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Shrawan Kumar Soni Zee Media PalamuShrawan Kumar Soni Zee Media PalamuFollow24 Oct 2024, 01:36 am
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पलामू के बरवाडीह-गढ़वारोड रूट पर मालगाड़ी हादसे में 15 वैगन उतरें; ट्रेनें बाधित

Babhandih, Jharkhand:पलामूः धनबाद Railमंडल के बरवाडीह-गढवारोड Railखंड के बीच रजहरा रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर पहले गुरूवार दोपहर बड़ा Rail हादसा हो गया। कोयला लदी एक मालगाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में मालगाड़ी की 15 वैगन पटरी से उतर गईं। घटना गुरूवार दोपहर करीब डेढ बजे के आस पास हुई। गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। लोग बाल-बाल बच गए। यह मालगाड़ी टोरी से मुगलसराय जा रही थी। फिलहाल यह हादसा किन कारणों से हुआ है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं पाई पाई है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के तमाम उच्च अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गयी है। इस दुर्घटना के कारण अप लाइन पर ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया है। रेलवे की टीम युद्ध स्तर पर काम में जुट गई है ताकि ट्रेक को जल्द से जल्द साफ कर ट्रेनों का परिचालन दोबारा सामान्य किया जा सके。 डलटनगंज के यातायात निरीक्षक अनिल कुमार तिवारी ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अप लाइन पर परिचालन सामान्य करने का प्रयास तेजी से किया जा रहा है। इधर, रेलवे की ओर से जारी किये गए बुलेटिन में रांची-सासाराम एक्सप्रेस और डेहरी ऑन सोन पैसेंजर को रद्द कर दिया गया है。
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देहरादून में मजार पर अवैध कब्जे हटाने की बड़ी कार्रवाई

Dehradun, Uttarakhand:एंकर देहरादून रेंजर्स कॉलेज मजार को लेकर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। गुरुवार को मजार के आसपास लगने वाला बाजार पूरी तरीके से हटा दिया गया है। आखिर क्या है पूरा मामला देखिए इस रिपोर्ट में भारत सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों को दस्तावेज प्रमाण के साथ उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करने की समय सीमा बढ़ाने के बावजूद सैकड़ों संपत्तियां ऐसी सामने आई है जोकि पोर्टल पर दर्ज नहीं की जा सकी है। ऐसा इस लिए हुआ है कि इन संपत्तियों के जरूरी दस्तावेज नहीं मिल रहे। ये भी जानकारी मिली है जिन संपत्तियों को पूर्व में वक्फ में दर्ज कर दिया गया था वो सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जे करके बनाई गई थी। उल्लेखनीय है कि वक्फ संपत्ति वो ही कहलाई जाती है जोकि किसी व्यक्ति द्वारा दान में दी गई होती है और उसकी आय से गरीबों का भला किया जाता हो। देहरादून की फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट कॉलोनी कॉन्वेंट रोड की मजार भी ऐसी संपत्ति के रूप में सामने आई है जोकि वक्फ में यूके डीडी 0334 चढ़ा दी गई,जबकि वो वन विभाग की सरकारी भूमि पर है。 अब जब भारत सरकार के उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करने का विषय आया तो मजार प्रबंधकों के पास उसके कोई दस्तावेज नहीं मिल रहे, मिलेंगे भी तो कैसे ? वो को दान संपत्ति तो है नहीं और सैय्यद जमाल शाह जिनके नाम की ये मजार है वो इस जमीन के न तो कभी वारिस थे न ही उनके कोई परिजन इसके स्वामी थे。 बताया जाता है कि सैय्यद जमाल शाह के नाम से अन्य स्थानों पर भी फ्रेंचाइजी मजारे बनी हुई है यानि ये स्पष्ट नहीं है कि उनकी असली मजार कौन सी है जहां उन्हें दफनाया गया हो。 फॉरेस्ट रेंजर्स कॉलोनी की इस मजार को लेकर तमाम सवाल भी उठते रहे है कि यहां आने जाने के लिए फॉरेस्ट अनुसंधान केंद्र की कॉलोनी वालो ने ही कई चोर रास्ते खोल रखे है क्योंकि यहां गुरुवार को भीड़ आती है। बाहर कॉन्वेंट रोड पर चादर, गोली प्रसाद, अगरबत्ती का धंधा यहां के खादिम परिवार के लोग चलाते है। खादिम यहां ताबीज बनाने ,झाड़ फूंक करने के बदले मोटी रकम वसूल कर अपना धंधा पानी चला रहे है।खास बात ये भी है इस अंधविश्वास के शिकार हिंदू लोग ज्यादा है क्योंकि मुस्लिम किसी भी मजार पर सजदा करने नहीं जाते वो खुदा के अलावा किसी के आगे नहीं सर नहीं झुकाते। बरहाल ये मजार सरकारी भूमि पर है और इसके खादिमों के पास इसके भूमि संबंधी दस्तावेज नहीं है, जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन अब इस पर नोटिस देने की कारवाई करने जा रहा है。 वॉक थ्रू मजार के बाहर से बाजार हटाने को लेकर पुष्कर धामी सरकार ने सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजारों को हटाने का काम तेज किया हुआ है अभी तक करीब 6 सौ अवैध मजारों को हटाया जा चुका है।
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Barabanki के नए CMO के शाही स्वागत पर DM ने जांच कमेटी गठित कर दी

