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Shrawan Kumar Soni Zee Media PalamuShrawan Kumar Soni Zee Media PalamuFollow6 Nov 2024, 04:09 am

कांग्रेस उम्मीदवार केएन त्रिपाठी ने डालटनगंज में जनसंपर्क अभियान चलाया, जनता से मांगा समर्थन

Medininagar, Jharkhand:

पलामू के डालटनगंज विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार केएन त्रिपाठी ने मेदिनीनगर शहर के शांतिपुरी समेत कई इलाकों में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने जनता के साथ चौपाल लगाई और चुनाव में समर्थन मांगा। मीडिया से बातचीत करते हुए केएन त्रिपाठी ने कहा कि वे डालटनगंज की मिट्टी का कर्ज उतारना चाहते हैं, इसलिए जनता से एक मौका मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके प्राथमिकता में शहर में पेयजल संकट को दूर करना, कोयल नदी को बांधना, फेस 2 जलापूर्ति योजना और ख़ासमहल लीज समस्या को हल करना है।

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मानसून स्पष्ट नहीं, सक्ती के किसान असमंजस में; पानी की कमी से खेती रुकी

Sakti, सक्ति जिले में मानसून स्पष्ट नहीं होने के कारण किसान असमंजस में हैं. Day में तापमान 33 से 34 सेंटीग्रेड है तो, वही रात में 25 सेंटीग्रेड तक होता है. जिले में कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जो नहर से सिंचित होते हैं लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा अभी पानी उपलब्ध नहीं कराए जाने से खेती कार्य रुका हुआ है. मात्र एक या दो बारिश हुई है जो कि धान की खेती के लिए अपूर्ण है जब तक पूरी बारिश नहीं होगी किसान अपने पुराने अनुभव के आधार पर अभी धान की खेती नहीं करेंगे.हालांकि किसानों द्वारा जो है खेत को पूरा तरह से तैयार कर दिया गया है जुताई गुड़ाई करके बीज बोने का कार्य बाकी है लेकिन जब तक पानी की निश्चित मात्रा नहीं आएगी किसान खेती का कार्य नहीं करेंगे किसानों ने मानसून की पूर्णता का इंतजार कर रहे हैं.
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सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ श्रम कानून उल्लंघन पर कदम: नोटिस जारी

Damoh, Madhya Pradesh:श्रम कानूनों की अनदेखी और मजदूरों के शोषण को लेकर सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ कार्यवाही.. भारत सरकार के श्रम कानूनों के उल्लंघन और प्रदेश सरकार के श्रम नियमों की अनदेखी करने की वजह से कार्यवाही की गई है। इसे लेकर लेवर डिपार्टमेंट ने अलग अलग मामलों में फैक्ट्री को नोटिस जारी किए है। दरअसल ये सब इस सीमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की शिकायत के बाद हुआ है। सीमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों ने जिले के कलेक्टर को शिकायत की थी जिसके बाद बीते दिनों कलेक्टर अचानक नरसिंहगढ़ स्थित मायसेम सीमेंट फैक्ट्री पहुंच गए थे और उन्होंने बंद कमरे में मजदूरों की शिकायत सुनने के बजाए मैदान में मजदूरों के बीच फैक्ट्री प्रबंधन और अफसरों को तलब किया और फिर उनके सामने ही एक एक बिंदू पर बात की और इस जांच में पाया कि यहां मजदूरों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था, श्रम कानूनों के तहत जो सुविधाएं मजदूरों को मिलना चाहिए उन सुविधाओं से मजदूर पूरी तरह महरूम थे। तमाम बिंदुओं पर बात करने के बाद कलेक्टर ने एक जांच प्रतिवेदन श्रम मंत्रालय और संभागीय कार्यालय को भेजा और इस रिपोर्ट पर श्रम विभाग की टीम ने जांच पड़ताल की और सारी बातें जांच सही पाई गई और इसे लेकर श्रम मंत्रालय ने सीमेंट फैक्ट्री को नोटिस जारी किए है और जवाब मांगा है। कलेक्टर के मुताबिक श्रमिकों के साथ अन्याय या शोषण सहन नहीं किया जाएगा और फैक्ट्री के खिलाफ बड़ी कार्यवाही भी प्रस्तावित की है जिसमें आपराधिक मामला भी शामिल है।
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मेरठ में sealsिंग के दौरान अधिकारी ने FIR की धमकी दी, वीडियो वायरल

