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Devendra RangireDevendra RangireFollow19 Aug 2024, 12:59 am
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बिल्हा में तेज रफ्तार माजदा 407 तीनों को कुचला, दो की मौत, चालक फरार

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। बिल्हा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार माजदा 407 ने सड़क किनारे खड़े तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक बाइक माजदा के अगले पहिए में फंस गई और वाहन बिजली के खंभे से जा टकराया। हादसे के बाद चालक माजदा को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। दर्दनाक सड़क हादसा बिल्हा थाना क्षेत्र के ग्राम भटगांव में हुआ बताया गया कि बरातु दास मानिकपुरी, प्रितम दास मानिकपुरी और चंदु दास मानिकपुरी बाइक से प्रदीप दास मानिकपुरी के घर पहुंचे थे। प्रदीप की गर्भवती बेटी से मुलाकात के बाद तीनों घर के सामने सड़क किनारे खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान सेवार की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहा माजदा 407 क्रमांक CG10 C 1868 अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े तीनों लोगों को चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक माजदा के अगले पहिए में फंस गई और माजदा बिजली के खंभे से जा टकराया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और घायलों को 112 की मदद से बिल्हा अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बरातु दास मानिकपुरी और प्रितम दास मानिकपुरी को मृत घोषित कर दिया, जबकि चंदु दास मानिकपुरी का इलाज जारी है। घटना के बाद माजदा चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने माजदा 407 को अपने कब्जे में लेकर धारा 106(1), 125(ए) और 281 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है। अब पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
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ललितपुर के नईबस्ती आजादपुरा मोहल्ले में ट्रांसफार्मर में आग, पूरी कॉलोनी अँधेरा

Lalitpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में जिला मुख्यालय के नईबस्ती आजादपुरा मोहल्ले में उस समय हड़कंप मच गया , जब एक बिजली का ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई । और देखते ही देखते ट्रांसफार्मर की आग धूं धूंकर जलते हुये ऊंची ऊंची लपटों में बदल गई । बताया जा रहा है कि ट्रांसफार्मर में आगबाबस से निकली 11 kv लाइन में शॉर्ट सर्किट के चलते लगी है , ट्रांसफार्मर में आग लगنے की वजह से पूरे मोहल्ले की बिजली भी गुल हो गई । काफी देर तक ट्रांसफार्मर में आग लगी रही ,जब विद्युत विभाग द्वारा लाईन को बंद करवाया गया और उसके बाद ट्रांसफार्मर में लगी आग को काबू में पाने की कोशिश की गई । कड़ी मशक्कत के बाद ट्रांसफार्मर की आग को बुझाया जा सका ।
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झांसी में ड्रग तस्करों के ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का बड़ा खुलासा, पुलिसकर्मी सहित आठ गिरफ्तार

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी के प्रेमनगर थानाक्षेत्र में पांच दिन पूर्व ड्रग तस्कर युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में कांस्टेबल समेत आठ लोगों को गिरफ्तार करते हुए ब्लैकमेलिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक पुलिसकर्मी के अलावा एक सामाजिक संस्था के पदाधिकारी भी शामिल हैं जो पुलिस कार्रवाई का भय दिखाकर ब्लैकमेलिंग का काम करते थे। ब्लैकमेलिंग की कोशिश में ही 13 सितम्बर को पिटाई होने से परवेज अली नाम के ड्रग तस्कर की मौत हो गई थी। इस मामले में प्रेम नगर थाने में तैनात कांस्टेबल आशीष सिंह के अलावा प्रियांश, जय श्रीवास्तव, साहिल मिश्रा, भूपेंद्र वंशकार, यश शिवहरे, अर्शिल खान और शनि नामदेव को गिरफ्तार किया गया है। झांसी के एसएसपी विकास कुमार ने बताया कि मृतक परवेज पर जम्मू कश्मीर में भी केस दर्ज है। ड्रग सप्लाई के लिए वह साहिल नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया था। घटना के दिन परवेज साहिल मिश्रा को ड्रग सैंपल दिखाने जा रहा था। जब वह सैंपल लेकर पहुंचा तो तीन गाड़ियों में सवार ग्यारह लोगों ने उसका वीडियो बनाते हुए पुलिस से पकड़वाने की धमकी दी। इस पर झगड़ा हुआ और दो लोगों ने परवेज को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई थी। एसएसपी ने बताया कि प्रियांश और साहिल दोस्त हैं। इनके अन्य साथी मिलकर राष्ट्रभक्त संगठन चलाते हैं। कांस्टेबल आशीष इन्हीं अभियुक्तों में से एक के घर में किराए पर रहता है। घटना के पहले सभी लोग रात में मिले थे और घटना के बाद भी मिले थे। जो साक्ष्य मिले हैं, उससे इस बात की पुष्टि होती है कि ये लोग ऐसे लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए पकड़ते थे। इस विवेचना में कांस्टेबल को भी अरेस्ट किया गया है。
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गणेश प्रतिमा वृक्षाकृति से पर्यावरण संदेश: शहर में उत्सव के साथ पौधे लगाओ

