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कोडरमा: पेट्रोल पंप के पीछे युवक का शव, पहचान घिरिडीह के नितेश यादव

Koderma, Jharkhand:कोडरमा: डोमचांच थानाक्षेत्र के बगड़ो स्थित पेट्रोल पंप के पीछे गुरुवार की सुबह एक युवक का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान गिरिडीह जिले के कोवार निवासी नितेश यादव के रूप में की गई है, जो पेशे से टैंकर चालक था और टैंकर खाली करने पेट्रोल पंप पर गया था। घटना की जानकारी देते हुए मृतक चालक के सहयोगी पंकज कुमार ने बताया कि वह नितेश के साथ बुधवार को ईंधन की एक टैंकर लेकर जसीडीह से डोमचांच के बगडो स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे। रात करीब 10 बजे पेट्रोल पंप पहुंचने के बाद नितेश ने पंकज से टैंकर खाली करने की बात कह कर फोन पर किसी से बात करने लगा। टैंकर खाली करने के पश्चात पंकज नितेश आसपास कहीं नजर नहीं आया। पंकज ने उसे फोन भी लेकिन फोन नहीं उठा, जिसके बाद वह नितेश की तलाश करने लगा। काफी खोजबीन करने के बाद भी जब उसका कहीं कुछ पता नहीं चला तो वह वापस गाड़ी में जाकर आराम करने लगा। इधर, गुरुवार की सुबह बगड़ो के कुछ लोग जो उक्त पेट्रोल पंप के पीछे की ओर टहलने के क्रम में दिखे कि एक युवक का शव पंप के पीछे एक पेड़ पर झूल रहा था। जिसके बाद लोगों ने शोर मचाया। शोर सुनकर पंकज भी वहां पहुंचा और देखा कि नितेश यादव का शव फंदे से झूल रहा है। पंकज ने बताया कि जसीडीह से टैंकर लेकर निकलने के बाद से ही नितेश फोन पर किसी से बात कर रहा था और फोन पर उसकी उक्त व्यक्ति के साथ तीखी नोकझोंक चल रही थी। उसने बताया कि जसीडीह से डोमचांच पहुंचने तक नितेश की उक्त व्यक्ति से पूरे रास्ते फोन पर बहस होती रही थी। हालांकि उसने इस बात का प्रयास किया, पर नितेश ने उसे कुछ भी बताया। इधर, घटना की सूचना मिलते ही डोमचांच थाना प्रभारी अजीत कुमार अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर hospital भेज दिया। थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि मृतक के शरीर पर किसी भी प्रकार के जख्म के निशान नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा।
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मशरक में हलुआई की संदिग्ध मौत पर प्रदर्शन, पोस्टमार्टम और सच्चाई की मांग

Chapra, Bihar:मशरक में हलुआई की संदिग्ध मौत पर बवाल, घंटों सड़क जाम हत्या, हादसा या कोई गहरी साजिश? सड़क जाम कर परिजनों का प्रदर्शन, पुलिस जांच में जुटी, मशरक थाना क्षेत्र में एक हलुआई की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बेन छपरा गांव निवासी 30 वर्षीय गजेन्द्र कुमार साह की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने शव को मशरक थाना मुख्य द्वार के सामने मुख्य सड़क पर रखकर घंटों जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों ने आरोप लगाया कि गजेन्द्र की मौत सामान्य घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है और पुलिस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है। घटना के बाद थाना परिसर और आसपास का इलाका पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। बाद में डीएसपी संजय कुमार सुधांशु और इंस्पेक्टर इंद्रजीत महतो ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया-बुझाया, तब जाकर घंटों बाद सड़क जाम समाप्त हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि शादी समारोह में हलुआई का काम करने गया था गजेन्द्र मृतक गजेन्द्र कुमार साह के पिता संत कुमार साह ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि सढ़वारा गांव निवासी शत्रोहन साह उनके पुत्र को हलुआई का काम कराने शादी समारोह में डुमरसन लेकर गया था। परिवार के अनुसार गजेन्द्र घर से पूरी तरह स्वस्थ हालत में निकला था। देर रात अचानक फोन आया कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे मशरक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है। सूचना मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां गजेन्द्र की हालत बेहद गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे सदर अस्पताल छपरा रेफर कर दिया। परिजन आनन-फानन में उसे लेकर छपरा पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गजेन्द्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। जैसे ही शव थाना के पास पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए और मामले में कार्रवाई की मांग करने लगे。 