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Raju Sursingh RathodRaju Sursingh RathodFollow19 Sept 2024, 06:49 pm

बुरहानपुर के गणेश विसर्जन जुलूस और ईद मिलादुन्नबी रैली को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव

Ambada Ryt, Madhya Pradesh:

बुरहानपुर के लालबाग थाना क्षेत्र में गणेश विसर्जन जुलूस और ईद मिलादुन्नबी की रैली को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया। दोनों पक्ष अपने-अपने मार्ग को लेकर अड़े रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तीन घंटे तक सुलह की कोशिश की, लेकिन मामला देर शाम तक सुलझ नहीं पाया। ग्राम पंचायत भवन में दोनों समुदायों की भीड़ जमा रही, जबकि गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतरसिंह कनेश स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

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जमुई में PM योजना के विरोध में बच्चों ने स्कूल मर्जर के खिलाफ किया विरोध

Jamui, Bihar:जमुई जिले के खैरा प्रखंड में PM श्री योजना के तहत विद्यालय मर्जर को लेकर मंगलवार सुबह बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। उत्क्रमित मध्य विद्यालय नवडीहा के 6वीं से 8वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं ने अपने अभिभावकों के साथ खैरा BRC गेट और खैरा हाई स्कूल चौक को घंटों जाम कर दिया। बच्चे अपने विद्यालय को दूसरे स्कूल में मर्ज किए जाने का विरोध कर रहे थे।Prom प्रदर्शन कर रहे बच्चों में सुमित कुमार, आदित कुमार, नीतीश, आदर्श कुमार, सत्यम कुमार, सुमन कुमार, रौनक कुमार, निशा कुमारी, रिया कुमारी, संध्या कुमारी और अंशु कुमारी समेत कई छात्र-छात्राएं शामिल थे। कक्षा 8 के छात्र कुमार रत्नाकर ने बताया कि PM श्री योजना के तहत नवडीहा विद्यालय के बच्चों को खैरा हाई स्कूल भेजने का आदेश दिया गया है, जिससे बच्चे नाराज हैं। उनका कहना था कि वे अपने पुराने विद्यालय में ही पढ़ाई करना चाहते हैं। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि नवडीहा विद्यालय से खैरा हाई स्कूल की दूरी करीब 1 से डेढ़ किलोमीटर है और बच्चों को NH-333 होकर जाना पड़ेगा, जिसके कारण दुर्घटना का खतरा बना रहेगा। अभिभावक अनीता देवी और सोनी देवी ने कहा कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला सही नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले इस विद्यालय को खैरा परियोजना में शामिल किया गया था, लेकिन पैरवी के जरिए बच्चों को दूसरे विद्यालय भेजा जा रहा है। कड़कती धूप में बच्चों और महिलाओं ने नवडीहा से पैदल करीब एक किलोमीटर दूरी तय कर BRC गेट के पास विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भीषण गर्मी के कारण कुछ बच्चे बेहोश हो गए, जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक ललन मेहता ने बताया कि विभागीय आदेश के तहत बच्चों को हाई स्कूल में नामांकन कराने की जानकारी दी गई थी। 23 मई को ही बच्चों को हाई स्कूल भेजने को लेकर आदेश प्राप्त हुआ था। इसके बाद बच्चे घर जाकर अपने अभिभावकों के साथ विरोध प्रदर्शन करने लगे। जानकारी के अनुसार जिले में PM श्री योजना के तहत कुल 17 विद्यालयों का मर्जर किया गया है। मामले की सूचना मिलने पर खैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी मिंटू कुमार सिंह के निर्देश पर एसआई ईशा श्री ने बच्चों और अभिभावकों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया। वहीं खैरा BEO महेश कुमार ने बताया कि अधिकारी अवकाश पर हैं। अभिभावकों से आवेदन लेने के बाद मामले को जिला स्तर के अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा.
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24 घंटे में ग्रेटर नोएडा पुलिस ने किन्नर हत्या के आरोपी को मुठभेड़ के दौरान दबोचा