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki जनपद के नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रंजन गौतम के कार्यभार संभालने के दौरान हुए 'शाही स्वागत' के वायरल वीडियो पर जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। सरकारी दफ्तरों में वीआईपी कल्चर को बढ़ावा देने वाली इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने न सिर्फ कड़ी नाराजगी जताई है, बल्कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का भी गठन कर दिया है। बाराबंकी जनपद के नए सीएमओ डॉक्टर रंजन गौतम के कार्यभार संभालने के दौरान हुए वायरल वीडियो पर, जब कर्मचारियों ने उनके स्वागत में रेड कार्पेट बिछा दी और फूलों की वर्षा की, तो इसे लेकर आम जनता में वीआईपी कल्चर और फिजूलखर्ची पर सवाल उठने लगे। इस पूरे विवाद पर सीएमओ डॉक्टर रंजन गौतम ने कहा कि उन्हें इस बात की पूर्व जानकारी नहीं थी; उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने भावनात्मक होकर ऐसा स्वागत किया था और वे भी ऐसे वीआईपी कल्चर के खिलाफ हैं। उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटना न हो। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, हम जनता के सेवक हैं, न कि दिखावे के लिए आये हैं। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि सरकारी कार्यालयों का माहौल पूरी तरह सादगीपूर्ण रखा जाएगा और इस मामले की जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। भविष्य में अधिकारी का ऐसा स्वागत नहीं होगा और न ही बड़े काफिले के साथ गाड़ियों का उपयोग होगा। इस एक्शन के बाद महकमे में हड़कंप मचा है।
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हापुड़: ग्राम नगला गंदू के चोरीकांड में 3 शातिर गिरफ्तार, 2.01 लाख रुपये बरामद

Hapur, Uttar Pradesh:हापुड़ की बहादुरगढ़ पुलिस ने ग्राम नगला गंदू में हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए 3 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है. 16-17 मई की रात को इन बदमाशों ने ग्राम नगला गंदू के 2 घरों में घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया था. पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी किए गए 2,01,200 रुपये नकद, अवैध असलहा और घटना में प्रयुक्त इको कार बरामद की है. एएसपी ने जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपी 'क्रिमिनल ट्राइब' से ताल्लुक रखते हैं और इनका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. इन पर मेरठ, गाजियाबाद और हापुड़ समेत अन्य जनपदों में चोरी, डकैती, गैंगस्टर और हत्या जैसे डेढ़ दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं. ये शातिर बदमाश चिन्हित जगहों को रेकी के बाद निशाना बनाते थे और इको कार के जरिए फरार हो जाते थे. फिलहाल पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है.
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हांसी में गोलगप्पा विक्रेता पर हमले के विरोध में परिवार धरने पर

Hansi, Haryana:हांसी में गोलगप्पा बेचने वाले युवक हरिश पर हुए हमले के विरोध में उसका परिवार न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया। घटना के दो दिन बाद शुरू हुए इस धरने में परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने की मांग की। लोग पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। हांसी के तिकोना पार्क क्षेत्र में गोलगप्पे की दुकान चलाने वाले हरिश पर हुए हमले के विरोध में उसका परिवार न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गया। घटना के दो दिन बाद शुरू हुए इस धरने में परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने की मांग की।लोग पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। घायल हरीश की पत्नी आरती देवी ने आरोप लगाया कि उनके पति पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने तिकोना पार्क क्षेत्र में लाठी-डंडों से बुरी तरह मारपीट की। हरीश ने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल के पिता दरिया सिंह ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों पर हत्या के प्रयास की धारा लगाई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि पुलिस अब तक अपेक्षित कार्रवाई करने में विफल रही है, जिससे परिवार में रोष है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं। वहीं आरती देवी और दरिया सिंह ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सीटी थाना प्रभारी सुखजीत सिंह ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाया जायेगा। बदमाशों को जल्द गिरफ्तार किया जायेगा।
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वार्ड 29 उपचुनाव: कांग्रेस ने शेख आजम की जीत से भाजपा को हराया