Narmadapuram, Madhya Pradesh:शहर में गणेश उत्सव धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में गणेश पंडाल सजाए गए हैं और समितियों द्वारा विभिन्न थीम पर भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इनमें कोठी बाजार में पर्यावरण संरक्षण की थीम पर वृक्ष की आकृति में स्थापित गणेश प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गणेश उत्सव समिति ने इस बार भगवान गणेश की प्रतिमा के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया है। प्रतिमा को वृक्ष का स्वरूप दिया गया है, जिसमें भगवान गणेश विराजमान हैं। यह आकृति लोगों को याद दिला रही है कि पेड़-पौधे मानव जीवन के साथ-साथ पूरे पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी हैं। वीओ01- समिति के सदस्यों का कहना है कि लगातार पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए गणेश उत्सव के दौरान लोगों को प्रकृति और पेड़ों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए यह थीम तैयार की गई है। समिति ने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया है। सदस्यों का कहना है कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना भी ہماری जिम्मेदारी है। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने घर, आसपास के क्षेत्र या किसी उपयुक्त स्थान पर कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। वीओ02- गणेश प्रतिमा के माध्यम से आने वाली पीढ़ी के लिए हरियाली बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश भी दिया जा रहा है। समिति का उद्देश्य है कि गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रहे, बल्कि समाज को प्रकृति संरक्षण के लिए भी प्रेरित करे। वृक्ष की आकृति में स्थापित गणेश प्रतिमा को देखने के लिए नर्मदापुरम सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण का संदेश देती यह प्रतिमा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। बाइट(A1)- मुन्नू दुबे ( श्रद्धालु ) बाइट(A2)- निष्ठा ( श्रद्धालु ) बाइट(A3)- संजय ( समिति सदस्य ) बाइट(A4)- कांता ( समिति सदस्य )
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ताला के बिगौड़ी में हत्या: 24 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार

Maihar, Madhya Pradesh:Maihar के ताला थाना क्षेत्र के ग्राम बिगौड़ी में आदिवासी युवक भैयालाल रावत की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक हत्या पुरानी रंजिश के चलते की गई थी. आरोपियों ने शराब पिलाने के बहाने मृतक को बुलाकर गला दबाकर कुएं में फेंक दिया. 16 सितंबर 2026 की रात करीब 8:30 बजे फरियादी मुकेश रावत ने देखा कि उसके चचेरे भाई भैयालाल उर्फ भैय्यन रावत के साथ अफसर खान, इस्माइल उर्फ पप्पू खान और अजमेर खान मारपीट कर रहे थे. आरोप है कि मारपीट के बाद भैयालाल को कुएं में फेंक दिया गया. शोर सुनकर मौके पर पहुंचे राजेश रावत और राकेश रावत की मदद से भैयालाल को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. सूचना मिलने पर ताला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया. पुलिस ने मामले में दर्ज कर जांच शुरू की. पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या करना स्वीकार किया. आरोपियों ने बताया कि मृतक को शराब पिलाने के बहाने बुलाया गया था, जिसके बाद उसका गला दबाकर कुएं में फेंक दिया गया. घटना के दौरान आरोपी अफसर खान का मोबाइल फोन कुएं में गिर गया था. पुलिस ने कुएं में मोटर लगाकर पानी बाहर निकलवाया, जिसके बाद मोबाइल बरामद कर लिया गया. पुलिस ने इसे विवेचना में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में लिया है. ताला थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय अनुसूचित जाति एवं जनजाति, सतना के समक्ष पेश किया है.
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जमुई के हरला गांव में आहर में डूबकर गौतम विश्वकर्मा की मौत, परिजनों में मातम

