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DMFT फंड के दुरुपयोग के आरोप, मरांडी ने जांच की मांग

Chaibasa, Jharkhand:खनन प्रभावित इलाकों के विकास के नाम पर 'आर्थिक अपराध' हो रहा, डीएमएफटी फंड की जांच होनी चाहिए: बाबूलाल मरांडी झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम सिंहभूम के तीन दिवसीय दौरे के समापन पर चाईबासा में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बनाए गए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है और जिले में इसके नाम पर "आर्थिक अपराध" हो रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर डीएमएफट फंड का गठन इसलिए किया गया था ताकि खदानों से प्रभावित गांवों के लोगों को शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। लेकिन पश्चिम सिंहभूम में आज भी खनन प्रभावित गांवों के लोग लाल और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। गांवों में अस्पतालों की स्थिति खराब है, विद्यालय भवन जर्जर हैं, शिक्षकों की कमी है और सड़कें इतनी बदहाल हैं कि उसपर चलना तो मुश्किल है ही, बीमार व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि पश्चिम सिंहभूम जिले को पिछले दस वर्षों में करीब 3742.15 करोड़ रुपये डीएमएफट मद से मिले हैं, यानी हर वर्ष औसतन 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध हुई। सरकार का दावा है कि लगभग 75 प्रतिशत राशि खर्च भी कर दी गई, लेकिन यह पैसा कहां खर्च हुआ, इसका पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि डीएमएफट पोर्टल पर सभी योजनाओं और खर्च का विवरण अपलोड होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को जनता के सामने इसका हिसाब देना चाहिए। यदि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को उसका लाभ नहीं मिला तो यह सीधा-सीधा आर्थिक अपराध है। पूर्व मुख्यमंत्री ने झारखंड और ओडिशा की तुलना करते हुए कहा कि देश के लगभग 40 प्रतिशत खनिज भंडार झारखण्ड में हैं, फिर भी राज्य को अपेक्षित विकास नहीं मिल रहा। उन्होंने दावा किया कि झारखंड को खनिजों से लगभग 22 हजार करोड़ रुपये की रॉयल्टी प्राप्त होती है, जबकि केवल 17 प्रतिशत खनिज संसाधनों वाले पडोसी राज्य ओडिशा को लगभग 4600 करोड़ रुपये की रॉयल्टी मिलने के बावजूद वहां विकास की गति झारखंड से कहीं बेहतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार हर वर्ष बड़े-बड़े एमओयू तो करती है, लेकिन धरातल पर कोई परिणाम दिखाई नहीं देता। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पश्चिम सिंहभूम और पूरे कोल्हान में बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी और पलायन के लिए राज्य सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी तिजोरी भरने में लगी है, जबकि मजदूर रोजगार के अभाव में दूसरे राज्यों में पलायन कर शोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कई खदानों की लीज समाप्त हो चुकी है, लेकिन पिछले साढ़े छह वर्षों में सरकार एक भी खदान की नीलामी नहीं करा सकी। यदि समय पर खदानों की नीलामी होती तो स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलता और पलायन की नौबत नहीं आती। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर ओडिशा में 45 खदानों की नीलामी कर रोजगार और विकास को गति दी गई है। अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान बाबूलाल मरांडी ने बंदगांव, चक्रधरपुर, सोनुआ, मनोहरपुर, छोटानागरा, किरीबुरू, नोवामुंडी, झींकपानी और चाईबासा सहित कई खनन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि अधिकांश गांवों में लोगों ने पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की गंभीर समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने हाल ही में देशाउली में four युवकों के साथ हुई मारपीट की घटना का भी जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। वहीं, एसीसी कंपनी के बंद होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि इससे हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। अंत में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खनन प्रभावित गांवों के लोगों को उनका अधिकार नहीं मिला। करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बावजूद यदि गांवों की तस्वीर नहीं बदली है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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दिल्ली में महिलाओं के लिए 56 इलेक्ट्रिक बसों का लेडीज स्पेशल नेटवर्क शुरू

