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हाईकोर्ट ने स्टिल्ट प्लस फोर रोक का दायरा स्पष्ट किया, अवैध निर्माण रोक पर राह

VRVIJAY RANAJust now
Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़। ‘स्टिल्ट प्लस फोर’ नीति को लेकर चल रहे भ्रम पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्थिति साफ कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अंतरिम रोक पूरे हरियाणा में लागू नहीं है, बल्कि यह केवल गुरुग्राम जिले तक सीमित है। साथ ही कोर्ट ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामलों में प्रशासन को कानून के अनुसार कार्रवाई करने की खुली छूट दी है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि 2 अप्रैल को जारी अंतरिम आदेश की व्याख्या को लेकर गलतफहमी फैल गई थी। अदालत ने दो टूक कहा कि यह आदेश राज्यभर पर लागू नहीं होता। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जहां भी अवैध निर्माण पाया जाए, वहां प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। इस मामले में ‘स्टिल्ट प्लस फोर’ नीति के खिलाफ उठे सवालों के बीच कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि नीति अभी न्यायिक समीक्षा के दायरे में है और इस पर आगे विस्तृत सुनवाई होगी। रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े संगठनों ने अदालत के सामने दलील दी कि 2013 से लागू नीति के तहत जिन इमारतों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और जिनका निर्माण पूरा हो चुका है, उन्हें रोक के दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए। इस पर अदालत ने कहा कि बिना औपचारिक पक्षकार बने कोई भी संस्था राहत की मांग नहीं कर सकती। सुनवाई के दौरान यह मुद्दा भी उठा कि कुछ मामलों में बिना नोटिस दिए ही कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यदि अवैध निर्माण होता है तो कार्रवाई संभव है, लेकिन तय प्रक्रिया का पालन जरूरी है। 2 अप्रैल को कोर्ट ने गुरुग्राम में ‘स्टिल्ट+4’ नीति पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा था कि बुनियादी ढांचे पर बढ़ते दबाव और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पर रोक जरूरी है। अब ताजा स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि रोक का दायरा सीमित है और अन्य जिलों में स्थिति पहले जैसी ही रहेगी। कुल मिलाकर, हाईकोर्ट के इस स्पष्टिकरण से एक तरफ जहां राज्यभर में फैला भ्रम दूर हुआ है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रास्ता भी साफ मिला है।
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हरियाणा: कॉमन कैडर से ग्रुप-डी पदोन्नति तेज, कोटा 30% बढ़ा

VRVIJAY RANAJust now
Chandigarh, Chandigarh:प्रक्रिया होगी अधिक सरल, तेज और न्यायसंगत, कॉमन कैडर से बढ़ेंगे अवसर: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी Chandigarh,27 अप्रैल- हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान कर्मचारियों के हितों में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने हरियाणा लिपिकीय सेवा (भर्ती और सेवा की शर्तें) विधेयक, 2026’ पारित किया। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रस्तुत किया गया विधेयक सदन द्वारा पारित किया गया। सदन में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह विधेयक चतुर्थ श्रेणी (ग्रुप-डी) कर्मचारियों के लिए पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक सरल, तेज और न्यायसंगत बनाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में हरियाणा ग्रुप डी कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018 के माध्यम से ग्रुप डी के लिए कॉमन कैडर व्यवस्था लागू की गई थी, जिससे फील्ड कैडर के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति के समान अवसर मिलने लगे। उन्होंने बताया कि पहले सीमित पदों के कारण बहुत कम कर्मचारियों को ही पदोन्नति का अवसर मिल पाता था। साथ ही, केवल अपने-अपने विभागों तक सीमित पदोन्नति के अवसर होने के कारण भी कर्मचारियों की प्रगति बाधित होती थी। विधेयक के अंतर्गत अब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लिपिक पद पर पदोन्नति का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे अधिक संख्या में कर्मचारी पदोन्नत हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में कई विभागों में कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए 10 से 15 वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि कॉमन कैडर व्यवस्था, बढ़े हुए पदोन्नति कोटा और कम सेवा अवधि के कारण अब पदोन्नति प्रक्रिया अधिक तेज होगी और अधिक संख्या में कर्मचारियों को समयबद्ध अवसर मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह विधेयक कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन में उपस्थित होता, तो राज्य के कर्मचारियों के हित में एक व्यापक सहमति बन सकती थी, तथापि सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में एएसपी अनुज चौधरी FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई शुरू

