icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

SC के सवाल: गैर-भक्त भी_submitted_sub(Sub)रीमला परंपरा को चुनौती दे सकते हैं?

Noida, Uttar Pradesh:जब भगवान अयप्पा के भक्त नहीं, तो सबरीमाला मंदिर की परंपरा को चुनौती क्यों, SC का सवाल सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया है कि जो लोग भगवान अयप्पा के भक्त ही नहीं हैं, क्या वे भी मंदिर की परंपराओं को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं? अगर कोई ऐसा व्यक्ति चुनौती देता है तो क्या कोर्ट को उस पर सुनवाई करनी चाहिए! सुप्रीम कोर्ट के सामने सवाल जस्टिस नागरत्ना ने यह सवाल सबरीमला विवाद से उपजे से संवैधानिक सवालों पर विचार रही संविधान पीठ की सुनवाई के दौरान किया। 9 जजों की संविधान पीठ धार्मिक परंपरा और मौलिक अधिकार से जुड़े 7 सवालों पर विचार कर रही है। संविधान पीठ ने जो सातवां सवाल तय किया है , वो यही है कि क्या कोई ऐसा व्यक्ति भी किसी ऐसे धर्म /संप्रदाय की परंपरा को अदालत में चुनौती दे सकता है, जिसका वो खुद सदस्य नहीं है! मंदिर की परंपरा को किसने चुनौती दी यह सवाल इसलिए भी प्रासंगिक है कि क्योंकि साल 2018 में जिस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी उम्र की महिलाओं की मंदिर के एंट्री को इजाज़त दे दी थी, वो याचिका इंडियन लॉयर एसोसिएशन की ओर से दाखिल की गई थी आज जस्टिस नागरत्ना ने पूछा कि क्या यह संगठन भगवान अयप्पा के भक्तों का है।केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने इससे इंकार किया। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने सवाल किया कि जो लोग भगवान के भक्त नहीं है, जिनका मंदिर से कोई संबंध नहीं है,वो कैसे मंदिर की परंपरा को चुनौती दे सकते है। अगर ऐसे किसी संगठन ने ऐसी परंपरा को चुनौती देते हुए सिविल कोर्ट में केस किया होता तो वो मुकदमा याचिका दायर होने का उपयुक्त कारण न होने के तकनीकी आधार पर खारिज हो जाता! चीन जस्टिस की राय अलग सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संविधान पीठ जिन सवालो पर विचार कर रही है उनमें से एक सवाल यह भी है।जस्टिस नागरत्ना ने इस पर कहा कि सबसे पहले इसी सवाल पर विचार होना चाहिए जस्टिस नागरत्ना और एसजी तुषार मेहता के बीच चल रहे सवाल जवाब के बीच चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि साल 2018 में संविधान पीठ के फैसले में कहा गया था कि अगर कोर्ट के सामने कोई गम्भीर सवैंधानिक मुद्दा उठाया गया है तो कोर्ट इसमे दखल दे सकता है फिर चाहे याचिकाकर्ता को उस मुद्दे से कोई सीधा वास्ता न हो। अगर केस से सीधा सम्बंध होने पर ही सुनवाई के आधार माना जाता तो फिर तो यह याचिका सुनी नहीं जाती, 2006 में यह खारिज हो जाती। हालांकि चीफ जस्टिस ने साथ मे जोड़ा आर्टिकल 25 और आर्टिकल 26 के तहत दिए अधिकार धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े व्यक्तिगत अधिकार है। ऐसे मामलों के अमूनन वही कोर्ट आ सकता है, जिसका यह सवैंधानिक अधिकार बाधित हो रहा हो! याचिकाकर्ताओं का एतराज इस पर याचिकाकर्ताओं की पेश वकील इंदिरा जय सिंह ने कहा कि अगर कोर्ट को लगता है कि वो याचिका