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BNSS के तहत विदिशा में 14 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क—पहला बड़ा केस

Vidisha, Madhya Pradesh:नशे के पैसों पर पुलिस का बड़ा वार, ₹14 लाख संपत्ति कुर्क. BNSS कानून का असर—विदिशा में पहली बार अपराध की कमाई जब्त. अब अपराध नहीं करेगा फायदा, नशा कारोबारियों पर आर्थिक चोट. एंकर - अब नशे का धंधा सिर्फ जेल तक नहीं… जेब तक भी भारी पड़ रहा है! विदिशा पुलिस ने ऐसा एक्शन लिया है, जो पूरे मध्यप्रदेश में मिसाल बन गया है—सीधे 14 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क! वीओ: कहानी शुरू होती है सिविल लाइन थाना क्षेत्र से… जहां NDPS एक्ट के तहत दो आरोपियों—जीतू उर्फ महेश और ज्योति कुचबंदिया पर केस दर्ज हुआ। जांच आगे बढ़ी… तो सामने आई 14 लाख रुपये की बड़ी रकम… शक गहराया कि ये पैसा नशे के कारोबार से जुड़ा है। बस फिर क्या था… पुलिस ने नए कानून BNSS की धारा 107 का इस्तेमाल किया… पुख्ता सबूतों के साथ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया… और खेल पलट गया! वीओ: कोर्ट ने सुनवाई के बाद बड़ा फैसला सुनाया—पूरे 14 लाख रुपये होंगे कुर्क! यानी अब अपराध की कमाई सीधे सरकार के खाते में जाएगी। वीओ: ये कार्रवाई इसलिए खास है… क्योंकि मध्यप्रदेश में इस तरह का यह पहला बड़ा मामला माना जा रहा है, जहां नए कानून के तहत अपराध की संपत्ति पर सीधा वार हुआ है। बाइट - रोहित काशवानी, पुलिस अधीक्षक. बाइट - डॉ. प्रशांत चौबे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक.
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शाहपुरा में पुलिस महानिरीक्षक रवि का निरीक्षण, जनता सुरक्षा पर जोर

Jaipur, Rajasthan:शाहपुरा(जयपुर ग्रामीण) - शाहपुरा में पुलिस महानिरीक्षक डॉ. रवि सोमवार को शाहपुरा पहुँचे। जहाँ शाहपुरा डीएसपी कार्यालय का वार्षिक औपचारिक निरीक्षण कर पुलिसिंग व्यवस्था का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने अधिकारियों से विभिन्न प्रगति रिपोर्ट लीं और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया और आमजन में सुरक्षा का विश्वास बनाए रखने के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान जयपुर ग्रामीण एसपी हनुमान प्रसाद मीणा, एडिशनल एसपी रणवीर सिंह, डीएसपी रामोतार और शाहपुरा थानाप्रभारी रिया चौधरी आदि मौजूद रहे।
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डायमन हार्बर के वकीलों का प्रदर्शन, पुलिस गिरफ्तारी पर सवाल

Jalabaria, West Bengal:ডায়মন হারবার ক্রিমিনাল ভোটের বার অ্যাসোসিয়েশনের সহ-সভাপতি নেয়ামত তোলা ওরফে বাপি বাড়িতে নির্বাচন কমিশনারের নির্দেশ মতন পুলিশ প্রশাসন_gi_e_gi_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ g_e_ (বাক্যে অনুচ্ছেদ) এই ঘটনায় তীব্র প্রতিবাদ জানায় আইনজীবীরা ডায়মনহারবার অ্যাসোসিয়েশনের কয়েকশ আইনজীবী ডায়মন্ড হারবার থানাতে এসে ডায়মন্ডহারবার থানার আইসি সঙ্গে বিষয়টি জানার চেষ্টা করেন। কে আইনজীবী বিরুদ্ধে কোন কেস নেই তার বাড়িতে পুলিশ কেন যাচ্ছে তাকে কেন খোঁজ নিচ্ছে ইতিমধ্যে বিষয়টি নিয়ে আলোচনা করে চেষ্টা চালাচ্ছ্ছে বিষয়টিকে।
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संतकबीरनगर के गायघाट शादी समारोह में विवाद के परिणामस्वरूप युवक की मौत

