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फुनगा में ग्रामीणों, किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, समस्याओं के समाधान की मांग
Anuppur, Madhya Pradesh:आज फुनगा तहसील प्रांगण में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, मजदूर और कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए। ये सभी लोग फुनगा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन से समाधान की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याओं के तत्काल हल की अपील की।
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एमएसपी घोषित करना पर्याप्त नहीं, कोर्ट मांगता है मजबूत सरकारी खरीद व्यवस्था
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के रवैये पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि केवल एमएसपी घोषित कर देना पर्याप्त नहीं है। यदि किसानों को बाजार में समर्थन मूल्य पर खरीदार नहीं मिल रहे हैं तो सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रभावी खरीद व्यवस्था उपलब्ध कराए। कोर्ट ने राजस्थान में संचालित सरकारी खरीद केंद्रों, खरीद एजेंसियों और उनकी कार्यप्रणाली का पूरा ब्यौरा पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश मुन्नूरी लक्ष्मण और न्यायाधीश अनुरूप सिंघी की खंडपीठ भारतीय किसान संघ, राजस्थान प्रांत की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पूछा कि प्रदेश में एमएसपी पर फसलों की खरीद सुनिश्चित करने के लिए कितने खरीद केंद्र संचालित हैं और किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की गई है। कोर्ट ने इस संबंध में विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिका की ओर से अधिवक्ता रमनदीप सिंह खरलिया ने बताया कि राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1961 के तहत मंडी समितियों का दायित्व है कि किसानों की उपज घोषित एमएसपी से कम कीमत पर नहीं बिके। इसके बावजूद प्रदेश की कई कृषि मंडियों में विभिन्न फसलों की नीलामी समर्थन मूल्य से कम दरों पर हो रही है। याचिका में यह भी कहा गया कि खुली नीलामी के दौरान एमएसपी को आधार मूल्य नहीं बनाया जाता, जिससे कानून का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि गेहूं और धान की खरीद भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तथा अन्य फसलों की खरीद नेफेड, कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) सहित नामित एजेंसियों के माध्यम से की जाती है। ऐसे में सरकार यह स्पष्ट करे कि इन एजेंसियों के कितने खरीद केंद्र कार्यरत हैं और जिन क्षेत्रों में किसानों को एमएसपी नहीं मिल रही है, वहाँ सरकारी खरीद कैसे सुनिश्चित की जा रही है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने के लिए प्रभावी खरीद तंत्र सरकार की जिम्मेदारी है, केवल एमएसपी घोषित कर देना पर्याप्त नहीं। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त 2026 को होगी।0
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राजस्थान हाईकोर्ट: PTI ग्रेड-3 भर्ती 2022 पर पूर्व प्रभाव डिबार नहीं किया जा सकता
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने पीटीआई ग्रेड-3 भर्ती 2022 से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किए गए स्थायी डिबार (प्रतिबंध) आदेश को पूर्व प्रभाव (रेट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट) से लागू कर अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। न्यायाधीश कुलदीप माथुर ने एक साथ सुनवाई करते हुए कई याचिकाओं का निस्तारण किया और राज्य सरकार तथा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) को अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन कर, यदि वे वास्तविक पाए जाते हैं, तो मेरिट के अनुसार नियुक्ति देने के निर्देश दिए। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रिपुदमन सिंह राजपुरोहित ने बताया कि मामले के अनुसार, वर्ष 2018 की पीटीआई भर्ती में दस्तावेज सत्यापन के दौरान याचिकाकर्ताओं की बी.पी.