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बुरहानपुर में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधे लगाए गए
Burhanpur, Madhya Pradesh:बुरहानपुर नगर निगम ने रविवार को "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण किया। संतोषी कॉलोनी, अंबिका नगर, कमला नगर, वृंदावन कॉलोनी, सीके ग्रीन और महावीर वाटिका में 310 से अधिक पौधे लगाए गए। नगर निगम आयुक्त संदीप ने कहा कि औषधीय पेड़ों का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है और इस तरह के अभियान शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने में मदद करेंगे।
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पीएम राहत योजना: कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने दिए सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित लाभ पहुंचाने के नि
Chhattisgarh:कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में 'पीएम राहत योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटना के मामलों में पीड़ितों को बिना किसी अनावश्यक देरी के त्वरित और उचित लाभ दिलाया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को पात्र हितग्राहियों की पहचान कर सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय-सीमा के भीतर पूरी करने के सख्त निर्देश दिए।0
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मुख्य सचिव और डीजीपी ने जयपुर साइबर थाने की निगरानी और रोकथाम की समीक्षा की
Jaipur, Rajasthan:मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीजीपी राजीव शर्मा सोमवार शाम पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे.. दोनों अधिकारियों ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट परिसर का निरीक्षण किया और पुलिस की व्यवस्थाओं का जायजा लिया.. इस दौरान मुख्य सचिव और डीजीपी ने साइबर थाने का निरीक्षण कर साइबर अपराधों की रोकथाम और मामलों में की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली.. अधिकारियों ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों, पुलिस की कार्यप्रणाली और तकनीकी संसाधनों के बारे में भी जानकारी ली.. इसके बाद CS वी. श्रीनिवास और DGP राजीव शर्मा ने अभय कमांड सेंटर का भी जायजा लिया.. अभय कमांड के जरिए शहर में निगरानी, सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग और पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम की जानकारी अधिकारियों से ली गई.. मुख्य सचिव और डीजीपी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया.. पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कमिश्न्नरेट की कार्यप्रणाली और तकनीकी से जुड़ी जानकारी दी.. इस दौरान पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल सहित जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे0
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हापुड़ में बीकानेर रेस्टोरेंट से कीड़े मिलने के बाद स्वच्छता पर तूफानी उजागर
Hapur, Uttar Pradesh:हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर स्थित बीकानेर रेस्टोरेंट में खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. रेस्टोरेंट में परोसी गई नूडल्स में करीब एक इंच लंबा काला कीड़ा निकलने का आरोप एक युवती ने लगाया है. पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो स्टाफ और मैनेजर ने गलती स्वीकारने के बजाय उसके साथ बदसलूकी की और कहा कि 'ऐसा हो जाता है'. मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता ने मौके से 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई और बाद में थाने में नामजद तहरीर देकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. जानकारी