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Rajendra MalviyaRajendra MalviyaFollow9 May 2025, 06:41 am
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जिलाधिकारी ने तहसील सिरसागंज का निरीक्षण किया शिकायतकर्ता टेलिफोनिक वार्ता कर उनकी शिकायतों दूर करी

Ashwani SharmaAshwani SharmaFollow1m ago
Firozabad, Uttar Pradesh:फिरोजाबाद जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने आज तहसील सिरसागंज का औचक निरीक्षण किया, इस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड रूम, संग्रह, अभिलेखागार और कानूनगो रजिस्टर की गहन जांच की, इस दौरान जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं से टेलिफोनिक वार्ता कर उनकी शिकायतों का निस्तारण हुआ या नहीं हुआ, इसकी जानकारी ली, निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर की दीवारों पर जगह-जगह पान-तंबाकू खाकर थूके जाने पर जिलाधिकारी ने अत्यंत नाराजगी की व्यक्त की उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि परिसर में इस तरह की हरकत करने वालों को चिन्हित कर उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए और परिसर को पूरी तरह साफ-सुथरा रखा जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिकायत रजिस्टर का अवलोकन किया, जिन शिकायतों का निस्तारण पूर्ण दिखाया गया था, उनकी जमीनी हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी ने खुद शिकायतकर्ताओं से सीधी फोन पर वार्ता की, की सर्वप्रथम उन्होंने सुनीता देवी से वार्ता की और यह जानना चाहा की खतौनी में नाम दर्ज करने की जो शिकायत की थी, वह कार्य हुआ है या नहीं, जिस पर सुनीता देवी ने बताया कि उनका काम पूरी तरीके से हो चुका है, इसी तरह विनय कुमार और रचना देवी ने राशन कार्ड बनने को लेकर शिकायत की थी इन दोनों लोगों ने जिलाधिकारी को भी अवगत कराया कि इनका राशन कार्ड बन चुके हैं। *परंतु दूरभाष पर वार्ता के दौरान जब जिलाधिकारी ने गोपाल नामक शिकायतकर्ता से अवैध कब्जे के संबंध में पूछा तो उन्होंने बताया कि मौके से अभी तक अवैध कब्जा नहीं हटा है, कागजी निस्तारण के विपरीत जमीनी हकीकत कुछ और पाए जाने पर जिलाधिकारी अत्यंत नाराज हो गए, उन्होंने इस घोर लापरवाही के लिए संबंधित राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को तत्काल प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सिरसागंज को निर्देशित किया की तहसील में आने वाले सभी मामलों और किए गए निस्तारण का अनिवार्य रूप से क्रॉस चेकिंग की जाए, ताकि कार्याें की गुणवत्ता निखर कर सामने आए।
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विवाहिता से एक तरफा प्यार में पागल रिश्ते के देवर ने प्यार में बाधक मासूम की पटक पटक कर की हत्य

Ashwani SharmaAshwani SharmaFollow7m ago
Firozabad, Uttar Pradesh:फिरोजाबाद विवाहिता से एक तरफा प्यार में पागल रिश्ते के देवर ने प्यार में बाधक मासूम की पटक पटक कर की हत्य शिकोहाबाद यादव कॉलोनी में शनिवार दोपहर बाद एक एक युवक द्वारा एक तीन वर्षीय मासूम बालक को चॉकलेट दिलाने के बहाने घर से बाहर सड़क पर पटक पटक कर मार डाला गया। आरोपी बदायूं का निवासी बताया जाता है जो रिश्ते की भाभी के प्यार में पागल था प्यार में बाधक बन रहे मासूम की शिकोहाबाद आकर हत्या कर फरार हो गया घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है पुलिस आरोपी की तलाश मैं सक्रिय हो गई है।
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रायबरेली के सब्जी मंडी में भीषण आग, लाखों का कपड़ा राख हो गया

Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली शहर कोतवाली क्षेत्र के सब्जी मंडी में शनिवार को देर शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब रशीद कपड़े वाले की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही दुकान से काले धुएं का गुबार उठने लगा और देखते ही देखते लपटों ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग में लाखों रुपये का कपड़ा और अन्य सामान जलकर खाक हो गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।
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नर्मदापुरम की आइसक्रीम फैक्ट्री पर खाद्य विभाग का बड़ा छापा; 12 नमूने भेजे

