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SATISH KUMAR PARIHARSATISH KUMAR PARIHARFollow6 Sept 2024, 01:11 am
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खनन के NKJ यूनिट में आग, मीथेन खतरे के कारण सुरक्षा के लिए यूनिट बंद

Durgapur, West Bengal:খনির নীচে আগুন, সঙ্গে মিথেন গ্যাসের আশঙ্কা, নিরাপত্তার কথা ভেবে এবার বন্ধ হয়ে গেল ইসিএলের খান্দরা কোলিয়া-র নাগ কাজোড়া (NKJ) ইউনিট। বিক্ষোভে শ্রমিক সংগঠনের। ৩৭০ জন শ্রমিকের ভবিষ্যৎ অনিশ্চিত, কর্তৃপক্ষের ভূমিকা নিয়ে ক্ষোভ। বড় বিপদের আশঙ্কা ধসপ্রবণ এলাকায়। খনি বন্ধই কি একমাত্র সমাধান, নাকি আগেই ব্যবস্থা নিলে এড়ানো যেত এই পরিস্থিতি! কর্তৃপক্ষের ভূমিকা নিয়ে উঠছে প্রশ্ন। এই কোলিয়ারিতে উৎপাদনের হার ছিল ১৬০-১৮০ টন । যার মূল্য গড়ে ১২ লক্ষ টাকার মত। এই বিষয়টি নিয়ে সোমবার কোলিয়ারীর সমস্ত শ্রমিক সংগঠন মিলে কোলিয়ারি চত্বরে বিক্ষোভ প্রদর্শন করেন। CITU নেতা আহমেদ খাঁন জানান,, যদি পূর্বের এই কোলিয়ারীর আধিকারিক রা সঠিক নিরাপত্তা নিয়ে কোলিয়ারীর স্বার্থের কথা ভাবত তাহলে আজ এভাবে এই কোলিয়ারি বন্ধ হত না। তিনি বলেন তাঁদের দাবী কোলিয়ারি কর্তৃপক্ষের কাছে যে, এই কোলিয়ারীর কোনো শ্রমিককে অন্যত্র বদলি কড়া যাবে না, এলাকায় কোলিয়ারীর তরফে যে জল ও বিদ্যুতের ব্যবস্থা আছে তা বন্ধ কড়া যাবে না। এছাড়াও শ্রমিক সংগঠন গুলি কর্তৃপক্ষের কাছে জানতে চান যে এই কোলিয়ারিটি কতদিন পর আবার স্বাভাবিক অবস্থায় ফিরে এসে পুনরায় চালু হবে। আহমেদ বাবু জানান, কোলিয়ারি কর্তৃপক্ষ তাঁদের কাছে তিন মাসের সময় চেয়েছেন। তার মধ্যে সমস্যার সমাধান না হলে বৃহত্তর আন্দোলন হবে সমগ্র এরিয়া জুড়ে।
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पश्चिम बंगाल के अपार्टमेंट में दुर्गापूजा घोटाला, विवाद बढ़ा; नया कमिटी बनाने की मांग