के अनुसार सिंभावली क्षेत्र के गांव बक्सर निवासी चाहत नूमा सोमवार को गढ़मुक्तेश्वर न्यायालय से लौट रही थीं. रास्ते में अठसैनी रोड स्थित बीकानेर रेस्टोरेंट पर वह खाने के लिए रुकीं और वहां नूडल्स का ऑर्डर दिया. आरोप है कि जब उन्होंने नूडल्स खाना शुरू किया, तो प्लेट के अंदर कीड़े पड़े मिले, जिसमें एक कीड़ा करीब 1 इंच लंबा और काले रंग का था. जब युवती ने रेस्टोरेंट कर्मियों से इस पर आपत्ति जताई, तो स्टाफ ने उनसे बदतमीजी की. शिकायत में कहा गया है कि स्टाफ व मैनेजर ने यह माना कि 'कीड़े खाने में आ जाते हैं'. पीड़िता ने इसे आम लोगों की सेहत और जान के साथ खिलवाड़ बताया. घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने 112 डायल किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई. पीड़िता ने गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली पहुंचकर थाना प्रभारी को लिखित प्रार्थना पत्र दिया और रेस्टोरेंट के स्टाफ पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की. वहीं, सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भी रेस्टोरेंट के किचन और स्टोर रूम का सघन निरीक्षण किया और खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए. हाईवे स्थित बीकानेर रेस्टोरेंट में खाने में कीड़ा मिलना और उसके बाद ग्राहकों से अभद्र व्यवहार की शिकायत ने प्रशासनिक निगरानी और खान-पान की स्वच्छता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल पुलिस पीड़िता की तहरीर पर मामले की जांच कर रही है और खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी.0
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ग्रेटर नोएडा भूमि अधिग्रहण: किसानों को 64.7% अतिरिक्त प्रतिकर मिलना तय
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा में 2002 से 2013 के बीच अधिग्रहित भूमि के किसानों को 64.7 प्रतिशत मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की इस पुरानी मांग को पूरने के लिए शासनादेश जारी कर दिया है। प्राधिकरण की पहल पर शासन ने अतिरिक्त मुआवजा देने पर स्वीकृति दे दी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया जल्द शुरू करेगा। ऐसे किसान जिनकी भूमि क्रय/ अधिग्रहित की गई थी, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर थे या कोर्ट नहीं जा सके, उन किसानों को अतिरिक्त प्रतिकार नहीं मिल सका। अब उनको भी 64.7% अतिरिक्त प्रतिकर मिल सकेगा। इस फैसले के लागू होने पर प्राधिकरण की तरफ से 500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किसानों को 64.7 फीसदी अतिरिक्त प्रतिकर के रूप में किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा के किसानों को अतिरिक्त प्रतिकर देने के आदेश को पारित कराने में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, जिले के प्रभारी मंत्री कुंवर बृजेश सिंह, स्थानीय सांसद डॉ महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह व दादरी विधायक तेजपाल नागर की अहम भूमिका रही है। बाइट धीरेंद्र सिंह विधायक जेवर इस आदेश से लगभग 4500 किसानों को उनका हक जल्द मिल सकेगा। इससे 64.7 प्रतिशत प्रतिकर की मांग कर रहे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की तरफ से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मामले में निर्णय लेने के निर्देश दिया है। शासन के इस पत्र के बाद लंबे समय से अतिरिक्त प्रतिकर की मांग कर रहे किसानों को अतिरिक्त मुआवजा जल्द मिलने के आसार हैं। दरअसल, प्राधिकरण की तरफ से वर्ष 2002 से 2013 के मध्य क्रय/अधिग्रहित की गई भूमि के सापेक्ष 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने के लिए शासन को पत्र भेजा गया था। प्राधिकरण ने उच्च न्यायालय में योजित