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PPINEWZ9 May 2025, 07:36 pm

Kullu - भारत-पाकिस्तान तनाव से कुल्लू-मनाली पर्यटन पर भारी असर

Manali, Himachal Pradesh:

भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी का असर कुल्लू मनाली के पर्यटन कारोबार पर देखने को मिल रहा है। देश में चल रहे युद्ध जैसे हालातों के बीच अब कुल्लू-मनाली में होटल कारोबार भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में यहां होटलों में ऑक्युपेंसी भी कम हुई है। जिससे यहां के पर्यटन कारोबार पर भी असर देखने को मिल रहा है। हालांकि होटल कारोबारी इस समय पर अपने देश के मजबूत डिफेंस की तारीफ करते हुए भी नजर आ रहे है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल पर्यटक जोखिम नहीं उठाना चाहते है। लिहाजा, पर्यटकों ने अपने घूमने के कार्यक्रम टाल दिए गए है। होटल मैनेजर काविश ने बताया कि पर्यटन सीज़न के चलते पहले जहां उनके होटल में 70 से 80 प्रतिशत की ऑक्युपेंसी चल रही थी। वहीं अब इसपर भी असर साफ देखने को मिल रहा है। ऐसे में अब आगामी दिनों के लिए भी होटलों के बुकिंग कैंसिल होना शुरु हो गयी है। ऐसे में देश की सरकार के द्वारा दिए गए आदेशों को देखते हुए लोग भी बेवजह घरों से बाहर निकलने से बच रहे है। उन्होंने बताया कि इन दिनों वही पर्यटक यहां मौजूद है जो या तो इस स्थिति से पहले यहां आ गए थे। ऐसे में इस हालत को देखते हुए होटल कारोबारी भी बुकिंग कैंसिल होने पर लोगों को रिफंड कर रहे है। 

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आजमगढ़ सिधारी में निजी आवास से संदिग्ध देहव्यापार: 4 महिलाएं हिरासत में

Azamgarh, Uttar Pradesh:संदिग्ध देह व्यापार के मामले में 4 महिलाएं हिरासत में, कॉलोनीवासियों की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई, मामले की जांच में जुटी पुलिस। स्थानीय लोगों के अनुसार एक महिला द्वारा अपने निजी आवास पर बाहर से महिलाओं और युवतियों को बुलाए जाने तथा संदिग्ध गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत कई बार सिधारी थाने में की गई थी। बताया गया कि पूर्व में पुलिस स्तर पर समझौता कराकर महिला को समझाया बुझाया गया था, लेकिन इसके बाद भी गतिविधियां बंद नहीं होने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया। स्थानीय के अनुसार क्षेत्र में अध्यापक, लेखपाल, अधिवक्ता और सेना से सेवानिवृत्त लोगों के परिवार रहते हैं। उनका आरोप है कि ऐसी गतिविधियों का आसपास के परिवारों और बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एसपी सिटी और सदर क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। पुलिस ने मौके से 4 महिलाओं को हिरासत में लेकर सिधारी थाने लाया, जहां मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पुलिस जांच कर रही है。
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करहल-मकान के गेट पर कचरा रखने और ईंटें फेंकने का आरोप, निगरानी कैमरा भी तोड़ा सीसीटीवी फुटेज वायरल ।

Ajay KumarAjay KumarFollow1h ago
Firozabad, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी। न्यू बस्ती गांधी नगर निवासी सीआरपीएफ जवान की पत्नी बबली देवी ने मंगलवार को करहल कोतवाली में तहरीर देकर पड़ोसी महिला पर मकान के गेट के पास कचरा रखने,ईंटें और बोरी लगाकर रास्ता बाधित करने तथा निगरानी कैमरा तोड़ने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में बबली देवी पत्नी जीवन कुमार ने बताया कि उनके मकान के पश्चिमी तरफ कच्ची गली है,जिसकी ओर उनके मकान का एक गेट खुलता है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाली संजू देवी पत्नी सर्वेश कुमार द्वारा आए दिन गली की ओर स्थित गेट के पास कचरा रखा जाता है,इसके अलावा गली में ईंटें और बोरी लगाकर रास्ता बाधित किया गया है। बबली देवी के अनुसार,उक्त गली के संबंध में न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है और न्यायालय की ओर से स्टे ऑर्डर भी पारित किया जा चुका है। आरोप है कि मंगलवार सुबह करीब साढ़े चार बजे उनके गेट के पास कचरा रखा गया। जब उन्होंने कचरा हटाया तो पड़ोसी पक्ष की ओर से ईंटें फेंकी जाने लगीं,इसी दौरान उनके मकान में लगा निगरानी कैमरा भी तोड़ दिया गया। पीड़िता ने तहरीर में बताया कि उनके पति सीआरपीएफ में तैनात हैं और ड्यूटी के कारण घर पर नहीं रहते हैं। ऐसे में घटना के बाद वह अपने घर में भयभीत हैं। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
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चंदौली: 24 फाइनेंस कंपनियों के कथित साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर पुलिस छापेमारी