सुनवाई लायक नहीं थी तो फिर आगे इस रेफेरेंस पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वो ऐसी अर्जी दाखिल कर सकते है कि मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदों में एट्री मिले। याचिकाकर्ताओ की ओर से पेश दूसरे वकील राजीव धवन ने कहा कि बहुत सी महिलाएं ऐसी हो सकती है जो मंदिर जाना चाहती हो लेकिन इसके लिए कोर्ट आने से झिझकती हो । ऐसे में इस केस के याचिकाकर्ता संगठन ने ऐसी महिलाओं की बात कोर्ट में रखी है PIL के दुरुपयोग पर सरकार का एतराज सरकार का पक्ष रख रहे एसजी तुषार मेहता ने कहा कि क़ानून में जनहित याचिकाओं की शुरुआत ऐसे लोगों के लिए की गई थी जिनको क़ानूनी प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता था।लेकिन आज इनका सबसे दुरूपयोग हो रहा है। ख़ास एजेंडे के लिए जनहित याचिकाओं का इस्तेमाल हो रहा है।चीफ जस्टिस ने इससे सहमति जताते हुए कहा कि अदालत को ऐसी जनहित याचिकाओं को स्वीकार करते वक़्त सतर्क रहने की ज़रूरत है! धार्मिक परंपरा को अंधविश्वास कोर्ट नहीं करार दे सकता _sunvai के दूसरे दिन भी आज केन्द्र सरकार की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने दलील रखी। मेहता ने कहा कि कोर्ट यह तय नहीं कर सकता कि कोई धार्मिक परंपरा अंधविश्वास है या नहीं। अगर कहीं सुधार की गुंजाइश नज़र आती है तो यह विधायिका देखती है और ज़रूरत के मुताबिक उसे रोकने के लिए क़ानून भी लाया जाता है। जज सरकार की दलील से सहमत नहीं हालांकि जज इस दलील से सहमत नज़र नहीं आए। जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा कि कोर्ट यह तय करने का अधिकार रखता है कि कोई धार्मिक परंपरा अंधविश्वास है या नहीं। कोर्ट को ऐसी परंपराओं की न्यायिक समीक्षा का अधिकार है हालाकि बाद में इसे रोकने के लिए कानून लाना विधायिका का काम है। जस्टिस बागची ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति आर्टिकल 32 के तहत कोर्ट में याचिका दायर कर कहता है कि किसी जगह जादू-टोना का इस्तेमाल एक धार्मिक परंपरा के रूप में किया जा रहा है और विधायिका ने इस पर अभी कोई कानून नहीं बनाया है।तो क्या कोर्ट इसमे कुछ नहीं करेगा। क्या वो इसे रोकने का निर्देश जारी नहीं कर सकता!कोर्ट किसी भी धार्मिक परंपरा को इस कसौटी पर परख सकता है कि क्या वो स्वास्थ्य, पब्लिक आर्डर और नैतिकता के खिलाफ तो नहीं है! बेंच के सदस्य जस्टिस सुंदरेश ने भी कहा कि कई बार कोर्ट जानबूझकर दखल नहीं देता लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोर्ट के पास अधिकार नहीं है। अगर कोई सती जैसी गलत परंपरा हो तो कोर्ट दखल दे सकता है। हिंदू धर्म में कोई एक ईश्वर, एक ग्रंथ नहीं-SG तुषार मेहता ने कहा कि हिंदू धर्म मे बहुत विविधता है।कोई एक ईश्वर ,कोई एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है जिसके आधार पर तय किया जाए कि वो परंपरा अनिवार्य धार्मिक परंपरा है या नहीं। भगवान अयप्पा को भक्त चूंकि नैष्ठिक ब्रह्मचारी मानते है इसलिए वहां मंदिर में महिलाओं की एट्री को लेकर परंपरा है।हर देवता की अपनी ख़ासियत है। कोर्ट परंपरा को बदलकर देवता के मौलिक चरित्र को नहीं बदल सकता।
0
0
Report

