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SKSumit KumarFollow25 Jun 2024, 01:24 pm

पानीपत HSVP हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जमीन पर अवैध अतिक्रमण पर विभाग ने चलाया पीला पंजा

Panipat, Haryana:

हरियाणा विकास प्राधिकरण ने पानीपत के सेक्टरों में सरकारी जमीन पर कब्जाए बैठे अतिक्रमणकारियों पर लगाम कस ली है। हुडा प्रशासन की ओर से तोड़फोड़ करने व सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। हुडा विभाग के जेई रामपाल आर्य की अगुवाई में आज विभाग अधिकारियों ने शहर भर में ग्रीन बेल्ट के अंदर किए गए कब्जे को खाली करवाया। वहीं जिन लोगों द्वारा विभाग जमीन पर अवैध कब्जे पर भी JCB चला। रामपाल आर्य ने बताया कि यह मुहिम लगातार 1 माह तक निरंतर चलेगी।

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बुलंदशहर में शादीशुदा प्रेमिका ने प्रेमी को ससुराल बुलाकर हत्या कर दी

Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलन्दशहर शादी शुदा प्रेमिका ने अपने प्रेमी को ससुराल बुलाकर अपने पति और ससुरालियों के पीट पीटकर की हत्या हत्या को अंजाम देने वाली प्रेमिका मंजू व उसके पति कृष्ण को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल 3 आरोपी अभी भी फरार,तलाश में जुटी पुलिस बीती 14 जून को छतारी थाना क्षेत्र निवासी अवधेश को कॉल कर मंजू ने मिलने अपनी ससुराल थाना बीबी नगर क्षेत्र में था बुलाया जिसके बाद अपने पति कृष्ण व उसके परिजनों के साथ पर की थी अपने प्रेमी अवधेश की पिटाई घायल हुए अवधेश को उपचार के लिए ले जाया गया था हॉस्पिटल, जहाँ डॉक्टरों ने अवधेश को किया कर दिया था मृत घोषित मृतक के परिवार की तहरीर के आधार पर आरोपी प्रेमिका उसके पति व उसके तीन अन्य परिजनों के खिलाफ किया था नामजद मुकदमा पुलिस ने आरोपी प्रेमिका व उसके पति को गिरफ्तार कर पुलिस ने भेजा जेल बुलन्दशहर के थाना बीबी नगर क्षेत्र का मामला।
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बागपत दौरे पर मीनाक्षी भराला ने कानून व्यवस्था की जमकर तारीफ

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत दौरे पर पहुंचीं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने प्रदेश की कानून व्यवस्था की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं सड़क, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हैं। मीनाक्षी भराला ने कहा कि आज से बेहतर कानून व्यवस्था प्रदेश में पहले कभी नहीं रही। अखिलेश यादव की बेटी पर की गई टिप्पणी के मामले में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि बेटी सबकी साझी होती है और इस प्रकरण में चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। महिला आयोग सदस्य ने कहा कि महिलाओं के साथ उत्पीड़न की कई घटनाएं घरों के भीतर भी होती हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि शादी के कुछ समय बाद ही बेटियों को छोड़ने के मामले सामने आ रहे हैं। समाज को आत्ममंथन करते हुए अपने संस्कारों और सोच में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
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भागवत बोले: हल्दीघाटी विजय से देश में स्वाभिमान की नई चेतना