मृतक के परिजनों का आरोप है कि गजेन्द्र की मौत सामान्य हादसा नहीं हो सकती। उनका कहना है कि जिस परिस्थिती में उसे घायल बताया गया और जिस तरह आनन-फानन में सूचना दी गई, उससे पूरा मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। परिजनों का कहना था कि अगर यह सड़क दुर्घटना थी तो घटना की स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई? गजेन्द्र को किस परिस्थिति में चोट लगी? घटना स्थल कहां था? उसके साथ मौजूद लोग आखिर क्या छिपा रहे हैं? इन सवालों का जवाब कोई नहीं दे रहा है। परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि शादी समारोह में साथ ले जाने वाले लोग सच्चाई छिपा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक पुलिस आरोपित लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ नहीं करेगी, तब तक सच सामने नहीं आएगा। मृतक की पत्नी सुनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार यही कह रही थी कि आखिर उनके पति के साथ क्या हुआ। परिवार की महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया।गजेन्द्र की मौत से गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव को लेकर सीधे मशरक थाना पहुंचे। वहां मुख्य सड़क पर शव रखकर जाम कर दिया गया। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस शुरू से मामले को हल्के में ले रही है। लोग आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सड़क जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री घंटों जाम में फंसे रहे। प्रदर्शन के दौरान लोगों का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। स्थिति बिगड़ती देख डीएसपी संजय कुमार सुधांशु और इंस्पेक्टर इंद्रजीत महतो दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पहले परिजनों से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। पुलिस अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा। काफी देर तक मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा। परिजन पहले किसी भी कीमत पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने को तैयार नहीं थे। उनका साफ कहना था कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। करीब कई घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और सड़क से जाम हटवाया। डीएसपी संजय कुमार सुधांशु ने बताया कि मृतक के पिता के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। डीएसपी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई बातें स्पष्ट हो जाएंगी। पुलिस फिलहाल हत्या और हादसे दोनों एंगल से जांच कर रही है।ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर गजेन्द्र के साथ ऐसा क्या हुआ कि उसकी जान चली गई। कुछ लोग इसे सड़क दुर्घटना बता रहे हैं, जबकि परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। मामला जितना सामने दिख रहा है, उससे कहीं अधिक पेचीदा माना जा रहा है। पुलिस भी फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। गजेन्द्र की मौत के बाद बेन छपरा गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार गजेन्द्र मेहनत-मजदूरी और हलुआई का काम कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की पत्नी सुनीता देवी बेसुध हालत में बार-बार अपने पति को याद कर रही थी। वहीं छोटे बच्चों और परिवार की महिलाओं का रोना देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि गजेन्द्र बेहद मिलनसार और मेहनती युवक था। उसकी अचानक मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। अब पूरे मामले में सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल हत्या, सड़क हादसा और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच जारी है। पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से भी मामले की जांच करने की तैयारी में जुटी है। इधर परिजनों ने साफ कर दिया है कि अगर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। वहीं इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है.
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सिवनी मालवा में सनसनीखेज वारदात: घर में घुसकर बुजुर्ग पर चाकुओं से हमला, लाखों की लूट

Shashank MishraShashank MishraFollowJust now
