन की कठिन समुद्री यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर इतिहास रच दिया है। इस अभियान में सिरसा की बेटी मेजर कर्मजीत कौर भी शामिल थीं। मेजर कर्मजीत कौर के पति कोमलप्रीत सिंह भी मर्चेंट नेवी में चीफ आफिसर हैं। 11 सितंबर 2025 से शुरू हुए इस संकटों से भरे अभियान को पूरा कर देश की बेटियों ने तिरंगा फहराकर सकुशन वापसी की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अभूतपूर्व 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान की सफल वापसी पर दल का औपचारिक स्वागत और महिला अधिकारियों के हौंसले व साहस को सलाम करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बताया। यही नहीं माननीय राष्टपति द्रोपदी मुर्मू ने भी इस साहसिक टीम का स्वागत किया और महिला टीम की जमकर सराहना की। सिरसा स्थित अपने निवास पर मेजर कर्मजीत कौर का परिजनों ने भी बेटी के सकुशल लौटने पर उसका मुंह मीठा करवाकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुक्त कंठ से प्रशंसा की। व्यू -मेजर कर्मजीत कौर ने बताया कि यह दुनिया का पहला ऐसा समुद्री परिक्रमा अभियान था, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना (त्रि-सेवा) की वदीर्धारी महिला अधिकारी शामिल थीं। दल ने 11 सितंबर 2025 को मुंबई से अपनी यात्रा शुरू की थी और 314 दिनों में लगभग 25,500 समुद्री मील (करीब 47,000 किलोमीटर) की दूरी तय की। इस यात्रा के दौरान दल ने दुनिया के चार प्रमुख महासागरों को पार किया। उन्होंने बताया कि जांबाज महिला अधिकारियों ने भूमध्य रेखा को दो बार पार किया, अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को लांघा और तीन प्रमुख अंतरीपों—केप आफ गुड होप, केप लीउविन और केप हॉर्न का सफलतापूर्वक चक्कर लगाया। इसके साथ ही वे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय 'केप हॉर्नर्स' बिरादरी में शामिल हो गईं।मेजर कर्मजीत कौर ने बताया कि यह पूरा अभियान 50 फीट लंबे आईएएसवी त्रिवेणी पोत पर पूरा हुआ, जो पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया। यह 'आत्मनिर्भर भारत' की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का एक बड़ा प्रतीक है। हालांकि सफर के दौरान अनेक बार ऐसी परिस्थितियां आई जब बोट में भी तकनीकी खराबी आई, कई बार उनकी जान पर भी बन आई थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और हर मुश्किल परिस्थिति से पार पाते हुए इस ऐतिहासिक सफर को पूरा किया।उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी उन्होंने इसी हवा से चलने वाली बोट पर एक मिशन को पूरा किया था, जिसको लेकर परिजनों के मन में संशय की स्थिति थी, लेकिन टीम के सदस्यों के बुलंद हौंसले के आगे परिवार के लोगों ने भी प्रोत्साहित किया। उनके पति कोमलप्रीत सिंह के साथ-साथ पिता रिछपाल सिंह रंधावा, माता व भाई ने पूरा सपोर्ट किया, जिसका परिणाम सभी के सामने है。 बाइट -मेजर कर्मजीत कौर वहीं पिता रिछपाल सिंह ने कहा कि ऐसी बेटियों पर सिरसा ही नहीं हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे भारत देश को गर्व है। बाइट -रिछपाल सिंह
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गंगा तेज धार से गनियारी में कटाव: करोड़ों खर्च के बाद भी खतरा बरकारार