Uska Khurd, Uttar Pradesh:एंकर- संतकबीरनगर जिले में शादी समारोह के दौरान दो पक्षों में विवाद के बाद हुई मारपीट ने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मामले की जानकारी होने पर एसपी-डीएम ने घटना स्थल का जायजा लिया । पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज आगे की कार्यवाई में जुटे हैं। वीओ -पूरा मामला संतकबीरनगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के गायघाट गांव का है, जहां 26-27 तारीख की रात एक शादी समारोह चल रहा था। इसी दौरान बारात के बीच किसी बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। घटना के बाद अफरा तफरी मच गई। इस दौरान मारपीट की घटना में घायल एक 22 वर्षीय युवक अनिल की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जिले के आला अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले को लेकर पुलिस मुकदमा दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि अन्य की तलाश में कर रही है। वहीं पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने बताया कि गायघाट गांव में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। दोनों पक्ष एक ही समाज से जुड़े हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है。
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कौशांबी में विवाहिता ने पति- ससुराल पर गंभीर आरोप, न्याय की मांग

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी में एक महिला ने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कौशांबी के करारी थाना क्षेत्र के मलकिया गांव की रहने वाली लाडली बानो ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी शादी 27 फरवरी 2024 को महेवाघाट थाना क्षेत्र में हसीब अहमद के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद उसे पता चला कि उसके पति का अपनी सगी भाभी से अवैध संबंध है। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना की गई। पीड़िता का आरोप है कि वह गर्भवती थी, तब जबरन गर्भपात कराया गया। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। महिला का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायती पत्र में पति समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों पर मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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SC के सवाल: लिव-इन रिश्ते के जोखिम, शादी जैसी कानूनी सुरक्षा नहीं

Noida, Uttar Pradesh:लिव इन रिश्ते में हमेशा जोखिम, शादीशुदा संबंधों जैसी क़ानूनी बाध्यता नहीं- SC सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया है कि लंबे समय तक लिव इन रिलेशनशिप में रहने और इस रिश्ते से एक बच्चा होने के बाद कोई महिला कैसे अपने पार्टनर पर यौन शोषण का आरोप लगा सकती है। कोर्ट ने कहा है कि लिव इन रिलेशनशिप के अपने जोखिम होते है। इसमे शादीशुदा संबंधों जैसी स्थिरता और उसके मुताबिक क़ानूनी हक़ नहीं मिल सकते। जब कपल बिना शादी किए एक दूसरे के साथ रहते है तो वो कभी भी इस छोड़ सकते है। इस रिश्ते को खत्म कर देने से किसी पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। महिला ने लगाया लिव इन पार्टनर पर आरोप जस्टिस बी वी नागरत्ना ने यह टिप्पणी महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए दी जिसने अपने लिव इन पार्टनर पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया था। महिला का कहना था कि उसके पार्टनर ने इस बात को छिपाया था कि वो पहले से ही शादीशुदा था। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने महिला के लिव इन पार्टनर के खिलाफ BNSS की धारा 69, 115(2) और 74 के under दर्ज केस को रद्द कर दिया था। इस आदेश को महिला ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी 'शादीशुदा होने की बात छिपाई' आज सुनवाई के दौरान महिला की ओर से पेश वकील ने कहा कि उसकी मुव्विकल कम उम्र में ही विधवा हो गई थी। आरोपी ने उसकी हालात का फायदा उठाया।उसने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया। वकील ने दलील दी कि आरोपी ने महिला से वायदा किया था कि वो शादी करेगा पर उसका यह वायदा झूठा था क्योंकि वो पहले से शादीशुदा था। उसने अपने शादीशुदा होने की बात महिला से छुपाई। जब संबंध मर्जी से तो रेप कैसे! जस्टिस बी वी नागरत्ना ने कहा कि जब आपसी सहमति से सम्बंध बने तो रेप का अपराध कैसे बन गया। वे 15 साल से बिना शादी किए साथ रहे है। इस रिश्ते से एक बच्चा भी है। जस्टिस नागरत्ना ने इस रिश्ते पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला बिना शादी के उसके साथ इतने दिन क्यों रह रही थी! उसने 15 साल में शादी क्यों नहीं की。 जज ने कहा कि अब हम ऐसे सवाल पूछेगे तो लोग कहेगें कि हम पीड़ित को ही शर्मिंदा कर रहे है। वकील ने दलील दी कि पार्टनर के शादी के वादे के चलते ही वह उसके साथ इतने दिनों तक रहा लेकिन अब पार्टनर ने उसे छोड़ दिया लिव इन रिलेशनशिप के रिश्ते पर सवाल जस्टिस नागरत्ना ने लिव इन रिलेशनशिप के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में अगर लिव इन पार्टनर साथ छोड़ देता है तो इसके चलते उस पर कोई मुकदमा नहीं हो सकता । लिव इन रिलेशनशिप के अपने जोखिम होते हैं।इसमें शादीशुदा संबंध जैसे बंधन और कानूनी बाध्यता नहीं होती। अगर महिला शादीशुदा होती तो पति के अलग होने की सूरत में उसके क़ानूनी अधिकार कहीं ज़्यादा होते। वो मेंटनेस का दावा कर सकती थी।पति पर बहु विवाह का आरोप लगाते हुए केस कर सकती थी。 जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर यह मान भी भी लिया जाए कि महिला को उसके लिव इन पार्टनर ने बेवकूफ बनाया तब भी इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि महिला उस पार्टनर के साथ लंबे समय तक रिश्ते में रही और उनके एक बच्चा भी है *पार्टनर को जेल भेजने के बजाए बच्चे के लिए गुजारा भत्ते की मांग करें! कोर्ट ने महिला को भी सलाह दी कि वह अपने पार्टनर को जेल भेजने पर ध्यान लगाने के बजाए बच्चे के लिए गुजारा भत्ता हासिल के लिए कानूनी विकल्प आजमाए। जस्टिस नागरत्ना ने महिला के वकील से कहा कि अगर हम उसके पार्टनर को जेल भी भेज देते है तो उसे क्या हासिल होगा। हम बच्चे के लिए गुजारा भत्ता पर विचार कर सकते है। बच्चा सात साल का है। बेहतर होगा कि वो मध्यस्थता के ज़रिए गुजारा भत्ता मांगने विचार करे कोर्ट ने नोटिस करते हुए कहा कि वो इस पहलू पर विचार करेगा कि क्या दोनों पक्षों के बीच गुजारा भत्ता के लिए समझौता हो सकता है नहीं।
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मानस भुइयां फिर दौड़ने के लिए तैयार, लोगों की भलाई के लिए प्रचार

