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Yamunanagar135001

यमुनानगर में धूमधाम से मनाया गया 10वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

Jun 21, 2024 07:02:45
Yamuna Nagar, Haryana

आज हरियाणा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का धूमधाम से आयोजन किया गया। यमुनानगर की जगाधरी अनाज मंडी में जिला स्तरीय कार्यक्रम हुआ जिसमें कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर मुख्यातिथि थे। उन्होंने दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम की शुरूआत की और योगा की क्रियाओं में भी भाग लिया। इस अवसर पर विधायक घनश्यामदास अरोड़ा और जिले के डीसी एसपी भी मौजूद रहे। यहां पर लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी के संदेश सुने और पांच व्यायाम शालाओं का उद्घाटन भी किया गया।

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KAKapil Agarwal
Mar 12, 2026 18:17:48
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SDShankar Dan
Mar 12, 2026 18:17:15
Jaisalmer, Rajasthan:वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारेठ के आकस्मिक निधन पर आईएफडब्ल्यूजे पत्रकार संगठन की ओर से गुरुवार जैसलमेर जिला इकाई के कार्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में बड़ी संख्या में पत्रकार साथियों ने उपस्थित होकर दिवंगत पत्रकार को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरुआत दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी और सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। शोक सभा में संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि नारायण बारेठ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सहजता, सरलता, सादगी तथा निष्पक्षता के लिए जाने जाते रहे। उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन में समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और पत्रकारिता के मूल्यों को सशक्त करने का कार्य किया। सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध उनकी लेखनी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनी रही। आईएफडब्ल्यूजे संगठन को जब भी उनके सहयोग व मार्गदर्शन की आवश्यकता पड़ी उन्होंने सदा ही सहर्ष अपना सहयोग प्रदान किया। उनके निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई। शोक सभा में संगठन के वरिष्ठ सदस्य विमल भाटिया, प्रदेशाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़, कार्यसमिति सदस्य सांवलदान रत्नू, जिलाध्यक्ष गणपत दैया, सिकंदर शेख, सूर्यमवीर सिंह तंवर, श्रीकांत व्यास, आदि जिले के पत्रकारों ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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DGDeepak Goyal
Mar 12, 2026 18:16:55
Jaipur, Rajasthan:उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका ने सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और अधिकारियों की बैठक लेकर शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके। बैठक में रांका ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विभाग की नई योजनाओं को संपर्क पोर्टल के सब्जेक्ट में शामिल किया जाए, जबकि पुराने और अनुपयोगी सब्जेक्ट की समीक्षा कर उन्हें हटाया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि 12 मार्च 2025 से 11 मार्च 2026 के बीच संपर्क पोर्टल पर विभाग से जुड़े 10,341 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 9,317 मामलों (90.10%) का निस्तारण किया जा चुका है। इन मामलों के समाधान में औसतन 27 दिन का समय लगा, जबकि करीब 64 प्रतिशत परिवादियों ने समाधान पर संतुष्टि जताई। निरीक्षण के दौरान रांका ने कंट्रोल रूम में बैठकर स्वयं परिवादियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। करौली के रामचन्द्र मीणा की मूल अंकतालिकाएं नहीं मिलने की शिकायत पर उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देश देकर समस्या का समाधान करवाया। वहीं joधपुर के नरेश कुमार को कॉलेज परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलने की शिकायत पर भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी तरह अलवर की निशा बाई वर्मा की कॉलेज में जमा टोकन राशि वापस नहीं मिलने की शिकायत पर संबंधित अधिकारी को समाधान के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बारां के धारा सिंह, जोधपुर के हर्ष गोयल, धनराज और तिलोक चंद सहित अन्य परिवादियों से भी संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन पर उपस्थित होकर सीधे परिवादियों से संवाद कर रहे हैं।