TET विरोध: बालाघाट में हजारों शिक्षक रैली, ज्ञापन के साथ परीक्षा रद्द की मांग

Raebareli, Uttar Pradesh:TET परीक्षा के विरोध में जिले भर के स्कूलों से हजारों शिक्षक बालाघाट मुख्यालय पहुंचे. उन्होंने मुलना स्टेडियम में एक सभा की और उसके बाद तकरीबन एक किमी लंबी रैली निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया. यहां पर उन्होंने डिप्टी कलेक्टर प्रदीप कौरव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. उनकी मांग है कि शिक्षकों की जो योग्यता परीक्षा होनी है उसे रद्द किया जाए. शिक्षकों का कहना है कि यह उनकी गरिमा के साथ खिलवाड़ है. ऐसे में अगर परीक्षा लेनी है, तो कलेक्टर, तहसीलदार आदि सभी सरकारी अधिकारी कर्मचारी की लो सिर्फ शिक्षकों के साथ ही प्रयोग क्यों ? शिक्षकों का कहना है कि सिर्फ हम ही क्यों ई-अटेंडेंस लगाए. हमारी ही क्यों परीक्षा हो. बाकी तमाम अफसर और कर्मचारी क्यों नहीं दिखते हैं. हम देश की बुनियाद को मजबूत करने का काम करते हैं. हमारे पढ़ाए बच्चे आज तमाम सरकारी नौकरी में है. ऐसे में सरकार हमारी मांगों को मानना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है, तो आने वाले समय में राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन करने की चेतावनी दी है. इस विषय पर दो दिन पहले बालाघाट प्रवास पर आए जिले के प्रभारी मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री ने बयान दिया था कि सरकार ने केवल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया था, लेकिन अब सरकार वापस अपना पक्ष रखेगी. उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन इस विषय में निचले स्तर तक कर्मचारियों के बीच फैले संदेह को दूर करें. सरकार का तर्क है कि टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षक तय भर्ती नियमों का पालन कर सेवा में आए थे.
0
0
Report
Advertisement

ऑस्ट्रेलिया संसद में बाबा धीरेन्द्र शास्त्री ने विश्व शांति का संदेश दिया

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -आस्ट्रेलिया की 8 दिवसीय यात्रा में पहुंचे बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने वहां की संसद में विश्व शांति का संदेश दिया। यह पहला अवसर है जब किसी भारतीय संत ने आस्ट्रेलिया की संसद में सनातन संस्कृति और विश्व शांति का संदेश दिया है। इससे यह स्पष्ट है कि सनातन का विश्वास आस्ट्रेलिया की संसद तक पहुंच चुका है। बाबा बागेश्वर ने कहा कि जब मन में शांति होगी तभी विश्व की शांति की कल्पना की जा सकती है। अशांत मन से समाज और राष्ट्र में शांति नहीं आ सकती। राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा के साथ विश्व शांति की चर्चा शुरू हुई। आस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा स्थित संसद में बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का ऐतिहासिक संबोधन हुआ। उन्होंने पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया। बाबा बागेश्वर का यह ऑस्ट्रेलिया दौरा इसलिये खास माना जा रहा है क्योंकि यहां पहली बार किसी भारतीय संत ने ऑस्ट्रेलिया की संसद में आध्यात्मिक प्रवचन दिया। इस अवसर पर बाबा बागेश्वर ने कहा कि यहां के मूल निवासी, प्रशासन के अधिकारी और दुनिया के 150 करोड़ सनातनियों की ओर से धन्यवाद कि आप विश्व शांति की चर्चा के लिए इकट्ठा हुए हैं। उन्होंने ईरान-अमेरिका युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि मैं रास्ते में था तो पता चला कि मिडिल ईस्ट में जो युद्ध चल रहा था वहां सीजफायर हो गया। भगवान करे सीजफायर बना रहे। ऑस्ट्रेलिया की संसद से बैठकर हम इतना कह सकते हैं विवाद कोई रास्ता नहीं, संवाद रास्ता है। उन्होंने कहा कि विनाश करना है तो युद्ध को चुनो और विकास के लिए बुद्ध को चुनो। बागेश्वर महाराज ने कहा कि अंदर के तत्व को जान लेना ही शांति है। आप तब तक अशांत हैं जब तक कुछ पाने की इच्छा है। बड़े-बड़े राजा, नौकर चाकर रखने वाले लोग आशांत रहते हैं लेकिन साधु-संतों फकीरों को देखो, वे कितने शांत हैं। जब तक अतृप्त रहोगे अशांत रहोगे और जब तृप्त हो जाओगे तब शांत हो जाओगे। भारत ने पूरी दुनिया को परिवार की दृष्टि से देखा उन्होंने भारत की संस्कृति और सभ्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि हम बहुत गौरवशाली हैं और उस सनातन परंपरा से आते हैं जहां शांति से ही शुरुआत होती है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने सभी देशों को व्यापार की दृष्टि से देखा लेकिन भारत ने पूरी दुनिया को परिवार की दृष्टि से देखा। उन्होंने कहा कि स्त्रियों को दुनिया ने भोग्या की दृष्टि से देखा लेकिन हमने पूज्या की दृष्टि से देखा। संवाद ही एकमात्र रास्ता.. बाबा बागेश्वर ने ईरान और अमेरिका को शांति का संदेश देते हुए कहा कि सबसे बड़ी लड़ाई महाभारत हमारे देश में लड़ी गई और जिस जमीन पर महाभारत की लड़ाई लड़ी गई वह जमीन आज भी पड़ी है लेकिन जो लड़े वो सब निपट गए। इसलिए कहता हूं कि विवाद कोई रास्ता नहीं है। संवाद ही एकमात्र रास्ता है। बीडीयो -धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री -पीठाधीश्वर
0
0
Report
Advertisement

