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Harda461331

छिदगांव में एसएमएस बायोफ्यूल कंपनी का विरोध जारी

Sept 19, 2024 01:43:24
Harda, Madhya Pradesh

हरदा जिले की टिमरनी तहसील अंतर्गत ग्राम छिदगांव में स्थित एसएमएस बायोफ्यूल कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध जारी है। स्थानीय लोग पिछले कुछ दिनों से फैक्ट्री के संचालन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कंपनी के कारण होने वाले संभावित प्रभावों के खिलाफ अपनी चिंताओं को उजागर किया है और इस मुद्दे को लेकर स्थानीय प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

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DDDeepak Dwivedi
Feb 19, 2026 18:00:41
Gwalior, Bhopal, Madhya Pradesh:आगामी वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति के संबंध में कैबिनेट द्वारा मुख्य रूप से निम्न निर्णय लिये गये 1. मदिरा दुकानों के नर्मदा के तट से 5 किलोमीटर की दूरी के प्रतिबन्ध को यथावत रखा गया है। 2. पवित्र नगरों में मदिरा दुकानों के प्रतिबंध को यथावत रखा गया है। 3. कोई भी नवीन मदिरा दुकान नहीं खोले जाने का निर्णय लिया गया है। 4. मदिरा दुकानों के अहाते नहीं खोले जाएँगे, उन्हें पूर्ववत बंद रखा जाएगा। 5. मदिरा दुकानों के नवीनीकरण का विकल्प समाप्त कर दिया गया है। 6. अब समस्त 3553 मदिरा दुकानों का निष्पादन ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। 7. ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए मदिरा दुकानों का आरक्षित मूल्य, वर्तमान वर्ष के मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर निर्धारित किया जाएगा। 8. ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए मदिरा दुकानों के समूह बनाये जाएँगे. अधिकतम 05 मदिरा दुकानों का एक समूह बनाया जा सकेगा। 9. आरक्षित मूल्य के आधार पर, जिले के समूह को तीन-चार बैच में वर्गीकृत किया जाएगा। 10. बैच के आधार पर तीन-चार चरण में ई-टेंडर और ई-ऑक्शन की कार्यवाही की जाएगी। 11. जालसाजी की आशंकाओं को समाप्त करने के लिए प्रतिभूति राशि के रूप में सिर्फ ई-चालान/ई-बैंक गारंटी ही मान्य की जाएगी। साधारण बैंक गारंटी एवं सावधि जमा (FD) मान्य नहीं होगी। 12. मदिरा की ड्यूटी दरें, विनिर्माण इकाई, बार आदि की लाइसेंस फीस यथावत रखी है。 13. निर्यात प्रोत्साहन एवं ईज ऑफ डूइंग बिज़नस को दृष्टिगत रखते हुए निम्नानुसार प्रावधान किये गये हैं :- मदिरा के विनिर्माताओं को पूर्व वर्षों की तरह अपने उत्पाद की कीमत के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है। विनिर्माता पोर्टल पर निर्धारित व्यवस्था अनुसार अपने उत्पाद की कीमत घोषित कर सकेंगे。 देश के बाहर मदिरा के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए फीस में संशोधन, लेबल पंजीयन में सरलीकरण आदि प्रावधानित किया गया है। प्रदेश के जनजातीय स्व-सहायता समूहों के द्वारा महुआ से निर्मित मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी मुक्त कराने के लिए उनके राज्यों की हेरिटेज अथवा विशेष मदिरा को प्रदेश में ड्यूटी फ्री करने का प्रावधान किया गया।
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G1GULSHAN 1
Feb 19, 2026 18:00:26
Jind, Haryana:घर से 200 रुपए झगड़ कर रैली में सीएम सैनी से मिलने गया था घसो का सोनू सोनू ने हेलिकॉप्टर में जा रहे नायब सिंह सैनी को ताऊ बोलकर कहा कि ताऊ सैनी मेरे को भी जहाज बैठा ले सीएम ने आवाज सुन कर कुछ समय तक सोनू को हेलिकॉप्टर में अपने साथ बैठाया पूरी रात सो नहीं पाया खुशी में घसो का सोनू जींद गुलशन चावला रिपोर्टर एंकर: सीएम नायब सिंह सैनी की सादगी सब के सिर चढ़कर बोल रही है। ये हम नहीं कहते बल्कि उचाना में विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री की अगुवाई में हुई उचाना विकास रैली में सीएम नायब सिंह सैनी के साथ कुछ देर हेलिकॉप्टर में बैठे घसो के सोनू एवं उसके परिवार का कहना है। जब उचाना से वापिस फतेहाबाद रैली के बाद हेलिकॉप्टर