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 24 घंटे में किन्नर हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्या आरोपी को मुठभेड़ के दौरान दबोचा. ग्रेटर नोएडा थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस 315 बोर बरामद किया है। उसी एडीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष कुमार ने बताया 24 तारीख की रात को एक किन्नर की तुगलपुर में हत्या हो गई थी, इसकी सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को आज मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
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REWA घटना के विरोध में डूंगरपुर में जैन समाज का प्रदर्शन, संत सुरक्षा की मांग

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा डूंगरपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन डूंगरपुर हेडलाइन- रीवा की घटना के विरोध में जैन समाज का प्रदर्शन, साधु-संतों की सुरक्षा की मांग एंकर इंट्रो- डूंगरपुर जिले में मध्यप्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई दुखद घटना को लेकर जैन समाज में गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है। जैन नवयुवक मंडल डूंगरपुर के नेतृत्व में समाजजनों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर केन्द्रीय गृह मंत्री व मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमे साधू-संतो की सुरक्षा की मांग की गई है। बॉडी- जैन नवयुवक मंडल के अध्यक्ष शैलेश जैन ने बताया कि रीवा में पूज्य जैन साध्वी के असामयिक निधन पर गहरा दुख है। समाज का कहना है कि मौके पर तथ्यों, वीडियो क्लिप्स और परिस्थितियों को देखते हुए घटना को लेकर कई आशंकाएं पैदा हुई हैं। इसलिए इसकी एसआईटी अथवा न्यायिक जांच करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक, तपस्वी और पदयात्रा के माध्यम से विहार करने वाले होते हैं। वे किसी प्रकार की सुरक्षा या भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते, ऐसे में उनके साथ होने वाली दुर्घटनाएं और हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। समाज ने मांग की कि घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संतों की सुरक्षा के लिए “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करने, विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहायता उपलब्ध कराने, हाईवे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा भारत सरकार से पैदल विहार करने वाले संतों के लिए “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” एवं मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने तथा स्थानीय स्तर पर “संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ” गठित करने की भी मांग की गई है बॉाइट- शैलेश जैन जिला अध्यक्ष जैन नवयुवक मंडल डूंगरपुर
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Abhay Chautala का हमला: कांग्रेस कमजोर, RSS दफ्तरों में बैठाने का आरोप; 1 जून प्रदर्शन

Jhanj Kalan, Haryana:जींद में गरजे अभय चौटाला, बोले- कांग्रेस कमजोर हाथों में, दफ्तरों में बैठे हैं RSS के लोग “महंगाई ने तोड़ दी जनता की कमर”, 1 जून को प्रदेशभर में INLD का बड़ा प्रदर्शन अभय का बीजेपी पर हमला, बोले- किसानों और आढ़तियों को लड़वाने की साजिश खुद जहाज में घूमते हैं मोदी, जनता को दे रहे तेल बचाने की नसीहत — अभय चौटाला अभय चौटाला का जींद में बीजेपी-कांग्रेस पर बड़ा हमला जींद में इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष Abhay Singh Chautala ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर जमकर हमला बोला। अभय चौटाला ने कांग्रेस को कमजोर हाथों में बताया तो वहीं बीजेपी पर सरकारी दफ्तरों में आरएसएस के लोगों को बैठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त है और कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह फेल साबित हुई है। साथ ही पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ 1 जून को पूरे हरियाणा में प्रदर्शन का ऐलान भी किया। अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार खुद बाहरी लोगों को नौकरी दे रही है और अब प्रदेश में बाहरी लोगों की संख्या का मुद्दा उठाकर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि इनेलो संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा ताकि जनता की लड़ाई मजबूती से लड़ी जा सके। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों पर सरकार को घेरते हुए अभय चौटाला ने कहा कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। इसी के विरोध में इनेलो 1 जून को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है। किसानों और आढ़तियों के मुद्दे पर भी अभय चौटाला ने बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सूरजमुखी की आढ़त कम करके किसानों और आढ़तियों को आपस में लड़वाना चाहती है। वहीं पीएम के तेल बचाने वाले बयान पर तंज कसते हुए बोले कि जो खुद हवाई जहाज में घूमते हैं, वो जनता को गाड़ी कम चलाने की सलाह दे रहे हैं। बाइट — अभय चौटाला: “कांग्रेस कमजोर हाथों में है… बीजेपी ने सरकारी दफ्तरों में आरएसएस के लोग बैठा दिए हैं… महंगाई से जनता त्रस्त है… किसान और आढ़ती दोनों परेशान हैं… इनेलो 1 जून को सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी…”
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AAP ने नगर निगम चुनाव के लिए साफ उम्मीदवार उतारे; तेल कीमतों पर बहस तेज

