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Ravikant SahuRavikant SahuFollow25 Aug 2024, 07:11 am
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न्याय न मिलने पर विषाक्त पदार्थ खाने की कोशिश: आगरा में बड़ा मामला

Agra, Uttar Pradesh:न्याय नहीं मिलने पर पीड़ित व्यक्ति ने खाया संदिग्ध पदार्थ विषाक्त कई बार गुहार लगाने के बाद पीड़ित ने आत्महत्या के उद्देश्य से विषाक्त न्याय नहीं मिलने की स्थिति में वीडियो वायरल कर आत्महत्या की दी थी धमकी, पीड़ित का आरोप दबंगों ने प्रशासन की मिली भगत से पैतृक जमीन कब्जाने लगवाए झूठे मुकदमे आरोप दबंगों ने एकजुट होकर पूर्व में किया था पीड़ित पर जानलेवा हमला पैर से हुआ विकलांग संदिग्ध विषाक्त खाने से पहले पीड़ित ने वीडियो प्रसारित कर लगाए गंभीर आरोप जहर खाकर आत्महत्या की सूचना पर दौड़ी पुलिस, ए ambulances द्वारा अस्पताल में कराया भर्ती इलाज जारी पुलिस ने प्रशासन के उच्च अधिकारियों से बात कर पीड़ित को दिया आश्वासन थाना पिनाहट क्षेत्र के द्वितीय नहर पंप हाउस के पास का मामला。
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मैनपुरी के खौफनाक सड़क हादसे में तीन की मौत, CM ने लिया संज्ञान

Mainpuri, Uttar Pradesh:स्लग - दर्दनाक सड़क हादसे में तीन की मौत, मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान (update) किशनी थाना क्षेत्र के किशनी कुसमरा मार्ग पर मोरम से भरे डंपर ने बाइक सवारों को कुचल दिया जिसमें तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, घटना इतनी भिभत्स थी कि हादसे के बाद सड़क पर पड़े शवों को सड़क से गुजरने वाले अन्य वाहन कुचलते और रौंदते रहे। तीनों मृतक कन्नौज जिले के छिबरामऊ के रहने वाले बताए जा रहे हैं और किशनी के जटपुरा में अपने रिश्तेदार के यहां शादी मैं शामिल होकर वापस जा रहे थे। पुलिस ने मृतक के जेब में मिले ड्राइविंग लाइसेंस से मृतको की पहचान की और परिवारिजनों को घटना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और परिवार के प्रति शोक संवेदना प्रकट कर अधिकारियों को निर्देशित किया है।
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फिरोजाबाद: शिकायत के बावजूद दो माह से भटक रहा प्रार्थी, समयबद्ध निस्तारण पर उठे सवाल

Ashwani SharmaAshwani SharmaFollow2m ago
Firozabad, Uttar Pradesh:**फिरोजाबाद: शिकायत के बावजूद दो माह से भटक रहा प्रार्थी, समयबद्ध निस्तारण पर उठे सवाल** फिरोजाबाद। सदर तहसील की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्रार्थी विशाल वर्मा द्वारा 29 जनवरी 2026 को उप जिलाधिकारी सदर सत्येंद्र कुमार को सौंपे गए शिकायत पत्र का दो माह से अधिक समय बीतने के बावजूद निस्तारण नहीं हो सका है। प्रार्थी का आरोप है कि वह लगातार तहसील के चक्कर काट रहा है, लेकिन हर बार उसे केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। विशाल वर्मा के अनुसार आवेदन करने से पूर्व उसने संबंधित लेखपाल ज्योति वर्मा से आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी ली थी। किराए के मकान में निवास करने के कारण उसे सलाह दी गई कि यदि उसके नाम क्षेत्र में कोई भूमि है तो बैनामा संलग्न कर आवेदन कर दे, जिससे कार्य पूरा हो जाएगा। प्रार्थी ने बताया कि उसने निर्देशानुसार बैनामा, आधार कार्ड, प्रमाण पत्र व फोटो सहित सभी दस्तावेज संलग्न कर आवेदन किया, लेकिन विभागीय प्रक्रिया के दौरान बिना किसी जांच के उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद से वह लगातार समाधान के लिए भटक रहा है। **समयबद्ध निस्तारण पर उठे सवाल** प्रदेश सरकार द्वारा शिकायतों के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इस प्रकरण में दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। इससे फरियादियों का भरोसा कमजोर होना स्वाभाविक है। **सरकारी मंशा पर असर** एक ओर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शासन प्रशासन को जवाबदेह और प्रभावी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ अधिकारियों की कार्यशैली इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। प्रार्थी ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और अपने प्रकरण के शीघ्र निस्तारण की मांग की है।