Kolkata, West Bengal:মধ্যমগ্রামের একটি আবাসনে দুর্গাপুজো আয়োজনকে কেন্দ্র করে বিতর্ক ও ক্ষোভ চরমে পৌঁছেছে। আবাসিকদের একাংশের স্পষ্ট অভিযোগ, পূর্ববর্তী আর্থিক অনিয়ম ও পুজো তহবিলের দুর্নীতি ধামাচাপা দিতেই বহিরাগতদের টেনে এনে সাম্প্রদায়িক মেরুকরণের অপচেষ্টা চালাচ্ছে বর্তমান অসম্পূর্ণ পুজো কমিটি। জোরপূর্বক আবাসনের জমিতে প্যান্ডেল নির্মাণ ও প্রতিমা আনার অভিযোগ তুলেছেন গত বছরের পুজো কমিটির সম্পাদক । ওয়েস্ট বেঙ্গল অ্যাপার্টমেন্ট ওনারশিপ অ্যাক্ট-এর ধারা ৩৩জি অমান্য করে, বোর্ডের বৈধ অনুমতি বা সাধারণ আবাসিকদের সঙ্গে কোনো আলোচনা ছাড়াই জোরপূর্বক শিশুদের খেলার মাঠে প্যান্ডেল তৈরি করা হয়েছে। এমনকি নিয়মবহির্ভুতভাবে পুজোর প্রায় দুই মাস আগেই ভাদ্র মাসের বৃষ্টিমুখর দিনে গোপনে প্রতিমা এনে বসিয়ে দেওয়া হয়েছে বলেও অভিযোগ আবাসিকদের। গতবারের পুজо কমিটির সম্পাদক দেবাংশু মল্লিক এবং দীর্ঘদিনের আবাসিক মধুমিতা মুখার্জী ক্ষোভ উগরে দিয়ে জানান, আবাসনে দীর্ঘদিন ধরে পুজো হয়ে এলেও বিগত কমিটিগুলির আর্থিক হিসেবে ব্যাপক গরমিল ছিল। সম্প্রতি কম্প্রিহেন্সিভ অডিটের মাধ্যমে সেই দুর্নীতির প্রমাণ সামনে আসতেই অস্বস্তিতে পড়ে একটি বিশেষ গোষ্ঠী। গত বছর স্বচ্ছতা বজায় রাখতে পেশায় ব্যাঙ্কার এক মুসলিম আবাসিককে যোগ্যতার ভিত্তিতে কোষাধ্যক্ষ করা হয়েছিল এবং তাঁরই প্রচেষ্টায় ১৯ লক্ষ টাকার স্বচ্ছ অডিট রিপোর্ট প্রকাশ করা সম্ভব হয়। কিন্তু সেই হিসাব ও স্বচ্ছতার দাবিকে দমন করতে হিন্দু জাগরণ মঞ্চের মতো সংগঠনকে জড়িয়ে সোশ্যাল মিডিয়ায় বিদ্বেষমূলক ভুয়ো প্রচার চালানো হচ্ছে। অথচ সংশ্লিষ্ট ব্যক্তি নিয়মিত চাঁদা দেন এবং বহু বছর ধরে আবাসনের হিন্দু-মুসলিম সমস্ত পরিবার সৌহার্দ্যের সঙ্গে একসঙ্গে দুর্গাপুজো ও ইদ পালন করে আসছেন। আবাসিকদের আরও অভিযোগ, আবাসনের রক্ষণাবেক্ষণ ও পানীয় জলের জন্য ফ্ল্যাটপিছু ১০ হাজার টাকা দেওয়া সত্ত্বেও পানীয় জলের মান অত্যন্ত খারাপ, যার জেরে শিশু ও বয়স্করা অসুস্থ হয়ে পড়ছেন এবং চর্মরোগে ভুগছেন। সেদিকে নজর না দিয়ে কমিটির একাংশ স্বৈরাচারী মনোভাব নিয়ে সাধারণ বাসিন্দাদের ওপর জোরজুলুম চালাচ্ছে। অবিলম্বে বর্তমান ভঙ্গুর কমিটি ভেঙে সমস্ত সদস্যের উপস্থিতিতে নির্বাচনের মাধ্যমে নতুন কমিটি গঠনের দাবি জানিয়েছেন তাঁরা। একইসঙ্গে উৎসবের সৌহার্দ্য রক্ষা করতে এবং সরকারি নিয়ম মেনেই যেন প্রশাসন, পুলিশ ও দমকলের অনুমতি নিয়ে পুজো হয়, সেই দাবিতে প্রশাসনের জরুরি হস্তক্ষেপ দাবি করেছেন তারা।
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Belur में जल जमाव हल के लिए प्रशासन की कार्रवाई; नालियों की सफाई शुरू

Howrah, West Bengal:বেলুড়ে অবশেষে জমা জলের সমস্যার সমাধানের উদ্যোগ প্রশাসনের। দীর্ঘদিনের জমা জল ও বেহাল রাস্তার জেরে নাজেহাল হয়ে গত শনিবার বেলুড় স্টেশন রোড সংযোগকারী গুরুত্বপূর্ণ এম এল বি রোড বাঁশ দিয়ে ঘিরে পথ অবরোধে শামিল হন স্থানীয় ব্যবসায়ীরা। প্রায় সাড়ে তিন থেকে চার ঘন্টা পর প্রশাসন ও পুলিশের হস্তক্ষেপ এবং আশ্বাসে পর অবরোধ তুলে নেন ব্যবসায়ীরা। আজ সকাল থেকেই তৎপরতা দেখা গেল প্রশাসনের। জেসিবি মেশিন দিয়ে নর্দমার জমে থাকা ময়লা আবর্জনা তোলার কাজ শুরু হলো। রাস্তার দু'ধারে দোকানের সামনের নর্দমার ঢাকা সরিয়ে পরিষ্কারের কাজে হাতে লাগিয়েছেন বালি পুরসভার কর্মীরা। বাইট ১.. রাজা গোস্বামী (স্থানীয় বিজেপি নেতৃত্ব)
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रालोद ने 2027 विधानसभा के लिए बूथ-मैनेजमेंट मॉडल अपनाने की रणनीति दिखाई

