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Lalit SharmaLalit SharmaFollow1 Oct 2024, 11:10 am
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हरियाणा में पेट्रोल-डिज़ल 3 रुपए महँगा, आम जनता की जेब पर असर

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र:- हरियाणा में पेट्रोल और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। अब ज्यादातर शहरों में पेट्रोल 100 रुपए के पास पहुंच गया है। जिससे आमजन की जेब पर असर पड़ेगा. उधर, पेट्रोल पंप एसोसिएशन का कहना है कि फ्यूल के दामों में अभी और इजाफा हो सकता है। पेट्रोल की कीमतों में इजाफे के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी है पेट्रोल व डीजल उपभोक्ताओं का कहना है कि अचानक से आज यह तेलों के रैटों में बढ़ोतरी हुई है। जिससे उनकी जेब और किचन पर सीधा असर पड़ेगा और हर चीज के दाम बढ़ जाएंगे। जिससे जीवन यापन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा。 अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं... डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है। इसे ऐसे समझिएः मालभाड़ा बढ़ेगाः ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे。 खेती की लागतः ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी。 बस-ऑटो का किरायाः सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है。 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के सभी से तेल और गैस का कम उपयोग करने की अपील की थी। और उन्होंने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे。
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श्रीविजयनगर धान मंडी में गेट 2 बंद, व्यापारी धरना; गेहूं खरीद बढ़ाने की मांग

Sri Ganganagar, Rajasthan:श्रीविजयनगर धान मंडी में व्यापारियों ने मंडी का गेट नंबर 2 बंद कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। व्यापार मंडल व व्यापार संघ ने संयुक्त रूप से यह प्रदर्शन किया है। वे सरकार से गेहूं की खरीद का लक्ष्य बढ़ाने और बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण गेट के बाहर किसानों की ट्रैक्टर-ट्रालियों का जाम लग गया है, जिससे आवागमन ठप है। व्यापारियों ने समस्या का त्वरित हल न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। स्थानीय प्रशासन से जल्द मध्यस्थता की उम्मीद जताई जा रही है।
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42°C तपिश में डीआईजी ने साइकिल से दफ्तर पहुँचकर पर्यावरण की मिसाल दी

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर मे तेज चिलचिलाती गर्मी और 42 डिग्री तापमान के बीच डीआईजी छतरपुर रेंज विजय कुमार खत्री ने पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता की अनोखी मिसाल पेश की। डीआईजी ने अपने आवास से साइकिल चलाकर सीधे रेंज कार्यालय पहुंचे। डीईजी अपनी पुलिस ड्रेस पहनकर साइकिल से कार्यालय गेट पर पहुंचे तो पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि गर्मी भले तेज हो, पर अगर हम रोज 30 मिनट साइकिल चलाएं तो शरीर भी फिट रहेगा और पर्यावरण भी বचेगा। उन्होंने बताया युद्ध के समय पेट्रोलियम पदार्थ की देश में कमी हो रही है प्रधानमंत्री ने भी लोगो से अपील की है कि ईधन की जितनी भी जरूरत न हो तो उसकी बचत करे इसी वजह से वह कार्यालय साइकिल से आये हैं। बाईट-विजय खत्री -डीआईजी
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जयपुर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें भारी बढ़ीं; लोग मेट्रो-कार पूलिंग के विकल्प चुनने लगे

