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राम मंदिर के मुद्दे पर भाजपा का आक्रामक हिंदुत्व आंदोलन देशभर में तेज

Mumbai, Maharashtra:बीजेपी के सत्ता का जो मूल है वो राम मंदिर है , शिवसेना भी इसमे शामिल रही है गोधरा हत्याकांड , मुंबई में आतंकी हमला इस घटना के बाद हिंदुओं ने बहुत कुछ सोचा था बीजेपी के २ सांसद थे उन्होंने हिंदुत्व का मुद्दा उठाया और आज सत्ता का सुख ले रहे है बीजेपी ऑपरेशन राम मंदिर कर रही है क्या ये सवाल खड़ा हो रहा है राम मंदिर से चुराए गए पैसे का इस्तेमाल क्या दूसरे पार्टियों को तोड़ने के लिए हो रहा है क्या ? अब हिंदू मंदिर लूटने की वजह से उन्हें माफ़ नहीं करेगा दादर में रविवार को शाम चार बजे हम हनुमान मंदिर के पास सभी हिंदुओं को आवाहन कर रहे है सब वहाँ जमा हो जिन लोगो ने हिंदुत्व नहीं छोड़ा है सब वहाँ हाज़िर रहे हम राम रक्षा आंदोलन कर रहे है , राम रक्षा स्त्रोत , हनुमान चालीसा हम करेंगे अब हिंदू वहाँ जवाब पूछेंगे ये अभी शुरुआत है हम आगे इसे जहाँ जहाँ मंदिर है राम जी का वहाँ आंदोलन करेंगे मंदिर के लिए जिन जिन लोगो ने अपना खून बहाया जेल गए उनके कष्ट को हम ऐसे ही बर्बाद नहीं होने देंगे बगैर किसी पार्टी के भेद भाव के लोग आए ये मेरी विनंती है मैं अमित शाह के साथ अयोध्या जाऊँगा ( मज़ाक़ में कहा ) कोर्ट के आदेश से मंदिर बना पूरे देश में रहने वाले लोग इस आंदोलन में आए उत्तर भारतीय भी जुड़े
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शराब के नशे में स्कूल पहुंचे शिक्षक पर इलाके में हंगामा, अभिभावकों ने कार्रवाई मांगी

Narmadapuram, Madhya Pradesh:जिले के केसला विकासखंड के रतिबंदर गांव के प्राथमिक विद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचकर हाई वोल्टेज ड्रामा करने का आरोप लगा। आरोप है कि शिक्षक ने आदिवासी बच्चों से अभद्र व्यवहार किया, अपशब्द कहे और उनसे अपने जूते तक साफ कराए। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। आरोप है कि शिक्षक गोपाल गिरी गोस्वामी नशे की हालत में स्कूल पहुंचे और कक्षा में फर्श पर लेट गए। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंच गए। बच्चों से घटना की जानकारी लेने के बाद सभी ने शिक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और केसला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। परिजनों का आरोप है कि शिक्षक लंबे समय से शराब पीकर स्कूल आता था और बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार करता था। वायरल वीडियो में शिक्षक स्कूल के अंदर फर्श पर लेटे दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरे वीडियो में ग्रामीण और परिजन उनसे सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं वायरल वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
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15 साल से जर्जर सड़क, आमरण अनशन के बाद चक्काजाम; बारिश में नहीं झुके ग्रामीण

