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HGHarish GuptaFollow14 Sept 2024, 09:25 am
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SC ने ममता बनर्जी के दखल पर नाराजगी जताई, लोकतंत्र और केंद्र-राज्य विवाद पर चिंता

Noida, Uttar Pradesh:I-PAC रेड के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वहां पहुंचकर दखल देने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की. कोर्ट ने कहा कि जब कोई राज्य का मुख्यमंत्री किसी केंद्रीय एजेंसी की जांच में जाकर दखल देता है तो इसे सिर्फ केंद्र या राज्य के बीच विवाद के तौर पर नहीं देखा जा सकता. कोर्ट ने यह टिप्पणी ममता सरकार की इस दलील पर सवाल उठाते हुए की जिसमे उन्होंने इस केस में ED की याचिका पर सवाल खड़ा किया था। ममता सरकार का कहना था कि इस केस में आर्टिकल 32 के तहत मूल अधिकारों के हनन का दावा करने वाली ED की याचिका सुनवाई लायक नहीं है। चूंकि यह राज्य बनाम केंद्र सरकार का मसला है, इसलिए इसमें आर्टिकल 131 के तहत याचिका दायर होनी चाहिए. CJI ने इस दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमे राज्य सरकार के अधिकार की बात कहां से आ गई। यह केन्द्र बनाम राज्य का मामला नहीं है। एक मुख्यमंत्री ऐसी किसी रेड की जगह पर जाकर दखलंदाजी नहीं कर सकती। आप फिर इसे लोकतंत्र के खतरे में होने की दुहाई देकर इसे केंद्र राज्य के बीच विवाद बताने लगे! यह सही नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी सूबे के मुख्यमंत्री को इस बात की इजाज़त नहीं दी जा सकती है कि वो जांच में दखलंदाजी कर लोकतंत्र को खतरे में डाले.
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कपड़े की मजबूती और रंग-फास्टनेस: ब्रांड कैसे करते हैं सख़्त क्वालिटी चेक

Delhi, Delhi:टेस्टिंग लैब के सी ई ओ राहुल गुप्ता के मुताबिक़ कपड़े पर स्क्वायर मीटर स्ट्रेंथ flexibility जानने के लिए अलग अलग तरह के टेस्ट होते हैं। उसके रंग रूप कपड़े के टैक्स्चर के लिए तमाम तरह के टेस्ट बड़ी गारमेंट कम्पनियां करवाती हैं । Colorfastness Tests कलर फास्टनेस टेस्ट से ये पता चल पाता है कि कपड़ा कितनी धुलाई तक अपने वास्तविक कलर में रहेगा और कितने जुलाई के बाद वो फ्रेंड करना शुरू होगा जो बड़े ब्रांड्स आया वो इस बात को सुनिश्चित करता है कि कपड़ा ज़्यादा लंबे समय तक अपने वास्तविक रूप में रहे। राहुल गुप्ता के मुताबिक़ बड़े ब्रॉड एक कपड़े पर सौ रुपये ख़र्च करते हैं उनके मुताबिक़ मालिक के अगर कोई श shirt नौ सौ रुपये की है तो उसमें सौ रुपये उस कपड़े की क्वालिटी चेक के लिए ख़र्च हो जाते हैं Tensile Strength Tests इस टेस्ट के ज़रिये कपड़े की ड्यूटी बिल्टी उसके खिंचाव की जाँच होती है ताकि किसी विपरीत परिस्थिति में कपड़ा फट ना जाए जाए एब्रेजन टेस्ट के ज़रिये यह देखा जाता है कि कपड़ा कितना ज़्यादा तनाव सहते हुए जल्दी नहीं फटता है। इसके अलावा के एल्बो वाले हिस्से और घुटने वाले हिस्से का पर ज़ोर पर पता किया जाता है। Strip Method मैगनीफाइंग मशीन से जो धागे नंगी आँखों से नहीं देखे जा सके उनकी भी काउंटिंग की जा सकती है और फेब्रिक की मज़बूती का पता लगाया जा सकता है। बटन पुल टेस्ट का उपयोग कपड़ों पर लगे बटनों और स्नैप्स की खींचने की शक्ति का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसमें बटन, स्नैप वाले हिस्से और कपड़े को ऊपर और नीचे के क्लैंप से जकड़कर नियंत्रित बल लगाया जाता है, जब तक कि बटन टूट न जाए या अलग न हो जाए। इस