एड. डिग्रियां वास्तविक नहीं पाई गई थीं, जिसके कारण उन्हें नियुक्ति नहीं मिली। हालांकि उस समय उनके खिलाफ न तो कोई आपराधिक मामला दर्ज किया गया और न ही उन्हें किसी परीक्षा से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया गया। बाद में अभ्यर्थियों ने यूजीसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों से नई बी.पी.एड. डिग्रियां प्राप्त कीं और वर्ष 2022 की पीटीआई भर्ती परीक्षा में सफल होकर अंतिम मेरिट सूची में स्थान बनाया। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने वर्ष 2018 के विवाद का हवाला देते हुए उनकी उम्मीदवारी पर आपत्ति जताई। आरएसएसबी ने 9 अप्रैल 2024 को उन्हें भविष्य की सभी परीक्षाओं से स्थायी रूप से डिबार कर दिया। कोर्ट ने पाया कि यह आदेश भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पारित किया गया तथा अभ्यर्थियों को न तो सुनवाई का अवसर दिया गया और न ही प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया गया। ऐसे में इस आदेश को वर्ष 2022 की भर्ती पर पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकत। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करना गंभीर मामला है और संबंधित प्राधिकारी कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन वैधानिक प्रक्रिया अपनाए बिना किसी अभ्यर्थी के अर्जित अधिकार समाप्त नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं के वर्तमान शैक्षणिक दस्तावेजों का चार माह में सत्यापन किया जाए। यदि दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो उन्हें उनकी श्रेणी की मेरिट के अनुसार नियुक्ति दी जाए। उन्हें पिछला वेतन नहीं मिलेगा, लेकिन वरिष्ठता उस तिथि से दी जाएगी, जिस दिन उनसे कनिष्ठ अभ्यर्थी को नियुक्ति मिली ।0
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सीकर में छत की रेलिंग टूटने से मजदूर की मौत
Sikar, Rajasthan:सीकर शहर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में छत की सीमेंट की रेलिंग टूटने से नीचे गिरने पर एक 55 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब मजदूर रात के समय छत की रेलिंग पर बैठा हुआ था। रेलिंग अचानक टूट गई और वह नीचे जा गिरा। गंभीर हालत में उसे उपचार के लिए SK अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उद्योग नगर थाने के ASI रंगलाल ने बताया कि मृतक की पहचान बंशीलाल मीणा (55) निवासी सेपरा गovar, जिला झुंझुनूं के रूप में हुई है। वह सीकर में मजदूरी करता था और भंवर कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, रात करीब 8 से 9 बजे के बीच बंशीलाल छत की सीमेंट की रेलिंग पर बैठा था। इसी दौरान रेलिंग भरभराकर टूट गई और वह उसके साथ नीचे गिर पड़ा। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने पर उसे तुरंत SK अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक अपने पीछे दो बच्चों का परिवार छोड़ गया है। मामले की जांच की जा रही है।0
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सीधी: दिव्यांग परिवार की घंटों सुनवाई नहीं, हस्तक्षेप के बाद अस्पताल में कार्रवाई
Sidhi, Madhya Pradesh:एंकर: सीधी में एक दिव्यांग परिवार की पीड़ा ने प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि चार दिव्यांग सदस्यों वाला परिवार सुबह से प्रभारी मंत्री से मिलने का इंतजार करता रहा, लेकिन घंटों बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार विधायक रीती पाठक के हस्तक्षेप और कलेक्टर के निर्देश के बाद रात में स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और जिला अस्पताल में प्रक्रिया शुरू कराई गई। देखिए यह रिपोर्ट... वीओ-1: गुरुवार को सीधी के सर्किट हाउस में ग्राम कुचवाही निवासी पंकज मिश्रा अपने चार दिव्यांग परिजनों के साथ सुबह करीब 11 बजे से प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल से मिलने पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि वे करीब 11 घंटे तक इंतजार करते रहे। शाम करीब 7:15 बजे जब प्रभारी मंत्री पहुंचे, तब भी उनकी फरियाद नहीं सुनी गई। आरोप है कि मंत्री आवेदन लिए बिना ही आगे बढ़ गए, जिससे पूरा परिवार मायूस हो गया। वीओ-2: इसी दौरान मौके पर मौजूद सीधी विधायक रीती पाठक ने परिवार की परेशानी सुनी। उन्होंने तत्काल आवेदन लिया और कलेक्टर विकास मिश्रा को पूरे मामले से अवगत कराया। कलेक्टर ने तुरंत