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RSRakesh Singh Thaku
Mar 12, 2026 18:16:26
Mungeli, Chhattisgarh:एंकर -केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन मुंगेली जिले के सभी विकासखंड मुंगेली, लोरमी और पथरिया में इस योजना की जमीनी सच्चाई कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। यहां लगभग एक, दो, और कही तीन साल से पहले ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई पानी टंकी आज भी केवल सफ़ेद हाथी बनकर खड़ी है, जबकि गांव के लोग गर्मी की शुरुआत होते ही बूंद-बूंद पानी के लिए जूझने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने गांव-गांव में नल जल योजना के माध्यम से हर घर पानी पहुंचाने का दावा किया था, लेकिन यह दावा अब तक सिर्फ कागजों और सरकारी रिपोर्टों तक ही सीमित नजर आ रहा है। ग्राम पंचायतों में बनी पानी की टंकीयों का निर्माण कार्य करीब एक वर्ष पहले पूरा हो चुका है, पाइप लाइन भी बिछाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद आज तक किसी भी घर के नल से पानी की एक बूंद भी नहीं निकली है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि टंकी बनने के बाद विभाग द्वारा केवल एक बार इसे चालू किया गया था। उस समय कई टंकीयों से पानी का भारी रिसाव शुरू हो गया, तो कही से अंडर ग्राउंड पाईप से लीकेज होने लगा क्यों की विभाग के द्वारा जिस जिस कम्पनी का पाईप दिया गया था वह स्तरहीन था और ज़ब पानी की टेस्टिंग की गयी तो खराब पाईप से जगह जगह लीकेज होने लगा और पानी सप्लाई बंद हो गया। जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर ही सवाल खड़े हो गए। इसके बाद टंकी को बंद कर दिया गया और तब से लेकर आज तक इसे दोबारा चालू करने की कोई कोशिश नहीं की गई गर्मी का मौसम शुरू होते ही गांव में पानी का संकट गहराने लगता है। हैंडपंपों का जल स्तर नीचे चला जाता है और कई बार लोगों को दूर-दूर के स्रोतों से पानी लाना पड़ता है। ऐसे में गांव के बीचों-बीच खड़ी पानी टंकी लोगों के लिए राहत का माध्यम बनने के बजाय भ्रष्टाचार और लापरवाही की याद दिला रही है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं जब उनका लाभ आम लोगों तक पहुंचे, लेकिन यहां हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं। कई पंचायत के सरपंचों का कहना है की पूर्व के सरपंच ने कमीशन या अधिकारीयों के दबाव आकर हेंड ओवर कर लिया है पर आज की स्थित में हमें भुगतना पड़ रहा है पूरा मूलभुत का पैसा इसके रखरखाव में और पाईप की रिपेरिंग में पैसा चला रहा है और ग्रामीणों तक पानी नही पहुंच पा रही है क्यों की पाईप इतनी खराब है की जगह जगह फट रही है इससे हम सरपंचों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और लोगों को पानी भी नही मिल पा रहा है। ये सब अधिकारियो और ठेकेदारों की लापरवाही का नतीजा है की ये जल जीवन मिशन योजना हम सरपंचों के लिए सर दर्द से कम नहीं है। इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद विडंबनापूर्ण है, क्योंकि मुंगेली जिले के विधानसभा क्षेत्र से ही छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और जल जीवन मिशन के मंत्री अरुण साव विधायक हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंत्री के अपने ही विधानसभा और गृह जिले में जल जीवन मिशन की यह हालत है, तो प्रदेश के अन्य इलाकों में योजना की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोरमी ब्लॉक के कई गांवों में जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी टंकीं पूरी तरह सफल नहीं हो पाई हैं। कई जगह पाइप लाइन बिछाने के बावजूद पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है, जबकि कागजों में योजनाओं को सफल बताकर रिपोर्ट भेजी जा रही है। पीएचई विभाग के अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत से योजना में भारी अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से कागजों में सफलता की कहानी तैयार करवाई जा रही है और मीडिया में भी योजनाओं की उपलब्धियां दिखाने की कोशिश की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर ग्रामीण अब भी पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। PHE विभाग के अधिकारी का कहना है की मुंगेली ब्लॉक में 103 पंचायत में और लोरमी ब्लॉक में 87 पंचायत में सफलता पूर्वक पानी की सप्लाई चालू कर दिया गया है। संबधित विभाग के अधिकारी का कहना था की हमने पानी चालू होते हुए सरपंच सचिव के साथ फोटो खिचवाकर विभाग और ठेकेदार ने हेंड ओवर कर दिया फिर विभाग ने न ही ठेकेदार ने दुबारा सुध नही लिया की ग्रामीणों को पानी मिल रहा है की नही बस रिकार्ड में चढ़ गया की पानी सप्लाई हो रही है जबकि हकीकत कुछ और बया कर रही है। यदि जांच में निर्माण में लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आता है, तो संबंधित अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। इधर मुंगेली कलेक्टर कुंदन कुमार ने जिले में बढ़ती गर्मी और संभावित जल संकट को देखते हुए कहा है कि पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी पानी की समस्या सामने आ रही है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को परेशानी न उठानी पड़े। फिलहाल जिले के ग्रामीण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही टंकी को चालू कर घर-घर पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई, तो ग्रामीणों को मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। जब तक गांव के नलों से पानी नहीं बहता, तब तक मुंगेली जिले की यह पानी टंकी विकास की कहानी नहीं बल्कि सरकारी योजनाओं की लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की एक मूक गवाही बनकर खड़ी रहेगी।
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RNRajesh Nilshad
Mar 12, 2026 18:16:01
Chittorgarh, Rajasthan:देश के हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना शुरू की थी. इस योजना का लक्ष्य है कि हर घर तक नल के जरिए साफ पेयजल पहुंचे.. लेकिन, सवाल यह है कि क्या वास्तविक रूप से हर घर तक नल का पानी पहुंच रहा है? या फिर यह योजना सिर्फ कागजों तक ही सीमित है.. इसी हकीकत को जानने के लिए हमारी टीम पहुंची ग्राउंड पर.. खंडवा गांव के अभनपुर विकासखंड का यह खंडवा गांव है.. हमारी टीम जब यहां पहुंची तो आंकड़ो के मुताबिक यहां के ज्यादातर घरों में नल कनेक्शन लग चुके हैं… लेकिन जब हमने हकीकत जानने की कोशिश की तो तस्वीर कुछ अलग ही नजर आई.. कई घरों में नल तो लगा है… लेकिन पानी नहीं आ रहा… तो कहीं पानी की सप्लाई अनियमित है.. जिसके कारण लोगों को आज भी हैंडपंप और बोर का सहारा लेना पड़ रहा.. खंडवा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि 2 से 3 साल पहले उनके घरों में नल का कनेक्शन लगाया है.. ग्रामीणों के मुताबिक कई घरों में नियमित साफ पानी आता है, लेकिन कुछ घरों में पानी ही नहीं आता तो पानी का फोर्स केवल एक दो बाल्टी भरने लायक ही होता है.. ग्रामीणों बताया कि इसकी शिकायत कई दफे सरपंच से कर चुके बावजूद समस्या का समाधान नही हो पाया.. वहीं सरपंच पति और सरपंच प्रतिनिधि जगदीश भारती ने कहा हम कई बार शासन प्रशासन से इस संबंध में मांग कर चुके है.. हमारे गांव में पानी की समस्या है.. कई घरों तक पानी पहुंचता है और बहुतों के घर तक पानी नही पहुंच पाता.. पानी- ग्रामीण महिलाएं जगदीश भारती, सरपंच प्रतिनिधि और सरपंच पति वहीं सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि पिछले दो साल में जल जीवन मिशन के तहत तेजी से काम किया जा रहा है.. बहुत जल्द इसका क्रियान्वयन भी देखने को मिलेगा.. जिसका सीधा लाभ लोगों को मिलता नजर आएगा.. बात- अरुण साव, डिप्टी सीएम सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन का मकसद था हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाना.. लेकिन ग्राउंड पर कई जगहों पर अब भी लोगों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.. अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इन समस्याओं को कब तक दूर कर पाता है..
