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Gaurav MishraGaurav MishraFollow15 Apr 2025, 08:06 am

Chhatarpur- हनुमान जयंती पर पत्थरबाजी: बागेश्वर बाबा का भयानक बयान

Chhatarpur, Madhya Pradesh:मध्यप्रदेश के गुना में हनुमान जयंती के जुलूस पर पत्थरबाजी हुई। शनिवार (12 अप्रैल) को हुई घटना पर राजनगर तहसील में मौजूद बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने चुप्पी तोड़ी है। बागेश्वर बाबा ने सोमवार (14 अप्रैल) को कहा-जो लोग धार्मिक उत्सव के दौरान पथराव करते हैं, वे इंसान नहीं हैं। सरकार को उन्हें फांसी पर लटका देना चाहिए। CM मोहन यादव जो मेरे बहुत प्रिय हैं, मैं उनसे दोषियों के खिलाफ बुलडोजर चलाने की कार्रवाई करने को कहूंगा।,धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया से कहा-टेकरी सरकार हनुमान जी की भूमि है गुना। वहां इस प्रकार का कृत्य होना अत्यंत निंदनीय है।देश को तोड़ने वाले लोग हिन्दुओं को डराने और एक विशेष महजब के लोग अपने मजहब का भौकाल बनाने के लिए इस प्रकार के प्रायोजित तरीके से कृत्य कर रहे हैं।
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स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं पर बोझ: भिलाई विधायक ने खोला सरकार पर सवाल

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए इसे आम जनता के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी किसी भी व्यवस्था को लागू करने से पहले जनता का विश्वास जीतना चाहिए और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। देवेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और यदि सरकार ने स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार नहीं किया तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने और उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की。
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शेयर बाजार के कर्ज से जूझते बेटे ने माँ की हत्या कर आत्महत्या की

Surat, Gujarat:સુરત શહેરના વર્ચાછા વિસ્તરમાં શેરબજારમાં રૂા 40થી 50 લાખ રૂપિયાનો જંગી દેવું થઈ જતાં 36 વર્ષીય જતીન સોનાણી પોતાની 63 વર્ષીય દત્તક માતા ભાનુબેન સાથે રહેતો હતો. રાતે માતા-પુત્ર રસ્તે હસિ-મજાક કરી પોતાના રૂમમાં ગયા હતા. પરંતુ રાત્રિના સમયે જતીને ઊંઘમાં જ માતા ભાનુબેનની ગળે ટૂંપો આપીને નિષ્ઠુરતાપૂર્વક હત્યા કરે છે અને ત્યારબાદ પોતે ફાંસો ખાઇ આત્મહત્યા કરી લેન્દ્ર. આવનારમાં પુર્વના દિવસે પડોશીઓ દ્વારા ઘરની દરવાજો ખોલ્યો ન થતા સુસઇડ નોટ શોધાઈ જેમાં આર્થિક તંગદીલી તથા પરિવારમાં માફીનો ઉલ્લેખ હતો. જતીન અગાઉ પોતાની સ્ટેશનરી દુકાનમાંથી નોકરી કરી રહ્યો હતો અને બાદમાં શેરબજારની મદદણી ઓફિસ શરૂ કરી હતી જે દેવામાં ડૂબી ગયો હતો. આ ઘટનાની તપાસ સ્મીમેર હોસ્પિટલમાં ફોરેન્સિક પોસ્ટમોર્ટમ માટે મોકલવામાં આવી હતી.upa
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सीपरी बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम का बुलडोजर अभियान, सख्त कार्रवाई

Jhansi, Uttar Pradesh:एंकर-झांसी के सीपरी बाजार में नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। बुलडोजर और अतिक्रमण निरोधी दस्ते के साथ पहुंचे अधिकारियों ने सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर रखे काउंटरों और सामान को हटवाया। इस कार्रवाई के दौरान बाजार में कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई दुकानदार खुद ही अपना सामान समेटकर अंदर ले जाने लगे। वहीं सड़क पर रखे गए कई काउंटरों को नगर निगम की टीम ने बुलडोजर की मदद से उठाकर जब्त करके ट्रैक्टर ट्रॉली में लाद कर अपने साथ ले गए। वी/ओ.1- बताया जा रहा है कि सीपरी बाजार में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। साथ ही राहगीरों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही थी। इसी को देखते हुए आज नगर निगम ने यह अभियान चलाया है। सड़क और फुटपाथ से अवैध काउंटर और सामान को जब्त किया गया है। सभी दुकानदारों से अपील है कि सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करें। बाजार में अतिक्रमण मुक्त अभियान आगे भी चलता रहेगा, ताकि आम लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो। कार्रवाई के दौरान बाजार में हड़कंप मच गया, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में रही。
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ग्वालियर डबरा: 37.273 किग्रा गांजा सहित दो तस्कर गिरफ्तार, कीमत 3.7 लाख