सीएमएचओ डॉ. अशोक खरे को निर्देश दिए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और रात करीब 8 बजे जिला अस्पताल में दिव्यांगों की आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू कराई गई। वीओ-3: पीड़ित परिवार के मुताबिक, उनके छह सदस्यों में चार दिव्यांग हैं, जिनमें दो की दिव्यांगता 100 प्रतिशत है। इसके बावजूद पिछले तीन महीने से दिव्यांग पेंशन बंद है। यूडीआईडी नंबर जनरेट नहीं होने के कारण वे कई सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हैं। पंकज मिश्रा का कहना है कि मेडिकल बोर्ड नियमित रूप से नहीं बैठने के कारण वह पिछले एक महीने से जिला अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं और हर बार गांव से आने-जाने में करीब एक हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बाइट-1: पंकज मिश्रा, पीड़ित वीओ-4: मामले की जानकारी मिलने के बाद सीएमएचओ डॉ. अशोक खरे स्वयं सर्किट हाउस पहुंचे और दिव्यांग भाई-बहनों को जिला अस्पताल लेकर आए। उन्होंने कहा कि देरी क्यों हुई, इसकी जांच की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लगातार मेडिकल बोर्ड के लिए चक्कर लगाने की शिकायत गंभीर है और इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। बाइट-2: डॉ. अशोक खरे, सीएमएचओ, सीधी पीटीसी: 3आदर्श कुमार गौतम एक दिव्यांग परिवार सुबह 11 बजे से लेकर रात तक न्याय की उम्मीद में इंतजार करता रहा, लेकिन व्यवस्था तब जागी जब जनप्रतिनिधि ने हस्तक्षेप किया और कलेक्टर ने निर्देश दिए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि कुछ घंटों में समाधान की प्रक्रिया शुरू हो सकती थी, तो इस परिवार को तीन महीने तक सरकारी दफ्तरों और अस्पतालों के चक्कर क्यों लगाने पड़े? क्या संवेदनशील मामलों में सिस्टम बिना दबाव और हस्तक्षेप के काम नहीं करता? यही सवाल अब प्रशासनिक जवाबदेही पर खड़े हो रहे हैं।0
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इटारसी: ओएचई लाइन पर चढ़े युवक की दर्दनाक घटना, 70% तक झुलसा
Narmadapuram, Madhya Pradesh:जिले के इटारसी में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। आउटर पर खड़ी ट्रेन के ऊपर चढ़े एक युवक ने अचानक अपना हाथ हाईटेंशन ओएचई लाइन की ओर बढ़ा दिया, जिससे तेज धमाके के साथ करंट की चपेट में आ गया। हादसे के बाद युवक ट्रेन से नीचे गिर गया। मौके पर मौजूद यात्रियों और पुलिस ने उसे गंभीर हालत में इटारसी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए नर्मदापुरम जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। युवक करीब 70 प्रतिशत से ज्यादा झुलस चुका है। घायल युवक की पहचान 28 वर्षीय धन बहादुर के रूप में हुई है, जो नेपाल का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ मजदूरी करने के लिए गोवा जा रहा था। सफर के दौरान अचानक उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई और वह अजीब व्यवहार करने लगा। परिजनों के मुताबिक, दिल्ली से गोवा जाते समय जब ट्रेन इटारसी स्टेशन के पास सी-केबिन आउटर पर खड़ी थी, तभी धन बहादुर ट्रेन के ऊपर चढ़ गया। यात्रियों ने उसे ऊपर देखा तो मौके पर भीड़ जमा हो गई, लेकिन इससे पहले कोई कुछ समझ पाता, युवक ओएचई लाइन की चपेट में आ गया। तेज आवाज के साथ हुए हादसे में वह नीचे गिर पड़ा। घटना के बाद पत्नी नेहा और बच्चों का रो-रोकर बुरा हालत है। पत्नी ने बताया कि रास्ते में धन बहादुर अचानक अजीब बातें करने लगा था और फिर यह हादसा हो गया।0
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भूखी मछली ने कुछ ही सेकंडों में चारा निगल लिया
Noida, Uttar Pradesh:The hungry fish devoured the cast bait within seconds.0
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काशीपुर NH 74 पर काली गाड़ियों का काफिला मचा रहा हुड़दंग; वीडियो वायरल, पुलिस जांच शुरू
