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PPINEWZ8 May 2025, 07:47 am

Damoh: कोरांसा गांव में शराब को लेकर दो पक्षों में झगड़ा, 7 लोग घायल

Damoh, Madhya Pradesh:

दमोह जिले के देहात थाना क्षेत्र के कोरांसा गांव में देर रात दो पक्षों के बीच हिंसक झगड़ा हो गया। इस झगड़े में कुल 7 लोग घायल हो गए। झगड़े की वजह शराब पीना और गाली-गलौच करना बताया जा रहा है। गांव के साहू परिवार के घर के सामने कुछ युवक कई दिनों से शराब और गांजा पीकर हंगामा कर रहे थे। बीती रात जब साहू परिवार ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो बात बढ़ गई। नशे में धुत युवकों ने अपने साथी बुला लिए और दोनों पक्षों में लाठियों और धारदार हथियारों से मारपीट शुरू हो गई। एक पक्ष से पाँच और दूसरे पक्ष से दो लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। फिलहाल सभी का इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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चैनपुर के जमीन रजिस्ट्र्री घोटाला: असली रैयत रजिस्ट्री रद्द करने की मांग

Gumla, Jharkhand:चैनपुर में जमीन की कथित हेराफेरी का सनसनीखेज मामला, असली रैयतों की जमीन दूसरे के नाम कराए जाने का आरोप जिसके नाम से हुई रजिस्ट्री, उसी ने शपथ पत्र देकर कहा—“जमीन से मेरा कोई संबंध नहीं, नशे की हालत में कराए गए हस्ताक्षर” रौतिया समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी, असली रैयतों ने रजिस्ट्री रद्द कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गुमला जिले में जमीन की कथित हेराफेरी और फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराए जाने के आरोपों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। खासकर चैनपुर प्रखंड में रौतिया समाज से जुड़े लोगों की जमीनों को लेकर समय-समय पर विवाद और शिकायतें सामने आती रही हैं। कई मामलों में प्राथमिकी भी दर्ज होने की बात सामने आई है। अब चैनपुर के मौजा छतरपुर की एक जमीन को लेकर ऐसा ही गंभीर मामला सामने आया है, जिसने जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया और भू-अभिलेखों की जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला मौजा छतरपुर, थाना चैनपुर, थाना नंबर 159, खाता नंबर 45 से जुड़ा है। जमीन की वास्तविक रैयत जिरामुनी देवी और उनके तीन पुत्र कुलदीप रौतिया, कमलेश रौतिया एवं लखन रौतिया हैं। आरोप है कि इस जमीन को ऐसे व्यक्ति के नाम से रजिस्ट्री करा दी गई, जिसका उक्त खाता और जमीन से कोई संबंध ही नहीं है। “जिसके नाम से रजिस्ट्री, उसी ने कोर्ट में किया खुलासा” मामले में नया मोड़ तब आया, जब वीरेंद्र कुमार रौतिया ने चैनपुर थाना में लिखित शिकायत देने के साथ गुमला न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल कर पूरी घटना का खुलासा किया। शपथ पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि खाता नंबर 45 की जमीन से उनका कोई संबंध नहीं है और वे उक्त जमीन के मालिक या रैयत नहीं हैं। वीरेंद्र रौतिया के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को चैनपुर के कुछ लोग उन्हें लाल रंग की कार से गुमला लेकर आए। आरोप है कि उन्हें एक होटल में ले जाकर भोजन कराया गया और शराब पिलाई गई। इसके बाद उनका आधार कार्ड और फोटो यह कहकर लिया गया कि उन्हें सरकारी राशि दिलाई जाएगी। उन्होंने शपथ पत्र में आरोप लगाया है कि होटल में ही किसी राजकुमार नामक व्यक्ति के माध्यम