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HSHITESH SHARMA
Mar 12, 2026 18:15:41
Durg, Chhattisgarh:एंकर-आजादी के 78 साल बाद भी यदि नदी के किनारे बसे गाँव को पीने के पानी के लिए तरसना पड़े और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए मशक्कत करनी पड़े तो तो यकीन मानिए सरकार के सारे दावे कागजी है क्योंकि छत्तीसगढ़ की जीवन दायिनी नदी शिवनाथ के मुहाने पर बसे अंजोरा ढाबा गाँव आज भी पानी के लिए तरस रहा है. दुर्ग जिले का गाँव अंजोरा ढाबा गाँव जो शिवनाथ नदी के ही किनारे बसा है इस गाँव के लोग आज भी पानी के लिए तरस रहे है भरी गर्मी में गाँव के इकलौते ट्यूबवेल के सहारे गाँव के लोग घण्टो लाइन लगाकर पानी को भरने मजबूर है ट्यूब वेल की पतली धार ग्रामीणों का एक मात्र सहारा है इस ट्यूब वेल से एक डिब्बा पानी भरने में ग्रामीणों को घण्टो लग जाते है पानी को लेकर लोगो के चेहरे पर परेशानी सनफ देखी जा सकती है
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RSRAKESH SINGH
Mar 12, 2026 18:01:53
Chapra, Bihar:चेपरा के मशरख में संदिग्ध हालत में पेंटर संतोष महतो की मौत हो गई. मौत शराब पीने की बात सामने आने के बाद हुई, पहले आंखों की रोशनी चली गई फिर उल्टी के बाद मौत. डीएम और एसएसपी पानापुर पहुंचे, घटना की जानकारी ली. मशरख इलाके में छापेमारी तेज. सारण जिले के मशरख थाना क्षेत्र में पेंटर संतोष महतो (पिता–चंद्रिका महतो) के मौत के बाद इलाके में चर्चा है. घरेलू इलाज के दौरान डॉक्टर को शराब पीने की बात बताई गई. इलाज के दौरान हालत बिगड़ती गई और मौत हो गई. मृतक मशरख तख्त गांव निवासी थे. वह पेशे से पेंटर और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे. परिवार के अनुसार मंगलवार शाम वे मजदूरी कर घर लौटे, रात दूध-रोटी खाकर सो गए. बुधवार सुबह आंखों की रोशनी कम दिखना, फिर उल्टी-दस्त और हालत बिगड़ना. प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल छपरा रेफर किया गया. रास्ते में हालत और बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित किया गया. मौत की खबर पर अस्पताल में परिजनों में हाहाकार. चिकित्सकों ने शराब पीने का उल्लेख पर्ची में दर्ज किया. पुलिस मामले की जांच कर रही है. घटनाक्रम के बाद मशरक में एसडीओ-एसडीपीओ और उत्पाद विभाग के साथ छापेमारी चल रही है; प्रशासन ने जानकारी दी.
