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HGHarish GuptaFollow8 Aug 2024, 01:48 pm
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उनई में अवैध खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो जेसीबी और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खनन विभाग ने बहेड़ी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो जेसीबी और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लिया है। सभी वाहन अवैध खनन एवं खनिज परिवहन में संलिप्त पाए गए, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार, खनन अधिकारी मनीष कुमार को ग्राम उनई क्षेत्र में अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर टीम ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई। बुधवार देर रात ग्राम उनई के निकट औचक छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान खनन कार्य में लगी दो जेसीबी और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके पर मिलीं। अधिकारियों की टीम को देखकर वाहन चालक और संचालक वाहन लेकर भागने लगे। टीम ने उनका पीछा किया और सभी वाहनों को पकड़ लिया। इसके बाद वाहनों को सीज कर थाना बहेड़ी की अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया गया। खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार संबंधित वाहनों के खिलाफ अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के आरोप में अर्थदंड की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में करीब 10 लाख रुपये से अधिक की वसूली प्रस्तावित है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी तहसील सदर क्षेत्र के थाना सुभाषनगर में अवैध खनन में संलिप्त एक जेसीबी को सीज किया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अयोध्या राम मंदिर चंदे के FIR पर कांग्रेस ने राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया

Noida, Uttar Pradesh:वाराणसी, UP: अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में दर्ज FIR पर राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय कहते हैं, "...उन्होंने जो FIR दर्ज कराई, वह भी कांग्रेस के दबाव में कराई। क्योंकि कल कांग्रेस पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में सड़कों पर उतरी और राज्यपाल को एक पत्र सौंपा, जिसमें उनसे सरकार और ट्रस्ट को तुरंत मामला दर्ज करने और कार्रवाई करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया... चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए। गोपाल राव और चंपत राय के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए, जिन्होंने सारा पैसा हड़प लिया। अनिल मिश्रा, जिन्होंने कथित तौर पर कमीशन लिया... इन सभी चीजों के लिए उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए..."
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मुजफ्फरनगर पुलिस ने बंधे मजदूरों को आजादी और सम्मान दिया; परिवार reunion के साथ नया जीवन

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:थाने में दावत ( जब थाने में सजी दावत, पुलिस बनी परिवार... मुजफ्फरनगर पुलिस की मानवीय तस्वीर ने जीता दिल ) थाने में दावत दूना- Patti फैक्ट्री से बंधन मुक्त कराए गए 12 मजदूर और उनके परिजनों के लिए थाना परिसर में ऐसा माहौल देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो गया। यह तस्वीर बताती है कि वर्दी सिर्फ कानून का पालन कराने के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत की मिसाल पेश करने के लिए भी होती है। नेपाल, बिहार, उत्तराखंड और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से अपने परिजनों को लेने पहुंचे परिवारों की जब वर्षों बाद अपने अपनों से मुलाकात हुई तो कई आंखें नम हो गईं। इस भावुक पल के बीच मुजफ्फरनगर पुलिस ने सिर्फ कानून का फर्ज ही नहीं निभाया, बल्कि परिवार का