* फिरोजाबाद। सदर तहसील की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। प्रार्थी विशाल वर्मा द्वारा 29 जनवरी 2026 को उप जिलाधिकारी सदर सत्येंद्र कुमार को सौंपे गए शिकायत पत्र का दो माह से अधिक समय बीतने के बावजूद निस्तारण नहीं हो सका है। प्रार्थी का आरोप है कि वह लगातार तहसील के चक्कर काट रहा है, लेकिन हर बार उसे केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। विशाल वर्मा के अनुसार आवेदन करने से पूर्व उसने संबंधित लेखपाल ज्योति वर्मा से आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी ली थी। किराए के मकान में निवास करने के कारण उसे सलाह दी गई कि यदि उसके नाम क्षेत्र में कोई भूमि है तो बैनामा संलग्न कर आवेदन कर दे, जिससे कार्य पूरा हो जाएगा। प्रार्थी ने बताया कि उसने निर्देशानुसार बैनामा, आधार कार्ड, प्रमाण पत्र व फोटो सहित सभी दस्तावेज संलग्न कर आवेदन किया, लेकिन विभागीय प्रक्रिया के दौरान बिना किसी जांच के उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद से वह लगातार समाधान के लिए भटक रहा है। **समयबद्ध निस्तारण पर उठे सवाल** प्रदेश सरकार द्वारा शिकायतों के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इस प्रकरण में दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। इससे फरियादियों का भरोसा कमजोर होना स्वाभाविक है। **सरकारी मंशा पर असर** एक ओर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शासन प्रशासन को जवाबदेह और प्रभावी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ अधिकारियों की कार्यशैली इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। प्रार्थी ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के
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कानपुर में महंगी कॉपी-किताबों से अभिभावकों का बजट बिगड़ा

Kanpur, Uttar Pradesh:कानपुर कॉपी किताबों को लेकर जी न्यूज का रियल्टी चेक महंगी किताबों से अभिभावक परेशान अभिभावकों ने कहा घर का बिगड़ गया बजट अभिभावकों का कहना है कि 35 हजार की तनख्वाह में 10 हजार की किताबें,उसके बाद फीस, कैसे चलेगा परिवार कानपुर के कल्याणपुर स्थित गार्डेनिया पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक परेशान नजर आए। अभिभावकों का कहना था कि इतनी कम तनख्वाह में बच्चों को कैसे पढ़ा पाएंगे। 10 से 15 हजार के बीच कॉपी किताबें मिल रही हैं ऊपर से फीस की बढ़ोतरी का बोझ है, अभिभावकों ने कहा कि कक्षा 4 की किताब का बिल 10 से 11 हजार रुपए बन रहा है वहीं नाइंथ और हाई स्कूल की किताब 10 से 15 हजार के बीच में बिल बन रहा है। जी मीडिया ने जब अभिभावकों से बात की तो तमाम अभिभावक जी मीडिया की कैमरे पर स्कूलों की सच्चाई बयां करते हुए नजर आए। वही स्कूल वालों ने स्कूल से अलग हटकर एक गेस्ट हाउस को किराए पर लेकर बुक स्टॉल सजा रखा है; नर्सीर्ट की किताबों के अलावा तमाम प्राइवेट पब्लिकेशन की बुक लगा रखी हैं जो महंगे दामों में बिक रही हैं जिससे अभिभावक परेशान नजर आए। वही जब बुक स्टॉल संचालक से बात करने की कोशिश की तो बुक स्टॉल संचालक कैमरे के सामने कुछ भी नहीं बोला。
