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Rajendra MalviyaRajendra MalviyaFollow17 Oct 2024, 01:29 pm
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हरिमऊढ़ाना जल संकट: ग्रामीणों को सरकारी कुएं से पानी निकालने को मजबूर

Betul, Madhya Pradesh:एंकर- बैतूल जिले के भैंसदेही ब्लॉक का हरिमऊढाना गांव में जल संकट ने भयावह रूप ले लिया है। पानी के लिए जड़ तो जहर करते ग्रामीण की तस्वीर देखकर आपकी रूह कांप जाएगी। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर रस्सियों के सहारे एक सरकारी कुएं में उतरना पड़ रहा है और बूंद बूंद पानी इकट्ठा कर ग्रामीण भीषण गर्मी में अपनी प्यास बुझाने को मजबूर है। गांव के बच्चे,महिलाएं और बुजुर्ग तक कुएं की गहराई में उतरकर बूंद-बूंद पानी इकट्ठा कर रहे हैं। हरिमऊढाना में कि यह तस्वीर जिम्मेदारों के उसे दावे को आइना दिखाती है जो कागजों पर हर घर नल से जल पहुंचने का दावा करते हैं। गांव में लाखों रुपए खर्च कर पाइपलाइन और नल तो लगाए गए है,लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी नलों के कंठ सूखे हुए हैं। भीषण जल संकट झेल रहे ग्रामीण कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं और गांव में पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग कर चुके हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हरिमऊढाना गांव की तस्वीरें किसी भैया वह सूखाग्रस्त इलाके की दिखाई पड़ती है क्षेत्र। गांव में पानी की समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि लोग अपनी जान हथेली पर रखकर एक पुराने सरकारी कुएं में उतरने को मजबूर हैं। कुएं के अंदर जमा मटमैला,गंदा और दूषित पानी ही ग्रामीणों की प्यास बुझाने का एकमात्र सहारा बन चुका है। हालत यह है कि जिस पानी को देखकर कोई इंसान क्या,जानवर तक पीने से इनकार कर दें,उसी पानी को यहां के ग्रामीण मजबूरी में पी रहे हैं। जल संकट की भयावा ha स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की एकमात्र इस कुएं के मैथ में ले पानी को लेने के लिए बच्चे और बूढ़े भी कुएं के अंदर जान जोखिम में डालकर उतरने को मजबूर है और यही से पानी निकालकर जीवन यापन कर रहे हैं। कुएं की गहराई और अंदर की फिसलन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, लेकिन प्यास के आगे मौत का डर भी छोटा पड़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगभग 230 परिवार निवास करते हैं और आबादी करीब 1500 के आसपास है। गांव पहाड़ियों और जंगलों के बीच बसा हुआ है, जिससे पानी की समस्या और भी गंभीर हो गई है। गांव में दो हैंडपंप मौजूद हैं,लेकिन उनमें भी पानी नहीं निकलता। वहीं एक निजी कुआं है,लेकिन उसका मालिक ग्रामीणों को पानी भरने की अनुमति नहीं देता। मजबूरी में पूरा गांव इसी सरकारी कुएं पर निर्भर है。 ग्रामीणों ने शासन की नल-जल योजना पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि गांव में दो साल पहले नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई,घरों के सामने नल लगाए गए,लेकिन आज तक उन नलों में पानी नहीं आया। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार PHE विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत की गई,लेकिन किसी ने गांव की सुध नहीं ली। इस बीच मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री और PHE विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहीं संपत्तिया उइके हाल ही में बैतूल दौरे पर आई थीं। उन्होंने नल-जल योजना की जमकर तारीफ करते हुए कहा था कि सरकार हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है और जिन ठेकेदारों ने समय पर काम नहीं किया उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया है। लेकिन हरिमऊढाना गांव की जमीनी तस्वीर सरकार के इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। गांव में हालात इतने खराब हैं कि पानी की कमी के कारण लोग तीन-तीन और चार-चार दिन तक नहा भी नहीं पा रहे हैं। महिलाओं को कई किलोमीटर दूर तक पानी की तलाश में भटकना पड़ता है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि इनका अधिकतर समय पानी का जुगाड़ करने में ही निकल जाता है। एक बार फिर हरिमऊढाना के ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर से गांव में पेयजल व्यवस्था करने की मिन्नते की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इस खबर के बाद जागते हैं या फिर ग्रामीणों को यूं ही मौत के कुएं में उतरकर जिंदगी बचानी पड़ेगी। बाइट -1- काशीराम भूसुमकर,ग्रामीण बाइट -2- नानकुलाल,ग्रामीण बाइट -3- गोपाल बाइट -4- करण चढ़ोकार,समाजसेवी बाइट -5- झलकन,जनपद पंचायत सीईओ भैंसदेही बाइट -6- संपत्तियां उईके,पीएचई मंत्री
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BHU डालमिया हॉस्टल मेस खाने में छिपकली मिलने से छात्रों में भारी हंगामा