Chandauli, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग: चंदौली.... - 24 फाइनेंस कंपनियों के नाम पर कथित साइबर फ्रॉड नेटवर्क की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप - सूचना के आधार पर मुगलसराय पुलिस ने जी टी रोड स्थित एक मकान में छापेमारी की - मौके से कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है - पुलिस ने मकान से मिले दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच शुरू कर दी है - सीओ पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, फर्जी साइबर फ्रॉड गैंग का खुलासा हुआ है और मामले की गहन जांच की जा रही है - पुलिस संदिग्धों के सिस्टम चेक कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि कथित साइबर फ्रॉड में कितने लोग शामिल हैं - पुलिस के अनुसार, अभी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है, जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा - मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के कैलाशपुरी मोड़ की घटना. बाइट: अरुण कुमार सिंह, सीओ पीडीडीयू नगर, चंदौली.
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करनैलगंज में छत ढलाई के दौरान मजदूर की मौत, परिवार में कोहराम

Gonda, Uttar Pradesh:जहां करनैलगंज के चचरी चौकी क्षेत्र अंतर्गत बिबियापुर गोसाईं गांव में आज मंगलवार शाम छत की ढलाई के दौरान एक मजदूर की गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पहचान वासुदेव (35) पुत्र त्रिलोकी, निवासी राजस्व ग्राम दिनकरिया झलियनपुरवा, मौजा नकार के रूप में हुई है। वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। बिबियापुर गोसाईं के मजरा गोसाईं पुरवा में एक मकान की छत की ढलाई में शटरिंग लगा रहा था, तभी हादसे का शिकार हो गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बताया गया कि मृतक के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। पिता की मौत से बच्चों के सिर से साया उठ गया है, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे। शव को सीएचसी कर्नलगंज लाया गया, जहां पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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JK विधानसभा में भारी हंगामा: विपक्ष-भाजपा के बीच तकरार, 2 बिल वापस, एक पास

