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SKSumit KumarFollow25 Jun 2024, 01:24 pm

पानीपत HSVP हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जमीन पर अवैध अतिक्रमण पर विभाग ने चलाया पीला पंजा

Panipat, Haryana:

हरियाणा विकास प्राधिकरण ने पानीपत के सेक्टरों में सरकारी जमीन पर कब्जाए बैठे अतिक्रमणकारियों पर लगाम कस ली है। हुडा प्रशासन की ओर से तोड़फोड़ करने व सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। हुडा विभाग के जेई रामपाल आर्य की अगुवाई में आज विभाग अधिकारियों ने शहर भर में ग्रीन बेल्ट के अंदर किए गए कब्जे को खाली करवाया। वहीं जिन लोगों द्वारा विभाग जमीन पर अवैध कब्जे पर भी JCB चला। रामपाल आर्य ने बताया कि यह मुहिम लगातार 1 माह तक निरंतर चलेगी।

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कांग्रेस का नया वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान शुरू, दिल्ली महारैली की तैयारी

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल बीजेपी के संविधान बचाओ और अराजकता हटाओ के बाद कांग्रेस भी शुरू करेगी नया अभियान काँग्रेस का बोट बचाओ देश बचाओ अभियान कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट का बयान ये अकेले कांग्रेस का अभियान नहीं है, पूरे देश का अभियान है 2014 से अलग ही राजनीति शुरू हुई है,जब से मोदी जी आये है उनका उद्देश्य सत्ता मे रहना है, चाहे कैसे भी हो मध्य प्रदेश में भी चुनाव गलत हुए आज के समय में लोकतंत्र के खिलाफ सब चल रहा है कांग्रेस में हमेशा लोकतंत्र के लिए आवाज उठाई वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन की जिम्मेदारी जनता की है लोगों के लोग वोट के अधिकार को बचाना है, लोकतंत्र को बचाना है 1 नवंबर को दिल्ली में महारैली होने वाली है कांग्रेस के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता शाहवर आलम का बयान प्रधानमंत्री चुनाव अब तो कोई सबूत नहीं उठा पाए अब चुनाव आयोग के पीछे पड़े हुए जनता इनको नकार चुकी है वोट चोरी का बहाना है, चुनाव निष्पक्ष होते हैं 10 जैसे जहां कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई जनता इनको नाकार देती है
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श्रद्धा दुबे से मिलने के लिए जेल में प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ के चर्चित शिवा हत्याकांड में जेल के भीतर बंद श्रद्धा दुबे को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। श्रद्धा से मिलने के लिए दूसरे दिन भी कोई परिजन जेल नहीं पहुंचा। जेल प्रशासन के मुताबिक, मुलाकात की प्रक्रिया पूरी करने के लिए परिजनों के नाम और मोबाइल नंबर मिलने का इंतजार है। पहले नाम और नंबर का सत्यापन होगा, फिर ऑनलाइन पंजीकरण और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मुलाकात की अनुमति दी जाएगी। मुलाकात के लिए क्या है प्रक्रिया? जेल में बंद श्रद्धा, मुलाकात का इंतजार शिवा हत्याकांड में जेल में बंद श्रद्धा दुबे से मुलाकात को लेकर अब तक की स्थिति यही है कि दूसरे दिन शनिवार को भी कोई मिलने नहीं पहुंचा। जेल प्रशासन के अनुसार, श्रद्धा और उसकी बहन रश्मि दुबे से मुलाकात के लिए आने वाले परिजनों और परिचितों के नाम तथा मोबाइल नंबर मांगे गए हैं। इन जानकारियों के मिलने के बाद पुलिस से सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद ऑनलाइन पंजीकरण, आधार कार्ड की छायाप्रति और फोटो से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने पर मुलाकात की अनुमति दी जाएगी। मुलाकात के लिए क्या है प्रक्रिया? जेल प्रशासन के मुताबिक, श्रद्धा और रश्मि महिला बैरक में अन्य बंदियों के साथ रह रही हैं। जेल में मुलाकात के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। पहले मुलाकात करने वाले व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया जाएगा। सत्यापन के बाद जरूरी दस्तावेजों और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद ही मुलाकात संभव हो सकेगी। जेल प्रशासन का कहना है कि अभी तक नाम और मोबाइल नंबर मिलने के बाद होने वाली प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। परिवार की तरफ से कौन पहुंचेगा? इस पूरे मामले में एक अहम सवाल यह भी है कि श्रद्धा से मिलने के लिए परिवार की ओर से कौन आगे आएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा की सौतेली मां और पिता एपी दुबे भी उससे मिलने नहीं पहुंचे थे।
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सड़क पर पड़े बांस के डंडे से एक युवक ने कई लोगो को जमकर पीटा