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जयपुर के मावठा सरोवर में SDRF की मॉक ड्रिल, मानसून तैयारी मिली नजर

Jaipur, Rajasthan:राजधानी जयपुर की पर्यटन नगरी आमेर का प्रसिद्ध मावठा सरोवर उस समय सुर्खियों के केंद्र में आ गया जब स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम अचानक भारी उपकरणों और गोताखोरों के साथ सरोवर पर पहुंची देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई सरोवर में बोटिंग कर रहे पर्यटकों के बीच दहशत का माहौल बन गया और कई लोग तुरंत नावों से उतरकर किनारे की ओर पहुंचे कुछ ही मिनटों में मावठा सरोवर का शांत वातावरण आपातकालीन गतिविधियों में बदल गया वही SDRF के जवान लाइफ जैकेट रेस्क्यू रोप और अन्य आधुनिक उपकरणों के साथ पानी में उतरे और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया इस दौरान सरोवर के चारों ओर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक जमा हो गए हर किसी के मन में यही सवाल था—क्या कोई बड़ा हादसा हो गया है 2 गोताखोरों की तेजी से बढ़ी हलचल पर्यटक सहमे: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही SDRF के गोताखोर पानी में उतरे बोटिंग कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया कई पर्यटकों ने अपनी नावें तुरंत वापस किनारे की ओर मोड़ दीं जबकि कुछ लोग घबराहट में बिना पूरी जानकारी के ही नाव से उतर गए वही लोगों के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही थी कुछ पर्यटक अपने परिवार के सदस्यों को फोन कर स्थिति की जानकारी देने लगे वहीं कई लोग वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर लाइव अपडेट साझा करते नजर आए 3 मौके पर जुटी भीड़ हर नजर SDRF पर टिकी: घटना की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्रों से भी लोग सरोवर की ओर दौड़ पड़े कुछ ही देर में वहां मेले जैसा माहौल बन गया स्थानीय दुकानदार गाइड और पर्यटक सभी SDRF की गतिविधियों को टकटकी लगाकर देखते रहे कई लोगों ने इसे वास्तविक रेस्क्यू ऑपरेशन समझ लिया और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं—कहीं कोई डूब तो नहीं गया क्या कोई दुर्घटना हुई है 4 सस्पेंस खत्म—निकली मॉक ड्रिल: लगभग आधे घंटे तक चले इस सघन सर्च ऑपरेशन के बाद SDRF अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की बताया गया कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं बल्कि आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए की गई मॉक ड्रिल थी इस ड्रिल का उद्देश्य संभावित जल दुर्घटनाओं डूबने की घटनाओं और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना था 5 सब-इंस्पेक्टर रवि कुमार के नेतृत्व में अभ्यास SDRF टीम के सब-इंस्पेक्टर रवि कुमार के निर्देशन में पूरी मॉक ड्रिल को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया गोताखोरों ने पानी में उतरकर सर्च पैटर्न का अभ्यास किया वहीं रेस्क्यू टीम ने पीड़ित को सुरक्षित बाहर निकालने और प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया ड्रिल के दौरान समय प्रबंधन टीम कोऑर्डिनेशन और उपकरणों के उपयोग पर विशेष फोकस रखा गया 6 पर्यटन स्थल होने से बढ़ी जिम्मेदारी वरिष्ठ टूरिस्ट गाइड महेश कुमार शर्मा ने बताया कि मावठा सरोवर आमेर किले के ठीक नीचे स्थित है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं बोटिंग इस स्थल का प्रमुख आकर्षण है जिससे यहां हमेशा भीड़ बनी रहती है वही ऐसे में मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने और फिसलन जैसी स्थितियों के कारण हादसों की आशंका भी बढ़ जाती है SDRF द्वारा इस तरह की मॉक ड्रिल को सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है 7 