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रायबरेली पुलिस ने चलती बाइक से मोबाइल लूट गिरोह का पर्दाफाश किया, तीन गिरफ्तार

Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली पुलिस ने चलती बाइक से मोबाइल लूट गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन शातिर लुटेरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूट के दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के मुताबिक 3 जुलाई को डीह थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर बाइक सवार बदमाशों ने राहगीरों को रोककर मोबाइल लूट की घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम सरोज उर्फ अजय, विजय पासी और आशीष पासी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो लूटे गए मोबाइल और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की है।
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मऊ के जर्जर तमसा पुल पर योगी को ज्ञापन, नया पुल की मांग तेज

Mau, Uttar Pradesh:मऊ ब्रेकिंग मऊ में नए पुल के निर्माण को लेकर उठी मांग, हिंदू जागरण समिति ने सौंपा ज्ञापन भीटी स्थित तमसा नदी पर नए पुल के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा गया पत्र! कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से नगर मजिस्ट्रेट रामबाबू को सौंपा मांग पत्र दशकों पुराना और जर्जर हो चुका है भीटी तमसा नदी का पुल" – राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह पुल की खराब स्थिति से कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना, आम जनता में भारी चिंता! यह पुल सिर्फ मऊ ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल के कई जिलों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है! रोजाना हजारों छात्र, व्यापारी, किसान और प्रशासनिक अधिकारी इसी जर्जर पुल से करते हैं आवागमन! बढ़ते ट्रैफिक के दबाव से पुल की स्थिति हुई और भी चिंताजनक – एडवोकेट रामकृष्ण भारद्वाज (राष्ट्रीय संगठन मंत्री) सुरक्षा को ध्यान में रखकर तत्काल नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया हो शुरू" – अमित वर्मा (प्रांतीय मंत्री) --- योगी सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध, मऊ के इस पुल को भी दे प्राथमिकता – मनीष सिंह (जिलाध्यक्ष) व रोशन सोनी (नगर अध्यक्ष) नए पुल से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक गतिविधियों को मिलेगी नई गति! वर्तमान पुल की तकनीकी जांच हो और नए पुल के लिए तुरंत बजट स्वीकृत किया जाए बाइट राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत सिंह हिंदू जागरण समिति
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आजमगढ़ में विदेश नौकरी के नाम पर फर्जी परमिट बनाकर ठगी करने वाला गिरफ्तार

Azamgarh, Uttar Pradesh:विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाला गिरफ्तार, इंटरनेट से डाउनलोड टेम्पलेट में एडिटिंग कर तैयार करता था फर्जी परमिट, पुराने संपर्कों के जरिए बेरोजगार युवाओं को बनाता था शिकार। आजमगढ़ जिले के साइबर सेल एवं सिधारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो फर्जी मालदीव वर्क परमिट, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, 200 रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त प्लेटिना मोटरसाइकिल बरामद की गई है। मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर किया गया है। वहीं इस मामले को लेकर जिले की पुलिस ने आमजन से अपील किया कि विदेश में नौकरी, वीजा अथवा वर्क परमिट दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति अथवा एजेंसी के झांसे में न आयें। आजमगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के निर्देशन में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान में साइबर ठगी के जड़ में वार के तहत साइबर सेल प्रभारी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों एवं एटीएम हॉटस्पॉट की जांच के दौरान मुखबिर की सूचना पर यादव ढाबा के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मुकेश यादव, निवासी हैदराबाद छतवारा, थाना सिधारी के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह इंटरनेट से मालदीव का मूल वर्क परमिट डाउनलोड कर मोबाइल में सुरक्षित रखता था और उसमें एडिटिंग कर विभिन्न लोगों के नाम से फर्जी वर्क परमिट तैयार करता था। इसके बाद वह व्हाट्सएप अथवा प्रिंट कॉपी के माध्यम से दस्तावेज भेजकर लोगों से धनराशि वसूलता था। पुलिस को उसके मोबाइल से मालदीव के आर्थिक विकास मंत्रालय का वर्क परमिट टेम्पलेट भी मिला है, जिसका उपयोग वह फर्जी दस्तावेज तैयार करने में करता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले मुंबई में मर्चेंट नेवी से जुड़े कार्य में था। वहीं बने पुराने संपर्कों का लाभ उठाकर वह विभिन्न राज्यों के रोजगार की तलाश कर रहे श्रमिकों और युवाओं को विदेश भेजने का झांसा देता था। आकर्षक वेतन और नौकरी का लालच देकर वह उनसे किस्तों में रुपये ऐंठता था। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने अपनी भाभी के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यूनियन बैंक में खाता खुलवाया था। समन्वय पोर्टल पर जांच के दौरान इस खाते के विरुद्ध पश्चिम बंगाल के एक शिकायतकर्ता की साइबर ठगी की शिकायत मिली। शिकायतकर्ता से विदेश भेजने के नाम पर 35 हजार रुपये तय किये गए थे, जिनमें से 21 हजार रुपये लेकर आरोपी ने फर्जी वर्क परमिट उपलब्ध कराया था। पुलिस आरोपी के अन्य पीड़ितों, बैंक खातों, सहयोगियों और पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है तथा पूछताछ में अन्य अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आये हैं, जिसकी गिरफ्तारी के लिए टीम में गठित की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा धारा 66C सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है।
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रेवाड़ी के पूर्व सैनिक के घर धमाके की वजह गैस लीकेज बताई गई; जांच जारी

