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Shrawan Kumar Soni Zee Media PalamuShrawan Kumar Soni Zee Media PalamuFollow25 Oct 2024, 07:07 am
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UP BJP: क्षेत्रीय अध्यक्षों के जातीय समीकरण तय, 15 जून तक घोषणा संभव

Noida, Uttar Pradesh:मिशन 2027 के लिए यूपी भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्षों का जातीय समीकरण लगभग तय कर लिया गया है। 15 जून तक घोषणा की संभावना है, जिसमें कुछ क्षेत्रों में चेहरे और कुछ में जातीय कार्ड बदले जाएंगे। भाजपा ने मिशन 2027 के लिए उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय अध्यक्षों के जातीय समीकरण लगभग तय कर लिए हैं। 15 जून तक घोषणा की संभावना है, जिसमें कुछ क्षेत्रों में चेहरे और कुछ में जातीय समीकरण बदले जाने की चर्चा है। विधान सभा चुनाव को नाक का सवाल बन चुकी भाजपा में क्षेत्रीय अध्यक्षों की भूमिका कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होगी। पार्टी चेहरों के चयन में सभी पहलुओं पर चिंतन-मंथन करते हुए जातीय समीकरणों को तकरीबन तय कर चुकी है। पश्चिम, ब्रज एवं कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में जातीय कार्ड बदलने की तैयारी है, जबकि अवध, गोरखपुर एवं काशी क्षेत्र में जातीय समीकरण पूर्ववत रखते हुए चेहरे बदलने की चर्चा है। प्रदेश संगठन एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा 15 जून के आसपास की जा सकती है। फिलहाल सूची को लेकर दिल्ली से हरी झंडी की प्रतीक्षा है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकसभा सीट वाराणसी की वजह से 71 विधान सभा सीटों वाले काशी क्षेत्र पर राजनीतिक पंडितों की दृष्टि बनी हुई है। वर्तमान में ओबीसी चेहरा दिलीप पटेल क्षेत्रीय अध्यक्ष हैं, जिनके विकल्प के रूप में ओबीसी समाज से किसी दूसरी जाति के हाथ कमान दी जा सकती है। सर्वाधिक 82 विधान सभा सीटों वाले अवध क्षेत्र की कमान युवा कमलेश मिश्र के हाथ में है, जहां इस बार विकल्प के रूप में दो अन्य ब्राह्मण चेहरों का नाम चर्चा में है। अवध क्षेत्र के अंतर्गत प्रदेश सरकार एवं संगठन का मुख्यालय होने से इस क्षेत्र का राजनीतिक महत्व अधिक रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दोनों 62 विधान सभा सीटों वाले गोरखपुर क्षेत्र से आते हैं, जहां सहजानंद राय अध्यक्ष हैं। यहां पर जातीय समीकरण पहले की तरह रखते हुए दो अन्य भूमिहार चेहरों के बीच मुकाबला है। 71 विधान सभा सीटों वाले पश्चिम क्षेत्र में क्षत्रिय चेहरा सतेंद्र शिशौदिया की जगह इस बार गुर्जर एवं वैश्य में से किसी एक फैक्टर पर दांव खेलने की तैयारी है। 52 विधान सभा सीटों वाले कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की कमान प्रकाश पाल के हाथ में है, जिनकी जगह इस बार क्षत्रिय चेहरे को भूमिका देने की तैयारी है। 65 विधान सभा सीटों वाले ब्रज क्षेत्र में दुर्गविजय शाक्य क्षेत्रीय अध्यक्ष हैं, जिनके विकल्प के रूप में दो लोडro चेहरों के बीच समीकरण बनाया जा रहा है। यह क्षेत्र पार्टी के हार्डकोर हिन्दुत्व का बड़ा गढ़ है। चुनावी तैयारी की दृष्टि से नए क्षेत्रीय अध्यक्षों के पास सिर्फ छह माह का समय होगा। 2024 लोकसभा चुनाव में सभी क्षेत्रों का प्रदर्शन निराशाजनक था, ऐसे में विधान सभा चुनाव में पार्टी नई रणनीति एवं बदलाव के साथ आगे बढ़ेगी。
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खेतड़ी के लूणा की ढाणी में पैंथर ने तीन बकरियों पर हमला, एक की मौत

