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Vivek SenVivek SenFollow2 Sept 2024, 05:22 am
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सहकारिता विभाग देगा जनऔषधि केंद्र से हर जिले में 50-80% सस्ती दवाएं

Jaipur, Rajasthan:चिकित्सा के बाद अब सहकारिता में IAS समित शर्मा की जन औषधि क्रांति, हर जिले में खुलेगे जन औषधि केंद्र, मिलेगी 50 से 80% तक सस्ती दवाएं जयपुर-चिकित्सा विभाग के बाद अब सहकारिता विभाग जन औषधि केंद्र खोलेगा. हर जिले में एक औषधी केंद्र खोले जाएंगे. इन औषधि केंद्रों पर मार्केट रेट से बहुत सस्ते दामों पर दवा मिलेगी. सहकारी उपभोक्ता भंडार के जरिए ये औषधी केंद्र खोलने की तैयारी है. जेनरिक दवाओं के जनक फिर चर्चा में- राजस्थान में जेनेरिक दवाओं और विशेष रूप से 'निःशुल्क दवा योजना' के जनक और सूत्रधार आईएएस डॉ. समित शर्मा माने जाते हैं. उन्होंने ही वर्ष 2011 में राज्य के सरकारी अस्पतालों में आम जनता को मुफ्त और सस्ती जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने की इस क्रांतिकारी पहल को लागू किया था. लेकिन अब इस पहल को समित शर्मा और आगे बढा रहे है. अब चिकित्सा विभाग के बाद सहकारिता विभाग भी जन औषधि केंद्र खोलेगा. इस कदम से जेनेरिक दवाओं का ग्राफ और बढ़ेगा. हर जिले में एक जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे. 41 में से अब तक 29 जिलों में जन औषधि केंद्र के लाइसेंस मिल चुके है. जिल े के सरकारी अस्पताल या जिला उपभोक्ता भंडार में ये केंद्र खुलेंगे. जयपुर में कॉनफैड एसएमएस अस्पताल के चरक भवन में जन औषधि केंद्र खोलेगा. जेनरिक और ब्रांडेड दवाओं में अंतर- जेनेरिक दवाएं वे दवाएं होती हैं जो किसी ब्रांडेड दवा के फॉर्मूले का पेटेंट समाप्त होने के बाद बनाई जाती हैं. ये ब्रांडेड दवाओं के समान ही सुरक्षित, असरदार और गुणवत्ता वाली होती हैं, लेकिन उनकी तुलना में 50-80% तक सस्ती होती है. ब्रांडेड दवाएं एक विशेष ट्रेडमार्क नाम से बेची जाती हैं. वहीं, जेनरिक दवाएं अपने असली फॉर्मूले या सॉल्ट के नाम से बेची जाती हैं. ब्रांडेड कंपनियों को दवा की खोज और मार्केटिंग पर बहुत खर्च करना पड़ता है, इसलिए वे महंगी होती हैं. जेनरिक दवाएं सीधे सॉल्ट आधारित होती हैं, इसलिए ये बहुत सस्ती होती हैं. कंपनी और पैकिंग अलग होने के कारण इनका रंग या आकार ब्रांडेड दवा से अलग हो सकता है, लेकिन शरीर पर असर बिल्कुल समान होता है दवाओं की संख्या भी बढेगी- फिलहाल जयपुर के SMS अस्पताल और झुंझुनू में जन औषधि केंद्र खुले हुए है. दूसरें जिलों में औषधि केंद्र खोलने के लिए सहकारिता सचिव डॉ.समित शर्मा ने सभी जिला कलक्टर्स को जगह के आवंटन के लिए पत्र भी लिखा था. अब जल्द ही जयपुर के चरक भवन में नए जन औषधि केंद्र का उद्घाटन किया जाएगा. वहीं कॉनफैड के मेडिकल स्टोर्स पर दवाओं की संख्या 18 से बढकर 250 तक पहुंच गई है. यानी अब अधिकतर दवा सहकारिता के औषधि केंद्रों पर उपलब्ध होगी. इसके साथ साथ सर्जिकल आईटम भी सस्ती दर पर मिलेंगे.
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राजस्थान रोडवेज में पहली बार इलेक्ट्रिक बसें, 240 किमी तक सफर संभव