Rewari, Haryana:24 घंटे बीत जाने के बाद भी नहीं हुआ रिटायर सूबेदार के घर ब्लास्ट का कारण स्पष्ट... रेवाड़ी डीएसपी बोले प्रारंभिक जांच में ब्लास्ट का कारण हो सकता है PNGगैस लीकेज...... पीएनजी टीम ने अपनी गैस लाइनों को सुरक्षित करार दिया .... तनु 90% से ज्यादा झुलसी, क्रिटिकल हालत में दिल्ली के अस्पताल में भर्ती.... एसएफएल रिपोर्ट आने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारण का होगा खुलासा.... यह पुलिस और पीएनजी कंपनी अधिकारियों के दावों के कारण पेचीदा बना गया है... बता दें कि रविवार शाम को हुए धमाके में मकान मालिक सतबीर चौहान, उनकी बेटी तन्नु, पड़ोसी सीआरपीएफ जवान जयभगवान और छोटी बच्ची खुशी झुलस गई थी। रविवार शाम को हुए इस विस्फोट के बाद घर में रखे गैस सिलेंडर, प्रेस, फ्रीज और अन्य सामान सुरक्षित मिला। कल से लगातार जांच टीमें जांच के लिए पहुंच रही हैं। सोमवार को पीएनजी की दो टीमें जांच के लिए पहुंची। एक टीम सुबह पहुंची और दूसरी टीम दोपहर को दूसरी टीम पहुंची। हादसे के बाद मकान रविवार रात को बंद कर दिया था। पुलिसकर्मी मकान की निगरानी के लिए तैनात किए गए हैं। धमाके के बाद मकान के शीशे-खिड़की, दरवाजे टूट गए थे। घर में रखें 3 गैस सिलेंडर, फ्रीज और पीएनजी के लिए लगाई गई गैस की पाइप लाइन सब सुरक्षित हैं। जिससे धमाका कैसे हुआ यह सभी के लिए रहस्य बना हुआ है。
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मुंबई में चक्रवात जैसे हालात: सचिन अहीर ने सुरक्षा措施 की जानकारी दी

Noida, Uttar Pradesh:मुंबई, महाराष्ट्र: राज्य विधानसभा के डिप्टी स्पीकर सचिन अहीर कहते हैं, 'हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं और शहर को सुरक्षित रखने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। प्रशासन ने हमें बताया कि हवा की गति बहुत तेज़ थी—मानो मुंबई में कोई चक्रवात आया हो। नतीजतन, हमने देखा कि कई पेड़ और कुछ जर्जर इमारतें गिर गई हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए यहां आए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। हम जानना चाहते हैं कि प्रशासन क्या एहतियाती कदम उठाने की योजना बना रहा है और वे कैसे सुनिश्चित करेंगे कि मुंबई के लोगों को कोई असुविधा न हो। आज स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं...हमने प्रशासन को स्थिति पर कड़ी नज़र रखने और मुंबई व महाराष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है…
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राजगीर के गर्म कुंड सूखने से चिंता, अवैध निर्माण जलधाराओं को खत्म कर रहा प्रभाव