JPJai Pal4m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:BHU के डालमिया हॉस्टल में खाने की सब्जी में मिली छिपकली मचा हंगामा. दिन के भोजन के दौरान परोसी गई सब्जी की थाली में मरी हुई छिपकली तैरती हुई मिली. MES का खाना देखकर भड़के छात्र, हॉस्टल परिसर में शुरू किया विरोध प्रदर्शन. हंगामे की खबर मिलते ही मौके पर पहुंचा प्रॉक्टोरियल बोर्ड और वार्डन, छात्रों को शांत कराने की कोशिश. छात्रों का गंभीर आरोप- मेस के खाने में लगातार बरती जा रही है लापरवाही, सेहत से हो रहा खिलवाड़. अधिकारियों ने खाने के सैंपल को कब्जे में लेकर मेस संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया.
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कटिहार-पूर्णिया सीमा पर तेंदुए का आतंक: ग्रामीणों ने घेरकर मारा, तीन घायल

Katihar, Bihar:टीकापट्टी चकला बहियार में तेंदुए का आतंक, ग्रामीणों ने मार गिराया तेंदुए को तेंदुए ने दो बछड़ों और एक बकरे को बनाया शिकार, हमले में तीन लोग घायल तेंदुए का आतंक कटिहार व पूर्णियां जिला के सीमावर्ती टीकापट्टी थाना क्षेत्र के बहियार का है कटिहार व पूर्णियां जिला क्षेत्र में तेंदुए की खबर पर दोनों जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों के किसान व समाज अलर्टमड पर थे । इसी बीच सूचना मिली कि पूर्णिया जिला के टीकापट्टी थानाक्षेत्र के धूसर पंचायत के टीकापट्टी गोड़ियर मार्ग पर अवस्थित चकला बहियार में तीन दिन से आतंक फैला रहे तेंदुए को मार गिराया । प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत तीन दिनों से अचानक गांव में प्रवेश किये तेंदुए के आतंक से इलाके में दहशत फैल गई थी। लोग भय के साये में जी रहे थें । ग्रामीणों के अनुसार तेंदुए ने खेत एवं कामत क्षेत्र में घुसकर दो गाय के बच्चों तथा एक बकरे को अपना शिकार बना लिया। आखिरकार खेतों और कामत पर रहने वाले लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर काफी मशक्कत के बाद तेंदुए को मार गिराया। इस दौरान तेंदुए के हमले में तीन लोगों के घायल होने की भी सूचना सामने आ रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में जंगली जानवर देखे जाने की चर्चा हो रही थी, लेकिन बुधवार को तेंदुए के हमले के बाद लोगों में भय व्याप्त हो गया। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन के मौके पर पहुंचने की बात कही जा रही है। घायल लोगों का इलाज स्थानीय स्तर पर कराया जा रहा है। फिलहाल टिकापट्टी थाना पुलिस द्वारा द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है。
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पूर्णिया के अमौर में परमान नदी में मछुआरे की डूबकर मौत

