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दमोह में डॉक्टर की बारात: दूल्हा-दुल्हन एक साथ घोड़ा बग्गी पर, महिला सशक्तिकरण संदेश
MDMahendra Dubey
Dec 05, 2025 01:15:26
Damoh, Madhya Pradesh
दमोह में अनोखी बारात देख रोमांचित हुए लोग, डॉक्टर की बारात में प्रोफेसर दुल्हनिया हुई घोड़ा बग्गी पर सवार और निकली शहर में.. एंकर/ अमूमन आपने सड़कों पर निकलने वाली बारातों में दूल्हे को घोड़ी या घोड़ा बग्गी पर सवार देखा होगा कई बार दुल्हन को बारात ले जाते देखा होगा लेकिन एमपी के दमोह में इससे आगे कुछ हुआ जहां सिर्फ दूल्हा या दुल्हन बारात लेकर नहीं निकले बल्कि एक ही घोड़ा बग्गी पर दूल्हा और दुल्हन सवार हुए और बारात पूरे शहर में निकली। इस अनोखी बारात को जिसने भी देखा वो देखते ही रह गया। ये सब दमोह के एक प्रसिद्ध चिकित्सक और समाजसेवी डॉ केदारनाथ शर्मा ने किया और इसके पीछे महिला सशक्तिकरण का संदेश देने की कोशिश की। दरअसल डॉ शर्मा के बेटे डॉ कार्तिक शर्मा की 4 तारीख को शादी प्रोफेसर रिया के साथ थी। और इस शादी को धूमधाम से किया जाना था और जब इसे यादगार बनाने का ख्याल डॉ शर्मा के मन में आया तो उनकी सोच बनी कि डॉक्टर बेटे और प्रोफेसर बहु की शादी के जरिए समाज को एक संदेश दिया जाए कि महिला सशक्तिकरण का नारा सिर्फ इबारतों में न लिखा जाए बल्कि इसी जमीन पर भी दिखाया जाए। फिर क्या था, बारात सजी, डॉक्टर दूल्हा बैंड बाजों और बारातियों को लेकर अपनी प्रोफेसर दुल्हन के ठिकाने पर पहुंचा जहां दुल्हन अपने दूल्हे का इंतजार कर रही थी और फिर दूल्हे ने दुल्हनिया को अपने साथ घोड़ा बग्गी पर सवार किया और बारात शुरू हुई तो इस जोड़ी के आगे बैंड और डीजे की धुन पर लोग नाचते गाते रहे, तकरीबन पूरे शहर में बारात निकाली गई, और लोग इस बारात को देखते ही रह गए। दमोह जैसे शहर में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी बारात में दूल्हा दुल्हन एक साथ बग्गी पर सवार होकर निकले। शहर भर में बारात निकालने के बाद दूल्हा दुल्हन शादी के मंडप में पहुंचे तो दोनों पक्षों के लोगों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और फिर वरमाला की रश्मों सहित तमाम रीतिरिवाज से शादी हुई। आज के युग में जब महिला या नारी सशक्तिकरण की बातें बड़े जोर शोर से होती हे और लड़कियां और महिलाएं सक्षम भी हो रही है उस दौर में छोटे शहरों में ऐसी शुरुआत को बेहद अहम कहा जा सकता है। इस अनोखी बारात और शादी समारोह में शामिल हुए लोग ये अब देखकर बेहद रोमांचित हुए और उन्होंने खुशियों के इन पलों के जरिए समाज को समानता का संदेश देने वाले निर्णय का स्वागत भी किया। इलाके में बड़ा नाम रखने वाले चिकित्सक और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में दशकों से अपना योगदान देने वाले चिकित्सक डॉ केदार नाथ शर्मा कहते है कि कई दिनों से वो देख रहे थे कि हमारा समाज बड़ी बड़ी बातें करता है महिलाओं और बच्चियों को लेकर दलील भी देता है लेकिन जब बारी आती है तो खास तौर पर छोटे शहरों में ऐसे मौकों पर निर्णय नहीं ले पाता और खास तौर पर शादियों में बहुत सोचता विचारता है और वही पुरानी सोच सामने लाता है। उनका मानना है कि समाज में पुरुष और महिलाओं की बराबर की हिस्सेदारी है और बारात जैसे विषय में सिर्फ लड़कों भर का नहीं बल्कि लड़कियों की भी हिस्सेदारी होनी चाहिए जिसे मन में विचार कर उन्होंने जमीन पर उतारा है और कोशिश की है कि हमारा समाज भी लड़कियों और महिलाओं को हर स्तर पर बराबर का सहभागी माने। बाइट/ राहुल टंडन ( बाराती दमोह) बाइट/ प्रशांत शुक्ला ( बाराती दमोह) बाइट/ डॉ केदारनाथ शर्मा ( प्रसिद्ध चिकित्सक दमोह)
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