Patna, Bihar:राजगीर के पवित्र गर्म जलकुंड अब सूख गए हैं। ऐतिहासिक महत्व वाले गर्म जलकुंड के आसपास हो रहे लगातार निर्माण के कारण जलधाराएँ सूख रही है और इस कारण इस पवित्र कुंडों का भविष्य समाप्त हो रहा है। राजगीर क्षेत्र में कुल 22 गर्म जलकुंड और 52 जल धाराएं रही हैं। लेकिन इनमें से आठ गर्म कुंड की जल धारा अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। राजगीर की पहाड़ियों के क्षेत्रों में वनों की कटाई, विकास के नाम पर तेज़ी से हो रहा निर्माण कार्य गर्म कुंड के अस्तित्व पर गंभीर खतरा खड़ा कर दिया है। व्यास कुंड , गंगा-यमुना कुंड अनंत कुंड के साथ सप्त ऋषि कुंड में कम होती जल धारा राजगीर वासियों को डरा रही है। पांडु पोखर में बोरिंग होने के बाद व्यास कुंड और गंगा-जमना कुंड की धाराएं सूख गयीं। कभी गंगा-यमुना कुंड की धाराएं सबसे तेज़ हुआ करती थीं, लेकिन पांडु पोखर में बोरिंग होने के बाद गंगा जमुना कुंड में आने वाले जल स्रोत सूख गए। विरोध के बावजूद इलाके में कई बोरवेल बनाये गए, जिस वजह से गर्म जल कुंड सूख गए। भूमिगत जल ही गर्म होकर सतह पर झरने के रूप में बाहर आता था जो अब बोरवेल की वजह से बंद हो गये। व्यास कुंड में ऋषि व्यास की प्रतिमा और व्यास मुख तो है पर व्यास मुख से निकलने वाली जल धारा बन्द है। श्रद्धालु नहीं आते क्योंकि यहां गर्म जल का स्रोत ही नहीं है और ना ही जल धारा आती है। मीरा देवी ने प्रशासन को कई बार लिखा पर सुनवाई नहीं हुई। गंगा जमुना कुंड में जल स्रोत बंद होने के बाद श्रद्धालु नहीं आते लिहाजा कुंड का गेट बंद रहता है। गेट खोलकर देखने परInside कुंड में एक बूंद जल भी नहीं मिली। अनंत कुंड के जल स्रोत के बारे में कहा गया था कि यह अनंत है, लेकिन आज कुंड की दुर्दशा हैरान कर देती है। नलके का पाइप जल धारा के पीछे लगाकर भ्रम फैलाया गया था, जिससे श्रद्धालुओं को धोखा दिया गया। सप्त ऋषि कुंड के क्षेत्र में ऋषि भारद्वाज से लेकर ऋषि गौत्तम तक के नाम पर बने कुंड में जल धारा सूख चुकी है या सूखने के कगार पर है, वहीं श्रद्धालु स्नान कर लेते हैं। कई ऐतिहासिक मोमेंट्स के कारण राजगीर में ASI से परमिशन आवश्यक है, जरासंध का चबूतरा से लेकर स्वर्ण भंडार के बीच निर्माण पर रोक है, पर गर्म जल कुंड और जरासंध के चबूतरा से 80 मीटर दूरी पर सभी कंस्ट्रक्शन हो रहे हैं जिससे जल कुंड पर असर पड़ा है। सरकार का विकासकार्य लोहा की जाली से बंद क्षेत्र में चल रहा है जहां बड़े बुलडोजर काम कर रहे हैं और लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं है। स्थानीय लोग कहते हैं कि राजगीर में विकास का यह नाटक पौराणिक और ऐतिहासिक स्थलों से छेड़छाड़ घातक हो रहा है। गर्म जल कुंड बंद हो रहे हैं जो विनाश के प्रतीक हैं। राजगीर के तापीय जल कुंड लगभग 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान के होते हैं और इन्हें रोगनाशक और शुद्धिकारी माना जाता है, पर इन कुंडों की धाराएं हाल के समय में बंद हो गईं हैं जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ी है।
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Delhi HC के समक्ष Google: हर वीडियो मॉनिटर नहीं, रिकॉर्डिंग रोकना मुश्किल