जिला अस्पताल में मां की ममता के लिए नन्हे हाथों ने घसीटी व्हीलचेयर खुल गई स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल।

Ashutosh TripathiAshutosh TripathiFollow12m ago
Manpur, Madhya Pradesh:जिले के मुख्य चिकित्सालय जिला अस्पताल उमरिया से एक एक मर्मस्पर्शी तस्वीर सामने आई है जिसने जिले भर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी पोल खोल कर रख दी है। बता दें कि विभाग के जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही को उजागर करता यह वीडियो दरअसल जिला अस्पताल उमरिया का है जहां पर एक छोटी बच्ची अपने हाथों से व्हीलचेयर घसीटती हुई नजर आ रही है इस वायरल वीडियो के बारे में बताया जाता है कि उक्त छोटी बच्ची अपनी मां के साथ जिला अस्पताल पहुंची थी जिनके पैर में चोट लगने के कारण वह चल फिर नहीं सक रही थी और जिला चिकित्सालय के गेट के पास ही बैठ गई ऐसे में वहां पर इस हेतु तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने भी उनकी कोई मदद नहीं की जिसे देखकर छोटी बच्ची ने अपनी मां के प्रति समर्पण और ममता दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाला और अस्पताल के भीतर जाकर खुद से व्हीलचेयर उठाकर अपनी मां के पास ले आई। इस तस्वीर ने जहां जिले के स्वास्थ्य महकमें की लापरवाही को उजागर किया है वहीं जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का झूठा राग अलापने वाले जिम्मेदारों को भी आईना दिखाया है देखना होगा कि इसके बाद भी जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होके थोड़ी सी शर्म आ पाती है अथवा वो सब कुछ जानकार भी बेजान और बेशर्म बने बैठे रहते हैं।
0
0
Report

नोएडा में पिकनिक के दौरान डूबने से एक युवक की मौत, रेस्क्यू जारी

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा, उत्तर प्रदेश: DCP नोएडा साद मिया खान ने बताया, "कुछ देर पहले थाना सेक्टर-126 क्षेत्र के पास से सूचना मिली कि कुछ युवक डूब गए हैं। तत्काल पुलिस, फायर डिपार्टमेंट, SDRF और NDRF की टीमें मौके के लिए रवाना हुईं और जो लड़के थे उन्हें रेस्क्यू किया गया। इसमें एक युवक की मृत्यु हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अन्य को पुलिस के द्वारा इसमें रेस्क्यू किया गया है। तथ्य प्रकाश में आए हैं कि ये लोग परीक्षा के बाद पिकनिक करने के लिए मौके पर आए थे और वहीं पर ये घटना घटित हुई है... पुलिक के द्वारा गहनता से जांच की जा रही है और विधिक कार्रवाई प्रचलित है..."
0
0
Report
Advertisement

सेज थाना: अवैध बजरी भंडारण-परिवहन की कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:बगरू (जयपुर) पुलिस थाना सेज की कार्रवाई अवैध बजरी भण्डारण और परिवहन पर की कार्यवाही एक ट्रैक्टर-ट्राली व बजरी भरने मे प्रयुक्त ट्रैक्टर-लोडर को किया जब्त बजरी भण्डारण व परिवहन करने वाला एक मुल्जिम गिरफ्तार थानाधिकारी उदय सिंह शेखावत के नेतृत्व में की गई कार्रवाई。 सेज थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और मौके से वाहन भी जब्त किए हैं। पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण के निर्देश व थानाधिकारी उदय सिंह शेखावत के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 250 फीट रोड, कलवाड़ा चौराहे के पास अवैध रूप से बजरी का भंडारण और परिवहन करते हुए एक आरोपी कृष्ण कुमार बैरवा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से अवैध बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और बजरी भरने में काम आने वाला ट्रैक्टर-लोडर जब्त किया है। आरोपी के खिलाफ बिना लाइसेंस बजरी भंडारण और परिवहन का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
0
0
Report

परिवहन आयुक्त के आदेश के बावजूद निजी फिटनेस सेंटर में 3 मिनट में फिटनेस चेक?