New Delhi, Delhi:दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए समर्पित लेडीज स्पेशल इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क करेगी शुरू राजधानी दिल्ली के ज़्यादा भीड़-भाड़ वाले 28 रूटों पर महिलाओं के लिए विशेष रूप से महिला स्पेशल 56 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी. पीक आवर्स के दौरान कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को लाभ पहुंचाने के लिए 30 लेडीज स्पेशल और 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल बस सेवाएं शुरू की जाएंगी हर महिला को सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा करने का अधिकार है। महिलाओं के लिए समर्पित यह बस नेटवर्क दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और अधिक सुरक्षित, सुलभ और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है- परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह
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दमोह में छह शराब दुकानों को सील, पाँच दुकानों पर 7.11 लाख का जुर्माना

Damoh, Madhya Pradesh:दमोह में शराब कारोबार पर बड़ी कार्यवाही: जिले भर में छह शराब दुकानों को सस्पेंड कर सील किया गया है और पांच दुकानों पर सात लाख 11 हजार 906 रुपए का जुर्माना लगाया गया है. जिले में शराब कारोबार को लेकर बड़ी कार्यवाही के बाद हड़कंप मचा हुआ है. एक दिन में एक साथ जांच होने के बाद उसी दिन हुई यह कार्रवाई सबको चौंका देती है. जिले के कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को लगातार लाइसेंसधारी शराब दुकानों में गड़बड़ी और नियमों का पालन न करने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद DM ने एक साथ शराब दुकानों की जांच के लिए आबकारी टीम और राजस्व के अफसरों को भेजा. जिन दुकानों को सस्पेंड किया गया है उन पर लाइसेंस स्थगित कर सील किया गया है, जबकि जिले की पाँच दुकानों पर मिली अनियमितताओं के बाद सात लाख 11 हजार 906 रुपए का जुर्माना लगाया गया है. कलेक्टर के अनुसार जिले में गांव-गांव में अवैध शराब बिक रही है, और इन दुकानों का अहम किरदार है जहाँ से शराब अवैध रूप से सप्लाय हो रही है, जिससे युवा पीढ़ी बिगड़ रही है. डीएम ने बताया कि जिन दुकानों को सस्पेंड किया गया है वो सरकार द्वारा चिन्हित स्थान से अलग जगहों पर खोली गईं, मतलब नियमों को ताक पर रखा गया है. प्रचार प्रसार के लिए बड़े बड़े बोर्ड लगाए गए हैं जो सही नहीं हैं. कई दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक या कम कीमत पर शराब की बिक्री हो रही है, जो आबकारी नियमों का उल्लंघन है. उन्होंने शराब कारोबारियों को आगाह किया है कि जांच जारी रहेगी और नियमों के खिलाफ किसी दुकान के संचालन पर कड़ी कार्यवाही होगी.
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दिल्ली में महिलाओं के लिए 56 इलेक्ट्रिक बसें, पीक आवर में स्पेशल सेवाएं शुरू