Noida, Uttar Pradesh:एंकर उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों का बिगुल भले ही अभी दूर हो, लेकिन सियासी तपिश अभी से महसूस होने लगी है. राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपनी रणनीति में एक बड़ा और आक्रामक बदलाव किया है. लखनऊ में आयोजित पार्टी के एक अहम सम्मेलन में जयंत चौधरी ने अपने काडर के सामने 2027 का ब्लूप्रिंट पेश कर दिया है. रालोद सिर्फ रैलियों और बड़े नेताओं के भरोसे चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि बिल्कुल अपनी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के माइक्रो मैनेजमेंट की तर्ज पर बूथ स्तर तक अपना अभेद्य किला तैयार करेगी. जयंत चौधरी की इस नई रणनीति से एक बात बिल्कुल साफ हो गई है. रालोद अब 2027 के चुनावी रण में पारंपरिक राजनीति को छोड़कर भाजपा के सबसे सफल बूथ मैनेजमेंट मॉडल को अपना रही है. हर गांव, हर वार्ड और हर समर्थक तक संगठन की सीधी पहुंच बनाकर रालोद पश्चिमी यूपी के साथ-साथ पूरे प्रदेश में अपनी सियासी जड़ें और गहरी करने की फिराक में है. बाईट रोहित अग्रवाल प्रवक्ता रालोद ग्राफ़िक्स रालोद नेतृत्व यह भली-भांति समझ चुका है कि चुनाव विधानसभा क्षेत्र में नहीं, बल्कि बूथ पर जीते जाते हैं. इसी रणनीति को जमीन पर उतारने के लिए ‘टीम रालोद और टीम जयंत’ का गठन किया जा रहा है. इस नए संगठनात्मक ढांचे की चेन राज्य स्तर से लेकर सीधे गांव की पगडंडियों और वार्डों तक जाएगी: पिरामिड स्ट्रक्चर: इसमें सबसे ऊपर राज्य कमांड होगा, फिर जिला संयोजक, जिला कार्यकारी समिति, और सबसे निचले लेकिन अहम स्तर पर होंगे गांव/वार्ड संपर्क सूत्र और कार्यकर्ता. पीढ़ीगत बदलाव—पार्टी में एक नई ऊर्जा फूंकने के लिए युवा और नई पीढ़ी को संगठन से जोड़ने का महाभियान चलाया जा रहा है. ग्राफ़िक्स आउट— सीधी बात: इस पूरी टीम में सबसे अहम भूमिका जिला संयोजक की होगी. जिला संयोजक ही पूरे जिले में पार्टी के अभियान का नेतृत्व करेगा. उसका काम सांसदों, विधायकों और अनुभवी नेताओं के साथ तालमेल बिठाकर एक बेहद चुस्त जिला कार्यकारी समिति तैयार करना होगा. यही कोर टीम सुनिश्चित करेगी कि रालोद का झंडा और जयंत चौधरी का संदेश जिले के हर एक गांव और वार्ड तक पहुंचे. एक-एक वोटर को मतदान केंद्र तक लाने की जिम्मेदारी इसी ग्रासरूट नेटवर्क की होगी.
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बीकानेर नगर निकाय चुनाव: वार्ड 73 में त्रिकोणीय मुकाबला

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से चुनावी खबर निकाय चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन दिग्गजों ने ठोकी चुनावी ताल कांग्रेस और भाजपा के कई बड़े नेताओं ने दाखिल किया नामांकन यूआईटी के पूर्व चेयरमैन महावीर रांका ने वार्ड नंबर 75 से भरा नामांकन वहीं कांग्रेस से पूर्व मेयर मकसूद अहमद ने वार्ड नंबर 18 से दाखिल किया नामांकन सबसे ज्यादा रोचक बना वार्ड नंबर 73 का मुकाबला वार्ड 73 में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार, भाजपा-कांग्रेस के साथ निर्दलीय मैदान में कांग्रेस के नेता आनंद जोशी ने वार्ड 73 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भरा नामांकन दिग्गजों के मैदान में उतरने के साथ कई वार्डों में चुनावी मुकाबला हुआ दिलचस्प
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प्रतापगढ़ में निकाय चुनाव नामांकन आज अंतिम दिन; निर्दलीयों का भारी मुकाबला

