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नर्मदापुरम ट्रैफिक पुलिस ने मुफ्त हेलमेट बैंक शुरू कर दिया, यातायात सुरक्षा का मॉडल

Narmadapuram, Madhya Pradesh:नर्मदापुरम यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा के लिए फ्री हेलमेट बैंक शुरू करने की घोषणा की है। छतरपुर के बाद अब नर्मदापुरम प्रदेश का दूसरा जिला है जहां यह अनोखी सुविधा शुरू होगी। हेलमेट मिलने के लिए सिर्फ मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और तीन दिनों के भीतर वापस करना होगा; वापस लेने पर जरूरत पड़ने पर फिर से हेलमेट दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य चालान नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भोपाल तिराहे पर नई यातायात पुलिस चौकी के साथ हेलमेट बैंक और पर्यटन-info सेंटर भी बनेगा, जिससे पर्यटकों को जिले के प्रमुख स्थलों की जानकारी मिलेगी। शुरुआत में 250 हेलमेट उपलब्ध रहेंगे और जरूरत बढ़ने पर संख्या बढ़ाई जाएगी। अगर यह सफल रहती है, तो शहर के अन्य चौकों पर भी हेलमेट बैंक शुरू किए जाएंगे ताकि सड़क हादसों में हेलमेट नहीं पहनने से होने वाली मौतों व चोटों को कम किया जा सके।
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दतिया उपचुनाव में अवधेश नायक के घर बना सियासी केंद्र

Datia, Madhya Pradesh:अवधेश नायक के घर पर टिकी दतिया उपचुनाव की सबसे बड़ी सियासी नजर दतिया विधानसभा उपचुनाव में इस समय यदि किसी एक नेता के आवास पर सबसे अधिक राजनीतिक गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, तो वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यमंत्री अवधेश नायक का निवास है। भले ही अवधेश नायक इस उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक भूमिका और अगला कदम दोनों ही प्रमुख दलों—भाजपा और कांग्रेस—के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल ही में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की अवधेश नायक से हुई सौजन्य मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है। इस मुलाकात ने दतिया की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर अटकलों को हवा दे दी है। अवधेश नायक लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में वे भाजपा के उम्मीदवार थे। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत दतिया स्थित मां पीतांबरा पीठ से की थी। बाद में उमा भारती द्वारा भारतीय जनशक्ति पार्टी के गठन पर अवधेश नायक भी उनके साथ चले गए। मध्य प्रदेश में परिसीमन के बाद दतिया की राजनीति में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का प्रभाव बढ़ा। इस दौरान अवधेश नायक मध्य प्रदेश पथ्य पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष रहे और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी प्राप्त था। भाजपा में लगातार उपेक्षा महसूस होने के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पहले उन्हें उम्मीदवार बनाया, लेकिन अंतिम समय में टिकट बदल दिया गया। बताया गया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगली बार पार्टी उन्हें अवसर देगी। इसी विश्वास के साथ उन्होंने इस उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र भी खरीदा, लेकिन कांग्रेस ने अंततः कुंवर घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अवधेश नायक का ब्राह्मण समाज और अपने समर्थकों के बीच अच्छा प्रभाव है। यही वजह है कि कांग्रेस उनकी नाराजगी को लेकर सतर्क बताई जा रही है, जबकि भाजपा भी उन्हें अपने पक्ष में लाने के प्रयासों में जुटी होने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार कई भाजपा नेताओं ने उनसे संपर्क किया है और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी उनसे मुलाकात कर चुके हैं। इसी बीच कांग्रेस द्वारा जारी स्टार प्रचारकों की सूची में अवधेश नायक का नाम शामिल नहीं है। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इसे लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। वहीं, भाजपा की ओर से भी अवधेश नायक की संभावित वापसी को लेकर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल अवधेश नायक ने अपने राजनीतिक रुख का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया है। उन्होंने किसी भी दल के समर्थन या चुनाव प्रचार को लेकर स्पष्ट घोषणा नहीं की। ऐसे में दतिया उपचुनाव में उनकी अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि अवधेश नायक खुलकर किसी एक पक्ष के समर्थन में आते हैं, तो इसका असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। BYTE
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फर्रुखाबाद रामगंगा पुल के पिलरों में पेड़, बड़ा हादसा टलने की आशंका

