icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
822101
Shrawan Kumar Soni Zee Media PalamuShrawan Kumar Soni Zee Media PalamuFollow4 Nov 2024, 01:12 pm
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

गोरखपुर में जाम रोकने को प्रशासन ने रोडवेज की 8 बसें सीज कर दीं

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में लगातार लग रहे जाम को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। जिसके बाद कैंट पुलिस ने सड़क पर खड़ी राज्य सड़क परिवहन निगम की अनुबंधित व रोडवेज की कुल 7 बसों को सीज कर दिया। बस स्टेशन के बाहर सड़क पर खड़ी रोडवेज बसों के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायतों के बाद डीएम और एसएसपी ने खुद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि अब सड़क पर बस खड़ी कर सवारी भरने या उतारने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गोरखपुर शहर में बढ़ती यातायात समस्या और लगातार मिल रही जाम की शिकायतों के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कैंट थाने की पुलिस ने रात में सड़क किनारे खड़ी रोडवेज की सात बसों को सीज कर दिया। ये बसें रोडवेज बस स्टेशन के बाहर सड़क पर खड़ी होकर यातायात को बाधित कर रही थीं, जिससे रोजाना जाम की स्थिति बन रही थी। जाम की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डॉ. कौस्तुभ स्वयं रोडवेज बस स्टेशन पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने बस स्टेशन और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई रोडवेज बसें बस स्टेशन परिसर के बजाय सड़क किनारे खड़ी की जा रही थीं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रोडवेज अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि सभी बसों को बस स्टेशन परिसर के अंदर ही खड़ा किया जाए। सड़क पर बस खड़ी कर यात्रियों को बैठाने या उतारने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इससे न केवल जाम लगता है बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में सड़क पर बस खड़ी कर यातायात बाधित किया गया तो और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राहत की उम्मीद जताई है। लोगों का कहना है कि यदि नियमों का सख्ती से पालन कराया गया तो बस स्टेशन के आसपास लगने वाले जाम से काफी हद तक निजात मिल सकेगी। तथा “सड़क पर बस खड़ी कर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सभी बसों को निर्धारित परिसर के अंदर ही खड़ा किया जाएगा।” गोरखपुर में जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन अब एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। सड़क पर खड़ी आठ रोडवेज बसों को सीज कर प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है कि यातायात व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
0
0
Report
Advertisement

जैकलीन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस: कोर्ट ने आरोप तय किए