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ में निकाय चुनाव के नामांकन दाखिल करने का आज अंतिम दिन है। अंतिम दिन बड़ी संख्या में प्रत्याशी अपने नामांकन पत्र जमा कराने के लिए रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय पहुंच रहे हैं। प्रत्याशियों के साथ उनके समर्थकों की भी भीड़ नजर आ रही है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कई दावेदारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है, जिससे चुनावी मुकाबला दिलचस्प होता नजर आ रहा है. निकाय चुनाव को लेकर प्रतापगढ़ में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन के अंतिम दिन रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में सुबह से ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की आवाजाही बनी हुई है। बड़ी संख्या में प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंच रहे हैं. इस बार भाजपा के भीतर बगावत के सबसे ज्यादा मामले सामने आते दिखाई दे रहे हैं। टिकट के दावेदारों के नाम पार्टी की अधिकृत सूची में शामिल नहीं होने के बाद कई नाराज दावेदारों ने बागी तेवर अपना लिए हैं। टिकट से वंचित कई दावेदार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरकर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के सामने चुनौती पेश कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस और भाजपा के अलावा आम आदमी पार्टी ने भी अपने प्रत्याशीों को चुनाव मैदान में उतारा है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी भी अलग-अलग वार्डों से ताल ठोक रहे हैं। ऐसे में कई वार्डों में मुकाबला बहुकोणीय होने के आसार बन गए हैं. नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। प्रत्याशी के साथ बड़ी संख्या में समर्थक रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के बाहर जुट रहे हैं। चुनावी माहौल को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके। आज नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद चुनावी मुकाबले की अंतिम स्थिति सामने आएगी। फिलहाल नामांकन के अंतिम दिन टिकट से नाराज दावेदारों के निर्दलीय मैदान में उतरने से राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ती नजर आ रही है.
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भिवाड़ी मेयर की लालबत्ती से VIP कल्चर पर सवाल उठे

Bagheri Kalan, Rajasthan:खबर - TV KHABER जिला - KHERTHAL_TIJARA विधानसभा तिजारा- रिपोर्टर - कुलदीप मावर लोकेशन-भिवाड़ी(खैरथल). देश में वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए साल 2017 में गाड़ियों से लालबत्ती हटाने का बड़ा फैसला लिया गया था। 19 अप्रैल 2017 को केंद्र सरकार ने लालबत्ती हटाने का निर्णय लिया और 1 मई 2017 से इस पर रोक लागू कर दी गई। इसके बाद प्रधानमंत्री से लेकर देश के तमाम बड़े नेता बिना लालबत्ती के सफर करते नजर आए। लेकिन अब भिवाड़ी में सामने आई एक तस्वीर ने लालबत्ती और वीआईपी कल्चर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुग्राम नगर निगम की मेयर राजरानी मल्होत्रा की बताई जा रही गाड़ी भिवाड़ी पहुंची, गाड़ी पर लालबत्ती लगी हुई दिखाई दी, खास बात ये रही कि गाड़ी अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने पहुंची, जहां भिवाड़ी नगर निकाय चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया चल रही थी और बड़ी संख्या में दावेदार नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब देश में वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए लालबत्ती के इस्तेमाल पर रोक लगाई चुकी है, तो आखिर मेयर की गाड़ी पर लालबत्ती किस नियम या अनुमति के तहत लगी थी। लेकिन ये तस्वीर से लगता है कि मेयर को पद के साथ सड़क पर अपना एक अलग रुतबा भी जमाना है। वही अब भिवाड़ी में मेयर की गाड़ी पर दिखाई दी लालबत्ती ने एक बार फिर उसी वीआईपी कल्चर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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चतरा में पुल के नीचे युवक का शव, हत्या की आशंका से क्षेत्र सनसनी

Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा के गड़िया गांव में पुल के नीचे मिला युवक का शव, हत्या की आशंका से इलाके में सनसनी चतरा जिले के राजपुर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गड़िया गांव में निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्र के पास पुल के नीचे एक युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। महज दो महीने के भीतर गांव में यह दूसरी वारदात है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मृतक की पहचान गड़िया गांव के ही 36 वर्षीय विजय यादव (पिता- स्व. धनेश्वर यादव) के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने सोमवार को पुल के नीचे शव देखा और पुलिस को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों को आशंका है कि विजय की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को यहां फेंका गया है। सूचना मिलते ही राजपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों की शिकायत, घटनास्थल के साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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रायसिंहनगर नामांकन के आखिरी दिन भारी भीड़ के बीच उम्मीदवारों ने दाखil किया नामांकन