New Delhi, Delhi:दिल्ली के ज़्यादा भीड़-भाड़ वाले 28 रूटों पर महिलाओं के लिए विशेष रूप से महिला स्पेशल 56 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी。 •पीक आवर्स के दौरान कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को लाभ पहुंचाने के लिए 30 लेडीज स्पेशल और 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल बस सेवाएं शुरू की जाएंगी 30 'लेडीज़ स्पेशल' बसें ऑफिस के व्यस्त समय (पीक आवर्स) के दौरान दोनों दिशाओं में चलेंगी। सुबह की सेवाएं प्रात: 7 बजकर 52 मिनट से लेकर सुबह के 9 बजे के बीच चलेंगी और वापसी की सेवाएं शाम को 4 बजकर 32 मिनट से लेकर 6 बजकर 15 मिनट के बीच संचालित होंगी। ये बसें राजधानी दिल्ली के प्रमुख रोज़गार केंद्रों, कमर्शियल इलाकों, इंस्टीट्यूशनल हब और प्रमुख मेट्रो इंटरचेंज स्टेशनों को जोड़ेंगी, जिससे कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा संभव हो सकेगी। हर महिला को सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा करने का अधिकार है। महिलाओं के लिए समर्पित यह बस नेटवर्क दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और अधिक सुरक्षित, सुलभ और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है- परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC), दिल्ली सरकार ने राजधानी में महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित, भरोसेमंद और आरामदायक पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा देने के मकसद से सिर्फ़ महिलाओं के लिए समर्पित इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क शुरू करने का महत्वपूर्ण फ़ैसला किया है। यह पहल कामकाजी महिलाओं और कॉलेज की छात्राओं के दैनिक यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, ताकि उन्हें शहर के सबसे व्यस्त रास्तों पर सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान बिना किसी रुकावट के आरामदायक सफर की सुविधा मिल सके।
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बिहार सरकार के फैसलों की मंजूरी: AMRUT 2.0 और जल योजनाओं को बड़ा बजट

Patna, Bihar:प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं पश्चिम चंपारण के समेकित थरूहट विकास अभिकरण की योजनाओं की अवधि वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक बढ़ाने और बजट व्यय की स्वीकृति। बिहार खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी। बिहार की जेलों में अनुबंध पर कार्यरत भूतपूर्व सैनिक-सह-कक्षपालों का मासिक मानदेय ₹19,800 से बढ़ाकर ₹30,000 किया गया। जेलों में मृत बंदियों के आश्रितों को मुआवजा भुगतान के लिए नई नीति को मंजूरी। AMRUT 2.0 के तहत हाजीपुर सीवरेज नेटवर्क एवं STP परियोजना के लिए ₹232.90 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति। AMRUT 2.0 के तहत खगड़िया जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹170.86 करोड़ की मंजूरी। सीतामढ़ी जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹197.12 करोड़ की स्वीकृति। समस्तीपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए ₹228.45 करोड़ की मंजूरी। बिहार मोटरयान कराधान अधिनियम, 1994 की अनुसूचियों में संशोधन को स्वीकृति। कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर धर्मशाला के संचालन की जिम्मेदारी मंदिर न्यास समिति को देने की मंजूरी। पुनौराधाम (सीतामढ़ी) के समग्र विकास, ट्रस्ट डीड अनुमोदन और 50.8925 एकड़ भूमि नि:शुल्क हस्तांतरण को मंजूरी। बिहार ग्राम पंचायत (कर, दर एवं शुल्क) नियमावली, 2026 को स्वीकृति। मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल योजना और ''सहारा'' योजना के एकीकरण को मंजूरी। बिहार स्टेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI CoE) के गठन को मंजूरी। बिहार पर्यटन सेवा नियमावली, 2026 को स्वीकृति। बिहार स्टेट रोपवेज कंपनी लिमिटेड के गठन का निर्णय। बिहार पर्यटन अवर सेवा संवर्ग नियमावली, 2026 को मंजूरी। उपचारित अपशिष्ट जल के सुरक्षित पुनः उपयोग हेतु बिहार नीति-2026 को स्वीकृति। भागलपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए लगभग 3145 एकड़ भूमि अधिग्रहण और ₹1329.58 करोड़ के अनुमानित मुआवजे को मंजूरी। राजगीर, रोहतास और कैमूर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण के लिए भारत सरकार के साथ एमओयू को मंजूरी। बिहार उड़ान संस्थान के प्रशिक्षण हेतु Beechcraft Baron G58 विमान सेवा लेने की स्वीकृति। महिला सुरक्षा के लिए 1500 स्कूटर (1000 पेट्रोल, 500 इलेक्ट्रिक) तथा पुलिस कर्मियों के लिए संशोधित वाहन खरीद प्रस्ताव को मंजूरी। सेवानिवृत्त अपर पुलिस अधीक्षक रामाकांत प्रसाद की संविदा सेवा अवधि 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक बढ़ाई गई ''सात निश्चय-3'' के तहत अतिरिक्त माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित करने की मंजूरी वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों के गठन एवं परिसीमन के प्रारूप को मंजूरी。
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रांची के जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा आज भक्तों के लिए खुली; नेत्रदान आरती