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 29 संजय गांधी नगर उपचुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर अपना गढ़ बचा लिया है। कांग्रेस प्रत्याशी शेख आजम ने भाजपा के वी. मधुसूदन राव को 1062 मतों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत हासिल की। इस परिणाम के साथ वार्ड में कांग्रेस का वर्षों पुराना वर्चस्व कायम रहा।चुनाव नतीजे सामने आते ही क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, मिठाइयों का वितरण और आतिशबाजी के बीच समर्थकों ने जीत का उत्सव मनाया। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता के भरोसे और संगठन की मजबूती की जीत बताया। इस चुनाव में स्वर्गीय शेख गफ्फार की विरासत भी बड़ा मुद्दा रही। क्षेत्रवासियों का मानना है कि गफ्फार साहब द्वारा वर्षों तक किए गए जनसेवा कार्यों का असर आज भी लोगों के दिलों में है। शेख आजम ने अपनी जीत को जनता के विश्वास और अपने पिता की सेवा भावना को मिला सम्मान बताया।राजनीतिक रूप से भी यह नतीजा अहम माना जा रहा है। भाजपा ने उपचुनाव में पूरी ताकत झोंकी थी, लेकिन इसके बावजूद उसे हार का सामना करना पड़ा। वार्ड 29 के परिणाम ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि जनता के साथ मजबूत जुड़ाव, भरोसा और निरंतर जनसेवा चुनावी समीकरणों पर भारी पड़ सकती है।
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डूडा बोरगांव में बुलडोजर, 8 आदिवासी परिवार बेघर—पुनर्वास की जद्दोजहद शुरू

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल। जिला मुख्यालय से लगे डूडा बोरगांव में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई ने 8 आदिवासी परिवारों की जिंदगी को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। वर्षों से जिस जमीन पर ये परिवार बसे थे,खेती कर अपने परिवार का पेट पाल रहे थे। आज उसी जमीन से उन्हें बेदखल कर दिया गया। बारिश से पहले की गई इस कार्रवाई में न सिर्फ इनके मकान तोड़े गए,बल्कि गृहस्थी का सामान फेंक दिया गया साथ ही खेतों में खड़ी फसल को भी जेसीबी से रौंद दिया गया। एक झटके में ये परिवार बेघर ही नहीं,बल्कि बेरोजगार भी हो गए हैं। अब इन आदिवासी परिवार की महिलाओं का रो रो कर बुरा हाल है。 पीड़ित आदिवासी परिवार की महिला केको बाई और श्यामलाल का कहना है कि वे 1980 से इस जमीन पर काबिज हैं और उनके पास इसके प्रमाण भी मौजूद हैं। वे लगातार प्रशासन से जमीन का पट्टा देने की मांग करते आ रहे थे। इतना ही नहीं,वे वर्षों से इस जमीन का जुर्माना भी भरते रहे हैं और कई बार ऑफलाइन व ऑनलाइन आवेदन भी कर चुके हैं。 गांव के सरपंच उत्तम उईके भी इन परिवारों के समर्थन में खड़े हैं। उनका कहना है कि ये परिवार पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और खेती कर जीवन यापन कर रहे हैं,लेकिन प्रशासन ने अचानक इन्हें अतिक्रमणकारी बताकर बेदखल कर दिया。 अब इन परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि रहेंगे कहां,खाएंगे क्या,बारिश सिर पर है और सिर से छत छिन चुकी है। छोटे-छोटे बच्चे,महिलाएं खुले आसमान के नीचे जिंदगी बिताने को मजबूर हैं。 वहीं इस पूरे मामले में बैतूल एसडीएम अभिजीत सिंह का कहना है कि डेम निर्माण में डूब क्षेत्र के बदले वन विभाग को प्लांटेशन के लिए 37 हेक्टेयर जमीन दी जा रही है,जिस पर कुछ परिवारों का अतिक्रमण था। कार्रवाई के दौरान इन परिवारों द्वारा कोई वैध पुराने दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए,इसलिए जमीन खाली करवाई गई。 एक तरफ प्रशासन नियमों का हवाला दे रहा है,तो दूसरी तरफ आदिवासी परिवार अपने हक और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। सवाल ये है कि अगर ये परिवार दशकों से यहां रह रहे थे,तो उनके पुनर्वास की व्यवस्था क्यों नहीं की गई,इस कार्रवाई के बाद आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी बड़ा रूप ले सकता है।
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Sirsa में भीषण गर्मी: तापमान 42–44°C, अस्पतालों ने तैयारियाँ तेज

