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यमुना पुस्ता बांध में भ्रष्टाचार के आरोप: क्या मानसून से पहले सुरक्षा दांव पर?

Delhi, Delhi:उत्तरी दिल्ली में यमुना पुस्ता बांध पर चल रहे विकास कार्यों को लेकर अब बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बांध को मजबूत करने की बजाय घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. आखिर बाढ़ से बचाव की तैयारी हो रही है या भ्रष्टाचार की नई कहानी लिखी जा रही है? देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट... वाकथरु / नसीम अहमद आप प्रवक्ता अभिषेक गुप्ता का आरोप लगाया है कि पुस्ता बांध को मजबूत करने के नाम पर घटिया पत्थरों और निम्न स्तर की निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है. उनका कहना है कि यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई तो मानसून के दौरान यह बांध फिर से क्षतिग्रस्त हो सकता है और आसपास के इलाकों पर बाढ़ का खतरा मंडरा सकता है. बाइट / अभिषेक गुप्ता , Aap प्रवक्ता... यमुना पुस्ता बांध के कई हिस्सों में टूटी हुई दीवारें, धंसी हुई सड़कें और जगह-जगह दिखाई दे रही खामियां विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. बाइट: प्रमिला गुप्ता, निगम पार्षद सब से बड़ा सवाल यह है कि O-Zone और फ्लड प्लेन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए किया जा रहा यह कार्य कितना सुरक्षित है? यदि निर्माण में वास्तव में लापरवाही बरती गई है तो आने वाला मानसून कई परिवारों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है. बाईट / प्रमिला गुप्ता / निगमपार्षद aap फिलहाल निगम पार्षद ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. अब देखना होगा कि जनता की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर संबंधित विभाग क्या जवाब देता है. रिपोर्ट / नसीम अहमद Zee मीडिया उत्तरी दिल्ली
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कॉर्बेट ने प्लास्टिक बोतलों पर रोक, पर्यटकों को कांच की बोतल में पानी

Noida, Uttar Pradesh:विश्व पर्यावरण दिवस पर कॉर्बेट का ग्रीन संकल्प, जंगलों से प्लास्टिक बोतलों की होगी हमेशा के लिए विदाई, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इस नई योजना की जानकारी देते हुए बताया कि कॉर्बेट प्रशासन लंबे समय से पार्क क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, उन्होंने कहा कि वर्तमान में कॉर्बेट के अधिकांश पर्यटन जोन प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित हो चुके हैं और इस दिशा में विभाग को काफी हद तक सफलता भी मिली है। डॉ. बडोला ने बताया कि पर्यटन के दौरान पर्यटकों को स्वच्छ पेयजल की आवश्यकता होती है, जिसके लिए वे आमतौर पर प्लास्टिक की पानी की बोतलों का उपयोग करते हैं, हालांकि इन बोतलों को पार्क से बाहर लाने और उनका उचित निस्तारण करने की व्यवस्था मौजूद है, लेकिन फिर भी प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है,इसी समस्या को देखते हुए कॉर्बेट प्रशासन ने प्लास्टिक की पानी की बोतलों को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है। योजना के तहत कॉर्बेट में एक बॉटलिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी की जा रही है,इस प्लांट में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल को कांच की बोतलों में भरकर पर्यटकों को प्रवेश द्वारों पर उपलब्ध कराया जाएगा। पर्यटक इन बोतलों को अपने साथ जंगल सफारी के दौरान ले जा सकेंगे और वापसी पर इन्हें निर्धारित केंद्रों पर जमा कर सकेंगे,कॉर्बेट प्रशासन ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जमा-राशि आधारित प्रणाली लागू करने की भी योजना बनाई है। इसके तहत पर्यटकों से पानी और कांच की बोतल का शुल्क प्रवेश द्वार पर लिया जाएगा, सफारी पूरी होने के बाद यदि पर्यटक बोतल को सुरक्षित अवस्था में वापस जमा कर देते हैं, तो बोतल की निर्धारित राशि उन्हें लौटा दी जाएगी,इस व्यवस्था से न केवल कांच की बोतलों का पुनः उपयोग संभव होगा, बल्कि पर्यटक भी बोतलों को सुरक्षित रखने के लिए प्रोत्साहित होंगे। वन अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से कॉर्बेट के जंगलों में प्लास्टिक कचरे की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी,साथ ही वन्यजीवों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को भी बेहतर सुरक्षा मिलेगी,प्लास्टिक प्रदूषण वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए एक गंभीर चुनौती माना जाता है, ऐसे में कॉर्बेट प्रशासन का यह कदम अन्य संरक्षित वन क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है. विश्व पर्यावरण दिवस पर घोषित इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है,यदि योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो कॉर्बेट देश ही नही विश्व का ऐसा प्रमुख टाइगर रिजर्व बन सकता है, जहां पेयजल के लिए प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटकों के बीच भी प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता का संदेश पहुंचेगा. अगले पर्यटन सीजन से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी,अब पर्यटकों को काँच की बोतलों में मिलेगा पानी, वापसी पर बोतल लौटाने पर राशि भी होगी वापस.
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Kotputli-Bharod के युवा उद्योगपतियों ने 1.6 MW सोलर प्लांट से ऊर्जा और उद्योग दोनों में नई ऊँचाइयाँ छूई