PRAKASH PANDEYPRAKASH PANDEYFollow19m ago
Mau, Uttar Pradesh:एक महिला की हुई मौत जबकि तीन लोग हुए घायल सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर भेजा पोस्टमार्टम मामले की जांच में जुटी पुलिस राम अवतार सोनकर के द्वारा कथित रूप मुहल्ले के कई लोगो को पीटा गुलाबी देवी नाम की महिला की हुई मौत पुलिस ने आरोपी हिरासत में लेकर कर रही पूछताछ मानसिक विक्षिप्त बताया जा रहा है आरोपी सुबह भोर में सड़क पर पड़े बांस से लोगो को पीटा घायलो का चल रहा है इलाज मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर फोर्स तैनात घोसी थाना क्षेत्र के कस्बा खास का मामला बाईट - सत्येंद्र तिवारी - सीओ घोसी
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गांव में मुखिया चुनाव में मतदान बढ़ा, पंचायत चुनाव से ज्यादा भागीदारी

Jaipur, Rajasthan:एंकर-गांव की सरकार चुनने में वोटरों ने दिलचस्प तस्वीर दिखाई है...पहले चरण में ईवीएम के मुकाबले बैलेट पेपर पर ज्यादा वोट बरसे। 104 पंचायत समितियो में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनने के लिए 63 फीसदी वोटिंग हुई... लेकिन दो दिन बाद ही जब बात गांव का मुखिया चुनने की आई तो मतदान 83 फीसदी पार पहुंच गया। यानी करीब 20 प्रतिशत अंक ज्यादा मतदान। साफ है कि गांव की चौधर के चुनाव में वोटरों का जोश अलग ही नजर आया। अब सवाल ये है कि जिस उत्साह से ग्रामीणों ने अपना मुखिया चुना... क्या उसी रफ्तार से गांव की सड़क, पानी और विकास की समस्याएं भी दूर होंगी? ---------------------------------------- VO-1-गांव की सरकार चुनने के लिए ग्रामीण मतदाताओं का उत्साह दो अलग-अलग चुनावों में अलग-अलग नजर आया। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम का बटन दबाने वाले मतदाताओं ने दो दिन बाद सरपंच चुनने के लिए बैलेट पेपर पर कहीं ज्यादा मतदान किया। प्रदेश के 16 जिलों में 104 पंचायत समितियों के पहले चरण के आंकड़े यही तस्वीर दिखा रहे हैं। पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में जहां 63.36 फीसदी मतदान हुआ, वहीं सरपंच चुनाव में यह आंकड़ा बढ़कर 83.05 फीसदी पहुंच गया। यानी गांव के मुखिया के चुनाव में 19.69 प्रतिशत अंक ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। वही पिछले चुनाव की तुलना करें तो इस बार पहले चरण में सरपंच पद के लिए 83.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पिछले चुनाव में 81.28 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस तरह पिछले चुनाव के मुकाबले मतदान में 1.77 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। मतदान के इन आंकड़ों ने ग्रामीण लोकतंत्र की एक दिलचस्प तस्वीर सामने रखी है। पंचायत समिति सदस्य चुनने की तुलना में सरपंच चुनने के लिए ज्यादा मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचे। इसकी एक वजह सरपंच पद का गांव की रोजमर्रा की समस्याओं और स्थानीय