Udaipur, Rajasthan: उदयपुर में आज महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के गांधी ग्राउंड में आयोजित हुए हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतुःशती महोत्व राष्ट्र चेतना संकल्प महोत्सव को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने सम्बोधित किया। मोहन भागवत ने कहा कि भारत का इतिहास पराधीनता का नहीं, बल्कि विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध निरंतर चले संघर्ष, प्रतिरोध और आत्मगौरव का है। हल्दीघाटी का युद्ध केवल दो सेनाओं का युद्ध नहीं था, बल्कि राष्ट्रचेतना और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संपूर्ण समाज द्वारा लड़ा गया महासंग्राम था। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी युद्ध मे हमारी विजय इसलिए हुई क्योंकि महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। युद्ध के उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों, समकालीन स्रोतों और स्वयं मुगल इतिहासकारों के वर्णनों से स्पष्ट होता है कि युद्ध के विभिन्न चरणों में मुगल सेना को पीछे हटना पड़ा। युद्ध के बाद शत्रु भय और असुरक्षा की स्थिति में रहा, तो वास्तविक विजय किसकी थी, इसका निर्णय इतिहास स्वयं करता है। युद्ध के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि महाराणा प्रताप की सेना के पहले ही आक्रमण ने मुगल सेना को दूर तक पीछे हटने के लिए विवश कर दिया था। चेतक के अद्भुत पराक्रम, प्रताप की युद्धनीति और सैनिकों के आत्मबल ने सीमित संसाधनों के बावजूद विशाल साम्राज्य की सैन्य शक्ति को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप की सेना में केवल राजवंश या योद्धा वर्ग नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज खड़ा था। जाति, पंथ, क्षेत्र और सामाजिक भेदों से ऊपर उठकर समाज राष्ट्ररक्षा के लिए एकजुट हुआ था। उन्होंने कहा भारत का समाज कभी भी स्वेच्छा से पराधीनता स्वीकार करने वाला समाज नहीं रहा। जब-जब विदेशी आक्रांताओं ने इस भूमि पर अधिकार करने का प्रयास किया, तब-तब प्रतिरोध की अग्नि प्रज्ज्वलित हुई। उन्होंने बप्पा रावल, ललितादित्य, महाराणा प्रताप और अन्य वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की आत्मा को पराजित करना किसी भी आक्रांता के लिए संभव नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इतिहास को कई बार सत्ता के निकट रहने वालों ने अपने दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया, जिसके कारण अनेक राष्ट्रीय नायकों के योगदान को अपेक्षित स्थान नहीं मिला। हल्दीघाटी के युद्ध के संदर्भ में भी तथ्यों की पुनर्समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिस महाराणा प्रताप की जयंती आज पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है, अकबर की नहीं। वह इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि राष्ट्र अपने वास्तविक नायकों को कभी नहीं भूलता। डॉ. भागवत ने कहा, “दुनिया में कहीं अकबर की जयंती नहीं मनाई जाती, जबकि महाराणा प्रताप का स्मरण आज भी जन-जन करता है। इतिहास का यह लोकनिर्णय स्वयं बताता है कि विजय किसकी हुई थी।” उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को ‘हिंदुआ सूरज’ यूं ही नहीं कहा गया। उन्होंने अपने धर्म, संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रहित के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनका जीवन सत्ता प्राप्ति का नहीं, बल्कि लोककल्याण, आदर्श शासन और राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा का उदाहरण है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा आदर्श स्थापित किया जो आज भी राष्ट्रजीवन को प्रेरणा देता है। सरसंघचालक ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी एकता, समरसता और आत्मविश्वास में निहित है। केवल संकट के समय ही नहीं, बल्कि सामान्य परिस्थितियों में भी समाज को संगठित और जागृत रहना होगा। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान और ‘स्व’ का भाव जब तक जीवित रहेगा, तब तक भारत हर चुनौती का सामना करते हुए विजय की नई गाथाएं रचता रहेगा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह का आह्वान करते हुए कहा कि सभी नागरिक महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रोत्थान, समाज संगठन और विश्वकल्याण का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि भारत का उत्थान ही विश्व के कल्याण का मार्ग है और इसी दिशा में कार्य करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। समारोह में प्रदेशभर से आए साधु संतों के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा,विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा,केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
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झारखंड के आरएसएस कार्यालय पेट्रोल बम हमले पर बयानबाजी तेज, निष्पक्ष जांच की मांग

Ranchi, Jharkhand:रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर कथित पेट्रोल बम हमले की घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यदि वास्तव में ऐसी कोई घटना हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि किसी भी संगठन या कार्यालय पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है और राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड में शांति का माहौल है और सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, उन्होंने इस घटना को लेकर आशंका भी जताई। उनका कहना था कि मामले की हर पहलू से जांच होनी चाहिए और यह भी देखा जाना चाहिए कि कहीं बीजेपी राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह की स्थिति पैदा करने की कोशिश तो नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बाइट: इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री, झारखंड बाइट:Naman Bixal Kongari(कांग्रेस विधायक) बाइट: राजेश कच्छप (कांग्रेस विधायक)
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ओमर अब्दुल्ला: सत्ता के लिए नैतिकताएं नहीं बेचेंगे

