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Umang WaliaUmang WaliaFollow9 Jun 2024, 06:05 am
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एनडीआरएफ की तत्परता से गंगा में डूबे युवक की जान बची

JPJai PalJust now
Varanasi, Uttar Pradesh:एनडीआरएफ की तत्परता से गंगा में डूब रहे युवक की बची जान गंगा नदी के दांडी घाट पर पिकेट और पेट्रोलिंग ड्यूटी के दौरान 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम ने आज प्रातः लगभग 07:30 बजे एक व्यक्ति को स्नान करते समय गहरे पानी में डूबते हुए देखा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निकट तैनात एनडीआरएफ के बचावकर्मी तत्काल सक्रिय हुए और बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगाकर बचाव अभियान प्रारंभ किया。 एनडीआरएफ टीम ने बचावकर्मी ने तेजी और तत्परता से व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर नदी तट पर पहुंचाया। बचाए गए व्यक्ति की पहचान रिशुराज (20 वर्ष), पुत्र श्री सतीश कुमार पटेल, निवासी नालंदा, बिहार के रूप में हुई। समय रहते किए गए इस त्वरित बचाव अभियान के कारण युवक की जान बचाई जा सकी। एनडीआरएफ द्वारा किए गए इस साहसिक बचाव कार्य को वाराही घाट सहित आसपास के अन्य घाटों पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रत्यक्ष रूप से देखा तथा बचाव दल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस सफल रेस्क्यू ने एक बार फिर एनडीआरएफ की तत्परता, दक्षता एवं जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया。 इस घटना पर एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा ने आमजन से अपील की कि वे नदियों एवं अन्य जलाशयों में स्नान अथवा अन्य गतिविधियों के दौरान जल सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। उन्होंने लोगों से गहरे पानी में जाने से बचने, चेतावनी संकेतों पर ध्यान देने तथा तैनात सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता एवं सतर्कता ही डूबने की घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है। विशेष रूप से मानसून के दौरान जलधाराओं का वेग एवं जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ सकता है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है। एनडीआरएफ जन-जागरूकता एवं आपदा प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्ध है。
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जगदलपुर में डीएपी खाद ठगी: किसानों को 1650 रुपये प्रति बोरी में धोखा

Jagdalpur, Chhattisgarh:जगदलपुर में डीएपी खाद के नाम पर किसानों से कथित ठगी का मामला सामने आया है, तितीरगांव के किसान भोजराज नाग ने आरोप लगाया कि उन्होंने 1650 रुपये प्रति बोरी की दर से 12 बोरी खाद खरीदी, लेकिन खेत में उपयोग के 15 से 20 दिन बाद भी फसल पर कोई असर नहीं दिखा, किसान का आरोप है कि इससे उनकी फसल और आर्थिक नुकसान पहुंचा है, अन्य किसानों ने भी इसी तरह की खाद खरीदने की बात कही है, शिकायत मिलने पर कृषि विभाग ने बोधघाट थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक परिसर से बिना लाइसेंस के रखी गई 51 बोरी संदिग्ध बायो-प्रोम खाद जब्त की है, किसानों का आरोप है कि इसी उत्पाद को डीएपी बताकर बेचा जा रहा था, कृषि विभाग ने संबंधित किसान का बयान दर्ज कर खाद के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
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टिहरी-उत्तरकाशी हाईवे बंद, बारिश से पत्थर गिरने के कारण यातायात रुका

Noida, Uttar Pradesh:टिहरी–उत्तरकाशी हाईवे बंद टिहरी–उत्तरकाशी बॉर्डर पर नगुण के पास लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है。 मौके पर जेसीबी ऑपरेटर और संबंधित विभाग की टीम तैनात है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और पत्थर गिरने के चलते फिलहाल मार्ग खोलना सुरक्षित नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, बारिश और पत्थर गिरना बंद होते ही हाईवे खोलने का कार्य तत्काल शुरू किया जाएगा。 यात्रियों से अपील है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी अपडेट का पालन करें।
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हापूड़ में भारी बारिश से जर्जर छत गिरी, एक की मौत, बेटा घायल