तरह के ज़रिये यह सुनिश्चित किया जाता है कि भटनागर कई भर जाए तो बटन टूट जाए लेकिन कपड़ा न फटे। कपड़ा का मापदंड पता करने के लिए लगाए गए लैब और सात सेंटर के मुताबिक़ भारत में ज़्यादातर कंपनियां कपड़ों की टेस्टिंग नहीं करतेाई है उनके मुताबिक़ ऐसा होने पर कपड़ों की क्वालिटी में सुधार आएगा उनका ये भी कहना है कि अलग अलग जगह इस्तेमाल होने वाले कपड़ों का जी एस M अलग अलग निर्धारित होता है मिसाल के तौर पर सोफ़ा सेट में इस्तेमाल होने वाला कपड़ा पर्दे में इस्तेमाल होने वाले कपड़े का GSM का में इस्तेमाल होने वाले लेदर सीट बैड कवर या दूसरी जगह इस्तेमाल होने वाले कवर
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पटना के निजी स्कूलों में फायर सेफ्टी नॉर्म्स नहीं, NOC नहीं मिला

Patna, Bihar:पटना में निजी स्कूलों में छात्रों की संख्या काफी रहती है, पर ये स्कूल FIRE SAFETY NORMS को पूरा नहीं करते हैं. यहाँ के छोटे स्कूल हों या बड़े स्कूल, इन स्कूलों में हर साल FIRE AUDIT होती है पर सिर्फ कागजों पर. आज वीडियो दिखने वाला है उस वीडियो को देखकर आप सोच में आ जायेंगे कि ऐसे स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने भेजे या नहीं क्योंकि ये स्कूल आपदा की स्थिति में बच्चों को सुरक्षा देने में नाकाम हैं. पहले आप यह वीडियो देखें. वीडियो पटना के SK पूरी के संत कैरेंस स्कूल के एडमिन ऑफिस का है. संत कैरेंस स्कूल का एडमिन ऑफिस है. इस वीडियो से आप समझ जायेंगे कि इस स्कूल के पास NOC नहीं है. एडमिन बिल्डिंग के इस वीडियो में कहीं भी फायर सुरक्षा के लिए इंतजाम नहीं दिखेंगे. इतना ही नहीं, अंदर जाने के गेट एक ही हैं. जब Zee ने इनसे NOC देखने को कहा तो ये कन्नी काटने लगे. दरअसल, इस स्कूल के एडमिन ऑफिस में Zee Media की टीम यह जांच करने पहुँची थी कि इनके SK पूरी में चार बिल्डिंग में चल रहे स्कूल में FIRE SAFETY के क्या इंतजाम हैं और आपदा की स्थिति में पढ़ने वाले हजारों बच्चों का जीवन कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है. पहले वीडियो देखें. इस स्कूल के एडमिन बिल्डिंग में कहीं भी FIRE SAFETY के लिए कोई इंतजाम नहीं है. जब Zee Media ने स्कूल के प्रबंधक से NOC दिखने को कहा तो उन्होंने प्रिंसिपल के ना होने और ADMIN मैनेजर के ना होने की बात कह दी और ऑफिस का दरवाजा बंद कर लिया. (पूरा वीडियो और PTC) आपको बता दें कि संत कैरेंस के पटना के SK पूरी में चार बिल्डिंग में बच्चे पढ़ते हैं. यहाँ प्राथमिक कक्षा तक के बच्चे पढ़ते हैं. किराए के मकान में चलने वाले इस स्कूल ने FIRE NORMS पूरा नहीं किया, इसलिए कैमरे के सामने आने से वे भागते रहे. वही दूसरा स्कूल DAV Board Colony जब हम पहुँचे तो यहाँ FIRE NOC से लेकर सारा कुछ FIRE AUDIT के मुताबिक मिला. यहाँ तक कि fire extinguisher भी एक्सपायरी नहीं था. यहाँ के सहायक प्रिंसिपल ने कहा कि हम बच्चों को शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखते हैं. WT Prashant Jha पटना के स्कूलों में FIRE NOC के सवाल पर पटना जिला अग्निशामक के DIG मनोज कुमार ने Zee Media से स्वीकार किया कि पटना के अधिकाँश स्कूल फायर NORMs पूरा नहीं करते और लगभग सभी स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है. आने वाले समय में इन स्कूलों पर वैधानिक कार्रवाही करने की तैयारी है. DIG ने Zee को थैंक्स करते हुए कहा कि इस मुद्दे को उठाकर Zee ने बच्चों का जीवन सुरक्षित करने का जो कदम उठाया है उसका धन्यवाद.