Jaipur, Rajasthan:इवेंट: 6 जून 2026 कोटपूतली में आयोजन। माँ भगवती एंटरप्राइजेज ने उद्योग क्षेत्र में मानक ऊँचाइयाँ बनाईं। कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के युवा उद्योगपति श्री कमलजीत सिंह शेखावत और अनिल सिंह शेखावत के नेतृत्व में खनिज एवं निर्माण सामग्री उद्योग में निरंतर प्रगति हो रही है। माँ भगवती एंटरप्राइजेज और नेसोसिलिकेट मिनरल्स मैन्युफैक्चरर्स प्रा. लि. उच्च गुणवत्ता वाले व्हाइट फेल्डस्पार पाउडर का निर्माण एवं आपूर्ति करते हैं, जिनकी सप्लाई कजारिया सेरामिक्स के सिकंदराबाद, मालूताना और गैलपुर प्लांटों समेत अन्य सिरेमिक-टाइल इकाइयों को नियमित रूप से की जाती है। कंपनी ने गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति के दायरे में अपनी खास पहचान बनाई है। इसके अतिरिक्त, माँ भगवती एंटरप्राइजेज उच्च गुणवत्ता की व्हाइट डस्ट और ग्रेन्स (दाना) का उत्पादन भी करती है; व्हाइट डस्ट दिल्ली, गुरुग्राम, हरियाणा और पूरे एनसीआर क्षेत्र में और ग्रेन्स मोरबी, गुजरात के प्रमुख सिरेमिक उद्योगों को सप्लाई होते हैं। श्री कमलजीत सिंह शेखावत तथा अनिल सिंह शेखावत ने 1.6 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे बिजली की बचत और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिला है। उद्योगिक विकास के साथ-साथ वे गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय हैं, जिससे स्थानीय रोजगार, हरित ऊर्जा के प्रोत्साहन और क्षेत्र के सामाजिक-हित के कामों को बढ़ावा मिलता है। नेसोसिलिकेट मिनरल्स मैन्युफैक्चरर्स प्रा. लि. एवं माँ भगवती एंटरप्राइजेज आज राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों में अपनी विश्वसनीय पहचान बना चुकी हैं।
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विश्व पर्यावरण दिवस पर पारादीप में हैनताल जंगल उन्नयन के लिए साझा पहल शुरू