Chaka, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भारी हंगामा; BJP के अप्रत्याशित विरोध के बाद 2 बिल वापस लिए गए, 1 पास हुआ; विपक्ष के नेता शर्मा ने स्पीकर को हटाने की मांग की। मंगलवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में फिर से हंगामा हुआ, जब विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने स्पीकर अब्दुल रहीम राथर को हटाने की अपनी मांग दोहराई। शर्मा ने स्पीकर पर सदन में एक "गैर-कानूनी और असंवैधानिक" प्रस्ताव पारित होने देने का आरोप लगाया। शुरुआत में ही यह मुद्दा उठाते हुए शर्मा ने तर्क दिया कि राज्य का दर्जा बहाल करने वाले प्रस्ताव और कानून विभाग की राय पर आपत्तियों के कारण स्पीकर को पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के अपने रुख, जिसमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की टिप्पणियां भी शामिल हैं, ने सदन के सामने प्रस्ताव लाने की वैधता और प्रक्रिया पर संदेह पैदा किया है, और स्पीकर को इसे आगे बढ़ने देने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव बढ़ गया। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के सदस्यों ने "वोट चोर" के नारे लगाए, जबकि BJP विधायकों ने जोर-शोर से विरोध किया और सदन से वॉकआउट किया, साथ ही मांग की कि राथर कुर्सी छोड़ दें। स्पीकर राथर ने सख्ती से जवाब देते हुए BJP विधायकों से कहा: "एक स्पीकर के तौर पर, मैं अपने नियम जानता हूं। मैं सदन में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करूंगा." उन्होंने पद छोड़ने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्होंने अभी तक हटाने के नोटिस की विस्तार से जांच नहीं की है और विधानसभा की प्रक्रिया के तहत ऐसा कोई भी प्रस्ताव 14 दिनों के बाद ही सूचीबद्ध किया जाएगा। बाद में स्पीकर ने बार-बार व्यवधान पैदा करने और सदन का समय बर्बाद करने के लिए BJP की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टी जम्मू और कश्मीर के लोगों को सशक्त बनाने के खिलाफ है और उसे जनहित के मुद्दों की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदन सर्वोच्च है और चुने हुए प्रतिनिधियों के तौर पर विधायकों पर नौकरशाह हावी नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि जो लोग चुने हुए सदन के बजाय नौकरशाही को प्राथमिकता देते हैं, उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। यह विवाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा पेश किए गए उस प्रस्ताव पर केंद्रित है जिसमें "जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा तुरंत और तत्काल बहाल करने" की मांग की गई थी। इस प्रस्ताव में 26 जून, 2000 और 6 नवंबर, 2024 के विधानसभा के पुराने प्रस्तावों का भी ज़िक्र है। 2000 का प्रस्ताव, जो फारूक अब्दुल्ला सरकार के समय पास हुआ था, उसमें 9 अगस्त, 1953 से पहले जैसी ज़्यादा स्वायत्तता (autonomy) बहाल करने की मांग की गई थी, जिसे बाद में तत्कालीन बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया था। शर्मा समेत बीजेपी नेताओं ने बार-बार कहा है कि वे पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का समर्थन करते हैं, लेकिन इसे स्वायत्तता या 2019 से पहले की संवैधानिक स्थिति से जोड़ने का विरोध करते हैं। उनका कहना है कि प्रस्ताव की भाषा "अस्वीकार्य" और "संविधान के खिलाफ" है। बीजेपी ने फिर दोहराया कि राज्य का दर्जा उसका एजेंडा है और इसे जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए, लेकिन वह 1953 से पहले की स्वायत्तता, दो संविधान, दो राष्ट्राध्यक्ष, दो झंडे या परमिट सिस्टम को फिर से लागू करने की किसी भी कोशिश को सख्ती से खारिज करती है। पार्टी ने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक संविधान, एक तिरंगे और एक नेतृत्व के तहत एक रहना चाहिए। उसने यह भी तर्क दिया कि स्वायत्तता का मुद्दा बार-बार उठाने से लोगों की ज़रूरी चिंताओं से ध्यान भटकता है, जैसे कि दिहाड़ी मज़दूरों, कैज़ुअल वर्करों, NHM कर्मचारियों, JKAS उम्मीदवारों, चौकीदारों, NYC और रहबर-ए-खेल वर्करों को नियमित करना और उनकी सैलरी बढ़ाना—ऐसे मुद्दे जिन पर सरकार पिछले दो सालों में कुछ नहीं कर पाई है। इसके अलावा, विधानसभा ने जम्मू-कश्मीर राज्य विधानमंडल सदस्य पेंशन अधिनियम, 1984 में संशोधन करने वाला एक बिल पास किया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (जो कानून, न्याय और संसदीय मामलों के प्रभारी मंत्री भी हैं) द्वारा L.A. बिल नंबर 15 (2026) के तौर पर पेश किए गए इस कानून में इससे जुड़े और सहायक मामलों का प्रावधान है। उन्होंने कहा: "मैं मुस्कुराते हुए घर जा रहा हूँ, क्योंकि मुझ पर घर से भी दबाव था, क्योंकि वहाँ भी एक पेंशनभोगी है." उन्होंने अपने पिता, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारुक अब्दुल्ला की ओर इशारा किया, जो विज़िटर गैलरी से कार्यवाही देख रहे थे। बीजेपी ने उन पूर्व विधायकों के सम्मान में पेंशन बिल का समर्थन किया जो अब सक्रिय सेवा में नहीं हैं और अक्सर आर्थिक तंगी का सामना करते हैं। बीजेपी विधायकों की आपत्तियों के बाद, विधानसभा ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधानसभा सदस्यों के वेतन और भत्ते बढ़ाने वाले तीन बिल भी वापस ले लिए। आपत्तियों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वेतन बढ़ाने की सिफारिश करने वाली हाउस कमेटी में किसी ने भी असहमति नहीं जताई थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी सदस्य ज़्यादा वेतन की मांग कर रहे थे, लेकिन साथ ही दिहाड़ी मज़दूरों की समस्याओं का हवाला देकर इस मुद्दे का राजनीतिकरण भी कर रहे थे। अब्दुल्ला ने कहा, "मैं कभी भी इसके पक्ष में नहीं था। अगर एक भी सदस्य विरोध करता है, तो यह कभी पास नहीं होगा। मैं बिल वापस लेता हूं।" इसके बाद सदन ने बहुमत से बिल वापस लेने के पक्ष में वोट किया। बीजेपी ने वेतन वाले बिलों को जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने और विधायकों को "लॉलीपॉप" देने की कोशिश बताया और कहा कि इसीलिए उसने इनके खिलाफ वोट किया。
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बांदा में फर्जी बैनामे से जुड़ी आत्महत्या के मामले में अभियुक्त गिरफ्तार