Jhunjhunu, Rajasthan:खेतड़ी के लूणा की ढाणी क्षेत्र में पैंथर ने एक पशुपालक की तीन बकरियों पर हमला कर दिया, जिसमें एक बकरी की मौत हो गई, एक बकरी को पैंथर उठा ले गया तथा एक अन्य बकरी घायल हो गई। घटना के बाद इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। जानकारियों के अनुसार लूणा की ढाणी निवासी पशुपालक प्रभुदयाल गुर्जर की बकरियां घर के पास बंधी हुई थीं। इसी दौरान पैंथर ने अचानक हमला कर दिया। हमले में एक बकरी को मार डाला, जबकि दूसरी बकरी को उठाकर जंगल की तरफ ले गया। वहीं तीसरी बकरी गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के दौरान पशुपालक और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के रेंजर पवन सिंह शेखावत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग की टीम ने आसपास क्षेत्र में पैंथर के मूवमेंट के निशान भी देखे। वहीं पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. अशोक जांगिड़ तथा खेतड़ी पुलिस थाना की टीम भी मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और रात के समय पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधने की अपील की है। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से पैंथर को पकड़ने तथा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है。
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महाराष्ट्र में मुस्लिम विरोधी माहौल पर मुस्लिम समुदाय की अहम बैठक—क्या होगी रणनीति?

Mumbai, Maharashtra:آج اسلام جمخانہ میں فیڈرآفمہاراشٹر مسلمس کی جانب سے ریاست میں پنپ رہی فرقہ پرستی اور ریاستی عدم مساوات کی پالیسی کیخلاف ایک مشاورتی اجلاس کا انعقاد ہوا ۔ جس میں مسلم ایم ایل اے ، ججز ، وکلا اور سماجی کارکنان سمیت ائمہ مساجد نے شرکت کی ۔ اجلاس میں مسلمانوں کو درپیش سنگین مسائل پر گفتگو ہوئی ۔ اجلا سکے شروع میں ہیں جماعت اسلامی ہند مہاراشٹر کے امیر مولانا الیاس خان فلاحی نے کہا آ ج کا اجلاس حکومت کیخلاف یا کسی سیاسی پارٹی کیخلاف نہیں ہے بلکہ یہ مسلمانوں کے مسائل کا حل ڈھونڈنے کی کوشش ہے ۔ مولانا الیاس خان فلاحی نے مزید کہا ریاست میں ہورہے مسلم مخالف بیانیہ نے مسلم نوجوانوں میں اضطراب پیدا کردیا ہے ۔ سب سے بڑی کمزوری یہ ہے کہ صرف ردعمل ظاہر کیا جائے لیکن ہم اب اس کا لائحہ عمل بنائیں گے ۔ سوشل میڈیا پر ہی بیانات دینا کافی نہیں کچھ عملی قدم کی بھی ضرورت ہے ۔ انہوں نے یہ سوال بھی کیا کہ ہماری قیادت کے پاس قوم کیلئے دس سال کا کوئی منصوبہ ہے ؟ دنیا میں صرف جذبات سے مسائل حل نہیں ہوتے ۔ اجلاس کا مقصد مسائل کی فہرست سازی نہیں ہے ۔ مسائل کے ساتھ ہی ہم اس کا عملی حل پیش کریں ۔ اجلاس میں ریٹائر جج ابھے تھپسے ، ایم ایل اے امین پٹیل ، ساجد پٹھان ، ہارون خان ،ابو عاصم اعظمی سابق ایم پی راجیہ سبھا عبید اللہ خان اعظمی اور رئیس شیخ شامل ہوئے ۔ اس کے علاوہ جماعت اسلامی ہند مہاراشٹر کے امیر مولانا الیاس خان ، جمعیتہ العلما مہاراشٹر کے صدر مولانا حلیم اللہ خان ، اے پی سی آر مہاراشٹر کے سکریٹری شاکر شیخ ، ایم پی جے کے مہاراشٹر کے سراج احمد ، امن کمیٹی کے فرید شیخ ، مسلم پرسنل لا بورڈ کے ترجمان عمرین محفوظ رحمانی ، شبیر بھوپال والا ، مولانا ظہیر عباس رضوی سمیت بہت سے کمیونٹی لیڈر شامل ہوئے اور انہوں نے دستور کے دائرے میں رہتے ہوئے مسلمانوں کے حقوق کی لڑائی لڑنے کا عزم کیا ۔
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CAF जवान ने कैंप में खुद को गोली मारी, आत्महत्या की आशंका