से उन्हें कुछ रुपये दिए गए। वहां मौजूद लोगों ने रुपये लेते हुए उनकी तस्वीर भी खींची और बाद में यह कहकर राशि वापस लेने की बात कही कि वे नशे में हैं तथा चैनपुर पहुंचने पर पैसे दे दिए जाएंगे। कई कागजात पर हस्ताक्षर कराने और रजिस्ट्री कार्यालय ले जाने का आरोप वीरेंद्र रौतिया का आरोप है कि इसके बाद उनसे कई कागजातों पर हस्ताक्षर कराए गए। फिर उन्हें निबंधन कार्यालय ले जाया गया, जहां उनकी तस्वीर खिंचवाई गई। इसके बाद उन्हें चैनपुर लाकर मात्र तीन हजार रुपये दिए गए और दोबारा शराब पिलाकर घर छोड़ दिया गया। वीरेंद्र के अनुसार, बाद में जब उन्हें पूरे मामले की जानकारी हुई तो वे यह जानकर हैरान रह गए कि खाता नंबर 45 की जमीन में उनके नाम का इस्तेमाल करते हुए रांची की सुनीता देवी के नाम लगभग एक एकड़ दस डिसमिल जमीन का बिक्री-पट्टा/रजिस्ट्री दस्तावेज तैयार कराया गया है। “मैं जमीन का मालिक नहीं, सुनीता देवी को भी नहीं जानता” अपने शपथ पत्र में वीरेंद्र रौतिया ने कहा है कि उक्त जमीन के वास्तविक मालिक जिरामुनी देवी और उनके पुत्र हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि वह सुनीता देवी को नहीं जानते और न ही उन्होंने अपनी जानकारी एवं इच्छा से उक्त जमीन की बिक्री के लिए कोई दस्तावेज तैयार कराया है। उन्होंने न्यायालय में अपनी पत्नी सविता देवी के साथ उपस्थित होकर होशो-हवास में शपथ पत्र निष्पादित करते हुए कहा है कि उक्त जमीन की रजिस्ट्री कराने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। थाने में शिकायत, कार्रवाई का इंतजार वीरेंद्र रौतिया ने इस संबंध में चैनपुर थाना में लिखित शिकायत भी दी है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक मामले में पुलिस की ओर से किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अब यह जांच का विषय है कि आखिर जमीन की रजिस्ट्री किस आधार पर हुई, दस्तावेजों में किसके नाम और किस क्षमता में हस्ताक्षर कराए गए तथा निबंधन के दौरान प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों का सत्यापन किस प्रकार किया गया असली रैयतों ने रजिस्ट्री रद्द करने की मांग की इधर, जमीन की वास्तविक रैयत जिरामुनी देवी और उनके पुत्र कुलदीप रौतिया, कमलेश रौतिया एवं लखन रौतिया ने कथित रूप से गलत तरीके से कराई गई रजिस्ट्री को तत्काल रद्द करने की मांग की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग प्रशासन से की है。 रौतिया समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी मामले को लेकर रौतिया समाज में भी आक्रोश है। समाज के लोगों का कहना है कि यदि किसी की जमीन को गलत तरीके से दूसरे व्यक्ति के नाम हस्तांतरित करने का प्रयास हुआ है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि कथित गलत रजिस्ट्री को रद्द नहीं किया गया और मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अब इस पूरे मामले में प्रशासन, पुलिस और निबंधन विभाग की जांच से यह स्पष्ट होगा कि खाता नंबर 45 की जमीन की रजिस्ट्री किन दस्तावेजों और परिस्थितियों में हुई तथा वीरेंद्र रौतिया के नाम का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया। मामला गंभीर होने के कारण स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासनिक जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।
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दमोह के सिमरी चिंता गांव में दो किलोमीटर सड़क नहीं, बारिश में दलदल