Jaipur, Rajasthan:काशीराम जयपुर। 10 मिनट तक वाहन की जांच करते हुए वीडियो रिकॉर्ड करें-आयुक्त। निजी फिटनेस सेंटर बिना जांच 3 मिनट में कर रहे वाहनों की फिटनेस। झुंझुनूं के GY फिटनेस सेंटर में बिना जांच बनाई जा रही फिटनेस। वाहन RJ18GD8003 के एक वीडियो में नियमों की पालना नहीं। गाड़ी के प्रवेश करने के बाद आधा दर्जन से अधिक जांच नहीं की गई। ब्रेक टेस्ट, साइड स्लिप, ज्वाइंट प्ले टेस्ट नहीं हुआ। स्पीडोमीटर/स्पीड गवर्नर टेस्टर, हैड लाइट टेस्ट, सस्पेंशन और वाहन की पॉल्युशन जांच भी नहीं की जा रही। 11 उपकरणों के जरिए होती हैं वाहनों की फिटनेस की महत्वपूर्ण जांच। लेकिन यहां वाहन की जांच में 3 मिनट का भी समय नहीं दिया जा रहा। जबकि 16 फरवरी को परिवहन आयुक्त ने निकाले थे सख्त आदेश। सभी मानकों पर जांच करने, 10 मिनट का वीडियो बनाने के आदेश। क्या ऐसे फिटनेस सेंटरों पर विभाग दर्ज करवाएगा एफआईआर ?
0
0
Report
Advertisement

कोटा में ऑनलाइन परीक्षा नकल गिरोह के 8 आरोपी गिरफ्तार, आरोपपत्र दाखिल

Kota, Rajasthan:KOTA RKपुरम थाना पुलिस ने ऑनलाइन परीक्षा नकल मामले में मिली एक ओर सफलता, 10हजार का इनामी आरोपी लोकेश प्रजापत को किया गिरफ्तार आयुष मंत्रालय भारत सरकार(CCRAS)द्वारा MTSपरीक्षा निजी कंपनी के माध्यम से IT एजुकेशन सेंटर पर आयोजित हो रही थी ऑनलाइन परीक्षा, केंद्र सरकार द्वारा निजी फर्म को परीक्षा आयोजन हेतु 23करोड़ का दिया था टेंडर, कोटा में संचालित था फर्जी सेंटर, ऑनलाइन नकल गिरोह षड्यंत्र में शामिल 8आरोपियों की हो चुकी अभी तक गिरफ्तारी, सभी आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में,4300पेज का आरोप पत्र हो चुका पेश, संबंधित सेंटर पर परीक्षा कराने का कोई अधिकृत दस्तावेज या कार्य आदेश नहीं मिला, राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ऑनलाइन परीक्षा में नकल जैसे संगठित अपराध को लेकर कोटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पूरे मामले में गहनता से अनुसंधान जारी, परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत आई सामने, शहर SPतेजस्वनी गौतम के नेतृत्व में DSPमनीष शर्मा टीम की कारवारी, ट्रेनी IPS सिद्धार्थ श्रीवास्तव के सुपरविजन में थाना इंचार्ज संतोष चंद्रावत टीम की कारवारी
0
0
Report

भगवा वस्त्रधारी बुजुर्ग के साथ बर्बरता,वीडियो वायरल

VIVEK DUBEYVIVEK DUBEYFollow15m ago
Etawah, Uttar Pradesh:इटावा से मानवता को शर्मसार करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भगवा वस्त्र पहने एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए कुछ दबंग नजर आ रहे हैं। बुजुर्ग को बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा जा रहा है और डंडों से बेरहमी से पीटा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि वीडियो में दो पुलिसकर्मी भी दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वे इस पूरी घटना के दौरान मूकदर्शक बने खड़े रहते हैं और बुजुर्ग को बचाने की कोई कोशिश नहीं करते। बताया जा रहा है कि यह वीडियो इटावा रेलवे स्टेशन परिसर का है, हालांकि इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। इस घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पीड़ित बुजुर्ग कौन हैं, आरोपियों की पहचान क्या है और यह घटना कब की है। हम इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करते, लेकिन यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top