Purnia, Bihar:पूर्णिया के अमौर में परमान नदी में डूबने से मछुआरे की मौत। मछुआरा रोजाना की तरह मंगलवार शाम नदी किनारे मछली मारने गया था, तभी तेज बारिश शुरू हो गई। फिसलन बढ़ने से मछुआरा गहरे पानी में चला गया। खोजबीन में क्रम में बुधवार सुबह बॉडी नदी में उपलाता मिला। घटना अमूर थाना क्षेत्र के मांगनपुरी गांव की है। मृतक की पहचान मांगनपुरी निवासी दिलीप महलदार के बेटे शंकर महलदार 29 के रूप में हुई है। मछुआरे की मौत के बाद से परिजनों में चीख पुकार मची है। मृतक के पिता दिलीप महलदार ने बताया कि शंकर मंगलवार शाम मछली मारने खेत पर गया था। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गयी। बारिश की वजह से नदी किनारे कीचड़ और फिसलन बढ़ गयी थी। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे परमान नदी के गहरे पानी में जा गिरा। नदी में पानी का बहाव तेज होने की वजह से वह बाहर नहीं निकल पाया और डूब गया। हरात काफी देर तक जब शंकर घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ गयी। परिवार और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन रात में कुछ पता नहीं चल सका। आज ग्रामीण नदी किनारे पहुंचे तो पानी में शव दिखा। तुरंत अमौर थाना पुलिस को सूचना दी गयी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया GMCH भेजा गया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। इधर घटना की सूचना मिलते ही सांसद पप्पू यादव के प्रतिनिधि आदिल आरजू GMCH पूर्णिया पहुंचे। परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। सांसद प्रतिनिधि ने शव के पोस्टमार्टम कराने और एंबुलेंस उपलब्ध कराने में पीड़ित परिवार की मदद की।
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Indore: IPL online betting racket busted; 8 arrested, links to Dubai surfaced

Indore, Madhya Pradesh:इंदौर क्राइम ब्रांच ने आईपीएल क्रिकेट सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हाईटेक इंटरनेशनल ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। बापजी नगर इलाके में चल रहे इस डिजिटल सट्टा रैकेट पर दबिश देकर पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी 'Premium Clients Book' नाम की वेबसाइट के जरिए आईपीएल मैचों पर प्रति गेंद और प्रति ओवर हार-जीत का दांव लगवा रहे थे। पुलिस ने मौके से लाखों रुपए के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल, लैपटॉप, डेबिट कार्ड और करोड़ों के लेनदेन से जुड़े रजिस्टर जब्त किए हैं। सूचना के आधार पर इंदौर क्राइम ब्रांच को एक मकान की पहली मंजिल पर हाईटेक तरीके से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित होने की जानकारी मिली। दबिश के बाद कमरे में बड़ी LED टीवी पर आईपीएल मैच चल रहा था, और आरोपी मोबाइल, लैपटॉप और हाई-स्पीड इंटरनेट की मदद से ऑनलाइन सट्टा बुक कर रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी इंटरनेशनल वेबसाइट के जरिए क्रिकेट और कैसीनो सट्टा चला रहे थे। मुख्य आरोपी ने टेलीग्राम के जरिए युवकों को अच्छी नौकरी का लालच देकर इंदौर बुलाया था और ग्राहकों को अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर सीक्रेट आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराते थे। मौके से 23 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 55 इंच की स्मार्ट LED टीवी, वाई-फाई राउटर, 13 डेबिट कार्ड और करोड़ों के हिसाब-किताब वाले रजिस्टर मिले हैं। पुलिस को गिरोह के तार दुबई तक जुड़े होने की आशंका है। क्राइम ब्रांच की आईपीएल सट्टे पर यह चौथी बड़ी कार्रवाई है, जिसमें अब तक 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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राजनांदगांव: दीवान झिटिया भाजपा कार्यकर्ताओं ने सामूहिक ज्ञापन सौंपा, अनदेखी से परेशान

