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Ravikant SahuRavikant SahuFollow28 Sept 2024, 01:41 pm
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दिल्ली जेलों में QR स्कैन से जमानत के बाद रिहाई, कोर्ट ने निर्देश दिए

Noida, Uttar Pradesh:ज़मानत मिलने के बावजूद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी के मद्देनजर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली की सभी जेलों में सुपरिटेंडेंट अब आधार कार्ड का QR कोड स्कैन करके कैदियों और ज़मानतदारों की पहचान की पुष्टि करेंगे ताकि ज़मानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में बेवजह देरी न हो। ज़मानत मिलने के बावजूद 56 दिन जेल में! जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस साल फरवरी से 15 फरवरी तक के दिल्ली की विभिन्न जेलों के डेटा को देखा। बेंच ने कहा कि उसके सामने पेश आंकड़ो से साफ है कि ज़मानत का आदेश जारी होने के बाद जेल प्रशासन की ओर से दस्तावेजों और जमानतदारों के वेरिफिकेशन में अभी औसतन एक से दो हफ्ते का वक़्त लग रहा है। कई मामलों ने वेरिफिकेशन में इतना वक़्त लग गया कि कैदियों की रिहाई ज़मानत मिलने के बाद 33 दिन और यहां तक कि 56 दिनों बाद जाकर संभव हो पाई।हाई कोर्ट ने कहा कि अगर वेरिफिकेशन में इतना वक्त लग रहा है तो फिर ज़मानत के आदेश का महत्व ही खत्म हो जाता है। रिहाई में देरी क्यों! सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पहले जमानतदारों की पहचान और वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को उनके पते पर जाना पड़ता था। इसके अलावा वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए बैंकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना पड़ता था। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब बैंकों से ईमेल के माध्यम से वेरिफिकेशन कहीं ज़्यादा तेजी से हो पा रहा है। कोर्ट का आदेश कोर्ट ने दिल्ली की सभी जेल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया है कि वे जमानतदारों और कैदियों की पहचान की जांच आधार कार्ड के QR कोड को स्कैन करके करें। इसके लिए Aadhaar QR Scanner App, mAadhaar App और Aadhaar App का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहचान की पुष्टि जल्दी हो सकेगी और बेल मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी भी कम होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि जमानत के लिए जमा किए गए FD और दूसरे वित्तीय दस्तावेजों की जांच पहले की तरह बैंकों से ईमेल के ذریعے की जाएगी।
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दिल्ली हाईकोर्ट: आधार QR से जमानतधारी- कैदियों की पहचान तेज, रिहाई में देरी खत्म

Noida, Uttar Pradesh:ज़मानत मिलने के बाद भी अब जेल में नहीं रहेंगे कैदी! दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश, वेरिफिकेशन के लिए अपनाएं यह तरीका ज़मानत मिलने के बावजूद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी के मद्देनजर दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली की सभी जेलों में सुपरिटेंडेंट अब आधार कार्ड का QR कोड स्कैन करके कैदियों और ज़मानतदारों की पहचान की पुष्टि करेंगे ताकि ज़मानत मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में बेवजह देरी न हो। ज़मानत मिलने के बावजूद 56 दिन जेल में! जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस साल फरवरी से 15 फरवरी तक के दिल्ली की विभिन्न जेलों के डेटा को देखा। बेंच ने कहा कि उसके सामने पेश आंकड़ो से साफ है कि ज़मानत का आदेश जारी होने के बाद जेल प्रशासन की ओर से दस्तावेजों और जमानतदारों के वेरिफिकेशन में अभी औसतन एक से दो हफ्ते का वक़्त लग रहा है। कई मामलों ने वेरिफिकेशन में इतना वक़्त लग गया कि कैदियों की रिहाई ज़मानत मिलने के बाद 33 दिन और यहां तक कि 56 दिनों बाद जाकर संभव हो पाई।हाई कोर्ट ने कहा कि अगर वेरिफिकेशन में इतना वक़्त लग रहा है तो फिर ज़मानत के आदेश का महत्व ही खत्म हो जाता है। रिहाई में देरी क्यों! सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि पहले जमानतदारों की पहचान और वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए पुलिसकर्मियों को उनके पते पर जाना पड़ता था। इसके अलावा वित्तीय दस्तावेजों की जांच के लिए बैंक से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना पड़ता था। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब बैंकों से ईमेल के माध्यम से वेरिफिकेशन कहीं ज़्यादा तेजी से हो पा रहा है। कोर्ट का आदेश कोर्ट ने दिल्ली की सभी जेल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया है कि वे जमानतदारों और कैदियों की पहचान की जांच आधार कार्ड के QR कोड को स्कैन करके करें। इसके लिए Aadhaar QR Scanner App, mAadhaar App और Aadhaar App का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पहचान की पुष्टि जल्दी हो सकेगी और बेल मिलने के बाद कैदियों की रिहाई में होने वाली देरी भी कम होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि जमानत के लिए जमा किए गए FD और दूसरे वित्तीय दस्तावेजों की जांच पहले की तरह बैंकों से ईमेल के जरिए की जाएगी।
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शक्तिनगर में नशे में धुत पति ने पत्नी की गला दबाकर हत्या, आरोपी फरार