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद पुल के पिलर में उगने लगे पेड़ ब्रिज के पिलर में पेड़ उगना बहुत खतरनाक हो सकता है। दिखने में छोटा सा पौधा लगता है, पर धीरे-धीरे पूरा ब्रिज कमजोर कर देता है। अपनी उम्र पूरा कर चूका ब्रिज,नेशनल हाइवे 730C की लाइफ लाइन ब्रिज अगर N.A.H.I के अधिकारी नहीं जागे तो बड़ी दुर्घटना पर किसकी जिम्मेदारी फर्रुखाबाद में रामगंगा पुल की तस्वीरें चिंता बढ़ाने वाली हैं। पुल के पिलरों में पेड़-पौधे उग आए हैं। देखने में यह मामूली लग सकता है, लेकिन इंजीनियरिंग के लिहाज से यह किसी भी पुल के लिए खतरे की घंटी माना जाता है। सवाल यह है कि क्या समय रहते इनकी सफाई और मरम्मत होगी या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा? फर्रुखाबाद के रामगंगा पुल के पिलरों में उग आए पेड़ अब पुल की सेहत पर सवाल खड़े कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पौधों की जड़ें कंक्रीट की महीन दरारों में प्रवेश कर धीरे-धीरे उन्हें चौड़ा कर देती हैं। समय के साथ यही जड़ें कंक्रीट को अंदर से कमजोर करने लगती हैं। जड़ों के साथ नमी भी पिलर के भीतर पहुंचती है, जिससे सरिया में जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसका सीधा असर पुल की मजबूती और उसकी उम्र पर पड़ता है। इसी वजह से लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसीजियाँ पुलों पर उगने वाली घास, झाड़ियों और पौधों को तुरंत हटाने तथा दरारों की मरम्मत करने की सलाह देती हैं। क्योंकि शुरुआत में कुछ रुपये खर्च कर हटाया जा सकने वाला पौधा, अगर पेड़ बन जाए तो करोड़ों रुपये की मरम्मत की नौबत ला सकता है। रामगंगा पुल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने भी समय रहते निरीक्षण, पौधों की सफाई और आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी तरह के खतरे से बचा जा सके। रामगंगा पुल सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही की जीवनरेखा है। ऐसे में पिलरों में उगते पेड़ महज हरियाली नहीं, बल्कि संभावित खतरे का संकेत भी हो सकते हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस ओर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।
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दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन दोषी, अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया

Noida, Uttar Pradesh:पूर्व AAP नेता और AIMIM चुनाव प्रत्याशी ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगा मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने पर एक प्रेस कॉन्फ्रंस करते हुए दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा: कल न्यायालय का एक निर्णय आया 6 साल से इसकी हम प्रतीक्षा कर रहे थे 2020 दिल्ली दंगों के दौरान एक नौजवान IB अफसर अंकित शर्मा जिसको खींच कर ताहिर हुसैन के घर ले जाया गया पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है उसको 51 बार चाकुओं से गोदा गया मृत शरीर पर भी चाकुओं से कई वार किए उस शरीर को नाले में फेंक दिया गया दो दिन बाद नाले से वह शव nikalaa सबकी आँखों में आंसू थे ताहिर हुसैन इस हत्या में शामिल है कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया ताहिर हुसैन के साथियों द्वारा यह साजिश रची गई थी वह केवल एक्टर है इस घटना का डायरेक्टर कोई और है उसके हाथ में खंजर देने वाले लोग अभी भी बचे हुए हैं ऐसे लोगों ने भड़काने का काम किया जिन लोगों से सड़कें बंद की थी उन्हीं लोगों ने आग लगाई, देंगे किए वहीं बस्तियों से वह लोग निकले उसी में से एक ताहिर हुसैन थे यह एक बड़ी साजिश है पहले गालियों को बंद कर दो उसके बाद चुन चुन के हिंदुओं को मारो ताहिर के घर बम मिले, बंदूकें, गुलेल लगे मिले जिन्हें निशाने पर हिंदुओं के घर और मंदिर थे जिन दुकानों पर CAA विरोध के नारे थे उन्हें छोड़ दिया गया बाकी सभी को जला दिया गया हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर करने की साजिश थी इस मामले में और भी लोग शामिल हैं जो उमर खालिद और ताहिर हुसैन को बचाने की कोशिश कर रहे थे अभी केवल एक्टर पकड़ा गया है इस दंगे में मास्टरमाइंड के साथ न्याय होना बाकी है कुछ न्याय कोर्ट में होंगे कुछ ईश्वर के पास आज मैं सवाल पूछना चाहता हूं जो आज कल सनातनी बनने का ढोंग कर रहे उस समय आपकी सरकार थी केजरीवाल जी तब आपने क्यों ताहिर हुसैन का समर्थन किया क्या जब ताहिर हुसैन अंकित शर्मा को चाकू से मार रहा था तब क्या वह संजय सिंह से फोन पर था क्या केजरीवाल सिसोदिया जैसे लोग भी इस साजिश में शामिल हैं क्यों उनके मुंह से अंकित शर्मा के लिए एक शब्द नहीं निकला किसी भी हिंदू के घर वह मिलने नहीं गए जिनके बच्चे मारे गए, जिनके घर जला दिए गए आम आदमी पार्टी का एक नेता भी क्यों नहीं आया इस अपराध को रोकने के लिए 2 शब्द आप नहीं बोल पाए इस दंगे के खिलाफ कहां गायब हो गए थे यह सब जनता के बीच राहत देने क्यों नहीं आए केवल कुछ मुस्लिम बस्तियों के बीच राहत कैम्प लगाए गए सरकारी अस्पतालों में धर्म पूछ कर इलाज हो रहा था केजरीवाल के हाथों में हिंदुओं का खून लगा है सत्ता में उस वक्त बैठे लोग भी ताहिर हुसैन के साथ शामिल थे।
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राम मंदिर दान मामले में UP सरकार सख्त, SIT व FIR के बाद कदम कड़े

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ | उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने राम मंदिर चंदे के विवाद पर कहा, "सर्वोच्च न्यायालय के किसी भी फैसले के साथ हम सभी लोग खड़े रहते हैं, उनका सम्मान है लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अयोध्या के दान चोरी मामले को लेकर बहुत गंभीर हैं। इसलिए SIT भी बनी, FIR भी हुई और गिरफ्तारियां भी हुईं। मुख्यमंत्री निश्चित ही इस बात के लिए संकल्पित हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने का अवसर किसी को न मिले। इसके लिए सख्त से सख्त कदम उठाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है... रिपोर्ट के आधार पर सरकार को जो लगेगा, उसके तहत कठोरतम कार्रवाई के लिए सरकार आगे बढ़ेगी।
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पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल छात्र पर चाकू हमला, छात्रा घायल

Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत के राजकीय मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल छात्र ने अपनी सहपाठी छात्रा पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई; सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी छात्र को हिरासत में ले लिया है और छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया है। बताया जा रहा है कि पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के सीटी स्कैन कक्ष में यह वारदात हुई। आरोपी छात्र सागर और घायल छात्रा जो बरेली की रहने वाली है, दोनों पैरामेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। दोनों के बीच लंबे समय से गहरी दोस्ती है, लेकिन कुछ दिनों से उनके रिश्ते में तनाव चल रहा था। उसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि आरोपी सागर ने अचानक जेब से चाकू निकाला और छात्रा पर वार कर दिए। छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। चीख-पुकार सुनकर सीटी स्कैन रूम की स्टाफ कर्मी निधि तुरंत मौके पर पहुंचीं और आरोपी को रोकने की कोशिश की; इस दौरान वह भी मामूली रूप से घायल हो गईं। मौके पर पहुंचे मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी छात्र को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घायल छात्रा का इलाज चल रहा है।
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14 फीट अजगर ने आबूराज के देलवाड़ा मंदिर में किया प्रवेश; सुरक्षा कर्मी ने सुरक्षित रेस्क्यू किया

