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Anuppur484224

फुनगा में ग्रामीणों, किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, समस्याओं के समाधान की मांग

Sept 10, 2024 12:13:31
Anuppur, Madhya Pradesh

आज फुनगा तहसील प्रांगण में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, मजदूर और कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए। ये सभी लोग फुनगा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन से समाधान की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याओं के तत्काल हल की अपील की।

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JSJitendra Soni
Jan 27, 2026 08:24:46
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के कोटरा थाना क्षेत्र के कुरकुरू गांव में एक घटना घटित हुई, यहां एक 25 वर्षीय युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक अन्नी उर्फ जाविर ने सोमवार की देर शाम अपने घर के एक कमरे में रस्सी का फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बताया कि देर शाम जब उनकी नजर कमरे में लटके शव पर पड़ी तो पूरे घर में कोहराम मच गया। मौके पर परिजनों ने शव को काटकर उतारा, लेकिन तब तक अन्नी की मृत्यु हो चुकी थी। मृतक अन्नी एक मजदूर थे और मजदूरी करके ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके पीछे उनकी पत्नी और महज एक माह का बेटा है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि पत्नी और परिजन रो-रो कर अपना बुरा हाल कर रहे हैं। परिजन अभी तक इस मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। घटना की सूचना मिलते ही कोटरा थाने की पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य एकत्रित किए। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है。
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NJNaynee Jain
Jan 27, 2026 08:24:28
Noida, Uttar Pradesh:Rush hour at Penguin Highway
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NMNitesh Mishra
Jan 27, 2026 08:24:18
Dhanbad, Jharkhand:फाइव डे वर्किंग सहित अन्य मांगों को लेकर आज पूरे देश में निजी और सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसका असर धनबाद में भी साफ तौर पर देखने को मिला। जिले भर के सभी बैंकों के कर्मचारी एकजुट होकर सड़क पर उतरे और सरकार और वित्त मंत्री खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धनबाद के बैंक मोड़ स्थित एसबीआई शाखा परिसर में जिले के विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एकत्रित हुए। इस दौरान कर्मचारियों ने फाइव डे वर्किंग सिस्टम लागू करने, कार्यभार कम करने और अन्य लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के कारण जिले में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं। शाखाओं में ताले लटके रहे, जिससे आम लोगों को नकद निकासी, जमा, चेक क्लीयरेंस और अन्य बैंकिंग कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ा.
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RJRahul Joshi
Jan 27, 2026 08:23:57
Kota, Rajasthan:रामगंजमंडी, कोटा रामगंजमंडी में बदला मौसम का मिजाज रुक-रुक कर झमाझम बारिश से बढ़ी ठंड सर्द हवाओं से लोग ठिठुरने को मजबूर बाजारों में पसरा सन्नाटा, जनजीवन प्रभावित अचानक बारिश से किसान भी परेशान कृषि उपज मंडी में रखी धान की बोरियां भीगी मंडी परिसर और सड़कों पर भरा पानी किसानों को भारी नुकसान की आशंका एंकर...रामगंजमंडी में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया है। रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश ने जहां ठंड बढ़ा दी है वहीं सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। आमतौर पर चहल-पहल रहने वाले बाजार सूने दिखाई दिए और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। अधिकतर लोग ठंड और बारिश से बचने के लिए घरों में दुबके रहे जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। इधर अचानक हुई झमाझम बारिश ने किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। कृषि उपज मंडी में खुले में रखी धान की बोरियां बारिश में भीग गईं जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। बारिश के चलते मंडी परिसर और आसपास की सड़कों पर पानी बह निकला। अचानक बदले मौसम और बारिश ने जहां आम लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी, वहीं किसानों की मेहनत पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है।