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। राजस्थान रोडवेज में ऐसा पहली बार होने जा रहा है, जब डीजल बसों के अलावा इलेक्ट्रिक बसें भी संचालित होंगी। रोडवेज प्रशासन ने इसके लिए 300 इलेक्ट्रिक बसें लेने की तैयारी की है। दरअसल अभी तक रोडवेज प्रशासन 2 तरह से बसें संचालित करता है। एक तरफ जहां खुद की करीब 2600 बसें हैं, जो कि रोडवेज प्रशासन ने खरीदी हुई हैं। वहीं दूसरी तरफ 800 से अधिक बसें अनुबंध पर लगाई हुई हैं। लेकिन ये सभी बसें डीज़ल से संचालित हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल की श्रेणी में रोडवेज के पास एक भी बस नहीं है। लेकिन अब रोडवेज प्रशासन पहली बार इलेक्ट्रिक श्रेणी की बसें अपने बेडे में शामिल करने जा रहा है। ईवी बसें 2 कम्पनियों से अनुबंध पर ली जा रही हैं। इसके लिए रोडवेज प्रशासन ने दोनों कम्पनियों को कार्य आदेश दे दिये हैं। एक कम्पनी से 54 बसें, जबकि दूसरी कम्पनी से 246 बसें ली जा रही हैं। दोनों कम्पनियों ने दिसंबर 2026 तक बसें मुहैया कराने की बात कही है। हालांकि रोडवेज प्रशासन बसें आने से पहले चार्जिंग प्वाइंट विकसित करने पर कार्य कर रहा है। दरअसल चार्जिंग प्वाइंट रोडवेज के डिपो में ही विकसित किए जाएंगे। पहली बार राज्य सरकार के किसी निगम में इतनी कम दरों पर ईवी बसें मिल रही हैं। इसके लिए रोडवेज एमडी पुरुषोत्तम शर्मा के प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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वैध दस्तावेज़ के बावजूद भूखण्ड स्वामियों को महावीर नगर पाल में कब्जा नहीं मिल रहा

Jodhpur, Rajasthan:अगर आपके पास जमीन के पूरे वैध दस्तावेज हों, रजिस्ट्री हो, पट्टे हों और राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज हो, फिर भी आप अपनी ही जमीन तक नहीं पहुंच सकें, तो इसे क्या कहेंगे? कुछ ऐसी ही पीड़ा लेकर जोधपुर के महावीर नगर पाल क्षेत्र के सैकड़ों भूखण्ड स्वामी अब प्रशासन के दरवाजे पर पहुंचे हैं। महावीर नगर पाल विकास समिति से जुड़े लोगों ने जिला कलेक्टर, जेडीए आयुक्त और पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर अपनी जमीनों पर कब्जा दिलाने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। भूखण्ड स्वामियों का दावा है कि उनके पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं और वर्ष 1985 में भूमि उपयोग परिवर्तन की स्वीकृति भी मिल चुकी है। इसके बावजूद वे अपनी ही संपत्तियों तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि कुछ लोगों ने कॉलोनी क्षेत्र में अतिक्रमण कर रखा है और वास्तविक मालिकों को भूखण्डों तक जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना है कि पहले भी चारदीवारी और अन्य निर्माण कार्यों को नुकसान पहुंचाया गया था, जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज हुई और न्यायालय में आरोप-पत्र भी पेश किया गया। इसके बाद भी हालात नहीं बदले। समidi का कहना है कि जब उन्होंने सीमांकन और विकास कार्य शुरू कराने की कोशिश की तो कथित तौर पर विरोध का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, हाल ही में जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से पुराने सीमांकन चिन्हों को भी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इससे भूखण्ड स्वामियों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि दस्तावेज वैध हैं और किसी न्यायालय का स्थगन आदेश भी नहीं है, तो फिर भूखण्ड स्वामी अपनी जमीन पर कब्जा क्यों नहीं ले पा रहे हैं? यही सवाल अब प्रशासन के सामने भी खड़ा हो गया है। ज्ञापन में भूखण्ड स्वामियों ने मांग की है कि उन्हें उनकी जमीनों तक निर्भय पहुंच दिलाई जाए, पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, अतिक्रमण हटाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित विभागों की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। फिलहाल महावीर नगर पाल के सैकड़ों भूखण्ड स्वामी एक ही सवाल पूछ रहे हैं—"जब कागज हमारे हैं, तो जमीन पर हमारा हक कब मिलेगा?"
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राजस्थान रोडवेज 300 ईवी बसें लेकर पहली बार इलेक्ट्रिक सेवा शुरू करेगी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के राजस्थान रोडवेज के बेड़े में पहली बार इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने जा रही हैं। रोडवेज प्रशासन 300 ईवी बसें लेने की तैयारी कर रहा है और इनमें से 54 बसें एक कंपनी से और 246 बसें दूसरी कंपनी से अनुबंध पर ली जाएंगी, जो दिसंबर 2026 तक पहुंचेंगी। बसों के लिए दर 34.41 रुपए प्रति किमी तय कही गई है। 53-सीटर एसी इलेक्ट्रिक बसें 13.5 मीटर लंबी होंगी। चार्जिंग प्वाइंट अभी नहीं बने हैं, पर 16 लोकेशनों पर चार्जिंग प्वाइंट बनाने की योजना है; निजी कंपनियां इन्फ्रास्ट्रक्चर लगाएंगी और रोडवेज भुगतान करेगी। बिजली का दर 12 रुपए प्रति यूनिट होगा। एक बस एक चार्जिंग में लगभग 240 किमी यात्रा करेगी, पर अधिकतम 210 किमी के रूट पर चलाने की योजना है ताकि ब्रेकडाउन का जोखिम कम रहे। इसके साथ ही 300 ईवी बसों के साथ पहली बार सिर्फ स्लीपर बर्थ वाली 30 बसों की खरीदने के कार्य आदेश जारी कर दिए गए थे; ये अगस्त 2026 तक मिल सकती हैं, और निजी कंपनियों की स्लीपर बसों को प्रतिस्पर्धा देंगी—हर बस में नीचे और ऊपर 18-18 स्लीपर बर्थ होंगे और बैठने की सीटें नहीं होंगी। राजस्थान के 16 शहरों के बीच ईवी बसें चलेंगी, जिनमें अलवर, भरतपुर, खैरथल तिजारा (एनसीआर), अजमेर, भीलवाड़ा, केकड़ी, कोटा, जोधपुर, जयपुर, ब्यावर, झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सिरोही, डूंगरपुर, टोंक और सवाईमाधोपुर शामिल हैं; दिल्ली रूट पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित न होने के कारण फिलहाल EV नहीं चलेंगी। कुल मिलाकर EV बसों के आने से रोडवेज के बेड़े में सुविधाजनक एसी बसों की शुरुआत होगी और 30 स्लीपर बर्थ के साथ विविधता आएगी।
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मुखर्जी नगर की कोचिंग क्लासेस: सुरक्षा नहीं, हादसे के बाद प्रशासन पर सवाल

