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अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में रोबोट सर्जरी पहली बार सरकारी अस्पताल में

Ajmer, Rajasthan:अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में अब जटिलतम और दुर्लभ ऑपरेशन रोबोट के जरिए सम्पन्न होंगे.. संभवतः प्रदेश में पहला ऐसा सरकारी अस्पताल होगा जहां इंसानी दिमाक के साथ मशीनी दिनांक शल्य kriयाओं को सफलता से संपन्न की जाएगी... साथ ही रोबोट मेडिकल साइंस और विषय से संबंधित चिकित्सकों को जानकारी भी उपलब्ध करवाएगा.. अस्पताल के एल्युमिनाई और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के अथक प्रयासों से अजमेर संभाग के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल को नवाचार में शामिल किया गया है..अस्पताल नियंत्रक और जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाक्टर अनिल सामरिया ने बताया कि पद्धति का व्यापक प्रभाव जल्द ही दिखाई देगा.. जहां रोबोट सर्जरी की कवायद पूर्ण होगी।
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बेगूसराय में सैलून संचालक की हत्या: प्रेम संबंध के आरोप, पोस्टमार्टम से सच

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय से इस वक्त की बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहाँ एक सैलून संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए अवैध संबंध को लेकर साजिश रचकर हत्या करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि युवक का एक महिला से पिछले दो वर्षों से संबंध था और इसी वजह से उसकी हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया। मामला लाखो थाना क्षेत्र के राम टोला वार्ड नंबर-12 का है। मृतक की पहचान राजेश ठाकुर के रूप में की गई है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पूरे मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि राजेश ठाकुर रमजानपुर धबौली पटेल चौक के पास पिछले पांच वर्षों से सैलून चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बुधवार की सुबह उसकी मौत की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने जब दुकान के अंदर का दृश्य देखा तो उनके होश उड़ गए। परिजनों का आरोप है कि दुकान के पीछे का हिस्सा टूटा हुआ था और राजेश की मौत काफी पहले ही हो चुकी थी। उनका कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। घटना की सूचना मिलते ही लाखो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब परिजनों ने हत्या के पीछे अवैध संबंध का एंगल सामने रखा। परिवार का आरोप है कि सैलून के बगल में चाय दुकान चलाने वाली एक महिला से राजेश ठाकुर का पिछले दो वर्षों से संबंध था। इस बात को लेकर पहले भी कई बार विवाद और मारपीट हो चुकी थी। परिजनों का दावा है कि महिला के पति और बेटे ने पहले भी राजेश के साथ मारपीट की थी और लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। उनका आरोप है कि इसी विवाद में राजेश की हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सचमुच आत्महत्या है या फिर अवैध संबंध के विवाद में रची गई एक खौफनाक साजिश? इसका जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
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बोकारो के चार ग्रामों में भारी वाहनों से जनजीवन प्रभावित, ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू किया

Bokaro Steel City, Jharkhand:Bokaro के बोदरोटॉड़ समेत चार ग्राम में भारी वाहनों के परिचालन से जनजीवन प्रभावित, ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू किया. बोकारो के तुपकाडीह में आदिवासी बहुल्य क्षेत्रों बोदरोटॉड़, झिकलोपा, बरुवाटाँड़ और डुंगरीघुदू के निवासियों ने जिलाधिकारी और संबंधित कम्पनी प्रबंधन के सुस्त रवैये के खिलाफ आज सड़क पर आवाज बुलंद की। ग्रामीणों का आरोप है कि टीसी एसजीपी गेट से तुपकाडीह नहर मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन से स्थानीय जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बावजूद इसके प्रशासन ने गत 17 अप्रैल 2026 को दिए गए आवेदन पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि बिना तिरपाल की ढकी हुई भारी स्लैग लदी गाड़ियों से सड़क पर गिरते बोल्डर और बड़े- बड़े गड्ढे खतरे का कारण बन गए हैं। टूट-फूट और जर्जर सड़क का असर रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा है। खासकर स्कूली बच्चे, मजदूर और बुजुर्गों का आवागमन दुष्कर हो गया है और आए दिन चोटिल होने की घटनाएँ बढ़ रही हैं। आंदोलनकारी ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने 17 अप्रैल को जिला प्रशासन तथा बीएसएल प्रबंधन को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गयी। नाराज़ ग्रामीणों ने आज कंपनी द्वारा संचालित स्लैग लाइन से जुड़ी भारी वाहनों का परिचालन अनिश्चितकालीन तौर पर बंद कर दिया है। प्रदर्शनकारी साफ़ शब्दों में कह रहे हैं कि यदि इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना या काम में बाधा उत्पन्न होती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं संबंधित कंपनियों की होगी। स्थानीय लोगों की मुख्य मांगे रही जिसमें नहर मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाई जाय सहित अन्य मांगे रखी गई।
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चक्रधरपुर-सोनुआ मार्ग पर बस की टक्कर: तीन युवकों की दर्दनाक मौत