मेरठ: सीलिंग के दौरान बिल्डिंग मालिक की रिक्वेस्ट पर भड़कीं प्रवर्तन अधिकारी, बोलीं- "FIR ठोंक दूंगी"\n\nमेरठ— विकास प्राधिकरण की सीलिंग कार्रवाई के दौरान एक अधिकारी का वीडियो सामने आया है जिसमें वे इमारत मालिक को FIR की चेतावनी देती दिख रही हैं। मामला कोचिंग सेंटर की सीलिंग से जुड़ा है।\n\nक्या है पूरा मामला\nमिली जानकारी के अनुसार मेरठ विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन अधिकारी निकिता सिंह टीम के साथ शहर के एक कोचिंग सेंटर को सील करने पहुंची थीं। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान इमारत के मालिक ने सीलिंग रोकने के लिए कई बार अनुरोध किया। इस पर अधिकारी निकिता सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा, "अगर ज्यादा रिक्वेस्ट करोगे तो FIR ठोंक दूंगी."\nप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत मालिक नियमों में छूट या मोहलत मांग रहा था। वहीं प्राधिकरण का कहना है कि कोचिंग सेंटर अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था और नक्शा पास नहीं था। बार-बार नोटिस देने के बाद भी निर्माण नहीं हटाया गया, जिसके चलते सीलिंग की कार्रवाई की गई।\n\nवायरल हुआ बयान\nअधिकारी का यह बयान मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में अधिकारी सख्त लहजे में बात करती दिख रही हैं। इस घटना के बाद शहर में चर्चा है कि अधिकारियों को नियमों के तहत कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन भाषा और व्यवहार मर्यादित होना चाहिए।\n\nप्राधिकरण का पक्ष\nमेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार चल रहा है। सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नियमों के तहत की जाती है। प्रवर्तन टीम पर कार्रवाई के दौरान अक्सर दबाव बनाया जाता है, लेकिन नियमों से समझौता नहीं किया जा सकता।\nफिलहाल इस मामले में इमारत मालिक की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। प्राधिकरण ने साफ किया है कि सभी कार्रवाई नोटिस और विधिक प्रक्रिया के बाद ही की जाती है।
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पंढरपूर वारी प्लास्टिक मुक्त, पळस के पत्रावलियां वितरित; कचरा जैवखाद में बदले

Shirur, Maharashtra:पंढरपूर वारीला आता प्लास्टिक आणि थर्माकोलच्या कचऱ्याचं ग्रहण लागलंय. या प्लास्टिकमुळे वारी मार्गावर मोठ्या प्रमाणावर प्रदुषण तर होतच आहे, शिवाय गरम जेवणामुळे वारकऱ्यांच्या आरोग्याला कॅन्सरसारख्या आजारांचा धोकाही निर्माण झाला आहे. पण पंढरपूरची वारी पुन्हा एकदा प्लास्टिकमुक्त आणि निसर्गस्नेही करण्यासाठी, पुणे जिल्ह्यातील शिरूरचे प्रशांत अवचट हे गेल्या १५ वर्षांपासून 'निसर्गवारी' हा अनोखा उपक्रम राबवत आहेत. अवचट आणि त्यांचे सहकारी वारीत वारकऱ्यांना पळसाच्या पानांपासून बनवलेल्या नैसर्गिक पत्रावळींचे मोफत वाटप करतात. विशेष म्हणजे, गेल्या १४ वर्षांत त्यांनी तब्बल ८ कोटी पत्रावळींचे वाटप केले असून, वारीनंतर या पत्रावळींचा कचरा गोळा करून, त्यात गाईचे शेण-गोमूत्र मिसळून त्याचे सेंद्रिय खत बनवले जाते आणि ते शेतकऱ्यांना मोफत दिले जाते. पाहूयात याविषयी त्यांचे काय म्हणणे आहे...
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मुख्यमंत्री ने मानसून पूर्व मॉक ड्रिल की समीक्षा कर आपदा प्रबंधन तैयारियां सुदृढ़ की