Rajnandgaon, Chhattisgarh:एंकर। राजनांदगांव जिले के दीवान झिटिया के भाजपा कार्यकर्ता लम्बे समय से लगातार अनदेखी और उनकी शिकायतो व समस्याओ पर कोई सुनवाई न होने त्रस्त होकर आज जिला भाजपा कार्यालय पहुँचे और जिला भाजपा उपाध्यक्ष तरुण लहरवानी को सामूहिक इस्तीफा का आवेदन सौपा है। और कार्यकर्ताओ ने संगठन व्दारा उपेक्षित होने का आरोप लगाया है। इस घटना क्रम से भाजपा संगठन के कामकाजो पर गंभीर सवाल खडा कर दिया है। राजनांदगांव जिले के दीवान झिटिया के 40-50 की संख्या मे भाजपा कार्यकर्ता जिला भाजपा कार्यालय पहुचे और नारेबाजी करते हुए जिला भाजपा उपाध्यक्ष को अपना सामुहिक ईस्तीफा का आवेदन सौपा है। कार्यकर्ताओ ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी की अनदेखी उपेक्षा और भष्ट्राचार के मामले मे त्वरित कार्यवाही न होने, उनकी मांगो की सुनवाई नही होने से कार्यकर्ता त्रस्त है और संगठन से उपेक्षा का शिकार हो रहे है जिससे कार्यकर्ताओ मे नाराजगी बनी हुई है जिसके चलते कार्यकर्ताओ ने सामूहिक ईस्तीफे का मन बनाया है और अपना सामूहिक ईस्तीफा सौपा है। इधर जिला भाजपा उपाध्यक्ष तरुण लहरवानी ने कहा कि दीवान झीटिया के भाजपा कार्यकर्ताओ ने सामूहिक रुप से ईस्तीफा नही दिया है बल्कि अपनी मांगो और समस्याओ का ज्ञापन सौपा है। उन्हें कहा कि उनकी मांगो और समस्या का ज्ञापन संगठन को भेजा जायेगा और इनकी समस्या का तत्त्वरित निराकरण किया जायेगा
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बहराइच में बकरीद: DM-SP ने सुरक्षा के कड़े निर्देश जारी कर दिए

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच से बड़ी ख़बर, बक़रीद के त्योहार को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट. घण्टाघर चौक से लेकर शहर के तमाम संवेदनशील इलाकों में DM और SP ने दल बल के साथ गश्त, अराजक तत्वों पर शिकंजा कसने व आवाम को सुरक्षित माहौल देने के लिये DM और SP ने दिये शख़्त निर्देश. बक़रीद के अवसर पर खुले में कुर्बानी और सड़क पर नमाज़ न पढ़ने के DM और SP ने दिये कड़े निर्देश, कहा परम्पराओं से हटकर न करें कोई गलत काम. नियमो के दायरे में सुरक्षित वातावरण में मनायें बक़रीद का त्योहार. किसी भी प्रतिबन्धित जानवर की न करें कुर्बानी, कंट्रोल रूम से CCTV और ड्रोन के जरिये की जा रही बक़रीद पर कड़ी निगरानी. बाइट DM अक्षय त्रिपाठी, बाइट SP विश्वजीत श्रीवास्तव,
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ED का IPL सट्टेबाजी रैकेट पर छापा: असम-दिल्ली में नकद 13 लाख और गाड़ियाँ जब्त

New Delhi, Delhi:EDने IPL क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए असम और दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई 26 मई 2026 की रात शुरू हुई और पूरी रात चली। ED की टीम ने गुवाहाटी, तिनसुकिया और नई दिल्ली में कई ठिकानों पर छापे मारे। जांच मनी लॉन्ड्रिंग कानून PMLA के तहत की जा رہی है। यह मामला गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुआ था। इसमें दीपेश बजोरिया, रोनक बजोरिया, राजेश जैन और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। बाद में तिनसुकिया पुलिस स्टेशन में दर्ज दो और FIR को भी जांच में शामिल किया गया। ED की जांच में सामने आया है कि आरोपी IPL मैचों पर बड़े स्तर पर अवैध सट्टेबाजी चला रहे थे। इसके लिए मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता था। इसके अलावा विदेश में चल रहे ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म से भी जुड़ाव पाया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक सट्टे का पैसा नकद और ऑनलाइन दोनों तरीकों से लिया और भेजा जाता था। बाद में इस पैसे को अलग-अलग खातों और लोगों के जरिए घुमाकर साफ पैसे की तरह दिखाने की कोशिश की जाती थी। ED ने दीपेश बजोरिया, रोनक बजोरिया, राजेश जैन, विकास अग्रवाल, सुप्रित बिस्वास, बिकाश बेरिया, नितिन बेरिया और दुर्गा प्रसाद बेरिया के घरों पर छापे मारे। गुवाहाटी में Roycee नाम के एक कारोबारी ठिकाने पर भी कार्रवाई हुई, जिसे पहले Playboy नाम से जाना जाता था। छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। इनमें सट्टेबाजी के लेन-देन, कोड वर्ड में हुई बातचीत और पैसों के ट्रांजैक्शन से जुड़े रिकॉर्ड मिले हैं। ED को छापों में 13 लाख रुपये नकद भी मिले हैं। इसके अलावा तीन लग्जरी गाड़ियाँ भी जब्त की गई हैं। इनमें एक मर्सिडीज-बेंज, एक एमजी हेक्टर और एक टोयोटा फॉर्च्यूनर शामिल है। एजेंसी को शक है कि ये गाड़ियाँ सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों से खरीदी गई थीं। ED ने कई बैंक खातों को भी फ्रीज किया है, जिनका इस्तेमाल सट्टेबाजी और पैसों के लेन-देन में किया जा रहा था।
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ED ने Parimatch पर कार्रवाई: महाराष्ट्र यूपी 17 ठिकानों पर छापे, 112 करोड़ फ्रीज़