Seoni Malwa, Madhya Pradesh:सिवनी मालवा में सनसनीखेज वारदात: घर में घुसकर बुजुर्ग पर चाकुओं से हमला, लाखों की लूट नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा नगर के देवल मोहल्ले में बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। अज्ञात 3 बदमाशों ने एक घर में घुसकर बुजुर्ग पर चाकुओं से हमला कर दिया और घर में रखे सोने के आभूषण सहित करीब 1 लाख रुपये नगद लूटकर फरार हो गए। घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब बुजुर्ग की पत्नी बाहर से लौटकर घर पहुंची। उन्होंने दरवाजा बंद पाया, जैसे ही दरवाजा खोला तो अंदर का मंजर देख उनके होश उड़ गए। पूरे घर में खून फैला हुआ था और उनके पति रामभरोस जाट उम्र लगभग 65 वर्ष खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े हुए थे। घबराई महिला ने तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद डायल 112 पर कॉल किया गया। सूचना मिलते ही डायल 112 पर तैनात आरक्षक पूनम बिल्लोरे मौके पर पहुंचे और घायल बुजुर्ग को तत्काल सिवनी मालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी सुधाकर बारसकर भी मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला ने तीन हमलावरों द्वारा घटना को अंजाम देने की बात कही है। पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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शादी के मंडप में हाई-वोल्टेज ड्रामा: दुल्हन लापता, दूल्हा पर ठगी کا आरोप

Kota, Rajasthan:शादी के मंडप में 'हाई-वोल्टेज ड्रामा' एंकर कोटा के बोरखेड़ा इलाके में एक शादी समारोह उस वक्त अखाड़ा बन गया, जब वरमाला की रस्म के बाद दुल्हन पक्ष अचानक गायब हो गया। मामला अब पुलिस की चौखट पर है, जहाँ दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूल्हा पक्ष का कहना है कि उनके साथ लाखों की ठगी हुई है, वहीं दुल्हन पक्ष ने दहेज प्रताड़ना का मोर्चा खोल दिया है। मामाला साकेत आवास निवासी स्वरूप सिंह के बेटे देवेंद्र सिंह की शादी का है, जो आदर्श नगर की मुस्कान कंवर से तय हुई थी। दूल्हा पक्ष का आरोप है कि उन्होंने मानवता दिखाते हुए दुल्हन पक्ष की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण शादी का पूरा खर्च खुद उठाया। हल्दी, मेहंदी और अन्य रस्मों के लिए करीब 4 लाख रुपये भी दिए गए। लेकिन मंगलवार रात जैसे ही जयमाला संपन्न हुई, दूल्हन और उसका परिवार मैरिज गार्डन से रहस्यमयी तरीके से लापता हो गया। जब दूल्हा पक्ष दुल्हन के घर पहुंचा, तो वहां ताला लटका मिला। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब दुल्हन पक्ष ने भी पुलिस के सामने अपनी बात रखी। "मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की रिपोर्ट ली गई है। जहाँ दूल्हा पक्ष ठगी का आरोप लगा रहा है, वहीं दुल्हन पक्ष ने शिकायत दर्ज कराई है कि शादी के अंतिम पलों में दूल्हा पक्ष की ओर से अचानक दहेज की मांग की गई, जिससे विवाद बढ़ा और उन्होंने वहां से जाना ही उचित समझा। फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर जांच की जा रही है." क्या यह वाकई शादी के नाम पर हुई सुनियोजित ठगी है, या फिर ऐन वक्त पर मांगी गई दहेज की रकम ने इस रिश्ते को तोड़ दिया? पुलिस अब मैरिज गार्डन के सीसीटीवी फुटेज और पैसों के लेन-देन के सबूतों को खंगाल रही है ताकि सच सामने आ सके.
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ऑपरेशन त्रिनेत्र: प्रतापगढ़ में 5 किलो गांजे के साथ युवक गिरफ्तार

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले में चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत डीएसटी और पुलिस थाना कोटड़ी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 5.02 किलोग्राम अवैध गांजे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गांजे के परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। मामले में थाना कोटड़ी पर NDPS Act के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार 6 मई को थाना कोटड़ी पुलिस टीम सर्कल गश्त के दौरान मोबाखेठी-जीरावता रोड स्थित खेड़ी माताजी तिराहे पर नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान जीरावता की ओर से एक युवक मोटरसाइकिल पर पेट्रोल टंकी के ऊपर पीले रंग का प्लास्टिक कट्टा रखकर आता दिखाई दिया। पुलिस जाप्ता को देखकर युवक अचानक मोटरसाइकिल मोड़कर भागने लगा, जिस पर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर कट्टे में 5.02 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। आरोपी के पास गांजा परिवहन का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र नहीं मिला। पुलिस ने गांजा जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया तथा परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया। थाना कोटड़ी पर प्रकरण संख्या 51/2026 धारा 8/20 NDPS Act में दर्ज कर अनुसंधान जारी है। गिरफ्तार आरोपी विकास पुत्र वागजी मीणा, उम्र 27 वर्ष, निवासी भैसों की नाल, थाना सालमगढ़, जिला प्रतापगढ़ का बताया गया है।
