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Shrawan Kumar Soni Zee Media PalamuShrawan Kumar Soni Zee Media PalamuFollow21 Aug 2024, 09:49 am
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देवघर में चाय दुकान संचालिका हत्या: पति शिव यादव गिरफ्तार, चाकू-खून लगी कपड़े बरामद

Deoghar, Jharkhand:एंकर। देवघर नगर थाना क्षेत्र में चाय दुकान संचालिका की हत्या मामले का पुलिस ने त्वरित खुलासा करते हुए मृतका के पति को ही आरोपी के रूप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून लगा चाकू, खून सना कपड़ा और मोबाइल भी बरामद किया है। घटना के खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार 19 मई 2026 की सुबह करीब 10 बजे नगर थाना क्षेत्र के कनौला मुख्य सड़क किनारे स्थित एक चाय दुकान में माला देवी का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। मृतका सारठ थाना क्षेत्र के गबुआही गांव की रहने वाली थी। सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। मृतका के पुत्र रंजन कुमार यादव के लिखित आवेदन के आधार पर नगर थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्य, पूछताछ और अनुसंधान के दौरान पुलिस को मृतका के पति शिव यादव पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून लगा चाकू, खून सने कपड़े और मोबाइल फोन बरामद किया। गिरफ्तार आरोपी शिव यादव सारठ थाना क्षेत्र के मलवाही गांव का निवासी बताया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में नगर थाना प्रभारी मुकेश कुमार समेत कई पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। बाइट : डीएसपी कुलदीप कुमार
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बागपत के बड़ौत में मुठभेड़: एक घायल, तीन गिरफ्तार; हथियार बरामद

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत के बड़ौत में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया, जबकि उसके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से अवैध तमंचे, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार बरामद हुई है। दरअसल थाना बड़ौत पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक स्विफ्ट डिजायर कार आती दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोकने का इशारा किया, लेकिन कार सवार बदमाश गाड़ी लेकर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा किया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि तीन अन्य बदमाशों को पुलिस ने मौके से दबोच लिया। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक अवैध तमंचा 12 बोर, जिंदा और खोखा कारतूस बरामद किए हैं। साथ ही बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर कार और दो नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ में जुटी है और उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। थाना बड़ौत में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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यमुना प्रदूषण के खिलाफ कॉकरोज प्रदर्शन ने नगर निगम को चौंका दिया

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा : नगर निगम पहुंचा ‘कॉकरोज’, यमुना प्रदूषण के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन मथुरा में यमुना नदी में गिरते गंदे नालों के विरोध में एक समाजसेवी युवक ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। युवक कॉकरोज की वेशभूषा पहनकर नगर निगम कार्यालय पहुंचा, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। कुछ ही देर में लोगों की भीड़ जुट गई और कई लोगों ने अपने मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कॉकरोज की ड्रेस पहने युवक नगर निगम परिसर में नाचते-गाते हुए पहुंचा और यमुना में गिर रहे गंदे पानी के खिलाफ नाराजगी जताई। युवक का कहना था कि जिस तरह गंदगी में कॉकरोज पनपते हैं, उसी तरह शहर और यमुना की हालत लगातार बदतर होती जा रही है। उसने कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं। समाजसेवी युवक के इस अनोखे प्रदर्शन ने नगर निगम अधिकारियों के साथ-साथ आम लोगों का भी ध्यान अपनी ओर खींचा। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि यमुना प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए। नगर निगम पहुंचे इस “कॉकरोज प्रदर्शन” की चर्चा पूरे शहर में बनी हुई है।
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उत्तराखंड: नमाज़ सड़क पर नहीं होगी, धामी का सख्त संदेश