Paradeep, Odisha:ପାରାଦୀପ ମୁନିସିପାଲିଟି ତରଫରୁ ସମସ୍ତ ଜନସାଧାରଣଙ୍କୁ ନିବେଦନ କରାଯାଇଛି l ରାତି-ଦିନ ପାରାଦୀପ କାଉଡିଆ ନଦୀ ର ଦୁଇ ପାର୍ଶ୍ଵରେ ହେନ୍ତାଳ ଜଙ୍ଗଲ ସୃଷ୍ଟି କରିବା ପାଇଁ ହଜାର ହଜାର ଚାଳା ରୋପଣ କରାଯାଇଛି l ବିଗତ ୧୯୯୯ ମହାବାତ୍ୟା ସମୟରେ ହୁଡୁହୁଡ, ଫାଇଲିନ ହେଉ, ଏହି ସବୁ ବାତ୍ୟା ସମୟରେ ସମୁଦ୍ର ର ପାଣି ଓ ପବନ କୁ ରୋକିବାରେ ପ୍ରମୁଖ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରିଥିଲା hentaal ବନ l ଏଯାହା ଆଜି ବିଲୁପ୍ତ ଅବସ୍ଥାରେ ରହିଥିବା ବେଳେ କିପରି ଆଉଥରେ ନୂତନ ହେନ୍ତାଳ ବନ ରଚିତି ପାଇଁ ପ୍ରୟାସ ଚାଲିଛି eବଂ ଶିଳ୍ପ ସଂସ୍ଥାକୁ ନେଇ ପରିବେଶ କୁ କିପରି ସୁଧାର ଆଣାଯାଇ ପାରିବା ଏ ସମସ୍ତ ପ୍ରଚେଷ୍ଟା କରାଯାଇଛି l ପାରାଦୀପ ପୌରାଧ୍ୟକ୍ଷ ବସନ୍ତ ବିଶ୍ୱାଳ, ପାରାଦୀପ କାର୍ଯ୍ୟ ନିର୍ବାହୀ ଅଧିକାରୀ ABHISEK PANDaଙ୍କ ସହିତ ବିଭିନ୍ନ ୱାର୍ଡର ପାରିଷଦ, ସ୍ଥାନୀୟ ଏନଜିଓ ସଂସ୍ଥା ର ସଦସ୍ୟମାନେ ହଜାର ହଜାର ଚାରା ରାପଣ କରାଯାଇଛି l ହେନ୍ତାଳ ଜଙ୍ଗଲ ସୃଷ୍ଟି ପାଇଁ କାଉଡିଆ ନଦୀ ର ପାର୍ଶ୍ଵ ରେ ହେନ୍ତାଳ ଜଙ୍ଗଲ ସୃଷ୍ଟି କରିବା ପାଇଁ ଉଦ୍ୟମ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଛି l ୧୯୯୯ ମହାବାତ୍ୟା କିମ୍ବା ହୁଡହୁଡ ଦୂରଦର୍ଶନ ସମୟରେ ସମୁଦ୍ର ପାଣି ଓ ପବନ କୁ ରୋକିବାରେ ପ୍ରମୁଖ ଭୂମିକା ଗ୍ରହଣ କରିଥିଲା ହେନ୍ତାଳ ବନ l ଆମ ପୃଥିବୀ ଓ ପରିବେଶ କୁ ସ୍ୱଚ୍ଛ ଓ ସରସ୍ କରିବା ପାଇଁ ସମସ୍ତଙ୍କଠାରୁ ଗୋଟିଏ ଗୋଟିଏ ବୃକ୍ଷ ରୋପଣ କରିବାକୁ ଆମନ୍ତ୍ରଣ କରାଯାଇଛି l
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विश्व पर्यावरण दिवस: खरवा नर्सरी में पौधारोपण से पर्यावरण संरक्षण का संदेश

Bewar, Uttar Pradesh:विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर खरवा नर्सरी में आयोजित कार्यक्रम में जिला कलेक्टर कमल राम मीणा ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने नर्सरी का अवलोकन करते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधों की जानकारी ली और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दिया。 कलेक्टर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना समय की आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और जल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण जरूरी है。 उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार सकारात्मक पहल कर रहा है। आमजन की सहभागिता से ही हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसके लिए युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को आगे आकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मानंद जाट, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गोपाल लाल मीणा, सरपंच सुरेंद्र सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
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विश्व पर्यावरण दिवस: कानपुर देहात के मंत्रियों ने पौधारोपण कर संदेश दिया

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:विश्व पर्यावरण दिवस पर कानपुर देहात में एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण किया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर कानपुर देहात में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद रहे। उनके साथ कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। बड़े काफिले के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मंत्रियों और अधिकारियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए और लोगों से भी अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की गई। मंत्रियों ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण बेहद जरूरी है और हर व्यक्ति को इसमें अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखरेख और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। यदि लगाए गए पौधों को पेड़ बनने तक सुरक्षित रखा जाए, तभी वृक्षारोपण अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में विशेष व्यवस्थाएं भी की गई थीं। कार्यक्रम स्थल पर बड़े-बड़े कूलर लगाए गए थे ताकि लोगों और अतिथियों को गर्मी से राहत मिल सके। इसी बीच मंच से पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का भी आधार हैं।
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तालाब में डूबकर दो बच्चियों की मौत, गांव में मातम पसर गया