Sirsa, Haryana:एंकर रीड जून का महीना शुरू होते ही सिरसा भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। सूरज की तपिश इस कदर बढ़ गई है कि दोपहर के समय बाजारों और सडक़ों पर सन्नाटे जैसा माहौल दिखाई देने लगा है। सुबह 10 बजे के बाद ही गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर देते हैं। अधिकतम तापमान लगातार 42 से 44 डिग्री सैल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री सैल्सियस से ऊपर रहने के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। हालात ऐसे हो गए है कि लोग अब गर्मी की चपेट में आने शुरू हो गए है हालाँकि स्वास्थ्य विभाग के सामने अभी कुछ ही मरीज गर्मी की चपेट में आये है लेकिन स्वास्थ्य विभाग फिर भी एहतियात के तौर किसी प्रकार की लापरवाही बरतने के मूड में दिखाई नहीं दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि हीट स्ट्रॉक से बचाव के लिए सिरसा जिला के सरकारी अस्पतालों में व्यापक प्रबंध किए गए है। पिछले हफ्ते नौतपा के दौर में भी मरीजों की संख्या कम थी। सिरसा के नागरिक अस्पताल में औसतन 800 से 1000 तक मरीजों की ओपीडी होती है लेकिन अभी गर्मी से रिलेटेड कोई खास हमारे पास ऐसे पेशेंट नहीं आए है। जून जुलाई महीने में गर्मी के बढ़ने की संभावनाओं पर विभाग के सीएमओ डॉ पवन कुमार ने बताया कि हेल्थ डिपार्टमेंट ने सिरसा के स्वास्थ्य विभाग को लोगों के लिए जरूरी एडवाइज़री जारी की है। इसके अलावा विभाग ने विभिन्न जगहों पर वाटर कूलर्स और मटकों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने लोगों के लिए एडवाइज़री जारी की है। अगर लोगों को कोई जरूरी काम नहीं हो तो अपने घरों से बाहर नहीं निकले। आपका काम जरूरी है तो ही आप अपने घर से निकलें और घर से बाहर निकलते हैं तो अपनी बॉडी को किसी बारीक कपड़े से कवर करके निकलें और अपना पानी साथ लेकर निकलें। पानी की बोतल साथ में रखें। अगर आपको कोई दिक़त होती है, कुछ होता है तो फिर आप हेल्थ विभाग और पुलिस को जरूर सूचित करें। गर्मी के मौसम को देखते हुए फ्रूट और जूस विक्रेता भी साफ सफाई का विशेष ध्यान रखे। पुराना फ्रूट ना रखें। पुराना फ्रूट को डिस्पोज ऑफ करें।
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काठन नदी में 8 वर्षीय रितेश की डूबकर मौत, बड़ामलहरा में शोक

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर के बड़ामलहरा की बंधा चौकी के काठन नदी में नहाने गए 8 वर्षीय बालक की नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक के पिता ने बताया कि उनका 8 वर्षीय पुत्र रितेश अहिरवार निवासी बंधा सुबह उनके साथ काठन नदी में नहाने गया था। नदी में नहा रहे सभी लोग बाहर आ गए, लेकिन रितेश बाहर नहीं आया। जब आसपास तलाश की गई तो वह नदी के बहाव में बहता हुआ दिखाई दिया। पिता के शोर मचाने पर वहां मौजूद ग्रामीण तुरंत सक्रिय हुए और गंभीर हालत में बालक को अपनी कार से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ामलहरा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मार्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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उन्नाव की युवती की हत्या: अस्पताल संचालक देवकांत उत्तम और भतीजे की साजिश उजागर