गजराज व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में पारित आदेश का हवाला देते हुए उन किसानों को भी 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का लाभ दिए जाने का अनुरोध किया गया, जिनकी भूमि वर्ष 2002 से 2013 के बीच क्रय या अधिग्रहित की गई थी, लेकिन किसी कारणवश उन्हें उक्त अतिरिक्त प्रतिकर का लाभ नहीं मिल सका। इस पर शासन की तरफ से अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि वर्ष 2002 से 2013 के मध्य भूमि क्रय अथवा अधिग्रहित किए जाने के बावजूद जिन किसानों को 64.70 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का लाभ नहीं दिया गया है, उन किसानों को मूल प्रतिकर की 64.7 प्रतिशत राशि अतिरिक्त प्रतिकर के रूप में दिए जाने पर प्राधिकरण निर्णय ले सकता है। इस आदेश के आधार पर प्राधिकरण संबंधित किसानों के मामलों की जांच, पात्रता और लागू नियमों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय कर अतिरिक्त मुआवजा देने की तैयारी कर रहा है।0
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स में लिफ्ट फंसने से 13 लोग परेशान
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स सोसायटी में आए दिन लिफ्ट में फंसने की घटनाओं के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सोमवार को एक टावर की लिफ्ट में ऊपरी फ्लोर से नीचे आने के दौरान पैसेंजर लिफ्ट में 13 लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे। आरोप है कि इस दौरान कई बार लिफ्ट में फंसे लोगों ने इंटरकाम, सिक्योरिटी अलार्म बजाया,लेकिन कोई मदद नहीं मिली। लिफ्ट के अंदर बच्चों के रोने की आवाज सुनकर लोगों ने सुरक्षा गार्ड और मेंटिनेस को सूचना दी। इसके बाद सभी को बाहर निकाला है। सोसायटी के निवासी दिनकर पांडेय ने बताया कि परिसर के लिफ्ट का रखरखाव न होने के कारण समस्या बढ़ गई है। सोमवार को शाम के समय टावर एम की पैसेंजर लिफ्ट के जरिए कुछ बच्चे, सीनियर सिटीजन और अन्य लोग ऊपरी फ्लोर से 13 लोग नीचे आ रहे थे। आरोप है कि इस दौरान अचानक लिफ्ट बीच फ्लोर पर झटके के साथ रुक गई। लिफ्ट में फंसे लोगों ने काफी देर तक इमरजेंसी अलार्म मदद के लिए बजाया,लेकिन कोई नहीं पहुंचा। लोगों ने काफी देर तक लिफ्ट के गेट बजाते रहे। ऐसे में लिफ्ट में फंसे हुए छोटे बच्चों के रोने की आवाज सुनकर बाहर से लोगो ने आनन-फानन में सुरक्षा गार्ड और मेंटिनेस टीम को सूचना दी है। जिसके बाद सभी को करीब 20 मिनट के बाद फर्स्ट फ्लोर पर लिफ्ट का गेट खोलकर बाहर निकाला है। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि यहां लिफ्ट अटकना आम बात हो गया है और आए दिन लोग लिफ्ट में फंसते रहते हैं, जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।0
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मायावती के फैसले के बाद आकाश आनंद बसपा के राष्ट्रीय संयोजक बने
Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ- आकाश आनंद ने मायावती के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। आकाश आनंद ने मायावती को संबोधित कर लिखा- ‘आदरणीय मायावती जी, सादर चरणस्पर्श’。 आकाश ने कहा- बसपा राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दोबारा सौंपने के लिए आभारी हूं。 बोले- मायावती के भरोसे के लिए तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं。 आकाश आनंद ने कहा- पिछले कुछ समय ने मुझे बहुत कुछ सिखाया。 उन्होंने मायावती के मार्गदर्शन में पार्टी हित को सर्वोपरि रखने की बात कही。 आकाश ने दोबारा मिली जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने का भरोसा जताया。 मायावती ने हाल ही में आकाश आनंद को फिर बसपा का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है।0