दायित्व भी निभाया। थाना परिसर में महिला पुलिसकर्मी स्वयं रसोई संभालती नजर आईं। कहीं कचौरी बनाई जा रही थी तो कहीं स्वादिष्ट पकवान तैयार किए जा रहे थे। वहीं क्षेत्राधिकारी से लेकर थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी अपने हाथों से मुक्त कराए गए मजदूरों और उनके परिजनों को भोजन परोसते दिखाई दिए। कई मजदूरों ने बताया कि वर्षों बाद उन्हें इतना सम्मान और अपनापन मिला है। जिन लोगों ने लंबे समय तक बंधन और प्रताड़ना झेली, उनके लिए यह भोजन सिर्फ खाना नहीं बल्कि आजादी, सम्मान और नए जीवन का उत्सव था। मजदूरों और उनके परिजनों ने उत्तर प्रदेश सरकार और मुजफ्फरनगर पुलिस का आभार जताते हुए जमकर जयकारे भी लगाए। आपको बता दे कि पुलिस ने उनके रहने, खाने और सुरक्षित घर वापसी तक की पूरी व्यवस्था की है। आलाधिकारियों की माने तो भारत सरकार की तरफ से इन सभी बंधन मुक्त कराए गए मजदूरों को फिलहाल 30-30 हज़ार रुपये दिए जा रहे है लेकीन केस की विवेचना पूरी होने पर जो नाबालिक बंधन मुक्त मजदूर है उसे 2 लाख रुपये और अन्य मजदूरों को एक-एक लाख रुपए मुआवजे की धनराशि दी जाएगी। यह दृश्य उस सोच को भी बदलता है, जिसमें अक्सर पुलिस की केवल नकारात्मक तस्वीरें ही सामने आती हैं। मुजफ्फरनगर पुलिस की यह पहल बताती है कि वर्दी के पीछे संवेदनाओं से भरा एक मानवीय चेहरा भी होता है, जो जरूरतमंदों के लिए सहारा बनकर खड़ा रहता है। बरहाल बंधुआ मजदूरी के चंगुल से आजाद हुए इन लोगों के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस सिर्फ एक सरकारी विभाग नहीं, बल्कि नई जिंदगी देने वाला परिवार बन गई। इंसानियत और संवेदनशीलता की यह तस्वीर लंबे समय तक लोगों के दिलों में बनी रहेगी। इस पूरे मामले के बारे में जानकारी देते हुए सीओ फुगाना विश्वजीत सिंह ने बताया कि 22 तारीख को तितावी थाना पुलिस को सूचना मिलती है कि कुछ लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर दिन रात काम लिया जा रहा है। और यातनाएं दी जा रही है तथा उनका वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। सूचना पर तुरंत पुलिस कार्रवाई करते हुए एक रेड की संबंधित विभागों को सूचित कराया हमारे डीएम साहब को सूचित कराया गया। कमिश्नर साहब को सूचित कराया गया। एसएसपी साहब को सूचित कराया तुरंत हमारे एसएसपी साहब ने टीमें गठित की तुरंत एसपीआरए मौके पर आये। हम लोग मौके पर पहुंचे। और देखा गया कि वहां 12 लोगों को बंधवा मजदूर बनाकर रखा गया है। और उन्हें तरह-तरह की यातनाएं दी जा रही हैं। रात दिन उनसे काम लिया जा रहा है, उनको तनखवा भी नहीं दी जा रही है। उनको काम ना करने पर यातनाएं दी जा रही थी। और वह जब से यह यहां पर काम कर रहे थे, इनका वेतन भी नहीं दिया जा रहा था। इस सूचना पर आगे हमने कार्रवाई की तो उसमें दो लोग मिले उनको अरेस्ट किया गया एक शिवा त्यागी है और एक अंकित बालियान उसके फादर मौके पर मिल गए। 22 तारीख को पितामह थाना पुलिस को सूचना मिलती है कि कुछ लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर अनुच्छेद दिन रात काम लिया जा रहा है और यातनाएं दी जा रही है। तथा उनका वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। सूचना पर तुरंत पुलिस कार्रवाई करते हुए एक रेड की संबंधित विभागों को सूचित कराया गया हमारे डीएम साहब को सूचित कराया गया। कमिश्नर साहब को सूचित कराया गया। एसएसपी साहब को सूचित कराया तुरंत हमारे एसएसपी साहब ने टीमें गठित की तुरंत एसपीआरए मौके पर आये। हम लोग मौके पर पहुंचे और देखा गया कि वहां 12 लोगों को बंधवा मजदूर बनाकर रखा गया है और उन्हें तरह-तरह की यातनाएं दी जा रही हैं। रात दिन उनसे काम लिया जा रहा है। उनको तनखवा भी नहीं दी जा रही है। उनको काम ना करने पर यातनाएं दी जा रही थी। उनको मारा पीटा जा रहा था। और वह जब से यह यहां पर काम कर रहे थे। इनका वेतन भी नहीं दिया जा रहा था। इस सूचना पर जब आगे हमने कार्रवाई की तो उसमें दो लोग मिले उनको अरेस्ट