में जाने के लिए गाड़ी से उतर कर जा रहे थे तो दूर खड़े घसो के सोनू ने आवाज दी कि ताऊ सैनी मेरे को भी जहाज में बैठ ले, सीएम के कान में ये आवाज पड़ी तो सोनू की तरफ इशारा किया। इस पर वहां मौजूद कर्मचारी उसे हेलिकॉप्टर तक लेकर गए करीब 15 मिनट सीएम के साथ हेलिकॉप्टर में सोनू रहा। पूरे परिवार को जब पता चला तो पूरा परिवार खुश है। वीओ - सोनू की मां शांति देवी ने कहा कि उचाना में विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री द्वारा की गई उचाना विकास रैली में सीएम नायब सिंह सैनी को सुनने, देखने के लिए सोनू गया था घर से 200 रुपए लेकर। काम करता है रैलियों में जाता है। सोनू कहता है कि मेरा काम तो ताऊ (सीएम नायब सिंह सैनी) ही करेगा। मैंने कहा कि तेरे ताऊ पर ही करवा लेना क्या करवाएगा। घर पर लड़ झगड़ कर 200 रुपए लेकर गया था। मैंने कहा कि तेरे ताऊ पर ही करवा लेना काम तो सोनू बोला आज ताऊ से मिलकर आउगा। ताऊ ही मिल गया भाग्य से। सोचा भी नहीं था ऐसा होगा। इतनी खुशी हुई है जो बता नहीं सकते। मुख्यमंत्री से मिलना तो दूर पास आकर देखे भी नहीं थे कभी। हेलिकॉप्टर जिंदगी में कभी देखा नहीं था। किसी ने ہمارا کچھ نہیں किया है। वीओ - सोनू ने कहा कि ताऊ नायब सिंह सैनी से मिलकर बहुत खुशी हुई है। विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ऐसा विधायक मिला है हमारे तार चंडीगढ़ तक जोड़ दिए। गरीब इंसान से गले लगाकर मिलता है विधायक सभी का सांझा व्यक्ति है। बार-बार कहते है हरियाणा में सीएम नायब सिंह सैनी की सरकार आए उचाना के लोग विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री को गददी पर बैठा कर रखे। मैंने आवाज दी कि ताऊ सैनी मुझे भी बैठा ले। मन में इच्छा होती है परमात्मा के दर्शन करने की। मेरे को मेरा परमात्मा मिल गया। 200 रुपए घर में झगड़ा करके ले गया था। पडोस से बाइक मांग कर ले गया था। 70 रुपए का तेल डलवाया। 120 रुपए का खाना खा लिया। मेरी मौज हेलिकॉप्टर में बैठा कर नायब सिंह सैनी ने कर दी। सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा बातचीत में कहा कि सभी का भला करेंगे। 15 से 20 मिनट का समय दिया। मैंने कहा कि ताऊ मैंने दो मिनट का समय दे दो। सीएम ने कहा कि वो मेरे साथ सरकार उसके साथ है छत्तीस जात का भाईचारा बना रखा है। तीन बार थापी मारी और सिर पर हाथ रख दिया और फोन नंबर भी लिया। खुशी में पूरी रात मेरे को नींद नहीं आई। सीएम से कहा कि बहुत सारे पेपर दे दिया लेकिन नंबर नहीं पड़ा है। नौकरी लगے है लेकिन इस सरकार में बिना पर्ची बिना खर्ची युवा नौकरी लग रहे है इससे हम खुश है किसी के बच्चे तो नौकरी लग रहे है। 12वीं तक पढ़ाई की है। पहले हमारी कई पीढ़ियों से बीरेंद्र सिंह के साथ थे। 2014 में भाजपा के साथ जुड़े थे। काम करवाने के लिए ताऊ बीरेंद्र सिंह के पास दिल्ली गए थे। मैं रेल में गया था लेकिन जो आदमी मेरे लिए गए थे वो गाड़ी लेकर गए थे। 10 हजार रुपए मेरा खर्च आया था। सैनी सरकार के साथ दिल से जुड़े है। पूरा परिवार उनके साथ है। बाइट - सीएम के साथ बैठे युवक सोनू बाइट - सोनू का माँ शांति गुलशन चावला की रिपोर्ट पैकेज cm एंकर वीओ बाईट
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ANAbhishek Nirla
Feb 19, 2026 17:46:05
Jamui, Bihar:जमुई: चौडिहा गांव निवासी मृतक उदय यादव के परिजनों से गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव ने मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल के जिलाध्यक्ष डॉ. त्रिवेणी यादव, मुरारी राम, अमिरक यादव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेता ने मृतक की पत्नी से बातचीत कर घटना की पूरी जानकारी ली और कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय घटना है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है。 बताया जाता है कि 17 फरवरी को परिवहन विभाग की जांच टीम, जिसका नेतृत्व ईएसआईसी अधिकारी लवली कुमारी कर रही थीं, वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान ट्रैक्टर चालक उदय यादव एटा से लौटकर नर्मदा गांव की ओर जा रहे थे। टीम को देखकर वे घबराकर भागने लगे। आरोप है कि विभागीय टीम ने लगभग दो किलोमीटर तक पीछा कर उन्हें नर्मदा गांव में पकड़ लिया。 ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि वहां अधिकारी लवली कुमारी, उनके चालक नयन सिंह और होमगार्ड जवान दिलीप कुमार ने मिलकर उदय यादव की बेरहमी से پिटाई की, जिससे उनकी मौत हो गई।घटना के बाद परिजनों के लिखित आवेदन पर टाउन थाना में तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने तीसरे दिन ही गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मृतक परिवार का इकलौता कमाने वाला था और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया है। उन्होंने इसे गंभीर अन्याय बताते हुए कहा कि अधिकारियों से कई बार बातचीत हो चुकी है और सभी ने न्याय का आश्वासन दिया है। उन्होंने दोहराया कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, वे इस मामले को उठाते रहेंगे。 इधर, घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी。 “यह बेहद दुखद और अमानवीय घटना है। दोषी चाहे जो भी हो, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, हम उनके साथ खड़े रहेंगे.” बाइट — जयप्रकाश नारायण यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 19, 2026 17:45:26
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने भ्रूण लिंग जांच (सेक्स डिटर्मिनेशन) से जुड़े एक चर्चित मामले में बांसवाड़ा की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनामिका भारद्वाज को आंशिक राहत दी है। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने सेशन न्यायाधीश, बांसवाड़ा द्वारा तय किए गए आईपीसी की धारा 315/511 और 120-बी के तहत लगाए गए आरोपों को निरस्त कर दिया। हालांकि, पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अन्य धाराओं में मुकदमा जारी रहेगा। मामला वर्ष 2017 का है। 18 फरवरी 2017 को जयपुर स्थित पीसीपीएनडीटी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप था कि डॉ. भारद्वाज अपने सेंटर पर एजेंट के माध्यम से अवैध भ्रूण लिंग जांच कर रही हैं। 17 फरवरी 2017 को डिकॉय ऑपरेशन किया गया, जिसमें टीम ने गर्भवती महिला बनकर जांच करवाई। छापे के दौरान डॉक्टर से 19 हजार रुपये और सह-आरोपी अनिला से 1 हजार रुपये बरामद किए गए। बाद में सह-आरोपी की मृत्यु होने पर उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई। सेशन कोर्ट ने 8 मई 2023 को पहली बार पीसीपीएनडीटी एक्ट के साथ आईपीसी की धारा 315/511 (भ्रूण हत्या का प्रयास) और 120-बी (साजिश) के तहत आरोप तय किए थे। डॉक्टर ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। 14 दिसंबर 2023 को हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि आरोप तय करते समय कारण स्पष्ट करते हुए नया आदेश पारित करे। बावजूद इसके, 20 जनवरी 2024 को ट्रायल कोर्ट ने लगभग समान आदेश दोहराते हुए फिर वही आरोप तय कर दिए। इसके बाद डॉक्टर ने दोबारा हाईकोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि केवल लिंग जांच की तैयारी या फीस लेना अपने-आप में यह साबित नहीं करता कि गर्भपात की साजिश रची गई थी या भ्रूण को जन्म से पहले मारने का प्रयास किया गया। रिकॉर्ड में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह सिद्ध हो कि गर्भसमापन की प्रक्रिया शुरू की गई या उसकी ठोस तैयारी की गई। हाईकोर्ट ने अपने रिपोर्टेबल निर्णय में कहा कि ट्रायल कोर्ट अभियोजन का पोस्ट ऑफिस या माउथपीस नहीं बन सकता। आरोप तय करते समय अदालत को यह देखना आवश्यक है कि अपराध के सभी आवश्यक तत्व प्रथम दृष्टया मौजूद हों। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले डॉ आनन्द राय बनाम स्टेट ऑफ मध्य प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल आशंका या अनुमान के आधार पर गंभीर आपराधिक धाराएं नहीं जोड़ी जा सकतीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लिंग जांच और गर्भपात दो अलग चिकित्सीय प्रक्रियाएं हैं। केवल सेक्स डिटर्मिनेशन के आरोप से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि गर्भपात का प्रयास भी किया गया। हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 315/511 और 120-बी के आरोप रद्द करते हुए मामला ट्रायल कोर्ट को वापस भेज दिया है, जहां पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत शेष आरोपों पर सुनवाई जारी रहेगी।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 19, 2026 17:31:36