Hajipur, Bihar:पिछले साल वैशाली जिले के सहदेई प्रखंड क्षेत्र स्थित गनियारी में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिला था जहाँ दो से अधिक घर गंगा नदी में विलीन हो गया था जिसको लेकर प्रशासन ने मार्च महीने में कटाव रोधी कार्य शुरू करवाया और लगभग 70 करोड़ की लागत से 15 दिन पहले कटावरोधी कार्य समाप्त तो गया लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर ने फिर से कटाव शुरू कर दिया है जिससे ग्रामीणों में जहाँ दहशत का माहौल है वहीं कटावरोधी कार्य की गुणवत्ता पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।आलम यह है कि जिस स्थल पर कटावरोधी कार्य कराया गया था वहां फिर से सैंड बैग भरा जा रहा है ताकि कटाव को रोका जा सके।ग्रामीणों ने बताया कि काम को खत्म हुए अभी 15 दिन भी नहीं हुआ था कि फिर से गंगा नदी से खतरा बढ़ गया है और कभी भी घर नदी में विलीन हो सकता है।कटाव से बचने के लिए जहाँ लोग खुद से अपने घर को तोड़ रहे है।सबसे हैरत की बात तो यह है कि इस बारे में जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी कुछ भी बताने से इंकार कर रहे है और कैमरा देखते ही सवालों से बचने के भागते नजर आ रहे है।ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या करोड़ो रूपये खर्च कर सिर्फ खानापूर्ति की गई या फिर उस पैसे के बंदरबांट किया गया है।सवाल जितने भी लेकिन जवाब इतना ही है कि फिर सब ग्रामीण डर व दहशत के बीच जीने को मजबूर है और कभी भी उनका आसियाना गंडक में विलीन हो सकता है।लिहाजा देखना होगा कि भ्रष्टाचार में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने वाली सरकार इस पर कुछ कार्रवाई करती है या नहीं。
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आतंकियों की धमकी के बीच कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा पर सवाल, जवाब मांग

Srinagar, Uttarakhand:क Kashmir पंडित और सामाजिक कार्यकर्ता Ashwani Handa ने आतंकियों द्वारा जारी किए गए खतरे पर कहा कि: कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की कथित हिट-लिस्ट में उनके नाम, फोन नंबर public हो रहे हैं—यह सिर्फ आतंकियों की धमकी नहीं, सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल है। सरकार का जवाब क्या है? 'घर से काम करो।' भई, कर्मचारियों को घर बैठाना सुरक्षा नीति नहीं, आतंकियों के सामने सरकार की बेबसी का संदेश है। निज़ी जानकारी बाहर कैसे पहुँची? खुफिया तंत्र क्या कर रहा था? हमारी मांग—पहले हर प्रभावित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो, फिर निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदारी तय हो। कश्मीरी पंडितों को एडवाइजरी नहीं, सुरक्षा चाहिए। आतंकियों पर कार्रवाई चाहिए, कर्मचारियों को घर बैठाने का फरमान नहीं। क Kashmir में डर नहीं—सुरक्षा, इंसाफ और कानून का राज चाहिए।
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राम मंदिर में CEO नियुक्ति पर आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण का बड़ा बयान

Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या में राम मंदिर की धार्मिक समिति के सदस्य और प्रख्यात विद्वान आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज ने राम मंदिर में CEO की नियुक्ति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि मौलिक रूप से मंदिरों को CEO के जरिए नहीं चलाया जाना चाहिए।आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं का अधिकार ऐसे लोगों के पास होना चाहिए, जो भगवान के प्रति निष्ठावान हों और जिनका जीवन मंदिर, मठ और आश्रम की परंपराओं में बीता हो। उनके मुताबिक, केवल प्रशासनिक और प्रबंधन की दृष्टि से दक्ष व्यक्ति मंदिर की व्यवस्था संभाल सकता है, लेकिन उसकी निष्ठा भगवान के प्रति कम और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अधिक हो सकती है।उन्होंने कहा कि देश के कई बड़े मंदिरों में फिलहाल CEO के जरिए व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में अगर श्रीराम मंदिर में भी CEO की नियुक्ति होती है तो वह इसका विरोध नहीं करेंगे, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि CEO की भूमिका और अधिकार क्या होंगे।आचार्य ने स्पष्ट किया कि मुद्दा CEO की नियुक्ति का नहीं, बल्कि मंदिर की धार्मिक व्यवस्था में उसकी भूमिका और अधिकारों का है。
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सीएम योगी: भारत गुलाम नहीं, अफवाहें और षडयंत्र समाज को नहीं टूटने देंगे