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अभिलाषा परिसर की बिल्डिंग से गिरकर युवक की मौत, प्रेम कथा के बीच हादसा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अभिलाषा परिसर स्थित EWS बिल्डिंग में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ तीन मंजिला इमारत की छत से नीचे गिरने के कारण एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवती गंभीर रूप से घायल हो गई है। मृतक की पहचान चिरंजीव पाण्डेय के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच पिछले 2 से 4 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था और हाल ही में ब्रेकअप के बाद दोनों का फिर से मिलन हुआ था। इसी खुशी में वे बिल्डिंग की छत पर पार्टी कर रहे थे, जिसके बाद यह हादसा हुआ। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह महज एक दुर्घटना है या दोनों ने छत से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचित किया गया। गंभीर रूप से घायल युवती को तत्काल इलाज के लिए सिम्स (CIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। फिलहाल सिरगिट्टी थाना पुलिस मौके पर पहुँचकर मामले की जांच में जुट गई है और गिरने के वास्तविक कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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बहेड़ी बार एसोसिएशन में नवागत सिविल जज का भव्य स्वागत, बार-बेंच तालमेल पर दिया विशेष जोर

Baheri, Uttar Pradesh:बरेली जनपद के बहेड़ी में नवागत सिविल जज (जूनियर डिवीजन) योगेश कुमार चौधरी का बार एसोसिएशन द्वारा स्वागत एवं परिचय सम्मेलन बड़े ही गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ताओं ने एक-एक कर अपना परिचय दिया और न्यायपालिका के नए सदस्य का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेंद्र सिंह राठी एडवोकेट और महासचिव दीप चंद्र पांडे एडवोकेट ने सिविल जज योगेश कुमार चौधरी को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। स्वागत से अभिभूत जज चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वादकारियों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय मिलना ही न्यायपालिका की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि बार और बेंच एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जो एक-दूसरे के पूरक होते हैं। दोनों के बीच सामंजस्य जितना मजबूत होगा, न्याय व्यवस्था उतनी ही प्रभावी और भरोसेमंद बनेगी। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार गंगवार एडवोकेट सहित अमीना, ऋषि गंगवार, निशा फजल, मानसिंह गौतम, कृष्ण अवतार शर्मा, सुनील कुमार रस्तोगी, लाल सिंह चौहान, केसर कुमार पटेल, देवेंद्र कुमार पटेल, हरीश कुमार गंगवार, सतपाल गौतम, ढाकन लाल गौतम, मनोहर लाल, जागन लाल, कुलबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह छाबड़ा (राजू), बलदेव सिंह संधू, पूर्व महासचिव मनोज कुमार जौहरी, काशिफ अदनान, हरनाम सिंह, ललित शर्मा, अरविंद कश्यप, जसवीर सिंह चौहान, आरिफ, मजहर, धर्मपाल सिंह सागर, सूरजपाल सागर, विशालदीप शर्मा, शकील लाला, शकील अहमद गुरु, पूर्व कोषाध्यक्ष विजय कुमार मौर्य, राजाराम मौर्य, शिवचरण लाल सागर, रामपाल, दिनेश कुमार सूर्य, कुंदन लाल गंगवार, तेजपाल गंगवार, वीरेंद्र कुमार सक्सेना, रामस्वरूप गंगवार, महावर जमीर, मनोज गंगवार, महेंद्र पाल सिंह, सेफ राजा, मोहम्मद मूगिज, फूल सिंह, सोनू सिंह, बलबीर सिंह, दिव्यांशु गुप्ता समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने न्यायिक कार्यों में सहयोग और आपसी समन्वय बनाए रखने का संकल्प लिया।
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बिलासपुर से दिल्ली के लिए सीधी उड़ान शुरू, शाम 6:20 बिलासपुर 6:45 दिल्ली

