452001
बीडी शर्मा का दिग्विजय पर तीखा तंज: क्या है ड्रग्स का पुराना अनुभव?
Indore, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष बीडी शर्मा इंदौर पहुंचे। जहां उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा ड्रग्स मामले में दिए गए बयान पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है दिग्विजय सिंह को ड्रग्स मामले में पुराना अनुभव है तभी उन्हें मालूम है कि ड्रग्स कहां से आती है और कैसे बेची जाती है। उन्होंने महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव को लेकर कहा कि जिस तरह से हमने हरियाणा के चुनाव जीते हैं इन दोनों प्रदेशों में भी भाजपा की ऐतिहासिक जीत होगी।
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
प्रतापगढ़ में डॉक्टर मोहित मछार के मौत मामले में हत्या की आशंका, कुएं से मिले सामान
Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के बोरी पी क्षेत्र में युवा डॉक्टर मोहित मछार की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। पुलिस ने 20 अप्रैल को मौके पर पहुंचकर जांच के तहत कुएं का पानी खाली करवाया, जहाँ से मृतक के पर्स, मोबाइल, पजामा और अंत:वस्त्र सहित अन्य सामान बरामद किए गए। पर्स में आई कार्ड, दो एटीएम कार्ड और कुछ दवाइयां भी मिली हैं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है। जानकारी के अनुसार बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ निवासी डॉक्टर मोहित 14 अप्रैल को अपनी बहन के यहां बड़ोदिया आया था। 15 अप्रैल को वह पीपलखूंट क्षेत्र के बोरी पी गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचा था। इसके बाद से ही उसका परिजनों से संपर्क टूट गया था। दो दिनों तक लापता रहने के बाद शादी स्थल से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित एक कुएं में शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया, जिसकी पहचान बाद में डॉक्टर मोहित के रूप में हुई। शव अर्धनग्न अवस्था में होने से मामला शुरू से ही संदिग्ध बना हुआ है। जांच के दौरान कुएं का पानी खाली कराने पर मृतक के सामान बरामद होना पुलिस के लिए अहम कड़ी माना जा रहा है। हालांकि अभी तक मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। परिजनों ने पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने शादी में शामिल कुछ साथी डॉक्टरों पर भी संदेह व्यक्त किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला संदिग्ध बना हुआ है और क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।0
0
Report
श्रीकरणपुर में अतिक्रमण रोकने को प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग
Sri Ganganagar, Rajasthan:श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर) तहसीलदार को शिकायत के बाद भी जारी रहा अतिक्रमण, बनी विवाद की स्थिति, भुट्टीवाला गांव मे आज उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब जोहड़ पायतन की भूमि पर अतिक्रमण हो रहा था गांव 24 ओ भुट्टीवाला के निवासी शिकायतकर्ता बक्शीश सिंह पुत्र बाघ सिंह और उनकी माता सुखदेव कौर पत्नी बाघ सिंह ने बताया की हमारे घर के सामने सड़क आम है जो की जोहड़ पायतन की जगह पर है यह सड़क अंतरराष्ट्रीय सीमा की और जाती है इसी जगह पर गुरप्रीत सिंह पुत्र जगजीत सिंह, व उसके पुत्र नवजोत सिंह, गुरप्रीत सिंह व हरगोविन्द सिंह पुत्र जलन्धर सिंह द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर रास्ता में गलीआम पर कमरे का निर्माण कर रहा है. 16 अप्रैल को हुई जनसुनवाई मे परिवाद तहसीलदार को सौंपा जिसके बाद अतिक्रमणकर्ताओ द्वारा अतिक्रमण रोक दिया किन्तु आज सुबह फिर अचानक शुरू हुए अतिक्रमण के निर्माण कार्य को देखकर शिकायतकर्ता बक्शीश सिंह थाने पहुंचे जिसके बाद ASI महावीर प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण का कार्य रुकवाया है सुखदेव कौर0