Taga, Chhattisgarh:हेडलाइन : 15 साल से जर्जर सड़क... 5 दिन का आमरण अनशन... अब चक्काजाम, बारिश में भी नहीं झुके ग्रामीण जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में डोंगा-कोहरौद बलौदाबाजार मार्ग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 15 वर्षों से जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीण पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। इस बीच दो बुजुर्ग अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, लेकिन आंदोलन थमा नहीं। आज आंदोलन ने और उग्र रूप लेते हुए पामगढ़ के अंबेडकर चौक पर चक्काजाम का रूप ले लिया। भारी बारिश के बीच महिलाएं, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और युवा सड़क पर डटे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कलेक्टर स्वयं आंदोलन स्थल पर पहुंचकर सड़क निर्माण को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देंगे, तब तक न आमरण अनशन समाप्त होगा और न आंदोलन। वीओ-1 यह तस्वीर पामगढ़ के अंबेडकर चौक की है,जहां डोंगा-कोहरौद बलौदाबाजार मार्ग की जर्जर सड़क के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए। पिछले पांच दिनों से चल रहे आमरण अनशन के बाद आज ग्रामीणों ने चक्काजाम कर अपना विरोध और तेज कर दिया। मूसलाधार बारिश भी आंदोलनकारियों का हौसला नहीं तोड़ सकी। महिलाएं, बुजर्ग, युवा और स्कूली बच्चे घंटों तक सड़क पर बैठे रहे और सड़क निर्माण की मांग उठाते रहे। वीओ-2 ग्रामीणों का कहना है कि डोंगा-कोहरौद बलौदाबाजार मार्ग पिछले 15 वर्षों से बदहाल है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, बरसात में यह पूरी तरह दलदल में बदल जाती है और आए दिन हादसे होते रहते हैं। कई बार ज्ञापन दिए गए, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारें बदलीं, जनप्रतिनिधि बदले, अधिकारी बदले, लेकिन सड़क की तस्वीर नहीं बदली。 बाइट-1 ग्रामीण आंदोलनकारी बाइट-2ग्रामीण आंदोलनकारी बाइट-3 ग्रामीण आंदोलनकारी बाइट-4 ग्रामीण आंदोलनकारी वीओ 3 सड़क निर्माण की मांग को लेकर शुरू हुए आमरण अनशन के दौरान दो बुजुर्ग अनशनकारियों की तबीयत भी बिगड़ गई। 65 वर्षीय पुनीराम कश्यप और 72 वर्षीय पुनीराम पटेल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बावजूद आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक सड़क निर्माण को लेकर ठोस पहल नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी राजनीति की नहीं, बल्कि अपने गांव के भविष्य और सुरक्षित आवागमन की है。 वीओ-4 आखिर यह सड़क 15 वर्षों तक क्यों नहीं बन सकी ? ग्रामीणों के अनुसार डोंगा-कोहरौद बलौदाबाजार मार्ग का निर्माण भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के विवाद में वर्षों से अटका रहा। प्रभावित भू-स्वामियों को समय पर मुआवजा नहीं मिलने और विभागीय प्रक्रियाओं में देरी के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ سका। ग्रामीणों का कहना है कि इस दौरान कई बार सर्वे हुए, कई बार अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया, लेकिन सड़क निर्माण शुरू नहीं हो पाया। नतीजा यह रहा कि हर बरसात में सड़क की हालत और खराब होती गई और लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती रही。 बाइट-5 ग्रामीण आंदोलनकारी बाइट-6 ग्रामीण आंदोलनकारी वीओ-4 ग्रामीण आंदोलनकारी ग्रामीणों का कहना है कि वे यह अच्छी तरह समझते हैं कि सड़क का निर्माण एक दिन में संभव नहीं है। लेकिन जिला प्रशासन यदि सड़क निर्माण के लिए स्पष्ट और लिखित आश्वासन दे तथा तब तक लोगों की परेशानी कम करने के लिए सड़क की तत्काल मरम्मत शुरू कराए, तो वे आंदोलन समाप्त करने पर विचार करेंगे। उनका आरोप है कि आंदोलन के पांच दिन बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा और न ही सड़क की मरम्मत को लेकर कोई पहल की गई है। बाइट-7 ग्रामीण आंदोलनकारी बाइट-8 ग्रामीण आंदोलनकारी वीओ- 5 चक्काजाम को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बारिश के बीच पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाले रखी और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी वहीं आंदोलनकारी लगातार प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि जब तक कलेक्टर स्वयं आंदोलन स्थल पर पहुंचकर लिखित आश्वासन नहीं देंगे, तब तक आमरण अनशन और आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उनका यह भी कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 15 वर्षों से जर्जर इस सड़क की समस्या का समाधान आखिर कब होगा? क्या जिला प्रशासन ग्रामीणों से संवाद कर इस आंदोलन का रास्ता निकालेगा, या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा?
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अपनी मांगों को लेकर 23 दिनों से धरने पर डटे किसान, जिले का कोई अधिकारी नहीं ले रहा संज्ञान संज्ञान