Jaspur, Uttarakhand:काशीपुर NH 74 पर काली गाड़ियों के काफिले ने हुड़दंग मचाया वीडियो वायरल पुलिस जांच में जुटी। NH 74, काशीपुर के पास कुछ काली गाड़ियाँ स्कार्पियो और थार से हाईवे पर निकलीं और काफिला इस तरह से चला कि अन्य गाड़ियाँ निकलने में परेशान हुईं। राहगीर ने घटना को अपने फोन में कैद किया जिसे अब सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। पुलिस इस वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुट गई है। काशीपुर क्षेत्र में NH 74 पर एक साथ कई गाड़ियाँ हाईवे का पूरा रास्ता घेरकर चल रही थीं और कुछ युवक गाड़ियों से बाहर निकल रहे थे, जिससे वाहनों को परेशानियाँ झेलनी पड़ीं। खबर के अनुसार हूटर की आवाज़ लगातार सुनाई दे रही थी।0
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plane par Wi-Fi se Argentina-Egypt match dekhte hue 187 yatri ek saath
Noida, Uttar Pradesh:A passenger bought Wi-Fi on the plane to watch the Argentina - Egypt match. In a short time, 187 passengers gathered around, following the match live together0
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पिगलेट्स के बार-बार लड़ने से नाराज़ सूअर ने दोस्त पर एक पिल्ला फेंक दिया
Noida, Uttar Pradesh:Fed up with his piglets constantly fighting, the pig hurled one of them at his friend.0
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हलफल-भदार नदी पर पुल न होने से पांच गांवों का आवागमन प्रभावित-ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
Manpur, Madhya Pradesh:*हलफल-भदार नदी पर पुल नहीं, पांच गांवों की जिंदगी ठप; 18 से 20 किमी अतिरिक्त सफर को मजबूर छात्र-छात्राएं, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी* मानपुर (उमरिया)। जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पड़वार स्थित हलफल-भदार नदी पर पुल का अभाव बारिश के मौसम में क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बन गया है। नदी में जलस्तर बढ़ते ही बचहा, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, भरौली और पड़वार सहित आसपास के गांवों का आवागमन प्रभावित हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, मुडगुड़ी, सलैया, कुंडी, बचहा और भरौली के विद्यार्थी पड़वार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन करते हैं। सामान्य दिनों में विद्यालय की दूरी मात्र 4 से 5 किलोमीटर है, लेकिन बरसात में नदी पार नहीं होने के कारण उन्हें अमरपुर होकर लगभग 18 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई बार विद्यालय पहुंचना भी संभव नहीं हो पाता। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान नदी में जलभराव के कारण पूर्व में भी कई अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं। उनका कहना है कि छात्र-छात्राओं ने अपनी पढ़ाई सुचारु रूप से संचालित कराने और पुल निर्माण की मांग को लेकर 'नदी बचाओ आंदोलन' का समर्थन किया था। ग्रामीणों के अनुसार, इस घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन द्वारा कुछ शिक्षकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि हलफल-भदार नदी के संगम क्षेत्र में जलभराव पहले की तुलना में अधिक हो रहा है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम कुंडी के पास बने स्टॉप डेम में किए गए अवरोध के कारण बरसात के दौरान पानी का भराव बढ़ा है। उनका कहना है कि इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ-साथ नदी किनारे स्थित किसानों की कृषि भूमि का कटाव भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हलफल-भदार नदी से जुड़े रेत समूहों से शासन को राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) मद अथवा अन्य उपयुक्त योजना से पुल निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र के हजारों लोगों और विद्यार्थियों को स्थायी राहत मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मौखिक एवं लिखित आवेदन देकर पुल निर्माण की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षकों पर कार्रवाई तो हुई, लेकिन पुल के अभाव में हर वर्ष हजारों छात्र-छात्राओं की प्रभावित होती पढ़ाई और भविष्य की चिंता प्रशासन ने नहीं की। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से बरसात के दौरान मौके का निरीक्षण कर शीघ्र पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्रीय नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।0
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नर्मदापुरम मूंग खरीदी के लिए किसान नर्मदा में सत्याग्रह, सरकार पर दबाव