0
Report
बिजली की चिंगारी से 20 एकड़ गेहूं जलकर राख, किसान टूटे सपने
Jhajjar, Haryana:बिजली की एक चिंगारी ने उजाड़ दी मेहनत की दुनिया: 20 एकड़ गेहूं खाक, किसानों के सपने राख बिरधाना से गिरवाड तक फैली आग, मायाराम की 7 एकड़ और नेत्रपाल डबास की 5 एकड़ फसल जली; सालभर की मेहनत मिनटों में खत्म हरियाणा के झज्जर जिले में सोमवार दोपहर ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने किसानों के दिल झकझोर दिए। खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल, जो कुछ ही दिनों में घरों तक पहुंचने वाली थी, अचानक आग की भेंट चढ़ गई। झज्जर के गांव बिरधाना में दोपहर करीब 2 बजे खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों में शॉर्ट सर्किट हुआ… और एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते तबाही का रूप ले लिया। सूखी खड़ी गेहूं की फसल ने आग को और भड़काया, ऊपर से तेज हवाओं ने लपटों को ऐसा रफ्तार दी कि कुछ ही मिनटों में करीब 20 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। आग यहीं नहीं रुकी… बिरधाना से उठी लपटें शाम तक पास के गांव गिरवाड तक पहुंच गईं, जहां किसान नेत्रपाल डबास की करीब 5 एकड़ खड़ी फसल भी जलकर खाक हो गई। दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह जल चुकी थी। पीछे बचा था तो सिर्फ राख, धुआं… और किसानों की टूटी हुई उम्मीदें। मायाराम की दर्द भरी कहानी: इस आग ने सबसे ज्यादा चोट किसान मायाराम को दी। उनकी जिंदगी दो सहारों पर टिकी थी—एक छोटी सी नौकरी, जिससे करीब 6 हजार रुपए महीना मिलता है… और दूसरी उनकी खेती। इस बार उनकी पूरी उम्मीद गेहूं की फसल पर थी। करीब 6 से 7 एकड़ में खड़ी फसल अच्छी थी, और उन्हें लगा था कि इस बार घर की हालत सुधर जाएगी। लेकिन कुछ ही मिनटों में सब कुछ खत्म हो गया। जहां कभी सुनहरी बालियां लहरा रही थीं, आज वहां सिर्फ जली हुई मिट्टी और राख बची है। टूटी हुई आवाज में मायाराम कहते हैं— “पूरे साल मेहनत की थी… अब कुछ नहीं बचा। नौकरी से घर नहीं चलता… फसल ही सहारा थी।” उनकी आंखों में आंसू हैं… और सामने बिखरी पड़ी है उनकी मेहनत。 कैसे बना हादसा: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। चिंगारी सीधे सूखी फसल पर गिरी… और गर्मी व तेज हवा ने आग को विकराल बना दिया। किसानों ने खुद भी आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि उनके सामने बेबसी के अलावा कुछ नहीं बचा। हर साल का दर्द: ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। हर साल गर्मियों में जर्जर बिजली तार और सूखी फसल मिलकर ऐसी घटनाओं को जन्म देते हैं。 शिकायतें होती हैं… लेकिन समाधान नहीं। और हर बार किसान ही अपनी मेहनत की कीमत चुकाते हैं。 प्रशासन की कार्रवाई: घटना के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लेना शुरू कर दिया है। प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया की बात कही जा रही है, लेकिन किसानों का कहना है कि नुकसान इतना बड़ा है कि मुआवजा भी उनकी भरपाई नहीं कर सकता。 जमीनी हकीकत: यह आग सिर्फ खेतों को नहीं जला गई… यह उन सपनों को भी राख कर गई, जो इन किसानों ने पूरे साल सींचे थे। मायाराम और नेत्रपाल जैसे किसान अब फिर उसी मोड़ पर खड़े हैं— जहां से उन्हें एक बार फिर शून्य से शुरुआत करनी है…0
0
Report
Advertisement
दिल्ली में नकली ENO-फर्जी Nescafé फैक्ट्री पकड़, ₹20 लाख का माल जब्त, 4 गिरफ्तार