New Delhi, Delhi:*ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप Parimatch पर ED की बड़ी कार्रवाई, 17 ठिकानों पर छापे।* ED ने ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म Parimatch के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, दमन और उत्तर प्रदेश में 17 जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून PMLA के तहत की गई。 छापों के दौरान करीब 1.56 करोड़ रुपये की चल संपत्ति जब्त की गई है। इसमें लगभग 1.2 करोड़ रुपये नकद शामिल हैं। इसके अलावा अलग-अलग बैंक खातों में पड़े करीब 3.8 करोड़ रुपये भी फ्रीज किए गए हैं। जांच के दौरान कई जरूरी दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं。 यह जांच मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। आरोप है कि Parimatch नाम के ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म ने लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर ठगी की। ED के मुताबिक अब तक की जांच में पता चला है कि इस प्लेटफॉर्म ने एक साल में करीब 3000 करोड़ रुपये का कारोबार किया। जांच में सामने आया है कि Parimatch और उससे जुड़े लोगों ने पैसों के लेन-देन को छिपाने के लिए कई फर्जी बैंक खाते, पेमेंट एजन्ट और दूसरी कंपनियों का इस्तेमाल किया। कई बार यूजर्स को पैसे लौटाने के लिए सीधे कंपनी के खाते से भुगतान नहीं किया जाता था। इसके बजाय दूसरे यूजर्स के जमा किए गए पैसे अलग-अलग हिस्सों में ट्रांसफर कर दिए जाते थे, ताकि असली पैसों का रास्ता छिपाया जा सके। ED के मुताबिक सॉफ्टवेयर, फिनटेक और टेक्नोलॉजी कंपनियों के नाम पर खुले कई चालू खातों का इस्तेमाल भी इस काम में किया गया। इन खातों के जरिए यूजर्स के पैसे जमा किए जाते थे और उन्हें बिजनेस पेमेंट या पेमेंट गेटवे सेवा के नाम पर आगे भेजा जाता था। जांच में यह भी पता चला है कि बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट नेटवर्क, ग्राहक सेवा केंद्र, मोबाइल मनी ट्रांसफर एजेंट, किराना दुकानों और कैश मैनेजमेंट सेवाओं का इस्तेमाल भी किया गया। आरोप है कि इन माध्यमों से सट्टेबाजी से जुड़े पैसों का लेन-देन किया जाता था। ED के मुताबिक कुछ एजेंट नकद रकम को हवाला के जरिए विदेश भी भेज रहे थे। जाँच एजेंसी के अनुसार Parimatch ने अपने प्लेटफॉर्म का प्रचार Parimatch Sports और Parimatch News जैसे नामों से किया। कंपनी ने देश के 15 से ज्यादा राज्यों में लोकल क्रिकेट लीग, हॉकी और फुटबॉल टूर्नामेंट को स्पॉन्सर भी किया。 जाँच में यह भी सामने आया कि क्विक कॉमर्स एप्स के जरिए भी Parimatch का प्रचार किया जा रहा था। किराने के सामान की डिलीवरी के साथ प्रचार सामग्री भेजी जाती थी ताकि ज्यादा से ज्यादा नए यूजर्स जोड़े जा सकें। ED के मुताबिक इस मामले में अब तक कुल 112 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है।
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ED ने गोवा क्लब Birch by Romeo Lane 11 करोड़ अटैच, फर्जी दस्तावेज़ उजागर

