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सेवा भारती ने सुपोषण भारत सप्ताह का आयोजन, प्रतियोगिता और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित
Guna, Madhya Pradesh:सेवा भारती गुना द्वारा 16 से 22 सितंबर तक सुपोषण भारत सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान जैन मिलन के सहयोग से बूढ़े बाला जी स्कूल में निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही, शिशु मंदिर गोशाला स्कूल में विद्यार्थियों के लिए आंख, दांत और रक्त जांच हेतु स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
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ग गांदरबल में पैडशाही नहर का बड़ा ब्रेक, मकान-खेतों में भारी नुकसान
Aram Pora, Ganderbal, Ganderbal, June 14: A major breach in the Padshahi Canal in the Reshipora area of Ganderbal early Sunday morning caused extensive damage to residential property and agricultural land, leaving residents and farmers distressed. According to locals, a sudden rush of water from the canal inundated several houses and vast stretches of agricultural fields, resulting in losses worth lakhs of rupees. Speaking to the media, a local resident said that they had repeatedly urged the concerned department to undertake proper desilting and maintenance of the canal, but no concrete action was taken. “We have suffered losses worth lakhs due to this major breach. We repeatedly raised concerns about the condition of the canal and demanded dredging and maintenance, but the department failed to act. Today, the breach has caused significant damage to residential houses and agricultural fields,” he said. The affected residents have appealed to the government and district administration to assess the losses and provide adequate compensation to those affected. They also urged the authorities to carry out necessary repair and maintenance works on the canal to prevent similar incidents in the future.0
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नेशनल हाईवे 719 पर डंपर की चपेट में बाइक सवार की मौत
Bhind, Madhya Pradesh:हेडर-14 सेकेंड में जिंदगी खत्म.....नेशनल हाईवे 719 पर मौत का मंजर, डंपर के पहियों तले कुचला बाइक सवार युवक, मौके पर मौत, सीसीटीवी में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना。 एंकर- भिंड ग्वालियर नेशनल हाईवे 719 भिंड बाईपास पर एक बार फिर रफ्तार और लापरवाही ने एक घर का चिराग बुझा दिया, देहात थाना इलाके के स्कूल के सामने दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की डंपर के नीचे आ जाने से मौके पर भी मौत हो गई, हादसा इतना भयावह था कि युवक का हेलमेट चकनाचूर हो गया और चेहरा पूरी तरीके से कुचल गया, पूरी घटना पास के एक होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके दृश्य बेहद बिचलित देने वाले हैं。 जानकारी के अनुसार उम्र थाना क्षेत्र के किटी गांव निवासी सौरभ यादव बाइक पर सवार हो कर सर्किट हाउस की ओर जा रहा था जैसे ही जनता बालक स्कूल के सामने बने ब्रेकर पर धीमा होते ही अपनी बाइक पर नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे फिसल गया, बाइक से गिरते ही सौरभ डंपर के पिछले पहिए पीछे चपेट में आ गया, हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई, सीसीटीवी फुटेज में साफ़ दिखाई दे रहा है के युवक हेलमेट पहने हुए था लेकिन टक्कर और कुचलना की वजह से उसका हेलमेट पूरी तरीके से चकनाचूर हो गया。 घटना के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया सूचना मिलते ही पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची सब को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, युवक के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिला लेकिन मोबाइल पर आए कॉल के जरिए परिजनों को सूचना दी गई हादसे की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों का रो रो कर बड़ा हाल है। पुलिस ने डंपर को जप्त कर देहात थाना परिषर में रखबा दिया है, और डंपर चालक की तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है ।0
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नाबालिग से दुष्कर्म: दो आरोपी गिरफ्तार, ब्लैकमेलिंग व अवैध वसूली का खुलासा