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली में नकली ENO और Nescafé बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी...₹20 लाख का माल जब्त..दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में चल रहे नकली ENO और नकली Nescafé कॉफी बनाने के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मधु विहार इलाके में छापा मारकर दो अवैध यूनिट पकड़ीं, जहां नकली ENO पाउडर और फर्जी Nescafé कॉफी तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी। इस कार्रवाई में करीब ₹20 लाख का माल जब्त किया गया है। पुलिस के मुताबिक ये नकली सामान थोक और रिटेल बाजारों के जरिए देश के कई हिस्सों में भेजा जा रहा था। खास बात यह है कि नकली ENO आम लोगों की सेहत से जुड़ा प्रोडक्ट है, जिसका इस्तेमाल गैस, एसिडिटी और अपच में किया जाता है। ऐसे में इससे लोगों की जान को भी खतरा हो सकता था। पुलिस टीम ने मौके से 3 पैकिंग मशीनें, करीब 1 लाख तैयार ENO सैशे, करीब 50 हजार नकली कॉफी सैशे, 500 किलो कॉफी पाउडर, एसिड से भरे ड्रम, पैकिंग रोल, स्टिकर, कार्टन और अन्य सामान बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों उत्तम दास, पपाई दास उर्फ पंकज, नितिन भारद्वाज और संजय बंसल को गिरफ्तार किया है.. पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों फ्लैट किराये पर लेकर पिछले दो महीने से यह धंधा चल रहा था। नितिन भारद्वाज फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी निगरानी के जरिए उसे देहरादून के सहस्त्रधारा इलाके से पकड़ लिया। बाद में संजय बंसल को भी कश्मीरी गेट के पास गिरफ्तार कर लिया गया। कंपनियों ने बताया नकली है माल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जांच के बाद साफ किया कि बरामद ENO और कॉफी प्रोडक्ट्स उनकी कंपनी के नहीं हैं। न तो इन्हें कंपनी ने बनाया और न ही आरोपियों को कोई अधिकृत लाइसेंस दिया गया था.0
0
Report
हीट वेव से सेहत पर खतरा, झारखंड में स्कूल टाइमिंग बदली
Ranchi, Jharkhand:सूरज की बढ़ती तपिश और बढ़ता तापमान न सिर्फ लोगों को परेशान कर रहा है बल्कि सेहत के लिए भी खतरा बना हुआ है। बढ़ती गर्मी की वजह से स्कूलों के समय सारणी में बदलाव हुए हैं लेकिन चुभती गर्मी में घमौरी और स्किन डिजीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा। तो वही बच्चों के लिए भी विशेष हिदायत पर रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं सूरज की तेज किरणें बढ़ता तापमान और लू यानी हीट वेव ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में घमौरी रैशेज और एलर्जी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। मामले की जानकारी देते हुए स्किन स्पेशलिस्ट डॉक्टर प्रभात ने बताया कि गर्मी बढ़ते ही पेशेंट्स में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने लोगों से एहतियात बरतने की अपील करते हुए साफ सुथरा रहने की बात कही है。0
0
Report
पचपदरा रिफाइनरी: आग के बाद महंगा इंतजार, सियासत फिर तेज
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के आर्थिक विकास का इंजन साबित होने जा रही पचपदरा रिफाइनरी 13 साल से राजनीति का अखाड़ा बनी हुई है। देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी का अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इसका अंतिम रूप से इसका उद्घाटन करने वाले थे, तब एक दिन पहले आग लग गई। आग लगने के कारणों के साथ ही हुए नुकसान के लिए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में एक बार फिर सियासत शुरू हो गई। राजस्थान के पचपदरा में स्थापित की गई भारत के पहले ग्रीनफील्ड रिफाइनरी और सह पेट्रोकेमिकल परिसर काे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अर्थात 21 अप्रेल को समर्पित करने वाले थे। उद्घाटन के करीब 24 घंटे पहले ही रिफाइनरी में आग लग गई और इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा निरस्त हो गया। आग के कारणों के साथ ही हुए नुकसान के लिए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में एक बार फिर