Delhi, Delhi:लखनऊ में हुए लाइब्रेरी में आग लगने से 13 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हुई. उसके बाद भी प्रशासन अभी भी नहीं जागा है. हम इस समय दिल्ली के मुखर्जी नगर में मौजूद हैं जहाँ आज भी कोई भी हादसा हो सकता है. अगर मुखर्जी नगर की बात करें तो बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों में लाइब्रेरी और कोचिंग क्लासेस चल रही हैं जिनमें कई बच्चे मौजूद रहते हैं. न तो किसी के पास फायर की noc है और न ही exit के दो गेट जिससे अगर हादसा हो तो दूसरे गेट से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. यहाँ पर तमाम कोचिंग क्लासेस चलती हैं; दूर-दूर से बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं. जब कोई हादसा होता है तो सरकार जाती है और फिर थोड़ा दिन बाद सुस्त होकर बैठ जाती है, जिसका हर्जाना यहाँ आने वाले छात्रों को भुगतना पड़ता है. जब जी मीडिया की टीम मुखर्जी नगर पहुंचे तो पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने अपना दर्द कैमरे के सामने बयान किया. देखिए हमारे संवाददाता नीरज शर्मा की यह खास रिपोर्ट
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चानौत के टी-कनेक्शन विवाद पर ग्रामीणों का बड़ा आंदोलन, पानी के लिए तैयारी

Hansi, Haryana:हांसी के चानौत गांव में भाखड़ा जल आपूर्ति से जुड़े टी-कनेक्शन विवाद को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन जारी है। ग्रामीणों ने पूरे गांव में जंजीरों में बंधकर मार्च निकाला और सरकार के प्रति विरोध दर्ज कराया। गांव पेयजल समस्या से जूझ रहा है और वे चाहते हैं कि शहरी पाइपलाइन की टी से ही पानी मिले, अन्यथा आंदोलन चलता रहेगा। सरकार ने टी लगवाई थी, जिसका विरोध हुआ और विधायक विनोद भयाना पर टी हटवाने के लिए लाठीचार्ज और पुलिसReports के आरोप लगे। चानौत के विवादित स्थल को छोड़कर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया है, जो हांसी से बरवाला के राजली हेड तक जाएगी। अब विभाग ने चानौत के हिस्से को छोड़ते हुए राजली हेड की दिशा में पाइपलाइन बढ़ाने का काम शुरू किया है, ताकि पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। इस बीच ग्राम सभाओं के बीच राष्ट्रपति के नाम इच्छामृत्यु की मांग तक की चर्चा हुई और आंदोलन का समर्थन बढ़ रहा है। धरना स्थल पर सोमेश पंडित ने बताया कि आमरण अनशन तोड़वाने के प्रयास के बावजूद टी-कनेक्शन हटवाने की रणनीति जारी है और विधायक विनोद भयाना इसकी भूमिका के आरोप लगाते रहे। आगे भी पानी के स्थायी समाधान तक आंदोलन जारी रहने की शर्त दोहराई गई।
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नग्न वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग: जालौन में तीन गिरफ्तार