Dehradun, Uttarakhand:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून पूर्व राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का निरीक्षण कर आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का जायजा लिया तथा सभी अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) से पूरे प्रदेश में मानसून से जुड़ी गतिविधियों, मौसम की स्थिति और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके。 - मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करें।
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नूह में हल्की बारिश से गर्मी में राहत, मानसून सक्रिय रहने की संभावना

Nuh, Haryana:नूंह में बदला मौसम का मिजाज, हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में गुरुवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। नूंह जिले में भी सुबह हल्की बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद ठंडी हवाएं चलने लगीं। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। बारिश के बाद पूरे जिले का मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के कई हिस्सों में दिनभर बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। आने वाले दिनों में मानसून के और सक्रिय होने के संकेत हैं, जिससे प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। नूंह में हुई हल्की बारिश का फायदा केवल आम लोगों को ही नहीं बल्कि किसानों को भी मिलने की उम्मीद है। बारिश के बाद खेतों में नमी बढ़ गई है, जिससे ज्वार और बाजरे जैसी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। किसान अब तेजी से ज्वार-बाजरे की बिजाई की तैयारी में जुट गए हैं और अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए हुए हैं। यदि आने वाले दिनों में मानसून लगातार सक्रिय रहता है, तो इससे खेती को बड़ा लाभ मिलेगा और किसानों की फसलों के लिए पर्याप्त नमी उपलब्ध होगी। वहीं दूसरी ओर लोगों को भी भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलती रहेगी।
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डीडवाना नावां उपखंड कार्यालय के सामने 73 दिन के धरने के बाद समाप्ति

Pali, Rajasthan:डीडवाना - नावां उपखंड कार्यालय के सामने पिछले 73 दिनों से जारी धरना हुआ समाप्त। जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चल रहा था धरना। सीओ गरिमा चौधरी और पुलिस टीम की समझाइश व आश्वासन के बाद टूटा धरना। डीडवाना के नावां से है जहां उपखंड कार्यालय के सामने पिछले 73 दिनों से जारी धरना आखिरकार बुधवार शाम समाप्त हो गया है। मिंडा के भिवपुरा निवासी शीशपाल पर हुए जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित परिवार धरने पर बैठा था। बुधवार शाम को सीओ गरिमा चौधरी और थानाधिकारी नन्दलाल रिणवा सहित पुलिस टीम की समझाइश और निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद यह धरना समाप्त हुआ। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया है कि अजमेर से जांच फाइल डीडवाना जिला पुलिस के पास आते ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। मामले की जांच फिलहाल अजमेर में चल रही है, जबकि वारदात का मुकदमा मारोठ थाने में दर्ज है。
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सॉल्वर गिरोह केस: 15 गिरफ्तार, आर्थिक अपराध इकाई से जांच की सिफारिश