सियासत शुरू हो गई। स्थापना के समय से ही रिफाइनरी का विवादों और सियासत का नाता रहा है जो आज 13 साल बाद नहीं पीछा नहीं छूट रहा है। बीजेपी-कांग्रेस के साथ ही अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने शुरू कर दिए हैं। इससे ऐसा लगता है कि इन नेताओं को रिफाइनरी से ज्यादा राजनीतिक बयानबाजी के क्रेडिट की चिंता है। कांग्रेस-बीजेपी राज में शिलान्यास, हर इंतजार में महंगी हुई .... राजनीतििक विवाद, बढ़ती लागत, दोबारा शिलान्यास और उद्घाटन से ठीक पहले लगी आग के इस परियोजना को बहुचर्चित बना दिया है. आइए जानते है. पचपदरा रिफाइनरी के बारे में… ग्राफिक्स - तीन सरकारें, दो बार शिलान्यास, हर बार विवाद, बढ़ता रहा इंतजार और लागत - वर्ष 2012 में बाड़मेर के लीलाणा से पचपदरा में किया गया शिफ्ट - 22 सितम्बर 2013 को सोनिया गांधी ने पहला शिलान्यास किया, लागत 27 हजार 230 करोड - इसके बाद 2017 में नए समझौते के बाद इसे पुनर्जीवित किया गया. - 16 जनवरी 2018 को पीएम मोदी ने दोबारा कार्य शुभारंभ किया गया । लागत 43 हजार 129 करोड़ तय की गई - शुरू में परियोजना अक्टूबर 2022 तक पूरी होने का लक्ष्य था, लेकिन समय सीमा जून 2023 तक बढ़ाई - 2 जून 2023 कोविड और देरी के कारण लागत बढ़ गई 72 हजार 937 करोड़ रुपए - जुलाई 2025 में भजनलाल सरकार में दूसरा संशोधन, लागत हो गई 79 हजार 459 कारोड़ -रिफाइनरी को लगाने को लेकर भी कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे के बजाय खुद श्रेय लेने में जुटे रहे - कांग्रेस इसे गहलोत का विजन बताती रही है, जबकि बीजेपी ने रिव्यू करके प्रदेश के बेहतर हित वाला बताया सरकार के विरोध में उतरे थे मंत्री और विधायक ... रिफाइनरी शुरू में बाड़मेर जिले के बायतु तहसील के लीलाणा गांव में बननी थी. उस समय अशोक गहलोत सरकार ने इसकी नींव रखी थी. लेकिन तत्कालीन राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी और बायतु विधायक कर्नल सोनाराम चौधरी अपनी सरकार के विरोध में उतरे. यही नहीं मंत्री हेमाराम ने इस्तीफा दे दिया. तत्कालीन CM अशोक गहलोत ने मनाने के लिए प्रतिनिधि भी भेजे, लेकिन विरोध शांत नहीं हुआ, जिसके बाद मजबूरन रिफाइनरी पचपदरा स्थानांतरित कर दिया गया. उद्घाटन से पहले लगी आग : 21 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रिफाइनरी का लोकार्पण करने वाले थे, लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले, 20 अप्रैल की दोपहर को रिफाइनरी के CDU (क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट) के हीट एक्सचेंजर में भयानक आग लग गई। उत्पादन में देरी और लागत बढ़ेगी - इस हादसे के कारण रिफाइनरी में क्रूड ऑयल की प्रोसेसिंग रुक गई है। विशेषज्ञों के अनुसार मरम्मत में अब लगभग 4 महीने का समय लग सकता है, जिससे व्यावसायिक उत्पादन में देरी होगी। देरी होने के कारण भी सरकार को राजस्व में नुकसान के साथ ही लागत में भी बढ़ोत्तरी होगी। अर्थात कहा जा सकता है रिफाइनरी का यह इंतजार एक बार फिर महंगा हाेने जा रहा है। इधर घटना के बाद, विपक्ष ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने इसे पूर्ववर्ती सरकार के समय का मुद्दा बताते हुए, वर्तमान भजनलाल शर्मा सरकार के दौरान तेजी से विकास का दावा किया है।0
0
Report
Advertisement
गोपालगंज अस्पताल में फर्जी हाजिरी मामला; ओपीडी में डॉक्टर नहीं पहुंचे