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बांसवाड़ा में सड़क पर मादा पैंथर शव, वाहन टक्कर आशंका; पोस्टमार्टम से पता चलेगा कारण
Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा पैंथर का शव सड़क पर मिलने से हड़कंप मच गया। सड़क किनारे करीब दो साल की मादा पैंथर मृत अवस्था में पड़ी मिली। राहगीरों की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और पैंथर के शव को कब्जे में लिया। प्रथम दृष्टया पैंथर की मौत किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगा। सड़क पर पैंथर का शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वन विभाग की टीम ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारी घटना स्थल के आसपास की परिस्थितियों की भी जांच कर रहे हैं।0
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मल्हारगंज के हुकुमचंद कॉलोनी में नाबालिग सहित आरोपियों ने कारों पर पत्थराव कर कांच तोड़े
Indore, Madhya Pradesh:पुलिस चौकी के पास बदमाशों ने मचाया था उत्पात गलियों में खड़ी कारों पर पथराव कर फोड़े थे कांच. राजस्थान पासिंग कारों को बनाया गया था निशाना सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने नाबालिग को किया गिरफ्तार मल्हारगंज क्षेत्र की हुकुमचंद कॉलोनी से राजनगर पहुंचे थे आरोपी करीब पांच कारों को बनाया गया था निशाना पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी0
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प्रशांतकुमार भट्टाचार्य ने ऑटोमेटिक मिन केज सुरक्षा प्रणाली विकसित कर खदानों में जान बचाई
Bardhaman, West Bengal:খনিগর্ভে কর্মরত শ্রমিকদের জীবনের নিরাপত্তা সুনিশ্চিত করতে এক যুগান্তকারী প্রযুক্তি আবিষ্কার করলেন বর্ধমানের বাসিন্দা তথা প্রবীণ মাইনিং ইঞ্জিনিয়ার প্রশান্তকুমার ভট্টাচার্য। গভীর ভূগর্ভস্থ খনির উল্লম্ব খাদ (shaft) দিয়ে ওঠানামার সময় কোনো কারণে দড়ি ছিঁরে ডুলি বা খাঁচা নিচে আছড়ে পড়লে শ্রমিকদের নিশ্চিত মৃত্যুর মুখে পড়তে হয়। এই বিপদের হাত থেকে রক্ষা করতে তিনি উদ্ভাবন করেছেন ‘অটোমেটিক মাইন কেজ ফ্রি-ফল অ্যারেস্টিং সেফটি সিস্টেম’। এই প্রযুক্তির জন্য ভারত সরকারের পেটেন্ট দপ্তর তাঁকে পেটেন্ট প্রদান করেছে (পেটেন্ট নং ৬০২০৬১১)। এই গুরুত্বপূর্ণ সাফল্যকে সম্মান জানাতে বর্ধমানের জি টি রোডের নক্ষত্র সভাঘরে এক বর্ণাঢ্য সংবর্ধনা সভার আয়োজন করা হয়। অনুষ্ঠানে উপস্থিত হয়ে বর্ধমান বিশ্ববিদ্যালয়ের রেজিস্ট্রার ড. অরিজিৎ চট্টোপাধ্যায় উদ্ভাবক প্রশান্তকুমার ভট্টাচার্যকে উত্তরীয় ও স্মারক প্রদান করে সংবর্ধিত করেন। এ ছাড়া সংবর্ধনা জানান একটি হসপিটালের প্রতিনিধিরা এবং তাঁর শুভানুধ্যায়ী ও পরিবারের সদস্যরা। deli-র দীর্ঘ কর্মজীবনে একাধিক সহকর্মীর মর্মান্তিক মৃত্যু এবং চোখের সামনে ঘটা নানা দুর্ঘটনা গভীরভাবে নাড়া দিয়েছিল প্রশান্তবাবুকে। বিশেষ করে আমলাবাদ ও জামাডোবায় খাদ খননের সময়ে কর্মরতদের মৃত্যু এবং খাস কাজোরা কোলিয়ারির মতো দুর্ঘটনা তাঁকে দীর্ঘদিন তাড়া করে ফিরেছিল। ১৯৯৬ সালে ইসিএল-এর জে কে নগর ৪ নম্বর পিট প্রজেক্ট থেকে অবসর গ্রহণের পর থেকেই তিনি খনি শ্রমিকদের জীবনরক্ষায় একটি স্বয়ংক্রিয় ব্যবস্থার কথা ভাবতে থাকেন। পরিণত বয়সে ২০১৫ সালে তিনি ভাবনাচিন্তা ও গবেষণা জোরকদমে শুরু করেন। তাঁদের আবিষ্কৃত প্রযুক্তি সম্পর্কে প্রশান্তবাবু জানান, গভীর খনিতে ওঠানামার জন্য ব্যবহৃত ডুলি বা কেজটি যে গাইড ধরে যাতায়াত করে, তার সঙ্গে যুক্ত থাকবে স্বয়ংক্রিয় মেকানিজম। কোনোও জরুরি অবস্থায় যদি ওয়াইন্ডিং রোপ বা সাপোর্ট সিস্টেম থেকে ডুলিটি বিচ্ছিন্ন হয়েও পড়ে, তবে মেকানিজমটি কোনো রকম হস্তক্ষেপ ছাড়াই স্বয়ংক্রিয়ভাবে সক্রিয় হয়ে ওঠবে। সঙ্গে সঙ্গে তা পাশের চারটি গাইডকে অত্যন্ত শক্তভাবে চেপে ধরে ডুলির অনিয়ন্ত্রিত পতন আটকে দেবে, ফলে ডুলিটি শূন্যে