Narmadapuram, Madhya Pradesh:नर्मदापुरम में आइसक्रीम फैक्ट्रियों पर खाद्य विभाग का बड़ा छापा 12 नमूने जब्त, कई अनियमितताएं उजागर नर्मदापुरम- ग्रीष्म ऋतु में बढ़ती आइसक्रीम की मांग के बीच खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन भोपाल द्वारा गठित संभागीय उड़नदस्ता एवं स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने नर्मदापुरम जिले की आइसक्रीम फैक्ट्रियों पर औचक निरीक्षण कर हड़कंप मचा दिया। निरीक्षण में लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन और अन्य अनियमितताएं सामने आने पर प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नोटिस जारी किए गए। विओं01- टीम ने जांच के दौरान आइसक्रीम,आइस कैंडी,साइट्रिक एसिड, मिल्क पाउडर एवं विभिन्न फ्लेवर सहित 7 नमूने लिए। वहीं ऑरेंज लॉली, नारियल बूरा, साइट्रिक एसिड, वेजिटेबल फैट समेत 5 नमूनें संग्रहित किए गए। कुल 12 नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिले भर में इस प्रकार की जांच एवं छापामार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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रोहट के गाजनगढ़ में बाड़े की आग दमकल ने काबू पाया

Pali, Rajasthan:रोहट (पाली) के गाजनगढ़ गांव में अज्ञात कारणों से बाड़े में आग लग गई। आग लगने से वेलाराम पुत्र गिरधारीराम पटेल के बाड़े में रखा 6 ट्रोली चारा, ज्वार और लकड़ियां जलकर राख हो गईं। तेज आंधी के बीच आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। सूचना के तीन घंटे बाद मौके पर दमकल गाड़ी पहुंची। गनीमत रही कि बाड़े के चारों तरफ पक्की चारदीवारी से आग गांव में नहीं फैली, अन्यथा पूरा गांव चढ़ जाता आग की भेंट। आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया। रोहट थाना क्षेत्र के गाजनगढ़ गांव की घटना।
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ड्रव्यवती परियोजना पर बैठक में अफसरों की गैरमौजूदगी पर BJP नेताओं का तीखा हमला

Jaipur, Rajasthan:Anchor--द्रव्यवती नदी परियोजना को लेकर जयपुर कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब बैठक में कलेक्टर, जेडीसी और नगर निगम आयुक्त की अनुपस्थिति पर भाजपा सांसदों और विधायकों ने कड़ी नाराजगी जताई। जनप्रतिनिधियों ने इसे अफसरशाही का गलत रवैया बताते हुए ब्यूरोक्रेसी की कार्यशैली पर सवाल उठाए। जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह ने बैठक में अफसरों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सांसद और विधायक जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और उनका प्रोटोकॉल भी निर्धारित है। उन्होंने कहा कि बैठक जनप्रतिनिधियों ने नहीं, बल्कि प्रशासन की ओर से बुलाई गई थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं हुए, जो जनप्रतिनिधियों के प्रति गलत मानसिकता को दर्शाता है। राव राजेंद्र सिंह ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने लगें तो अधिकारियों को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो विशेषाधिकार हनन जैसे मुद्दों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि द्रव्यवती परियोजना पर कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की गंभीरता दिखाई नहीं देती। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को द्रव्यवती परियोजना से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अधिकारियों को द्रव्यवती नहीं, केवल "द्रव्य" यानी पैसे से मतलब है। शर्मा ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की राय नहीं ली जाती और प्रशासन मनमाने तरीके से काम कर रहा है। विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि द्रव्यवती जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बैठक बुलाई गई, लेकिन वरिष्ठ अधिकारी छुट्टी पर चले गए। जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने भी अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बैठक बुलाकर स्वयं उपस्थित नहीं होना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया जाएगा। जानकारी के अनुसार द्रव्यवती परियोजना को लेकर आयोजित बैठक में कलेक्टर संदेश नायक करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे, जबकि सांसद और विधायक समय पर मौजूद थे। वहीं जयपुर विकास आयुक्त (जेडीसी) और नगर निगम आयुक्त बैठक में नहीं पहुंचे तथा उनकी जगह जूनियर अधिकारियों को भेजा गया। इसी बात को लेकर जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई।
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गोरखपुर में जाम रोकने को प्रशासन ने रोडवेज की 8 बसें सीज कर दीं