Damoh, Madhya Pradesh:विकसित भारत की कल्पना के बीच खाट पर जीवन, दलदल में रहने मजबूर लोग.. एंकर/ देश विकसित होने की दिशा में कदम बड़ा है जोर शोर से ये दलील देश वासियों को दी जा रही है और हर तरफ इन दिनों यही बातें हो रही है लेकिन जिन जगहों से भारत बनता है मतलब गांव देहात उनकी जमीनी हकीकत यही है कि जमीन दलदल है और बीमार लोग इस दलदल को पार करने खाट पर लेटने मजबूर है। ये पहेली नहीं बल्कि आप खुद देखिए कि लोग कैसे जीवन काट रहे है जहां बीमार शख्स एंबुलेंस पर नहीं बल्कि खाट पर लेटकर लोगों के कंधों पर सवार होकर जाते है, जहां स्कूल के बच्चे पीठ पर बैग तो टांगते है लेकिन उनके पैर में चप्पल जूते नहीं होते क्योंकि जिस सड़क से उन्हें गुजरना है वो सड़क उन्हें जूते चप्पल पहनने की इजाजत नहीं देती। महिलाएं सर पर बर्तन रखकर एक किलोमीटर दूर पीने का पानी भरने जाती है और वो भी ऐसी ही कीचड़ भरी सड़क से। खाट पर मरीज को लिटा कर ले जा रहे लोग ऐसा करने के आदि हो चुके है और अक्सर इन्हें ये सब करना पड़ता है। ये तस्वीरें है दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लाक के सिमरी चिंता गांव की, गांव के नाम के साथ ही चिंता शब्द जुड़ा है और शायद इस शब्द से इस गांव के लोगों का गहरा नाता है और आजादी के बाद से आज तक यहां के लोगों को बारिश शुरू होते ही चिंता सताने लगती है कि अब जीवन थम सा जाएगा या उनके जीवन में चार से पांच महीनों तक सिर्फ परेशानी ही आने वाली है। सिमरी चिंता गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली करीब दो किलोमीटर की सड़क आज तक नहीं बनी और ऐसे में ही कई पीढ़ियां अपना जीवन काट चुकी है, बरसात के शुरू होते ही लोगों की चिंता बढ़ जाती है क्योंकि पहली बारिश में ही ये सड़क दलदल बन जाती है और फिर बारिश भले खत्म हो जाए लेकिन उसके बाद भी महीने भर बाद तक यानि कुल मिलाकर पांच महीनों तक लोगों को ऐसे ही परेशानियों में रहना पड़ता है। न सिर्फ बीमार लोगों को खाट पर ले जाना पड़ता है बल्कि स्कूली बच्चों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, मासूम बच्चे जब ऐसी सड़क से निकलेंगे तो आप खुद अंदाजा लगाये कि हालत क्या होती होगी वहीं आम लोगों की जिंदगी जैसे थम सी जाती है। गांव के लोगों के बीच कोई भी जाता है तो उन्हें उम्मीद होती है कि शायद उन्हें इस समस्या से निजात मिल जाएगी लेकिन उनके हिस्से में सिर्फ आश्वासन ही आते हैं। स्थानीय लोग अपनी परेशानियों को बताते हुए कहते है कि उनके गांव में भी नेता आते हैं वोट मांगते है वो लोग वोट करते भी है लेकिन उन्हें कोई दो किलोमीटर की सड़क नहीं दे पाया। इस गांव के लोग कई बार प्रदर्शन भी कर चुके लेकिन कोई फायदा नहीं मिला हालात जस के तस बने हुए है। एक बार फिर यहां के लोगों ने इलाके के एसडीएम को गुहार लगाई तो अब एसडीएम कह रहे है कि गांव में टीम को भेजा जा रहा है और यहां बुनियादी सुविधाओं के साथ सड़क निर्माण की प्रक्रिया भी होगी। सिमरी चिंता गांव के लोगों को फिर उम्मीद जागी है कि शायद अगली बारिश यानी अगले साल उन्हें परेशानी नहीं होगी ।
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पुरुलिया में मुख्यमंत्री के शून्य-सहनशीलता नीति के तहत टीएमटी बार रॉड कारखाने पर छापा