আটকে যাবে এবং নিশ্চিত মৃত্যুর হাত থেকে রক্ষা পাবেন ভেতরের শ্রমিকরা।.shuddu নয়, একই সঙ্গে ব্যবস্থাটি স্বয়ংক্রিয় অডিও-ভিজুয়াল সিগন্যালিংয়ের মাধ্যমে খনির উপরিতলের আধিকারিক ও রেসকিউ টিমকে তৎক্ষণাৎ সতর্কবার্তা পাঠাবে, যাতে দ্রুত উদ্ধারকাজ শুরু করা যায়। তবে এই দীর্ঘ উদ্ভাবনজাত্রা সহজ ছিল না। তিনি জানান, কোভিড মহামারী চলাকালীন কর্মীদের অভাব ও যাতায়াতের সমস্যায় কাজ প্রায় থমকে গিয়েছিল। পরবর্তীতে গলিগ্রাম ও পামড়ার ফ্যাক্টরিতে স্ক্র্যাপ মেটেরিয়াল ব্যবহার করে মডেল তৈরির কাজ এগিয়ে চলে। এই কাজে বেনু (সিএডি ড্রয়িং), নারু গোপাল মিস্ত্রি, ঝুলন মিস্ত্রি এবং তাঁর গাড়ির চালক উজ্জ্বল ও উত্তম পরিশ্রম ও সহযোগিতা করেন। পাশাপাশি তাঁর স্ত্রী প্রতিমা ভট্টাচার্য সব সময় তাঁর পাশে ছিলেন এবং যৌথভাবে পেটেন্টেও তাঁর নাম রয়েছে। প্রশান্তবাবুর কথায়, এটি কোনো একক কৃতিত্ব নয়, বহু মানুষের সম্মিলিত চেষ্টা ও পরিবারের নিরন্তর সমর্থনেরই ফল। সার্টিফিকেট পাওয়ার চেয়েও কর্মজীবনের স্মৃতি থেকে জন্ম নেওয়া এই জীবনদায়ী প্রচেষ্টা স্বীকৃতি পাওয়ায় তিনি আনন্দিত ও আবেগাপ্লুত। বাইট : ১) প্রশান্ত কুমার ভট্টাচার্য ( প্রবীণ ইঞ্জিনিয়ার) 0510ZG_BWN_DULI0
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श्रीरामपुर के विधायक ने बुजुर्ग को विकलांग साइकिल दी, त्योहारी मौसम से पहले मदद
Chinsurah, West Bengal:বাঁ পা নেই ডান পায়ে গুরুতর চোট চলার ক্ষমতা হারিয়েছিলেন বৃদ্ধ।রাস্তার ধার থেকে তুলে এনে প্রতিবন্ধী সাইকেল দিলেন শ্রীরামপুরের মন্ত্রী, পুজোর আগে মানবিক মন্ত্রীর প্রশংসায় বৃদ্ধ। চলাফেরা কার্যত বন্ধ হয়ে গিয়েছিল বৃদ্ধের। বা পা নেই ডান পায়ে চোট। রাস্তার ধারেই বসেছিলেন বৃদ্ধ, শ্রীরামপুরে বিধায়কের কাছে আর্জি করেছিলেন একটি প্রতিবন্ধী সাইকেলের জন্য। দেখা গেল বিধায়কের মানবিক রূপ। নতুন করে পুজোর আগে চলার পথ দেখালেন বিধায়ক। শ্রীরামপুরের মানিকতলা বিধায়কের কার্যালয় থেকেই এদিন বিকেলে একটি প্রতিবন্ধী সাইকেল তুলে দেন তার হাতে। বৃদ্ধের একটি পায়ে চোট, অন্য পা নেই তাই রাস্তার ধারেই বসেছিলেন বৃদ্ধ। তুলে এনে বসানো হলো প্রতিবন্ধী সাইকেলে। পুজোর আগেই নতুন সাইকেল পেয়ে বিধায়কের ভূমিকায় খুশি বৃদ্ধ। বৃদ্ধ শংকর ধলুই জানান ৮ থেকে ১০ বছর আগে একটি সাইকেল ছিল,এখন আর নেই। চলাফেরা প্রায় বন্ধ হয়ে গিয়েছিল,আমি বিধায়ককে একটি সাইকেলের কথা জানিয়েছিলাম। পুজোর আগেই তিনি আমাকে সাইকেলের ব্যবস্থা করে দিলেন এতে আমি অত্যন্ত খুশি। আমার বা পা বাদ দেওয়া হয়েছে ডান পায়ে চিকিৎসা চলছে। শ্রীরামপুরের বিধায়ক তথা মন্ত্রী ভাস্কর ভট্টাচার্য বলেন, ওনার পায়ে সমস্যা রয়েছে উনি আমাকে বলেছিলেন একটা গাড়ির ব্যবস্থা করার জন্য আজকে তাকে একটা সাইকেল দেওয়া হল। আমরা কিছু করিনি সবই উপরওয়ালা ব্যবস্থা করে দিয়েছে আমরা তার মাধ্যম। তবে এটা নতুন কিছু নয় মানুষ মানুষের পাশে থাকবে মানুষের কাজই হচ্ছে সেবা মনোভাব নিয়ে কাজ করা। আজকে যেটা করলাম সেটা আমাদের কাছে বড় কোন কাজ নয় সনাতন ধর্ম আমাদের এটাই শিক্ষা দেয়। তাদের জন্যই আমি এই জায়গায় এসেছি তাই কাজ তো করতেই হবে۔۔۔0
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जोधपुर पाली हाईवे पर चारे से भरे ट्रक में आग, शॉर्ट सर्किट से लगी
Noida, Uttar Pradesh:जोधपुर पाली हाईवे पर चारे से भरे ट्रक में लगी आग। तारों के शार्ट सर्किट होने से लगी ट्रक में आग। विवेक विहार थाना क्षेत्र में मोगडा गांव के पास की घटना। तीन दमकल पहुंची मौके पर। बिजली तारों के नीचे से गुजरते वक्त ट्रक में आग।0
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गंगापोल गेट के पास पड़ोसियों के झगड़े में पथराव; पुलिस हिरासत में कई