स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस मॉक ड्रिल की जानकारी सामने आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने SDRF की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी तैयारियां समय की जरूरत हैं उनका कहना है कि अगर किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई हो तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं 8 कौतूहल के साथ सीख भी छोड़ गई ड्रिल—हालांकि शुरुआत में इस पूरी कार्रवाई ने लोगों को चौंका दिया लेकिन अंत में यह मॉक ड्रिल जागरूकता और सुरक्षा का संदेश देकर गई पर्यटकों ने भी SDRF टीम के कार्यों की सराहना की और कहा कि इस तरह के अभ्यास से प्रशासन की तैयारियों पर भरोसा बढ़ता है
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वन कर्मियों को संसाधन मिलेंगे: डूंगरपुर में रेस्क्यू किट और बाइक्स से सुरक्षा बढ़ेगी

Dungarpur, Rajasthan:हेडलाइन: अब संसाधनों से लैस होंगे वनकर्मी, वन्यजीव रेस्क्यू और गश्त के लिए विभाग ने उपलब्ध कराए वन्यजीव रेस्क्यू किट और बाइक्स एंकर इंट्रो: डूंगरपुर जिले में वन्यजीव संरक्षण और वन क्षेत्रों की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लंबे समय से संसाधनों की कमी का सामना कर रहे वनकर्मियों को अब विभाग की ओर से सशक्त किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले की सभी 6 रेंजों के लिए वन्यजीव रेस्क्यू किट और वन क्षेत्रों में गश्त के लिए 11 नई बाइक्स उपलब्ध कराई गई हैं। वनकार्मिको को आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने से वन्यजीवों और आमजन को राहत मिलेगी। बॉडी: डूंगरपुर जिले में अक्सर आबादी क्षेत्रों में पैंथर, जरख या अन्य वन्यजीवों के आने पर वनकर्मियों को संसाधनों के अभाव में रेस्क्यू करने में भारी मशक्कत करनी पड़ती थी। कई बार मांग करने के बाद भी संसाधन उपलब्ध नहीं हो रहे थे, लेकिन आईएफएस मोहित गुप्ता के डूंगरपुर जिले के उपवन संरक्षक का पद संभालने के बाद उन्होंने वनकार्मिको को आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने के प्रयास शुरू किये। इसके परिणामस्वरूप केम्पा स्कीम में डूंगरपुर वन मंडल को वन्यजीव रेस्क्यू किट व बाइक्स मिली हैं। डूंगरपुर वन विभाग के एसीएफ गौतम मीणा ने बताया कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए 6 रेंजों में रेस्क्यू किटों का वितरण कर दिया गया है। इस किट में मगरमच्छों को पकड़ने के लिए जाल, पैंथर (तेंदुए) के लिए विशेष पिंजरे और घायल वन्यजीवों के उपचार के लिए आवश्यक उपकरण शामिल हैं। इन संसाधनों के आने से वन विभाग अब वन्यजीव रेस्क्यू कार्यों को और भी बेहतर ढंग से करने में सक्षम हो गया है। दुर्गम रास्तों पर अब बाइक से होगी पैनी नजर: डूंगरपुर वन विभाग के एसीएफ गौतम मीणा ने बताया कि रेस्क्यू किटों के अलावा वन क्षेत्रों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए विभाग ने 11 नई बाइक्स बेड़े में शामिल की हैं। घने जंगलों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर जहां चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाते थे, वहां अब वनकर्मी इन बाइक्स के जरिए आसानी से पहुंच सकेंगे। समय पर गश्त होने से जंगल में होने वाली अवैध कटाई और शिकार जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा। खासतौर पर गर्मी के मौसम में वनों में लगने वाली आग की सूचना मिलते ही कर्मचारी कम समय में मौके पर पहुँच सकेंगे। उन्होंने बताया कि वन कर्मिको को वन्यजीव रेस्क्यू किट का वितरण तो कर दिया गया है, वहीं बाइक्स का रजिस्ट्रेशन करवाकर सभी रेंज को जल्द ही सौंप दी जाएगी। बाइट: गौतम मीणा, एसीएफ, डूंगरपुर वन विभाग के इस कदम से वन्यजीव संरक्षण और वन क्षेत्र की सुरक्षा में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। संसाधनों की इस बढ़ोतरी से जिले के वनकर्मियों में उत्साह है, क्योंकि इससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और फील्ड में आने वाली चुनौतियों का वे बेहतर ढंग से सामना कर पाएंगे। इसके साथ वनकर्मियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने से वन्यजीवों और आमजन को राहत मिलेगी। अखिलेश शर्मा जी मीडिया डूंगरपुर
