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Bhind477001

Pwd विभाग के संभागीय कार्यालय को भिंड कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार ने किया शील्ड

Jul 19, 2024 18:04:52
Bhind, Madhya Pradesh

भिंड के संभागीय लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय को भिंड DM संजीव श्रीवास्तव के निर्देश पर तहसीलदार की अगुआई में प्रशासनिक अमले शील्ड करने की कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग में पदस्थ अस्थाई कर्मचारियों को कई सालों से वेतन भुगतान न होने के चलते हाई कोर्ट की शरण ली थी, जहां से हाई कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग को तत्काल कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन विभाग द्वारा न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं किया गया।

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Jan 26, 2026 02:01:22
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SKSantosh Kumar
Jan 26, 2026 02:01:09
Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड से पानीपत तक कला का सफर पानीपत हैंडलूम के साइलेंट हीरो को मिला पद्मश्री, खेमराज सुंडरियाल की 60 साल की साधना को सम्मान जामदानी से पद्मश्री तक: खेमराज सुंडरियाल ने पानीपत को दिलाई वैश्विक पहचान जिस कला को असंभव माना गया, उसी से इतिहास रचा: पद्मश्री विजेता खेमराज सुंडरियाल पानीपत。 पिछले 60 वर्षों से पानीपत की हैंडलूम इंडस्ट्री को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले मशहूर बुनकर व हस्तशिल्प कलाकार खेमराज सुंडरियाल को भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान से नवाजा है। उत्तराखंड मूल के खेमराज ने अपनी कला, नवाचार और अथक मेहनत से पानीपत के हैंडलूम उद्योग को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी अलग पहचान दिलाई। जामदानी कला में ऐतिहासिक प्रयोग, ऊन पर रचा नया अध्याय जामदानी कला, जो परंपरागत रूप से मलमल (कॉटन) कपड़े पर की जाती थी, खेमराज ने उसे ऊन (Wool) की शॉल पर आजमाकर एक नया प्रयोग किया। यह नवाचार हैंडलूम इंडस्ट्री के लिए क्रांतिकारी साबित हुआ। उनके इसी योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार भी मिल चुके हैं। एम. एफ. हुसैन की पेंटिंग्स को हूबहू वुवन टेपेस्ट्री के रूप में तैयार किया खेमराज सुंडरियाल ने केवल परंपरागत डिज़ाइनों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने प्रसिद्ध कलाकार एम. एफ. हुसैन की पेंटिंग्स को हूबहू वुवन टेपेस्ट्री के रूप में तैयार किया। यह कलाकृतियाँ इतनी जीवंत होती थीं कि पहचानना मुश्किल हो जाता था कि ये काग़ज़ पर बनी हैं या कपड़े पर। 1966 में पानीपत आगमन, यहीं से बदली हैंडलूम की तस्वीर खेमराज वर्ष 1966 में बनारस से ट्रांसफर होकर पानीपत आए। उस समय वे भारत सरकार के एक विभाग से जुड़े थे। पानीपत में आकर उन्होंने पारंपरिक खेस बुनाई में नए प्रयोग किए और खेस को बेडशीट, बेड कवर व अन्य उत्पादों में बदलकर उद्योग को नया बाज़ार दिया。 टेपेस्ट्री और वॉल हैंगिंग में किया ऐतिहासिक विकास उन्होंने टेपेस्ट्री (वॉल हैंगिंग) को इतना विकसित किया कि बड़े-बड़े कलाकारों की पेंटिंग्स को लूम पर उसी तरह तैयार कर दिया जाता था, जैसे वे कैनवास पर हों। यह काम पानीपत की हैंडलूम इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। कच्ची रंगाई से पक्की रंगाई तक का सफर खेमराज ने पानीपत उद्योग में पक्की रंगाई को बढ़ावा दिया। जब शुरुआत में लोग इसके लिए तैयार नहीं थे, तब उन्होंने प्रशिक्षण दिलवाया। आज स्थिति यह है कि पूरी पानीपत इंडस्ट्री पक्की रंगाई अपना चुकी है और गुणवत्ता के मामले में टॉप क्लास मानी जाती है。 