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन की कालपी कोतवाली पुलिस ने नग्न वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग और रंगदारी वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रंगदारी के रूप में वसूले गए 9200 रुपये, एक मोबाइल फोन तथा एक आरोपी के पास से अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। सीओ कालपी राजेश कमल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपी WALA एप के माध्यम से लोगों को फंसाकर उनकी नग्न वीडियो बनाकर उनसे ब्लैकमेलिंग करते थे और फिर उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए रंगदारी वसूलते थे। वही पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन में गठित टीम ने दर्ज मुकदमा की विवेचना के दौरान प्रकाश में आए आरोपियों सनी पुत्र संदीप कुमार निवासी सोहरापुर, पुष्पेन्द्र कुशवाहा उर्फ बाबा निवासी छौंक तथा पुष्पेन्द्र कुमार उर्फ राजा निवासी मोतीनगर-जोल्हूपुर को जोल्हूपुर-मदारीपुर रोड स्थित वन विभाग के वॉच टॉवर के पास जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान पुष्पेन्द्र कुशवाहा उर्फ बाबा के पास से 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए। मामले में साहिल नामक एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है。
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नशे में बस चलाने पर यात्रियों का हंगामा, परिचालक की तत्परता से टला बड़ा हादसा

Ajmer, Rajasthan:शराब का सेवन कर वाहन संचालन नियमों के तहत अपराध तो है ही लेकिन.. जब यह मामला रोडवेज की बस से जुदा हो तो हंगामा होना लाजमी है.. ऐसा ही मामला देर रात अजमेर के नसीराबाद के निकट पेश आया जहां जोधपुर डिपो की बस के चालक लक्ष्मण ने बस में सवार यात्रियों के जीवन को संकट में डाल दिया.. जोधपुर से बाराँ वाया अजमेर से रवाना हुई इस न के चालक ने नहा कर लिया और नसीराबाद की घाटी में न लहरा गई.. यात्रियों में हड़कंप मच गया .. मामले की गंभीरता को देख परिचालक रामप्रकाश ने बस को सुरक्षित पास के पेट्रोल पंप तक पहुंचाया और यात्रियों के हंगामे को देख नसीराबाद थाना पुलिस को सूचना दे दी.. मौके पर पहुंची पुलिस ने नशे में धूत चालक को हिरासत में ले लिया.. जबकि परिचालक की सूचना पर रोडवेज प्रबंधन द्वारा भेजे गए दूसरे चालक की मदद से बस को आगामी गंतव्य के लिए रवाना किया गया..लगभग डेढ़ घंटे से ज्यादा समय इस दौरान यात्रियों का खराब हो गया..इस मामले को गम्भीरता से ले रहे जोधपुर डिपो के चीफ मैनेजर उम्मेद सिंह ने बताया कि अनुबंधित बस के ड्राइवर को हटा दिया हे और न संचालक पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी.. मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी रही है। रोडवेज चालक द्वारा नशे में बस दौड़ाने पर यात्रियों का नसीराबाद में हंगामा, परिचालक की तत्परता से टला बड़ा हादसा नसीराबाद से लगभग अर्धरात्रि को एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रोडवेज बस चालक ने नशे में बस चलाकर यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। बस के खतरनाक तरीके से चलने पर यात्रियों में दहशत फैल गई और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार जोधपुर डिपो की रोडवेज बस जोधपुर से अजमेर होते हुए बारां जा रही थी। रोडवेज बस चालक लक्ष्मण पुत्र छोटू अजमेर तक सामान्य रूप से बस चला रहा था, लेकिन अजमेर से रवाना होने के बाद बेहद खतरनाक तरीके से बस चलने लगा। यात्री और परिचालक के मुताबिक चालक ने नशा कर लिया था और इसके बाद बस को लहराते हुए चलाने लगा अजमेर से नसीराबाद मार्ग स्थित बीर घाटी में बस के अनियंत्रित तरीके से चलने पर भयभीत यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिचालक रामप्रकाश ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को इस बस को हाईवे से निकलने के बजाए नसीराबाद शहर स्थित पेट्रोल पंप के पास रुकवाया और पुलिस को सूचना दी। सिटी थाना पुलिस ने यात्रियों और परिचालक से जानकारी लेने के बाद चालक को हिरासत में लेकर थाने भिजवा दिया। इसके बाद दूसरे चालक की व्यवस्था करवाकर लगभग डेढ़ घंटे बाद रोडवेज बस गंतव्य के लिए रवाना हुई। जिससे महिला, बच्चे और अन्य यात्री परेशान होते रहे। परिचालक की सतर्कता और यात्रियों की जागरूकता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया।
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Morena, Madhya Pradesh:
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