Khagaria, Bihar:ANCHOR सिपाही परीक्षा भर्ती मामले में बड़ा अपडेट मिल रही है। साॅलवर गिरोह के 15 लोगो की गिरफ्तारी के बाद अब पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध ईकाई से कराए जाने की सिफारिश की जाएगी। खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा की जांच में जिनकी भी संलिप्तता पाई जाएगी सभी लोगो की गिरफ्तारी होगी। एसपी ने कहा की अभ्यर्थी से नौकरी दिलाने के नाम पर गिरोह के सदस्य के द्वारा पांच से सात लाख रुपये की ठगी की जाती थी इसी फर्जीवाड़े मामले में परीक्षा के दिन संत जेवियर्स परीक्षा केंद्र के केन्द्राधीक्षक, शिक्षक के साथ साथ 15 लोगो को गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में अब पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध ईकाई से कराने की सिफारिश की जा रही है जिससे की जो एक बड़ा नेटवर्क है उसपर करबाई हो सके。
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नल जल योजना: कांकेर में 1065 ग्रामों तक पानी नहीं पहुंच पाया, ग्रामीणों में रोष

Kanker, Chhattisgarh:गांव गांव लोगों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई नल जल योजना अब ग्रामीणों के लिए समस्या बन गई है जिसका कोई निदान ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। 2021 में जब इस योजना का क्रियान्वयन गांव गांव तक होने लगा था तब ग्रामीणों को लगा था कि उनकी सदियों पुरानी पानी की प्यास बुझने लगी थी पर सरकारी तंत्र के मकड़जाल के फेर में इस योजना से पानी ही नहीं मिला और समस्या जस की तस बनी हुई है। कमोबेष यही कहानी लगभग हर गांव की है। नल जल योजना एक ऐसी योजना है जिससे कांकेर जिले के 1065 ग्रामों में पानी टंकी के माध्यम से पहुंचने वाली थी पर हुआ बिल्कुल उल्टा। ग्रामों में टंकी बनाए गए कुछ घरों में पानी के लिए सिर्फ पाइप ही बिछा दिए गए तो कुछ घरों में नल लगा दिए गए पर 6 सालों में पानी की एक एक बूंद भी ग्रामीणों को नसीब नहीं हुई। न कभी पानी टैंक में पानी पहुंचा और ना ही ग्रामीणों के घरों में पानी ही सप्लाई हुआ। इस बेहतरीन योजना ऐसी धज्जियाँ उड़ाई गई कि ग्रामीणों के सिर्फ़ सरकारी तंत्र को कोसने के अलावा और कोई चारा नहीं है। यह कहानी है भानुप्रतापपुर के घोटा गांव की जहाँ कई घरों में सिर्फ पाइप बिछी हुई है कोई पानी के लिए कनेक्शन नहीं तो कुछ घरों में सिर्फ नल का स्ट्रक्चर बना दिए गए और कनेक्शन नहीं किया गया। अगर कनेक्शन भी किया गया तो पानी की सप्लाई नहीं हुई क्योंकि बनाए गए पानी टैंक में पानी कभी नहीं पहुँना क्योंकि पानी सप्लाई के लिए मोटर ही नहीं लगाया गया। ग्रामीणों का कहना है जब नल जल योजना का ग्राम में काम प्रारम्भ हुआ था उस दौर में खुशी का कोई ठिकाना नहीं था क्योंकि उनकी बरसों पुरानी उनकी समस्या दूर होने वाली थी लेकिन आज भी उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। आज भी पानी के लिए आंगनबाड़ी के बोर पर निर्भर है या तो दूर तालाब, झरना से पानी लाकर पीते हैं। इसकी शिकायत जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक स्तर पर कई बार की गई है पर हुआ आज तक कुछ नहीं मिला तो बस आश्वासन। कांकेर के पी एच ई के कुंदन राणा का कहना है कि कांकेर जिले के 1065 ग्रामों में हर घर नल का कार्य किया जाना है जिसमें 253 गांव में नल के द्वारा पानी घरों में मिल रहा है बाकी 876 गांव में कुछ कार्य किये गए हैं। जिन ग्रामों में कार्य अपूर्ण है उन्हें दो साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस कार्य में जिसने भी लापरवाही की है उनका एग्रीमेंट निरस्त किया जाएगा। सत्यवती यादव - ग्रामीण जगमोतिन - ग्रामीण भावसिंह - ग्रामीण कुंदन राणा - ई - पी एच ई
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