Stringer...............Bhat Shahzad Location.............. Bandipora 1705ZS_BPR_CMVISITSBPR_R NC Will Not Sell Its Morals for Power, Says Omar Amid TMC, Shiv Sena MPs' Support to NDA Anchor:-Jammu and Kashmir Chief Minister Omar Abdullah on Wednesday asserted that the National Conference would never compromise its principles or "sell its morals" for power, saying the party's ideology and commitment to the people cannot be traded regardless of changing political equations. Reacting to questions of MPs from the Trinamool Congress (TMC) and Shiv Sena backing the NDA on certain issues, Omar said no offer or political arrangement could persuade the National Conference to abandon its core values. "No matter what is offered to us or who chooses to support the NDA, the National Conference will not sell its morals and values," Omar said while addressing media persons during his visit to review developmental works in Bandipora. His remarks came as he inaugurated and reviewed several development projects worth nearly Rs 300 crore across different sectors. He said his government remains focused on fulfilling promises made to the people and ensuring that developmental benefits reach every section of society. Highlighting the government's commitment to development, Omar said the ongoing projects would strengthen infrastructure and improve public services in various districts. He maintained that governance and public welfare remain the administration's primary focus. The Chief Minister reiterated that the National Conference's political decisions would be guided by its ideology and commitment to the people of Jammu and Kashmir rather than political expediency. "We have our own principles and political legacy. We will continue to stand by them irrespective of changing political equations," Omar said, underscoring that the NC would not compromise its values for power or political advantage. Byte By CM Omar Abdullah
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जेपीसी ने 130वां संशोधन और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक के प्रमुख प्रावधान दिखाए

Noida, Uttar Pradesh:आज दिल्ली सचिवालय में सांसद श्रीमती अपराजिता सारंगी जी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के माननीय सदस्यों का स्वागत किया। लोकल स्टडी विजिट के दौरान समिति ने संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। विचाराधीन संविधान (130वां संशोधन) विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करते हुए जनविश्वास को और सुदृढ़ करना है।
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द्रौपदी मुर्मु का ओंकारेश्वर दौरा: दो दिन की सुरक्षा-यात्रा पूरी तैयारी के साथ

Khandwa, Madhya Pradesh:देश की प्रथम नागरिक और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 18 जून को दो दिवसीय दौरे पर खंडवा जिले के ओंकारेश्वर पहुंचेंगी। राष्ट्रपति यहां भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और ममलेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन एवं आरती में शामिल होंगी, जबकि 19 जून को अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करेंगी। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था लागू की है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 18 जून को दोपहर 1:30 बजे ओंकारेश्वर पहुंचेंगी और एनएचडीसी गेस्ट हाउस में विश्राम करेंगी। शाम 6:20 बजे वे ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर मंदिर में दर्शन और आरती करेंगी। इसके बाद रात्रि विश्राम ओंकारेश्वर में ही होगा। 19 जून को सुबह 10 बजे वे अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगी और इसके बाद इंदौर के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए 17 से 19 जून तक ओंकारेश्वर में विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर भारी वाहनों का डायवर्जन किया गया है, जबकि श्रद्धालुओं के छोटे और मध्यम वाहनों के लिए अलग पार्किंग और रूट निर्धारित किए गए हैं। बसों को मोरटक्का और अन्य निर्धारित स्थलों पर रोका जाएगा, जहां से श्रद्धालुओं को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था के माध्यम से ओंकारेश्वर पहुंचाया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर 17 से 19 जून तक सम्पूर्ण ओंकारेश्वर क्षेत्र और कोठी हेलीपेड के आसपास दो किलोमीटर का दायरा "नो ड्रोन जोन" घोषित किया गया है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर कई वस्तुओं के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया है। ड्रोन, धारदार वस्तुएं, पानी की बोतलें, लाइटर, माचिस, ज्वलनशील पदार्थ, लाठी-डंडे, बैग, झोले और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कार्यक्रम स्थल पर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और नागरिकों से सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने तथा निर्धारित यातायात और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। राष्ट्रपति के ओंकारेश्वर दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्ण संपन्न हो सके。
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ड्यूटी के दौरान reels बनाना बंद करें: यूपी पुलिस को योगी की नसीहत