Noida, Uttar Pradesh:जयपुर गंगापोल गेट के पास पड़ोसियों में झगड़े के बाद पथराव एक ही पक्ष के दो पड़ोसियों में हुआ आपसी विवाद विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में हुआ जमकर झगड़ा झगड़े के बाद मौके पर हुआ पथराव सैयद कॉलोनी में मचा़ हड़कंप सूचना पर गलता गेट थाना पुलिस पहुंची मौके पर पुलिस ने करीब आधा दर्जन लोगों को लिया हिरासत में हिरासत में लिए लोगों से पूछताछ जारी पुलिस जुटी विवाद के कारणों की जांच में फिलहाल मौके पर शांति, पुलिस जाब्ता तैनात पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी पुलिस0
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कंवरलाल मीणा की बेटी भारती मीणा ने अकलेरा से जनपद सदस्य के लिए आवेदन
Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ जिले में पंचायत राज चुनावो को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है। लेकिन इन सब के बीच खास खबर रही आज का एक आवेदन, जो जिले में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। मनोहरथाना के पूर्व विधायक का कंवरलाल मीणा की 22 वर्षीय पुत्री डॉ. भारती मीणा ने आज मनोहरथाना विधायक गोविंद रानीपुरिया के कार्यालय पहुंचकर जनपद हेतु विधायक को ही आवेदन सौंपा है। खास बात यह है कि अकलेरा पंचायत समिति में प्रधान की सीट ST महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में डॉ. भारती मीणा प्रधान पद की प्रबल दावेदार देखी जा रही। इसके साथ ही क्योंकि पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा एसडीएम पर पिस्टल तानने के मामले में 3 वर्ष की सजा काट रहे हैं और फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर है, ऐसे में पूर्व विधायक कँवरलाल मीणा की बेटी की पॉलिटिक्स में एंट्री जिले की बड़ी सियासी खबर बन गया है। पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की बेटी के आवेदन से उनके समर्थकों में भी जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। डॉ. भारती मीणा की उम्र अभी महज 22 वर्ष है। हाल ही में अकलेरा नगरपालिका में भी 22 वर्षीय यांशिका मेवाड़ा के अध्यक्ष बनने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा होने लगी है कि क्या डॉ. भारती मीणा भी पंचायत समिति अकलेरा के प्रधान पद की दौड़ में शामिल हो गई हैं। हालांकि, फिलहाल डॉ. भारती मीणा ने केवल जनपद सदस्य पद के लिए आवेदन किया है। प्रधान पद को लेकर अभी कोई दावा या निर्णय सामने नहीं आया है। पार्टी द्वारा टिकट तय किए जाने और चुनाव परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रधान पद के लिए पार्टी नेतृत्व किसे अपना दावेदार बनाता है। इधर डॉ. भारती मीणा के पिता एवं पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को 15 दिन की पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद आज वापस जेल जाना पड़ा। इसी बीच उनकी पुत्री के पंचायत चुनाव में आवेदन करने से क्षेत्र की राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। चुनावी समय में नए राजनीतिक समीकरण बनना और संभावित दावेदारों के नामों पर चर्चा होना सामान्य बात है। फिलहाल डॉ. भारती मीणा के आवेदन ने अकलेरा क्षेत्र में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल जरूर गरमा दिया है। अब सबकी निगाहे पार्टी के टिकट वितरण और चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। आवेदन के समय पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा के पुत्र डॉ. भरत मीणा भी समर्थकों सहित मौजूद रहे। गौरतलब है कि पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा क्षेत्र के कद्दावर और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नजदीकी भाजपा नेता रहे हैं।0
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कैट की बड़ी राहत: एम्स जोधपुर संविदा नर्सिंग कर्मियों का नियमितीकरण तीन महीनों में!