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चियों की तालाब में डूबने से मौत हो गयी। दोनों बच्चियां गांव के तालाब में नहाने गई थीं, तभी गहरे पानी में चली गईं और डूब गईं। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मंझनपुर थाना क्षेत्र के जलौली शरीफपुर गांव में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे गांव की रहने वाली संजना पुत्री राजेश सरोज और रागिनी पुत्री राकेश सरोज तालाब में नहाने के लिए गई थीं। नहाते समय दोनों बच्चियां गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। तालाब के पास मौजूद लोगों ने जब बच्चियों को डूबते देखा तो परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया। सूचना पर पहुंची मंझनपुर पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और दैवीय आपदा राहत कोष से सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक ही गांव की दो मासूम बच्चियों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। वहीं प्रशासन पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कह रहा है
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विश्व पर्यावरण दिवस: गंगोत्री धाम में विशाल वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:स्लग -विश्व पर्यावरण दिवस पर गंगोत्री धाम में स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान गंगोत्री नेशनल पार्क ,गंगोत्री नगर पंचायत, गंगोत्री मंदिर समिति, वन विभाग, साधु-संतों और स्थानीय लोगों ने मिलकर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया एवं स्वच्छता का संदेश दिया।आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गंगोत्री धाम में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट, पार्क प्रभारी राजवीर रावत, वन विभाग के कर्मचारी, गंगोत्री नगर पंचायत के प्रतिनिधि, मंदिर समिति के सदस्य तथा साधु-संतों ने सहभागिता की। विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। साथ ही गंगोत्री नगर में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छ और हरित पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया।
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गाजीपुर एनकाउंटर: कमलेश बिंद मारा गया, पत्नी ने इंसाफ माँगा

Noida, Uttar Pradesh:गाजीपुर शादी के 37वें दिन कमलेश बिंद एनकाउंटर में ढेर, पत्नी बोली- मेहंदी भी नहीं छूटी, जंगल ले जाकर पुलिस ने मारी गोली पत्नी का आरोप- मेरे सामने थाने में पीटा, फिर जंगल ले जाकर मार दिया হाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी, पत्नी मनीषा का छलका दर्द होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में वांछित था कमलेश बिंद कमलेश पर था 1 लाख का इनाम, पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया पत्नी बोली- मेरे सुहाग का इंसाफ चाहिए पुलिस कार्रवाई के बाद गांव में तनाव, परिजनों ने उठाए सवाल कटरा गैंग पर शिकंजा, बाकी आरोपी अब भी फरार गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के आरोपी और एक लाख के इनामी कमलेश बिंद के एनकाउंटर के बाद अब यह मामला सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है… बल्कि भावनाओं, आरोपों और सवालों का बड़ा मुद्दा बन गया है। जिस युवक की 37 दिन पहले शादी हुई थी। आज उसकी पत्नी हाथों की मेहंदी दिखाकर इंसाफ मांग रही है। पत्नी का आरोप है कि पुलिस ने कमलेश को पहले हिरासत में लेकर पीटा और फिर जंगल में ले जाकर एनकाउंटर कर दिया। वहीं पुलिस का दावा है कि कमलेश मुठभेड़ में मारा गया और वह विनीत राय हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। दरअसल गाजीपुर में बुधवार रात हुए पुलिस एनकाउंटर ने पूरे जिले में हलचल मचा दी。 होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड का आरोपी और एक लाख का इनामी कमलेश बिंद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। लेकिन अब इस एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे हैं। एनकाउंटर में मारा गया कमलेश बिंद की शादी अभी महज 37 दिन पहले हुई थी। 19 अप्रैल को तिलक और 27 अप्रैल को बिहार के मोहनिया में धूमधाम से शादी हुई थी。 दुल्हन मनीषा अभी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है… लेकिन शादी के एक महीने बाद ही उसके सिर से सुहाग का साया उठ गया। मेरे पति निर्दोष थे। पुलिस उन्हें जबरदस्ती उठाकर लाई थी। मेरे सामने थाने में मारा, फिर जंगल ले जाकर गोली मार दी। मेरे हाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी। रोते-बिलखते मनीषा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि 30 मई को पुलिस ने उसे और उसकी जेठानी को थाने में बैठाकर रखा… और उसकी आंखों के सामने कमलेश के साथ मारपीट की गई। हालांकि पुलिस का दावा बिल्कुल अलग है। पुलिस के मुताबिक कमलेश बिंद होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में वांछित था। उस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था, और मुठभेड़ के दौरान जवाबी फायरिंग में वह मारा गया。 बता दें कि 29 मई की रात गाजीपुर में होटल कारोबारी आलोक राय के बेटे विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। कमलेश बिंद भी उन्हीं आरोपियों में शामिल था। फिलहाल इस एनकाउंटर के बाद गांव में मातम पसरा है।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
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रायपुर में अवैध खनन-परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 11 हाईवा जब्त

Begun, Rajasthan:रायपुर जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खनिज और राजस्व विभाग की टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पटेवा-नवापारा और आरंग के मंदिरहसौद क्षेत्र में रेत, मुरूम और गिट्टी का अवैध परिवहन करते कुल 11 हाईवा वाहनों को जब्त किया गया। सभी वाहनों को वैधानिक कार्रवाई के लिए संबंधित थानों में अभिरक्षा में रखा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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छतरपुर एक्सीडेंट के बाद बवाल: 8 आरोपियों के खिलाफ FIR, पुलिस दबिश तेज