Subhas ChandraSubhas ChandraFollow1m ago
Rajaura Kala, Uttar Pradesh:पनियरा,महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत तेंदुअहिया के किसानों ने वर्षों से लंबित भूमि विवाद के निस्तारण की मांगो को लेकर भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राम आशीष के नेतृत्व में अपनें हीं गांव पर अनवरत धरने पर बैठे है। सिस्टम मे बैठे लोग नहीं ले रहे सुधि किसानों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा की करीब 55 एकड़ भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिससे पट्टाधारक किसान न्याय के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि वर्ष 1984 एवं 1995 में ग्राम तेंदुडिहिया की परती भूमि का कृषि पट्टा कई किसानों को आवंटित किया गया था। किसानों का आरोप है कि कुछ लोगों ने कथित रूप से फर्जी अभिलेख, पावर ऑफ अटॉर्नी एवं अन्य दस्तावेजों के माध्यम से भूमि पर कब्जा कर लिया। इस मामले में कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। किसानों ने आरोप लगाया कि भूमि विवाद की जांच के नाम पर वर्षों से मामले को लंबित रखा जा रहा है, जबकि संबंधित अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट स्तर से जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में किसानों ने मांग की है कि विवादित भूमि से अवैध कब्जा हटाकर वास्तविक पट्टाधारकों को कब्जा दिलाया जाए। साथ ही, फर्जी दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। किसानों ने यह भी मांग की कि ग्राम सभा की भूमि की जांच कर उसे सरकारी अभिलेखों में सुरक्षित किया जाए। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान मंडल अध्यक्ष गोरखपुर सतीश चंद्र ओझा, महाराजगंज के जिलाध्यक्ष राम आशीष ,राजीव यादव जिला संगठन मंत्री फरेंदा तहसील अध्यक्ष हरिश्चंद्र पांडे,जगदीश निषाद राजेंद्र सिंह,सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे
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सरयू नदी में मोटर बोट पलटने से 5 लोग सुरक्षित, लाइफ जैकेट ने बचाई जान

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के बड़हलगंज में सरयू नदी पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मुक्तिपथ घाट के पास यात्रियों से भरी एक प्राइवेट मोटर बोट लकड़ी की नाव से टकराकर अचानक नदी में पलट गई। बोट में सवार पांचों लोग नदी में गिर गए, जिससे घाट पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि सभी लोगों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। हादसे की सूचना मिलते ही घाट पर मौजूद नाविकों और आपदा मित्रों ने बिना देर किए रेस्क्यू शुरू किया और सभी पांचों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। जिनका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हलगंज में इलाज चल रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बड़हलगंज के मुक्तिपथ घाट पर सरयू नदी में एक प्राइवेट मोटर बोट सामान्य रूप से चल रही थी। इसी दौरान सामने से आ रही एक लकड़ी की नाव से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि मोटर बोट का संतुलन बिगड़ गया और वह देखते ही देखते नदी में पलट गई। बोट पर सवार पांचों लोग पानी में गिर पड़े और कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि सभी यात्रियों ने सुरक्षा के लिहाज से लाइफ जैकेट पहन रखी थी। इसी वजह से वे पानी में डूबने से बच गए। घाट पर मौजूद नाविकों और आपदा मित्रों ने तत्काल नदी में छलांग लगाकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया और कुछ ही मिनटों में सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में कुछ लोग घायल हुए, जिन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हलगंज भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन का कहना है कि जनपद में लगातार हो रही डूबने की घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील घाटों पर पहले से ही आपदा मित्रों की तैनाती की गई है। अपर जिला अधिकारी (व Finanz एवं राजस्व) एवं प्रभारी अधिकारी (आपदा) के निर्देशन में यह व्यवस्था संचालित की जा रही है। इसी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते इस बड़े हादसे में सभी पांच लोगों की जान बच गई। सरयू नदी में हुआ यह हादसा एक बार फिर नदी में सफर के दौरान सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को साबित करता है। अगर यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी होती और मौके पर आपदा मित्र व नाविक समय रहते सक्रिय नहीं होते, तो यह हादसा बड़ी त्रासदी में बदल सकता था। फिलहाल सभी लोग सुरक्षित हैं और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। सरयू नदी में बड़ा हादसा टला... लाइफ जैकेट ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि नदी में मोटरबोट, नाव पर या क्रूज पर उसे पहनना क्यों जरूरी है। इसके साथ ही समय पर हुए रेस्क्यू ने पांच जिंदगियां तो बचा लीं। लेकिन अब सवाल यह है कि आखिर नावों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना प्रभावी ढंग से कराया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री ने सहकारी सप्ताह में किसानों के सशक्तिकरण और ऋण सुविधाओं पर जोर दिया