Noida, Uttar Pradesh:गूगल का दिल्ली HC में जवाब, यूट्यूब पर हर वीडियो की निगरानी मुमकिन नहीं गूगल ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि उसके लिए यह पता लगा पाना نامुमकिन है कि किसी ने ऑनलाइन अदालत की कार्यवाही का वीडियो बिना इजाजत रिकॉर्ड करने के बाद उसे यूट्यूब पर अपलोड किया है। ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को यह निर्देश देना कि वे ऐसी रिकॉर्डिंग दोबारा अपलोड होने से रोकें, कानूनी और तकनीकी रूप से संभव नहीं है। गूگل ने दिल्ली हाई कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में कहा है कि वीडियो की रिकॉर्डिंग यूट्यूब पर नहीं होती, बल्कि बाहर की जाती है। इसलिए वह यह तय नहीं कर सकता कि किसी वीडियो में अदालत की कार्यवाही दिखाई गई है या नहीं, रिकॉर्डिंग की अनुमति ली गई थी या नहीं, या वह वीडियो किसी कानून का उल्लंघन करता है या नहीं। गूगल ने कहा है कि भारत में अलग-अलग अदालतों के नियम भी अलग-अलग हैं। ऐसी स्थिति में वह पहले से अपने प्लेटफॉर्म की निगरानी करके बिना अनुमति रिकॉर्ड किए गए वीडियो को दोबारा अपलोड होने से नहीं रोक सकता। गूगल ने कहा है कि यूट्यूब एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां हर घंटे लाखों वीडियो अपलोड होते हैं। ऐसे में उसके लिए यह पता लगाना نامुमकिन है कि कौन-सा वीडियो अदालत की बिना अनुमति की गई रिकॉर्डिंग है और कौन-सा कानून का उल्लंघन करता है। गूगल का कहना है कि कानून के अनुसार उसकी जिम्मेदारी केवल उन वीडियो को हटाने की है, जिन्हें कोर्ट किसी खास URL (लिंक) के साथ कानून का उल्लंघन करने वाला घोषित करे। भारतीय कानून सोशल मीडिया कंपनियों से यह उम्मीद नहीं करता कि वे खुद फैसला करें कि किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा अपलोड किया गया कंटेंट सही है या गलत। यह फैसला केवल सक्षम अदालत ही कर सकती है。 गूगल ने यह हलफनामा वकील वैभव सिंह की याचिका के जवाब में दाखिल किया है। वैभव सिंह ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिन्होंने अरविन्द केजरीवाल के जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की अदालत में दिए गए बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। दरअसल, अरविन्द केजरीवाल ने आबकारी नीति मामले में जस्टिस शर्मा से खुद को सुनवाई से अलग करने की मांग की थी। सुनवाई के तुरंत बाद अदालत की कार्यवाही के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। वैभव सिंह ने अपनी याचिका में यह भी मांग की कि कोर्ट सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश दे कि वे अदालत की बिना अनुमति रिकॉर्ड की गई कार्यवाही के वीडियो दोबारा ऑनलाइन आने से रोकें।
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NHAI शिलांग डायरेक्टर सहित 3 गिरफ्तार: 13.38 करोड़ बिल के बदले 12 लाख रिश्वत

New Delhi, Delhi:13.38 करोड़ का बिल पास कराने के लिए 12 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप, NHAI के शिलांग प्रोजेक्ट डायरेक्टर गिरफ्तार...\n\nCBI ने रिश्वतखोरी के एक मामले में (NHAI) के शिलांग प्रोजेक्ट डायरेक्टर और दो निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।\n\nCBI ने इस मामले में 1 जुलाई 2026 को शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया था। आरोप है कि NHAI, शिलांग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने शिकायतकर्ता का 13.38 करोड़ रुपये का बकाया बिल प्रोसेस करने के बदले 12 लाख रुपये की रिश्वत माँगी।\n\nजाँच एजेंसी के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने पहले 4 लाख रुपये एडवांस रिश्वत देने को कहा और शिकायतकर्ता को यह रकम गुवाहाटी में एक निजी व्यक्ति को सौंपने का निर्देश दिया। बाद में उस व्यक्ति ने पैसे दूसरे निजी व्यक्ति को देने के लिए कहा।\n\nCBI ने शिकायत की पुष्टि के बाद जाल बिछाया और गुवाहाटी में एक निजी व्यक्ति को शिकायतकर्ता से 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।\n\nइसके बाद CBI ने NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और दोनों निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी भी ली है।\n\nCBI ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और रिश्वतखोरी के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।\n\nगिरफ्तार आरोपियों के नाम आनंद सिंह चौहान, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, NHAI, शिलांग\n\nपुनीत अग्रवाल और मनीष अग्रवाल नाम के प्राइवेट लोग है।
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MP मंत्री प्रतिमा बागरी का जाति प्रमाण पत्र विवाद, कांग्रेस का आरोप फर्जी