Jamui, Bihar:जमुई: सदर प्रखंड क्षेत्र के हरला गांव में शुक्रवार की शाम पैर फिसलने से आहर में डूबकर स्व: प्यारे विश्वकर्मा के पुत्र गौतम विश्वकर्मा की मौत हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से युवक के शव को आहार से निकाला गया और सदर अस्पताल लाया गया, जहां घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस द्वारा पोस्टमार्टم के लिए कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। मृतक के भाई राजू विश्वकर्मा ने बताया कि उनका भाई गौतम विश्वकर्मा आहार की ओर गया था। शौच के बाद पैर धोने के लिए आहार किनारे गया। इसी दौरान पैर फिसलने से वह आहर में गिर गया। काफी देर के बाद स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा गौतम विश्वकर्मा को निकाला गया और फौरन सदर अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। गौतम विश्वकर्मा की मौत के बाद पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल होने लगा। परिवार वालों के साथ-साथ गांव में भी मातम छा गया। मृतक गौतम विश्वकर्मा मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। उनकी पत्नी आरती देवी का बुरा हाल हो गया है, वे गहरी सदमे में है。
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खास महल जमीन पर प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान भारी हंगामा, पूर्व मंत्री ने आदेश मांगे

Hazaribagh, Jharkhand:कैंटोनमेंट मौजा स्थित करीब 50 डिसमिल खास महल जमीन पर शुक्रवार को प्रशासन की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। सदर अंचलाधिकारी सह खास महल पदाधिकारी आशुतोष कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम जेसीबी लेकर जमीन पर पहुंची थी। टीम ने वहां किए गए निर्माण और घेराबंदी को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसी बीच पूर्व मंत्री योगेंद्र साव मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करते हुए अधिकारियों से जमीन की स्थिति और कार्रवाई के आदेश को लेकर सवाल-जवाब शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। मौके पर योगेंद्र साव ने प्रशासन से जमीन के पुनर्ग्रहण यानी रिज्यूम संबंधी आदेश दिखाने की मांग की। उनका कहना था कि जमीन के नवीकरण के लिए उनके स्तर से आवेदन दिए गए हैं और मामले को लेकर राजस्व विभाग में प्रक्रिया चल रही है। साव ने खास महल मैनुअल का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिए बिना इस तरह की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि जमीन सरकार के नाम पुनर्ग्रहित हो चुकी है तो उसका लिखित आदेश दिखाया जाए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस मामले को लेकर उन्होंने राजस्व विभाग के वरीय अधिकारियों से भी बातचीत की है। दूसरी ओर, प्रशासनिक पक्ष का कहना है कि संबंधित भूमि खास महल की सरकारी जमीन है और इसके पुनर्ग्रहण की प्रक्रिया के तहत अभिलेख उपायुक्त एवं आयुक्त स्तर से सरकार को भेजे जा चुके हैं। मौके पर मौजूद अधिकारी ने कहा कि पिछले दो महीनों में प्रशासनिक टीम कई बार जमीन का निरीक्षण कर चुकी है। अधिकारी के अनुसार, जमीन पर हाल में पीसीसी सड़क, पशुओं के लिए खटाल और शेड का निर्माण किया गया है। प्रशासन का सवाल है कि जब जमीन को सरकारी भूमि बताते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया पहले से चल रही थी तो वहां नए निर्माण कैसे किए गए। कार्रवाई के दौरान जमीन पर सरकारी बोर्ड नहीं लगाए जाने का सवाल भी उठा। इस पर प्रशासन की ओर से बताया गया कि जमीन की सफाई के बाद सरकारी भूमि का बोर्ड लगाया जाएगा। यही सवाल अब पूरे मामले का एक अहम हिस्सा बन गया है। यदि जमीन सरकारी खास महल भूमि है तो उसका स्थायी सीमांकन, सरकारी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई, इसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा है। कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बहस काफी तीखी हो गई। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति कुछ देर के लिए धक्कामुक्की तक पहुंच गई और एक-दूसरे पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए गए। हालांकि, इन आरोपों को लेकर प्रशासन या पुलिस की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मौके पर साव ने अधिकारियों से कार्रवाई का लिखित आधार और जमीन के पुनर्ग्रहण का आदेश दिखाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार के स्तर से जमीन के संबंध में अंतिम आदेश हो चुका है तो वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे।
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