Gopalganj, Bihar:सूबे की सरकार भले ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा कर रही है लेकिन गोपालगंज में जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रहा है लाखों की आबादी को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाले आईएसओ प्रमाणित मॉडल अस्पताल में डॉक्टर फर्जी हाजिरी लगाकर फरार हो जा रहे हैं वही ओपीडी में समय से डॉक्टर नहीं आ रहे जिस कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है आज मंगलवार गोपालगंज डीएम पवन सिन्हा सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुँच गए डीएम 9 बजकर 20 मिनट पर ओपीडी पहुँचे तो एक भी डॉक्टर ओपीडी में नहीं मिले वही हाजिरी पंजी के फर्जी साइन कर कई डॉक्टर की हाजिरी पाई गई डीएम पवन कुमार सिन्हा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ओपीडी में समय से डॉक्टर नहीं आ रहे हैं वही कई डॉक्टर पंजी में दूसरे से अपना हाजिरी बनवा रहे जो बेहद गंभीर मामला है इनलोगों पर करवाई की जायेगी और ऐसी करवाई की जायेगी कि लोग भविष्य में याद रखेंगे ,इन डॉक्टरों को चिन्हत कर विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है0
0
Report
हाथरस में धर्म परिवर्तन के शक में पति-पत्नी को पहनाई जूतों की माला, पंचायत में बहिष्कार का ऐलान
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस के मुरसान कोतवाली क्षेत्र के गारव गढ़ी गांव में धर्म परिवर्तन के शक में एक व्यक्ति और उसकी पत्नी को जूते की माला पहनाई गई। यह घटना एक पंचायत के दौरान हुई, जहां पिता और भाई ने मिलकर उन्हें जूते की माला पहनाई और उनके पारिवारिक व सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की। जानकारी के अनुसार, गांव का निवासी बलराम अपनी पत्नी और बच्चे के साथ आगरा में रहता था, जहां वह झूला चलाने का काम करता था। होली के अवसर पर वह अपने गांव आया हुआ था। गांव आने के बाद उसने राम-राम कहना और प्रसाद आदि खाना छोड़ दिया था, जिससे परिवार के अन्य सदस्यों को उस पर शक हुआ। आज बलराम का अपने पिता शिवराज से झगड़ा हो गया। इस दौरान शिवराज और बलराम के एक भाई ने बलराम के साथ मारपीट की, जिसके जवाब में बलराम ने भी अपने पिता से मारपीट की। घटना के बाद अन्य ग्रामीण भी मौके पर एकत्रित हो गए और एक पंचायत बुलाई गई। पंचायत में बलराम के पिता शिवराज ने आरोप लगाया कि उनके बेटे बलराम ने ईसाई धर्म अपना लिया है। इसी कारण उन्होंने बलराम का पारिवारिक और सामाजिक बहिष्कार करने की घोषणा की। जब बलराम की पत्नी मीना अपने पति के पक्ष में आईं, तो इन लोगों ने बलराम और उसकी पत्नी दोनों को जूते की माला पहना दी। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। घटना की सूचना मिलने पर देर शाम पुलिस गांव पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की। पुलिस ने बलराम के साथ उसके पिता और भाई को हिरासत में ले लिया है। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि मामले में जांच जारी है और नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। जूते की माला पिता और भाई ने ही पहनाई है।0
0
Report
Advertisement
मोतिहारी में शादी नाम पर यौन-शोषण आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पर हमला
Motihari, Bihar:मोतिहारी से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस टीम पर हमला किया गया है। इस हमले में मधुबन थाना की एक महिला अधिकारी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।घटना पताही थाना क्षेत्र के बेतौना गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, शादी के नाम पर यौन शोषण के आरोपी को पकड़ने के लिए मधुबन पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी। आरोपी अपने मामा के घर में छुपकर शादी कर रहा था, तभी पुलिस ने रेड की कार्रवाई की।इसी दौरान करीब 22 लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 22 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है।वहीं, इस मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई भी की गई है। मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुसंधानकर्ता नेहा वर्षा को निलंबित करने का आदेश दिया है।बताया जा रहा है कि बिना संबंधित थाना को सूचना दिए, सिर्फ दो चौकीदारों के साथ दूसरे थाना क्षेत्र में रेड की गई थी। साथ ही, पर्याप्त बल, हेलमेट और लाठी जैसे सुरक्षा उपकरणों का भी उपयोग नहीं किया गया।एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में SOP का पालन नहीं करने और विभाग की छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।0