Bhopal, Madhya Pradesh:एमपी में डुगडुगी बजने के पीछे मंत्री प्रतिमा बागरी की जाति कैटेगरी पता लगाने का मामला सामने आया है. कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया है कि मंत्री अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र फर्जी है और विभाग ने उनके जाति कैटेगरी की पुष्टि मांगी है. यह पहली बार है जब डुगडुगी बजाकर मंत्री की जाति कैटेगरी पता लगाई गई हो. कांग्रेस नेता ने कहा कि मंत्री को बचाने की कोशिश की जा रही है और मुख्यमंत्री से शिकायत है. प्रतिमा बागरी ने कहा कि यह सियासी हथकंडा है, वे SC वर्ग में आती हैं, सबूत फैमिली ट्री और जाति प्रमाणपत्र प्रशासन ने विभाग को सौंप दिए हैं.
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रेल नगरी फुलेरा की निक्की कुमावत ने ब्यूटी पार्लर से बदली हजारों बेटियों की किस्मत

Dudu, Rajasthan:निक्की कुमावत रेल नगरी फुलेरा में ग्रूमिंग और सौंदर्य की दुनिया में निक्की कुमावत ने अपनी एक विशिष्ट बनाई है निक्की कुमावत ने 25 साल पहले जब एक सपना देखा था, तो राह आसान नहीं थी। लेकिन अटूट विश्वास और बेहतरीन सेवाओं के दम पर 'सजी-धजी ब्यूटी पार्लर' सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भरोसे का दूसरा नाम बन गया। निक्की कुमावत ने सिर्फ चेहरों को नहीं चमकाया, बल्कि हजारों बालिकाओं और महिलाओं की तकदीर बदल दी। आज उनके सिखाए हुनर की बदौलत, क्षेत्र में सैकड़ों बेटियां अपने खुद के ब्यूटी पार्लर खोलकर आत्मनिर्भर रही हैं। ऐसे में निक्की कुमावत क्षेत्र में समाज को नई दिशा दे रही हैं।
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झुंझुनूं में बदला मौसम; बारिश और तेज हवाएं, येलो अलर्ट जारी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं शहर सहित आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। दोपहर बाद आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हुई, जिसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। बारिश होने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। तेज हवा चलने से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बारिश के दौरान कई स्थानों पर लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। मौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 9 जुलाई तक जिले में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है。
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बारां में एक घंटे में दिव्यांग बालक को ट्रायसाइकिल मिली, प्रशासन की तेज कार्रवाई

Baran, Rajasthan:बारां में एक घंटे में दिव्यांग बालक को मिली ट्राईसाइकिल। एंकर- बारां कलेक्ट्रेट में संवेदनशील प्रशासन की मिसाल देखने को मिली। ट्राईसाइकिल की मांग लेकर पहुंचे एक दिव्यांग बालक की सुनवाई महज एक घंटे में हुई और उसे ट्राईसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। सहायता मिलने के बाद बालक के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। छीपाबड़ौद क्षेत्र के मानपुरा निवासी 15 वर्षीय दिव्यांग बालक जितेंद्र बैरवा अपने पिता के साथ पढ़ाई के लिए आने-जाने में हो रही परेशानी को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा था। जहाँ उसने ट्राईसाइकिल की मांग संबंधी आवेदन अतिरिक्त जिला कलेक्टर भंवरलाल जनागल को सौंपा। एडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज कल्याण अधिकारी शुभम नागर को तत्काल ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही समाज कल्याण विभाग द्वारा बालक जितेंद्र को अटरू में ट्राईसाइकिल सौंप दी गई, ट्राईसाइकिल मिलने के बाद जितेंद्र ने खुशी जताते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया । बाइट- भंवरलाल जनागल , एडीएम , बारां ।
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जयपुर में डीएलसी दरों में 5–40% बढ़ोतरी की सिफारिश, कुछ कॉलोनियों में 49%