New Delhi, Delhi:*गोवा के “Birch by Romeo Lane” क्लब पर ED की बड़ी कार्रवाई, 11 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच* गोवा में चर्चित क्लब “Birch by Romeo Lane” के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के पणजी ज़ोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत करीब 11.01 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई क्लब के अवैध संचालन और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ी जांच के तहत की गई है। मामला गोवा के अर्पोरा इलाके में स्थित “Birch by Romeo Lane” क्लब से जुड़ा है, जहां 6 दिसंबर 2025 को भीषण आग लगने की घटना हुई थी। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। इस मामले में गोवा पुलिस के अंजुना और मापुसा पुलिस स्टेशन में सौरभ लूथरा समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। ED की जांच में सामने आया कि यह क्लब बिना जरूरी सरकारी मंजूरियों के चलाया जा रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, क्लब संचालक कंपनी M/s Being GS Hospitality Goa Arpora LLP ने लाइसेंस हासिल करने के लिए फर्जी और मनगढ़ंत दस्तावेज जमा किए थे। इनमें नकली हेल्थ NOC और फर्जी पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट भी शामिल थे। जांच में यह भी पता चला कि क्लब का ट्रेड लाइसेंस 31 मार्च 2024 को ही खत्म हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद क्लब लगातार चलता रहा। इतना ही नहीं, क्लब के पास जरूरी फायर NOC भी नहीं थी। ED के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 से लेकर 6 दिसंबर 2025 तक इस क्लब ने करीब 29.78 करोड़ रुपये की कमाई की, जिसे एजेंसी ने “अपराध से अर्जित आय” यानी Proceeds of Crime माना है। इससे पहले 23 जनवरी 2026 को ED ने इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए थे और करीब 59 लाख रुपये के बैंक खाते फ्रीज किए गए थे। ED ने बताया कि इससे पहले भी इस केस में करीब 17.45 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। ताजा कार्रवाई के बाद अब तक कुल 29.05 करोड़ रुपये की संपत्तियां और रकम अटैच या फ्रीज की जा चुकी है。
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ED ने मदनपुर कब्जे मामले में चार्जशीट दाखिल; 47.76 करोड़ अवैध आय का खुलासा

New Delhi, Delhi:ED ने दिल्ली के मदनपुर खादर इलाके में जमीन कब्जाने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में PMLA कोर्ट, साकेत में चार्जशीट दाखिल की। इस केस में M/s Tarbia Education Foundation, जवाद अहमद सिद्दीकी, विनोद कुमार और श्रीओम चौहान को आरोपी बनाया गया है। ED पहले ही जांच के दौरान इन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ED ने यह जांच दिल्ली पुलिस की FIR के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि मदनपुर खादर गांव की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने नाम कराया गया। इसके लिए नकली पावर ऑफ अटॉर्नी और दूसरे कागज तैयार किए गए。 जांच में सामने आया कि जिस पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर जमीन ट्रांसफर की गई, उस पर 7 जनवरी 2004 की तारीख थी। लेकिन जिन असल जमीन मालिकों के नाम पर ये दस्तावेज बनाए गए थे, उनमें से कई लोगों की मौत 2004 से कई साल पहले ही हो चुकी थी। ED के मुताबिक जवाद अहमद सिद्दीकी और उसके साथियों ने मिलकर जमीन मालिकों के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान तैयार किए ताकि जमीन पर अवैध कब्जा किया जा सके。 ED ने जांच में पाया कि ये फर्जी दस्तावेज असल में साल 2012-13 में तैयार किए गए थे, ठीक उस समय जब जमीन को Tarbia Education Foundation के नाम ट्रांसफर किया गया। ED के मुताबिक आरोपियों ने बैंक लेन-देन का दिखावा करके इस जमीन सौदे को असली और कानूनी साबित करने की कोशिश की। जांच में भारी नकद लेन-देन का भी पता चला है। ED के मुताबिक इस पूरे मामले में करीब 47.76 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई। एजेंसी ने करीब 45.84 करोड़ रुपये कीमत वाली जमीन भी जब्त कर ली है, जिस पर आरोपियों का कब्जा था।
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