Begun, Rajasthan:रायपुर ग्रामीण पुलिस ने नाबालिग बालिका से जुड़े दुष्कर्म मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि दुष्कर्म प्रकरण के आरोपियों और उनके परिजनों को ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने की साजिश रची गई थी। आरोप है कि आरोपी मामले को सार्वजनिक करने और जेल भिजवाने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग कर रहे थे। विवेचना के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले, जिनसे पता चला कि आरोपी कई बार पीड़ित पक्ष के घर गए, लगातार फोन पर संपर्क में रहे और नगद तथा डिजिटल माध्यम से रकम भी प्राप्त की। जांच में ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली की पुष्टि होने पर पुलिस ने कांग्रेस नेता सूरज सिंह ठाकुर और मोहम्मद उस्मान सैफी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।0
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आवारा कुत्ते के हमले में 6 घायल, ग्रामीणों में दहशत
Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी- ग्राम सालखेड़ा में पागल कुत्ते के हमले से 6 लोग घायल, देर रात घर के बाहर सो रहे ग्रामीणों पर कुत्ते ने किया हमला, गांव में दहशत का माहौल है। राजपुर तहसील के ग्राम सलखेड़ा में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे के आसपास एक पागल कुत्ता गांव में घुस आया और घरों के बाहर सो रहे लोगों को काट लिया। कुत्ते के हमले में करीब 6 लोग घायल हुए हैं; सभी घायलों को राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने और रोकथाम अभियान चलाने की मांग की है।0
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पटना कोचिंग विवाद: नेपाल में प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत, हत्या की आशंका
Patna, Bihar:पटना में 2 जून को हुए कोचिंग विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है जब 2 जून को पोस्टर फाड़ने को लेकर हुए विवाद के बाद हुए हंगामे, पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े लोगों पर FIR की थी और रौशन आनंद को 3 जून को जेल भेज दिया था . पुलिस के FIR 410/ 26 में रौशन आनंद के साथ ही उनके भाई भी आरोपी बनाए गए थे और उसके बाद प्रिंस यादव फरार हो गए थे . अब इसी मामले से जुड़े प्रिंस यादव के नेपाल में संदिग्ध मौत की खबर है. नेपाल से मिली खबर के अनुसार घटना के बाद नेपाल पुलिस ने होटल में मौजूद 5 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.और शव को पोस्त्मर्तम के लिए यूरो hospital भेज दिया है . फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और मामले की जांच नेपाल पुलिस द्वारा की जा रही है. प्रिंस यादव नेपाल के विराटनगर के एक होटल में छुपे हुए थे. इसी दौरान उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में आज मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही नेपाल पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने होटल में उनके साथ मौजूद पांच युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. नेपाल पुलिस सूत्रों के मुताबिक़ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा. फिलहाल मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है.0
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पतंजलि IAS अकैडमी से IAS-IPS अधिकारी तैयार होंगे—रामदेव और अवध ओझा की घोषणा
Haridwar, Uttarakhand:योग गुरु स्वामी रामदेव अब आईएएस-आईपीएस अधिकारी भी तैयार करेंगे। स्वामी रामदेव ने पतंजलि ग्रुप की सिविल सर्विसेज एकेडमी की घोषणा की है। खास बात ये है कि इस एकेडमी का हेड सोशल मीडिया पर फेमस टीचर अवध ओझा को बनाया गया है। शनिवार सुबह अवध ओझा और स्वामी रामदेव साथ में योग करते हुए नजर आए। इस दौरान योग गुरु स्वामी रामदेव ने सिविल सर्विसेज अकैडमी के बारे में जानकारी दी। वहीं अवध ओझा ने भी बताया कि छात्र दिल्ली के बेस्ट टीचर और पतंजलि योगपीठ में सभी सुविधाओं के साथ तनाव मुक्त रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर सकेंगे।0
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ओवैसी बहराइच से विधानसभा चुनावों की तैयारी की समीक्षा के लिए यूपी पहुंचे
Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ, उत्तर प्रदेश: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी बहराइच से आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए उत्तर प्रदेश पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, "... इसके लिए अच्छी तैयारियां चल रही हैं।"0
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स्पेशल इनपुट के बारे में खबर
Ratlam, Madhya Pradesh:0
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पटना में स्क्रेप से बन रहीं आकर्षक कलाकृतियाँ, गंगा पथ की सुंदरता तेज