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में लगातार लग रहे जाम को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। जिसके बाद कैंट पुलिस ने सड़क पर खड़ी राज्य सड़क परिवहन निगम की अनुबंधित व रोडवेज की कुल 7 बसों को सीज कर दिया। बस स्टेशन के बाहर सड़क पर खड़ी रोडवेज बसों के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायतों के बाद डीएम और एसएसपी ने खुद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि अब सड़क पर बस खड़ी कर सवारी भरने या उतारने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गोरखपुर शहर में बढ़ती यातायात समस्या और लगातार मिल रही जाम की शिकायतों के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कैंट थाने की पुलिस ने रात में सड़क किनारे खड़ी रोडवेज की सात बसों को सीज कर दिया। ये बसें रोडवेज बस स्टेशन के बाहर सड़क पर खड़ी होकर यातायात को बाधित कर रही थीं, जिससे रोजाना जाम की स्थिति बन रही थी। जाम की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डॉ. कौस्तुभ स्वयं रोडवेज बस स्टेशन पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने बस स्टेशन और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई रोडवेज बसें बस स्टेशन परिसर के बजाय सड़क किनारे खड़ी की जा रही थीं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रोडवेज अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि सभी बसों को बस स्टेशन परिसर के अंदर ही खड़ा किया जाए। सड़क पर बस खड़ी कर यात्रियों को बैठाने या उतारने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इससे न केवल जाम लगता है बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में सड़क पर बस खड़ी कर यातायात बाधित किया गया तो और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राहत की उम्मीद जताई है। लोगों का कहना है कि यदि नियमों का सख्ती से पालन कराया गया तो बस स्टेशन के आसपास लगने वाले जाम से काफी हद तक निजात मिल सकेगी। तथा “सड़क पर बस खड़ी कर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सभी बसों को निर्धारित परिसर के अंदर ही खड़ा किया जाएगा।” गोरखपुर में जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन अब एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। सड़क पर खड़ी आठ रोडवेज बसों को सीज कर प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है कि यातायात व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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जैकलीन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस: कोर्ट ने आरोप तय किए

Noida, Uttar Pradesh:*जैकलीन पर चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा! कोर्ट ने क्यों तय किए आरोप* सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को अब मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। पटियाला हाउस कोर्ट ने जैकलीन फर्नांडिस, सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और 14 अन्य लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि उसके समक्ष रखे गए तथ्यों और सबूतों के आधार पर पहली नजर में सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर संदेह पैदा होता है कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध को अंजाम दिया। जेल में रहकर सुकेश चला रहा था आपराधिक सिंडिकेट सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि वह जेल में रहते हुए भी एक बड़ा आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के रूप में पेश करता था। नकली फोन कॉल, फर्जी पहचान और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ठगी से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल महंगी संपत्तियां खरीदने, लग्जरी गाड़ियां लेने और कीमती उपहार देने में किया गया। ईडी का आरोप है कि उगाही से कमाए गए इस पैसे को छिपाने के लिए उसने कई बैंक खातों, हवाला नेटवर्क, नकद लेन-देन और फर्जी कंपनियों के जरिए इधर-उधर भेजा जैकलीन की भूमिका क्या है!* ईडी ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया था कि सुकेश चंद्रशेखर ने उगाही और अन्य अपराधों से अर्जित धन से जैकलीन फर्नांडिस को करीब 5 करोड़ 71 लाख रुपये के महंगे उपहार दिए। जैकलीन तक ये उपहार पहुंचाने के लिए सुकेश ने अपनी सहयोगी पिंकी ईरानी की मदद ली थी。 सुकेश से जैकलीन को मिले महंगे गिफ्ट* ईडी के मुताबिक, सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक अतीत की जानकारी होने के बावजूद जैकलीन ने उससे महंगे गिफ्ट और आभूषण स्वीकार किए। एजेंसी का दावा था कि जैकलीन ने जानबूझकर सुकेश के आपराधिक रिकॉर्ड को नजरअंदाज किया और उसके साथ आर्थिक लेन-देन जारी रखा। ईडी का यह भी कहना है कि केवल जैकलीन ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और रिश्तेदारों ने भी आर्थिक लाभ उठाया। जांच एजेंसी के अनुसार, जैकलीन ने उसे मिले उपहारों को लेकर अपने बयान कई बार बदले। जब सबूतों के साथ उसका सामना कराया गया, तब उसने तथ्यों को स्वीकार किया। ईडी की चार्जशीट के मुताबिक, जैकलीन की 7 करोड़ 12 लाख रुपये की संपत्ति अटैच की गई है। दो जांच एजेंसियां कर रही हैं जांच* सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच दो एजेंसियां कर रही हैं। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने MCOCA के तहत विभिन्न आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की ED) कर रही है। दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज मामले में जैकलीन को आरोपी नहीं बनाया गया था, लेकिन ईडी की ओर से दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उन्हें आरोपी बनाया गया। MCOCA केस में सुकेश समेत 19 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय* दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से दर्ज मामले में कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और 17 अन्य आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं, आईटी एक्ट और महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने तीन अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय करने का भी आदेश दिया है。
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