Banda, Uttar Pradesh:बांदा में जमीन का जबरन फर्जी तरीके से बैनामा कराने तथा व्यक्ति आत्महत्या के लिए उकसाने वाले वांछित अभियुक्त को थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। शहर कोतवाली नगर पुलिस द्वारा जमीन का जबरन बैनामा/फर्जी तरीके से बैनामा कराने तथा व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है । गौरतलब हो थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के खाईपार की रहने वाली आशमा ने थाना कोतवाली नगर पर सूचना दी थी कि उनके पति निसार अहमद के नाम पर जमीन थी जिसे कुछ लोगों द्वारा जबरन/फर्जी तरीके से पैसे का बिना-लेन किए दबाव बनाकर अपने नाम कर लिया है तथा उनके साथ गाली गलौज कर धमकी भी देते थे जिसके चलते उसके पति निसार अहमद ने दिनांक 06/07.04.2025 की रात्रि में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था तथा एक सुसाइड नोट भी प्राप्त हुआ था । सूचना पर थाना कोतवाली नगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करते हुए । घटनाक्रम का गहनता से अवलोकन किया गया करते हुए साक्ष्यों का संकलन किया गया तथा सुसाइड नोट को परीक्षण हेतु विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था । संकलित साक्ष्यों एवं प्राप्त तथ्यों के आधार पर अभियुक्त फारूख अली पुत्र अहमद अली निवासी खूंटी चौराहा अलीगंज की संलिप्तता पाई गई । जिसे थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर आज दिनांक 28.09.2026 को मा0 न्यायालय भेजा गया । साथ ही, प्रकरण में संलिप्त अन्य अभियुक्तों के संबंध में भी गहनता से साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं । विवेचना के दौरान प्रकाश में आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल प्रत्येक अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार कठोर एवं प्रभावी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी ।
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पारस पोर्टल से योजनाओं की समीक्षा, बाढ़ राहत और ग्रामीण सड़क योजनाओं पर तेज़ी

Begun, Rajasthan:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारस पोर्टल के जरिए प्रदेश की प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की.. सीएम ने एग्रीस्टैक में हर पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.. वहीं बाढ़ प्रभावित 17 जिलों के 500 से ज्यादा गांवों में जल्द सर्वे कर पात्र परिवारों तक राहत पहुंचाने को कहा.. पीएम सूर्य घर योजना, सड़क-पुल और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लंबित कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए.. सीएम ने सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा.. मुख्यमंत्री ने कहा, योजनाएं सिर्फ कागजों पर नहीं, धरातल पर दिखनी चाहिए.. हर महीने के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल से योजनाओं की समीक्षा होगी..
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पटना में EFTR तकनीक से बिना चीरे GIST ट्यूमर सफल निकाला: बिहार-झारखंड में पहली बार