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झुंझुनूं के बिसाऊ में दंपति की मौत, पारिवारिक विवाद से सनसनी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं के बिसाऊ से बड़ी खबर झुंझुनूं के बिसाऊ इलाके में पति—पत्नी ने की आत्महत्या पाटोदा और कमालसर के बीच डेरे में मिला दोनों का शव पहले पत्नी ने जहर पीया, सुबह पति फंदे पर लटका मिला 10 साल पहले हुई थी शादी, तीन छोटे बच्चों के सिर से उठा मां—बाप का साया पारिवारिक विवाद के चलते दोनों के सुसाइड से इलाके में सनसनी झुंझुनूं जिले के बिसाऊ थाना इलाके में पारिवारिक विवाद के चलते पति—पत्नी द्वारा आत्महत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना पाटोदा और कमालसर गांव के बीच बने एक डेरे की है। जहां पहले पत्नी ने जहर खाकर जान दे दी और अगले ही दिन सुबह पति का शव पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना के बाद इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है। जानकारी के अनुसार बावरिया समाज के 28 वर्षीय सुभाष और उसकी 25 वर्षीय पत्नी सुप्यार की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। दंपत्ति के तीन छोटे बच्चे हैं। परिजनों ने बताया कि पिछले चार—पांच वर्षों से दोनों के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम दोनों पाटोदा और कमालसर के बीच बने डेरे में सुभाष के पिता के पास पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और कुछ देर बाद सुप्यार ने जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। तबियत बिगड़ने पर उसे संभालने की कोशिश की गई। लेकिन उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर बिसाऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर बिसाऊ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। घटना के बाद सुबह पुलिस को फिर सूचना मिली कि सुभाष का शव भी डेरे के पास एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया। बिसाऊ थानाधिकारी शेरसिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या किए जाने की रिपोर्ट दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इधर, पहले बेटी और बाद में दामाद की मौत की खबर मिलने से सुप्यार के पिता की तबीयत भी बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। पति—पत्नी द्वारा लगातार आत्महत्या किए जाने की इस घटना से पूरे इलाके में चर्चा और शोक का माहौल बना हुआ है। बाइट 01 : शेरसिंह, एसएचओ, बिसाऊ बाइट 02 : परिजन बाइट 03 : परिजन बाइट 04 : परिजन
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देहरादून जू में हिमालयी काला भालू का नया बाड़ा, पर्यटक आकर्षण बढ़ेगा

Dehradun, Uttarakhand:देहरादून जू में पर्यटक के आकर्षण को और बढ़ाते हुए हिमालयी काला भालू बाड़े का उद्घाटन किया गया। इस नए बाड़े के खुलने से अब पर्यटक अन्य वन्यजीवों के साथ भालू को भी करीब से देख सकेंगे, जिससे जू में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इस मौके पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि बाड़े का निर्माण केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की अनुमति के बाद सभी मानकों के अनुरूप किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बाघ सफारी शुरू होने के बाद करीब 1.50 लाख पर्यटक देहरादून जू पहुंचे और राजस्व में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि अब हिमालयी काला भालू के शामिल होने से जू का आकर्षण और बढ़ेगा, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि वन्यजीव संरक्षण और जनजागरूकता को भी मजबूती मिलेगी। व्हाय वन विभाग लगातार यह प्रयास कर रहा है कि देहरादून जू को और आकर्षित किया जा सके इसके लिए व्हाइट टाइगर और लकड़बग्घा जैसे जानवर के लिए भी केंद्र चिड़ियाघर प्राधिकरण से आज्ञा मांगी जा रही है। इसके साथ जल्द zoo में सफारी शुरू की जाएगी.