Sri Ganganagar, Rajasthan:रायसिंहनगर में चुनाव के तहत नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन प्रशासनिक परिसर और आसपास के क्षेत्रों में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस गहमागहमी के बीच उम्मीदवारों ने रिटर्निंग अधिकारी पूनम चंद के समक्ष अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम समय तक राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बनी रही, क्योंकि दोपहर तक कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही प्रमुख दलों ने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक नहीं की थी। हालांकि, जिन प्रत्याशियों के टिकट तय हो चुके थे, उन्हें संगठन की ओर से व्यक्तिगत रूप से फोन कर समय पर नामांकन पत्र दाखिल करने की सूचना दे दी गई थी। इस दौरान नामांकन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों और आम जनता से सहयोग बनाए रखने की अपील की। वहीं सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर मुकलावा थाना अधिकारी हेमलता के नेतृत्व में रायसिंहनगर पुलिस थाने का भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
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लम्पी स्किन डिजीज का दायरा बढ़ा, अलवर-डौसा समेत कई जिलों में केस, कंट्रोल रूम सक्रिय

Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - बढ़ रहा लम्पी का दायरा, प्रशासन अलर्ट! - अब अलवर, दौसा में सामने आए केस - भरतपुर और डीग में वृहद स्तर पर तैयारी - ब्लॉक स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम - पशुओं को आईसोलेट करने पर जोर - टीकाकरण का टारगेट अचीव करने पर भी जोर एंकर लम्पी स्किन डिजीज रोग की रोकथाम, नियंत्रण और बचाव के लिए पशुपालन विभाग ने सतर्कता दिखाई है। गौवंश में बढ़ते लम्पी केसेज को देखते हुए पशुपालन विभाग ने धरातल पर केसेज की नियमित मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम बना दिए हैं। एक तरफ जहां भरतपुर जिला मुख्यालय पर जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। यह कंट्रोल रूम पॉलीक्लीनिक पशु चिकित्सा भरतपुर में कार्य करेगा। वहीं प्रत्येक तहसील और ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक स्तरीय कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। इन कंट्रोल रूम पर किसान-पशुपालक अपने बीमार पशुओं की सूचना दे सकेंगे। कंट्रोल रूम में मिलने वाली सूचना सम्बंधित ब्लॉक में भेजी जाएगी। इसके बाद विभागीय पशु चिकित्सकों की टीम पशुओं के उपचार के लिए पहुंचेगी। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे पशु में बीमारी के लक्षण दिखने पर उसे अन्य पशुओं से आईसोलेट करें। साथ ही 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट को सूचना देकर भी चिकित्सकीय मदद हासिल कर सकते हैं। साथ ही तहसील यानी ब्लॉक स्तर के कंट्रोल रूम में सूचना देकर भी बीमार पशु को लेकर चिकित्सकीय मदद मांग सकते हैं। लम्पी स्किन डिजीज के कहां कितने केस - भरतपुर में अब तक 2593 केस, 3 पशुओं की मौत - डीग में अब तक 3682 केस, 1 पशु की मौत - रेणी, अलवर में 1 केस, कोई मौत नहीं - महवा, दौसा में 13 केस, कोई मौत नहीं वीओ- 2 पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव विकास एस भाले भी इस बीमारी के नियंत्रण को लेकर सख्त नजर आ रहे हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने सभी जिला कलक्टरों को पत्र लिखकर बीमारी से बचाव की दिशा में एकजुटता से कार्य करने के निर्देश दिए थे। पशुपालन विभाग बीमारी से प्रभावित जिलों में चिकित्सकीय और तकनीकी स्टाफ के अवकाश रद्द कर चुका है। वहीं अब सम्बंधित जिलों में पशुओं के मेले और हाट के आयोजन को लेकर भी रोक लगा दी गई है। पशुपालन विभाग ने भरतपुर में प्रत्येक सोमवार को लगाए जाने वाले साप्ताहिक पशु हाट पर रोक लगा दी है। चूंकि यह बीमारी पशुओं के आपसी संक्रमण से बढ़ती है, इसी वजह से पशु हाट और मेलों पर रोक लगाई गई है। वहीं पशुपालन निदेशालय स्तर से भी बीमारी से बचाव को लेकर नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। हालांकि अलवर में केस सामने आने के बाद विभाग की चिंता बढ़ी है और अब अन्य नजदीकी जिलों में भी मॉनिटरिंग बढ़ाई जा रही है।
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पैठणी पर बारकोड से नकली की रोक, महाराष्ट्र में नई पहल