Purulia, West Bengal:পুরুলিয়া: মুখ্যমন্ত্রীর শুভেন্দু অধিকারীর জিরো টলারেন্স নীতি এবার শুরু হলো পুরুলিয়ায়। তৃনমূল আমল থেকে পুরুলিয়ার বুকে অবৈধভাবে রমরমিয়ে চলছিল নামিদামি ব্র্যান্ডের নামে কোটি কোটি টাকার নকল টিএমটি বার র Rod তৈরির কারখানা। সরকার বদলাতেই অভিযোগ জমা পড়তেই রাতারাতি অভিযানে নামে পুরুলিয়া জেলা পুলিশের গোয়েন্দা ও তদন্তকারী শাখা ডিইবি । দুদিন ধরে লাগাতার চলছে অভিযান । অভিযানে অবৈধ কারখানা থেকে বাজেয়াপ্ত করা হয় বিপুল পরিমাণে নকল টিএমটি বার র Rod। গত ২৫ সেপ্টেম্বর পুরুলিয়ার নিতুড়িয়া থানায় লিখিত অভিযোগ দায়ের করেন আইপি লিগ্যাল অ্যান্ড সার্ভেল্যান্স সার্ভিসেস প্রাইভেট লিমিটেডের জোনাল প্রধান টোটন চক্রবর্তী। সুপার এক্সটি ৬০০ নামে নকল টিএমটি বারের রড মজুত করা ও বাজারে সরবরাহের অভিযোগ উঠেছে পুরুলিয়া ইস্পাত অ্যালয় প্রাইভেট লিমিটেডের বিরুদ্ধে। ঘটনার তদন্তভার নেয় পুরুলিয়া জেলা পুলিশের গোয়েন্দা ও তদন্তকারী শাখা ডিইবি। গতকাল মাঝরাতে অভিযান চালিয়ে ওই কারখানা থেকে বাজেয়াপ্ত করা হয় ২৫ টন নকল টিএমটি বার রড। বাজেয়াপ্ত টিএমটি বারগুলি কোথা থেকে এসেছে, কোথায় তৈরি হয়েছে এবং কীভাবে সেগুলি বাজারে সরবরাহ করা হচ্ছিল, তা খতিয়ে দেখছে পুলিশ। এর পাশাপাশি এই ঘটনার পিছনে আরও কোনও ব্যক্তি বা বড়সড় উৎপাদন ও সরবরাহ চক্র জড়িত রয়েছে কি না, সেই বিষয়েও তদন্ত চালাচ্ছে পুলিশ।
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घाघरा में भारी बारिश से मकान ढह, कई परिवार बेघर, राहत-पुनर्वास की मांग

Gumla, Jharkhand:घाघरा में मूसलाधार बारिश बनी आफत, कई मकान धराशायी मलबे में दबा परिवार, ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर बचाई जान; कई परिवार बेघर गुमला। जिले के घाघरा प्रखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। बारिश के कारण कई गांवों में कच्चे और एस्बेस्टस की छत वाले मकान ढह गए। कई परिवारों के घर और घरेलू सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गए हैं। सबसे बड़ा हादसा गोया गांव में हुआ, जहां रफीक खान के घर की दीवार अचानक ढह गई। दीवार की चपेट में बगल स्थित जियाउल खान के मकान की दीवार और एस्बेस्टस की छत भी आ गई। देखते ही देखते मकान का मलबा परिवार के ऊपर जा गिरा और परिवार के सदस्य उसमें दब गए। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तत्काल राहत-बचाव शुरू कर सभी को मलबे से बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, गुमला भेजा गया। कहीं दीवार गिरी, कहीं छत ढही बारिश का असर घाघरा के कई गांवों में देखने को मिला। सरांगो नवाटोली में शंकर उरांव के मकान की दीवार गिरने से एस्बेस्टस की छत क्षतिग्रस्त हो गई और घर का सामान बर्बाद हो गया। मलगो गांव में लक्ष्मण राम के मकान की दीवार गिरने से छत का काठ और एस्बेस्टस नीचे आ गिरा। मलबे में करीब 10 बोरी चावल-गेहूं, लहसुन, प्याज और दो साइकिलें दबकर नष्ट हो गईं। वहीं, घाघरा छठ मोहल्ला निवासी ललिता देवी का मकान भी छप्पर और एस्बेस्टस टूटने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सलगी गांव में जलजमाव के कारण जगमोहन लोहरा का मकान भी धराशायी हो गया। परिजनों का आरोप है कि सड़क किनारे बने नए छोटे पुल के ऊपर से पानी बहकर घर में घुस गया, जिससे मकान को नुकसान पहुंचा। बारिश ने छीना आशियाना, मदद की आस लगातार बारिश के कारण कई प्रभावित परिवारों के सामने रहने और घरेलू सामान बचाने का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त मकानों का स्थल निरीक्षण कराने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और उचित मुआवजा व आवास देने की मांग की है। बारिश के बीच घाघरा में हुए नुकसान ने ग्रामीण इलाकों में आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रभावित परिवारों को प्रशासनिक मदद का इंतजार है।
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झांसी में सेना ट्रक की टक्कर से दो महिलाएं मर गईं