Jaipur, Rajasthan:मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध की आग अब आम आदमी की जेब तक पहुंच गई है...देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है...जयपुर में पेट्रोल 108 रुपए और डीजल 93 रुपए 26 पैसे प्रति लीटर पहुंच गया है.....हालांकि बढ़ी कीमतों के बावजूद लोगों का गुस्सा कम और जिम्मेदारी ज्यादा दिखाई दे रही है...कोई मेट्रो का सहारा लेने की बात कर रहा है... तो कोई एक गाड़ी में सफर करने की सलाह दे रहा है...प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बीच लोगों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में फिजूल ईंधन खर्च रोकना जरूरी है..लेकिन दूसरी तरफ ऑटो, ओला-उबर और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग बढ़ती लागत को लेकर परेशान भी नजर आ रहे हैं..देखिए रिपोर्ट...आज सुबह जब लोग गाडी में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पंप पर पहुंचे तो कीमतों का मीटर तेजी से बढता हुआ दिखा....मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है। शुक्रवार सुबह 6 बजे से नई दरें लागू होते ही जयपुर में पेट्रोल 3 रुपए 25 पैसे और डीजल 3 रुपए 2 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। इसके बाद शहर में पेट्रोल की कीमत 104.75 रुपए से बढ़कर 108 रुपए प्रति लीटर और डीजल 90.24 रुपए से बढ़कर 93.26 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया। तेल कीमतों में इस बढ़ोतरी को पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल से जोड़कर देखा जा रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। ऐसे में देश में ईंधन महंगा होना लगभग तय माना जा रहा था। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन का सीमित और सोच-समझकर इस्तेमाल करने की अपील भी चर्चा में है। जयपुर जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव अमित सरावगी ने कहा कि जिस तरह अंतरराष्ट्रीय हालात बने हुए हैं, उसके मुकाबले कीमतों में बढ़ोतरी ज्यादा नहीं हुई है। उन्होंने कहा आशंका 12 से 15 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की थी, लेकिन फिलहाल करीब तीन रुपए की बढ़ोतरी हुई है।पीएम की अपील और अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच बढ़ी कीमतों पर जयपुर में लोगों की प्रतिक्रिया मिलीजुली नजर आई। पेट्रोल पंप पर वाहन में फ्यूल भरवाने पहुंचे राशिद ने कहा कि इस संकट की घड़ी में लोगों को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब जरूरत है कि लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अपनाएं। उन्होंने कहा, अगर परिवार या दोस्तों को कहीं जाना है तो अलग-अलग गाड़ियों की बजाय एक ही वाहन में सफर करना चाहिए। ईंधन बचाना अब देशहित से जुड़ा विषय बन गया है। एक अन्य उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने अब मेट्रो से सफर करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सप्ताह में केवल तीन दिन ही निजी गाड़ी का उपयोग कर रहे हैं और प्रधानमंत्री की अपील का पालन करेंगे। वहीं ओला-उबर बाइक चालकों ने बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई। उनका कहना था कि राइड का किराया पहले ही कम मिलता है और अब पेट्रोल महंगा होने से कमाई पर सीधा असर पड़ेगा। हालांकि मजबूरी में काम जारी रखना होगा क्योंकि घर इसी से चलता है। ऑटो चालकों ने भी कहा कि सवारियां ज्यादा किराया देने को तैयार नहीं होतीं, जबकि पेट्रोल महंगा होने से जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। एक अन्य वाहन चालक ने कहा कि जयपुर में मेट्रो जैसी सुविधा उपलब्ध है, ऐसे में लोगों को उसका ज्यादा उपयोग करना चाहिए। आम जनता में भी बहुत तीखी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिल रही। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। माल ढुलाई महंगी होने से फल, सब्जियां, राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ट्रकों और टेंपो का किराया बढ़ेगा, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाला सामान महंगा होगा। किसानों की लागत बढ़ेगी क्योंकि ट्रैक्टर और पंपिंग सेट डीजल से चलते हैं। बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी संभव है। पहले से महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को अब घरेलू बजट और अधिक प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। कुल मिलाकर, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर जयपुर में लोगों की प्रतिक्रिया नाराजगी और जिम्मेदारी दोनों के मिश्रण के रूप में सामने आई।जयपुर में बढ़ी कीमतों के बीच एक दिलचस्प बदलाव यह दिखा कि लोग सिर्फ शिकायत नहीं कर रहे, बल्कि विकल्पों पर भी बात कर रहे हैं। कोई मेट्रो अपनाने की बात कर रहा है, कोई कार पूलिंग की, तो कोई जरूरत हो तभी गाड़ी निकालो वाला फॉर्मूला अपनाने की सलाह दे रहा है। युद्ध हजारों किलोमीटर दूर है, लेकिन उसका असर अब जयपुर की सड़कों, जेब और लोगों की सोच तीनों पर दिखाई देने लगा है।
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राजस्थान में ओएंडएम पॉलिसी से 1 करोड़ पेयजल उपभोक्ताओं को मिलेगा पानी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-राजस्थान के 1 करोड पेयजल उपभोक्ताओं लिए बड़ी खबर सामने आई है.प्रदेश में जल जीवन मिशन में ओएंडएम पॉलिसी को पीएचईडी ने केबिनेट भेज दिया है.जल्द ही केबिनेट पॉलिसी पर मुहर लगाएगा,जिसके बाद में जेजेएम की पॉलिसी लागू होगी..आखिरकार पॉलिसी लागू करने में इतना वक्त क्यों लगा,देखे इस रिपोर्ट में! PHED ने पॉलिसी फाइनल की- राजस्थान में जल जीवन मिशन की ओएंडएम पॉलिसी 6 साल से लागू नहीं हो पाई.लेकिन सूत्रों की माने तो अब ये पॉलिसी जल्द लागू होगी सकती है.जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों के मुताबिक पॉलिसी को फाइनल कर केबिनेट भेज दिया है.अब केबिनेट की मुहर के बाद जल जीवन मिशन में ओएंडएम पॉलिसी फाइनल होगी.इस पॉलिसी के मुताबिक प्रति कनेक्शन की दर 100-125 रू.तक तय हो सकती.स्कीम चलाने के लिए हर गांव में कलस्टर समिति बनेगी.इस समिति की अध्यक्षता ग्राम पंचायत के सरपंच करेंगे.जलदाय विभाग के इंजीनियर्स भी इस समिति में शामिल होंगे,जो तकनीकी कार्यों को देखेंगे.राज्य में 41,986 समितियां बनेगी.राजस्थान में 1 करोड 7 लाख पेयजल उपभोक्ताओं तक हर घर नल योजना के जरिए पीने का पानी पहुंचना है.अब तक राजस्थान में 63 लाख 38 हजार कनेक्शन हो पाए है.गांव ढाणियों में जहां जल जीवन मिशन की स्कीम है,वहां अभी तक मुफ्त का पानी ही पी रहे है,क्योंकि अब तक ओएंडएम स्कीम लागू ही नहीं हो पाई. जेजेएम में किस साल कितने कनेक्शन- नंबर साल कनेक्शन 1. 2019-20 1,02,169 2. 2020-21 6,80,883 3. 2021-22 5,38,030 4. 2022-23 13,88,472 5. 2023-24 12,17,862 6. 2024-25 9,44,618 7 2025-26 2,71,691 8. 2026-27 20,704 टॉप 5 जिले,जहां सबसे ज्यादा कनेक्शन-हनुमानगढ,गंगानगर,भीलवाडा,पाली,डीडवाना-कुचामन टॉप 5 जिलों में शुमार है,जहां सबसे ज्यादा कनेक्शन हुए.हनुमानगढ में 90,गंगानगर और भीलवाडा में 88,पाली में 86, डीडवाना कुचामन में 84 प्रतिशत कनेक्शन हुए है.वहीं सबसे फिसड्डी जिलों में बाडमेर में 21,डीग में 28,चितौडगढ में 28,डूंगरपुर में 32,प्रतापगढ में 35 प्रतिशत ही कनेक्शन हो पाए. जेजेवॉय सफल नहीं हो पाई- राजस्थान में जल जीवन मिशन से पहले गांव ढाणियों में जनता जल योजना संचालित थी.लेकिन यह योजना सफल नहीं हो पाई.समय पर बिल जमा नहीं करवाना,संचालन संधारण में दिक्कते हुए.जिस कारण से 15 साल बाद इस योजना को पंचायती राज विभाग से पीएचईडी को ट्रांसफर करना पडा.अब जल जीवन मिशन में सरपंचों वाली कलस्टर समिति की अध्यक्षता में स्कीम संचालित होगी.2019 से राजस्थान में जल जीवन मिशन की शुरुआत हुई.लेकिन अब तक ओएंडएम पॉलिसी लागू नहीं हो पाई है.