Patna, Bihar:पटना की इन्क्योर हॉस्पिटल में डॉ धीरज कुमार मरीजों को देखते हैं.. सेवा भाव से किए जा रहे उपचार को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों से मरीज यहां पहुंच रहे हैं.. तकनीकी और मेडिकल दक्षता के साथ सेवा भाव यहां की खासियत है.. इसी कड़ी में पेट के एक जटिल ऑपरेशन ने सबका ध्यान खींचा जिसे डॉ धीरज कुमार और उनकी टीम ने कुशलतापूर्वक पूरा किया.. बिहार झारखंड में अपने तरह का यह पहला ऑपरेशन है जिसकी चर्चा मेडिकल क्षेत्र में हो रही है, जिसमें मरीज अत्यंत गंभीर अवस्था में डॉ धीरज के पास पहुँचे। उन्हें लगातार आंतरिक रक्तस्राव हो रहा था, बार-बार काला मल आ रहा था और उनका हीमोग्लोबिन गिरकर लगभग 3 ग्राम तक पहुँच गया था। रक्तचाप भी बहुत कम था। यह एक ऐसी स्थिति थी, जिसमें थोड़ी-सी देरी भी मरीज के जीवन के लिए घातक साबित हो सकती थी। रक्तस्राव का स्रोत पता करने के लिए तत्काल एंडोस्कोपी की गई। जांच में पेट की दीवार से उत्पन्न एक गोलाकार ट्यूमर दिखाई दिया, जिसकी एंडोस्कोपीटिक बनावट GIST—Gastrointestinal Stromal Tumour जैसी थी। इसकी सतह पर अल्सर बन गया था और वहीं से लगातार रक्तस्राव हो रहा था। ट्यूमर की लोकेशन अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी। पारंपरिक रूप से ऐसे ट्यूमर को निकालने के लिए ओपन या लैप्रोस्कोपी सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। इसकी स्थिति ऐसी थी कि सर्जरी द्वारा वहाँ तक पहुँचना भी तकनीकी रूप से कठिन होता। डॉ धीरज कुमार ने एंडोस्कोपी के माध्यम से उस स्थान तक पहुँचकर Endoscopic Full-Thickness Resection—EFTR तकनीक का उपयोग किया। Full-Thickness Resection Device—FTRD की सहायता से पेट की दीवार की पूरी मोटाई सहित ट्यूमर को निकाला गया और उसी प्रक्रिया के दौरान उस स्थान को सुरक्षित रूप से बंद भी कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में मरीज के पेट पर एक भी बाहरी चीरा नहीं लगाया गया। सबसे संतोषजनक बात यह है कि मरीज अब स्थिर हैं, रक्तस्राव बंद हो चुका है और उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। इतनी जटिल प्रक्रिया के बावजूद उन्हें बड़ी सर्जरी, बाहरी घाव और लंबे समय तक अस्पताल में रहने की आवश्यकता नहीं पड़ी। स्थिति स्थिर रहने पर उन्हें 24 घंटे के भीतर अस्पताल से छुट्टी देने की योजना है। इस ऑपरेशन के बाद मरीजों में उम्मीद जगी है कि जटिल रोग और परिस्थिति में वे देश के बड़े शहरों का रुख न कर पटना में ही बेहतर उपचार पा सकेंगे डॉ धीरज कुमार, चिकित्सक इन्क्योर हॉस्पिटल निकाले गए ट्यूमर को विस्तृत हिस्टोपैथोलॉजी एवं इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री जांच के लिए भेजा गया है। अंतिम रूप से GIST की पुष्टि, उसके malignant potential, resection margins और आगे की उपचार-योजना का निर्णय रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा। डॉ धीरज ने बताया कि उनके लिए यह केवल एक अत्याधुनिक प्रक्रिया की सफलता नहीं है। यह उस बदलते बिहार की तस्वीर है, जहाँ जिन जटिल उपचारों के लिए कभी मरीजों को दिल्ली, मुंबई या हैदाबाद भेजना पड़ता था, वह अब बिहार में संभव हो रहे हैं। मरीज के परिजन इस सफल ऑपरेशन के बाद डॉ धीरज को भगवान मान रहे हैं
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कटनी में निःशुल्क साइकिल लौटाने से छात्र-छात्राओं में नाराज़गी, जांच चली

Katni, Madhya Pradesh:एंकर कटनी के ढीमरखेड़ा क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को शासन की योजना के तहत दी गई निःशुल्क साइकिलें महज एक महीने बाद वापस लिए जाने का मामला सामने आया है। महमगवां गांव के छात्र-छात्राएं शासकीय हाई स्कूल पडरभटा में पढ़ते हैं, जो उनके गांव से करीब दो किलोमीटर दूर है। छात्रों का आरोप है कि जुलाई माह में उन्हें निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं, लेकिन अगस्त में स्कूल प्राचार्य ने यह कहते हुए साइकिलें वापस ले लीं कि वे योजना के लिए पात्र नहीं हैं। जिसके बाद आज छात्र छात्रा अपने परिजनों के साथ जन सुनवाई में पहुंचे और सायकल उन्हें वापस दी जाए जिसके लिए आवेदन दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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