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ASAJEET SINGH
Jan 27, 2026 08:23:38
Jaunpur, Uttar Pradesh:यूजीसी बिल के विरोध में जौनपुर सड़कों पर उबाल, सवर्ण समाज और करणी सेना का कलेक्ट्रेट पर महा प्रदर्शन जौनपुर। यूजीसी बिल के खिलाफ जौनपुर में मंगलवार को जबरदस्त विरोध की लहर देखने को मिली। सवर्ण समाज और करणी सेना के बैनर तले हजारों की संख्या में लोगों का जनसैलाब कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां छात्रों के हितों से जुड़ी नीतियों पर नाराज़गी जताते हुए प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी द्वारा लागू की जा रही नीतियां छात्र समुदाय के भविष्य के लिए नुकसानदायक हैं। मंच से संबोधित वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यह बिल शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाला “काला कानून” है, जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर करणी सेना और सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी बिल को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग के साथ चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार और विशेष रूप से भाजपा नेतृत्व से बिल को वापस लेने की अपील की। साथ ही कहा कि यह आंदोलन सिर्फ जौनपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कलेक्ट्रेट परिसर घंटों तक नारों से गूंजता रहा और भारी भीड़ के कारण सुरक्षा व्यवस्था भी तैनात रखी गई। प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि मांगों को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा।
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HKHARI KISHOR SAH
Jan 27, 2026 08:23:22
New Delhi, Delhi:आज देश भर में बैंक हड़ताल पर है इसलिए घर निकलने से पहले यह खबर पढ़ ले फिर घर से बाहर निकले. दरअसल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने देश भर में हड़ताल का ऐलान किया है जहां इस हड़ताल की वजह से आज 27 जनवरी को देशभर के सभी बैंक बंद हैं जहां कामकाज नहीं हो रहा है जिससे आज बैंक पहुंचने वाले लोगों ने नाराजगी जाहिर की है. बैंकिंग हड़ताल की वजह से आज लोगों का सारा काम ठप पड़ गया है. बैंक यूनियनों के मुताबिक, केंद्र सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) से लंबे समय से इस मुद्दे पर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक हमारी मांगों को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा सका है. यूनियनों का कहना है कि दूसरे सरकारी विभागों की तरह ही बैंकों में भी वर्क-लाइफ बैलेंस जरूरी है और 5 दिन कार्य सप्ताह सिस्टम लागू किया जाना चाहिए. इसी मांग को लेकर आज कर्मचारी बैंक के हड़ताल पर हैं.
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RCRAJVEER CHAUDHARY
Jan 27, 2026 08:23:00
Bijnor, Uttar Pradesh:UGC कानून का विरोध शुरू बिजनौर में UGC के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया। जनरल केटेगरी के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। UGC कानून वापिस लेने की मांग की गयी। कानून को नस्लवादी विरोधी बताते हुए प्रदर्शन किया गया। बिजनौर नुमाईश मैदान से लेकर कलक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया गया। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक इन दिनों UGC के नए नियमों को लेकर बड़ा बवाल हो रहा है. इससे General V/s OBC की एक नई बहस शुरू हो गई है. क्या है पूरा मामला? विवाद की वजह क्या है? समझिए. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों का उद्देश्य कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकना है। इन नियमों के तहत हर संस्थान में इक्वल अपॉर्च्युनिटी सेंटर बनाना होगा, जो भेदभाव की शिकायतों का समाधान करेगा। नियमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी को पीड़ित वर्ग माना गया है, जिससे विवाद और विरोध बढ़ गया है। बिजनौर जिले में आज स्वर्ण समाज के सैकड़ों लोग ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया है।
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VKVINOD KANDPAL
Jan 27, 2026 08:22:01