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राजस्थान में ओएंडएम पॉलिसी अब लागू, 1 करोड़ पेयजल उपभोक्ता लाभान्वित

Jaipur, Rajasthan:साल से JJM में मुफ्त का पानी पी रहे, अब 1 करोड पेयजल उपभोक्ताओं के लिए ओएंडएम पॉलिसी लागू होगी. राजस्थान के 1 करोड पेयजल उपभोक्ताओं लिए बड़ी खबर सामने आई है. प्रदेश में जल जीवन मिशन में ओएंडएम पॉलिसी को पीएचईडी ने केबिनेट भेज दिया है. जल्द ही कैबिनेट पॉलिसी पर मुहर लगाएगा, जिसके बाद में जेजेएम की पॉलिसी लागू होगी. आखिरकार पॉलिसी लागू करने में इतना वक्त क्यों लगा, देखे इस रिपोर्ट में. PHED ने पॉलिसी फाइनल की. राजस्थान में जल जीवन मिशन की ओएंडएम पॉलिसी 6 साल से लागू नहीं हो पाई. लेकिन सूत्रों की माने तो अब ये पॉलिसी जल्द लागू हो सकती है. जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों के मुताबिक पॉलिसी को फाइनल कर केबिनेट भेज दिया है. अब केबिनेट की मुहर के बाद जल जीवन मिशन में ओएंडएम पॉलिसी फाइनल होगी. इस पॉलिसी के मुताबिक प्रति कनेक्शन की दर 100-125 रू. तक तय हो सकती. स्कीम चलाने के लिए हर गांव में क्लस्टर समिति बनेगी. इस समिति की अध्यक्षता ग्राम पंचायत के सरपंच करेंगे. जलदाय विभाग के इंजीनियर्स भी इस समिति में शामिल होंगे, जो तकनीकी कार्यों को देखेंगे. राज्य में 41,986 समितियां बनेगी. राजस्थान में 1 करोड 7 लाख पेयजल उपभोक्ताओं तक हर घर नल योजना के जरिए पीने का पानी पहुंचना है. अब तक राजस्थान में 63 लाख 38 हजार कनेक्शन हो पाए है. गांव ढाणियों में जहां जल जीवन मिशन की स्कीम है, वहीं अब तक ओएंडएम स्कीम लागू नहीं हो पाई. सबसे ज्यादा कनेक्शन वाले जिले: हनुमानगढ़, गंगानगर, भीलवाड़ा, पाली, डीडवाना-कोचामन. सबसे फिसड्डी जिलों में बाडमेर, डिग, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ रह गए. जल जीवन मिशन से पहले गांव ढाणियों में जनता जल योजना संचालित थी, लेकिन यह योजना सफल नहीं हो पाई. समय पर बिल जमा नहीं करवाना, संचालन में दिक्कतें हुईं. 15 साल बाद इस योजना को पंचायती राज विभाग से पीएचईडी को ट्रांसफर किया गया. अब जल जीवन मिशन में सरपंचों वाली क्लस्टर समिति की अध्यक्षता में स्कीम संचालित होगी. 2019 से राजस्थान में जल जीवन मिशन की शुरुआत हुई. लेकिन अब तक ओएंडएम पॉलिसी लागू नहीं हो पाई है. नोट-इस खबर की फीड 2 सी में अटैच है।
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