Obra, Uttar Pradesh:रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सोनभद्र के शक्तिनगर थाना क्षेत्र से सामने आई है। जहां नशे में धुत एक पति ने अपनी ही पत्नी की कपड़े से गला दबाकर निर्मम हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि दोनों ने करीब 25 वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था, लेकिन घरेलू विवाद और नशे की हालत में पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि आरोपी पति मौके से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस शव को कब्जे में लेकर पूरे मामले की जांच में जुट गई है। शक्तिनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत खड़िया बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक महिला की हत्या की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। बताया जा रहा है कि आरोपी पति नशे की हालत में घर पहुंचा था और किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पति ने कपड़े से पत्नी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि दोनों ने करीब 25 वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था, लेकिन इस दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल शक्तिनगर पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
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सहारनपुर में चार युवकों की गिरफ्तारी, पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश

Saharanpur, Uttar Pradesh:यूपी ATS और STF ने सहारनपुर से चार युवकों को गिरफ्तार कर पाकिस्तान से जुड़े एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. जांच एजेंसीयों के मुताबिक, यह मॉड्यूल पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्ठी और आतंकी नेटवर्क से जुड़ा था, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ और देश विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार कर रहा था. सहारनपुर में महकाब और शाहरुख के परिवारों ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए युवकों को निर्दोष बताया है. जांच एजेंसीयों के मुताबिक, आरोपियों के तार पाकिस्तान में बैठे कथित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े मिले हैं. साहारनपुर के सरसावा क्षेत्र के ढीक्का कला गांव के रहने वाले महकाब और शाहरुख के घरवालों को जैसे ही गिरफ्तारी का पता चला, वो सदमे में चले गए. उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा कि उनके बेटे ऐसी हरकतों में शामिल होंगे. गांव में हर तरफ गिरफ्तारी की चर्चा है, जबकि परिवारों ने अपने बेटों को पूरी तरह निर्दोष बताया है.घरवालों का कहना है कि उनके बच्चों का किसी आतंकी संगठन, पाकिस्तान या देश विरोधी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है. गांव वालों के अनुसार दोनों युवक बेहद साधारण परिवारों से आते हैं और मजदूरी कर अपने घर का खर्च चलाते थे. परिवारों के मुताबिक कुछ दिन पहले भी एटीएस दोनों युवकों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी. कई घंटों की पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था. इससे परिवारों को लगा कि मामला खत्म हो गया है, लेकिन बुधवार को एटीएस और एसटीएफ की टीम दोबारा गांव पहुंची और दोनों युवकों को लखनऊ ले गई. इसी दौरान मुजफ्फरनगर के गगनदीप और उत्तराखंड के मुशर्रफ को भी हिरासत में लिया गया. बाद में एजेंसियों ने चारों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए उनके कथित मंसूबों का खुलासा करने का दावा किया.महकाब के पिता हसरत ने बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह पिछले तीन महीनों से पंजाब के लुधियाना में वेल्डिंग का काम कर रहा था. महकाब आठवीं तक पढ़ा है और करीब 15 हजार रुपये महीना कमाकर परिवार की मदद करता था. वह तीन भाइयों में तीसरे नंबर का बेटा है.हसरत ने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा मेहनत मजदूरी करने वाला सीधा-सादा लड़का है और उसे मोबाइल चलाने तक की ज्यादा जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था, लेकिन अचानक दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे पूरा परिवार सदमे में है. परिवार का कहना है कि बकरीद के दिन घर में किसी ने ठीक से नमाज तक नहीं पढ़ी. शाहरुख के पिता इकराम ने भी बेटे को निर्दोष बताया. उन्होंने कहा कि शाहरुख केवल पांचवीं तक पढ़ा है और करीब डेढ़ महीने पहले देहरादून में टाइल और पत्थर लगाने का काम करने गया था. उसका काम एक राजमिस्त्री जैसा था. इकराम ने कहा कि अगर उनके बेटे को किसी तरह की विदेशी फंडिंग या गलत तरीके से पैसा मिलता तो परिवार की आर्थिक हालत बेहतर होती. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान से उनका क्या लेना-देना हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी कई मामलों में एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए लोग बाद में निर्दोष पाए गए हैं. हालांकि, परिवारों और गांववालों का कहना है कि इन युवकों को सोशल मीडिया की भी ज्यादा जानकारी नहीं थी. गांव वालों के मुताबिक, महकाब और शाहरुख दोनों ही मिलनसार और मेहनती स्वभाव के थे. वे कभी किसी विवाद में शामिल नहीं रहे और मजदूरी कर अपने परिवारों की मदद करते थे.
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सागर के शाहगढ़ वनपरिक्षेत्र में तेंदुए की मौत, पोस्टमार्टम से कारण स्पष्ट होगा