Ranchi, Jharkhand:रांची के जगन्नाथ मंदिर में गुरुवार को रथ यात्रा निकाली जाएगी। रथ यात्रा की पहले आज जगन्नाथ मंदिर में नेत्र दान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भ्राता बलभद्र भक्तों के दर्शन के लिए सर्व सुलभ हुए। नेत्रदान कार्यक्रम के बाद मंगल आरती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गुरुवार को रथ यात्रा के दिन सुबह पांच बजे से दो बजे तक भक्तगण पूजा कर सकेंगे और उसके बाद भगवान को रथ पर सवार किया जाएगा और पांच बजे से रथ खींचने का कार्यक्रम आयोजित होगा और श्रद्धालु रथ खींच कर भगवान को मौसбиाड़ी तक ले जाएंगे
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अनूपपुर में खेत जुताई के दौरान ट्रैक्टर खाई में गिरा, चालक की मौत

Anuppur, Madhya Pradesh:अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के ग्राम थोड़ीपानी में खेत जुताई करते समय ट्रैक्टर खाई में गिर गया और चालक के ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत हो गई। घटना के अनुसार खेत की जोताई करते समय ट्रैक्टर का स्टियरिंग न मोड़ने से ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खाई में गिरा। घटना में ट्रैक्टर चालक अमन सिंह कोल पुत्र राजकुमार कोल की मौत हो गई। मौके पर जैतहरी थाना पुलिस पहुँच गई और पता चला कि ट्रैक्टर मालिक पुरन सिंह राठौड़ निवासी थोड़ीपानी हैं। शव को जेसीबी एवं ग्रामीणों की मदद से निकालकर पंचनामा तैयार किया गया और पोस्टमार्टम हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी भेजा जा रहा है。
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मूंग MSP पर 100% खरीद की मांग से किसानों का प्रदर्शन तेज, दबाव बढ़ा

Narmadapuram, Madhya Pradesh:एंकर नर्मदापुरम- मध्यप्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर किसानों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। भारतीय किसान यूनियन (मध्यप्रदेश) के बैनर तले नर्मदापुरम जिले की डोलरिया तहसील के ग्राम बगवाड़ा में किसानों ने क्षेत्रीय विधायक के निजी निवास के सामने हरदा रोड पर करीब एक घंटे तक चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों का ज्ञापन विधायक को सौंपा। किसानों का आरोप है कि सरकार की खरीदी नीति किसान विरोधी है। उनका कहना है कि मूंग की कुल उपज का केवल 25 प्रतिशत ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जा रहा है, जबकि प्रति एकड़ महज 1 क्विंटल 20 किलो खरीदी की सीमा तय होने से किसानों को अपनी अधिकांश उपज खुले बाजार में औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है। विओं01- किसानों के मुताबिक मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,768 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन मंडियों में उन्हें केवल 6,000 से 6,500 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन ने सरकार से मूंग की शत-प्रतिशत MSP पर खरीदी की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। विओं02- प्रदर्शन के बाद क्षेत्रीय विधायक ने किसानों से चर्चा कर उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आशासन दिया। हालांकि भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें विधायक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। संगठन ने जिले में चल रहे अपने अन्य आंदोलनों को फिलहाल स्थगित करते हुए ऐलान किया कि अब आंदोलन को प्रदेश स्तर पर ले जाया जाएगा। किसान यूनियन ने चेतावनी दी है किसानों का कहना है कि जब तक मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी MSP पर सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बाइट(A1)- राकेश गौर ( सदस्य ) बाइट(A2)- राजेश जाट ( संघ सदस्य )
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