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सिकंदराराऊ में शांति और भाईचारे के साथ मनाया गया ईद-उल-अजहा का त्योहार

Mohammad RajaMohammad RajaFollowJust now
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदरा राव क्षेत्र में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार पूरी शांति, सादगी और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। सभी लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी और समाज में आपसी भाईचारे का संदेश दिया। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र में ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। संवेदनशील इलाकों और नमाज स्थलों के आस-पास ड्रोन के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई, ताकि त्योहार अमन-चैन से संपन्न हो सके। ईद की मुख्य नमाज निर्धारित परिसरों और मस्जिदों के अंदर ही अदा की गई। इस दौरान नमाजियों ने देश की सरहदों की हिफाजत, मुल्क की तरक्की, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए बारगाहे-इलाही में हाथ उठाकर विशेष दुआएं मांगीं। त्योहार के मद्देनजर प्रशासनिक और पुलिस के आला अधिकारी जमीन पर लगातार मुस्तैद दिखे। अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा, उप जिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी अमित पाठक और कोतवाली प्रभारी शिव कुमार शर्मा भारी पुलिस बल के साथ क्षेत्र में लगातार गश्त करते रहे। अधिकारियों की मौजूदगी और सतर्कता के कारण पूरा त्योहार बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ।इस मुबारक मौके पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमएलसी डॉ. राकेश सिंह राना ने ईदगाह परिसर पहुंचकर सभी मुस्लिम भाइयों को गले लगाकर ईद-उल-अजहा की दिली मुबारकबाद दी। इस दौरान समाजवादी पार्टी के कई अन्य प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भी वहां नजर आए, जिनमें मुख्य रूप से सुमंत किशोर सिंह, राकेश बघेल, महेंद्र सिंह सोलंकी बनी सिंह बघेल और डियर दे दिया उनके साथ भारी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। सभी नेताओं ने क्षेत्र में अमन-चैन और आपसी सौहार्द की कामना की।
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बरेली में ईद-उल-अजहा की धूम, हजारों ने नमाज़ अदा कर भाईचारे की दुआ मांगी

Noida, Uttar Pradesh:बरेली में ईद-उल-अजहा का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। हजारों लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा कर अमन-चैन की दुआ मांगी। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। नगर निगम ने भी साफ-सफाई और अपशिष्ट निस्तारण के लिए विशेष व्यवस्था की। शहर की मुख्य नमाज बाकरगंज स्थित ईदगाह में अदा की गई, जहां हजारों नमाजियों की भीड़ उमड़ी। इमामों ने हजरत इब्राहीम और हजरत इस्माइल की कुर्बानी की दास्तां बयां की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद घरों में जानवरों की कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया। पुलिस प्रशासन ने त्योहार के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में पुलिसकर्मी तैनात किए थे। सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखी जा रही थी। लोगों ने मुल्क में अमन-ओ-चैन और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। शहर से लेकर देहात तक बकरीद की रौनक देखी गई।
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पेयजल आपूर्ति को लेकर चाकसू SDM डॉ सरिता शर्मा अलर्ट।

MSMukut SharmaFollow2m ago
Chaksu, Rajasthan:चाकसू (जयपुर) पेयजल आपूर्ति को लेकर चाकसू प्रशासन अलर्ट गांव-गांव पहुंचकर अधिकारियों ने संभाला मोर्चा सुचारू पेयजल आपूर्ति को लेकर चाकसू उपखंड के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक टीम ने किया निरीक्षण। SDM डॉ. सरिता शर्मा ने शिवदासपुरा एवं नांगलपूरण क्षेत्र में पहुंचकर पेयजल सप्लाई व्यवस्था का जायजा लिया और ग्रामीणों से पेयजल की उपलब्धता की जानकारी ली। वहीं तहसीलदार चाकसू,कोटखावदा सहित अन्य अधिकारियों ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक। हालांकि पेयजल आपूर्ति पाई संतोषजनक, निरीक्षण के दौरान मिली कुछ शिकायतों पर SDM डॉ. सरिता शर्मा ने PHED एवं बीसलपुर परियोजना चाकसू-कोटखावदा के एईएन को त्वरित समाधान के दिए निर्देश
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मुज़फ्फरपुर में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, राजद MLC का बड़ा दावा