Noida, Uttar Pradesh:ਦੇਸ਼ ਦੀ ਆਜ਼ਾਦੀ ਦੇ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨੇ ਆਪਣੀ ਜਾਨ ਵਾਰ ਦਿੱਤੀ ਤਾਂ ਸਾਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦਾ ਅਧਿਕਾਰ ਦੇ ਚਲਦੇ ਆਪਣੇ ਵੋਟ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰ ਦੀ ਵਰਤੋ ਜਰੂਰ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ, ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਗਰਾਊਂਡ ਦੇ ਉੱਪਰ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਦੇ ਕੰਮ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ ਅਤੇ ਅਸੀਂ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਚੋਣਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਾਫ ਕਿਰਦਾਰ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਉਤਾਰਿਆ ਹੈ ਸਾਨੂੰ ਚੰਗੇ ਨਤੀਜੇ ਆਉਣ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹੈ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਚੋਣਾਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਹਨਾਂ ਚੋਣਾਂ ਦੇ ਨਤੀਜਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਮਨਾਂ ਦੀ ਰਿਫਲੈਕਸ਼ਨ ਜਰੂਰ ਝਲ ਕੇ ਗੀ ਬੰਗਾਲ ਚੋਣਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੂਰੇ ਭਾਰਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਵੱਧ ਰਹੀਆਂ ਤੇਲ ਕੀਮਤਾਂ ਦਾ ਵੱਡਾ ਕਾਰਨ ਭਾਰਤ ਦੀਆਂ ਇੰਟਰਨੈਸ਼ਨਲ ਨੀਤੀਆਂ ਨੂੰ ਮੰਨਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਫੇਲ ਹੋ ਚੁੱਕੀਆਂ ਹਨ।
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बागेश्वर में भारी बारिश से तापमान गिरा, आंधी से यातायात बाधित

Bageshwar, Uttarakhand:जहां मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है, वहीं बागेश्वर में मौसम ने करवट लेते हुए लोगों को थोड़ी राहत दी। हालांकि बारिश के साथ आई तेज आंधी कई जगह परेशानी भी बन गई。 बागेश्वर में बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली। लेकिन तेज आंधी के चलते कई पेड़ धराशायी हो गए। राष्ट्रीय राजमार्ग 309A पर पेड़ गिरने से यातायात कई घंटों तक बाधित रहा, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से पेड़ों को हटाकर मार्ग को दोबारा खोला गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
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बकरीद पर उन्नाव शहर काजी की अपील, शांति, सौहार्द और सरकारी गाइड लाइन का करें पालन

