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मधेपुरा में प्रेम-विवाह पर जाति तनाव: 25 दिन के नवजात की मौत

Madanpur, Bihar:मधेपुरा के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मंगलवार का दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो रही थीं। एक पिता अपनी गोद में महज 25 दिन के नवजात बेटे का शव लिए بیٹھا था। उसकी आंखों से आंساتू लगातार बह रहे थे, लेकिन शायद दर्द इतना बड़ा था कि अब शब्द भी उसका साथ छोड़ चुके थे। वह बार-बार बस एक ही बात कह रहा था—मैंने प्रेम विवाह किया था, कोई गुनाह तो नहीं किया था... फिर मेरे बेटे को यह सजा क्यों मिली? यह दर्दनाक मामला मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर वार्ड नंबर 9 का है। मृत बच्चे के पिता बाबुल यादव का आरोप है कि दो वर्ष पहले उन्होंने समाज और जाति की दीवारों को तोड़ते हुए गांव की ही मौसम चौधरी से प्रेम विवाह किया था। लेकिन यह शादी उनके परिवार को मंजूर नहीं थी। बाबुल बताते हैं कि शादी के बाद पंचायत हुई। काफी विवाद के बाद उन्हें घर के एक हिस्से में अलग रहने की अनुमति मिली। वह अपनी पत्नी के साथ अलग रहकर मजदूरी और मेहनत से जीवन चला रहे थे। समय के साथ उन्हें लगा कि शायद एक दिन परिवार की नाराजगी खत्म हो जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। करीब 25 दिन पहले मौसम ने एक बेटे को जन्म दिया। घर में किलकारियां गूंजीं तो बाबुल को लगा कि शायद अब सब कुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। बाबुल का आरोप है कि बीती रात उनके माता-पिता, भाई और परिवार के अन्य लोगों ने मिलकर उनके 25 दिन के मासूम बेटे की हत्या कर दी। हालांकि पुलिस जांच जारी है और मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। बाबुल के अनुसार रात करीब तीन बजे उनकी पत्नी शौचालय गई थी। वह गहरी नींद में थे। जब कुछ देर बाद बच्चे को देखा गया तो उसकी हालत गंभीर थी। बाबुल का दावा है कि बच्चे के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और नाक से खून भी निकल रहा था। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठा बाबुल बार-बार अपने बेटे के चेहरे को देख रहा था। कभी उसे सीने से लगा लेता, कभी उसके माथे को चूमता और फिर फूट-फूटकर रो पड़ता। उसके पास बैठे ससुर भी खामोश थे। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी इस दृश्य को देखकर नम हो रही थीं। बाबुल कहते हैं कि उन्हें पहले भी परिवार की ओर से धमकियां मिली थीं। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि हालात एक दिन इतने भयावह हो जाएंगे। सबसे ज्यादा दर्द शायद इस बात का था कि जिस बेटे के लिए उसने सपने देखे थे, जिसे गोद में खिलाने की तमन्ना थी, आज उसी बेटे का निर्जीव शरीर उसकी गोद में था। वह रोते हुए कहता रहा—जात-पात की यह दीवार आखिर कब टूटेगी? हमने प्यार किया, शादी की, अपना घर बसाया। क्या इसकी सजा मेरे मासूम बेटे को मिलनी चाहिए थी? हालांकि इस मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो पाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठे उस पिता की सिसकियां एक बड़ा सवाल जरूर छोड़ गईं—क्या आज भी प्रेम और इंसानियत से बड़ी जाति और समाज की दीवारें हैं? और उस सवाल का जवाब खोजते-खोजते बाबुल अपनी गोद में बेटे का शव लिए पत्थर सा बैठा रहा...
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कटिहार के मनिहारी PHC में नवजात गिरने के आरोप पर भारी आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग

Katihar, Bihar:अजीबो गरीब --कटिहार में नवजात गिरने के आरोप से हड़कंप, परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप कई दिनों तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के बावजूद बच्चे की स्थिति चिंताजनक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा -- पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और परिजन स्वास्थ्य विभाग से न्याय की मांग कर रहे कटिहार जिले के मनिहारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात शिशु के गिरने के आरोप को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया तथा अस्पताल परिसर में हंगामे जैसी स्थिति बनती जा गई。 परिजनों का आरोप है कि प्रसव के कुछ देर बाद ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी के हाथ से नवजात शिशु फिसलकर जमीन पर गिर गया। घटना के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि कई दिनों तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के बावजूद बच्चे की स्थिति चिंताजनक बनी रही。 मामले को लेकर परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में बरती गई कथित लापरवाही की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई。 वहीं, मनिहारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. इमरान आलम ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें मिली है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी。 फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और परिजन स्वास्थ्य विभाग से न्याय की मांग कर रहे हैं。
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भुसावळ के वांजोळा चौक पर अनधिकृत एक्सेस पॉइंट्स से 10 बार दुर्घटना, पुलिस जाँच में जुटी