Sirohi, Rajasthan:सिरोही जिले के आबूराज (माउंट आबू) स्थित विश्व प्रसिद्ध देलवाड़ा जैन मंदिर परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 14 फीट लंबा अजगर मंदिर परिसर में घुस आया। रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी का पैर अचानक किसी भारी वस्तु से टकराया। टॉर्च की रोशनी में देखने पर वहां विशाल अजगर दिखाई दिया, जिससे मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत स्थानीय स्नेक कैचर अरुण सिंह देवड़ा को सूचना दी। सूचना मिलते ही वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन स्नेक कैचर ने सभी को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। रेस्क्यू के बाद अजगर को एक सुरक्षित बैग में रखकर वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में वापस जा सके। गनीमत रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नहीं पहुंची और समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से सांप एवं अन्य वन्यजीव भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी वाले इलाकों की ओर आ जाते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव को स्वयं पकड़ने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी जाती है। स्नेक कैचर अरुण सिंह देवड़ा ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं सांप या अजगर दिखाई दे तो घबराएं नहीं और उसे नुकसान पहुंचाने की बजाय तुरंत सूचना दें。
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झालावाड़: कुएं में डूबकर 22 वर्षीय महिला की मौत, पुलिस जांच शुरू

Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ झालावाड़ के सदर थाना क्षेत्र के नांदियाखेड़ी गांव में सोमवार देर शाम एक 22 वर्षीय महिला की कुएं में डूबने से मौत हो गई। आज सुबह सदर थाना पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सदर थाना के एसआई गौतम बिश्नोई ने बताया कि मध्यप्रदेश के काजली भोजपुर गांव का निवासी बिरम सिंह पिछले दो सालों से नांदियाखेड़ी गांव में अपने परिवार के साथ रह रहा था। वह यहां खनन क्षेत्र में मजदूरी करता है। सोमवार शाम उसकी पत्नी मांगीबाई घर के पीछे कुएं पर कपड़े धोने गई थी。 जब मांगीबाई देर शाम तक घर नहीं लौटी, तो उसकी सास उसे ढूंढते हुए कुएं पर पहुंची। जहां उन्होंने देखा कि मांगीबाई कुएं के पानी में पड़ी हुई थी। सास की आवाज सुनकर आसपास के लोग कुएं पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर मांगीबाई का पति और अन्य रिश्तेदार भी खनन क्षेत्र से कुएं पर पहुंचे。 सभी ने मिलकर महिला को कुएं से बाहर निकाला और उपचार के लिए झालावाड़ के जिला अस्पताल लाए, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि मांगीबाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें बड़ा बेटा कार्तिक 4 साल का और छोटी बेटी 2 साल की है। फिलहाल महिला के कुएं में गिरने और मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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गौराबादशाहपुर में लाखों के आभूषण-नकदी चोरी, पीड़ित ने पुलिस कार्रवाई की गुहार

Jaunpur, Uttar Pradesh:गौराबादशाहपुर में अज्ञात चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना की जानकारी सुबह परिवार के जागने पर हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित राजेश कुमार विश्वकर्मा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि रात के समय अज्ञात चोर उनके घर में घुस आए। चोरों ने घर में रखे सोने की चेन, अंगूठियां, मंगलसूत्र, झुमके, नथ, चांदी की पायल, करधनी समेत परिवार के विभिन्न सदस्यों के कीमती आभूषण चोरी कर लिए। इसके अलावा घर में रखे करीब 15 हजार रुपये नकद भी अपने साथ ले गए। सुबह जब परिवार के लोग नींद से उठे तो घर का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी सहित अन्य स्थानों पर रखे जेवर व नकदी गायब मिले। चोरी की जानकारी मिलते ही परिवार के होश उड़ गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पीड़ित ने गौराबादशाहपुर थाने में तहरीर देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जल्द से जल्द चोरी का खुलासा करने और सामान बरामद करने की मांग की है। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
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