Chhatarpur, Madhya Pradesh:छतरपुर में एक्सीडेंट के बाद बवाल मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। महिला से मारपीट और पुलिस पर पथराव करने वाले 8 आरोपियों पर हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के टोरिया मोहल्ला में हुई इस घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। देर रात खुद एसपी रजत सकलेचा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने इस मामले में 6 नामजद आरोपियों समेत कुल 8 लोगों पर केस दर्ज किया है। 2 आरोपी अभी अज्ञात हैं। इन पर IPC की धारा 307 यानी हत्या के प्रयास, बलवा, शासकीय कार्य में बाधा के साथ-साथ SC/ST एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। महिला से मारपीट के मामले में SC/ST एक्ट लगाया गया है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एसपी ने साफ कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ये कार्रवाई उन लोगों के लिए सख्त संदेश है जो सोचते हैं कि भीड़ की आड़ में पुलिस पर हमला करके बच निकलेंगे। एसपी ने बताया अभी तक चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और इनके बारे में पहले कितने मामले दर्ज हैं वह सब निकाले जा रहे हैं, बाकी की तलाश के लिये पुलिस दल बनाकर तलाश शुरू कर दी है। वहीं घटना में घायल महिला ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया कि उन्होंने एक्सिडेंट के बाद उनके साथ मारपीट की और तीन साल की बच्ची को छुडाकर जमीन पर पटक दिया।
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पानीपत के होटलों में फायर सेफ्टी बड़े खुलासे: अनेक होटल बिना एनओसी

Panipat, Haryana:पानीपत के होटलों में बड़ा खुलासा: फायर सिस्टम जीरो, लोगों की जान खतरे में पानीपत। दिल्ली में हाल ही में हुए होटल हादसे के बाद पूरे दिल्ली-एनसीआर में फायर सेफ्टी को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में पानीपत दमकल विभाग ने शहर के विभिन्न होटलों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। जांच के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। दमकल विभाग की टीम को कई होटलों में फायर फाइटिंग सिस्टम लगभग नदारद मिला। कई स्थानों पर आग बुझाने वाले सिलेंडर एक्सपायर पाए गए, जबकि कुछ होटल प्रबंधकों को यह तक जानकारी नहीं थी कि उनके पास फायर एनओसी है या नहीं। इतना ही नहीं, कई होटलों के पास भवन का स्वीकृत नक्शा भी उपलब्ध नहीं मिला。 फायर अधिकारी गुरमेल सिंह ने बताया कि जांच के दौरान अधिकांश होटलों में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी पाई गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी होटल में आग जैसी बड़ी घटना हो जाए तो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो सकता है, क्योंकि कई जगहों पर आपातकालीन निकास मार्ग तक नहीं हैं。 अधिकारी के अनुसार अब तक करीब 10 से 12 होटलों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। होटल संचालकों को कमियों को दूर करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। यदि तय अवधि में सुधार नहीं किया गया तो उन्हें रेड जोन नोटिस जारी किया जाएगा, जिसके बाद संबंधित होटल को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है。 गुरमेल सिंह ने बताया कि शहर में सैकड़ों होटल संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनमें से केवल 25 से 30 होटलों के पास ही वैध फायर एनओसी होने की जानकारी सामने आई है। कई होटलों में आग बुझाने वाले सिलेंडरों की समय पर रिफिलिंग तक नहीं करवाई गई, जो किसी भी आपात स्थिति में गंभीर खतरा साबित हो सकता है。 उन्होंने कहा कि होटल संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे फायर कंसल्टेंट की सहायता से समय-समय पर सुरक्षा उपकरणों की जांच कराएं और उन्हें कार्यशील स्थिति में रखें। इसके अलावा बिजली पैनलों के लिए कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) फायर एक्सटिंग्विशर, एबीसी फायर एक्सटिंग्विशर और पानी की समुचित फायर लाइन जैसी व्यवस्थाएं भी अनिवार्य हैं। फायर अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भवन का नक्शा संबंधित विभागों जैसे नगर निगम, टाउन प्लानर, एचएसवीपी (पूर्व हुडा) अथवा अन्य सक्षम प्राधिकरण से स्वीकृत होने के बाद ही फायर विभाग एनओसी जारी करता है। पुराने होटलों को भी वर्तमान सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक सुधार करने होंगे。 उन्होंने चेतावनी दी कि यदि होटल संचालकों ने समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की तो विभाग सख्त कार्रवाई करते हुए मामला सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भेजेगा。
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