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RKRakesh Kumar Bhardwaj
Mar 12, 2026 18:01:34
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर । सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मारवाड़ क्षेत्र की प्रमुख नदियां औद्योगिक प्रदूषण को लेकर गठित हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी की पहली स्टेटस रिपोर्ट में जोधपुर, पाली और बालोतरा क्षेत्र की नदियों की भयावह स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार लूनी, बांडी और जोजरी नदियां अब लगभग औद्योगिक नालों में बदल चुकी हैं, जिससे लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ एवं जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने जोजरी संकट को लेकर स्व प्रेरणा से प्रसंज्ञान लेकर इस मामले में आवश्यक निर्देश जारी किए। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 21 नवंबर 2025 को एक आदेश पारित करते हुए हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी गठित की थी। कमेटी को इस मामले में अपनी रिपोर्ट तैयार कर पेश करने के निर्देश भी दिए थे। कमेटी ने अपनी लगभग 202 पन्नों की अंतरिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की है, जिसमें नदी तंत्र, उद्योगों, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की स्थिति का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। जोधपुर की जोजरी नदी रिपोर्ट में जोधपुर की जोजरी नदी की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया गया है। शहर में प्रतिदिन लगभग 230 मिलियन लीटर सीवेज उत्पन्न होता है, जबकि ट्रीटमेंट क्षमता केवल 175 मिलियन लीटर प्रतिदिन है। करीब 55 एमएलडी गंदा पानी बिना शोधन के सीधे नदी में जा रहा है। हालात सुधारने के लिए राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (आरयूआईडीपी) के तहत 23.81 करोड़ रुपये की लागत से 23 किलोमीटर लंबी नई एफ्लुएंट पाइपलाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिसे 11 मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा भांडू-सालावास क्षेत्र में ड्रोन सर्वे के बाद 142 अवैध वाशिंग टैंक भी ध्वस्त किए गए हैं। पाली की बांडी नदी पाली जिले में बांडी नदी और सीईटीपी की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार सीईटीपी-4 में करीब 1500 मीट्रिक टन और सीईटीपी-6 में लगभग 4500 मीट्रिक टन खतरनाक सूखा कचरा खुले में जमा है। सीईटीपी-6 से करीब 280 औद्योगिक इकाइयां जुड़ी हुई हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 26 मई 2017 को इस प्लांट को केवल छह महीने की अनुमति दी थी, लेकिन इसके बाद भी यहां टैंकरों से अपशिष्ट परिवहन जारी रहा। रिपोर्ट में वर्ष 2019 के एक आकलन का हवाला देते हुए बताया गया कि नेहड़ा डैम में 5 से 6 फीट तक जहरीला स्लज जमा पाया गया था। रामपुरा ग्राम पंचायत के किसानों ने कमेटी को बताया कि प्रदूषित पानी के कारण उनकी संवेदनशील फसलें केवल 5 प्रतिशत तक ही बच पा रही हैं। बालोतरा में लूनी नदी की हालत गंभीर बालोतरा क्षेत्र में लूनी नदी के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यहां का एसटीपी बिना संचालन की सहमति के चल रहा था। इस लापरवाही के चलते नगर पालिका कमिश्नर के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है। जेरला नाले से छोड़े जा रहे जहरीले पानी ने मंडापुरा सहित आसपास की लगभग 800 बीघा चरागाह भूमि को बर्बाद कर दिया है। गड़वाड़ा-जैतपुर पुल और छपरिया क्षेत्र में पानी का इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी स्तर 4.610 मिली-सीमेंस पाया गया, जिसे बेहद खतरनाक माना गया है। जोधपुर के धुंधाड़ा क्षेत्र के मीठिया बेरा कुएं में पानी का पीएच स्तर 8 और ईसी लगभग 8 मिली-सीमेंस दर्ज की गई। रीको फेज-4 की 45 औद्योगिक इकाइयों की जांच में केवल एक यूनिट ही नियमों के अनुसार पाई गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि टेक्सटाइल उद्योगों के प्रदूषण से वर्ष 2010 में ही पाली और बाड़मेर क्षेत्र में लगभग 17,517.96 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान आंका गया था। सुप्रीम कोर्ट की सरकार को फटकार सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी की रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की कार्यशैली पर नाराजगी जताई और कहा कि टालमटोल की नीति से सार्वजनिक संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचा है। अदालत में यह भी सामने आया कि कमेटी को जांच के लिए पर्याप्त लॉजिस्टिक और मानव संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए थे। राजस्थान के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत को आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई से पहले कमेटी को आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी की रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी.