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने बीएससी नर्सिंग सत्र 2025-26 की केंद्रीय काउंसलिंग में शामिल किए जाने की मांग करने वाले चार नए नर्सिंग कॉलेजों को राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि शैक्षणिक सत्र के बीच काउंसलिंग दोबारा खोलना या बाद में संस्थानों को जोड़ना सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय अकादमिक अनुशासन के विपरीत है। डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने आर्यमन नर्सिंग कॉलेज, एमएलडी कॉलेज ऑफ नर्सिंग एजुकेशन केकड़ी, मां जिजाबाई कॉलेज ऑफ नर्सिंग और आयुष्मान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग की याचिकाएं खारिज कर दीं। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उन्हें 5 दिसंबर 2025 को राज्य सरकार से एनओसी और 23 दिसंबर 2025 को राजस्थान नर्सिंग काउंसिल से मान्यता मिल चुकी थी, फिर भी उन्हें सीट मैट्रिक्स में शामिल नहीं किया गया। राज्य व राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज ने बताया कि काउंसलिंग जुलाई 2025 में शुरू होकर 4 नवंबर 2025 को पूरी हो गई थी। 18 अगस्त से कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी थीं और लगभग 70 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूर्ण हो चुका है। भारतीय नर्सिंग परिषद ने 30 नवंबर 2025 अंतिम प्रवेश तिथि तय की थी। खंडपीठ ने कहा कि यह बहिष्कार नहीं बल्कि कालक्रम का मामला है। संस्थान स्थापित करने की अनुमति और छात्रों का आवंटन अलग प्रक्रियाएं हैं। सीट मैट्रिक्स काउंसलिंग से पहले तय होती है और प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बदलाव संभव नहीं। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के निर्णय का हवाला देते हुए कट-ऑफ तिथियों की पवित्रता बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही निर्देश दिया कि भविष्य में एनओसी आवेदन प्रथम काउंसलिंग से 45 दिन पहले निपटाए जाएं, अन्यथा देरी की लागत राज्य को वहन करनी होगी।
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 19, 2026 17:31:15
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ (यूपीआरएमएस) जोधपुर मंडल की मंडल परिषद में हाल ही में किए गए को-ऑप्शन पर राजस्थान हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने निजी प्रतिवादियों को अगली सुनवाई तक मंडल परिषद के पदाधिकारी के रूप में कार्य करने से प्रतिबंधित कर दिया है। जस्टिस कुलदीप माथुर की एकलपीठ ने जुगल किशोर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रिषभ ताहिल ने तर्क दिया कि प्रतिवादी संख्या 7 से 9 को मंडल सचिव, मंडल उपाध्यक्ष और संयुक्त मंडल सचिव जैसे पदों पर को-ऑप्ट किया गया, जबकि वे मंडल परिषद के सदस्य ही नहीं हैं। याचिका में संघ के 16 नवंबर 1996 के संविधान की धारा 6(डी)(iii) का हवाला देते हुए कहा गया कि रिक्त पद केवल मंडल परिषद के सदस्यों में से ही बहुमत के समर्थन से भरे जा सकते हैं। गैर-सदस्यों को पदाधिकारी बनाना संविधान के विपरीत और अवैध है। प्रारंभिक सुनवाई में अदालत ने मामले को विचारणीय मानते हुए नोटिस जारी किए और अंतरिम राहत प्रदान की। अगली सुनवाई में को-ऑप्शन की वैधता पर विस्तृत सुनवाई होगी।
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PSPramod Sharma
Feb 19, 2026 17:30:55