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), जोधपुर पीठ ने एम्स जोधपुर के संविदा नर्सिंग अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने के आदेश रद्द कर दिए हैं। जस्टिस रामेश्वर व्यास और प्रशासनिक सदस्य डॉ. हुकुम सिंह मीणा की पीठ ने फैसला सुनाते हुए एम्स प्रशासन को योग्य पाए जाने वाले आवेदकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया तीन माह में पूरी करने के निर्देश दिए। मामले में एम्स जोधपुर ने वर्ष 2013 में खुली चयन प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से नर्सिंग ग्रेड-1 व ग्रेड-2 के पदों पर संविदा नियुक्तियां की थीं। कर्मचारियों की सेवाएं संस्थान के क्लिनिकल और शैक्षणिक कार्यों के लिए लगातार बढ़ाई जाती रहीं। दस वर्ष से अधिक समय तक सेवा देने के बाद कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग की। एम्स प्रशासन ने भर्ती नियमों में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रावधान नहीं होने का हवाला देते हुए मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद 18 दिसंबर 2024 के स्पीकिंग ऑर्डर और 23 दिसंबर 2024 के सेवा समाप्ति आदेश को चुनौती दी गई। कैट ने कहा कि कर्मचारियों की नियुक्ति खुली प्रतियोगिता, लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के जरिए हुई थी, इसलिए इसे बैकडोर एंट्री नहीं माना जा सकता। पीठ ने लंबे समय तक संतोषजनक सेवा को भी महत्वपूर्ण माना और कहा कि सरकारी संस्थानों को मॉडल एम्प्लायर की भूमिका निभानी चाहिए। कैट ने दोनों आदेश रद्द करते हुए योग्य आवेदकों के नियमितीकरण की कार्रवाई तीन माह में पूरी करने के निर्देश दिए।0
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राजस्थान में डिजिटल बीट पुलिसिंग से क्राइम कंट्रोल का नया प्रयास
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में अब स्थानीय स्तर से क्राइम कंट्रोल करने की तैयारी है। राजस्थान पुलिस अब बीट प्रणाली को नए कलेवर में लागू करने जा रही है...पुलिस और आमजन के बीच सबसे अहम कड़ी मानी जाने वाली बीट पुलिसिंग अब नई तकनीक से लैस होगी...राजस्थान पुलिस और BPR&D के बीच एमओयू हुआ है...पहले चरण में 9 जिलों में नई बीट प्रणाली लागू होगी...जिसमें जियो-मैपिंग, डिजिटल बीट प्रोफाइल, हॉटस्पॉट मैपिंग और राजकॉप ई-बीट बुक को और मजबूत किया जाएगा... राजस्थान पुलिस की बीट पुलिसिंग अब और स्मार्ट, डिजिटल और ज्यादा जवाबदेह होगी। पुलिस मुख्यालय जयपुर में राजस्थान पुलिस और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट यानी BPR&D के बीच महत्वपूर्ण एमओयू हुआ...डीजीपी राजीव कुमार शर्मा और BPR&D के डीजी आलोक मित्तल की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए... इस पहल का मकसद है— बीट स्तर पर अपराध की रोकथाम... स्थानीय सूचना तंत्र मजबूत करना... पुलिस-जन संवाद बढ़ाना और तकनीक के जरिए पुलिसिंग को ज्यादा प्रभावी बनाना। BPR&D के डीजी आलोक मित्तल ने कहा कि बीट पुलिसिंग पुलिस व्यवस्था की बुनियाद है...