Chaibasa, Jharkhand:चक्रधरपुर-सोनुआ मुख्य मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, बस की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत गम्हरिया से मजदूरी कर लौटे थे युवक, दोस्त को छोड़ने जाते समय हुआ हादसा पश्चिम सिंहभूम के चक्रधरपुर-सोनुआ मुख्य मार्ग पर कॉन्सेप्ट पब्लिक स्कूल के पास शुक्रवार शाम करीब 5 बजे भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार चेलाबेड़ा गांव निवासी अमिन नायक उर्फ कृष्णा अपने दोस्तों तोयरा गांव निवासी गणेश नायक और श्यामलाल के साथ बाइक (जेएच 06 यू 8103) से सोनुआ की ओर जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही साईं रथ बस (जेएच 22 एफ 4775) ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कृष्णा नायक और उसके एक दोस्त की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल तीसरे युवक ने इलाज के दौरान चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। मृतक कृष्णा के पिता मोनो नायक ने बताया कि तीनों युवक गम्हरिया स्थित फैक्ट्री में काम करते थे और शुक्रवार को ही घर लौटे थे। कृष्णा अपने दोस्तों को बाइक से उनके गांव छोड़ने जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है。 कई सड़कें बन चुकी हैं दुर्घटना जोन चक्रधरपुर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। सोनुआ रोड, टोकलो रोड, बांझीकुसूम-केरा रोड, पोटका, कुसूमकुंज मोड़, आसनतलिया और शर्मा होटल के आसपास का क्षेत्र दुर्घटना जोन बनता जा रहा है।
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कुआं में गिरे युवक का रेस्क्यू: घंटों की मशक्कत के बाद जान बची

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी जिले के मंझनपुर कस्बे में उस समय हड़कंप मच गया, जब राजू नाम का एक युवक अचानक फिसलकर कुएं में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मामला मंझनपुर थाना क्षेत्र के मंझनपुर कस्बा स्थित नया नगर मोहल्ले का है, जहां राजू नाम का युवक अचानक पैर फिसलने से कुएं में जा गिरा। युवक के कुएं में गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी प्रयास के बाद टीम ने युवक को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाल लिया। युवक घायल अवस्था में था, जिसे तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। समय रहते रेस्क्यू होने से युवक की जान बच गई। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है।
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उत्तराखंड में इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए मिनिमम वेज 13,018 रुपये तय

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून, उत्तराखंड: उत्तराखंड के लेबर कमिश्नर प्रकाश चंद्र दुमका कहते हैं, "लेबर डिपार्टमेंट हमेशा उत्तराखंड के वर्कर्स की ज़रूरतों को लेकर सेंसिटिव रहा है। अप्रैल में, हमने इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज़ के लिए मिनिमम वेज अनाउंस किया, जो एक माइलस्टोन है, क्योंकि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पहली बार ऐसी वेज अनाउंस की गई हैं। इसके अलावा, 2024 में नॉन-इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए अनाउंस की गई मिनिमम वेज के बारे में, हमने हाई कोर्ट में एक मज़बूत लीगल डिफेंस पेश किया; इस असरदार एडवोकेसी के बाद, वर्कर्स के पक्ष में फैसला आया। हमने अप्रैल 2026 से इन रिवाइज्ड वेज को लागू भी कर दिया है। इस तरह, अप्रैल 2026 में, हमने इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग दोनों सेक्टर्स के लिए मिनिमम वेज अनाउंस किया; इसके अलावा, नॉन-इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए, हमने वेरिएबल डियरनेस अलाउंस (VDA) भी अनाउंस किया। इस VDA के अनाउंसमेंट के साथ, उत्तराखंड में मिनिमम वेज अब हमारे पड़ोसी राज्यों की तुलना में ज़्यादा हो गई है। हमने उत्तराखंड में मिनिमम वेज ₹13,018 अनाउंस किया है। अगर कोई इंडस्ट्री लेबर कानूनों को तोड़ती है—चाहे किसी भी इंडस्ट्री द्वारा मनमाने ढंग से काम के घंटे बदलना, डबल रेट पर ओवरटाइम सैलरी न देना, या दूसरे मंज़ूर फ़ायदों से मना करना—हम उनकी तरफ़ से एक्शन लेने के लिए तैयार हैं। मेरे साथी वर्कर्स से मेरी एक रिक्वेस्ट है। मैं उनसे अपील करता हूँ कि वे याद रखें कि रोज़गार तभी तक है जब तक इंडस्ट्रीज़ हैं। इंडस्ट्रीज़ और वर्कर्स के बीच तालमेल बनाए रखना ज़रूरी है। ₹20,000 मिनिमम सैलरी देने का ऐसा कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं किया गया है...
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