किया गया। एक शिवा त्यागी है। और एक अंकित बालियान उसके फादर मौके पर मिल गए उनको गिरफ्तार किया गया। अंकित बालियान अभी फरार है। उसके लिए हमने टीमें बनाई है। और जगह-जगह दबिश दी जा रही है। संभावित ठिकानों पर उसके और जल्दी उसको भी पकड़ लिया जाएगा। इनको हमने रिलीज करा फिर उनको जेल भेजा गया, 83 बीएनएस मैं हमने इन लोगों के बयान कराए हैं। उसके बयान आज होंगे। उनके परिजनों से बात करके उनको सूचना कर दी गई है। वह उनको लेने आ रहे हैं। कुछ लोगों के आ भी चुके हैं। कुछ लोगों के रास्ते में हैं इन लोगों में बहुत खुशी है। यह अपने आप को बहुत ही रिलीफ महसूस कर रहे हैं। क्योंकि पिछले कुछ दिनों से यातनाएं झेल रहे थे। तो प्रॉपर खाना नहीं मिल रहा था। और अच्छा खाना नसीब हुआ है। देखो कितना खुश होकर खा रहे हैं। संभावित पेट भर के खाना इनको आज ही मिल रहा है इतने दिनों से लगातार यह भूखे चले आ रहे थे। इस संबंध में पता है। इन्होंने कुछ उन तथ्यों को वेरीफाई किया जा रहा है। इस पर अभी विवेचना चल रही है। जो भी फैक्ट्स होंगे उसे पर कार्रवाई की जाएगी। इनको भारत सरकार की तरफ से अभी तीन ₹30000 रुपया इम्मीडिएटली दिए जाएंगे। जो नाबालिक है जब यह विवेचना पूरी हो जाएगी तो ₹200000 जो वेस्ट है उनको ₹100000 का मुआवजा धनराशि दी जाएगी। अपील में यही कर रहा था कि किसी अनजान आदमी का विश्वास ना करें। किसी के चंगुल में न फंसे कभी भी नौकरी करनी है। तो वहां पर पहले से लोग काम कर रहे हो उनसे बात करें। फिर वहां जाकर जब करें नौकरी को अच्छी तरह से देख ले बीना जाने कोई बाद में आपको रहा चलते मिल रहा है। और वह नौकरी का लालच देता है। और आप उसके साथ चले जाते हो तो आप ऐसे बंधक बना लिए हैं। थोड़ा सा अपने दिमाग को खोलें अच्छे से देखें जांच पड़ताल करे उसके बाद आगे बड़े। बाइट - विश्वजीत सिंह ( सीओ फुगाना - मुजफ्फरनगर )
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पढ़े लिखे हथियार तस्कर: मेरठ से मुज़फ्फरनगर तक सप्लाई चेन का खुलासा

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:पढ़ लिखकर बने हथियार तस्कर एंकर - उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद पुलिस ने पढ़े लिखे युवको के एक ऐसे गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ़्तार किया है जो मेरठ जनपद से अवैध हथियार खरीद कर आसपास के जनपदों में सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमाया करते थे। बताया जा रहा है कि पकड़े गए इन हथियार तस्करों में एक ने आईटीआई की है तो दूसरा बीए पास कर एसएससी की तैयारी कर रहा है जबकि तीसरे ने भी 12th पास की है। आपको बता दे कि बेख़ौफ इन अभियुक्तों का कहना है कि जब तक अवैध हथियारों की डिमांड रहेगी तब तक वह इन्हें सप्लाई करते रहेंगे क्युकी अवैध हथियारों की डिमांड बहुत ज्यादा है और इससे उनकी अच्छी खासी कमाई हो जाती है। दरसअल भोपा थाना पुलिस ने बुधवार रात संदिग्ध व्यक्ति /वाहन चेकिंग के दौरान ककराला रजवाहे की पुलिया से एक स्कूटी सवार मेरठ निवासी तीन युवक रोहित,निखिल और विकास भाटी को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से पुलिस ने 10 अवैध तमंचे भारी मात्रा में कारतूस और एक स्कूटी भी बरामद है। जानकारी के मुताबिक पुलिस गिरफ्त में आये ये अवैध हथियार तस्कر अच्छे खासे पढ़े लिखे हैं जिसमें से निखिल नाम के युवक ने आईटीआई की है और विकास बीए पास कर एसएससी की तैयारी कर रहा है जबकि रोहित भी 12th पास कर एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। आलाधिकारियों की माने तो पुलिस पूछताछ में इन तीनों अभियुक्तों का साफ तौर पर कहना है कि वह मेरठ से एक तमंचे को ₹5000 में खरीद कर आसपास के जनपदों में ₹7000 का बेचते थे। और जब तक इन अवैध हथियारों की डिमांड रहेगी तब तक वह इन्हें सप्लाई करते रहेंगे क्यूंकि इन अवैध हथियारों को बेचकर उनकी अच्छी खासी कमाई हो जाती है। बरहाल इस पूरे मामले की अधिक जानकारी देते हुए एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाड़िक ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में जब वाहन चेकिंग चल रही थी। इसमें थाना भोपा द्वारा तीन अभियुक्त जिनकी तरफ़ से 10 अवैध तमंचे ,15 जिंदा कारतूस और एक स्कूटी बरामद की गई है। यह तीनों अभियुक्त रोहित, निखिल, विकास यह तीनों मेरठ के रहने वाले हैं। और इनके ऊपर सुसंगत धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया है। यह जो संपूर्ण कारवाही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में सीओ भोपा, एसएचओ आशुतोष और उनकी टीम द्वारा किया गया है। जितना अभी पूछताछ में सामने आया है। यह मेरठ से खरीद कर मुज़फ्फ़रनगर में बेचते थे। इनके फॉरवर्ड बैकवर्ड लिंकज की गहनता से जांच की जा रही है। और उसमें आगे जो भी लोग शामिल होगा उनके ऊपर भी कारवाही की जाएगी। इनका अभी तक अपराधी इतिहास संज्ञान में नहीं आया है। यह लोग पढ़ाई करते थे। जिनमें एक 19 साल का है। दो 21 साल के है। ये अपने कॉलेज में पढ़ाई करते थे। साथ ही साथ तमंचे को 5 हजार में खरीदकर 7 हजार में बेचकर जो फायदा होता था। वह कमाते थे। बाइट - अक्षय संजय महाड़िक ( एसपी ग्रामीण - मुजफ्फ़रनगर )
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मुजफ्फरनगर जेल में भाकियू(अ) का धरना, भ्रष्टाचार और पैसे की वसूली के आरोप

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुजफ्फरनगर भाकियू (अ) का जिला कारागार पर धरना प्रदर्शन, जेल में भ्रष्टाचार को लेकर भाकियू(अ) का प्रदर्शन, बन्दियों से पैसे मंगवाने के मामले ने पकड़ा तूल, बन्दीयां द्वारा पैसे नहीं मंगवाने पर की जाती है सजायफता कैदियों से पिटाई, पैसे नहीं देने पर पूरी रात जिला कारागार में बंद बंदी से दबवाये पैर, भाकियू (अ) प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक का आरोप जेल संबंधित अधिकारियों ने फोन भी उठाने सही नहीं समझे, बंदी ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा जो पैसे नहीं देता उसकी पिटाई होती है, जेल में सजायफता जैसे लोगों का गिरोह बना हुआ है जो हफ्ता वसूली करता है, जेल अधीक्षक ने 2 दिन में मुकदमा दर्ज करने के दिया आदेश, धरने के दौरान पुलिस वह कार्यकर्ताओं की हुई नोकझोंक, भाकियू कार्यकर्ताओं ने दरोगा पर लगाया शराब पीकर अ भद्रता करने का आरोप, मुजफ्फरनगर के जिला कारागार का मामला।
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1975 के आपातकाल की स्मृति: लोकतंत्र सेनानियों को मिला सम्मान, लोकतंत्र मजबूत रहा

Panchkula, Haryana:मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संविधान हत्या दिवस समारोह में की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत *पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संबोधन* आज उस दिन को याद करने आए हैं, जिसने भारतीय लोकतंत्र की आत्मा को झकझोर कर रख दिया था- मुख्यमंत्री आज ही के दिन, 25 जून, 1975 को, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर आपातकाल थोप दिया गया था आपातकाल के वे 21 महीने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय - मुख्यमंत्री सत्ता के मद में चूर एक परिवार ने देश की आज़ादी, संविधान और नागरिकों की गरिमा तीनों को एक साथ कुचलने का दुस्साहस किया विपक्ष के नेताओं को जेलों में डाल दिया गया, असहमति की हर आवाज़ को दबा दिया गया 12 जून, 1975 को माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद ने तत्कालीन प्रधानमंत्री का निर्वाचन ही अवैध घोषित कर दिया था 25 जून की मध्यरात्रि को पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया गया, और करोड़ों नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का गला घोंट दिया गया इस ललकार को कुचलने के लिए देश के हर बड़े विपक्षी नेता को सलाखों के पीछे डाल दिया गया एक परिवार के अहंकार की कीमत पूरे देश ने चुकाई- मुख्यमंत्री 1 लाख 11 हज़ार नागरिकों को आपातकाल की