Unnao, Uttar Pradesh:खबर उन्नाव से है जहां आगामी बकरीद पर्व के मद्देनजर शहर काजी मौलाना निस्सार अहमद मिस्बाही ने मुस्लिम समुदाय से शांति, सौहार्द और प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए त्योहार मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बकरीद का त्योहार अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है, इसलिए सभी लोग जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाएं और माहौल खराब करने वाली किसी भी गतिविधि से बचें। बता दे कि मौलाना निस्सार अहमद मिस्बाही ने बताया कि बकरीद का पर्व 28 मई को मनाया जाएगा। बड़ी ईदगाह में पहली नमाज सुबह सात बजे अदा की जाएगी, जिसकी इमामत वह स्वयं करेंगे। वहीं, दूसरी नमाज सुबह पौने आठ बजे होगी, जिसकी इमामत आली जनाब सैयद वसीक कतारी साहब करेंगे। उन्होंने कुर्बानी के दौरान सरकार और प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करने पर जोर दिया। शहर काजी ने कहा कि जिन जानवरों की कुर्बानी प्रतिबंधित है, उनकी कुर्बानी किसी भी हालत में न की जाए। साथ ही, कुर्बानी घर के अंदर ही की जाए और सार्वजनिक स्थानों या सड़कों पर किसी प्रकार की कुर्बानी न हो। शहर काजी ने स्पष्ट किया कि नमाज केवल ईदगाह और मस्जिदों के अंदर ही अदा की जाएगी। सड़क या सार्वजनिक मार्गों पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह बात पहले से स्पष्ट है और सभी लोग इस व्यवस्था का पालन करें। मस्जिदों में भी नमाज अंदर या छतों पर होगी, लेकिन सड़क पर किसी भी तरह की नमाज की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशेषों के उचित निस्तारण पर भी जोर दिया। मौलाना ने कहा कि जानवरों के अवशेषों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए और नगर पालिका की गाड़ी आने पर उसके सुपुर्द कर दिया जाए, ताकि स्वच्छता व्यवस्था बनी रहे और किसी को परेशानी न हो। मौलाना ने विशेष रूप से युवाओं से अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी के वीडियो न बनाएं और न ही उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करें। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे वीडियो कई बार तनाव और अफवाहों का कारण बनते हैं, जिससे माहौल खराब हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की हरकत करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
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गोरखपुर में एसएससी जीडी परीक्षा में गड़बड़ी, अभ्यर्थी सड़क जाम कर तनाव बढ़ा

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में एसएससी जीडी परीक्षा को लेकर सोमवार को जमकर हंगामा देखने को मिला। शहर के सेंट एंड्रयूज कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचे दर्जनों अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया, जिसके बाद नाराज अभ्यर्थियों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी। करीब एक घंटे तक अंबेडकर चौराहे से लेकर शास्त्री चौक तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को समझाकर मामला शांत कराया। प्रशासन ने छूटे हुए अभ्यर्थियों की परीक्षा दूसरी तारीख में कराने का आश्वासन दिया है। दरअसल सोमवार को शहर के सेंट एंड्रयूज कॉलेज में एसएससी जीडी यानी स्टाफ सिलेक्शन कमीशन जनरल ड्यूटी कांस्टेबल की ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा केंद्र पर सुबह से ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि एजेंसी की ओर से 350 से अधिक छात्रों का आवंटन कॉलेज को कर दिया गया, जबकि कॉलेज में केवल करीब 240 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था थी। शुरुात में करीब 240 अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठा दिया गया, लेकिन उसके बाद पहुंचे करीब 80 से अधिक अभ्यर्थियों को परीक्षा देने से रोक दिया गया। इससे नाराज छात्रों ने कॉलेज परिसर के अंदर हंगामा शुरू कर दिया। कई अभ्यर्थी बिहार समेत दूसरे जिलों और राज्यों से परीक्षा देने पहुंचे थे। छात्रों का कहना था कि जब उनके एडमिट कार्ड पर यही सेंटर दिया गया था तो उन्हें सीट खाली नहीं है कहकर परीक्षा से क्यों रोका गया। हंगामे के दौरान कुछ रिजर्व अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा दिलाए जाने की सूचना मिलने पर बाकी छात्र और भड़क गए। शाम करीब पांच बजे नाराज अभ्यर्थियों ने कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर सड़क जाम कर दी और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सड़क जाम होने से अंबेडकर चौराहे से शास्त्री चौक तक लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस बल मौके पर पहुंचा। विद्यार्थीलो का समर्थन करने वाले संगठन भी मौके पर पहुंचे और अभ्यर्थियों के पक्ष में प्रदर्शन किए गए। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और कॉलेज प्रबंधन ने अभ्यर्थियों से वार्ता की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों की परीक्षा छूट गई है, उनकी परीक्षा दूसरी तारीख में कराई जाएगी। इसके बाद अभ्यर्थी शांत हुए और जाम समाप्त कराया गया। प्रशासन का कहना है कि सर्वर से जुड़ी तकनीकी समस्या की वजह से कुछ सेंटरों पर निर्धारित संख्या से अधिक अभ्यर्थियों का आवंटन हो गया था, जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई। प्रशासन ने दोबारा परीक्षा कराने का भरोसा देकर मामला शांत करा दिया है।
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सोलन मंडी में लहसुन की कीमत गिरने से किसानों ने MSP और प्राकृतिक खेती की मांग उठाई