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:Anchor - जहां एक तरफ़ पूरे देश में मुस्लिम समुदाय भी अब गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के साथ सभी बीफ फैक्ट्री बंद करने की मांग कर रहे और आज पूरे देश मे बकरीद का त्यौहार मनाया जा रहा है.मुजफ्फरपुर मे भी मुस्लिम समाज धूमधाम से त्यौहार मना रहे है और इस दौरान नमाजियो ने नमाज अदा की है.अब इसी मुजफ्फरपुर मे ईद की नमाज के बाद राजद के मुस्लिम MLC व युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष मो कारी सोहेब ने बड़ा बयान दे दिया है.कारी सोहेब ने नमाज अदा करने के बाद केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर दी.गाय की कुर्बानी को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच MLC ने कहा कि सरकार को गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देना होगा अन्यथा हम आंदोलन करेंगे.वहीं राजद MLC ने डिमांड की कि जितने बीफ एक्सपोर्ट फैक्ट्रीयां चल रही है उसे तत्काल बंद कराई जाए.उन्होंने भाजपा नेताओं पर भी जमकर निशाना साधा और कहा की हम सनातन को मानते हैं,लेकिन यही बंगाल के मुख्यमंत्री ने गाय को 14 साल के बाद मारने की बात कह रहे हैं तो क्या माता बूढ़ी हो जायेगी तो उसे काट देंगे.ये भाजपा के लोगों का दोहरा चरित्र है क्योंकि येही लोग गाय को काटने वाले से चंदा ले कर झंडा खरीदते हैं, लेकिन अब गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए राष्ट्रीय जनता दल हिंदू समाज के साथ मिलकर लड़ाई लड़ेगी. वहीं इसके पूर्व मुजफ्फरपुर के इस्लामिक स्कॉलर हाजी मोहम्मद परवेज अहमद सिद्दीकी ने पूर्व में ही लगातार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करते हुए गाय की कुर्बानी पूर्वक लगाने की मांग देश के प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति से के साथ ही सभी राज्यों के मुख्यमंत्री से कर चुके हैं जिसके बाद कई राज्यों में इसको लेकर आदेश भी निर्गत हुआ है.अब वही राजद के एमएलसी कारी सुहेब ने भी ईद की नमाज के बाद गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करते हुए उसके मारने पर रोक लगाने की मांग कर दी है. बाइट - मो कारी सोहेब, MLC, राजद *इनपुट - मणितोष कुमार*
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INLD के आरोप: पेट्रोल-डीजल दाम बढ़ाकर आम जनता पर बोझ, 1 जून से विरोध

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ ब्रेकिंग इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संयोजक प्रो संपत सिंह की पीसी संपत सिंह ने कहा सरकार ने पैट्रोल डीजल का दाम बढ़ाकर आम लोगों पर आर्थिक बोझ डाल दिया। सरकार ने मंहगाई और बढ़ा दी है। चुनाव से पहले जब कच्चे तेल का रेट 110 डॉलर बैरल था तब सरकार ने पैट्रोल डीजल का दाम नहीं बढ़ाए। जब चुनाव हो गए। तब तक कच्चे तेल का रेट करीब 90 डॉलर प्रति बैरल हो गया तब इन्होंने रेट कम करने की जगह रेट और बढ़ा दिए। पहले सेंटर्ल टैक्स पैट्रोल पर 9.50 रुपए प्रति लीटर डीजल पर थे 3.50 प्रति लीटर थे। तब पैट्रोल और डीज़ल का दाम कम था। तब भाजपा वाले मौजूदा सरकार की आलोचना करते थे। जब भाजपा सरकार आई इन्होंने टैक्स 3.50 रुपए से बढ़ाकर 32 रुपए कर दिया। पैट्रोल पर 9.50 रुपए से बढ़ाकर 33 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिया。 इससे सरकार ने 75 लाख करोड़ का कमाई की। हरियाणा सरकार ने 1 लाख करोड़ कमा लिया。 प्रदेश में पहले डीजल पर करीब 8 प्रतिशत टैक्स था। जो अब 16.80 प्रतिशत है। जो दोगुना है। पैट्रोल पर 18 प्रतिशत टैक्स है。 जब संकट आता है तो आम पर उस संकट को डाला नहीं जाता उन्हें राहत दी जाती है। नेपाल भी राहत देने का काम कर रहा है。 हमारा रुपया तो पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे मरे हुए देशों में भी कमजोर हुआ है。 हमारी पार्टी ने फैसला लिया है कि या तो सरकार 31 मई तक बढ़े हुए रेट वापिस ले ले या इनेलो पूरे प्रदेश में 1 जून से विरोध प्रदर्शन करेगी। ये प्रदर्शन जिला मुख्यालयों पर किए जाएंगे
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दिल्ली जेलों में QR स्कैन से जमानत के बाद रिहाई, कोर्ट ने निर्देश दिए