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ी बड़ी ख़बर, एएसपी अनुज चौधरी की याचिका पर हाईकोर्ट में आज होगी सुनवाई, एफआईआर के आदेश को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर होगी सुनवाई, संभल सीजेएम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश 9 जनवरी 2026 को दिया था, हाईकोर्ट ने फिलहाल पूर्व में ही एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगा दी है, मामले में शिकायतकर्ताओं के साथ राज्य सरकार से भी हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है, आज हाईकोर्ट में मामले की महत्वपूर्ण सुनवाई होगी, नवंबर 2024 में संभल मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा और बवाल हुआ था, बवाल के दौरान गोली लगने से यामीन के बेटे की मौत हो गई थी, मामले में यामीन ने संभल के तत्कालीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर संभल के सीजेएम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, 9 जनवरी 2026 को संभल सीजेएम कोर्ट ने एएसपी अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच के आदेश दिए थे, अनुज चौधरी ने सीजेएम कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट से रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है।
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मीरा रोड पर हमले में संदिग्ध लोन वुल्फ: ISIS दस्तावेज मिलने से जांच तेज

Mumbai, Maharashtra:मुंबई से सटे मीरा रोड के नयानगर में हुए दो सिक्योरिटी गार्ड्स पर हमले में जांच अधिकारियों को संभावित “लोन वुल्फ” हमले का संदेह है। इसकी वजह है की हमले के बाद जब पुलिस आरोपी के घर पहुंची तो उसके घर से आरोपी के द्वारा ISIS के नाम लिखे गए डाक्यूमेंट्स और नोट्स मिले है जिसमे सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने एक नोट में “ISIS”, “लोन वुल्फ”, “जिहाद” और ““गाज़ा”” जैसे शब्द लिखे थे। नोट में कुछ कथन भी पाए गए, जैसे- “LONE WOLVES WILL POUNCE ON YOU, You mushrikeen will see real jihad in bilad Hind from now!” इसके अलावा कुछ असंगत बातें भी लिखी गई थीं, जैसे“People, family, wives, parents… will leave you. May Allah guide them. Gaza will only be free by…”. अब ATS जांच के दौरान बरामद नोट्स, डाक्यूमेंट्स सामग्री और आरोपी की पिछली गतिविधियों ने गहन जांच कर रही है। ATS इस बात की भी जांच कर रही है कि हमला पूर्व-नियोजित था या अचानक हुए विवाद का परिणाम थाl एजेंसियां आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट, मोबाइल डिवाइस, ब्राउज़िंग हिस्ट्री और कम्युनिकेशन रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी के संपर्क में था या उसने यह हमला पूरी तरह अकेले किया। अधिकारियों के अनुसार, अंसारी साइंस ग्रेजुएट है जिसने अमेरिका (US) में कई साल बिताए, जहाँ उसका परिवार अभी भी रहता है। मूल रूप से मुंबई के कुर्ला इलाके का रहने वाला अंसारी, कुछ साल पहले अमेरिका में नौकरी न मिलने के कारण भारत लौट आया था। तब से वह मीरा रोड पर अकेला रह रहा था, और इस दौरान वह ऑनलाइन केमिस्ट्री कोचिंग देता था और साथ ही एक प्रोफेशनल नौकरी की तलाश कर रहा था। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जाँच से पता चलता है कि अकेलेपन के इस दौर में उसका ऑनलाइन कट्टरपंथ की ओर झुकाव हो सकता है; यह एक ऐसा पहलू है जिसकी अब विस्तार से जाँच की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि ऐसा लगता है कि आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए कट्टरपंथी सामग्री के संपर्क में आया था, जिसने शायद उसकी कट्टरपंथ की ओर बढ़ने में भूमिका निभाई हो।
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मीरा रोड के सुरक्षा गार्ड पर हमले में ISIS और लोन वुल्फ के जिक्र से ATS कर रहा गहन जांच