आड़ में जेलों में ठूंस दिया गया दिल्ली से तीन ओर से जुड़े होने के कारण हरियाणा तानाशाही का ज्यादा शिकार बना हरियाणा के 1 हज़ार 564 बेटों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल दिया गया लेकिन हरियाणा झुका नहीं गांव-गांव और खंड-खंड में जन जागरण अभियान चले- मुख्यमंत्री 21 महीने बाद, 18 जनवरी, 1977 को चुनाव कराने की घोषणा करनी पड़ी और देश की जागरूक जनता ने आपातकाल थोपने वालों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया वर्ष 1947 के बाद पहली बार केंद्र में गैर-कांग्रेसी सरकार बनी- मुख्यमंत्री लोकतंत्र सेनानी भी हमारे लिए प्रेरणा के अनंत स्त्रोत- मुख्यमंत्री हमारी सरकार ने वर्ष 2014 में सत्ता संभालते ही लोकतंत्र सेनानियों की सुध ली 26 जून, 2015 को रोहतक में पहला 'लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह आयोजित किया गया हमने उन्हें और उनके जीवनसाथियों को सरकारी कर्मचारियों के समान चिकित्सा सुविधा प्रदान की मासिक पेंशन शुरू की, जिसे बढ़ाकर अब 20 हज़ार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया आज प्रदेश के 501 लोकतंत्र सेनानियों और उनकी विधवाओं को यह पेंशन दी जा रही है 26 जनवरी, 2016 को गणतंत्र दिवस समारोहों में ताम्र पत्र देकर इन सेनानियों को सम्मानित किया गया यह जनता की शक्ति थी, यह लोकतंत्र की ताकत थी जिसने आपातकाल के अंधकार को चीर कर रख दिया लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने और सरकार बनाने तक सीमित नहीं, यह एक जीवन शैली एक मूल व्यवस्था है- मुख्यमंत्री पिछले 12 वर्षों में संविधान के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए पिछले वर्ष आज ही के दिन लोकतंत्र की हत्या के 50 वर्ष हुए थे पूरे इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे वर्ष को समृद्धि वर्ष के रूप में मनाने का किया था आह्वान आज का यह स्मृति समारोह केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं बल्कि भविष्य के लिए स्वयं को तैयार करने का संकल्प- मुख्यमंत्री
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खूंटी में मोहर्रम जुलूस नहीं निकलेगा; प्रशासन ने सुरक्षा के कारण अनुमति रोक दी

Khunti, Jharkhand:खूंटी में कल मोहर्रम सादगी से मनाने का निर्णय मोहर्रम समिति ने लिया है। जहाँ कल 26 जून को मोहर्रम है लेकिन 28 जून को मुस्लिम समाज द्वारा शहर में विशाल शोभायात्रा निकाले जाने की तैयारी थी। लेकिन 28 जून के लिए प्रशासन का परमिशन मिलने पर आयोजन समिति ने इस बार जुलूस निकालने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। वहीं पुलिस प्रशासन भी मोहर्रम पर्व में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसलिए आज शहर में जहां मुस्लिम क्षेत्र है। वहां यानि कर्रा रोड, मुख्य पथ, भट्ठी रोड, लियाकत अली गली, गच्छटांड़ आदि मुहल्लों का निरीक्षण किया गया। मौके पर एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि पर्व शांति पूर्ण तरीके से मनाने के लिए अपील की गयी है और शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस त्यौहार के दिन ही निकालने के लिए कहा गया है। वहीं 28 तारीख को जुलूस निकालने का परमिशन नहीं मिलने पर वार्ड पार्षद सह अंजुमन इस्लामिया समिति, खूंटी के पूर्व सचिव खालिद हुसैन ने कहा कि इस बार हम लोग शांतिपूर्वक अपने घरों में ही मोहर्रम पर्व मनाएंगे। इस बार मोहर्रम का जुलूस नहीं निकलेगा यह हम लोगों का निर्णय है। क्योंकि 28 जून के लिए जुलूस निकालने हेतु प्रशासन से परमिशन मांगा गया था लेकिन परमिशन प्रशासन ने नहीं दिया तो फिर नाराजगी है और अब हम लोग इस बार जुलूस नहीं निकालेंगे।
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समस्तीपुर में मुहर्रम के मद्देनजर फ्लैग मार्च, सुरक्षा-सौहार्द की अपील