Solapur, Maharashtra:सोलापूर ब्रेकिंग - महाराष्ट्राच्या पैठणीला येणार बारकोड, बनावट उत्पादनाला बसणार आळा - महाराष्ट्राच्या पैठणीला येणार आता बारकोड - पैठणीच्या बनावट उत्पादनाला आळा घालण्यासाठी राज्य सरकारचा महत्त्वपूर्ण निर्णय - सरकारच्या निर्णयामुळे महिलांना मिळणार ओरिजनल पैठाणी तर कारागिरांना मिळणार चांगली बाजारपेठ - महाराष्ट्राच्या प्रत्येक महिलांसाठी आनंदाची बातमी. महिलांना कायमच आवडणारी आणि महाराष्ट्राच्या संस्कृतीचे वैभव असणारी पैठणीचे ब्रॅण्डिंग करण्याच्या दृष्टीने राज्य सरकारने महत्त्वपूर्ण निर्णय घेतलाय. राज्यातील पैठणी उद्योगाला चालना देण्यासाठी राज्य सरकारने नव्याने धोरण आखले आहे. पैठणी ही राज्याच्या संस्कृतीचा आणि कलेचा भाग आहे. राज्य सरकारच्या वस्त्रोद्योग मंत्रालयाने पैठणीवर बारकोड लावण्याचा निर्णय घेतल्याची घोषणा वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे यांनी केली आहे. बाईट - संजय सावकारे ( वस्त्रोद्योग मंत्री ) ------------------------------------------ बारकोड मुळे काय घडणार हे पाहुयात बारकोड च्या माध्यमातून ही पैठणी कोणी विणली, कुठल्या धाग्यातून विणली गेली याची संपूर्ण माहिती मिळणार आहे. त्यामुळे महिला विकत घेत असलेली पैठणी खरी आहे का नाही याची ओळख आता एका क्लिकवर मिळू शकणार आहे. त्यामुळे बाजारात उपलब्ध असणाऱ्या बनावट पद्धतीच्या पैठणींना आळा बसणार असून प्रत्यक्षात कोरीव काम करणाऱ्या कारागिरांना आणि उत्पादकांना वाव मिळणार आहे. ------------------------------------------ पैठणीची वैशिष्ट्यपूर्ण नक्षी, रंगसंगती आणि हातमागावरील विणकाम यामुळे तिची वेगळीच ओळख निर्माण झाली आहे. मात्र बाजारात अस्सल पैठणीच्या नावाखाली बनावट किंवा यंत्रमागावर तयार होणाऱ्या साड्यांची विक्री होत असल्याने पारंपारिक कारागिरांसमोर मोठे आव्हान निर्माण झाले आहे. यामुळेच पैठणी उत्पादकांनी राज्य सरकारच्या या निर्णयाचे स्वागत केले आहे. बाईट - राजेश पवार ( पैठणी उत्पादक ) बाजारात पैठणी खरेदी करताना नेमकी कोणती पैठणी खरेदी करावी असा प्रश्न महिलांना पडत होता. मात्र आता राज्य सरकारच्या या निर्णयामुळे महिलांना पैठणी खरेदी करणे सुलभ होणार आहे. यासोबतच बारकोड च्या माध्यमातून पैठणीचे सर्व बारकावे समजणार असल्याने महिलांनी देखील राज्य सरकारच्या निर्णयाचे स्वागत केले आहे. बाईट - महिला एकीकडे आधुनिक तंत्रज्ञानाचा वाढता वापर आणि दुसरीकडे वर्षानुवर्षांची पारंपारिक हातमागाची कला या दोन्हींचा मेळ घालत महाराष्ट्राच्या पैठणीला आता बारकोडची नवी ओळख मिळणार आहे. बनावट उत्पादनाला आळा बसला आणि अस्सल पैठणी विणणाऱ्या कारागिरांच्या कष्टाला योग्य बाजारपेठ मिळाली तर पैठणीचा हा सांস্কृतिक वारसा पुढच्या पिढीपर्यंत अधिक सक्षमपणे पोहोचणार आहे. End P2C अभिषेक आदेप्पा, झी - 24 तास, सोलापूर
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