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RANDHIR CHANDELRANDHIR CHANDELFollow30 Apr 2025, 10:42 am

Guna - मैथिल ओझा समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन मे 33 जोड़ों ने लिए सात फेरे

Guna, Madhya Pradesh:

गुना मैथिल ओझा समाज मित्रमंडल सेवा समिति के सामूहिक विवाह सम्मेलन की शुरुआत धार्मिक उल्लास और परंपरागत वैदिक विधानों के साथ हुई । कार्यक्रम का आगाज विश्वकर्मा जी की पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुआ ।जिसमें समाज के सैकड़ों बंधु शामिल हुए। सम्मेलन में इस वर्ष कुल 33 जोड़े विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। जोड़े जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे हैं। आयोजन स्थल पर सुबह से ही सामाजिकजनों, रिश्तेदारों और बारातियों की चहल-पहल बनी रही। विवाह स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया है। प्रात:काल पूजा-अर्चना के बाद दोपहर में गंगाजली पूजन, कलश यात्रा और वेदी पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इसके बाद समाजिक चेतना सम्मेलन का आयोजन किया गया ।

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कर्णप्रयाग घटना: 30 मिनट में ऋषिकेश AIIMS पहुँचाकर पुलिस ने दिखाया मानवीय चेहरा

Rishikesh, Uttarakhand:सलग : घायल निहंग सिख को ऋषिकेश एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया, डॉक्टरों की टीम ने भी मुस्तैदी से उनका इलाज किया उत्तराखंड के कर्णप्रयाग प्रकरण से जुड़ी एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। इस घटना के दौरान घायल हुए और एम्स अस्पताल में भर्ती निहंग सिख ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि संकट के समय पुलिस ने जिस तत्परता से काम किया, उसकी वजह से आज वे सुरक्षित हैं। कर्णप्रयाग में हुई घटना के बाद घायल निहंग सिख को ऋषिकेश एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के बेड से जारी एक वीडियो में उन्होंने पुलिस प्रशासन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। घायल निहंग सिख ने बताया कि घटना के दौरान उनकी टांग में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था, और वे असहाय स्थिति में थे। लेकिन पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए, तत्काल सक्रियता दिखाई। महज आधे घंटे के भीतर पुलिस की टीम उन्हें घटनास्थल से रेस्क्यू कर अस्पताल ले आई। निहंग सिख ने साफ तौर पर कहा कि अस्पताल में भर्ती होने से लेकर इलाज चलने तक, पुलिस के आला अधिकारी और जवान लगातार उनके संपर्क में रहे। डॉक्टरों की टीम ने भी मुस्तैदी से उनका इलाज किया। पुलिस के इस मानवीय चेहरे और त्वरित कार्रवाई की अब चारों तरफ सराहना हो रही है। अमूमन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहते हैं, लेकिन कर्णप्रयाग मामले में पुलिस ने आधे घंटे के भीतर घायल को अस्पताल पहुँचाकर और बेहतर इलाज सुनिश्चित कराकर संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की है, जिसकी गवाही खुद पीड़ित दे रहा है।
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