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव , भुसावळ. जळगाव जिल्ह्यातील भुसावळ शहरातील वांजोळा चौक अपघातप्रवण ठरत असल्याची गंभीर बाब समोर आली आहे. गेल्या एका महिन्यात या चौकात तब्बल १० अपघात झाल्याची माहिती मिळाली आहे. या अपघातांचे प्रमुख कारण काही अनधिकृत ॲक्सेस पॉईंट्स असल्याचे समोर येत आहे. दरम्यान, या संदर्भातील सीसीटीव्ही फुटेज पोलिसांच्या हाती लागले असून त्यामध्ये वाहतुकीचे नियम धाब्यावर बसवून वाहनांची ये-जा होत असल्याचे दिसून आले आहे. या प्रकरणी पोलिसांकडून पुढील तपास सुरू असून अनधिकृत मार्गांवर कारवाईची मागणी नागरिकांकडून होत आहे.
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शिंदे बोले—मोदी के 12 साल पूरे, इतिहास में रिकॉर्ड बनेगा

Noida, Uttar Pradesh:MUMBAI: EKNATH SHINDE (MAHARASHTRA DEPUTY CM) ON PM NARENDRA MODI TO BECOME INDIA'S LONGEST CONTINUOUSLY SERVING PM ON JUNE 10TH/ 2 YEARS OF PM NARENDRA MODI LED CENTRAL GOVERNMENT मुंबई - महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले नरेंद्र मोदी के बारे में कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन करता हूं और उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने 12 साल तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर काम किया है. आज उनके तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो रहे हैं। उनके 4399 दिनों का कार्यकाल कल पूरा होगा जो एतिहासिक है. जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड के भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे निकल जाएंगे। यह 140 करोड़ देशवासियों केलिए बहुत गर्व और खुशी की बात है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 12 साल के कार्यकाल में देश को एक नई ऊंचाई हासिल करके दी है. एक नई ऊंचाई पर देश को उन्होंने पहुंचाया है जो देश की प्रगति, देश का विकास और देश की उन्नति और देश का नाम दुनिया में रोशन करने का काम प्रधानमंत्री ने किया है. उन्होंने एक भी दिन की छुट्टी न लेने वाले प्रधानमंत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है. आज की परिस्थिति में कई अन्य देशों की अर्थव्यवस्था भी डगमगा गई है और ऐसी परिस्थिति में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने देश की अर्थव्यवस्था न केवल बनाए रखी है बल्कि मजबूत की है..."
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मोहन यादव का विरोधी कांग्रेस पर आरोप: जानकारी छुपाने पर आत्ममंथन की सलाह

Noida, Uttar Pradesh:भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर कहा, "...कांग्रेस उम्मीदवार द्वारा जो जानबूझकर जानकारी छुपाई गई थी, यह आपराधिक रिकॉर्ड को छुपाने का पाप है। असल में अगर आपके खिलाफ कोई मामला हो तो यह लिखकर देना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ेगा कि कांग्रेस के लोगों ने षड्यंत्रपूर्वक अपने प्रत्याशी की यह जानकारी नहीं दी... आपने जानबूझकर निर्वाचन अधिकारी को भ्रम में रखा और इसी आधार पर जो फैसला हुआ उसका मैं स्वागत करता हूँ। कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए... मुझे लगता है कि कांग्रेस को हार का डर था... उनके साथ चुने हुए विधायक नहीं थे इसलिए उन्होंने एक षड्यंत्र किया... मुझे लगता है कि कांग्रेस को आत्मविश्लेषण करना चाहिए और अपने इस व्यवहार के लिए मध्य प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए... चुनाव अधिकारी ने जो निर्णय किया उसका हम स्वागत करते हैं। कांग्रेस गलत रास्ते पर जा रही है, इसलिए उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है."
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अलवर थप्पड़ केस: पादरी के समर्थन में प्रदर्शन, आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