Begun, Rajasthan:मुख्यमंत्री ने विष्णुदेव साय ने आज रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सप्ताह एवं सहकारी सम्मेलन में हिस्सा लिया... कार्यक्रम में प्रदेशभर से सहकारिता समितियों के सदस्य, जनप्रतिनिधि और सहकारिता विभाग के अधिकारी मौजूद रहे... इस दौरान सहकारिता मंत्रालय के पाँच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों पर चर्चा की गई.. कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित रहे... मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि देश की रीढ़ है और कृषि क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश की जीडीपी में भी उतनी ही वृद्धि होगी... सहकारिता के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाया जा सकता है और इसी सोच के साथ केंद्र सरकार सहकारिता आंदोलन को लगातार आगे बढ़ा रही है... उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा मिली है और इसका भविष्य बेहद उज्ज्वल है... अब सहकारी बैंकों के माध्यम से लोगों को 54 प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं... पहले सहकारी बैंकों से किसानों को 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था, जबकि अब शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है... प्रदेश में 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कृषि ऋण दिया गया है... डिजिटल बैंकिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.. माइक्रो एटीएम के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आसानी से नकद राशि निकाल पा रहे हैं... माइक्रो एटीएम से 20 हजार रुपये और एटीएम से 40 हजार रुपये तक की निकासी की सुविधा उपलब्ध है... केंद्रीय गृह मंत्री जब भी छत्तीसगढ़ आए, उन्होंने नक्सलवाद के साथ-साथ सहकारिता विभाग की भी समीक्षा बैठक ली... जिसकी वजह से पिछले दो वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास हुआ है...
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राम जन्मभूमि दानपात्र चोरी पर विशेष जाँच, कठोर दंड की मांग तेज

Noida, Uttar Pradesh:राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और भक्ति का केन्द्र बना है। अयोध्या में श्री रामलला मंदिर में रखे हुए दान पात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समूचे समाज और राम भक्तों की भावना एवं श्रद्धा को आघात पहुँचा है तथा इस घटना से हम सभी आहत हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह पूर्वक निवेदन पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जाँच दल का गठन कर उसकी अनुशंसा पर क़ानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की है। जाँच में जो भी दोषी पाए जाएँगे उन्हें कठोर दंड हो यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित संपूर्ण हिंदू समाज की न्यास से स्वाभाविक ही अपेक्षा है कि इस घोर निंदनीय घटना को असाधारण मान कर गंभीरता से व्यवस्था एवं संचालन की सभी कमियों को दूर करने हेतु परिणामकारक कदम उठाए ताकि अयोध्या मंदिर पर करोड़ों रामभक्तों की आस्था व श्रद्धा अखंड एवं अटूट बनी रहे। वर्तमान भ्रम और असमंजस की स्थिति समाप्त होनी चाहिए। इस दृष्टि से हमारी अपेक्षा है कि सभी आवश्यक पहल मंदिर प्रबंधन और शासन द्वारा गठित विशेष जाँच दल करेंगे। हमारा यह विश्वास है कि समुचित वित्तीय प्रबंधन, सुचारू संचालन हेतु निर्दोष पारदर्शी व्यवस्थाओं एवं शुद्धता और पवित्रता से परिपूर्ण धार्मिकता से ओतप्रोत वातावरण के द्वारा श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास हिन्दू समाज की आस्था एवं विश्वास को सुदृढ़ बनाये रखेगा。 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संपूर्ण हिन्दू समाज से भी आह्वान करता है कि इस कठिन क्षण में वह आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें तथा इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिन्दू विरोधी, राष्ट्र विरोधी शक्तियों के हिंदू धर्म एवं समाज को बदनाम करने के षड़यंत्रों को विफल करे। बाइट। दत्तात्रेय होसबोले। संघ सरकार्यवाह ।
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आधा घंटे की बारिश ने मथुरा के प्रमुख मार्गो को तालाब में किया तब्दील ,डोरी बाजार में दिखे बाढ़ हालात