Haldwani, Uttarakhand:एंकर : उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लागू हुए आज 1 वर्ष हो गया है, UCC के 1 वर्ष पूरे होने पर हल्द्वानी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें हल्द्वानी नगर निगम के मेयर गजराज बिष्ट और जिलाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, इस दौरान स्वयं सहायता समूह के स्टाल भी लगाए गए, नगर निगम द्वारा UCC सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन के लिए कैंप भी चलाया गया, इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य में समान नागरिक संहिता कानून को एक वर्ष पूरा हो गया है इस दौरान संगोष्ठी की आयोजन के साथ-साथ बेहतर कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया जा रहा है। इसके अलावा समाज के प्रबुद्ध नागरिक, वकीलों और बार एसोसिएशन के सदस्यों सहित लॉ के छात्रों को भी UCC के बारे में व्यापक जानकारी मिले इस पर संगोष्ठी आयोजित की जा रही हैं, DM नैनीताल ने आम जनता से UCC के प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूक होने की अपील की है, बाइट : ललित मोहन रयाल, DM नैनीताल
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VKVIJAY KUMAR
Jan 27, 2026 08:20:24
Sirsa, Haryana:एंकर रीड देश में बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर सिरसा में भी पूर्णतय असर देखने को मिला है। सिरसा जिले के सभी सरकारी और निजी बैंकों में कामकाज ठप रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक शाखाओं के बाहर ताले लटके रहे और लेन-देन पूरी तरह से बंद रहा। चेक क्लीयरेंस, नकद जमा-निकासी, लोन फाइलें और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। हड़ताल के तहत सिरसा के बरनाला रोड पर बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर बैंक कर्मियों ने पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बैंक कर्मचारियों पर लगातार काम का दबाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन उसके अनुपात में सुविधाएं और अधिकार नहीं दिए जा रहे। बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है कि सप्ताह में 5 दिन काम और 2 दिन अवकाश की व्यवस्था लागू की जाए। कर्मचारियों का कहना है कि आज के दौर में बैंकिंग सेक्टर में काम का तनाव काफी बढ़ चुका है। लगातार लंबे समय तक काम करने से कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में 5 दिन कार्य प्रणाली लागू करना जरूरी हो गया है, ताकि कर्मचारी मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें। प्रदर्शन कर रहे बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार पर कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकार लगातार बैंकों के निजीकरण, स्टाफ की कमी और नई भर्तियों में देरी जैसे मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है। इससे न केवल कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, बल्कि बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। बैंक कर्मचारियों ने मीडिया से बातचीत करते हुए अशोक कंबोज , अनिल कुमार , रमेश कुमार ने बताया कि बैंक कर्मचारियों को एक हफ्ते में पूरा सप्ताह ही काम करना पड़ता है जिसके चलते वे लगातार तनाव में रहने को मजबूर हो जाते है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में एक हफ्ते में 5 दिन का वर्क होता है उसी तरह बैंकों में भी 5 दिन का वर्क होना चाहिए और दो दिन का अवकाश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से कई बार वो अपनी मांगों को लेकर गुहार लगा चुके है लेकिन सरकार ने उनकी मांग पर कोई गौर नहीं फ़रमाया है। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे केंद्र यूनियन के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हड़ताल सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि सरकार को चेताने के लिए की गई है। अगर अब भी सरकार ने बातचीत का रास्ता नहीं अपनाया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर आम जनता की बचत और लेन-देन की जिम्मेदारी बैंकों पर है। इसके बावजूद कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं, हड़ताल के चलते बैंक उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ी। कई लोग सुबह बैंक पहुंचे, लेकिन बंद शाखाएं देखकर निराश होकर लौट गए। खासतौर पर बुजुर्गों, पेंशनधारकों और व्यापारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। बैंक कर्मियों ने एक सुर में कहा कि वे टकराव नहीं चाहते, बल्कि सम्मानजनक कार्य प्रणाली और बेहतर कार्य वातावरण की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार बैंक कर्मचारियों की इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है, या फिर आने वाले दिनों में देशभर में बैंकिंग सेवाएं लंबे समय तक ठप रहने की आशंका बढ़ जाएगी।
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NJNaynee Jain
Jan 27, 2026 08:20:03
Noida, Uttar Pradesh:
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