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खूँटी में ट्रक पलटने से दो भाइयों की मौत, अनाथ हुए दो बच्चे

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी। स्लग - बाईक सवार दो भाइयों की पलटते ट्रक से दबकर मौत होने से अनाथ हुए दो बच्चे (अपडेट)। खूँटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र में सरबो गाँव के पास घुमावदार और ढलान भरे रास्ते पर देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार चावल लदा ट्रक ने बाइक सवार दो भाइयों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया और दोनों भाई उसके नीचे दब गए। मृतकों की पहचान सोदे गांव निवासी 30 वर्षीय बाबर खान और 26 वर्षीय शाहनवाज खान के रूप में हुई है। दोनों भाई मुर्गा-मुर्गी व मवेशी व्यापार करते थे और रनिया से अपने गांव लौट रहे थे। घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जबकि उपचालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई और पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों शवों का अंत्यपरीक्षण आज खूँटी में कराया। फिलहाल इलाके में इस हादसे के बाद शोक और आक्रोश का माहौल है। जहाँ दो बच्चे पिता के मौत पर अनाथ हो गये। वहीं एक घर से दो लोगों की जान चले जाने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक के बड़े भाई अकबर ने बताया कि दोनों छोटे भाई बाजार से लौटने के क्रम में सरवो मोड़ के पास सड़क के किनारे खड़े थे। इसी क्रम में चावल लदा ट्रक चपेट में ले लिया और उन दोनों के उपर ही पलट गया जिससे दोनों भाई दब गये जिन्हें अस्पताल लाया गया लेकिन चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। जिब्रेल मियां ने बताया कि सरवो घाटी के निकट हमेशा ही वाहन पलटता रहता है। जिससे अनेक लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन जिस प्रकार वाहन स्पीड चलता है इसपर लगाम लगाने की आवश्यकता है। जो काम प्रशासन नहीं कर रहा है।
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विंध्याचल धाम में गंगाजल से शुद्धिकरण: भक्तों की भारी भीड़ और घटाभिषेक

Ukhdand, Uttar Pradesh:मीरजापुर के विंध्याचल धाम में नवरात्र मेला संपन्न होने के बाद परंपरा के अनुसार माता के दरबार का गंगाजल से शुद्धिकरण किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पवित्र जल लाकर मंदिर की धुलाई और घटाभिषेक में भाग लिया। भाजपा नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने भी भक्तों के साथ मिलकर माता विंध्यवासिनी का गंगाजल से घटाभिषेक किया। गंगा घाट से मंदिर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने को मिली और पूरा क्षेत्र “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठा। धार्मीक मान्यता के अनुसार, नवरात्र के दौरान धाम में तंत्र-मंत्र साधना के उपरांत वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मंदिर का गंगाजल से शुद्धिकरण किया जाता है। माना जाता है कि इस प्रक्रिया से नकारात्मक शक्तियों, भूत-प्रेत, योगिनी आदि से मुक्ति मिलती है और क्षेत्र में सुख-समृद्धि बनी रहती है। आदिकाल से सिद्धपीठ रहे विंध्याचल धाम में देशभर से साधक और श्रद्धालु नवरात्र के दौरान साधना