Noida, Uttar Pradesh:इस खबर पर पूर्व डीजीसी की बाइट के लिये बोला गया था । वह बाइट है । UP पुलिस के जवानों को CM योगी की नसीहत.. हम लोग अक्सर देखते हैं कि,ड्यूटी के दौरान लोग "रील" बनाते रहते हैं! यह अनुशासनहीनता का एक पार्ट है,उस समय हमें अपनी ड्यूटी के प्रति सजग रहना होगा, न कि रील बनाना होगा.. हमे इस बात को ध्यान रखना है कि हमको जिस कार्य को करना है,उस कार्य के प्रति उतनी ही सतर्कता और गम्भीरता भी हो, तब वह गरिमापूर्ण तरीके से परिणाम दे पाएगा.. कोई ऐसा कार्य नही करना चाहिए, जिससे हमें अनावश्यक हंसी का पात्र बनाये,सिस्टम पर अनावश्यक उंगली उठाने का प्रयास होता है,अपने आप कुछ कर नही सकते,अनावश्यक सिस्टम पर उंगली उठाते हैं लोग! जिसकी जहां ड्यूटी है,वह कार्य करेगा तो परिणाम अपने आप आएगा,उस परिणाम को लाने के लिए उस टीम भाव के साथ हम सबको आगे बढ़ना होगा...
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श्योपुर के ग्वाड़ी मठेपुरा में नल-जल योजना असफल, पानी के लिये ग्रामीण संघर्ष

Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर सरकारी फाइलों में भले ही हर घर तक नल से जल पहुंच चुका हो, लेकिन श्योपुर जिले के ग्वाड़ी मठेपुरा गांव की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां बिजली के खंभों पर लटकती पाइपलाइनें विकास की नहीं, बल्कि व्यवस्था के विफलता की तस्वीर पेश कर रही हैं। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि आज तक उनमें पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची। मजबूरन ग्रामीणों ने बिजली के खंभों के सहारे अस्थायी पाइपलाइन का जाल बिछा रखा है, जिससे किसी तरह पानी की व्यवस्था की जा सके。 ग्रामीणों का कहना है कि सुबह खाना बनाने से लेकर बच्चों को नहलाने और पशुओं को पानी पिलाने तक हर काम के लिए संघर्ष करना पड़ता है। हालात इतने खराब हैं कि यदि गांव में कोई मेहमान आ जाए और पानी मांग ले तो उसे पानी पिलाना भी मुश्किल हो जाता है。 ग्रामीण बताते हैं कि पिछले वर्ष कुएं का दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार भी पड़ चुके हैं। इसके बावजूद पेयजल संकट का स्थायी समाधान नहीं हो सका है。 सड़क, नाली और श्मशान घाट तक का रास्ता नहीं गांव में सिर्फ पानी की ही नहीं, बल्कि अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी भारी कमी है। नाली नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। बारिश के दौरान हालात और बदतर हो जाते हैं। सड़कें जर्जर हैं और श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए भी समुचित मार्ग नहीं है, जिससे अंतिम संस्कार के समय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है。 ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। कुछ लोगों ने शिकायत करने पर धमकाने के आरोप भी लगाए हैं。 गांव की बदहाली से प्रभावित हो रहे विवाह संबंध सबसे चिंताजनक स्थिति गांव के युवाओं की है। ग्रामीणों के अनुसार पानी, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण गांव के युवकों के विवाह प्रस्ताव प्रभावित हो रहे हैं। रिश्ते देखने आने वाले परिवार गांव की स्थिति देखकर वापस लौट जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उम्र में युवाओं के घर बसने चाहिए, उस उम्र में वे गांव की बदहाली और सरकारी उपेक्षा का बोझ उठाने को मजबूर हैं。 ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से नल-जल योजना को जल्द शुरू करने, सड़क और नाली निर्माण कराने तथा श्मशान घाट तक पहुंच मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीणों की इस पीड़ा पर कब तक ध्यान देते हैं और गांव को मूलभूत सुविधाएं कब तक मिल पाती हैं।
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