Solan, Himachal Pradesh:सोलन सब्जी मंडी में लहसुन के दाम गिरे, किसानों ने MSP और प्राकृतिक खेती की उठाई मांग सोलन की सब्जी मंडी में इन दिनों लहसुन और अन्य सब्जियों की बढ़ती आवक तथा गिरती कीमतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंडी में लहसुन के दामों में आई भारी गिरावट के कारण किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में किसान मेहता रघुविंद्रा सिंह और नरेंद्र ठाकुर ने बाजार की मौजूदा स्थिति और किसानों की समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी। मेहता रघुविंद्रा सिंह ने बताया कि मंडी में लहसुन ₹60-70 से लेकर ₹140-142 प्रति किलो तक बिक रहा है, लेकिन इसके बावजूद किसानों को उनकी मेहनत के अनुरूप लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि यही लहसुन जब खुदरा बाजार तक पहुंचता है तो इसकी कीमत लगभग दोगुनी हो जाती है, जिससे किसान और उपभोक्ता दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने सरकार से लहसुन सहित अन्य फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि किसान खेती से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। वहीं, नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि इस बार मौसम की अनिश्चितता और बीमारियों के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। फरवरी और मार्च में बारिश की कमी तथा बाद में हुई बारिश के चलते लहसुन में ‘ब्लाइट’ और ‘माइट’ जैसी बीमारियां फैल गईं। इसके अलावा अधिक मात्रा में बीज बोए जाने और बंपर उत्पादन के कारण मंडी में लहसुन की आवक बढ़ गई, जिससे बाजार में नरमी देखने को मिल रही है। मंडी में वर्तमान में गोली और खिला हुआ लहसुन ₹50 से ₹70 प्रति किलो, मीडियम क्वालिटी ₹80 से ₹100 तथा अच्छी क्वालिटी का लहसुन ₹130 से ₹142 प्रति kilo तक बिक रहा है। इसके अलावा सिरमौर और स्थानीय क्षेत्रों से आने वाली बीन्स की गुणवत्ता भी भीषण गर्मी और पानी की कमी के कारण प्रभावित हुई है, जबकि शिमला से आने वाले मटर को अभी भी अच्छे दाम मिल रहे हैं। किसानों को सलाह देते हुए नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि फसल की उचित ग्रेडिंग कर ही मंडी में लाना चाहिए, ताकि अच्छी क्वालिटी का माल बेहतर मूल्य प्राप्त कर सके। वहीं, मेहता रघुविंद्रा सिंह ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए सरकार से इसे बढ़ावा देने की अपील की है।
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हेमंत सोरेन की विभागीय समीक्षा: जल संसाधन योजनाओं से किसानों को लाभ

Ranchi, Jharkhand:झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विभिन्न विभागों की हर रोज़ विभागवार समीक्षा कर रहे हैं। तमाम विभागो की योजनाएं किस तरीके से धरातल पर उतर रही है , विकास के लिए कौन सी और नई योजनाओं की जरूरत है तमाम पहलुओं की मुख्यमंत्री खुद समीक्षा कर रहे हैं सोमवार से शुरू हुई विभागीय समीक्षा 11 जून तक चलेगी। सोमवार को हुई वित्त विभाग और जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कई दिशा निर्देश दिए हैं तो वहीं आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री योजनाओं की हकीकत जानने के लिए फील्ड विजिट पर भी निकलने की तैयारी कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग के मंत्री हफीजुल हसन ने बताया कि इस बैठक में राज्य में संचालित विभिन्न सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन आधारित योजनाओं, बांधों एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल सके। विभागीय मंत्री ने बताया कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है और यहाँ सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न सिर्फ कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी रोक लगेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए समर्पित और प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने नदी जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए राज्य की नदियों के जल को राज्य के भीतर ही संरक्षित कर उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की करने की निर्देश देते हुए यह कहां है की योजनाओं की हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री खुद फील्ड विजिट पर भी निकलेंगे वहीं योजनाओं में बजट बढ़ाने को लेकर भी मुख्यमंत्री की तरफ से सुझाव दिए गए।
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