Dehradun, Uttarakhand:ब्रेकिंग देहरादून सीएम पुष्कर धामी का बड़ा बयान देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं होने देंगे, कानून से ऊपर कोई नहीं” — सीएम धामी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज़ पढ़ने को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड में सार्वजनिक सड़कों को धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से बाधित करने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। सीएम ने कहा कि आस्था का सम्मान सभी को है, लेकिन कानून और व्यवस्था से ऊपर कोई नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में चारधाम यात्रा चल रही है और लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में राज्य का वातावरण शांत, व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम ने कहा कि सड़कें आम जनता की आवाजाही के लिए हैं, उन्हें अवरोध या प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। सीएम धामी ने कहा कि नमाज़ मस्जिदों, ईदगाहों और निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। सार्वजनिक मार्गों को बाधित कर लोगों को परेशानी में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए सड़क पर नमाज़ का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कों को बंधक बनाकर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि देवभूमि की शांति, संस्कृति और अनुशासन से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी तथा राज्य में कानून का राज सर्वोपरि रहेगा。
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नालंदा दरियापुर का जर्जर पुल बंद, यातायात थम गया; ग्रामीण नया पुल मांग रहे

Pariaunna, Bihar:पूरे बिहार में भ्रष्टाचार की भेट चढ़ चुका पुल अब अपनी वास्तविक स्थिति में दिखने लगा है। मानपुर थाना क्षेत्र के बिहारशरीफ-कतरीसराय मुख्य मार्ग पर दरियापुर के पास सकरी नदी पर बना पुल महज 10 साल में ही जर्जर होकर धंसने लगा है। पुल के दो पीलरों में झुकाव आ गया है और लोहे के छड़ पूरी तरह से बाहर निकल आए हैं, जिसके कारण बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पुल के दोनों छोर को ईंट की दीवार बनाकर पूरी तरह बंद कर दिया है। जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित हो चुका है। पुल बंद होने से नालंदा और शेखपुरा के पचास से अधिक गांवों का सीधा संपर्क टूट गया है और लोगों को अब लगभग बीस किलोमीटर की दूरी तय कर यात्रा करनी पड़ रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुल को बेहद खतरनाक बताया है और नए पुल निर्माण की मांग सरकार से की है। ग्रामीणों ने बताया कि दस साल पहले करोड़ों रुपए की लागत से बना पुल पूर्व में दो साल में ही भ्रष्टाचार चढ़ चुका था लेकिन मरम्मत कर तत्काल ठीक किया गया था। ग्रामीणों ने निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। हालांकि प्रशासन के द्वारा लगातार पुल की मॉनिटरिंग की जा रही है। एहतियातन पुल के दोनों तरफ दीवार खड़ी कर मानपुर थाना पुलिस बल को तैनात किया गया है। बावजूद कुछ लोग दीवार फांदकर पुल को पार कर रहे हैं, खासकर भीषण गर्मी में स्कूल जाने वाले बच्चे भी जान जोखिम में डालकर पढ़ने जाने को मजबूर हैं। हालाँकि जर्जर पुल को लेकर कोई भी वरिष्ठ पदाधिकारी बोलने से परहेज कर रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया है और जल्द वैकल्पिक डायवर्सन बनाने की बात कही है।
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जातिगत अत्याचार पर सवाल: बिहार जेलों में एक ही जाति का कब्जा क्यों?

Noida, Uttar Pradesh:मैं मानता हूँ कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती। पर राजद वालें से मेरे कुछ सवाल हैं… बिहार के हर जेलों में एक ही जाति के 40 फ़ीसदी बंदी क्यों हैं? क्यों दलितों को सरकार से मिली पर्चे वाली लगभग 50 फ़ीसदी से अधिक ज़मीन पर एक ही जाति के लोगों ने ज़बरदस्ती क़ब्ज़ा किया हुआ है? क्यों दलित अत्याचार क़ानून के तहत एक ही जाति के लोगों पर लगभग 50 फ़ीसदी या उससे अधिक मामले दर्ज हैं? क्यों मुसलमानों के कब्रिस्तान की जो ज़मीन क़ब्ज़ा गई है? उस क़ब्ज़ा हुए ज़मीन का लगभग 60 फ़ीसदी हिस्से पर एक ही जाति का अवैध क़ब्ज़ा है? क्यों वक़्फ़ की ज़मीन जो क़ब्ज़ा हुई है? उस क़ब्ज़ा हुई लगभग 65 फ़ीसदी ज़मीन पर एक ही जाति का क़ब्ज़ा है? क्यों दंगों में एक ही जाति के लगभग 40 फ़ीसदी लोगों पर ही मुस्लिमों के उपर अत्याचार का आरोप लगा केस दर्ज होता है? अब जवाब तो देना होगा。 आप हमारे उपर “अत्याचार” करो तो लीला, हम पलट कर जवाब दे दें तो कैरेक्टर ढीला। दलित अब किसी से डरने वाला नहीं,करारा जवाब मिलेगा।
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दिल्ली जल बोर्ड-डीए की लापरवाही से संजय झील में हजारों मछलियां मर गईं