Patna, Bihar:पटना नगर निगम और स्मार्ट सिटी की ओर से राजधानी पटना में कबाड़ से अलग-अलग आकर्षण कलाकृति का निर्माण कराया जा रहा है...राजधानी पटना के JP गंगा पथ पर बिहार का प्रसिद्ध गोलघर का निर्माण स्क्रैप से कराया गया है विभिन्न तरह की गाड़ियों के चेन से इसका निर्माण किया गया है जो बेहद ही आकर्षक और खूबसूरत लग रहा है... जेपी गंगा पथ की खूबसूरती लगातार बढ़ रही है और इसी तरह स्क्रेप की कलाकृतियों के जरिए गंगा पथ को और आकर्षक बनाया जा रहा है राजधानी पटना के गली मोहल्ला और विभिन्न दुकानों से निकले स्क्रैप का उपयोग करके आकर्षक कलाकृति का निर्माण पार्क में और विभिन्न इलाकों में किया जा रहा है....0
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जहानाबाद में कड़ी सुरक्षा के बीच सिपाही भर्ती परीक्षा आज से शुरू
Jehanabad, Bihar:जहानाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) परीक्षा आज से शुरू हो गयी है। कदाचारमुक्त परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। परीक्षा को लेकर पूरे जिले में कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां तकरीबन चार हजार दो सौ अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है। यह परीक्षा 14 और 17 जून यानी दो दिनों तक आयोजित की जाएगी। दोनों ही दिन परीक्षा दो-दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिले के वरीय अधिकारी लगातार विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों के मुख्य द्वार पर सुरक्षा का बेहद सख्त नजारा देखने को मिला। अभ्यर्थियों को सघन तलाशी के बाद ही अंदर जाने दिया गया, यहाँ तक कि उनके जूते-मोजे तक की बारीकी से जांच की गई। केंद्र पर तैनात मजिस्ट्रेट ने बताया कि परीक्षा में किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या कागजात ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। गाइडलाइंस के मुताबिक परीक्षा हॉल में अभ्यर्थी अपने साथ सिर्फ एडमिट कार्ड और सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड ही ले जा सकते हैं। वही कदाचार और मुन्नाभाइयों यानी फर्जी परीक्षार्थियों पर नकेल कसने के लिए इस बार तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रवेश पत्र का मिलान करने के बाद जब अभ्यर्थी अंदर जा रहे हैं, तो प्रत्येक केंद्र पर उनकी फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जा रही है। साथ ही डिजिटल तरीके से बायोमेट्रिक लेने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि कोई भी अभ्यर्थी प्रतिबंधित सामग्री या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के साथ पकड़ा जाता है, तो इसे कदाचार मानते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह भर्ती परीक्षा राज्य के विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए आयोजित हो रही है। इसके तहत मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, मद्य सिपाही के 1,697 पद, कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय कक्षपाल के 2,431 पद, परिवहन विभाग, चलंत दस्ता सिपाही के 108 पद है। कुल 4,236 पद रिक्तियां है। सख्त सुरक्षा के बीच परीक्षा देने आये अभ्यर्थियों के हौसले बुलंद दिखे। परीक्षार्थियों ने बताया कि उनकी तैयारी पूरी है और परीक्षा के कड़े नियमों से वे संतुष्ट हैं क्योंकि इससे मेधावी छात्रों को सही मौका मिलेगा। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि वे इस बार अच्छे अंकों के साथ सफलता हासिल कर लेंगे।0
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देवघर महापौर रवि राउत ने हड़ताल के बीच खुद सफाई कर लोगों को राहत दी
Deoghar, Jharkhand:देवघर में सफाईकर्मियों की हड़ताल के बीच महापौर रवि राउत का अलग ही अंदाज देखने को मिला। शहर की सड़कों पर फैले कचरे को साफ करने के लिए महापौर खुद झाड़ू लेकर सड़क पर उतर गए। उनके साथ कई पार्षद भी मौजूद रहे। दरअसल, सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर कचरा सड़क पर फैला दिया था, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जनता की समस्या को देखते हुए महापौर रवि राउत ने खुद सफाई अभियान की कमान संभाली और सड़कों पर फैले कचरे को साफ किया। महापौर ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करना कर्मचारियों का अधिकार है, लेकिन इसके कारण आम जनता को परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने की अपील की।0
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यमुना सफाई का दिखावा या ठोस कदम? दिल्ली की घाटों पर बहस तेज