Kondagaon, Chhattisgarh:मृत जवान की पहचान जोगेंद्र नेताम के रूप में हुई है, जो CAF की 5वीं बटालियन में पदस्थ था। वह कैंप में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान उसने अपनी INSAS सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर अन्य जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कोंडागांव पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होना बताया है। शुरुआती जांच में व्यक्तिगत तनाव या निजी कारणों की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आत्मघाती कदम उठाने के पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने जवान के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी है। घटना के बाद पुलिस और CAF अधिकारी जवान की मानसिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके。
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राष्ट्रपति से शौर्य चक्र प्राप्त रायपुर के दो अफसर सम्मानित

Begun, Rajasthan:रायपुर छत्तीसगढ़ पुलिस के दो अफसर लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख को राष्ट्रपति के हाथों शौर्य चक्र से किया सम्मानित. डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने इन दोनों जवानों को दी बधाई. कहा- हर्ष की बात है. हमारे दो जवानों को राष्ट्रपति के हाथों शौर्य पुरस्कार से सम्मानित किया. बस्तर में जिस तरह जवानों ने काम किया.. वह अनेक पुरस्कार से सम्मानित होने के पात्र हैं. प्रदेश के युवाओं को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए.. शौर्य चक्र से सम्मानित जवानों के प्रमोशन पर कहा- शौर्य चक्र से सम्मानित होना अपने आप मे बड़ी बात. आगे प्रक्रिया की जाएगी.. टीटी- विजय शर्मा, डिप्टी सीएम और गृहमंत्री
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शाहपुरा में युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या: मौत के कारण घटनास्थल पर नहीं मिल सके स्पष्ट संकेत

Jaipur, Rajasthan:शाहपुरा (जयपुर ग्रामीण) – शेरपुरा की कूड़ावतों की ढाणी निवासी चिंटू यादव नामक युवक ने अपने कमरे में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर शाहपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। प्रारंभिक विवरण के अनुसार मृतक अपने कमरे के छत के कड़े में फंदा लगाकर चला गया। पुलिस परिजनों के सहयोग से शव नीचे उतारकर अस्पताल भेज दी है और जांच कर रही है। अभी आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। शाहपुरा थाना इलाके का मामला है。
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Noida, Uttar Pradesh:
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बहरोड़-कुण्ड हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक की भिड़ंत, ईंटें सड़क पर बिखरीं

Jaipur, Rajasthan:बहरोड़-कुण्ड स्टेट हाईवे पर सड़क हादसा, तीन वाहनों की जोरदार भिड़ंत, सड़क पर बिखरीं ईंटें। बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़) में बहरोड़-कुण्ड स्टेट हाईवे पर चांदीचाना और बीघाना गांव के बीच मंगलवार सुबह रफ्तार का कहर देखने को मिला। यहाँ एक बेकाबू ट्रक, ट्रॉले और ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच आपस में भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में ट्रैक्टर चालक घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गनीमत यह रही कि समय रहते एक बड़ा हादसा होने से टल गया। तेज रफ्तार के कारण एक के बाद एक भिड़े तीन वाहन जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ईंटें भरकर बहरोड़ की ओर जा रही थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार बेकाबू ट्रक ने आगे चल रहे ट्रॉले को जोरदार टक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर से ट्रॉला पूरी तरह अनियंत्रित हो गया और उसने अपने आगे चल रही ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को चपेट में ले लिया। ट्रॉले की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और उसमें भरी सैकड़ों ईंटें बीच सड़क मार्ग पर फैल गईं। हादसे में ट्रैक्टर चालक को चोटें आई हैं। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने यातायात कराया सुचारू सड़क के बीचों-बीच वाहनों की भिड़ंत और ईंटें बिखरने के कारण हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और वाहनों की कतारें लग गईं। हादसे की सूचना मिलते ही बहरोड़ सदर (नीमराना क्षेत्र) थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों क्षतिगस्त वाहनों को सड़क के किनारे करवाया और बिखरी हुई ईंटों को हटवाकर यातायात को दोबारा सुचारू रूप से शुरू करवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है.
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पन्ना जिले की बीएससी टॉपर प्रिया मिश्रा ने प्रेमी की प्रताड़ना से आत्महत्या