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर डबरा सिटी पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. टेकनपुर चौकी पुलिस ने चुरली नहर रोड पर संदिग्ध अवस्था में खड़ी कार से 37 किलो 273 ग्राम गांजा बरामद कर 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है. जब्त गांजे की कीमत करीब 3 लाख 70 हजार रुपये आंकी गई है. गिरफ्तार आरोपियों ने यह गांजा छत्तीसगढ़ से लाना बताया है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है. डबरा सिटी थाना प्रभारी क्षेत्र भ्रमण के दौरान 1 अगस्त 2026 को उप निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव, प्रभारी चौकी टेकनपुर को सूचना मिली कि चुरली नहर रोड स्थित बम्बा के पास एक मारुति अल्टो कार CG-04-KQ-6278 संदिग्ध अवस्था में खड़ी है. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार को घेरकर चेक किया तो कार में दो व्यक्ति बैठे थे. पूछताछ में चालक ने अपना नाम गुरुपाल सिंह जोहल, निवासी ग्राम रई थाना करहिया जिला ग्वालियर बताया. पीछे बैठे व्यक्ति ने अपना नाम मुलायम सिंह रावत, निवासी ग्राम डोंगरपुर थाना बेलगढ़ा जिला का बताया. कार की तलाशी ली तो डिग्गी में 2 प्लास्टिक की बोरी और बीच की सीट पर 1 बोरी रखी मिली. बोरियों को खोलकर चेक किया गया तो उसमें हरी पत्ती, बीज और डंठल युक्त मिश्रण मिला. जांच में वह अवैध मादक पदार्थ गांजा निकला. तौल करने पर पहली बोरी का वजन 9.512 किलो, दूसरी का 14.843 किलो और तीसरी का 12.918 किलो निकला. कुल 37.273 किलो गांजा बरामद हुआ. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 37 किलो 273 ग्राम गांजा और मारुति अल्टो कार को जप्त कर लिया. जिसकी कीमत 3 लाख 70 हजार रुपए है. पुलिस ने पूछताछ की तो आरोपियों ने बताया कि वहां गांजा छत्तीसगढ़ से लाए थे और जिले में अलग-अलग स्थान पर डिलीवरी करने वाले थे. ग्वालियर में गांजा तस्करी के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है. 2 दिन पहले इंदरगंज थाना पुलिस ने शिंदे की छावनी से ट्रॉली बैग में गांजे की खेप लेकर छत्तीसगढ़ से ग्वालियर पहुंचे देवेश इटारिया और सौरभ राठौर को गिरफ्तार किया था. उनके कब्जे से 20 किलो गांजा बरामद हुआ था. जिसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई गई थी. फिलहाल डबरा सिटी थाना पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस अब दोनों मामलों में नेटवर्क खंगाल रही है.
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फ्रेंडशिप डे पर वाटरफॉल में डूबे 12वीं के छात्र की मौत