Noida, Uttar Pradesh:राजधानी दिल्ली से दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली जल बोर्ड की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पूर्वी दिल्ली स्थित संजय झील में पानी की कमी और भीषण गर्मी की वजह से संजय झील में मौजूद हजारों मछलियों की मौत हो गई। दिल्ली में पढ़ रही भीषण गर्मी भी एक वजह है इतनी सारी मछलियों की मौत के पीछे। पूर्वी दिल्ली स्थित संजय झील पूर्वी दिल्ली के मुख्य पर्यटन स्थल में से एक है। संजय झील में लोग उसे समय पहले तक वोटिंग का आनंद भी लेते थे। संजय झील में एम्यूज़मेंट पार्क के साथ ही कई तरह के पक्षी भी हैं और कई गतिविधियाँ शामिल हैं जिन्हें लोग करने के लिए आते हैं। खासतौर से मॉर्निंग वॉक के लिए भी आसपास के लोग संजय झील का रुख करते हैं। लेकिन दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली विकास प्राधिकरण की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल संजय झील में पानी की आपूर्ति की जिम्मेदारी दिल्ली जल बोर्ड के पास है, वहीं संजय झील की देखरेख का जिम्मा दिल्ली विकास प्राधिकरण पर है। सूत्रों के अनुसार दिल्ली जल बोर्ड ने संजय झील में छोड़ा जाना वाला पानी रोक दिया, जिससे झील में पानी का स्तर काफी कम हो गया और गर्मी के कारण पानी का तापमान भी बहुत ज्यादा हो गया, जिसे दिल्ली विकास प्राधिकरण ने अनदेखा किया। पर्यटन स्थल के रूप में उभरी संजय झील में हजारों मछलियों की मौत हो गई। जब इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए जी मीडिया की टीम संवाददाता सचिन बिडलान के साथ मौके पर पहुंची तो हैरान करने वाला मामला सामने आया। झील मैदान में तब्दील हो चुकी थी; कभी पानी से लबालब भरी झील अब मैदान बन चुकी है। दोनों विभागों की लापरवाही के चलते हजारों मछलियों की मौत हो गई और एक पर्यटन स्थल भी मैदान बन गया। कवरेज के दौरान दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की, पर अधिकारी बिना कुछ बोले मौके से भाग गए, जिससे साफ पता चलता है कि विभाग की लापरवाही से ही झील का यह हाल हुआ है। ऐसे अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जरूरत है।
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जालौन में खेत पर पेड़ से लटकता मिला किसान का शव, परिवार में मचा कोहराम

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Orai, Uttar Pradesh:स्लग- जालौन में खेत पर पेड़ से लटकता मिला किसान का शव, परिवार में मचा कोहराम प्लेस-जालौन यूपी डेट-22-05-2026 एंकर जालौन के डकोर थाना क्षेत्र के करुई बुजुर्ग गांव में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक किसान का शव खेत पर पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, करुई बुजुर्ग निवासी किसान भगवान सिंह (55) शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे रोज की तरह घर से खेत जाने की बात कहकर निकले थे। करीब दो घंटे बाद सुबह लगभग 8 बजे ग्रामीणों ने उन्हें खेत पर पेड़ से साफी के फंदे पर लटका देखा। घटना की सूचना तुरंत परिजनों और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही डकोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के बेटे आशु ने बताया कि पिता सुबह खेत जाने के लिए निकले थे, लेकिन कुछ देर बाद उनके फांसी लगाने की सूचना मिली। परिजन फिलहाल मौत का कोई स्पष्ट कारण नहीं बता पा रहे हैं। भगवान सिंह की मौत से पत्नी सुमन, बेटे आशु और धर्म कुमार सहित दो बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की सही जानकारी हो सकेगी। बाइट:- आशू--म्रतक का पुत्र
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जालौन में मां ने अपनी चार साल की मासूम बेटी की गला दबाकर की हत्या,