Katwa, West Bengal:मानस भुइयां एक बार फिर दौड़ने के लिए तैयार हैं—इस बार, लोगों को बचाने के लिए। "CPI(M) को वोट देना BJP को वोट देने के बराबर है। CPI(M) के सभी सदस्यों ने अब अपने लाल झंडे छोड़ दिए हैं, और वे 'लाल गिरगिट' से बदकऱ 'भगवा गिरगिट' बन गए हैं। जिस CPI(M) को हम जानते थे, वह अब अस्तित्व में नहीं है सिर्फ़ तृणमूल पर हमला करने के लिए— और विशेष रूप से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाने के लिए— उन्होंने अपने रंग बदल लिए हैं और भारतीय जनता पार्टी के कमल के फूल को उगाने वाले बन गए हैं।” मानस भुइयां ने आज कटवा के स्टेशन बाज़ार में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार, रवींद्रनाथ चटर्जी के समर्थन में प्रचार करते हुए पत्रकारों से ये बातें कहीं। यह याद दिलाना ज़रूरी है कि 15 जुलाई, 2009 को—वाम मोर्चा के शासनकाल के दौरान—मानस भुइयां, अपने साथ कांग्रेस के आठ अन्य विधायकों को लेकर, मंगलकोट (कटवा) के चुरपुनिया गाँव गए थे, ताकि CPI(M) द्वारा किए गए अत्याचारों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवारों का हालचाल जान सकें। उस दौरे के दौरान, प्रतिनिधिमंडल को CPI(M) की कुख्यात 'हरमाद' ब्रिगेड के हिंसक हमले का सामना करना पड़ा था। उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन, कांग्रेस नेता और विधायक मानस भुइयां को CPI(M) की हरमाद सेनाओं के पीछा करने से बचने के लिए खुले खेतों में दौड़कर भागना पड़ा था। प्रतिनिधिमंडल में शामिल अन्य विधायकों को भी चोटें आई थीं। वह बहुचर्चित घटना—सुरक्षा के लिए मानस भुइयां की जान बचाने वाली दौड़—राज्य की राजनीति की चर्चाओं में अक्सर सामने आती रही है। सोमवार को चुनाव प्रचार के लिए कटवा पहुँचे मानस भुइयां ने पत्रकारों से साफ़ तौर पर कहा कि वह एक बार फिर दौड़ने के लिए तैयार हैं—इस बार, लोगों की भलाई के लिए। श्री मानस ने आगे आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण तरीके से व्यवहार कर रहा है। अभिनेत्री कौशानी मुखर्जी भी आज श्री मानस के साथ कटवा से तृणमOOL कांग्रेस के उम्मीदवार, रवींद्रनाथ चटर्जी के समर्थन में प्रचार करने के लिए मौजूद थीं। साउंडबाइट: 1) मानस भुइयां, तृणमूल नेता।
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मैनपुरी-योगी सरकार की सख्ती के बीच बेखौफ दबंग,घात लगाकर हमला,अवैध असलहों से फायरिंग का वीडियो वायरल