Panna, Madhya Pradesh:एंकर: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र के लोढ़ा पुरवा गांव की होनहार बेटी प्रिया मिश्रा ने 5 जून 2026 को सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। ठीक एक दिन पहले उसका बीएससी फाइनल परिणाम आया था और उसने कॉलेज में टॉप किया था। परिवार में बेटी की सफलता की खुशी मनाई जा रही थी, लेकिन अब शोक है। सृष्टि उर्फ प्रिया मिश्रा ने पड़ोस के कथित प्रेमी बड़कू सिंह की प्रताड़ना के कारण जीवन लीला समाप्त कर ली। प्रिया ने आत्महत्या से पहले बना एक वीडियो साझा किया जिसमें उसने आरोप लगाया है कि बड़कू सिंह ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी। उसके पास एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने लिखा है कि उसकी मौत के जिम्मेदार उसके परिवार वाले या अन्य नहीं हैं। पन्ना पुलिस ने मृतिका के मोबाइल से सुसाइड नोट, व्हाट्सएप चैट और मौत से ठीक पहले रिकॉर्ड किया गया वीडियो पाया है, जिनकी जांच चल रही है। मोबाइल की जांच से पता चलता है कि आरोपी और मृतिका के बीच कई बार व्हाट्सएप कॉल पर बातचीत हुई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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धौलपुर की चोपड़ा बावड़ी: जल संरक्षण की जीवंत विरासत