Noida, Uttar Pradesh:ज़मानत मिलने के बावजूद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी के मद्देनजर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली की सभी जेलों में सुपरिटेंडेंट अब आधार कार्ड का QR कोड स्कैन करके कैदियों और ज़मानतदारों की पहचान की पुष्टि करेंगे ताकि ज़मानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में बेवजह देरी न हो। ज़मानत मिलने के बावजूद 56 दिन जेल में! जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस साल फरवरी से 15 फरवरी तक के दिल्ली की विभिन्न जेलों के डेटा को देखा। बेंच ने कहा कि उसके सामने पेश आंकड़ो से साफ है कि ज़मानत का आदेश जारी होने के बाद जेल प्रशासन की ओर से दस्तावेजों और जमानतदारों के वेरिफिकेशन में अभी औसतन एक से दो हफ्ते का वक़्त लग रहा है। कई मामलों ने वेरिफिकेशन में इतना वक़्त लग गया कि कैदियों की रिहाई ज़मानत मिलने के बाद 33 दिन और यहां तक कि 56 दिनों बाद जाकर संभव हो पाई।हाई कोर्ट ने कहा कि अगर वेरिफिकेशन में इतना वक्त लग रहा है तो फिर ज़मानत के आदेश का महत्व ही खत्म हो जाता है। रिहाई में देरी क्यों! सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पहले जमानतदारों की पहचान और वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को उनके पते पर जाना पड़ता था। इसके अलावा वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए बैंकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना पड़ता था। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब बैंकों से ईमेल के माध्यम से वेरिफिकेशन कहीं ज़्यादा तेजी से हो पा रहा है। कोर्ट का आदेश कोर्ट ने दिल्ली की सभी जेल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया है कि वे जमानतदारों और कैदियों की पहचान की जांच आधार कार्ड के QR कोड को स्कैन करके करें। इसके लिए Aadhaar QR Scanner App, mAadhaar App और Aadhaar App का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहचान की पुष्टि जल्दी हो सकेगी और बेल मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी भी कम होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि जमानत के लिए जमा किए गए FD और दूसरे वित्तीय दस्तावेजों की जांच पहले की तरह बैंकों से ईमेल के ذریعے की जाएगी।
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दिल्ली हाईकोर्ट: आधार QR से जमानतधारी- कैदियों की पहचान तेज, रिहाई में देरी खत्म

Noida, Uttar Pradesh:ज़मानत मिलने के बाद भी अब जेल में नहीं रहेंगे कैदी! दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश, वेरिफिकेशन के लिए अपनाएं यह तरीका ज़मानत मिलने के बावजूद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी के मद्देनजर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली की सभी जेलों में सुपरिटेंडेंट अब आधार कार्ड का QR कोड स्कैन करके कैदियों और ज़मानतदारों की पहचान की पुष्टि करेंगे ताकि ज़मानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में बेवजह देरी न हो। ज़मानत मिलने के बावजूद 56 दिन जेल में! जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस साल फरवरी से 15 फरवरी तक के दिल्ली की विभिन्न जेलों के डेटा को देखा। बेंच ने कहा कि उसके सामने पेश आंकड़ो से साफ है कि ज़मानत का आदेश जारी होने के बाद जेल प्रशासन की ओर से दस्तावेजों और जमानतदारों के वेरिफिकेशन में अभी औसतन एक से दो हफ्ते का वक़्त लग रहा है। कई मामलों ने वेरिफिकेशन में इतना वक़्त लग गया कि कैदियों की रिहाई ज़मानत मिलने के बाद 33 दिन और यहां तक कि 56 दिनों बाद जाकर संभव हो पाई।हाई कोर्ट ने कहा कि अगर वेरिफिकेशन में इतना वक़्त लग रहा है तो फिर ज़मानत के आदेश का महत्व ही खत्म हो जाता है। रिहाई में देरी क्यों! सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पहले जमानतदारों की पहचान और वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को उनके पते पर जाना पड़ता था। इसके अलावा वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए बैंक से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना पड़ता था। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब बैंकों से ईमेल के माध्यम से वेरिफिकेशन कहीं ज़्यादा तेजी से हो पा रहा है। कोर्ट का आदेश कोर्ट ने दिल्ली की सभी जेल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया है कि वे जमानतदारों और कैदियों की पहचान की जांच आधार कार्ड के QR कोड को स्कैन करके करें। इसके लिए Aadhaar QR Scanner App, mAadhaar App और Aadhaar App का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहचान की पुष्टि जल्दी हो सकेगी और बेल मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी भी कम होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि जमानत के लिए जमा किए गए FD और दूसरे वित्तीय दस्तावेजों की जांच पहले की तरह बैंकों से ईमेल के जरिए की जाएगी।
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