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गोंडा में ट्रक दुर्घटना: गोल्फ कार्ड पार्किंग मैनेजर वीरेंद्र यादव की मौत

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले में नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाबगंज कोल्ड स्टोरेज तिराहा से आगे शोभापुर गांव के पास देर रात हुए एक सड़क हादसे में अयोध्या के गोल्फ कार्ड पार्किंग कंपनी के मैनेजर की दर्दनाक मौत हो गई है। 30 वर्षीय वीरेंद्र यादव देर रात अयोध्या से काम खत्म करके अपने घर आ रहे थे इसी दौरान नवाबगंज कोल्ड स्टोरेज के पास उनके मोटरसेिकल में तेल खत्म हो गया और मोटरसाइकिल को पैदा लेकर के तेल डलवाने जा रही थी। इसी दौरान शोभापुर गांव के पास अयोध्या से गोंडा जा रहे ट्रक ने लोन दिया जिससे मौके पर ही 30 वर्षीय वीरेंद्र यादव घायल हो गए थे। जिन्हें तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले जाया गया जहां डॉक्टर द्वारा मृत्यु घोषित कर दिया गया है। नवाबगंज थाने की पुलिस द्वारा अयोध्या के गोल्फ कार्ड पार्किंग मैनेजर वीरेंद्र यादव के शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके वाहन की जांच करके पूरे मामले को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि मृतक वीरेंद्र यादव नवाबगंज थाना क्षेत्र के लौव्वाबीर स्थित सिंगाराय पुरवा निवासी है देर रात अयोध्या से बाइक से अपने घर वापस आ रहे थे। कि नगर के कोल्ड स्टोरेज तिराहे के पास बाइक में पेट्रोल खत्म हो गया। पेट्रोल डलवाने के लिए वह बाइक को पैदल लेकर जा रहे थे कि गोंडा-अयोध्या मार्ग पर शोभापुर गांव के पास ट्रक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर जुटे स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया,जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वीरेंद्र यादव पांच भाइयों में सबसे बड़े थे और अयोध्या स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में गोल्फ कार्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में पत्नी कौशल्या,सात वर्षीय पुत्र आयुष और पांच वर्षीय पुत्र पीयूष हैं। हादसे की खबर मिलते ही पत्नी,माता सुनीता, पिता विजय बहादुर यादव समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।
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तेलंगाना में जय श्री राम पर विवाद: Surekha के बयान से बीजेपी- कांग्रेस घमासान

Hyderabad, Telangana:Konda Surekha’s ‘Jai Shri Ram’ Remarks Trigger Political Row in Telangana Hyderabad: Telangana Forest and Endowments Minister Konda Surekha has sparked once again a fresh political controversy with her remarks questioning the use of the “Jai Shri Ram” slogan by BJP leaders. Addressing a public meeting in Warangal on May 5, the minister reportedly asked whether chanting “Jai Shri Ram” would bring central funds, welfare schemes, or make money fall from the sky. She accused BJP leaders of focusing more on political meetings than securing development funds for Telangana. The remarks triggered strong reactions from BJP leaders, especially T. Raja Singh, who condemned the statements and demanded an apology from the Chief minister and demanded to take action on the Endowment minister.. Raja Singh accused Surekha of hurting Hindu sentiments and disrespecting the “Jai Shri Ram” slogan. The controversy comes ahead of the scheduled Telangana visit of Prime Minister Narendra Modi, intensifying the ongoing political battle between the Congress and BJP in the state. Political observers point out that this is not the first time Konda Surekha has landed in controversy over her comments. In the past too, the minister made remarks related to the divorce issue involving actor Nagarjuna Akkineni’s family, which drew severe backlash from the film industry and political circles. Following the controversy, Nagarjuna reportedly issued a legal notice over the comments, after which the minister expressed regret and apologised. Her latest remarks on “Jai Shri Ram” have once again triggered a heated political and public debate across Telangana.
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ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर Samba बॉर्डर पर SOG का बड़ा तलाशी ऑपरेशन