Alwar, Rajasthan:अलवर थप्पड़ कांड: पादरी के समर्थन में संगठनों का प्रदर्शन, पूर्व विधायक समेत आरोपियों पर कार्रवाई की मांग अलवर में न्यायालय परिसर के बाहर पुलिस सुरक्षा के बीच पादरी राजकुमार के साथ हुई कथित मारपीट और थप्पड़ कांड ने अब तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को पादरी के समर्थन में सामाजिक और मानवाधिकार संगठनों से जुड़े लोग मिनी सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा。 ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि दिल्ली निवासी पादरी राजकुमार धोबी और उनकी पत्नी बाला के साथ पहले लाल डिग्गी क्षेत्र में भीड़ द्वारा अभद्रता, मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। इसके बाद जब पुलिस उन्हें सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश करने ले जा रही थी, उसी दौरान पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने कथित रूप से पुलिस घेरा तोड़कर पादरी को थप्पड़ मार दिया। ज्ञापन में इस घटना को कानून के शासन, न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करने वाला बताया गया है। साथ ही मांग की गई है कि पादरी और उनकी पत्नी के साथ मारपीट करने वाले सभी आरोपियों, जिनमें पूर्व विधायक का नाम भी शामिल है, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था में कथित चूक की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि घटना के बाद पादरी और उनके परिवार में भय का माहौल है, इसलिए उन्हें पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
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चित्तौड़गढ़ हाईवे पर दर्दनाक हादसा, पीछे से आयशर ट्रक घुसा; चालक मौत

Begun, Rajasthan:भदेसर, चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर थाना क्षेत्र में पंचदेवला के पास चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे पर मंगलवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में पीछे से आयशर ट्रक जा घुसा। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन में फंस गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने काफी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकालकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान कोटपुतली निवासी 40 वर्षीय दीपक शर्मा के रूप में हुई है। भदेसर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक व्यवस्था संभाली और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है.
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नगवा में मंगल पांडेय के गांव को लेकर जनता की आवाज़ और विकास के दावे

Ballia, Uttar Pradesh:चुनावी चाय आपकी राय कार्यक्रम में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडेय के गांव नगवा के लोगों से बातचीत. गांव नगवा में मंगल पांडे के नाम पर स्मारक महिला महाविद्यालय, पानी की टंकी और कुछ हद तक सड़कों का निर्माण कराया गया. गांव के लोगों का कहना है कि मंगल पांडेय ने आजादी का बिगुल फूंका लेकिन उनके सम्मान की पूर्ति पूरी तरह नहीं हो पाई. नगवा में मंगल पांडे के नाम पर कोई संग्रहालय नहीं है; विश्वविद्यालय में छात्र कम और टीचर संख्या अधिक नहीं. पानी की टंकी बनी है लेकिन पानी पीने योग्य नहीं. पर्यटन स्थल के रूप में नगवा को विकसित नहीं किया गया. चाय की चुस्की और झालमुड़ी के साथ पीपल के पेड़ के नीचे लोग राजनीति पर चर्चा कर रहे हैं. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर लोगों ने कहा कि सरकार जनता के दर्द को समझे और विकास को आगे ले जाए. ग्रामीणों ने खेती-किसानी और सरकारी योजनाओं में लापरवाही की निराशा व्यक्त की; लोग कहते हैं कि सिस्टम में खामियां हैं जिससे आम जनता परेशान है. सरकार योजनाएं दे रही है, पर लाभार्थियों को समय पर लाभ नहीं मिल पाता. महंगाई, पेट्रोल-डिजल और गैस कीमतों के बढ़ने पर ग्रामीणों ने नियंत्रण जरूरी बताया, वरना गरीब परिवारों के लिए जीना मुश्किल होगा.
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वृंदावन मंदिर के पास छज्जा गिरा, कई श्रद्धालु घायल