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Orai, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में मां ने अपनी चार साल की मासूम बेटी की गला दबाकर की हत्या, पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद मां ने की बेटी की हत्या, पति से विवाद के बाद मां ने बेटी की गला घोंटकर हत्या की वारदात को दिया अंजाम, 4 वर्षीय मासूम नैना की अपनी ही मां द्वारा की गई हत्या से इलाके में फैली सनसनी, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम घटना की जांच पड़ताल में जुटी, पुलिस ने हत्यारिन आरोपी मां विनीता को हिरासत में लेकर शुरू की कार्रवाई, मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जालौन के आटा क्षेत्र के अकबरपुर इटौरा की घटना।
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राजस्थान के कॉलेजों की बदहाली: दिव्यांग विश्वविद्यालय जयपुर तीन साल से जमीन पर नहीं उतर पाया

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में कई कॉलेजों के हालात ठीक नहीं हैं। कहीं बच्चे नहीं हैं, कहीं स्टाफ नहीं है तो कहीं भवन नहीं है, जिसको लेकर राजस्थान के राज्यपाल ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कई विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जिनमें 2-3 साल होने के बाद भी कोई नामांकन नहीं है। सरकार को कर्मचारियों का वेतन देना पड़ता है। ऐसी कॉलेजों को मर्ज करना चाहिए... राजधानी जयपुर में भी सामने निकलकर आया है कि दिव्यांगजनों के लिए खोली गई बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय 3 साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई..... राज्य सरकार ने 2023 में इस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी, लेकिन यह विश्वविद्यालय चंद कमरों में चल रही है, जहां पर कुर्सियां खाली हैं। ना कोई पढ़ने वाला है, ना कोई पढ़ाने वाला है....... इस विश्वविद्यालय को खोलने का उद्देश्य था कि दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ा जाए, उनके कौशल पर आधारित शिक्षा उनको दी जाए..... यह विश्वविद्यालय राजधानी जयपुर के शिक्षा संकुल स्थित अहिल्याबाई होलकर भवन में चल रही है। जी मीडिया की टीम जब चंद कमरों में चल रही कॉलेज में पहुंची तो वहां के हालात कुछ ऐसे थे कि चारों तरफ अंधेरा था। कॉलेज के कैमरे बंद पड़े थे। ना कोई पढ़ने वाला था, ना कोई पढ़ाने वाला था। इस विश्वविद्यालय में कुलगुरु हैं और कुछ कर्मचारी भी, लेकिन वे सिर्फ सरकारी पैसे पर आराम फरमा रहे हैं...... जी मीडिया की टीम जब विश्वविद्यालय की पड़ताल करने पहुंची वहां पर कुछ कमरे खुले हुए थे, लेकिन ना कोई छात्र मिला और ना कोई पढ़ाने वाला..... जी मीडिया की टीम ने कुलगुरु देव स्वरूप से सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया.... डिव्यांग अधिकार महासंघ के चेयरमैन डॉ. हेमंत गोयल ने कहा कि करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन वीसी की नियुक्ति के अलावा कोई काम आगे नहीं बढ़ पाया। इस कॉलेज को दूसरी कॉलेज के साथ अटैच करना चाहिए, जिससे दिव्यांगों का भला हो सके। इस कॉलेज के जरिए दिव्यांगों को रोजगार से जोड़ने की तमाम योजनाएं क्रियान्वित होनी थीं, लेकिन हुआ कुछ नहीं है। यूनिवर्सिटी कागजों तक सीमित रह गई है। दिव्यांग अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। डॉ. हेमंत गोयल, चेयरमैन दिव्यांग अधिकार महासंघ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा से भी इस बारे में सवाल पूछे गए तो उन्होंने कहा कि हमने भर्तियां निकाली हैं, भर्तियां चल रही हैं। साथ ही कॉलेजों के भवन के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह अलग एक्ट है, उस हिसाब से काम होगा।
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