New Delhi, Delhi:लिविंग पार्टनर बना हैवान, गर्लफ्रेंड के साथ हैवानियत, जानवरों की तरह पीटा गुरुग्राम की वारदात, लड़की नामी यूनिवर्सिटी की बायोटेक की छात्रा पीड़ित त्रिपुरा की रहने वाली है, इलाज के लिए एम्स में भर्ती आरोपी ब्वॉयफ्रेंड शिवम दिल्ली का रहने वाला है जिसे गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया पुलिस के मुताबिक दोनों की शादी की बात चल रही थी लेकिन आरोपी अपनी गर्लफ्रेंड पर शक करता था गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली के रहने वाले 19 वर्षीय शिवम को गिरफ्तार कर की मामले की तफ्तीश शुरू शुरुवाती जानकारी में सामने आया की गुरुग्राम थाना बादशाहपुर, गुरुग्राम में फोन के माध्यम से एक महिला ने एक सूचना दी कि उसकी 19 वर्षीय बेटी जो की गुरुग्राम की GD गोयनका यूनिवर्सिटी में बायोटेक की छात्रा है को उसी के लिव इन पार्टनर जो उसकी बेटी के चरित्र पर शक करने लगा था के साथ हैवानियत कर मारपीट को अंजाम दिया है....पुलिस ग्रेट पीजी सेक्टर 69 के मौके पर पहुंची और मौके से ही पीड़िता के लिव इन पार्टनर को हिरासत में ले मामले की तफ्तीश शुरू कर दी.... मामले में डीसीपी साउथ हितेश यादव ने टेलिफ्यूजनिक बातचीत में खुलासा किया की ..कल देर रात 19 वर्षीय त्रिपुरा की रहने वाली पीड़िता को गंभीर हालत में गुरुग्राम के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां मामले की नजाकत को देखते हुए अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने पीड़िता को दिल्ली के ऐम्स में रैफर कर दिया.... पुलिस के मुताबिक पीड़िता और आरोपी दिल्ली निवासी शिवम की मुलाकात सितंबर 2025 में हुई थी...आरोपी दिल्ली निवासी शिवम व पीड़िता के परिवार वालों के बीच दोनों की शादी की बात भी चल रही थी लेकिन फिर कल देर रात पीड़िता और आरोपी की आपस में किसी बात को लेकर बहस हो गई जिसके बाद दोनों का आपस में विवाद हो गया और आरोपी, पीड़िता को परेशान करने लगा व बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी.....पीड़िता के शरीर पर जगह गंभीर चोट के निशान मौजूद थे ऐसी तस्दीक अस्पताल प्रवंधन के डॉक्टर भी करने में लगे है....जिसके चलते पीड़िता को दिल्ली के अस्पताल में रैफर किया गया... पीड़िता नॉर्ट ईस्ट त्रिपुरा की रहने वाली है और गुरुग्राम के नामी यूनिवर्सिटी में बायोटेक की छात्रा है....बहरहाल बादशाहपुर पुलिस थाना ने आरोपी
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KSKartar Singh Rajput
Feb 19, 2026 17:30:28
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Feb 19, 2026 17:21:48
uttrapradesh, Uttar Pradesh:मीरगंज। नगर के मोहल्ला शिवपुरी स्थित प्राचीन फूटेश्वर महादेव मंदिर में जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने के उपरांत गुरुवार को धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। मंदिर में शिव परिवार, राधाकृष्ण, रामदरबार, हनुमान जी और मां दुर्गा की मूर्तियों की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से स्थापना की गई। प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व सुबह बैंड-बाजों के साथ मोहल्ले में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शामिल हुए। अनुष्ठान के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में राजीव गिरि, राजवीर पुरी, हर्षपुरी गोस्वामी, दिव्यांशु पुरी, राजेश गिरि, हिमांशुपुरी, मुनीश पाराशरी, मिथुन गिरि, दीपू गिरि, रोहित गिरि, उर्मिला गोस्वामी, पूनम शर्मा, सरला शर्मा, मुन्नी देवी, विनोद रोहिला, हरिओम गुप्ता, रामवीर पुरी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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Feb 19, 2026 17:20:49