Noida, Uttar Pradesh:सीएम योगी ने कहा कि भारत गुलाम ऐसे नहीं हुआ ... भारत के गुलामी का कारण था आपसी फुट.. हमारे साथ होने वाले षडयंत्र... ये फुट जाति के नाम पर भाषा के नाम पर .. क्षेत्र के नाम पर ... भारत के खिलाफ काम करने वाली शक्ति आज भी कर रही है... हमारे खिलाफ होने वाले षडयंत्र आज इसका तीसरा माध्यम भी सोशल मिडिया का प्लेटफॉर्म हो गया है...जितनी भी बाऱत विरोधी ताकते हैं....उनके द्व्रारा अफवाह पैदा करना, दुरुप्रयोग करना और उस षडयंत्र के माध्यम से समाज को गुमराह करने का प्रयाश हो रहा है...याद रखना .. जिन लोगों ने अपने क्रांतिकारियों से दूर रखा अपने नायकों से दूर रखा ...उन्होंने भारत के युवा पीढ़ी के साथ सबसे बड़ा अन्याय किया...उन्होंने अपने नायकों के गौरव पर आंनद की अनुभूति का अवसर न देना ... उसके आर्दश से विमुख करने जैसा होता है...ये पाप आजादी के बाद जिन लोगों ने सता संभाली उनके द्वारा लगातार उस समय के क्रांतिक्रारियों का लगातार किया जाता रहा ।
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नालंदा स्टेशन पर मालगाड़ी की चपेट में युवती की मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप

Pariaunna, Bihar:नालंदा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से एक युवती की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान नारदीगंज थाना क्षेत्र के धनियामा गांव निवासी स्वीटी कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने स्टेशन पहुंचकर हंगामा किया और रेलवे कर्मियों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया। बताया जाता है कि स्वीटी कुमारी अपने सहेलियों के साथ नालंदा खंडहर घूमने आई थी। घूमने के बाद ट्रेन पकड़ने के लिए वह नालंदा रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इसी दौरान पटरी पार करते समय वह मालगाड़ी की चपेट में आ गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का आरोप है कि जिस समय स्वीटी पटरी पार कर रही थी, उसी पटरी पर मालगाड़ी आ रही थी। आरोप है कि मौके पर मौजूद झंडी दिखाने वाली रेलकर्मी ने युवती को पटरी पार करने से नहीं रोका। परिजनों ने इसी लापरवाही को हादसे की वजह बताया है। हादसे के बाद स्टेशन पर तनाव की स्थिति बन गई। स्थिति को देखते हुए रेल डीएसप, राजगीर डीएसपी, कई थानों के थानाध्यक्ष और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पलामू एक्सप्रेस को स्टेशन से रवाना कराया गया। वहीं, स्थानीय लोगों ने रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज बनाने की मांग की है, ताकि यात्रियों को जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी पार न करनी पड़े। राजगीर डीएसपी ने बताया कि युवती घूमने के लिए नालंदा आई थी और स्टेशन पर पटरी पार करने के दौरान हादसा हुआ है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में अगर किसी रेलकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बस्सी में उधार कपड़े नहीं मिलने पर दुकान में तोड़फोड़, CCTV में कैद

Jaipur, Rajasthan:बस्सी (जयपुर ग्रामीण) स्लग - उधार में कपड़े नहीं दिए तो दुकान में तोड़फोड़, दुकान में मौजूद कर्मचारियों से मारपीट की गई। CCTV कैमरे में पूरी घटना कैद हुई। CCTV फुटेज में बदमाश लाठी-डंडों से तोड़फोड़ और मारपीट करते दिख रहे हैं। कुछ बदमाशों ने पहचान छिपाने के लिए मुंह पर कपड़ा भी बांध रखा था। इस संबंध में बस्सी निवासी कानाराम सैनी ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया गया कि कुछ लोग दुकान पर आए थे, उस समय दुकान मालिक मौजूद नहीं था। आरोप है कि बदमाशों ने दुकान पर मौजूद कर्मचारियों से उधार कपड़े देने की मांग की, जिसे कर्मचारियों ने मना किया तो विवाद बढ़ गया। इसके बाद सभी लोगों ने दुकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि आरोपी ब्लैक रंग की थार गाड़ी से दुकान पर पहुंचे थे। तोड़फोड़ और मारपीट की पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई।
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सीएम के आश्वासन के बाद जारा जिबली स्कूल में कक्षा 11 शुरू होगी