फैसलों से सीधा जुड़ाव भी हो सकता है। सड़क, पानी, सफाई, नालियां और गांव के विकास से जुड़े मुद्दों पर ग्रामीणों का सबसे सीधा संपर्क सरपंच से होता है। हालांकि, मतदान प्रतिशत के आधार पर मतदाताओं की प्राथमिकताओं का निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। ---------------------------------------- VO-2-प्रदेश में पहले चरण के पंचायत समिति चुनाव में करीब 53.66 लाख मतदाताओं ने मतदान किया था। इसके मुकाबले सरपंच चुनाव में करीब 69.10 लाख वोट पड़े। दोनों चुनावों में पड़े मतों की संख्या में करीब 15.44 लाख का अंतर रहा। इस तुलना की खास बात यह भी है कि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए मतदान ईवीएम से हुआ, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के लिए मतदाताओं ने बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया। बैलेट पेपर से मतदान की प्रक्रिया अलग होने के बावजूद सरपंच चुनाव में मतदान प्रतिशत काफी अधिक रहा। जयपुर जिले की आठ पंचायत समितियों में भी यही रुझान सामने आया। जयपुर जिले की पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में झोटवाड़ा में 72.02 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि सरपंच चुनाव में यह बढ़कर 89.70 फीसदी पहुंच गया। यानी 17.68 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह दूदू में पंचायत समिति चुनाव के 69.87 फीसदी के मुकाबले सरपंच चुनाव में 88.66 फीसदी मतदान हुआ। चौमूं में यह आंकड़ा 67.84 से बढ़कर 87.19 फीसदी पहुंच गया। जयपुर की आठों पंचायत समितियों में सरपंच चुनाव का मतदान प्रतिशत पंचायत समिति सदस्य चुनाव से ज्यादा रहा। इससे स्थानीय स्तर पर सरपंच पद के चुनाव में अधिक मतदाता भागीदारी की तस्वीर सामने आई। वही बाड़मेर की सेड़वा पंचायत समिति क्षेत्र में सरपंच चुनाव के लिए 93.03 फीसदी मतदान हुआ, जबकि पंचायत समिति सदस्य चुनाव में 71.10 फीसदी वोट पड़े थे। यहां 21.93 प्रतिशत अंक का अंतर रहा। पाली की रानी स्टेशन पंचायत समिति में पंचायत समिति सदस्य चुनाव के दौरान महज 40.02 फीसदी मतदान हुआ था। सरपंच चुनाव में यह बढ़कर 57.63 फीसदी पहुंच गया। हालांकि, यहां सरपंच चुनाव में मतदान का प्रतिशत अन्य कई क्षेत्रों की तुलना में कम रहा। ---------------------------------------- बहरहाल, अब गांव की सरकार के गठन के साथ ग्रामीणों की निगाहें नए जनप्रतिनिधियों के कामकाज पर रहेंगी। चुनाव में बड़ी संख्या में मतदान करने वाले ग्रामीणों के लिए अगला सवाल यही है कि उनके गांव की समस्याओं का समाधान कितनी तेजी से होगा। मतदान के आंकड़ों का संदेश साफ है गांव के मुखिया के चुनाव में ग्रामीणों ने ज्यादा भागीदारी दिखाई। अब इस भागीदारी के बाद गांव की नई सरकार के सामने विकास और बुनियादी सुविधाओं की चुनौती होगी।
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न्यायालय की कार्यवाही से बचने के लिए खुद की मौत का ड्रामा