Ajay KumarAjay KumarFollow10m ago
Karhal, Uttar Pradesh:कुर्रा/मैनपुरी कुर्रा थाना क्षेत्र के लहरा एमनीपुर गांव में घर जा रहे सत्यवान नाम के ग्रामीण पर दबंगों ने घात लगाकर हमला कर दिया। सवाल ये है कि जब CM योगी का बुलडोजर चल रहा है,तो ये दबंगों के हौसले इतने बुलंद कैसे ? प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही दबंगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हों,लेकिन मैनपुरी के कुर्रा थाना क्षेत्र में दबंग अब भी बेखौफ होकर कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे हैं। आरोप है कि हमलावरों ने अवैध असलहों से खुलेआम फायरिंग की और जमकर ईंट-पत्थर बरसाए,पूरी वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्षेत्राधिकारी से लगाई न्याय की गुहार दबंगों के आतंक से परेशान सत्यवान सोमवार को करहल तहसील मुख्यालय पहुंचा। पीड़ित ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। सुनिए पीड़ित सत्यवान की जुबानी इस हमले और दबंगों के खौफ को लेकर पीड़ित सत्यवान ने क्या कहा,आइए सुनते हैं...
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कृषि केंद्र चालकों के आंदोलन से किसानों को भारी नुकसान, आपूर्ति बाधित

Thane, Maharashtra:कृषी केंद्र चालकांच्या आंदोलनाचा शेतकर्‍यांना फटका... भिवंडी, शहапूर व कल्याण मध्ये बंदला उत्तम प्रतिसाद... अँकर... राज्यभरातील ८५ हजार कृषी सेवा बेमुदत बंद ठेवण्याचा निर्णय खते आणि बियाणे विक्रेत्यांनी घेतला आहे. केंद्र आणि राज्यसरकारच्या जाचक धोरणाच्या विरोधासह विविध मागण्यासाठी कृषी केंद्र चालकांच्या माफदा संघटनेतर्फे हा निर्णय घेण्यात आला आहे. दरम्यान या निर्णयाला देशभरातील अनेक राज्यातील कृषी केंद्र चालकांनी पाठिंबा दिला आहे. याच पार्श्वभूमीवर भिवंडी, शहापूर व कल्याण ग्रामीण भागातील कृषी केंद्रानी ही प्रतिसाद देत आपली केंद्रे बंद ठेवली आहेत. या आंदोलनाचा उत्तम प्रतिसाद मिळत आहे. मात्र ऐन रब्बी व भाजीपाला पिकाच्या हंगामा हे आंदोलन सुरु झाल्याने शेतकऱ्यांना याचा फटका सहन करावा लागत आहे. बि- बीयणे, किटक नाशके व खंतासाठी शेतकऱ्यांची वाताहात होत आहे. अनेक शेतकरी कृषी केंद्रात जाऊन फिरून जात आहेत. शासनाने लवकरात लवकर यावर तोडगा काढून हे आंदोलन थांबवावे अशी मागणी शेतकरी करत आहेत.
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बस्ती में दलालों के सिंडिकेट ने 4.75 करोड़ के फर्जी लाइसेंस घोटाले का खुलासा