DEEPAK KUMARDEEPAK KUMARFollow12m ago
Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा..आधा घंटे की बारिश ने मथुरा के प्रमुख मार्गो को तालाब में किया तब्दील ,डोरी बाजार में दिखे बाढ़ हालात, श्रद्धालु और स्थानीय लोगों ने स्थानीय प्रशासन की लापरवाही की वजह से योगी सरकार पर उठाए सवाल, कृष्ण की नगरी मथुरा में आधे घंटे की बारिश ने शहर के प्रमुख मार्ग और तिराहे चौराहे को तालाब में तब्दील कर दिया. मथुरा में जल भराव की समस्या नई समस्या नहीं, यह सालों से चली आ रही समस्या है ,चुनाव में जल भराव की समस्या को दूर करने के दावे राजनेता करते हुए नजर आते हैं ,लेकिन स्थिति अब तक जस की तस बनी हुई है, आधा घंटे की बारिश के बाद लोग किस तरीके से बेबस नजर आए यह तस्वीर है आप खुद देख लीजिए , जल भराव की वजह से किसी का स्कूटर बंद हो गया तो किसी की बाइक, किसी का ई रिक्शा तो किसी की कार,सब लोग इस जल भराव की से जूझते नजरआए. इतना ही नहीं नए बस स्टैंड के पास रेलवे लाइन को लोग जान जोखिम में डालकर जल भराव की वजह से क्रॉस करते हुए नजर आए, स्थानीय लोगों का कहना था कि राजनेता अपनी जेब भर रहे हैं ,जल भराव की समस्या से निदान नहीं मिल पा रहा, नलों की सफाई समय से नगर निगम नहीं करता, चारों तरफ निर्माण कार्य चल रहे हैं ,कहीं पीडब्ल्यूडी का ,तो कहीं नगर निगम का ,तो रेलवे भी निर्माण कार्य में पीछे नहीं है, नए बस स्टैंड और भूतेश्वर पर रेलवे के निर्माण कार्य की इस वजह से यातायात पहले से ही बाधित है, शहर में और चौराहे तिराहियों के पास चल रहे निर्माण कार्य की वजह से नालियां पहले से ही तहस-नहस्ती और नालों की सफाई भी ठीक नहीं हुई इस वजह से जल भराव होना माना जा रहा है, शहर के डोरी बाजार में तो बाढ़ जैसे हालात हो गए ,लोग दुकानों के पास खड़ी बाइक ओर सामान को पड़कर तेज बहाव में रोकते नजर आए, इस इलाके में देखा जाता है कि कई बार तेज बहाव बाइक और दुकानदारों के सामानों को भी यमुना में बाहर ले जाता है. कृष्ण की नगरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है ,और योगी सरकार लगातार यहां तीर्थ स्थलों के विकास में लगी हुई है, लेकिन यहां स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार विभाग जल भराव की समस्या दूर नहीं कर पा रहे , लोगों का कहना है कि जल-बभराव की समस्या का कोई स्थाई समाधान होना चाहिए, थोड़ी सी बारिश में ही शहर के तिहारी चौराहे पूरी तरह तालाब में तब्दील हो जाते हैं ,और यहां आने वाले श्रद्धालु सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हैं,
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जामताड़ा पुलिस ने तीन साइबर अपराधी गिरफ्तार, 7 मोबाइल और 6 सिम बरामद

Jamtara, Jharkhand:जामताड़ा पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान सात मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू कुमार मंडल (19), सोनू कुमार मंडल (30) और बंटी कुमार सेन (28) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, राजू कुमार मंडल लोगों के व्हाट्सएप पर फर्जी RTO ई-चालान APK भेजकर मोबाइल की गोपनीय जानकारी चुराता था, जबकि सोनू कुमार मंडल और बंटी कुमार सेन जियो सिम बंद होने का झांसा देकर रिचार्ज के नाम पर साइबर ठगी करते थे। इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 41/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि बंटी कुमार सेन के खिलाफ पहले से भी एक साइबर अपराध का मामला दर्ज है। आरोपियों का ठगी का नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ था।
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अतीक अहमद की सियासी सल्तनत यूपी चुनावों में बना रहा प्रभाव

Prayagraj, Uttar Pradesh:फिल्म धुरंधर..जिसमें अतीक अहमद एक बार सुर्खियों में था....भले ही पर्दे पर किरदार का नाम अतीफ था..लेकिन उसकी खौफनाक सत्लनत..रंगदारी..और अपराध का सम्राज्य देखकर यूपी की जानता और सियासतदानों का एक ही नाम याद आया..और वो नाम था माफिया अतीक अहमद का लेकिन इतिहास गवाह है कि बीजेपी की इस जीत के बाद भी अतीक अहमद का खौफ इतनी आसानी से खत्म नहीं हुआ था...अतीक अहमद भले ही सलाखों के पीछे बंद था..भले ही वो गुजरात की साबरमती जेल में दिन काट रहा था..लेकिन प्रयागराज की इस धरती पर उसका दखल कम नहीं था... वो जेल में रहते हुए भी फोन...अपने गुर्गों और अपने रसूख के दम पर चुनावों को प्रभावित करने की ताकत रखता था.. P T C - अतीक की सियासी सल्तनत को पहली चुनौती मिली साल 2005 के उपचुनाव में...जब बीएसपी के टिकट पर राजू पाल ने अतीक के भाई अशरफ को धूल चटा दी...राजू पाल के विधायक बनने के 3 महीने बाद ही अशरफ ने बदला लिया....क्योंकि उसे वो हार बर्दाश्त नहीं हुई और 25 जनवरी 2005 को सरेआम राजू पाल को गोलियों से भून दिया गया...
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