Mumbai, Maharashtra:मुंबई से सटे मीरा रोड के नयानगर में हुए दो सिक्योरिटी गार्ड्स पर हमले में जांच अधिकारियों को संभावित “लोन वुल्फ” हमले का संदेह है। इसकी वजह है की हमले के बाद जब पुलिस आरोपी के घर पहुंची तो उसके घर से आरोपी के द्वारा ISIS के नाम लिखे गए डाक्यूमेंट्स और नोट्स मिले है जिसके मुताबिक, आरोपी ने एक नोट में “ISIS”, “लोन वुल्फ”, “जिहाद” और “गाज़ा” जैसे शब्द लिखे थे। नोट में कुछ कथन भी पाए गए, जैसे- “LONE WOLVES WILL POUNCE ON YOU, You mushrikeen will see real jihad in bilad Hind from now!” इसके अलावा कुछ असंगत बातें भी लिखी गई थीं, जैसे“People, family, wives, parents… will leave you. May Allah guide them. Gaza will only be free by…”. अब ATS जांच के दौरान बरामद नोट्स, डाक्यूमेंट्स सामग्री और आरोपी की पिछली गतिविधियों ने गहन जांच कर रही है। ATS इस बात की भी जांच कर रही है कि हमला पूर्व-नियोजित था या अचानक हुए विवाद का परिणाम थाl एजेंसियां आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट, मोबाइल डिवाइस, ब्राउज़िंग हिस्ट्री और कम्युनिकेशन रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी के संपर्क में था या उसने यह हमला पूरी तरह अकेले किया। अधिकारियों के अनुसार, अंसारी साइंस ग्रेजुएट है जिसने अमेरिका (US) में कई साल बिताए, जहाँ उसका परिवार अभी भी रहता है। मूल रूप से मुंबई के कुर्ला इलाके का रहने वाला अंसारी, कुछ साल पहले अमेरिका में नौकरी न मिलने के कारण भारत लौट आया था। तब से वह मीरा रोड पर अकेला रह रहा था, और इस दौरान वह ऑनलाइन केमिस्ट्री कोचिंग देता था और साथ ही एक प्रोफेशनल नौकरी की तलाश कर रहा था। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जाँच से पता चलता है कि अकेलेपन के इस दौर में उसका ऑनलाइन कट्टरपंथ की ओर झुकाव हो सकता है यह एक ऐसा पहलू है जिसकी अब विस्तार से जाँच की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि ऐसा लगता है कि आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए कट्टरपंथी सामग्री के संपर्क में आया था, जिसने शायद उसके कट्टरपंथ की ओर बढ़ने में भूमिका निभाई हो।
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अयोध्या के श्री राम अस्पताल के नवीनीकरण से चिकित्सा सुविधाओं में बड़ा सुधार