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में मुहर्रम पर्व के मद्देनजर SDM संदीप कुमार एवं DSP संजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकला गया। रोसड़ा के क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में पुलिस बल के साथ निरीक्षण किया गया और स्थानीय लोगों से भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल में मुहर्रम मनाने की अपील की गई। अफवाहों पर नज़र रखने और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना प्रशासन को देने की बात कही गई। फ्लैग मार्च के क्रम में अति संवेदनशील स्थलों का जायजा लेते हुए मुहर्रम इंतजामिया समिति के सदस्यों से बातचीत भी की गई और सहयोग की अपील की गई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों एवं दंडाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी अफवाह या असामाजिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें।
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बंगरडीह के रोहित ने हाइड्रो लिफ्टिंग से पेटेंट, बिजली क्षेत्र में नई संभावना

Jamui, Bihar:बिहार के जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के छोटे से गांव बंगरडीह से निकले एक युवक ने ऐसा दावा किया है, जिसने बिजली उत्पादन के पारंपरिक मॉडल पर नई बहस छेड़ दी है। 10वीं तक पढ़ाई करने वाले रोहित ने हाइड्रो लिफ्टिंग तकनीक विकसित करने का दावा किया है, जिसे बिजली उत्पादन की दुनिया में बेहद सस्ती तकनीक बताया जा रहा है। खास बात यह है कि चार साल के लंबे प्रयास, प्रयोग और संघर्ष के बाद रोहित को इस तकनीक का पेटेंट भी मिल गया है, जो किसी भी नई तकनीक को विकसित करने वाले के लिए बेहद बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। रोहित एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता उत्क्रमित मध्य विद्यालय तेतरिया नवडीहा में हेडमास्टर हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं और गांव में ही रहती हैं। रोहित की इस उपलब्धि के पीछे सिर्फ एक आइडिया नहीं, बल्कि वर्षों की जिद, मेहनत और चुपचाप किया गया संघर्ष छिपा है। पिता का सपना था कि बेटा पढ़-लिखकर नौकरी करे, लेकिन रोहित के भीतर कुछ नया करने की बेचैनी थी। लिहाजा, उन्होंने अपने पिता से छुपकर इस तकनीक पर काम शुरू किया। संसाधन सीमित थे, रास्ता कठिन था, लेकिन रोहित अपने प्रयोग में जुटे रहे। चार साल की लगातार मेहनत के बाद पेटेंट मिलना इस बात का संकेत है कि उनका प्रयास महज शौक नहीं, बल्कि गंभीर तकनीकी सोच और लगातार किए गए काम का नतीजा है। रोहित का दावा है कि उनकी हाइड्रो लिफ्टिंग तकनीक बिजली उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। इस मॉडल में दो टैंक बनाए जाते हैं—एक ऊपर और एक नीचे। नीचे वाले टैंक से पानी को ऊपर भेजा जाता है, फिर ऊपर से छोड़ा गया पानी गिरते समय टरबाइन को घुमाता है और उससे बिजली पैदा होती है। इसके बाद वही पानी नीचे वाले टैंक में इकट्ठा हो जाता है और फिर दोबारा ऊपर भेजा जाता है। यानी एक ही पानी को बार-बार रिसाइकिल कर लगातार बिजली उत्पादन करने का दावा किया गया है। रोहित के मुताबिक, इस पूरी प्रणाली में पानी को ऊपर भेजने में जितनी बिजली खर्च होगी, वह कुल उत्पादित बिजली का सिर्फ 15 प्रतिशत होगी, जबकि 85 प्रतिशत बिजली बचत के रूप में दूसरे उपयोग के लिए उपलब्ध रह सकती है। अगर यह दावा व्यवहारिक और व्यावसायिक स्तर पर सही साबित होता है, तो यह तकनीक बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति बन सकती है। रोहित का यह भी कहना है कि अब तक पानी से बिजली उत्पादन के प्लांट आमतौर पर पहाड़ी इलाकों में लगाए जाते रहे हैं, लेकिन उनकी तकनीक की मदद से इसे किसी भी भौगोलिक क्षेत्र में स्थापित किया जा सकता है। इतना ही नहीं, यह तकनीक हर मौसम में काम कर सकती है और इसे ग्रीन एनर्जी के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि इससे प्रदूषण की संभावना बेहद कम बताई जा रही है। रोहित का दावा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी इस तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, रोहित के मन में यह विचार बचपन में ही आया था। बिजली कटौती और सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े रोहित ने एक ऐसी तकनीक का सपना देखा, जो कम लागत में लगातार बिजली दे सके। पिता जहां बेटे को एक सुरक्षित नौकरी में देखना चाहते थे, वहीं बेटे ने चुपचाप एक ऐसे रास्ते पर कदम बढ़ा दिए, जिसने अब उसे पहचान दिलानी शुरू कर दी है। और अब पेटेंट मिलना इस कहानी को और बड़ा बना देता है, क्योंकि किसी भी तकनीक के लिए पेटेंट मिलना उसके दावे, मौलिकता और मेहनत—तीनों को नई विश्वसनीयता देता है। फिलहाल, इस तकनीक की असली परीक्षा उसके जमीनी और व्यावसायिक इस्तेमाल में होगी। लेकिन अगर रोहित का दावा हकीकत की कसौटी पर खरा उतरता है, तो लक्ष्मीपुर के बंगरडीह गांव से निकला यह युवक ऊर्जा क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकता है। रोहित कुमार, संतोष सिंह, शिक्षक पिता
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मुहर्रम के दौरान 515 स्थानों पर सुरक्षा घेरा, ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी

Darbhanga, Bihar:515 स्थानों पर सुरक्षा घेरा, हजारों जवान तैनात; सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी दरभंगा। मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। जिले के 515 से अधिक स्थानों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में सशस्त्र पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रमुख जुलूस मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं ड्रोन कैमरों से भी जुलूसों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी। प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष से पूरे जिले की गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जा रही है। जिलाधिकारी कौशल कुमार एवं वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला के नेतृत्व में गुरुवार को शहर के विविध क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया। अधिकारियों ने आम लोगों से शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ मुहर्रम मनाने तथा अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। एसएसपी ने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद बहेड़ी में सुरक्षा जांच तेज, एसडीएम ने मॉल व संस्थानों का किया निरीक्षण

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने बहेड़ी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच अभियान तेज कर दिया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम इशिता किशोर के नेतृत्व में तहसील प्रशासन, अग्निशमन विभाग और पुलिस टीम ने नगर के प्रमुख मॉल, अस्पतालों, होटलों एवं अन्य सार्वजनिक भवनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्ग, सुरक्षा मानकों तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की पड़ताल की। अभियान में तहसीलदार भानु प्रताप, अग्निशमन विभाग के अधिकारी योगेश कुमार तथा पुलिस बल भी मौजूद रहा। जांच के दौरान वी-मार्ट में अग्निशमन उपकरण एवं अन्य सुरक्षा संसाधन उपलब्ध पाए गए, लेकिन आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था पर्याप्त नहीं मिली। इस पर एसडीएम ने प्रबंधन को आवश्यक सुधार शीघ्र कराने के निर्देश दिए और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने को कहा। एसडीएम इशिता किशोर ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संस्थानों को अग्निशमन विभाग द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। उन्होंने भवन स्वामियों और संस्थान संचालकों को निर्देशित किया कि अग्नि सुरक्षा से संबंधित सभी उपकरण क्रियाशील स्थिति में रखें तथा आपातकालीन निकास मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।
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