PRAKASH PANDEYPRAKASH PANDEYFollow32m ago
Mau, Uttar Pradesh:slug - न्यायालय की कार्यवाही से बचने के लिए खुद की मौत का ड्रामा: फर्जी दाह संस्कार और डेथ सर्टिफिकेट बनवाने वाला वांछित अभियुक्त गिरफ्तार प्रकाश पाण्डेय/मऊ मऊ जनपद के थाना कोतवाली क्षेत्र में न्यायालय में चल रहे हत्या के एक संगीन मामले की कार्रवाई और सजा से बचने के लिए एक शातिर अभियुक्त ने खुद को मृत साबित करने का अजीबोगरीब और हैरान करने वाला खेल रचा। मऊ जनपद की थाना कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे फरार चल रहे वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। ख्वाजाजहाँपुर मोहल्ले के पास से अभियुक्त राजू उर्फ राजकुमार राजभर (पुत्र स्व० रामनाथ, निवासी- ग्राम ख्वाजाजहाँपुर, थाना कोतवाली नगर, मऊ, उम्र करीब 38 वर्ष) को धर दबोचा। पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 19 दिसंबर 2016 को थाना कोतवाली नगर में धारा 302 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वादी अविनाश सिंह (निवासी- नगरीपार, थाना दोहरीघाट) ने आरोप लगाया था कि उनके चाचा योगेश सिंह की मुंशीपुरा रेलवे लाइन के पास राजू उर्फ राजकुमार राजभर और उसके दोस्त सुदर्शन राजभर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अभियुक्त राजू शेयर मार्केट में ट्रेडिंग का काम करता था और कई लोगों से पैसे लेकर शेयर मार्केट में लगा चुका था। न्यायालय में चल रहे ट्रायल के दौरान सजा से बचने और लोगों के लिए गए पैसे वापस न करने पड़ने के कारण उसने यह शातिर साजिश रची। उसने 30 मई 2025 को जनपद गाजीपुर में स्वयं को मृत दर्शाते हुए श्मशान घाट पर एआई (AI) जनरेटेड खुद के शव की चिता पर लेटे हुए फोटो तैयार करवाए। इसके बाद घाट और नगर पालिका मऊ से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र व अन्य जाली कागजात बनवा लिए। इन तमाम फर्जी दस्तावेजों को माननीय न्यायालय में दाखिल कर उसने खुद को मृत साबित कर दिया और फरार हो गया। इस कृत्य को लेकर पूर्व में भी थाना कोतवाली नगर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त राजू उर्फ राजकुमार राजभर को पुलिस ने नियमानुसार गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। बाइट एएसपी अनूप कुमार मऊ
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क कांग्रेस का वोट बचाओ अभियान: 1 नवंबर दिल्ली महा रैली, 25 नवंबर तक प्रचार

Begun, Rajasthan:रायपुर कांग्रेस का आज से 25 नवंबर तक ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान.. 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी महा रैली. AICC ऑब्जर्वर और सांसद शोभा बाछव ने जिला कांग्रेस भवन में की प्रेस कॉन्फ्रेंस.. प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- हर बूथ तक पहुंचेंगे ‘वोट रक्षक’, कटे नाम और गड़बड़ियों को दुरुस्त करने की तैयारी.. एक नवंबर को दिल्ली में महारैली होगी.. रैली के माध्यम से SIR का विरोध किया जाएगा.. स्मृति ईरानी के दौरे पर कांग्रेस सांसद का निशाना- 450 रुपये में गैस देने का वादा पूरा नहीं हुआ. महंगाई पर घेरा, पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का लगाया आरोप.. भाजपा सरकार पर दबाव में काम करने का आरोप, कहा- मंत्री-सांसद भी स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रहे.. बाइट- शोभा बाछव, सांसद और AICC ऑब्जर्वर
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सुल्तानपुर: राहुल गांधी मानहानि केस का फैसला कल, कोर्ट में पेशी की पुष्टि

Sultanpur, Uttar Pradesh:सुल्तानपुर सुल्तानपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में चल रहे राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मामले में कल आएगा फैसला राहुल गांधी के भी कोर्ट में पेश होने की पार्टी के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने की पुष्टि राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दर्ज कराया था मानहानि का मामला राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने कर्नाटक चुनाव के दौरान 2018 में तत्कालीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ दिया था विवादित बयान राहुल के बयान से आहत होकर विजय मिश्रा ने एमपी एमएलए कोर्ट में दर्ज कराया था राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दोनों पक्षों की बहस हो चुकी है पूरी कल के लिए कोर्ट ने निर्धारित की है फैसले की तिथि
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