Noida, Uttar Pradesh:अयोध्या (उत्तर प्रदेश): श्री राम अस्पताल के नवीनीकरण कार्यों का उद्घाटन / विज़ुअल्स / वेद प्रकाश गुप्ता (विधायक, अयोध्या) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, अयोध्या में लगातार विकास कार्य चल रहे हैं। विधायक के तौर पर, हम अयोध्या में ज़रूरी सुधारों के लिए प्रस्ताव पेश करते हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री द्वारा प्राथमिकता दी जाती है और मंज़ूरी दी जाती है। अयोध्या में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि अचानक ज़रूरत पड़ने पर, लखनऊ भागे बिना ही उचित व्यवस्था उपलब्ध हो सके। जला अस्पताल, महिला अस्पताल और श्रीराम अस्पताल जैसे अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है और उनका सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। मौजूदा भीषण गर्मी के दौरान, जब तापमान 45-46-47 डिग्री तक पहुँच रहा है, मरीज़ों के लिए AC की सुविधाएँ और बेहतर वार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मौजूदा कार्यक्रम में पुराने वार्डों का नवीनीकरण और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाना शामिल है। उपमुख्यमंत्री अटल जी के अनुरोध के बाद सरकारी स्तर पर इसके लिए फंड उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के CMS निदेशक का अयोध्या में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए उनके लगातार सहयोग और प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया जाता है। इसमें दुनिया भर से आने वाले आगंतुकों के लिए एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की योजनाएँ भी शामिल हैं।
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धर्मावाला टोल पर ग्रामीणों को मुफ्त एंट्री, विधायक ने विवाद हल कराया

Dehradun, Uttarakhand:स्थानीय ग्रामीणो को टोल से बड़ी राहत.. देहरादून के विकासनगर में धर्मावाला टोल प्लाजा पर स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला... यहाँ अपनी मांगों को लेकर ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया... मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने इस पूरे मामले में मध्यस्थता करते हुए जनता को बड़ी राहत दिलाई है। विधायक के हस्तक्षेप के बाद अब 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्थानीय निवासियों को आधार कार्ड दिखाकर टोल से निशुल्क आवाजाही की अनुमति मिल गई है। दरअसल विकासनगर के धर्मावाला टोल प्लाजा पर बीते रोज उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश कुमार सैनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने टोल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार नारेबाजी की...ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें टोल माफी के साथ-साथ बंद किए गए रास्तों को दोबारा खोलने, कहीं ग्रामीण इलाकों के लिए सर्विस लाइन और अंडरपास बनाने की मांग रखी गई....हंगामे की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर और नेशनल हाईवे के निदेशक सौरभ सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे... विधायक ने ग्रामीणों और टोल अधिकारियों के बीच वार्ता कराकर बीच का रास्ता निकाला....विधायक के निर्देश पर अब 15 किलोमीटर की रेंज में आने वाले तिमली, कुल्हाल, धर्मावाला, आदूवाला, शाहपुर और कुंजा, कुंजाग्रांट जैसे क्षेत्रों के स्थानीय ग्रामीणो को आधार कार्ड दिखाकर मुफ्त एंट्री मिलेगी... वहीं, टोल प्रशासन को हो रहे नुकसान को देखते हुए ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों ने भी टोल प्लाजा प्रशासन को सहयोग का भरोसा दिलाया है...ग्रामीणों ने वादा किया है कि वे उन कमर्शियल और भारी वाहनों को गांव की छोटी गलियों से निकलने से रोकने में मदद करेंगे, जो अक्सर टोल बचाने के चक्कर में गांव के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं。
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आईपीएस अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल, जहांगीर खान के समर्थकों को दी चेतावनी

Noida, Uttar Pradesh:आईपीएस अजय पाल शर्मा का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है उसमें वो फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान के घर जाकर उनके लोगों को सख्त चेतावनी देते दिख रहे हैं. वो सीधा जहांगीर का नाम लेकर कहते दिख रहे हैं कि उसे समझा देना कि अगर लोगों को धमकाने की दोबारा शिकायत आई तो हम उससे 'सही तरीके' से निपटेंगे, अगर किसी ने भी बदमाशी की तो अंजाम बुरा होगा. वीडियो वायरल होने के बाद टीएमसी ने अजयपाल शर्मा को धमकी देते हुए कहा है कि 4 तारीख के बाद होगी तुम पर FIR चार्जशीट कर तुम्हें घसीट कर लाया जाएगा और बीजेपी वाला तुम्हें बचा नहीं पाएगा
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