Sagar, Madhya Pradesh:फ्रेंडशिप डे के दिन गई एक दोस्त की जान, मातम में बदल गई पार्टी, वाटरफॉल में डूबा 12 वी का छात्र.... दोस्ती डे के दिन एक दोस्त की वाटरफॉल में डूबने से मौत हो गई है और इस छात्र के परिजनों के साथ दोस्तों में मातम छा गया है। हादसा सागर जिले के महराजपुर थाना क्षेत्र के मुंहली वाटरफॉल में है। दरअसल देवरी में कोचिंग क्लास अटेंड करने वाले छह दोस्त कोचिंग के बाद दोपहर 11 बजे मुंहली वाटरफॉल गए थे, यहां बड़ी संख्या में पहले से लोग फ्रेंडशिप डे और वीकेंड मनाने आए थे और चारों तरफ मस्ती ही मस्ती नजर आ रही थी और इस सब में इन छह दोस्तों का ग्रुप भी शामिल हो गया। वाटरफॉल में मस्ती में झूमते हुए पानी का आनंद ले रहे थे कि अचानक इन छह में से दो छात्र केशव रजक और ललित साहू फाल के नीचे बने कुंड में डूबने लगे। चार दोस्तों ने केशव को तो जैसे तैसे बचा लिया लेकिन ललित साहू डूब गया, इन दोस्तों में ललित को अपने स्तर पर बचाने की कोशिश की लेकिन उसे बचाया नहीं जा Sका। पुलिस को सूचना मिली तो मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और ढाई से तीन घंटे की मशक्कत के बाद आख़िरकार छात्र ललित के शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और जांच की जा रही है।
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चंडी दरबार में नीम पेड़ काटे जाने पर आस्था बनाम प्रशासन का नया विवाद

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल जिले के चिचोली तहसील में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चंडी दरबार एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। मंदिर के गर्भगृह में मौजूद प्राचीन नीम के पेड़ को काटे जाने के बाद श्रद्धालुओं और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फैल गया है। बताया जा रहा है कि यह मामला पहले से ही हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। सरपंच का आरोप है कि प्रशासन ने कोर्ट में गलत रिपोर्ट पेश की है,जबकि मंदिर का आर्कियोलॉजिकल सर्वे भी हो चुका है और उसकी रिपोर्ट जल्द आने वाली है। ऐसे में किसान द्वारा नीम का पेड़ हटाए जाने की घटना ने विवाद को और भड़का दिया है। चिचोली से करीब 8 किलोमीटर दूर प्राकृतिक वातावरण में स्थित चंडी दरबार वर्षों से आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां मां चंडी के चमत्कारों की कई कहानियां प्रचलित हैं। मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने पर भक्त यहां मुर्गे और बकरों की बलि देकर देवी को प्रसन्न करते हैं और यह परंपरा हर रविवार और बुधवार को निभाई जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में कभी गोंड राजा ईल का शासन था और मां चंडी उनकी कुलदेवी थीं। राजा का किला ‘दुधिया गढ़’ अब खंडहर बन चुका है,लेकिन मंदिर तक जाने वाली सुरंग की कहानियां आज भी लोगों के बीच जिंदा हैं। इसी आस्था के केंद्र में अब नया विवाद खड़ा हो गया है। गर्भगृह में स्थित वर्षों पुराने नीम के पेड़ को एक किसान द्वारा काट दिया गया,जिससे हजारों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। किसान का दावा है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसे मंदिर का पोजेशन मिला है और वह निर्माण कार्य कर रहा है। उसके अनुसार नीम का पेड़ नीचे से सड़ चुका था, जिसे हटाकर सुरक्षित रखा गया है और दोबारा स्थापित किया जाएगा। उसने कहा कि उसका किसी की आस्था को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं है। वहीं गांव के सरपंच और ग्रामीणों का कहना है कि यह पेड़ निम का पेड़ वर्षों पुराना आस्था का प्रतीक था,जिसे हटाना श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मंदिर का संचालन ट्रस्ट के माध्यम से किया जाए और पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर से की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आस्था और प्रशासन के बीच खड़ा यह विवाद किस दिशा में जाएगा? क्या मंदिर की पुरानी स्थिति बहाल होगी या मामला और तूल पकड़ेगा। फिलहाल चंडी दरबार का यह विवाद पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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असम के शिवसागर में बाढ़ पीड़ित बेहाल, राहत अब तक नहीं पहुंची