Sagar, Madhya Pradesh:वन्य जीव अभ्यारण में तेंदुए की मौत वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर , शाहगढ़ वनपरिक्षेत्र के बरायठा जंगल की घटना... एक बार फिर एक तेंदुए के जंगल में मृत पाए जाने पर हड़कंप मच गया है इसे स्वाभाविक मौत आई या फिर कोई और कारण है अब वन अमला इसका पता लगा रहा हैं सागर जिले के शाहगढ़ वनपरिक्षेत्र अंतर्गत बरायठा के जंगल ने नवीन वन्य जीव अभ्यारण में एक वयस्क तेंदुआ मृत अवस्था में मिला तेंदुए के सिर में गंभीर चोट होने की भी बात सामने आ रही है, बरायठा के जंगल में आलमपुर के पास नवीन घोषित डॉ भीमराव अंबेडकर वन्य जीव अभ्यारण में खूंखार वन्य जीव के मौत की खबर जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने वाली महिलाओं ने वन विभाग को दी थी, खबर मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे एवं मुआयना कर पशु चिकित्सकों से जांच कराई गई , वनपरिक्षेत्र अधिकारी के मुताबिक तेंदुए की मौत का कारण जांच रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा , तेंदुए का वनविभाग द्वारा पशु चिकित्सकों से पोस्टमार्टम कराया एवं मृत तेंदुए का जंगल में अंतिम संस्कार किया गया है।
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बेमेतरा में 31 मई को सामूहिक विवाह: मुख्यमंत्री के सहयोग से अनेक जोड़े बंधेंगे

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा ब्रेकिंग बेमेतरा में 31 मई को होगा सामूहिक विवाह का भव्य आयोजन। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कई जोड़े बंधेंगे विवाह सूत्र में। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की रहेगी विशेष मौजूदगी। कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि होंगे शामिल। बेमेतरा विधायक Dipesh Sahu भी इसी कार्यक्रम में करेंगे विवाह। आयोजन को जिले का ऐतिहासिक और खास कार्यक्रम माना जा रहा है। जिला प्रशासन बेमेतरा द्वारा कार्यक्रम की तैयारियां तेज। 31 मई को दोपहर 12 बजे से बेसिक ग्राउंड में होगा आयोजन। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और वेब मीडिया को दिया गया आमंत्रण। सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर जिले में उत्साह का माहौल。
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कटंगी में किसान-व्यापारी अपहरण के बाद गोली: पुलिस जांच जारी

Jabalpur, Madhya Pradesh:कटंगी के एक किसान ने अपने साथियों के साथ मिलकर गल्ला व्यापारी का अपहरण कर लिया और उसे अपने घर लाकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान व्यापारी गोली लगने से घायल हो गया। घायल को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। कटंगी पुलिस मामले की जांच कर रही है। शाहपुर निवासी राजा सिंह लोधी का कई किसान और व्यापारियों से रुपयों का लेनदेन था। इसी सिलसिले में बात करने के लिए कटंगी के पौड़ी डूंगरिया निवासी किसान सोहन सिंह अपने साथियों के साथ पाटन के ग्राम उड़ना पहुंचा और गल्ला व्यापारी रहा को अपनी कार में बिठाकर कटंगी स्थित अपने घर ले गया। वहां बातचीत के दौरान रहा को गोली लग गई। देसी कट्टे से गोली चली, जिससे व्यापारी घायल हो गया। घायल राजा को कटंगी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक होने पर मेडिकल में भर्ती कराया गया है। थाना प्रभारी पूजा उपाध्याय का कहना है कि मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और अलग-अलग एंगल से इस मामले की जांच की जा रही है.
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