Narmadapuram, Madhya Pradesh:एंकर नर्मदापुरम- नर्मदापुरम में अब किसान आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर किसानों का गुस्सा अब सड़कों से निकलकर नर्मदा के जल तक पहुंच गया है। समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। आंदोलन के चौथे दिन किसानों ने नर्मदा नदी में उतरकर तीन घंटे तक जल सत्याग्रह किया और सरकार को सीधी चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा। किसानों का आरोप है कि सरकार की खरीदी नीति उनकी मेहनत पर पानी फेर रही है। एक तरफ मूंग की पूरी फसल खरीदने की मांग है, तो दूसरी ओर महीनों पहले बेचे गए गेहूं का भुगतान भी अटका हुआ है। सवाल यह है कि आखिर अन्नदाता अपनी ही उपज का उचित दाम पाने के लिए कब तक संघर्ष करता रहेगा। भारतीय किसान संघ का आंदोलन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के चौथे दिन किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए नर्मदा नदी में उतरकर करीब तीन घंटे तक जल सत्याग्रह किया। नर्मदा मैया के जल में खड़े होकर किसानों ने समर्थन मूल्य पर 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग बुलंद की। जल सत्याग्रह के दौरान सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। किसानों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। भारतीय किसान संघ का आरोप है कि सरकार की मौजूदा खरीदी नीति किसानों के साथ अन्याय कर रही है। वर्तमान व्यवस्था के तहत प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग खरीदी जा रही है, जबकि नियमानुसार 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से खरीदी होना चाहिए। यदि यही व्यवस्था जारी रही तो बड़ी मात्रा में मूंग समर्थन मूल्य से बाहर रह जाएगी और किसानों को मजबूरी में मंडियों में 4500 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल जैसी कम कीमत पर अपनी उपज बेचनी पड़ेगी, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा।0
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महोबा में बारिश के बीच स्पोर्ट्स बाइक में आग लगने से पल्सर जल गई
Mahoba, Uttar Pradesh:महोबा ब्रेकिंग बारिश के बीच धू-धू कर जल उठी महंगी स्पोर्ट्स बाइक आसमान से बरसता रहा पानी, जमीन पर आग का गोला बनकर धधकती रही पल्सर सुहाने मौसम का आनंद लेने निकले युवक की खड़ी बाइक में अचानक उठी चिंगारी, मची अफरा-तफरी बारिश भी नहीं बुझा पाई आग, देखते ही देखते पूरी तरह खाक हुई बाइक तेज बारिश के बीच बाइक के इलेक्ट्रिक सिस्टम में खराबी से हादसे का अंदेशा हैंडपंप से पानी भरकर बुझाने की कोशिश हुई नाकाम, महोबा शहर के कीरत सागर तट का मामला。0
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विदिशा में राम मंदिर चढ़ावे के कथित घोटाले पर महिला कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा में राम मंदिर चढ़ावे के कथित चोरी के मामले को लेकर महिला कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। विदिशा शहर के माधवगंज चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने ढोल-मंजीरे के साथ भजन-कीर्तन कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी तथा सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। माधवगंज चौराहे पर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने भजन-कीर्तन कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा से चढ़ाया गया दान उनकी आस्था का प्रतीक है और उसमें कथित अनियमितता गंभीर मामला है। महिलाओं ने सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान भजन-कीर्तन और नारेबाजी के माध्यम से अपना विरोध जताया गया। नीतू सिंह राजपूत, महिला कांग्रेस नेत्री।0
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टीम वर्क का शानदार उदाहरण
Noida, Uttar Pradesh:A great example of team work.0
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जंगल के राजा जैसे शावक: मां ने नैप टाइम का फरमान सुनाया
Noida, Uttar Pradesh:Lil lion acting like the King of the Jungle… until his mom steps in and declares nap time0
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