Guwahati, Assam:बाढ़ स्थिति असम में भयानक हो चुकी थी शिवसागर जिले में जी मीडिया ( ZEE MEDIA). बाढ़ स्थिति अभी भी भयंकर है शिवसागर जिले में हम ग्राउंड जीरो पहुंचते हैं कि आज से कुछ दिन पहले जो बार असम के शिवसागर में आया था वह अभी भी भयंकर देखा जा रहा है. हम कुछ लोगों के घर में गए तो देखा घर टूट कर बिखर चुका है सारे घर के सामान भी खराब हो चुके अभी उनके खाने-पीने के लिए भी बेहाल हो रहे हैं. अभी तक लोगों का कहना है कि सरकारी मदद नहीं पहुंच रही है परंतु असम के कई संगठनों के साथ-साथ असम के Indigenous Muslim Organization Goria जातीय परिषद भी उन लोगों को आर्थिक रूप से मदद कर रहे हैं. हमने एक बाढ़ पीड़ित से बातचीत की … उन्होंने दुख के साथ कहा कि मेरा घर टूट कर बिखर चुका था जब पानी आया मैं डर से बेहाल हो गया था उसके बाद मुझे छठ के ऊपर से SDRF टीम ने रेस्क्यू किया और बचा लिया. मेरे घर टूट गए और सामान भी बिखर गया देखा जाए तो हम जब ऐसे बाढ़ पीड़ित से बात करते हैं तो वह अपना दुख जाहिर करने लगा. असम के Indigenous Muslim Organization Goria परिषद सभी बाढ़ पीड़ित को मदद कर रहे हैं.
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पंजाब आंगनवाड़ी मजदूर यूनियन ने मुख्यमंत्री के दफ्तर के सामने रोष प्रदर्शन किया

Sri Muktsar Sahib, Punjab:A/L ਆਲ ਪੰਜਾਬ ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਯੂਨੀਅਨ ਵੱਲੋਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਕੌਰ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਿਚ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਡਾਕਟਰ ਬਲਜੀਤ ਕੌਰ ਮਲੋਟ ਦਫਤਰ ਅੱਗੇ ਰੌਸ਼ ਧਰਨਾ ਦੇਣ ਉਪਰੰਤ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਦਿੱਤਾ V/O ਆਲ ਪੰਜਾਬ ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਯੂਨੀਅਨ ਵੱਲੋਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀਆਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਹੱਕੀ ਤੇ ਜਾਇਜ਼ ਮੰਗਾਂ ਲਈ ਚੱਲ ਰਹੇ ਸੰਘਰਸ਼ ਦੇ ਪੜਾਅ ਅਧੀਨ ਅੱਜ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ਭਰ ਦੇ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੇ ਘਰਾਂ ਅੱਗੇ ਰੋਸ ਧਰਨੇ ਦਿਤੇ ਗਏ ਇਸ ਦੇ ਚਲਦੇ ਮਾਲਵੇ ਦੇ ਚਾਰ ਜਿਲੇਆ ਤੋਂ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਕੌਰ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਡਾਕਟਰ ਬਲਜੀਤ ਕੌਰ ਦੇ ਦਫ਼ਤਰ ਮਲੋਟ ਵਿਖੇ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਕੌਰ ਨੇ ਿਹਾ ਕਹਾ ਕੇ ਆਂਗਨਵਾੜੀ ਵਰਕਰ ਵਲੋਂ ਆਪਣੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਧਰਨੇ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰਨੇ ਪੈ ਰਹੇ ਹਨ ਪਰ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਇਸ ਪਾਸੇ ਕੋਈ ਧਿਆਨ ਨਹੀਂ ਅੱਜ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੇ ਘਰਾਂ ਅੱਗੇ ਧਰਨੇ ਧਰਨੇ ਦੇਣੇ ਪਏ Byte ਪ੍ਰਧਾਨ ਹਰਗੋਬਿੰਦ ਕੌਰ
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अमृतसर में सावन-त्योहार पर पंजाबी संस्कृति की झलक, महिलाओं ने तियां मनाईं