के लिए पहुंचते हैं। साधना पूर्ण होने के बाद स्थानीय पंडा समाज, नाई समाज, धईकार समाज सहित नगरवासी और भक्तगण मिलकर गंगा जल से मंदिर की धुलाई करते हैं। परंपरा के अनुसार, श्रद्धालु पहले गंगा स्नान कर घड़े की पूजा करते हैं, फिर उसमें गंगाजल भरकर माता के धाम तक लाते हैं और पूरे परिसर की साफ-सफाई व अभिषेक करते हैं। इस दौरान आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिलता है, जहां भक्त घड़े लेकर कतारबद्ध होकर मंदिर की ओर बढ़ते हैं। विधायक رत्नाकर मिश्रा ने बताया कि यह_pracheen परंपरा है, जिसमें सभी समुदायों के लोग मिलकर भाग लेते हैं। मंदिर की सेवा और सफाई कर भक्तों को आध्यात्मिक सुख और शांति की अनुभूति होती है। श्रीविंध्य पंडा समाज के तेजन गिरी ने कहा कि इस आयोजन में शामिल होकर श्रद्धालु आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं माता की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। मंदिर की धुलाई और निकासी से पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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मोदी के खिलाफ पोस्ट: मुजाहिद जमाल शेख को पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दी

Noida, Uttar Pradesh:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले एक व्यक्ति को पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दे दी। मुजाहिद जमाल शेख नाम के व्यक्ति पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर पोस्ट की थी। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री को बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को झुककर सलाम करते हुए दिखाया गया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि आरोपी का पहला कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उसके भागने या सबूतों से छेड़छाड़ करने की संभावना नहीं है। इस मामले के सबूत मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक हैं और आरोपी ने जांच में सहयोग किया है कोर्ट ने कहा कि आरोपी का मोबाइल फोन पहले ही जब्त किया जा चुका है और जिस सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया गया था, उसे जांच अधिकारी के कहने पर पहले ही बंद कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शेख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(4) (जालसाजी ) धारा 356(2) (आपराधिक मानहानि) धारा 353(2)( नफरत फैलाना के साथ साथ 2000) के साथ साथ आईटी एक्ट की धारा 66 भी लगाई गई थी। पुलिस का कहना था कि इस पोस्ट से समाज में तनाव या विवाद पैदा हो सकता है।हालांकि शेख के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि दिल्ली पुलिस की ओर से लगाई गई धाराएं गलत हैं।
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चंदौली: चार युवक लूट के आरोपी गिरफ्तार, नकद बरामद

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग :- चंदौली... - मारपीट कर लूट की घटना को अंजाम देने वाले को चकिया कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार - चार युवकों ने पहाड़ी के किनारे लूट की घटना को दिया था अंजाम - आरोपी चार लड़कों से पुलिस ने ₹25000 नगद कैश किया बरामद - नाबालिक लड़कों ने अपना शौक पूरा करने के लिए लूट की घटना को देते थे अंजाम - एक बाल अपचारी विभिन्न धाराओं में पहले से चल रहा था वांछित - एक अभियुक्त शिवा यादव तीन बाल अपचारी दिरेहू गांव के हैं निवासी - तीन दिन पूर्व नगद व 1359 रुपए ऑनलाइन गूगल पे के माध्यम से लूट की घटना को आरोपियों ने दिया था अंजाम - चकिया कोतवाली क्षेत्र के बैरा पहाड़ी के समीप की घटना.
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