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस की सादाबाद तहसील के बिलारा गांव में खेत में चरने गईं 25 बकरियों में से 7 की मौत हो गई। आशंका है कि बकरियों ने खेत में डाला गया कीटनाशक खा लिया था। कई अन्य बकरियां भी बीमार पड़ गईं, जिनका पशु चिकित्सकों द्वारा इलाज किया जा रहा है। गांव निवासी दीपक उर्फ दीपू अपनी 36 बकरियों में से 25 को आज दोपहर बाद खेतों में चराने ले गया था। शाम करीब 3:45 बजे एक बकरी अचानक चक्कर खाकर गिर गई और उसकी मौत हो गई। यह देखकर दीपू घबरा गया और सभी बकरियों को लेकर घर वापस आ गया। घर पहुंचने पर धीरे-धीरे अन्य बकरियों के भी पेट फूलने लगे और वे बीमार पड़ने लगीं। बकरी पालक ओमप्रकाश और दीपू, जो बकरियों से ही अपना जीवन यापन करते हैं, ने तत्काल पशु चिकित्सकों को सूचना दी। उन्होंने बताया कि अब तक उनकी 7 बकरियों की मौत हो चुकी है।सादाबाद के पशु चिकित्सक डॉ. पवित्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी टीम को मौके पर भेज दिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि बकरियों ने खेत में डाली गई कीटनाशक दवा खा ली थी, जिससे वे बीमार पड़ीं। डॉ. सिंह के अनुसार, अब स्थिति नियंत्रण में है और शेष बकरियों का इलाज किया जा रहा है। घटना की सूचना उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और लेखपाल को भी दी गई है।
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VSVishnu Sharma
Feb 19, 2026 17:17:05
Jaipur, Rajasthan:मंत्री राठौड़ का कांग्रेस पर हमला, “ट्रस्टी ने ट्रस्ट तोड़ा, जनता से किया विश्वासघात”, चेताया भी- छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं जयपुर vishnu विधानसभा में गुरुवार को युवा, खेल एवं उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। राठौड़ ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के वाक्य सरकार जनता की ट्रस्टी होती है पर तंज कसते हुए बोले, ट्रस्टी ने ही ट्रस्ट तोड़ा तो विपक्ष में बैठा दिया. उन्होंने कांग्रेस के पिछले शासन काल के जमीन आवंटन के मामलों की पोल खोलते हुए कहा छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं.... विधानसभा में गुरुवार को खेल, युवा और उद्योग विभाग के अनुदान मांगों पर बहस हुई। खेल उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि दो वर्ष पहले जनता ने भाजपा सरकार को जिम्मेदारी दी और सरकार “नियत, नीति और निष्पादन” के सिद्धांत पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय करना और उसे हासिल करना राजस्थान की परंपरा रही है. “हम केवल शब्द नहीं, कर्तव्य पारायण होते हैं. जनता से घात नहीं करते,” राठौड़ ने कहा लॉजिस्टिक के लिए राजस्थान शानदार जगह है, लेकिन कांग्रेस ने कभी लॉजिस्टिक पॉलिसी नहीं बनाई । जब जमीन की कीमत कम होती है तो छोटी जेब वाला भी उद्योग लगाने आ सकता है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की टिप्पणी सरकार जनता की मालिक नहीं ट्रस्टी होती है, कांग्रेस सरकार पर ठीक बैठती है। जब जनता ने इनको सरकार में बैठाया तब यह ट्रस्टी थे, लेकिन ट्रस्टी ने ट्रस्ट को तोड़कर जनता के साथ विश्वासघात किया। इस वजह से जनता ने इनको विपक्ष में बैठा दिया। यह पूअर गवर्नेंस और पॉलिटिक्स का उदाहरण है। जबकि भाजपा सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अपने जवाब में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों की ओर से उठाए गए मुद्दों का एक-एक कर जवाब दिया। उन्होंने कांग्रेस के रफीक खान की ओर से पड़ासोली के पास सस्ते में जमीन देने और जमीनों की बंदरबांट का आरोप लगाया। जवाब के दौरान मंत्री राठौड़ ने पलटवार करते हुए कहा जिस इंडस्ट्रियल एरिया में डिमांड 80% तक है उस एरिया में हम डायरेक्ट जमीन अलॉटमेंट नहीं करते हैं। एक विधायक ने कहा जमीनों की बंदर बांट कर रहे हैं लेकिन हम निवेशकों को बंदर को नहीं मान सकते, हमें तो उन्हें भगवान मानते हैं वह रोजगार पैदा करते हैं, यही सम्मान देते हैं। राठौड़ ने विपक्ष से कहा कि आपकी सरकार में हमारी सरकार में भी 99 साल के लीज पर जमीन दी जाती थी। 20 हेक्टेयर भूखंड 550 रुपए प्रति वर्गमीटर में देने का आरोप लगाया तो रिपोर्ट निकाल ली। इसके बाद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा छेड़ेंगे तो छोड़ेंगे नहीं..