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KSKartar Singh Rajput
Mar 12, 2026 18:00:50
Morena, Madhya Pradesh:ईंट भट्टे पर काम करने वाले युवक-युवती सड़े-गले शव मिलने से फैली सनसनी 8 माह की गर्भवती थी युवती, युवती की हत्या कर युवक द्वारा फांसी के फंदने पर झूलने की संभावना गुना। जिले के धरनावदा थाना अंतर्गत रूठियाई कस्बे में गुरुवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। नेशनल हाईवे पर स्थित एक ईंट भट्टे के अस्थाई निवास में पति-पत्नी के रूप में रह रहे युवक-युवती की लाशें मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव करीब तीन से चार दिन पुराने बताए जा रहे हैं, जो पूरी तरह डीकंपोज होकर काले पड़ चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। खौफनाक मंजर, फर्श पर युवती तो फंदे पर युवक मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरती करीब 8 महीने की गर्भवती थी। बताया जा रहा है कि दोनों पड़ोस में ही रहते थे और करीब एक साल पहले ही उन्होंने प्रेम विवाह किया था। इस मामले में बजरंगगढ़ थाने में युवती की गुमशुदगी का मामला दर्ज है। धरनावदा पुलिस के अनुसार मामला लव इन रिलेशनशिप और आपसी तनाव से जुड़ा हो सकता है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या कोई तीसरा व्यक्ति इस घटना में शामिल था या यह घरेलू कलह का खौफनाक परिणाम है। चूंकि शव 3-4 दिन पुराने हैं, इसलिए साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला हत्या के बाद सुसाइड का लग रहा है, क्योंकि कमरा अंदर से बंद था। पुलिस ने शवों केा गुना भेजकर पीएम कराया है। हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका preliminarily केस के कारण हो सकता है कि दोनों में विवाद था। जानकारी के अनुसार सूरज की एक अन्य महिला से दोस्ती भी बताई जाती है इसी को लेकर संभवत: दोनों में विवाद हुआ था। हालांकि, मौत की असली वजह और समय का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। मृतक युवक का नाम सूरज सहरिया है, उम्र लगभग 24 वर्ष। वह बजरंगगढ़ की बीस भुजा कॉलोनी का रहने वाला था। युवती की गुमशुदगी बजरंगगढ़ थाने में दर्ज है। दोनों रूठियाई में ईंट भट्टों के पास बने कमरे में लिव-इन रिलेशनशिप में रहते थे। शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी.
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RKRAJESH KUMAR
Mar 12, 2026 18:00:24
Noida, Uttar Pradesh:अमेरिकी तेल टैंकर पर मिसाइल हमले में भागलपुर के इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत, शिपिंग कंपनी में कार्यरत थे भागलपुर- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भागलपुर के कहलगांव प्रखंड के रानिबिमिया गांव निवासी देवनंदन प्रसाद सिंह की जहाज पर हुए मिसाइल हमले में मौत हो गई। वे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनी ब्रावो शिपिंग कंपनी में एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और सेफसी विष्णु नामक ऑयल टैंकर जहाज पर तैनात थे। जानकारी के अनुसार यह जहाज इराक के बसरा पोर्ट से अलजुबैर होते हुए सिंगापुर की ओर जा रहा था। बुधवार रात क्षेत्र में जारी तनाव के दौरान जहाज पर मिसाइल हमला हुआ। कंपनी ने गुरुवार को घटना की आधिकारिक पुष्टि की। हमले में जहाज पर सवार कई लोग घायल हुए हैं, जबकि देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले उनकी परिवार से आखिरी बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया था कि वे समुद्र में हैं और ड्यूटी पर हैं, इसलिए ज्यादा देर बात नहीं हो पाई। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे कंपनी की ओर से घर पर संदेश आया, जिसमें हादसे और उनकी गंभीर स्थिति की जानकारी दी गई। बाद में उनके निधन की खबर मिली। मृतक के परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा जापान में एक निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि बेटी मेडिकल की तैयारी कर रही है। घटना की खबर मिलते ही परिवार में शोक का माहौल है। परिजन पार्थिव शरीर को पैतृक गांव लाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
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