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट से जल्द ही दिल्ली तक की सीधी उड़ान मिलेगी। राज्य सरकार और अलायंस एयर ने इसकी घोषणा कर दी है। 3 मई यानी रविवार को यह ऐतिहासिक दिन होगा।दिल्ली से बिलासपुर और बिलासपुर से दिल्ली की सीधी उड़ान हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए सुखद होगा।बिलासा एयरपोर्ट से दिल्ली के बीच सीधी हवाई सेवा की मांग लंबे समय से की जा रही है, जिसके अब पूरे होने के दिन नजदीक आ चुके हैं। अलायंस एयर द्वारा दिल्ली की उड़ान शाम 6.20 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और 6. 45 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। करीब ढाई घंटे का सफर तय कर रात 9. 25 बजे दिल्ली में लैंड किया जा सकेगा. शुरूआती दिनों में यह सेवा रवीवार के लिए ही शुरू की जा रही है, जिसे यात्रियों की मांग पर हफ्ते में दो दिन बढ़ाया जा सकता है। इस फ्लाइट के द्वारा यात्री दिनभर के अपने कार्यों को निपटाने के बाद शाम को सीधे देश की राजधानी के लिए यात्रा कर सकेंगे। खासतौर पर व्यावसायिक, शासकीय और निजी कार्यों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह सेवा बेहद सुविधाजनक सफर साबित होगी।इसके साथ ही, शाम के समय उड़ान संचालन से एक महत्वपूर्ण तकनीकी लाभ भी मिलेगा। दरअसल दोपहर के उच्च तापमान के कारण विमानों पर लगने वाली ‘लोड पेनल्टी’ बंद हो जाएगा, और विमान अपनी पूर्ण क्षमता के साथ उड़ान भरने के लिए तैयार होगा।इससे अधिक यात्रियों को सीट उपलब्ध होगी। इस हवाई सेवा से बिलासपुर के साथ ही संभाग में आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी जिससे कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और निवेश के अवसर बढ़ेंगे。
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दरभंगा के संस्कृत विश्वविद्यालय में राज्यपाल की पहली सीनेट बैठक: शिक्षा सुधार पर जोर

Darbhanga, Bihar:बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन पहली बार राज्य के इकलौते संस्कृत विश्वविद्यालय में सीनेट में लिया भाग, उच्च शिक्षा में बेहतर काम पर जोर,राज्यपाल ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय, प्रशासन और मीडिया के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव है। दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में राज्यपाल सैयद अता हसनैन का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने महाराज कामेश्वर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दरबार हॉल में आयोजित कार्यक्रम के साथ सीनेट बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्हें पाग और चादर भेंट कर सम्मानित किया गया। पत्राकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि वे पहले भी दरभंगा आ चुके हैं और यहां दोबारा आने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा क्षेत्र में अभी काफी काम बाकी होने की बात कही और बताया कि वे सभी विश्वविद्यालयों की स्थिति का लगातार विश्लेषण कर रहे हैं, जहां कुलपति अपने-अपने मुद्दे प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने सीनेट की नियमित बैठकों पर जोर देते हुए कहा कि समस्याओं को गहराई से समझकर ही ठोस समाधान निकाला जाएगा। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय, प्रशासन और मीडिया के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव है। साथ ही उन्होंने दरभंगा में संस्कृत विश्वविद्यालय होने को गर्व की बात बताते हुए इसके विकास के लिए हरसंभव प्रयास का आश्वासन दिया।
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दुमका में महिला आरक्षण बिल पर विपक्षी रवैया, भाजपा का सशक्तिकरण दाव