Amritsar, Punjab:ਸਾਵਣ ਦੀਆਂ ਤੀਆਂ 'ਤੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਰੰਗਿਆ ਪੰਜਾਬੀ ਰੰਗਾਂ ਵਿੱਚ, ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੇ ਗਿੱਧਾ ਪਾ ਕੇ ਤੇ ਪੀਂਘਾਂ ਝੂਟ ਕੇ ਮਨਾਈਆਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਪੰਜਾਬੀ ਪਹਿਰਾਵੇ, ਮਹਿੰਦੀ, ਸੱਗੀ-ਫੁੱਲ ਅਤੇ ਲੋਕ ਬੋਲੀਆਂ ਨਾਲ ਗੂੰਜਿਆ ਤੀਆਂ ਦਾ ਸਮਾਗਮ "ਆਉਣ ਵਾਲੀ ਪੀੜ੍ਹੀ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਨਾਲ ਜੋੜਨਾ ਸਾਡਾ ਮਕਸਦ" – ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਪੱਛਮੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਦੇ ਦੌਰ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਰਸੇ ਨੂੰ ਜਿਉਂਦਾ ਰੱਖਣ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਸੰਦੇਸ਼ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ: ਸਾਵਣ ਦੇ ਪਵਿੱਤਰ ਮਹੀਨੇ ਅਤੇ ਤੀਆਂ ਦੇ ਤਿਉਹਾਰ ਮੌਕੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਦੀ ਅਨੋਖੀ ਝਲਕ ਉਸ ਵੇਲੇ ਵੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲੀ, ਜਦੋਂ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਇੱਕ ਥਾਂ ਇਕੱਠੀਆਂ ਹੋ ਕੇ ਰਵਾਇਤੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਤੀਆਂ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ ਮਨਾਉਣ ਲਈ ਪੁੱਜੀਆਂ। ਪੰਜਾਬੀ ਸੂਟਾਂ, ਪਰਾਂਦਿਆਂ, ਫੁਲਕਾਰੀਆਂ ਅਤੇ ਰਵਾਇਤੀ ਗਹਿਣਿਆਂ ਨਾਲ ਸਜੀਆਂ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੇ ਗਿੱਧਾ ਪਾਇਆ, ਲੋਕ ਬੋਲੀਆਂ ਗਾਈਆਂ, ਪੀਂਘਾਂਝੂਟੀਆਂ, ਮਹਿੰਦੀ ਲਗਾਈ ਅਤੇ ਸੱਗੀ-ਫੁੱਲ ਸਜਾ ਕੇ ਸਾਵਣ ਦੀਆਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਸਾਂਝੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ। ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਹਰ ਪਾਸੇ ਪੰਜਾਬੀ ਲੋਕ-ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਦੀ ਮਹਿਕ ਮਹਿਸੂਸ ਕੀਤੀ ਗਈ。 ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਮਨਮੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਤੀਆਂ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ ਸਿਰਫ਼ ਇੱਕ ਰਸਮ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਧੀਆਂ-ਭੈਣਾਂ ਨੂੰ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਜੋੜਨ ਵਾਲਾ ਇੱਕ ਸੁੰਦਰ ਮੌਕਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਸਾਵਣ ਆਉਂਦੇ ਹੀ ਪੀਂਘਾਂ ਪੈਂਦੀਆਂ ਸਨ, ਕੁੜੀਆਂ ਅਤੇ ਵਿਆਹੀਆਂ ਧੀਆਂ ਆਪਣੇ ਪੇਕਿਆਂ ਆ ਕੇ ਸਹੇਲੀਆਂ ਨਾਲ ਗਿੱਧਾ ਪਾਉਂਦੀਆਂ, ਬੋਲੀਆਂ ਗਾਉਂਦੀਆਂ ਅਤੇ ਖ਼ੁਸ਼ੀਆਂ ਮਨਾਉਂਦੀਆਂ ਸਨ। ਅੱਜ ਦੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਇਹ ਪਰੰਪਰਾਵਾਂ ਹੌਲੀ-ਹੌਲੀ ਘੱਟਦੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ, ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਯਤਨ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਵਿਰਸਾ ਕਦੇ ਵੀ ਖ਼ਤਮ ਨਾ ਹੋਵੇ。 ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅੱਜ ਦੀ ਨੌਜਵਾਨ ਪੀੜ੍ਹੀ ਪੱਛਮੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਵੱਲ ਵੱਧ ਆਕਰਸ਼ਿਤ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਪੰਜਾਬੀ ਰਸਮਾਂ-ਰਿਵਾਜਾਂ ਅਤੇ ਤਿਉਹਾਰਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰੀ ਬਣਦੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਸੇ ਲਈ ਅਜਿਹੇ ਸਮਾਗਮ karvāe ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਬੱਚਿਆਂ ਅਤੇ ਨਵੀਂ ਪੀੜ੍ਹੀ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਵਿਰਸੇ ਨਾਲ ਜੋੜਿਆ ਜਾ ਸਕੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਪੰਜਾਬੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ, ਤਿਉਹਾਰਾਂ ਅਤੇ ਰਵਾਇਤਾਂ ਨੂੰ ਅਪਣਾਉਣ ਅਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਪੀੜ੍ਹਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਆਪਣਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਣ。 ਇਸ ਮੌਕੇ ਕਵਲਜੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕਰੀਬ ਤਿੰਨ ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਪਣੀਆਂ ਸਹੇਲੀਆਂ ਅਤੇ ਭੈਣਾਂ ਨੂੰ ਇਕੱਠਾ ਕਰਕੇ ਤੀਆਂ ਦਾ ਸਮਾਗਮ ਮਨਾਉਣ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ ਸੀ। ਅੱਜ ਇਹ ਇੱਕ ਸੁੰਦਰ ਪਰੰਪਰਾ ਬਣ ਚੁੱਕੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਹਰ ਸਾਲ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਮਾਗਮ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ਼ ਗਿੱਧਾ ਜਾਂ ਬੋਲੀਆਂ ਹੀ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਰਵਾਇਤੀ ਖੇਡਾਂ ਵੀ ਕਰਵਾਈਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਹਰ ਉਮਰ ਦੀਆਂ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਇਸ ਦਾ ਆਨੰਦ ਲੈ ਸਕਣ。 ਕਵਲਜੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਾਵੇਂ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਵੀ ਤੀਆਂ ਦੀ ਰੌਣਕ ਕੁਝ ਹੱਦ ਤੱਕ ਬਰਕਰਾਰ ਹੈ, ਪਰ ਸ਼ਹਿਰੀ ਅਤੇ ਪੱਛਮੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਦਾ ਪ੍ਰਭਾਵ ਹੁਣ ਪਿੰਡਾਂ ਤੱਕ ਵੀ ਪਹੁੰਚ ਗਿਆ ਹੈ। ਕਈ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਸੱਗੀ-ਫੁੱਲ, ਪੀਂਘਾਂ ਅਤੇ ਤੀਆਂ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਵੀ نہیں ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਕੂਲਾਂ, ਕਾਲਜਾਂ ਅਤੇ ਸਮਾਜਿਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵੱਲੋਂ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਸਮਾਗਮ ਲਗਾਤਾਰ ਕਰਵਾਏ ਜਾਣ ਤਾਂ ਬੱਚਿਆਂ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ ਵਿਰਸੇ ਪ੍ਰਤੀ ਪਿਆਰ ਅਤੇ ਮਾਣ ਦੀ ਭਾਵਨਾ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਹੋਵੇਗੀ。 ਸਮਾਗਮ ਦੌਰਾਨ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਨੇ ਇੱਕ ਸੁਰ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਸਾਡੀ ਪਹਿਚਾਣ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਜਿਉਂਦਾ ਰੱਖਣਾ ਹਰ ਪੰਜਾਬੀ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਤੀਆਂ ਵਰਗੇ ਤਿਉਹਾਰ ਸਿਰਫ਼ ਮਨੋਰੰਜਨ ਦਾ ਸਾਧਨ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਆਪਸੀ ਪਿਆਰ, ਸਾਂਝ ਅਤੇ ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਵਿਰਸੇ ਨੂੰ ਅਗਲੀ ਪੀੜ੍ਹੀ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਮਾਧਿਅਮ ਹਨ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਗਿੱਧੇ ਦੀਆਂ ਧੁਨਾਂ, ਲੋਕ ਬੋਲੀਆਂ ਅਤੇ ਪੀਂਘਾਂ ਦੀ ਰੌਣਕ ਨੇ ਸਾਵਣ ਦੀ ਖ਼ੂਬਸੂਰਤੀ ਨੂੰ ਹੋਰ ਵੀ ਚਾਰ ਚੰਨ ਲਾ ਦਿੱਤੇ。 ਬਾਈਟ: ਮਨਮੀਤ ਕੌਰ ਬਾਈਟ: ਕਵਲਜੀਤ ਕੌਰ
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