उन्होंने बताया कि DGP/IGP कॉन्फ्रेंस 2025 की सिफारिशों के तहत तैयार एक वर्षीय एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की दिशा में राजस्थान का यह बड़ा कदम है... वहीं DGP राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि बीट पुलिसिंग पुलिस और आमजन के बीच सबसे महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु है...अब तकनीक के सहयोग से इसके परिणाम धरातल पर दिखाई देंगे... 9 जिलों से शुरुआत नई बीट पुलिसिंग व्यवस्था की शुरुआत पहले चरण में 9 जिलों से होगी...सीकर... जयपुर उत्तर... धौलपुर... डीडवाना-कुचामन... कोटा शहर... डूंगरपुर... चूरू... जैसलमेर और जोधपुर पश्चिम को चुना गया है...इन जिलों के अनुभव और नवाचारों के आधार पर आगे प्रदेश के बाकी जिलों में भी नई व्यवस्था लागू की जाएगी... बीट का बनेगा डिजिटल नक्शा अब बीट सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी...जनसंख्या... अपराध की स्थिति... भौगोलिक परिस्थितियों और शहरी-ग्रामीण स्वरूप के आधार पर बीट का नए सिरे से निर्धारण होगा...हॉटस्पॉट... संवेदनशील स्थान... महत्वपूर्ण संस्थान और स्थानीय जरूरतों की पहचान कर जियो-मैप्ड बीट प्रोफाइल तैयार की जाएगी...बीट बुक... विलेज क्राइम नोट बुक... डिजिटल बीट प्रोफाइल और अपराध मैपिंग के जरिए स्थानीय सूचनाओं को व्यवस्थित किया जाएगा... राजकॉप बनेगा ज्यादा ताकतवर बीट पुलिसिंग में तकनीक का सबसे अहम हथियार होगा राजकॉप ई-बीट बुक...इसकी क्षमताओं को और विकसित किया जाएगा...GPS... जियो-टैगिंग... QR आधारित सुविधाएं... डिजिटल दस्तावेजीकरण और डैशबोर्ड जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होगा... यानी बीट अधिकारी की गतिविधियों से लेकर स्थानीय अपराध और हॉटस्पॉट तक की जानकारी ज्यादा व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध होगी... जनता की भी होगी भागीदारी नई बीट पुलिसिंग में सिर्फ तकनीक ही नहीं... जनभागीदारी पर भी फोकस रहेगा...CLG... पुलिस मित्र और दूसरे सामुदायिक माध्यमों को मजबूत किया जाएगा... बीट ऑफिसर को जानो...जैसी पहल के जरिए पुलिस और जनता के बीच नियमित संवाद बढ़ाया जाएगा...विद्यार्थियों... वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर एवं संवेदनशील वर्गों के साथ भी लक्षित संवाद पर जोर रहेगा... काम का होगा हिसाब नई व्यवस्था में बीट पुलिसिंग की समीक्षा भी सिर्फ कागजी नहीं होगी...KPI यानी की परफोर्मेंस इंडिकेटर्स के आधार पर बीट पुलिसिंग के प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा... बीट से लेकर थाना... जिला/कमिश्नरेट और राज्य स्तर तक रिपोर्टिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा...अच्छे काम और नए प्रयोगों का दस्तावेजीकरण भी होगा... ट्रेनिंग पर फोकस नई व्यवस्था के लिए बीट अधिकारियों और पर्यवेक्षण अधिकारियों की ट्रेनिंग भी होगी... प्रारंभिक प्रशिक्षण... रिफ्रेशर ट्रेनिंग... ट्रेनर्स की ट्रेनिंग और कैस्केड ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाए जाएंगे... राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर को नोडल प्रशिक्षण संस्थान बनाया गया है...0
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