संघर्षों से भरा जीवन, किसान परिवार से पद्मश्री तक उत्तराखंड के सुमाड़ी गांव में जन्मे खेमराज एक किसान परिवार से आते हैं। बुनाई का उन्हें कोई पारिवारिक अनुभव नहीं था। पढ़ाई के दिनों में उन्हें रोज़ 6 किलोमीटर पैदल चलकर संस्थान जाना पड़ता था। समाज की उपेक्षा और तानों के बावजूद उन्होंने बुनाई को जीवन का लक्ष्य बना लिया。 “ब्राह्मण-क्षत्रिय कुछ नहीं होता, काम ही सबसे बड़ा धर्म है” – खेमराज सुंडरियाल बुनकर सेवा केंद्र से जुड़कर बदली हजारों ज़िंदगियाँ खेमराज Weavers’ Service Centre से जुड़े, जिसकी स्थापना प्रसिद्ध कला विशेषज्ञ पूपुल जयकर ने नेहरू जी के सहयोग से की थी। इस केंद्र ने पाकिस्तान से आए बुनकरों को रोज़गार और नई दिशा दी。 मोदी सरकार की पहल से मिला गुमनाम कलाकार को सम्मान खेमराज ने कहा कि मोदी सरकार का यह प्रयास सराहनीय है कि वह उन लोगों को सम्मान दे रही है जो वर्षों तक गुमनाम रहे。 “अब पुरस्कारों के लिए सिफारिश नहीं, काबिलियत देखी जाती है” – खेमराज पद्मश्री की सूचना ने परिवार को दिया गर्व का पल पिछले वर्ष पद्मश्री के लिए आवेदन करने वाले खेमराज को इस वर्ष फोन कॉल के माध्यम से सम्मान की जानकारी मिली। परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनकी पुत्रवधू ने कहा, “यह हमारे परिवार के लिए सपने जैसा पल है। पापा ने बहुत पहले जो कला अपनाई थी, आज वह दुनिया पहचान रही है।” युवाओं के लिए संदेश: मेहनत रंग लाती है खेमराज का मानना है कि यह सम्मान युवाओं को प्रेरित करेगा कि वे पारंपरिक कला और हैंडलूम को अपनाएं और ईमानदारी से मेहनत करें। पानीपत की पहचान बने खेमराज सुंडरियाल आज खेमराज सुंडरियाल का नाम सिर्फ एक कलाकार का नहीं, बल्कि पानीपत की हैंडलूम पहचान का पर्याय बन चुका है। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा。 बाइट खेमराज पद्मश्री अवार्डी बाइट कनक पुत्रवधु
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Jan 26, 2026 01:50:27
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Jan 26, 2026 01:40:35
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Jan 26, 2026 01:38:26
Kodawahi, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के रानीझाप गांव (खोडरी चौकी अंतर्गत) में एक अमानवीय घटना हुई। 35 वर्षीय विधवा संगीता यादव का गांव के ही शादीशुदा हरि प्रसाद राठौर से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दिसंबर में दोनों गांव से भाग गए थे। 23 जनवरी 2026 को उन्हें ढूंढ निकाला गया। वापस लौटने पर हरि प्रसाद की पत्नी सरोज राठौर, साले मनोज राठौर और यशोदा राठौर ने महिला पर हमला किया, कपड़े फाड़े, निर्वस्त्र कर 300-400 मीटर गांव में घुमाया और मुंह-शरीर पर गोबर पोता। गौरेला थाना प्रभारी सौरभ सिंह के अनुसार, पुलिस ने हस्तक्षेप कर पीड़िता को बचाया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामला दर्ज, जांच जारी। यह महिलाओं के सम्मान पर हमले का क्रूर उदाहरण है।
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Jan 26, 2026 01:33:25
Saraiya, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश यातायात के ‘रक्षक’ बनेंगे युवा परिवहन विभाग ने स्काउट्स और NCC कैडेट्स को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर - दयाशंकर सिंह लखनऊ: 25 जनवरी, 2026 परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश भर के जिलों और संभाग स्तर पर यातायात नियमों की जागरूकता के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला, आपदा प्रबंधन विभाग, एनसीसी और स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय से अभियान चलाया जा रहा है। यह जानकारी देते हुए परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और ‘कैशलेस उपचार’ जैसी योजनाओं के प्रति जनता को जागरूक किया जा रहा है। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह (01 जनवरी-31 जनवरी) के अंतर्गत व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर के विभिन्न जिलों और संभाग स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संस्था CIA, डीलर्स एसोसिएशन और स्काउट्स एंड गाइड्स के साथ-साथ यातायात पुलिस के साथी शामिल हुए। जिसमें सभी को यातायात नियमों के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया और नियमों के संबंध में जानकारी दी गई। सुरक्षित सफर के लिए जरूरी जागरुकता परिवहन मंत्री ने बताया कि कार्यशाला में नियमों के बारे में जानकारी दी गई,कि दुपहिया वाहनों पर चालक और पीछे बैठी सवारी, दोनों के लिए BIS मानक वाले हेलमेट अनिवार्य हैं। चौपहिया वाहनों में सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना आवश्यक है। परिवहन मंत्री ने अपील की कि वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें और नशे की स्थिति में ड्राइविंग से बचें। स्टंट, रैश ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग के बजाय धैर्यपूर्वक वाहन चलाएं। कोहरे में फॉग लाइट का प्रयोग करें और वाहनों पर रिफ्लेक्टर जरूर लगवाएं। आपकी मदद से बच सकती घायल की जान परिवहन मंत्री ने बताया कि कार्यशाला के दौरान शामिल सहभागियों को सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए उपलब्ध ‘कैशलेस उपचार सुविधा’ और ‘राहवीर योजना’ (Good Samaritan Law) के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जा रही है, ताकि समय पर मदद पहुंचाकर जान बचाई जा सके। नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध जारी कार्रवाई परिवहन आयुक्त श्रीमती किंजल सिंह ने बताया कि प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर परिवहन विभाग द्वारा निरंतर प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। 01 जनवरी से लेकर 21 जनवरी तक हेलमेट न पहनने पर 49,500, सीट बेल्ट का प्रयोग न करने पर 11,740, ओवर स्पीडिंग पर 15,180, वाहन चलाते समय मोबाइल फ़ोन उपयोग पर 4,164, नशे की अवस्था में वाहन चलाने पर 304 तथा गलत दिशा में वाहन चलाने पर 5,546 चालान किए गए हैं। नो हेलमेट नो फ्यूल परिवहन आयुक्त ने बताया कि अभियान के तहत हेलमेट के बिना ईंधन न देने की व्यवस्था तथा अवैध पार्किंग एवं अनफ़िट वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई भी निरंतर जारी है। अब तक 89,992 से अधिक चालानी कार्रवाई की जा चुकी है।
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AKAshok Kumar1
Jan 26, 2026 01:30:47
Noida, Uttar Pradesh:Ambala Patti Mehar, Ambala - HSPCB 66.00 Bahadurgarh Arya Nagar, Bahadurgarh - HSPCB 187.00 Ballabgarh Nathu Colony, Ballabgarh - HSPCB 264.00 Bhiwani H.B. Colony, Bhiwani - HSPCB 154.00 Charkhi Dadri Mini Secretariat, Charkhi Dadri - HSPCB 242.00 Dharuhera Municipal Corporation Office, Dharuhera - HSPCB 189.00 Faridabad New Industrial Town, Faridabad - HSPCB 214.00 Sector 11, Faridabad - HSPCB 194.00 Sector 30, Faridabad - HSPCB 72.00 Sector- 16A, Faridabad - HSPCB Insufficient data available in last 24 hours. Fatehabad Huda Sector, Fatehabad - HSPCB 61.00 Gurugram NISE Gwal Pahari, Gurugram - IMD 166.00 Sector-51, Gurugram - HSPCB 327.00 Teri Gram, Gurugram - HSPCB Insufficient data available in last 24 hours. Vikas Sadan, Gurugram - HSPCB 270.00 Hisar Urban Estate-II, Hisar - HSPCB 90.00 Jind Police Lines, Jind - HSPCB 121.00 Kaithal Rishi Nagar, Kaithal - HSPCB 88.00 Karnal Sector-12, Karnal - HSPCB 98.00 Kurukshetra Sector-7, Kurukshetra - HSPCB 119.00 Mandikhera General Hospital, Mandikhera(Nuh) - HSPCB 80.00 Manesar Sector-2 IMT, Manesar - HSPCB 148.00 Narnaul Shastri Nagar, Narnaul - HSPCB 206.00 Palwal Shyam Nagar, Palwal - HSPCB 85.00 Panchgaon Amity University, Panchgaon - IITM 46.00 Panchkula Sector-6, Panchkula - HSPCB Insufficient data available in last 24 hours. Panipat Sector-18, Panipat - HSPCB 99.00 Rohtak MD University, Rohtak - HSPCB 107.00 Sirsa F-Block, Sirsa - HSPCB 122.00 Sonipat Murthal, Sonipat - HSPCB 136.00 Yamuna Nagar Gobind Pura, Yamuna Nagar - HSPCB 109.00