Mathura, Uttar Pradesh:वृंदावन में दर्दनाक हादसा: बांके बिहारी मंदिर के पास छज्जा गिरने से कई श्रद्धालु घायल, मची चीख-पुकार मथुरा। वृंदावन विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के पास मंगलवार शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के समीप गली नंबर-5 में बंदरों की उछल-कूद के कारण एक जर्जर मकान का छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इस हादसे की चपेट में आने से कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। छज्जा गिरते ही संकरी गली में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी घायलों को तुरंत मलबे से निकाला और इलाज के लिए रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है। मलबे में दबे आगरा, अलीगढ़ और राजस्थान के श्रद्धालु हादसे का शिकार हुए लोग उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और राजस्थान से ठाकुर जी के दर्शन करने आए थे। रामकृष्ण मिशन अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, घायलों में अलीगढ़ के रहने वाले 35 वर्षीय लक्ष्मीनारायण (पुत्र शिशु पाल) और आगरा के निवासी 35 वर्षीय विजय (पुत्र सतीश) शामिल हैं। इनके अलावा विजय के 5 वर्षीय मासूम पुत्र रुद्रांश, 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला उर्मिला देवी (पत्नी गोविंद लाल) और जगवती के पुत्र मेघा सैनी भी इस हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। वहीं राजस्थान से दर्शन करने आईं 26 वर्षीय चंचल प्रजापति (पुत्री ओमप्रकाश) और 48 वर्षीय जानकी देवी (पत्नी ओमप्रकाश) भी मलबे की चपेट में आने से घायल हुई हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। बंदरों के हुड़दंग से गिरा पुराना छज्जा, बढ़ाई गई सुरक्षा चश्मदीदों के मुताबिक, मंगलवार शाम को गली नंबर-5 में स्थित एक पुराने मकान के छज्जे पर बड़ी संख्या में बंदरों का झुंड आपस में लड़ रहा था। बंदरों की तेज उछल-कूद का दबाव यह जर्जर छज्जा बर्दाश्त नहीं कर सका और अचानक ढह गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने एहतियात के तौर पर दुर्घटना वाली जगह को बैरिकेड करके सुरक्षित कर दिया है। जिला प्रशासन ने वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं से संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की है और मंदिर मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
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राजकीय पॉलिटेक्निक गोपेश्वर के छात्र आदित्य नेगी का शव पाडुली जंगल में मिला

Karnaprayag, Uttarakhand:बीते कई दिनों से लापता चल रहे राजकीय पॉलिटेक्निक कालेज गोपेश्वर के 20 वर्षीय छात्र आदित्य नेगी का शव आज पाडुली के घने जंगल में सड़ी-गली अवस्था में Chamoli पुलिस ने बरामद किया । परिजनों ने कपड़ों और मौके से मिले मोबाइल फोन के आधार पर शव की पहचान की। पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच जारी है। Chamoli जिले के जोशीमठ निवासी 20 वर्षीय आदित्य नेगी राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज गोपेश्वर में द्वितीय सेमेस्टर का छात्र था, आदित्य का शव आज पाडुली गांव के घने जंगल में रौली ग्वाड़ की ओर सड़ी-गली अवस्था में बरामद किया गया। आदित्य नेगी गोपेश्वर में पढ़ाई के दौरान रौली ग्वाड़ स्थित किराये के कमरे में रह रहा था। उसके लापता होने के संबंध में मुकद्दमा संख्या 12/2026, धारा 140(3) बीएनएस के तहत गुमशुदगी दर्ज की गई थी। पुलिस और स्थानीय टीमों द्वारा की गई तलाश के दौरान शव आज बरामद हुआ। परिजनों ने कपड़ों और मौके से मिले मोबाइल फोन के आधार पर उसकी शिनाख्त की। इसके बाद पुलिस ने पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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पूर्व मंत्री उज्ज्वल विश्वास के घर BJP कार्यकर्ताओं का घेराव; अंडे फेंके गए

Krishnanagar, West Bengal:নদীয়া অনুপ কুমার দাস প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের প্রথম দিন থেকে সঙ্গী উজ্জ্বল বিশ্বাস। তিনি 2011 সাল থেকেই মন্ত্রী হয়ে আসছিলেন। ২০২৬ সাল পর্যন্ত তিনি মন্ত্রীছিলেন এবং ক্যাবিনেট মিনিস্টার ছিলেন। সেই উজ্জ্বল বিশ্বাসের চরম খারাপ পরিণতি নজরে এলো, তার বাড়ি থেকে কিছু ত্রিপল ত্রাণ সামগ্রী বিডিও অফিসে ফেরত পাঠাচ্ছিলেন, কারণ তিনি এখন মন্ত্রী নন, বিধায়ক ও নন। বাড়িতে বিজেপি কার্যকর্তারা এসে দেখে কোথায় পাচার হচ্ছে এই সব ত্রাণ সামগ্রী এই দাবি করে তার বাড়ি চড়াও হয়। স্থানীয় মানুষ ছিলেন তাকে ধরে বিক্ষোভ ডিম ছোড়া,শেষে পুলিশ সেন্টাল বাহিনী এসে উজ্জ্বল বিস্বাস কে উদ্ধার করে থানায় নিয়ে যায়। সঙ্গে তার দুই অনুগামী ও হেনস্ত হয়। একজন পুরুষ মানুষ একজন মহিলা মানুষ। তারা ছিলেন উজ্জ্বল বিশ্বাসের অনুগামী。
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Barabanki: सूरतगंज में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू: प्रशासन पर अनदेखी का आरोप l