Noida, Uttar Pradesh:*जैकलीन पर चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा! कोर्ट ने क्यों तय किए आरोप* सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को अब मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। पटियाला हाउस कोर्ट ने जैकलीन फर्नांडिस, सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और 14 अन्य लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि उसके समक्ष रखे गए तथ्यों और सबूतों के आधार पर पहली नजर में सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर संदेह पैदा होता है कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध को अंजाम दिया। जेल में रहकर सुकेश चला रहा था आपराधिक सिंडिकेट सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि वह जेल में रहते हुए भी एक बड़ा आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के रूप में पेश करता था। नकली फोन कॉल, फर्जी पहचान और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ठगी से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल महंगी संपत्तियां खरीदने, लग्जरी गाड़ियां लेने और कीमती उपहार देने में किया गया। ईडी का आरोप है कि उगाही से कमाए गए इस पैसे को छिपाने के लिए उसने कई बैंक खातों, हवाला नेटवर्क, नकद लेन-देन और फर्जी कंपनियों के जरिए इधर-उधर भेजा जैकलीन की भूमिका क्या है!* ईडी ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया था कि सुकेश चंद्रशेखर ने उगाही और अन्य अपराधों से अर्जित धन से जैकलीन फर्नांडिस को करीब 5 करोड़ 71 लाख रुपये के महंगे उपहार दिए। जैकलीन तक ये उपहार पहुंचाने के लिए सुकेश ने अपनी सहयोगी पिंकी ईरानी की मदद ली थी。 सुकेश से जैकलीन को मिले महंगे गिफ्ट* ईडी के मुताबिक, सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक अतीत की जानकारी होने के बावजूद जैकलीन ने उससे महंगे गिफ्ट और आभूषण स्वीकार किए। एजेंसी का दावा था कि जैकलीन ने जानबूझकर सुकेश के आपराधिक रिकॉर्ड को नजरअंदाज किया और उसके साथ आर्थिक लेन-देन जारी रखा। ईडी का यह भी कहना है कि केवल जैकलीन ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और रिश्तेदारों ने भी आर्थिक लाभ उठाया। जांच एजेंसी के अनुसार, जैकलीन ने उसे मिले उपहारों को लेकर अपने बयान कई बार बदले। जब सबूतों के साथ उसका सामना कराया गया, तब उसने तथ्यों को स्वीकार किया। ईडी की चार्जशीट के मुताबिक, जैकलीन की 7 करोड़ 12 लाख रुपये की संपत्ति अटैच की गई है। दो जांच एजेंसियां कर रही हैं जांच* सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच दो एजेंसियां कर रही हैं। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने MCOCA के तहत विभिन्न आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की ED) कर रही है। दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज मामले में जैकलीन को आरोपी नहीं बनाया गया था, लेकिन ईडी की ओर से दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उन्हें आरोपी बनाया गया। MCOCA केस में सुकेश समेत 19 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय* दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की ओर से दर्ज मामले में कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और 17 अन्य आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं, आईटी एक्ट और महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने तीन अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय करने का भी आदेश दिया है。
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

उत्तराखंड एसटीएफ ने चारधाम यात्रा के नाम पर साइबर ठगी का पर्दाफाश किया; गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं से साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का उत्तराखंड एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। जिसमें एसटीएफ ने बिहार के नालंदा से दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह फर्जी सोशल मीडिया पेज, व्हाट्सएप नंबर और बैंक खातों के माध्यम से देशभर के लोगों को निशाना बना रहा था। गिरोह के बैंक खातों से जुड़े कई मामलों की शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी दर्ज मिली हैं। चारधाम यात्रा को साइबर अपराध मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष अभियान के तहत गठित "चारधाम यात्रा एंटी हेली फ्रॉड सेल" लगातार सोशल मीडिया, वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी कर रही है। जिसकी जांच के दौरान सामने आया कि कुछ लोग हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं से ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने एक पीड़ित शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जिसके बाद एसटीएफ की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रेल और मोबाइल डाटा के आधार पर बिहार में एक सप्ताह तक अभियान चलाकर नालंदा निवासी दीपक कुमार और विजित कुमार उर्फ मिकी को गिरफ्तार किया। इस दौरान जांच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता को फर्जी हेली टिकट उपलब्ध कराए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच बैंक पासबुक, एक चेकबुक, दो मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
0
0
Report
Advertisement

IRPS राजीव सिंह NW रेलवे में वापसी, प्रिंसिपल चीफ पर्सनल ऑफिसर नियुक्त

Noida, Uttar Pradesh:IRPS राजीव सिंह की उत्तर पश्चिम रेलवे में वापसी। उन्हें नया प्रिंसिपल मुख्य कार्मिक अधिकारी लगाया गया। रेलवे बोर्ड में प्रिंसिपल एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर पद पर थे सिंह। इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विसेज के 1996 बैच के अधिकारी हैं राजीव सिंह। NWR मुख्यालय में पदभार संभालने के बाद कर्मचारी संगठन पदाधिकारी मिले। NWREU के महामंत्री मुकेश माथुर ने कहा, वे हमेशा कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर समाधान करते हैं। इस दौरान GLO शाखा सचिव राजीव सारण, मीना सक्सेना, इंद्रपाल सिंह, नारायण सिंह, पवन जुनेजा, सुमित रहे उपस्थित।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top