Basti, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दलालों के एक सिंडिकेट ने अधिकारियों से साठ गाँठ करके फर्जीवाड़े का बड़ा खेल खेला है। इस गिरोह ने 4500 से अधिक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए जिसमें व्यक्ति कहीं और का और खेला करके उसका लाइसेंस बस्ती से जारी कर दिया गया और इसके जरिए करीब 4.75 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल बेहद संगठित तरीके से अंजाम दिया गया। दलालों ने आवेदकों की बैकलॉग एंट्री अरुणाचल प्रदेश से करवाई, और फिर बस्ती में लाइसेंस जारी करवा दिए गए। मिर्जापुर, संत कबीर नगर, पडरौना, गोरखपुर और आसपास के जिलों के आवेदकों के लाइसेंस भी इसी तरीके से बनवाए गए। जिससे सड़क सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है, क्योंकि बिना सही परीक्षण के जारी लाइसेंस लोगों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। ताजुब की बात तो यह है कि इसकी भनक परिवहन विभाग के किसी भी अधिकारी को नहीं लगी और धड़ाधड़ फर्जी लाइसेंस बनते रहे। वही आरटीओ फरीदुद्दीन ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद जाँच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है अभी तक आठ लाइसेंसों को निरस्त किया जा चुका है आगे अभी जांच जारी है जैसे जैसे फर्जी लाइसेंस मिलेंगे उनको लॉक किया जाएगा साथ ही साथ पिछले छः महीनों की डिटेल्स भी चेक की जा रही है जिन जिन आवेदकों ने चेंज ऑफ एड्रेस या रिन्यूएबल के लिए अप्लाई किया था उनकी भी जांच हम लोग करवा रहे हैं।
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चार लोगी मौत पर फूड पॉइज़निंग की आशंका: मुंबई के परिवार में दुखद हादसा

Mumbai, Maharashtra:मुंबई शाहिद शौकत मुंबई के पैधूनी इलाके में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मामला खाने से जुड़ी बीमारी (फूड पॉइज़निंग) का हो सकता है। क्या हुआ था? परिवार में पति, पत्नी और उनकी दो बेटियाँ (16 और 13 साल) शामिल थीं। 25 अप्रैल की रात परिवार ने रिश्तेदारों के साथ खाना खाया। रिश्तेदार चले जाने के बाद रात करीब 1–1:30 बजे परिवार ने तरबूज खाया। सुबह तक सभी को उल्टी, दस्त और तबीयत खराब होने की शिकायत शुरू हो गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई। जांच में क्या सामने आया? पुलिस ने फूड पॉइज़निंग का शक जताया है, लेकिन असली कारण अभी साफ नहीं है। बचे हुए तरबूज और खाना फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम हुआ है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट (हिस्टोपैथोलॉजी) आने के बाद ही असली वजह पता चलेगी। एक महत्वपूर्ण बात उसी रात जो रिश्तेदार खाना खाकर गए थे, उन्हें कुछ नहीं हुआ — इसलिए शक ज्यादा तरबूज या बाद में खाए गए खाने पर है। अभी तक यह पक्का नहीं कहा जा सकता कि सिर्फ तरबूज ही वजह था। जांच चल रही है, और रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मौत खराब खाना, ज़हरीला पदार्थ या किसी और कारण से हुई।
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वडेट्टीवार का ट्रंप पर विवादित बयान: क्या भारत में भी वही माहौल बनेगा?

Noida, Uttar Pradesh:Nagpur/Maharastra ट्रंप पर हमले को लेकर कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार का विवादित बयान, बोले— “जैसी करनी वैसी भरनी” जैसा करेगा, वैसा भरेगा। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान वैश्विक स्तर पर कई देशों को अस्थिर करने का काम किया। उनके मुताबिक, “सत्ता में रहते हुए उन्होंने दुनिया के कई देशों को कंट्रोल करने और डिस्टर्ब करने की कोशिश की। उनकी भाषा और नीतियों ने हालात बिगाड़े।” बिना सीधे संबंध के भी उन्होंने ईरान में हस्तक्षेप किया, जिसके परिणाम सामने आए。 वडेट्टीवार ने इस मुद्दे के जरिए केंद्र सरकार पर भी अप्रत्यक्ष हमला बोला। उन्होंने कहा कि “जैसा अमेरिका में हुआ, वैसा ही माहौल भारत में भी बन रहा है। लोगों को लग रहा है कि सब कुछ ‘ऑल इज वेल’ है, लेकिन देश बर्बादी के रास्ते पर जा रहा है।भारत में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध नहीं कर रहे, जबकि उनके मुताबिक जनता के भीतर असंतोष मौजूद है। कांग्रेस विधायक ने कहा, “जो जैसा करेगा, जनता उसे वैसा ही जवाब देगी। हालांकि, किसी भी सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के साथ ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी।”
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