वर्ष 2022 में वंडर सीमेंट को 400 हैकटेयर जमीन 28 रुपए प्रति वर्ग मीटर किसने दी, जेके सीमेंट को 210 हेक्टेयर जमीन की केवल 37 रुपए प्रति वर्ग मीटर दी गई। उदयपुर में एक कंपनी को 48 हेक्टेयर जमीन 20 रुपए प्रति वर्ग मीटर में, गीतांजलि स्टील को 205 हेक्टेयर जमीन नीमकाथाना में 90 रुपए प्रति वर्ग मीटर दी गई। इसके अलावा उन्होंने कहा कि एक लाख स्क्वायर मीटर से ज्यादा जमीन 8000 रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से वहीं हमने इस जमीन को 14000 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से दी। तिजारा में 91000 स्क्वायर मीटर 8000 प्रति वर्ग मीटर दी, हमने आते ही 14000 वर्ग मीटर किया। खेल एवं उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की RIBS 2022 नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय कई बड़ी घोषणाएं की गईं, उद्योगपति आए, लेकिन बाद में परियोजनाएं धरातल पर नहीं उतरीं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज में “झूठी घोषणाएं” की गईं, जबकि मौजूदा सरकार ने फंड की व्यवस्था कर वास्तविक निवेश सुनिश्चित किया. राठौड़ ने कहा कि सरकार ने 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश को जमीन पर उतारा जा चुका है. अलवर, सवाई माधोपुर, धौलपुर, जयपुर, सीकर और बांसवाड़ा सहित कई जिलों में उद्योग स्थापित हो रहे हैं. पिछले दो वर्षों में 10 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार किया गया है. उन्होंने भीलवाड़ा की महिला उद्यमी अभिलाषा का उदाहरण देते हुए बताया कि उनका फेल्सपार उत्पादन 4.80 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है. जो स्टार्टअप और उद्योग प्रोत्साहन नीतियों का परिणाम है. मंत्री ने कहा कि सरकार ने “वन जिला, वन प्रोडक्ट” और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों के जरिए दफ्तरों के चक्कर कम किए और राजस्थान को देश में अग्रणी बनाया. डायरेक्ट लैंड अलॉटमेंट पर उन्होंने कहा कि पिछली सरकार सीमित भूखंड नीलामी में लाती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने हजारों भूखंड पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराए. खैरथल-तिजारा में 38 एकड़ भूमि पर 2200 करोड़ रुपये का निवेश और हैवेल्स जैसी कंपनी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बंद पड़ी जमीन को उद्योग में बदला गया. उन्होंने कहा कि सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों के लिए नहीं, बल्कि छोटे कारीगरों—पत्थर शिल्पी, मीनाकारी और फर्नीचर उद्योग से जुड़े लोगों—को भी ध्यान में रखकर नीतियां बना रही है. भीलवाड़ा की एक महिला उद्यमी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार के साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है. उद्योग और निवेश के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि ‘राइजिंग राजस्थान’ के जरिए प्रदेश की ब्रांडिंग की गई और युवाओं को वैश्विक पहचान दिलाई गई. सरकार ने “वन जिला, वन प्रोडक्ट” नीति लागू कर जिलों में बनने वाले उत्पादों को पहचान दिलाई. उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने राजस्थान प्रमोशन इन्वेस्टर स्कीम के वादे पूरे किए, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार उन्हें लागू नहीं कर सकी. राठौड़ ने कहा कि लॉजिस्टिक्स के लिहाज से राजस्थान देश का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है. अमृतसर से जामनगर तक 1200 किलोमीटर लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 370 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान से गुजर रहा है. जिनकी कुल लागत ढाई लाख करोड़ रुपये है. इससे निवेश और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. खेल नीति पर सियासी तकरार : खेल एवं उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पूर्व खेल मंत्री अशोक चांदना पर तंज कसते हुए कहा कि अशोक चांदना जी मजबूत हैं. लेकिन उनके साथ ही उनके राज में खेला हो गया. राठौड़ ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछले दो वर्षों में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन पर 40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. जिसमें सम्मान और प्रोत्साहन राशि दोनों शामिल हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के