Dumka, Jharkhand:दुमका में महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति बंधन विधेयक को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता नजर आ रहा है। लोकसभा में विधेयक पारित नहीं होने के मुद्दे पर भाजपा विपक्षी दलों पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। सड़क से लेकर सदन तक पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इसी क्रम में धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो दुमका पहुंचे। परिसदन में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने इंडिया गठबंधन के घटक दलों पर जमकर निशाना साधा। धनबाद सांसद ढुल्लु महतो ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर विपक्ष का रवैया निराशाजनक रहा है। नारी शक्ति बंधन विधेयक 2026 को सर्वदलीय बैठक के बाद लोकसभा में पेश किया गया, इसके बावजूद इंडिया गठबंधन के दलों ने इसका विरोध किया। उनके अनुसार यह महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ एक कदम है भाजपा और एनडीए गठबंधन हमेशा महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में खड़े रहे हैं। आधी आबादी के सम्मान और भागीदारी को सुनिश्चित करना भाजपा की प्राथमिकता है, जबकि विपक्ष की कथनी और करनी में अंतर साफ दिखाई देता है। सांसद ने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन के दलों ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने का वादा किया था, लेकिन व्यवहार में वे इससे पीछे हट गए। यदि यह विधेयक सर्वसम्मति से पारित हो जाता, तो राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत हो जाती जब तक नारी शक्ति बंधन विधेयक पारित नहीं हो जाता, भाजपा चैन से नहीं बैठेगी। इस मुद्दे पर देश की महिलाएं विपक्ष को जवाब देंगी। पश्चिम बंगाल चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां भाजपा को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है और पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।
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झारखंड में रजरप्पा के छिन्नमस्तिके शक्तिपीठ की अद्भुत मान्यता

Ramgarh Cantonment, Jharkhand:एंकर-भारत वर्ष में तीन सिद्धपीठ प्रसिद्ध है। जिसमें दूसरा स्थान माता छिन्नमस्तिके का आता है, जो झारखंड प्रदेश के रामगढ़ जिला अन्तर्गत रजरप्पा में बिराजमान है। शास्त्रों के अनुसार देश में स्थित तीन सिद्ध स्थानों में असाम में कमाख्या, पश्चिम बंगाल में तारा पीठ तथा झारखंड में छिन्नमस्तिके प्रसिद्ध हैं। इन तीनों सिद्ध स्थानों पर पुरुष नद बहा करते हैं; कमाख्या में ब्रहमपुत्र, तारा पीठ में अजय तथा रजरप्पा में दामोदर इन तीनों पुरुष नद में महिला नदियों के संगम प्रकृति रूप से हुआ है। रजरप्पा में दामोदर नदी में भैरवी नदी का संगम हुआ है, जो देखने में अद्भुत है। इसकी उत्पत्ति के बारे में कहा जाता है कि माता पार्वती चण्डिका का रूप धारण कर दैत्यों का संहार कर रही थीं, तो भगवान शिव ने उन्हें शांत करने के लिए कहा और माता ने अपने शिशु को काटकर रक्त की धारा का पान कर अपनी और सहचरियों के पिपासा को शांत किया। छोटानागपुर का यह स्थान घनघोर जंगलों से घिरा हुआ था। राजा राज और उनकी पत्नी रागा या रप्पा को संतान नहीं थी; एक पूर्णिमा के अवसर पर राजा ने शिकार के दौरान इस रमणीय स्थान को देखा और रात वहीं बिताने का निर्णय किया। मध्य रात्रि में उन्होंने देखा कि दामोदर-भैरवी के संगम स्थल पर लाल वस्त्र धारण किए हुए तेज मुखमंडलवाली कन्या देवी कह रही थी कि मेरी आज्ञा मानोगे तो तुम्हारी रानी को पुत्र का आशीर्वाद मिलेगा। इसके पश्चात एक मंदिर के शिवालिख पर मेरी मूर्ति अंकित रहेगी। तब से यहां निरंतर पूजा होती आ रही है और श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। नवरात्र में माता छिन्नमस्तिके के मंदिर में पहली पूजा आदिवासी करते हैं; दस महाविद्याओं की सिद्धी के लिए Ten Mahavidya में दसवां छिन्नमस्तिका होना आवश्यक माना गया है। देश व विदेश से श्रद्धालु कलश स्थापना कर पूजा अर्चना करते हैं; अमावस्या एवं पूर्णिमा को भंडारा का आयोजन भी चलता रहता है। रजरप्पा का विशेष महत्व और मान्यता के बारे में यहां के पुजारी और श्रद्धालु बताते हैं।
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