Jammu, ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर जम्मू-Kashmir में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट मोड पर हैं। एक साल पहले भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान की सेना, आतंकियों और उनके नेटवर्क के लिए किसी बड़े दुःस्वप्न से कम नहीं था। इस ऑपरेशन में भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंक के ढांचे पर बड़ा प्रहार करते हुए 9 आतंकी लॉन्चिंग पैड और कई आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह किया था。 अब इसी बरसी के मौके पर सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल जनरल मुनीर के निर्देश पर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करवाकर किसी बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की कोशिश की सकती है। इसी इनपुट के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG ने सांबा इंटरनेशनल बॉर्डर पर बड़े स्तर पर गहन तलाशी अभियान चलाया। सांबा सेक्टर में इंटरनेशनल बॉर्डर से सटी basantar नदी के आसपास SOG कमांडो द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक बसंत नदी लंबे समय से आतंकियों का ट्रेडिशनल रूट रही है और अतीत में कई बार घुसपैठ के लिए इसका इस्तेमाल किया जा चुका है。 इसी वजह से नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों में सर्च ऑपरेशन कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पाकिस्तान अपने नापाक मंसूबों में कामयाब न हो सके। सांबा और कठुआ इंटरनेशनल बॉर्डर पर मौजूद कई नदी-नाले — जिनमें बसंतर नदी, उज्ज नदी, देवका नदी और बई नाला शामिल हैं — सुरक्षा एजेंसियों की विशेष निगरानी में हैं。 इसके साथ ही सांबा इंटरनेशनल बॉर्डर से सटे घने जंगलों में भी SOG की टीमों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकी घुसपैठ के बाद अक्सर इन जंगलों का इस्तेमाल छिपने, हथियार जमा करने और हाइडआउट बनाने के लिए करते हैं। यही वजह है कि जंगलों को खंगाल कर हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है。 सुरक्षा बल ड्रोन सर्विलांस, CCTV मॉनिटरिंग और ग्राउंड डोमिनेशन पेट्रोलिंग के जरिए पूरे इलाके पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। सीमावर्ती इलाकों में वाहनों की जांच और पहचान सत्यापन भी तेज कर दिया गया है। इस बीच पंजाब के जालंधर और अमृतसर में हुए ट्विन ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट बढ़ा दिया गया है और खुफिया एजेंसियां हर संदिग्ध गतिविधि पर करीबी नजर रख रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। सांबा इंटरनेशनल बॉर्डर पर SOG की टीमें नदी-नालों और जंगलों में गहन तलाशी अभियान चला रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तान घुसपैठ के जरिए किसी बड़ी आतंकी साजिश की कोशिश कर सकता है। ऐसे में हर संवेदनशील इलाके पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
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8.32 करोड़ से 27 सड़कों का नवीनीकरण, डामर न मिलने से गौरव पथ अधूरा

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर। शहर की टूटी-फूटी सड़कों से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। नगर परिषद ने 8 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से शहर की 27 छोटी-बड़ी सड़कों का नवीनीकरण शुरू कर दिया है। काम की शुरुआत मचकुण्ड-बाड़ी लिंक रोड से की गई है। *डामर नहीं मिलने से गौरव पथ का काम अधूरा* नगर परिषद ने सबसे पहले शहर के एकमात्र डामर रोड गौरव पथ से काम शुरू किया था। लेकिन डामर की उपलब्धता नहीं होने के कारण सड़क का निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ना पड़ा। अब गौरव पथ आधी-अधूरी स्थिति में ही पड़ा है और परिषद डामर आने का इंतजार कर रही है。 *सीसी रोड से भरपाई की कोशिश* डामर नहीं मिलने के बाद परिषद ने सीसी रोडों के निर्माण पर जोर दिया है। फिलहाल मचकुण्ड-बाड़ी लिंक रोड पर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क पर 5.5 इंच सीसी की जा रही है। इसके पूरा होने के بعد मचकुण्ड रोड का निर्माण शुरू किया जाएगा। *एक साल की डेडलाइन, 5 साल रखरखाव* 27 सड़कों के निर्माण का ठेका राम हरि कंस्ट्रक्शन को 27.57 फीसदी बिलो रेट पर मिला है। वर्क ऑर्डर 4 मार्च को जारी हुआ था। संवेदक को 4 मार्च 2027 तक सभी सड़कों का काम पूरा करना है। साथ ही अगले 5 साल तक टूट-फूट और मेनटेनेंस की जिम्मेदारी भी फर्म की होगी। *मानसून सिर पर, काम में देरी* वर्क ऑर्डर के करीब एक महीने बाद काम शुरू हुआ। अब मानसून आने में सिर्फ 50 दिन बचे हैं। ऐसे में मानसून से पहले मुख्य सड़कों का काम पूरा होना मुश्किल है। जल्दबाजी में काम होने से गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल परिषद सीवरेज-नालों को दुरुस्त कराने और सड़कों के समतलीकरण में जुटा है। *इन सड़कों का सबसे बुरा हाल* शहर में सड़कें कम, गड्ढे ज्यादा हैं। गौरव पथ, जगन तिराहा, हरदेव नगर, भामतीपुरा, जेल रोड, पुराना शहर, बजरिया, सराय, आरएसी लेन, राजाखेड़ा रोड, काली माई रोड, कचहरी रोड, मोदी तिराहा और गडरपुरा रोड की हालत सबसे खराब है। गड्ढों से वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं और धूल से लोग बीमार पड़ रहे हैं। *अधिकारी का बयान* XEN गुमान सिंह सैनी ने बताया कि शहर की 27 सड़कों का निर्माण होना है। मचकुण्ड-बाड़ी लिंक रोड से काम शुरू किया गया है। डामर नहीं मिलने के कारण गौरव पथ का काम अभी अधूरा है।
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