Unnao, Uttar Pradesh:स्लग - उन्नाव की युवती का कानपुर से अपहरण क़े बाद हत्या, शव बुलंदशहर में फेंका। उन्नाव की युवती की कानपुर में हत्या कर शव बुलंदशहर में फेंके जाने का मामला कुछ ऐसा है जैसे कोई क्राइम थीम बेस्ड वेब सीरीज, पूरी कहानी में लव सेक्स और धोखा तीनों का कॉकटेल है। हत्या आरोपियों और साजिश करने वालों ने कुछ ऐसी पटकथा लिखी की उन्नाव, कानपुर और बुलंदशहर तीन जनपदों की पुलिस मामले का खुलासा करने में हाफ गई। मूल रूप से उन्नाव और वर्तमान में बर्रा में रहने वाली युवती की अस्पताल संचालक देवकांत उत्तम से पहली मुलाकात वर्ष 2024 में हुई थी। उस समय युवती उन्नाव शहर में रहकर दरोगा भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 10 फरवरी 2024 को तबीयत खराब होने पर वो शेखपुरा स्थित उत्तम अस्पताल पहुंची। वहां देवकांत उत्तम ने कुछ देर में दवा दिलवाने की बात कह कर केबिन में बैठने को कहा। इस दौरान देवकांत उत्तम ने नाम, पता पूछा और युवती का मोबाइल नंबर ले लिया। कुछ देर बाद डॉक्टर आए और दवा भी ले ली, लेकिन इसी शाम देवकांत ने फोन करके युवती का हाल-चाल पूछ। इसके बाद कई दिनों तक हाल-चाल लेने के बहाने बात करता रहा। इसके बाद उसने युवती को मिलने बुलाया और गाड़ी में घुमाने लगा। शादी का झांसा देकर अपने फ्लैट पर ले गया जहां उसने शारीरिक संबंध बनाएं। इतना ही नहीं देवकांत युवती को मध्य प्रदेश के ओरछा लेकर गया वहां पर दोनों एक होटल में ठहरे। आरोप है कि वहां पर भी देवकांत ने युवती का शारीरिक शोषण किया। युवती जब भी शादी की बात करती तो समय सही न होने की बात बता आरोपी टाल देता। आरोप है कि अगस्त 2025 को कल्याणपुर की स्थिति एक अस्पताल में उसका गर्भपात भी करा दिया। ज़ब युवती ने मिलने से मना कर दिया तो देवकांत ने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला, इतना ही नहीं फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी भी देने लगा। युवती ने 19 मई को उन्नाव की सदर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन यहां पुलिस ने कोई भी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद देवकांत ने अपने भतीजे विवेक साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बना डाली। फिर 21 मई को युवती को देवकांत के भतीजे विवेक ने बुलाया और बर्रा बाईपास पर रैप चढ़ते समय स्कॉर्पियो गाड़ी के अंदर युवती की देवकांत ने गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को अपने शेखपुरा स्थित निर्माणधीन अस्पताल ले गया यहां देवकांत गाड़ी से उतर गया। उसका भतीजा विवेक और सिक्योरिटी गार्ड अजीत सिंह गाड़ी में लाश को लेकर 417 किलोमीटर दूर बुलंदशहर के जहांगीराबाद पहुंचे और वहां लाश फेंक दी। दोनों करीब 6 घंटे तक स्कॉर्पियो कार में लगभग 417 किलोमीटर शव को लेकर यात्रा करते रहे इस दौरान ना ही उन्हें किसी ने रोका और इसके बाद दोनों ने मृतका क़े शव को निर्वस्त्र किया और लाश फेंक कर निकल गए। बुलंदशहर पुलिस को 23 मई को एक अज्ञात युवती का शव मिला, पुलिस ने शव का पीएम कराया और समय अवधि पूरी होने पर जब सिनाख्त नहीं हुई तो बिसरा सुरक्षित कर अंतिम संस्कार करा दिया। इस मामले में जहाँ युवती की हत्या क़े तीन दिन बाद 24 मई को उन्नाव में युवती के शारीरिक शोषण का मुकदमा लिखा गया, वहीं 26 मई को कानपुर के बर्रा थाने में युवती के अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। 27 मई को जब सह आरोपी विवेक ने खुद के पेट में गोली मारी और उसे कानपुर के हैलट अस्पताल में रेफर किया गया तो कानपुर पुलिस ने विवेक से पूछताछ की, विवेक ने कानपुर पुलिस को युवती क़े अपहरण और हत्या की बात बताई जिसके बाद कानपुर पुलिस ने बुलंदशहर पुलिस से संपर्क किया और पूरा मामला सामने आया। Wkt - ज्ञानेंद्र प्रताप उत्तम हॉस्पिटल क़े बाहर से
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