पांच वर्षों में महाराणा प्रताप अवार्ड और गुरु वशिष्ठ अवॉर्ड प्रदान नहीं किए गए. मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पुरस्कारों के लिए नाम चिन्हित कर लिए हैं. हालांकि फिलहाल उन्हें गोपनीय रखा गया है. उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को उचित सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है. राजस्थान का मान बढ़े तो सबको साथ आना चाहिए - राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कांग्रेस शासन पर आरोप लगाया कि खेल प्रतियोगिताएं तो हुईं, लेकिन करोड़ों रुपये टी-शर्ट और प्रचार पर खर्च किए गए तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री की तस्वीरें लगवाई गईं. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सात शहरों में खेल आयोजन कराए, लेकिन प्रचार से दूर रहते हुए खिलाड़ियों पर फोकस किया. राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में हुए खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में राजस्थान का प्रदर्शन कमजोर रहा, जबकि अब राज्य के खिलाड़ियों ने 34 पदक जीते. उन्होंने बॉक्सर चारु का उल्लेख करते हुए कहा कि रिंग में पसीना और खून बहाकर खिलाड़ी देश का नाम रोशन करते हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में राजस्थान तीसरे स्थान पर रहा, 11 खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स में पदक जीते और पेरिस ओलंपिक व पैरा ओलंपिक में भी प्रदेश के खिलाड़ी पहुंचे. अपूर्वी चंदेला और सुंदर गुर्जर के पदकों का भी जिक्र किया. मंत्री ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जहां राजस्थान का हित और खिलाड़ियों का सम्मान जुड़ा हो, वहां सबको मिलकर पीठ थपथपानी चाहिए. बाइट - राज्यवर्धन सिंह राठौड़, खेल एवं उद्योग मंत्री
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Feb 19, 2026 17:16:45
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने उदयपुर में पुलिस हिरासत के दौरान 18 वर्षीय युवक के साथ कथित बर्बरता के मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए सख्त आदेश दिया है। प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर और चिंताजनक मानते हुए सलूंबर के पुलिस अधीक्षक को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की निगरानी का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि जांच आरपीएस रैंक से कम अधिकारी को न सौंपी जाए। हाईकोर्ट ने उदयपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि वे 12 घंटे के भीतर पीड़ित युवक के बयान दर्ज करें और यह सुनिश्चित करें कि बयान किसी दबाव या भय के बिना लिया जाए। साथ ही आरोपी पुलिस निरीक्षक हेमंत चौहान को मामले की आगे की कार्यवाही से दूर रखने को कहा गया है। हाईकोर्ट में पीड़ित की बहन नूरीन बानो की ओर से याचिका पेश की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि युवक को हिरासत में अमानवीय मारपीट का शिकार बनाया गया और उसे जबरन पेशाब पिलाया गया। अदालत ने कहा कि यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों और मानवीय गरिमा पर सीधा प्रहार होगा। कोर्ट ने आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को तीन वरिष्ठ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है। मेडिकल बोर्ड को चोटों के आकार, प्रकार, दिशा, अवधि और संभावित कारणों का उल्लेख करते हुए तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इसके अलावा संबंधित थाने और आसपास की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने तथा उनका विश्लेषण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने मिलीभगत के आरोपों पर चिंता जताते हुए कहा कि जब जांच और मेडिकल अधिकारियों पर संदेह हो, तो न्यायिक शुचिता के तहत प्रक्रिया स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 24 फरवरी निर्धारित करते हुए एसपी से अनुपालना और प्रगति रिपोर्ट तलब की है。
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