Delhi, Delhi:स्लग: यमुना सफाई या सिर्फ दिखावा? एक तरफ राजधानी दिल्ली में यमुना सफाई अभियान को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री से लेकर भाजपा के बड़े नेता और कार्यकर्ता यमुना किनारे झाड़ू लगाते नजर आए, पर उसी घाट से कुछ कदम की दूरी पर फैली गंदगी इस पूरे अभियान की हकीकत बयां करती दिखी। आखिर यमुना सफाई का यह महाअभियान जमीनी बदलाव है या सिर्फ कैमरों तक सीमित एक तस्वीर? देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने के अवसर पर भाजपा द्वारा राजधानी दिल्ली में युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया। यमुना किनारे मुख्यमंत्री से लेकर सांसद, विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता सफाई करते नजर आए। वजीराबाद के सूर्य घाट पर भी भाजपा नेताओं ने झाड़ू उठाकर सफाई अभियान को गति देने का संदेश दिया। लेकिन कैमरे जब सूर्य घाट से महज दस कदम आगे बढ़े तो तस्वीर कुछ और ही दिखाई दी। वजीराबाद बैराज के पास स्थित पुराने सुर घाट पर गंदगी के ढेर, कचरा और बदहाल हालात नजर आए। सवाल यह है कि जब यमुना सफाई का दावा किया जा रहा था, तब इस घाट को क्यों नजरअंदाज किया गया? यमुना किनारे पूजा-पाठ और स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी सफाई अभियान पर सवाल उठाए। श्रद्धालुओं का कहना है कि जहां पहले से साफ-सुथरा और पक्का घाट बना हुआ है, वहीं प्रतीकात्मक सफाई की जा रही है, जबकि जिन स्थानों पर वास्तव में सफाई की जरूरत है, वहां कोई कर्मचारी या जनप्रतिनिधि दिखाई नहीं देता। यमुना सफाई को लेकर हर बार बड़े-बड़े दावे किये जाते हैं। नेता हाथों में झाड़ू लेकर तस्वीरें खिंचवाते हैं, लेकिन अभियान खत्म होते ही हालात जस के तस दिखाई देते हैं। यही वजह है कि अब लोग पूछ रहे हैं कि क्या ये सफाई अभियान वास्तव में यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए है या फिर सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह गया है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाया गया यह विशेष अभियान अब सवालों के घेरे में है। क्योंकि युद्ध स्तर पर चले सफाई अभियान के बावजूद यमुना किनारे फैली गंदगी सरकार के दावों और जमीनी सच्चाई के बीच का अंतर साफ-साफ दिखा रही है। यमुना की सफाई के दावे भले ही बड़े हों, लेकिन घाटों पर पसरी गंदगी अब भी कई सवाल छोड़ रही है। सवाल यही है कि क्या सफाई अभियान तस्वीरों तक सीमित रहेगा या यमुना को वास्तव में स्वच्छ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।0
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आमेर महल में सुरक्षा कर्मी की ईमानदारी: खोया पर्स वापस लौटा
Jaipur, Rajasthan:ईमानदारी की मिसाल, आमेर महल में सुरक्षा कर्मी ने खोया पर्स लौटाया। पर्यटक को नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा पर्स लौटाया गया। सुरक्षा कर्मी अर्जुन जग्रवाल की कर्तव्यनिष्ठा की पर्यटकों ने की सराहना। सीढ़ियों के बाहर गश्त करते समय एक लावारिस पर्स दिखाई दिया। हरियाणा निवासी महिला पर्यटक का भ्रमण दौरान खो गया था पर्स। आमेर महल में CCTV कैमरे द्वारा महल प्रशासन की पैनी नजर दर्शाई गई।0
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झुंझुनूं लालपुर जमीन विवाद: पूर्व मंत्री गुढ़ा ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिले के बगड़ थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। दो दिन पहले राजस्व टीम और पुलिस की मौजूदगी में हुए विवाद के बाद अब पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी इस मामले में खुलकर सामने आ गए हैं। इसी क्रम में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा लालपुर पहुंचे। जहां उन्होंने पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए तथा अपना आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि जमीन विवाद के नाम पर एक पक्ष को जबरन कब्जा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान उनकी बात नहीं सुनी गई और दबाव बनाकर कार्यवाही की गई। ग्रामीणों ने मारपीट और पक्षपातपूर्ण रवैये जैसे आरोप भी लगाए। जिससे गांव में रोष का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने मौके से ही जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश तथा झुंझुनूं जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग से फोन पर बात की। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। गुढ़ा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और कानून के नाम पर दादागिरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बताया गया कि कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने गुढ़ा को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। इसके बाद गुढ़ा ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी बात प्रशासन तक पूरी मजबूती से पहुंचाई जाएगी। गौरतलब है कि दो दिन पहले एक खातेदार की ओर से दी गई सीमा ज्ञान की एप्लिकेशन पर झुंझुनूं तहसीलदार महेंद्र मूंड पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे थे। सीमा ज्ञान की प्रक्रिया शुरू होते ही दूसरे पक्ष ने विरोध कर दिया था। विवाद इतना बढ़ गया कि एक-दो युवक बिजली के ट्रांसफॉर्मर की ओर दौड़ पड़े और आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी दी थी। जबकि एक महिला भी बेहोश हो गई थी। काफी देर तक हंगामे के बाद राजस्व टीम और पुलिस को वापस लौटना पड़ा था। जानकारी के अनुसार विवाद परिवार की पुश्तैनी संपत्ति से जुड़ा हुआ है। एक पक्ष का कहना है कि परिवार के एक सदस्य ने अपने हिस्से की जमीन बेच दी थी। जबकि दूसरे पक्ष का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति पहले ही दूसरे परिवार में गोद जा चुका था और उसे इस जमीन को बेचने का अधिकार नहीं था। इसी विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। अब पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के मामले में सक्रिय होने के बाद यह विवाद और अधिक चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।0
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ईडब्ल्यूएस आरक्षण: आय सीमा 15 लाख करने की मांग, भूमि-भवन शर्तें हटाने पर जोर
Jhunjhunu, Rajasthan:उदयपुरवाटी, झुंझुनूं नांगल में ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच की बैठक आरक्षण की शर्तों पर उठी आवाज आय सीमा 8 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपए करने की मांग भूमि और भवन से जुड़ी पात्रता शर्तें हटाने की उठाई मांग पंचायत और निकाय चुनावों में ईडब्ल्यूएस को राजनीतिक आरक्षण देने की पैरवी प्रदेश के 15 जिलों में बैठकें पूरी, अब बनेगी आगे की रणनीति झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के नांगल गांव में ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच की बैठक आयोजित की गई। जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को आरक्षण का वास्तविक लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार की मौजूदा शर्तों में बदलाव की मांग उठाई गई। बैठक में मंच के संयोजक धर्मेंद्र सिंह राठौड़ और सदस्य yashvahrdan सिंह शेखावत ने भाग लिया तथा विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कठोर पात्रता शर्तों के कारण बड़ी संख्या में योग्य युवाओं को ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निर्धारित आठ लाख रुपये वार्षिक आय सीमा को बढ़ाकर 15 लाख रुपये किया जाना चाहिए। ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार इस श्रेणी का लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि भूमि और भवन से संबंधित सभी चार पात्रता शर्तों को समाप्त किया जाए। उनका कहना था कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों की परिस्थितियां अलग हैं और एक जैसी शर्तें लागू करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान के किसी छोटे शहर या कस्बे में 100 गज जमीन और मुंबई या गुरुग्राम जैसे महानगरों में 100 गज जमीन की कीमत और महत्व में जमीन-आसमान का अंतर है। ऐसे में वर्तमान नियम कई पात्र परिवारों को आरक्षण के लाभ से वंचित कर रहे हैं। यशवर्धन सिंह शेखावत ने कहा कि मंच की ओर से पूरे प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि राजस्थान में लागू मॉडल को पूरे देश में अपनाला जाए। ताकि आरक्षण का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि पंचायत और निकाय चुनावों में भी ईडब्ल्यूएस वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की भागीदारी लोकतांत्रिक संस्थाओं में बढ़ाना समय की आवश्यकता है। मंच पदाधिकारियों ने बताया कि अब तक प्रदेश के 15 जिलों में बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। झुंझुनूं जिले की बैठक नांगल में आयोजित की गई है। सभी जिलों में संवाद और बैठकें पूरी होने के बाद प्रदेशव्यापी रणनीति तैयार की जाएगी तथा ईडब्ल्यूएस वर्ग के अधिकारों और मांगों को लेकर आगे का आंदोलन तय किया जाएगा。 बाइट 01 : धर्मेंद्रसिंह राठौड़, संयोजक, ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच (बिना चश्में के) बाइट 02 : यशवर्धनसिंह शेखावत, सदस्य, ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच (चश्मा लगाया हुआ है)0
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