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी में बबीना थाना क्षेत्र के छावनी इलाके में ट्रंका रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास बीती रात सेना के ट्रक की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, दोनों के शव काफी देर तक ट्रक में ही फंसे रहे। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शवों को बाहर निकाला गया, मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक महिला अंगूरी अहिरवार और किशोरी सेजल के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि निवाड़ी जिले के चकरपुर निवासी अंगूरी पड़ोस में रहने वाली किशोरी सेजल के साथ रतौली गांव में भंडारे में शामिल होने गई थीं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद दोनों ऑटो से वापस लौट रही थीं। रास्ते में अचानक ऑटो खराब हो गया। इसके बाद दोनों पैदल ही आगे जाने लगीं। जैसे ही टूका रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचीं, तभी सामने से आ रहे टैंक से लदा सेना का ट्रक ने दोनों को टक्कर मार कर कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ट्रक के नीचे फंसे शवों को किसी तरह बाहर निकाला गया, पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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नीमकाथाना में स्कूल शिक्षक की सड़क हादसे में मौत, चालक फरार

Sikar, Rajasthan:जिला: सीकर विधानसभा: नीमकाथाना लोकेशन: नीमकाथाना, सीकर पाटन में सड़क हादसे में व्याख्याता नरेश सैनी की हुई मौत। श्यामपुरा राजकीय विद्यालय में भौतिक विज्ञान के व्याख्याता थे नरेश सैनी।शव को रखवाया जिला अस्पताल में मोर्चरी में। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सोपा पुलिस जुटी मामले की जांच में。 सीकर जिले के नीमकाथाना इलाके के डाबला-नीमकाथाना रोड पर रामनगर के पास शनिवार को दर्दनाक सड़क हादसे में सरकारी स्कूल के लेक्चरर नरेश सैनी की मौत हो गई। स्कूल की छुट्टी के बाद बाइक से घर लौट रहे नरेश की बाइक को सामने से आए मिनी ट्रक (टाटा 407) ने टक्कर मार दी।हादसे में नरेश सैनी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें नीमकाथाना जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद मिनी ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है。 पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। थानाधिकारी सुनीता बायल ने बताया कि नरेश सैनी श्यामपुरा गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भौतिक विज्ञान के लेक्चरर थे। स्कूल की छुट्टी के बाद वे बाइक से अपने गांव छावनी लौट रहे थे। इसी दौरान रामनगर के पास मिनी ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी。 नरेश के साथी लेक्चरर पंकज मीणा ने बताया कि नरेश सैनी सहित स्कूल के पांच शिक्षक रोजाना नीमकाथाना से करीब 35 किलोमीटर दूर श्यामपुरा गांव कार से आते-जाते थे। शनिवार को अन्य चार शिक्षक किसी काम के चलते स्कूल नहीं गए थे। ऐसे में नरेश अकेले बाइक से स्कूल गए थे। वापसी के दौरान हादसे में उनकी जान चली गई। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार मिनी ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।
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नर्मदापुरम-खंडवा हाईवे की मरम्मत को लेकर बीजेपी-कांग्रेस में घमासान

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे की मरम्मत को लेकर हरदा में बीजेपी और कांग्रेस के नेता आमने-सामने आ गए हैं। करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से 71 किलोमीटर सड़क की मरम्मत का काम शुरू होने के बाद इसका श्रेय लेने की होड़ दिखाई दे रही है। पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने जहां सड़क मरम्मत का भूमिपूजन किया, वहीं कांग्रेस विधायक डॉ. आरके दोगने ने इसे लेकर सवाल खड़े किए हैं। विधायक दोगने अब 27 सितंबर को छीपाबड़ से हरदा तक पैदल यात्रा निकालने की बात कह रहे हैं। नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे लंबे समय से बदहाल स्थिति में था। सड़क पर जगह-जगह गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से 71 किलोमीटर सड़क के मरम्मत कार्य की शुरुआत हुई है। लेकिन काम शुरू होते ही बीजेपी और कांग्रेस के बीच इसका श्रेय लेने को लेकर जुबानी जंग शुरू हो गई है। पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने सड़क मरम्मत का भूमिपूजन करते हुए विधायक आरके दोगने पर निशाना साधा। कमल पटेल ने आरोप लगाया कि विधायक बनने के बाद क्षेत्र में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं हुआ और पूर्ववर्ती सरकार के कार्यों का ही लाभ मिल रहा है। इस दौरान उन्होंने विधायक पर तीखी राजनीतिक टिप्पणी भी की। वहीं, कांग्रेस विधायक डॉ. आरके दोगने ने प्रेसवार्ता कर कमल पटेल के दावों पर सवाल खड़े किए। दोगने का कहना है कि उन्होंने मार्च-अप्रैल में मुख्यमंत्री से चर्चा कर 71 किलोमीटर सड़क की मरम्मत के लिए 12 करोड़ रुपए स्वीकृत करवाए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं था, तो कमल पटेल किस अधिकार से सड़क का भूमिपूजन कर रहे हैं। विधायक ने कमल पटेल के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का हिसाब देने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री विकास कार्यों में अड़चन पैदा करते हैं। दोगने ने कहा कि वे 27 सितंबर को छीपाबड़ से हरदा तक पैदल यात्रा निकालेंगे और सड़क के गड्ढों को लेकर जनता को वास्तविक स्थिति बताएंगे।
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बलिया तूफान अर्नव: आपदा कंट्रोल रूम निगरानी और स्कूल बंद, बिजली बहाल पर जोर