Dholpur, Rajasthan:170 साल बाद भी बुलंद धौलपुर की चोपड़ा बावड़ी, जहां चौपड़ की तरह चारों दिशाओं से मिलता था पानी धौलपुर की 170 साल पुरानी उस धरोहर से मिलवाएंगे जो आज भी सीना ताने खड़ी है। ये है चोपड़ा बावड़ी। चौपड़ की तरह चार दिशाओं वाली, लाल-सफेद पत्थरों से बनी। लेकिन क्या आज हम इस विरासत को बचा पा रहे हैं? धौलपुर की चोपड़ा बावड़ी जल संरक्षण की जीवंत मिसाल: राजस्थान के धौलपुर शहर में स्थित चोपड़ा बावड़ी अपनी अनूठी बनावट और स्थापत्य के लिए खास पहचान रखती है करीब 170 वर्ष पुरानी यह बावड़ी लाल और सफेद बलुआ पत्थरों से बनी है। यह सिर्फ एक जलस्रोत नहीं, बल्कि धौलपुर की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। आज भी दूर-दूर से लोग इसे देखने आते हैं। इसकी दीवारें और सीढ़ियां 170 साल बाद भी मजबूत दिखती हैं। यह बावड़ी हमें बताती है कि हमारे पूर्वज जल संरक्षण को कितना महत्व देते थे। चोपड़ा बावड़ी का निर्माण वर्ष 1856 में कराया गया था इतिहासकार अरविन्द शर्मा ने बताया कि इसे धौलपुर रियासत के महाराज राना भगवंत सिंह के मामा राजधार कन्हैयाल ने बनवाया था। यह बावड़ी प्रसिद्ध चोपड़ा महादेव मंदिर के ठीक पास स्थित है। मंदिर और बावड़ी का यह परिसर धौलपुर की ऐतिहासिक पहचान का हिस्सा माना जाता है। उस समय राजा और सामंत सार्वजनिक जलस्रोत बनवाकर पुण्य कमाते थे। इसी सोच के कारण यह विशाल बावड़ी अस्तित्व में आई। आज भी यह परिसर धौलपुर के गौरव को दर्शाता है। चोपड़ा बावड़ी नाम के पीछे चौपड़ खेल की अवधारणा छिपी है। चौपड़ में चार दिशाएं होती हैं, उसी आधार पर इस बावड़ी को चार दिशाओं में बनाया गया। जल तक पहुंचने के लिए इसमें चार मार्ग रखे गए। इनमें तीन ओर पक्की सीढ़ियां हैं और एक ओर ढलान वाला रास्ता है। ढलान वाला रास्ता खासतौर पर पशुओं के लिए बनाया गया था। इसी विशेष डिजाइन के कारण इसका नाम "चोपड़ा बावड़ी" पड़ा। यह नामकरण इसकी बनावट की अनूठी पहचान बन गया। प्राचीन भारत में अधिकांश शिव मंदिर नदी, कुंड या बावड़ी के पास बनाए जाते थे। इसी परंपरा का पालन करते हुए राजधार कन्हैयाल ने चोपड़ा महादेव मंदिर के समीप यह बावड़ी बनवाई। बाद में इसी बावड़ी के नाम पर मंदिर का नाम "चोपड़ा महादेव मंदिर" रखा गया। धौलपुर के प्रसिद्ध लाल-सफेद पत्थरों से बनी यह बावड़ी आज भी शिल्पकला का बेहतरीन नमूना है। लगभग 170 साल बीत जाने के बाद भी इसकी संरचना में दरारें नहीं आई हैं। यह उस दौर के कारीगरों की कुशलता को दिखाती है। एक समय धौलपुर का प्रसिद्ध शरद मेला और पशु मेला इसी क्षेत्र में लगाता था। मेले में देशभर से व्यापारी और किसान हजारों पशु लेकर आते थे। ये सभी पशु इसी बावड़ी के स्वच्छ जल से अपनी प्यास बुझाते थे। उस समय यह बावड़ी केवल पानी का स्रोत नहीं थी। यह लोगों के मिलने-जुलने और व्यापार का सामाजिक केंद्र भी थी। मेले की रौनक और बावड़ी का पानी एक-दूसरे के पूरक थे। वह दौर इस बावड़ी के सबसे व्यस्त दिनों में से एक था। समय के साथ सामाजिक और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण बावड़ी का महत्व कम होने लगा। जलाशय की नियमित सफाई और देखरेख नहीं हो पाई। इसके कारण धीरे-धीरे इसका पानी प्रदूषित हो गया। आसपास कचरा जमा होने से इसकी सुंदरता भी प्रभावित हुई। फिर भी यह बावड़ी धौलपुर की जल संरक्षण परंपरा की अमूल्य धरोहर बनी हुई है। आज भी स्थानीय लोग इसे अपनी पहचान से जोड़कर देखते हैं। इसे बचाना आज भी संभव है। इतिहासकार अरविंद शर्मा कहते हैं कि ऐसी बावड़ियां सिर्फ स्मारक नहीं, बल्कि जल संचयन की प्राचीन व्यवस्था हैं इन्हें आधुनिक समय में भी जल संकट के समाधान के रूप में देखा जा सकता है। इनका संरक्षण करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। अगर समय रहते इसकी साफ-सफाई और जीर्णोद्धार किया जाए तो यह फिर से जीवंत हो सकती है। आने वाली पीढ़ियां इससे धौलपुर का इतिहास और जल बचाने की सीख दोनों ले सकेंगी। चोपड़ा बावड़ी आज भी धौलपुर के अतीत की जीवंत पहचान है। चोपड़ा बावड़ी सिर्फ पत्थरों की इमारत नहीं, ये हमारे पूर्वजों की जल बचाने की समझदारी है। इसे बचाना अब हमारी जिम्मेदारी है।
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हरियाणा में महिला आयोग के बयान पर नर्सिंग एसोसिएशन का उग्र विरोध, इस्तीफा की मांग

Panchkula, Haryana:हरियाणा में महिला आयोग की चेयरपर्सन के एक बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। “बेटी को 15 मिनट अकेले छोड़ने” वाले कथित बयान पर नर्सिंग एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताते हुए हंगामा किया है। मामला इतना बढ़ गया कि संगठन ने चेयरपर्सन के इस्तीफे की मांग तक कर दी है। नर्सिंग एसोसिएशन का आरोप है कि इस तरह का बयान महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा व सम्मान को लेकर गलत संदेश देता है। संगठन ने इसे असंवेदनशील बताते हुए कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को सार्वजनिक रूप से बोलते समय अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। विवाद बढ़ने के बाद राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने बयान को लेकर नाराजगी जताई है, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मामले को सही संदर्भ में समझने की जरूरत है। फिलहाल, विवाद शांत होने के बजाय और गहराता नजर आ रहा है, क्योंकि नर्सिंग एसोसिएशन अपने रुख पर अड़ा हुआ है और चेयरपर्सन के इस्तीफे की मांग जारी है।
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