NNitinFollow19m ago
Barabanki, Uttar Pradesh:बाराबंकी के सूरतगंज ब्लॉक में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में किसानों ने मंगलवार को अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। यह धरना सूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र के हनुमान मंदिर आश्रम टाणपर, छेदा में विभिन्न कृषि समस्याओं और प्रशासनिक अनदेखी के विरोध में चल रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्होंने लगभग 15 से 20 दिन पहले ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) को ज्ञापन सौंपा था। इस ज्ञापन में समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। धरने को संबोधित करते हुए भाकियू नेताओं ने बताया कि क्षेत्र के किसान और ग्रामीण लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना कर रहे हैं। ज्ञापन में प्रमुख रूप से गांवों में अधूरे पड़े इंटरलॉकिंग कार्य को शीघ्र पूरा कराने, खराब पड़े हैंडपंपों और नलों की मरम्मत कराने तथा डीएपी, यूरिया सहित अन्य आवश्यक खादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग उठाई गई थी। किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच कई स्थानों पर नल खराब पड़े हैं, जिससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, खेती-किसानी के लिए आवश्यक खाद समय पर उपलब्ध न होने से किसानों की परेशानियां बढ़ रही हैं। इसके अलावा, अधूरे इंटरलॉकिंग कार्य के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भाकियू पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ज्ञापन सौंपे जाने के बाद भी प्रशासन ने न तो कोई जानकारी दी और न ही समस्याओं के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया। प्रशासन की इस उदासीनता और लापरवाही से नाराज होकर किसानों को अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। धरनास्थल पर मौजूद किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक धरना जारी रहेगा। किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। इस दौरान तहसील अध्यक्ष शारदा बख्श सिंह, ब्लॉक उपाध्यक्ष संतोष कुमार, ब्लॉक सचिव विशाल शुक्ला, ब्लॉक महामंत्री प्रवेश कुमार, ग्राम अध्यक्ष विनोद कुमार, लवकुश सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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1.95 लाख पौधे रोपने के दावे की सचाई उजागर, पौधे कूड़े में पड़े

Hapur, Uttar Pradesh:5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर हापुड़ जिले में 1.95 लाख पौधे रोपने का दावा किया गया था. डीएम कविता मीना ने बड़े जोश-ओ-खरोश के साथ यह लक्ष्य पूरा करने और हरियाली बढ़ाने का श्रेय भी ले लिया. लेकिन अब हकीकत कुछ और ही सामने आई है! बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में पौधों का जो नज़ारा मिला है, वह किसी भी जागरूक नागरिक को झकझोरने के लिए काफी है. जो पौधे मिट्टी में रोपे जाने थे, वे किसी सरकारी गोदाम या नर्सरी में नहीं, बल्कि सीधे कूड़े के ढेर में सड़ते हुए पाए गए. यह न सिर्फ पर्यावरण के प्रति प्रशासन की संवेदनहीनता है, बल्कि सरकारी खजाने और लाखों रुपये की खुली बर्बादी भी है. मौके पर पहुंचे एसडीएम गढ़मुक्तेश्वर श्रीराम यादव ने भी अपनी जांच में इसे बड़ी लापरवाही माना है. एसडीएम भी इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से हैरान हैं. उन्होंने साफ कहा कि इन पौधों को रोपा जाना था, लेकिन इन्हें लापरवाही से एक जगह इकट्ठा करके फेंक दिया गया. एसडीएम ने इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान की सीधी जवाबदेही तय करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं. सवाल यह है कि आखिर 1.95 लाख पौधे लगाने का जो ढोल पीटा गया, उसकी मॉनिटरिंग किसने की? जब धरातल पर पौधे कूड़े में फेके जा रहे थे, तब जिला प्रशासन और खुद डीएम कविता मीना कहां सो रही थीं? क्या यह सिर्फ कागजों पर हरियाली का खेल था, या फिर सरकारी बजट को पलीता लगाने की एक सोची-समझी साजिश? ग्राम प्रधान से लेकर सचिव तक की जिम्मेदारी तो बनती है, लेकिन इस पूरी व्यवस्था को संचालित करने वाली डीएम कविता मीना की जवाबदेही कौन तय करेगा? क्या उनके निर्देशों का पालन धरातल पर नहीं हो रहा, या फिर वे सिर्फ अपनी पीठ थपथपाने तक सीमित रह गई हैं? फिलहाल, एसडीएम ने जांच का आश्वासन तो दे दिया है, लेकिन कब तक सरकारी फाइलों में हरियाली के नाम पर खिलवाड़ चलता रहेगा और कब ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई होगी?
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