0
Report
चकराता में चालदा महासू महाराज के प्रवास की 39 साल बाद तैयारी पूरी
Noida, Uttar Pradesh:खबर देहरादून के चकराता से है जहां जौनसार-बावर के आराध्य देव चालदा महासू महाराज 39 सालों के लंबे इंतजार के बाद अपने नए प्रवास पर 7 May को खत कोरु के कचटा मंदिर में विराजमान होंगे। लेकिन महाराज के आने से पहले उनके देव चिह्न यानी डोरिया का आना होता है जोकि खत कोरू विधिविधान से पहुंच गए हैं। इस क्षण को देखने के लिए हजारों श्रद्धालु खत कोरू पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं के जयकारों से पुरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा, 7 May को महाराज के प्रवास यात्रा की तैयारीयां जोरों पर है जिसमें लगभग 50 हजार से ज़्यादा लोगों के लिए भंडारे का भी इंतज़ाम किया जाएगा। खास बात ये कि इस बार देव मर्यादा को सर्वोपरि रखते हुए मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं महराज के लम्बे इंतजार के बाद आगमन पर श्रद्धालु खुश नजर आ रहे हैं।0
0
Report
गाजियाबाद के सभी स्कूलों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य, अग्नि सुरक्षा पर विशेष अभियान
Ghaziabad, Uttar Pradesh:स्कूलों के अंदर अग्नि हादसों को रोकने के लिए दमकल विभाग ने विशेष अभियान चलाया हुआ है। जिन स्कूलों के पास फायर एनओसी नहीं है उन्हें नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। गाजियाबाद में लगभग 2700 स्कूल है और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर एनओसी लेना उनके लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा स्कूल के अंदर फायर एक्सटिंग्विशर के अलावा अन्य व्यवस्था होनी चाहिए जिससे अगर स्कूल परिसर में आग लगे तो बच्चों व शिक्षकों को सुरक्षित रखा जा सके।0
0
Report
Advertisement
जमुई में नक्सल विरोधी कार्रवाई: अवैध स्मारक ध्वस्त, SSB-पुलिस का संयुक्त अभियान
Jamui, Bihar:नक्सलियों के प्रतीक पर करारा वार: जमुई में अवैध स्मारक ध्वस्त, SSB और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जमुई से बड़ी खबर:नक्सलवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सख्ती से अमल करते हुए सशस्त्र सीमा बल (SSB) और चरकापत्थर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को जिले के चरकापत्थर थाना क्षेत्र अंतर्गत रुझनिया गांव में नक्सलियों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए स्मारक को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई SSB की 16वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट शैलेश कुमार सिंह के दिशा-निर्देश पर की गई। कंपनी कमांडर रोहित कुमार सिंह की निगरानी में ‘सी’ समवाय की टीम ने चरका पत्थर कैंप से करीब 11 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण दिशा में स्थित पंचायत रजौन के रुझनिया गांव में अभियान चलाया। मौके पर मजिस्ट्रेट मोहम्मद तारिक अनवर की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। संयुक्त टीम में SSB के जवानों के साथ चरकापत्थर थाना प्रभारी रंजीत कुमार भी शामिल रहे। अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध और सटीक तरीके से की गई, जिससे नक्सलियों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को खत्म करने में सफलता मिली। पहले भी टूट चुकी है नक्सलियों की कमर इससे पहले 16 अक्टूबर 2025 को भी इसी इलाके में SSB की 16वीं वाहिनी द्वारा डी-माइनिंग और सर्च ऑपरेशन चलाकर नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम किया गया था। उस दौरान संभावित खतरों को समय रहते निष्क्रिय कर इलाके में बड़ी घटना को टाल दिया गया था。 