Jaipur, Rajasthan:एंकर-जमीन खरीदना अब और महंगा होने जा रहा है। एक बार फिर डीएलसी दरों में इजाफा हो गया हैं। इसकी शुरुआत जयपुर से हो चुकी है, जहां जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में डीएलसी कमेटी की बैठक में अलग-अलग इलाकों की नई दरों पर मंथन हुआ। अधिकांश क्षेत्रों में 5 से 40 फीसदी तक और कुछ चुनिंदा कॉलोनियों में 49 फीसदी तक डीएलसी बढ़ाने के प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी दी गयी है। नई दरें लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री से लेकर सरकारी मुआवजे तक पर सीधा असर पड़ेगा। वीओ-1-चार माह बाद फिर से जमीनों की डीएलसी दरों में इजाफा होने जा रहा है । जयपुर कलेक्ट्रेट में जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में डीएलसी कमेटी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों की मौजूदा बाजार कीमतों की समीक्षा करते हुए विभिन्न सब रजिस्ट्रारों ने अपने-अपने क्षेत्रों के लिए संशोधित डीएलसी दरों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए। बैठक में अधिकांश क्षेत्रों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद उन्हें सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई। प्रस्तावों के मुताबिक जयपुर के अलग-अलग इलाकों में डीएलसी दरों में 5 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है। वहीं कुछ चुनिंदा कॉलोनियों में 49 प्रतिशत तक डीएलसी दर बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। बैठक में शहरी क्षेत्रों की उन जमीनों पर विशेष फोकस किया गया, जहां वर्तमान बाजार मूल्य और सरकारी डीएलसी दरों में बड़ा अंतर है। ऐसे क्षेत्रों में अधिकतम 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाजार मूल्य के अनुरूप संशोधन करते हुए अधिकांश स्थानों पर 35 प्रतिशत तक डीएलसी दर बढ़ाने की सिफारिश की गई है। कलक्टर संदेश नायक ने बताया की कुछ क्षेत्र की डीएलसी दरों में 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी का प्रस्ताव आया हैं तो ऐसे प्रस्तावों को अंतिम निर्णय के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया हैं....इसी तरह किसी क्षेत्र की मौजूदा डीएलसी दरों में कमी करने का प्रस्ताव के मामलों में भी जिला स्तर पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया हैं......इन प्रस्तावों को भी आवश्यक परीक्षण और स्वीकृति के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया हैं...... वीओ-2-प्रस्तावित संशोधन डीDLसी लागू होने के बाद यहां जमीनों की सरकारी कीमतों में बढ़ोतरी होगी। डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दर वह सरकारी बाजार मूल्य होता है, जिसके आधार पर जमीन और संपत्ति की खरीद-फरोख्त की रजिस्ट्री की जाती है। किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री डीएलसी दर से कम मूल्य पर नहीं हो सकती। आवासीय और व्यावसायिक श्रेणी के साथ-साथ सड़क की चौड़ाई के अनुसार भी डीएलसी दरें अलग-अलग निर्धारित की जाती हैं। डीएलसी दरों का महत्व केवल रजिस्ट्री तक सीमित नहीं है। सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों और भू-स्वामियों को दिए जाने वाले मुआवजे के निर्धारण में भी डीएलसी दर महत्वपूर्ण आधार होती है। ऐसे में प्रस्तावित बढ़ोतरी का असर संपत्ति की खरीद-बिक्री, स्टांप शुल्क, रजिस्ट्रेशन शुल्क और भूमि अधिग्रहण मुआवजे पर भी देखने को मिलेगा। अब डीएलसी कमेटी की सिफारिशों को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद संशोधित दरें लागू की जाएंगी, जिससे प्रदेशभर में जमीनों के सरकारी मूल्य में व्यापक बदलाव होने की संभावना है। गौरतलब हैं की 1 अप्रैल 2024 में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। दिसंबर 2024 में सरकार ने फिर 5 से 15 फीसदी तक दरें बढ़ाईं। अप्रैल 2026 में सरकार ने एक बार फिर 10 फीसदी की बढ़ोतरी की। बता दें कि अप्रैल में जयपुर के अलावा प्रदेश के सभी जिलों में भी सरकार ने 10 फीसदी डीएलसी की दरों में बढ़ोतरी की थी। इसके बाद मई में फाइनेंस सेक्रेटरी ने सभी कलेक्टर्स को जून के तीसरे सप्ताह तक डीएलसी की बैठक करने के निर्देश दिए थे। बहरहाल, सरकार का तर्क है कि डीएलसी दरों को बाजार भाव के करीब लाना जरूरी है... लेकिन सवाल ये भी है कि जब डीएलसी बढ़ेगी तो जमीन खरीदना महंगा होगा, रजिस्ट्री पर ज्यादा स्टांप ड्यूटी देनी पड़ेगी और कई मामलों में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा भी बढ़ सकता है। यानी एक फैसला... जो सरकारी खजाने की आय बढ़ाएगा, लेकिन आम खरीदार की जेब पर भी सीधा असर डालेगा। अब निगाहें राज्य स्तरीय डीएलसी कमेटी की अंतिम मंजूरी पर हैं।
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