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AKAshok Kumar1
Jan 26, 2026 01:30:34
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HGHarish Gupta
Jan 26, 2026 01:30:11
Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -बाबा बागेश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा में भारी संख्या में जनमानस उमड़ रहा है। राजस्थान के रामगंज मंडी में आयोजित गौ माता महोत्सव श्रीराम कथा के तीनों दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा के अंतिम दिन लगभग 5 से 6 लाख भक्तों ने एक साथ बैठकर कथा का रसपान किया।आसमान से लिए गए दृश्य (ड्रोन चित्र) में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि पंडाल के भीतर से लेकर पूरे मैदान तक चारों ओर अपार जनसमूह एक साथ बैठकर श्रीराम कथा का श्रवण कर रहा है। इस आयोजन के वीडियो और चित्र सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं।राजस्थान में यह संभवतः पहला ऐसा धार्मिक आयोजन है, जिसमें इतनी विशाल संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखने को मिली हो। लाखों की यह सहभागिता इस बात का संकेत है कि बाबा बागेश्वर की कथाओं के माध्यम से हिंदू समाज एकता के सूत्र में बंधता हुआ दिखाई दे रहा है।
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HGHarish Gupta
Jan 26, 2026 01:16:55
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ASANIMESH SINGH
Jan 26, 2026 01:16:26
Ujjain, Madhya Pradesh:महाकाल में आस्था का महाकुंभ जारी: आज 2 लाख 92 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन कल 2,03,217 श्रद्धालुओं ने टेका था माथा, दो दिनों में करीब 5 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन उज्जैन। बाबा महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है। आज और कल महाकाल मंदिर में श्रद्धा का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। आज कुल 2 लाख 92 हजार 429 श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। वहीं बीते दिन यानी 24 जनवरी को भी बड़ी संख्या में भक्त उज्जैन पहुंचे थे। कल 2 लाख 3 हजार 217 श्रद्धालुओं ने महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए थे। इन दो दिनों में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए हैं श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर समिति द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। दर्शन व्यवस्था, कतार प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल और प्राथमिक सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार मॉनिटरिंग की गई ताकि श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन कराए जा सकें। भीड़ का असर शहर की व्यवस्थाओं पर भी साफ दिखाई दिया। महाकाल क्षेत्र के लगभग सभी होटल फुल रहे और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को शहर के बाहर हाईवे पर स्थित होटलों में ठहरना पड़ा。 गौरतलब है कि इससे पहले नए वर्ष की छुट्टियों के दौरान 25 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच करीब 30 लाख श्रद्धालुओं ने उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए थे। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने आगामी दिनों में भी इसी तरह की सख्त और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं बनाए रखने की बात कही है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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