स्पष्ट संदेश: कानून से ऊपर कोई नहीं इस कार्रवाई के जरिए सुरक्षा बलों ने साफ कर दिया है कि नक्सलवाद या उसके महिमामंडन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि ऐसे प्रतीकों को खत्म कर इलाके में शांति, सुरक्षा और विकास का माहौल मजबूत किया जा रहा है। लोगों से अपील SSB और जिला पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे निडर होकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी SSB कैंप या चरकापत्थर थाना को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।0
0
Report
अम्बाला में महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस-भाजपा में सियासी जंग तेज
Ambala, Haryana:अम्बाला में महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर सियासत गर्मा गई है। आज कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उसे 'महिला विरोधी' करार दिया। अंबाला के सांसद वरुण मुलाना ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सिर्फ आरक्षण का ढिंढोरा पीट रही है, जबकि हकीकत में महिलाओं को हक देने के रास्ते में शर्तें रोड़ा बनी हुई हैं। महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस अब आक्रामक मोड में है। वरुण मुलाना ने 2023 के 106वें संविधान संशोधन का जिक्र करते हुए कहा कि इस बिल को हर पार्टी का समर्थन मिला था। लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट किया था कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है, तो इसमें जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तें नहीं होनी चाहिए थीं। सांसद वरुण चौधरी ने कहा 2023 में जब 106वाँ संशोधन लाया गया, तो हमने उसका समर्थन किया था। राहुल गांधी जी ने तब भी कहा था कि बिना किसी शर्त के इसे तुरंत लागू किया जाए। लेकिन भाजपा ने इसमें शर्तें जोड़ दीं, जो साबित करता है कि उनकी सोच महिला विरोधी है। आज वो अपनी कमियां छिपाने के लिए कांग्रेस के खिलाफ झूठ फैला रहे हैं, जिसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।0
0
Report
बोकारो जनरल अस्पताल के जंगल में आग, फायर सेफ्टी पर सवाल
Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो जेनरल अस्पताल के जंगल में लगी आग। मौके पर पहुंची एक दमकल की गाड़ी। आग पर पाया गया काबू। घटना सेक्टर 4 थाना क्षेत्र की। आग किन कारणों से लगी ये जांच का विषय है लेकिन एक बड़ी घटना टल गई और शहर के सबसे बड़े अस्पताल के फायर सेफ्टी के व्यवस्था की भी पोल खुल गई। क्योंकि फायर सेफ्टी के लिए कोई भी पाइप लाइन अस्पताल परिसर में नहीं होने की बात बताई गई। घटना के बारे में बताते चले कि बोकारो के सेक्टर 4 थाना क्षेत्र स्थित बोकारो जेनरल अस्पताल के कैंसर वार्ड के पास स्थित जंगल में आग लग गई। अस्पताल के कैंसर वार्ड के DSO ने सबसे पहले आग के लपटों को देखा जहां अस्पताल के अधिकारियों को सूचना दी गई और बीएसएल के दमकल विभाग को भी इसकी सूचना दी गई जहां मौके पर एक दमकल की गाड़ी पहुंची और आग पर काबू पाया। इससे पहले वहां मौजूद गार्ड ने अपने स्तर से आग पर काबू पाने की कोशिश की। जंगल में आग समय रहते बुझा दिया गया नहीं तो बड़ी घटना घट सकती थी। क्योंकि ये जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है और यहां सैकड़ों मरीज इलाजरत है। गार्ड ने कहा कि आग लगता देख अपने स्तर से आग को बुझाने लगे वही मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के अधिकारी ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है। बाइट -- अशोक पाठक,गार्ड बाइट -- गणेश कुमार, फायर0
0
Report
Advertisement