Ballia, Uttar Pradesh:बलिया में अर्नव तूफान पर आपदा कंट्रोल रूम की निगराणी; डीएम ने लिया जायजा. बलिया में तूफान के कारण लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. अब तूफान का असर कम हो रहा है, इसके बावजूद बलिया में शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई जगहों पर पेड़ गिरने से बिजली की सप्लाई बाधित हुई है. आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से आपदा कंट्रोल रूम मौसम के बदलाव पर निगरानी रख रहा है. बलिया के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया. जिलाधिकारी ने बताया कि बलिया में आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे लोगों की मदद के लिए तैयार है, सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर लोगों की सहायता के लिए प्रयास हो रहे हैं. जिलाधिकारी ने कहा कि बलिया में दो बड़ी नदियाँ हैं पर जलस्तर खतरे के बिंदु से नीचे है; बावजूद सभी तटवर्ती इलाकों में प्रशासनिक तैयारी पूरी है. जिला प्रशासन की तरफ से Yellow alert जारी करते हुए 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं. कई जगहों पर पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित है, पर विद्युत विभाग बिजली सप्लाई को सुचारु करने के लिए प्रयासरत है।
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गुमटी चोरी मामले: पिकअप चालक गिरफ्तार, दो साथी फरार, बरामद हुआ फ्रीज और ताला

Ansar Nagar, Jharkhand:गुमटी में चोरी कर सामान लेकर भाग रहा पिकअप चालक गिरफ्तार, दो साथी फरार, फ्रीज समेत चोरी का सामान बरामद.. चतरा :  जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में गुमटी दुकान का ताला तोड़कर सामान चोरी करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सदर थाना क्षेत्र के कसियाडीह गांव निवासी नरेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी का सामान, पिकअप वाहन और ताला तोड़ने में प्रयुक्त लोहे का सब्बल भी बरामद किया है। हालांकि इस दौरान उसके दो सहयोगी अजय यादव और घनश्याम यादव पुलिस को देखकर मौके से बाइक से फरार हो गए। सिमरिया के प्रभारी एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि विगत रात्रि गुप्त सूचना मिली थी कि सिमरिया-बगरा रोड स्थित बनहे के पास गुमटी दुकान में कुछ लोग चोरी कर रहे हैं। सूचना पर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल रवाना हुई। पुलिस ने बन्हे-हर्षनाथपुर मार्ग पर हर्षनाथपुर की ओर जा रहे पिकअप को रोककर जांच की। वाहन में दुकान का सामान बिखरा मिला। एसडीपीओ नें बताया कि पूछताछ में चालक ने पहले सामान के संबंध में टालमटोल की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की बात स्वीकार करते हुए अजय यादव और घनश्याम यादव के साथ वारदात में शामिल होने की जानकारी दी। हालांकि इस दौरान पुलिस के पहुंचते ही अजय और घनश्याम बाइक से मौके से फरार हो गए। जिसके बाद पुलिस की टीम नें ने मौके से पिकअप वाहन, वोल्टास कंपनी का फ्रीज, कोल्ड ड्रिंक्स, कुरकुरे व अन्य स्नैक्स तथा ताला तोड़ने में इस्तेमाल सब्बल बरामद किया। उन्होंने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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