Pithoragarh, Uttarakhand:मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद जारा जिबली विद्यालय के उच्चीकरण को लेकर आमरण अनशन समाप्त पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जारा जिबली के उच्चीकरण की मांग को लेकर पिछले सात दिनों से चल रहा आमरण अनशन मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत धरना स्थल पहुंचे और अनशनकारियों से वार्ता की। इस दौरान वीडियो कॉल के माध्यम से मुख्यमंत्री से भी अनशनकारियों की बातचीत कराई गई। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इसी शैक्षणिक सत्र से विद्यालय में कक्षा 11वीं की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। इसके बाद अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ योगेंद्र सिंह और भाजपा ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत ने राज्य आंदोलनकारी रूप सिंह धामी एवं युवा सामाजिक कार्यकर्ता जगजीवन सिंह धामी का अनशन समाप्त कराया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश सिंह धामी ने कहा कि सात दिनों तक चले संघर्ष में ग्रामीणों की एकजुटता और धैर्य की जीत हुई है। मुख्यमंत्री का आश्वासन क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आंदोलन में सहयोग करने वाले ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों का आभार जताया। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष जौलजीबी भगत मेहरा, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता रुकुम बिष्ट, शकुंतला दताल, जिला पंचायत सदस्य देवराज बिष्ट, सागर बिष्ट सहित अन्य लोग मौजूद
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लखीमपुर खीरी: ई-रिक्शा टक्कर की हत्या, पुलिस ने दो गिरफ्तार

Lakhimpur, Uttar Pradesh:Name_Dileep Mishra लखीमपुर खीरी के फरधान थाना इलाके में लापता बीते 5 अगस्त से लापता ऑटो चालक हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के पीछे की वजह ई-रिक्शा की टक्कर को बताया जा रहा है। आपको बता दिन बीते 5 अगस्त से लापता युवक को ढूंढने के लिए पुलिस द्वारा की जा रही लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ग्रामीण महिलाओं ने पुलिस ऑफिस पर हंगामा और घेराव किया था। जिसके बाद पुलिस ने मामले में कई टीमों का गठन किया था। पुलिस ने सीसीटीवी और डीआर के साथ कई तकनीकी पहलुओं के साथ मामले की जांच शुरू की जिसके बाद मामले में दो संबंधित को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या की बात कबूल कर ली और उनकी निशानदेही पर नहर किनारे झाड़ियों से शव बरामद कर लिया गया। पूरी घटना में प्रयोग किया गया ई रिक्शा भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
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कुशीनगर के 10 साल पुराने जमीन विवाद का हल DM के निर्देश पर समझौता

Kushinagar, Uttar Pradesh:Breaking कुशीनगर - 10 साल पुराना जमीन विवाद DM की पहल से हुआ समाधान - जनता दरबार में महिला ने लगाई थी DM से गुहार - पति की मौत के बाद से देवर द्वारा 180 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा करने का लगाया आरोप - महिला वर्ष 2017 से सिविल कोर्ट में मुकदमा लड़ने के बावजूद नहीं मिला न्याय - 2019 में भी दाखिल हुआ मुकदमा फिर भी नहीं मिला न्याय - DM महेंद्र सिंह तंवर ने 7 दिन में निस्तारण के दिए निर्देश - SDM न्यायिक पडरौना डॉ. संतराज सिंह बघेल मौके पर पहुंच गांव में लगाई चौपाल - समझौते के तहत महिला को 180 वर्ग मीटर के बदले 240 वर्ग मीटर दिखाई गई जमीन - दोनों पक्षों की सहमति से 10 साल पुराना विवाद खत्म - अब महिला को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने से मिली राहत - छितौनी नगर पंचायत का मामला।
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घोरावल तालाब में मगरमच्छ दिखना हड़कंप, वन विभाग ने रेस्क्यू कर छोड़ दिया

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के भरौली गांव में तालाब में मगरमच्छ मिलने से हड़कंप मच गया। करीब 5 फीट लंबा मादा मगरमच्छ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से मगरमच्छ का रेस्क्यू किया और उसे मुक्खा फाल के जलाशय में सुरक्षित छोड़ दिया। मामला भरौली गांव का है, जहां प्राथमिक विद्यालय के पास स्थित तालाब में मगरमच्छ दिखाई दिया। तालाब में मत्स्य पालन करने वाले सुनील सोनकर ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर टीम मौके पर पहुंची और रस्सी व बांस के सहारे ग्रामीणों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग के मुताबिक पकड़ा गया मगरमच्छ करीब 5 फीट लंबा मादा मगरमच्छ है, जिसे मुक्खा फाल के जलाशय में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन विभाग ने ग्रामीणों से कहीं भी मगरमच्छ दिखाई देने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है। मामला घोरावल कोतवाली क्षेत्र के भरौली गांव का है।
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