Hapur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण एक मकान की जर्जर छत भरभरा कर गिर गई. हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हुआ है. इस हादसे के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है. पुलिस ने मृतक व्यक्ति के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. जानकारी के अनुसार पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सद्दीकपुरा में अशफ़ाक़ उम्र 52 वर्ष अपने परिवार के साथ रहता था और फेरी लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था. बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह जब वह अपने दोनों बेटों 18 वर्षीय नाजिम और 17 वर्षीय कासिम के साथ कमरे में सो रहा था, तभी अचानक मकान की जर्जर हो चुकी छत उसके ऊपर भरभरा कर गिर गई. जिससे भारी मलबे में तीनों दब गए. हादसे की आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाना शुरू कर दिया. सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. मृतक के भाई चांद ने बताया कि पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही थी, जिसके कारण अचानक छत गिर गई. इस हादसे में उसके भाई अश्फाक की मौत हो गई है. परिवार में दो बेटे हैं और बेटी की शादी हो चुकी है. जबकि पड़ोसी अब्दुल वाहिद ने बताया कि बारिश के कारण अचानक मकान की छत गिर गई. कमरे के अंदर अशफाक और उनका बेटा सो रहे थे. छत गिरने से दोनों मलबे में दब गए. हम पड़ोसियों ने करीब आधे-पौन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला. बेटे के शरीर पर चोटें आई हैं, उसका इलाज चल रहा है, लेकिन अशफाक की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, घटना के बाद कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे. मलबे से सभी को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने अशफाक को मृत घोषित कर दिया. वहीं घायल बेटे का इलाज अस्पताल में जारी है. पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे सद्दीकपुरा मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है.
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AIIMS डॉक्टर: मानसून से डेंगू समेत बीमारियाँ रोकना संभव, सावधानी जरूरी

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली: मॉनसून से जुड़ी बीमारियों के बारे में AIIMS दिल्ली के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल कहते हैं, "हर साल इस मौसम में कुछ खास बीमारियाँ देखने को मिलती हैं। हम हमेशा इन्हें रोक नहीं पाते, इसलिए कोशिश होनी चाहिए कि इनके होने की संभावना को जितना हो सके कम किया जाए। कई तरह की बीमारियाँ हो सकती हैं, जैसे डेंगू। हालाँकि डेंगू से बचा जा सकता है, लेकिन एक बार संक्रमित होने पर, आमतौर पर लक्षणों के आधार पर और सपोर्टिव इलाज से मरीज़ ठीक हो जाता है। ज़्यादातर मामलों में, डेंगू में प्लेटलेट काउंट का कम होना मुख्य चिंता का विषय नहीं होता। बीमारी की गंभीरता तय करने में प्लेटलेट्स की भूमिका सबसे अहम नहीं होती। गंभीर चेतावनी वाले लक्षणों में ब्लीडिंग, पेट में लगातार दर्द, या फेफड़ों या पेट में फ्लूइड जमा होना शामिल है। डेंगू में मुख्य खतरा सिर्फ़ प्लेटलेट्स का कम होना नहीं है, बल्कि ब्लड वेसल्स से फ्लूइड का लीक होना है, जिससे हीमोकॉन्सेंट्रेशन होता है और मरीज़ गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है..."
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अखिलेश यादव शंकराचार्य के चरणों में बैठे, भाजपा प्रवक्ता पर तंज कसते

Noida, Uttar Pradesh:अखिलेश यादव आज परम पूज्य शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के चरणों में बैठे उस पर भाजपा प्रवक्ता आलोक अवस्थी की प्रतिक्रिया - सनातन धर्म का लगातार अपमान करने वाले , श्रीरामजन्मभूमि मंदिर आंदोलन में भाग लेनेवाले निर्दोष रामभक्तों की हत्या करने वाले, श्रीरामचरितमानस को फड़वा कर जलवाने वाले , अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का दर्शन नहीं करने वाले और अपनी पार्टी के लोगों को दर्शन से रोकने वाले, श्रीराम का मंदिर ना बन पाये उसके लिए सारी ताक़त लगाने वाले और परम पूज्य शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी को तुष्टिकरण की पराकाष्ठा में अंधे होकर वाराणसी की सड़कों पर पिटवाने वाली पार्टी के अध्यक्ष आज चुनाव नज़दीक देख कर परम पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में बैठने का ढोंग कर रहे हैं।
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जमीन के विवाद में युवक की चाकू से हत्या: सहार में सनसनी

Mumbai, Maharashtra:भोजपुर जिले के सहार थाना क्षेत्र के बड़की खड़ाव गांव में बुधवार की सुबह जमीन के विवाद में एक युवक की चाकू से गोद कर हत्या कर दी गई। इलाज के लिए सहार सीएचसी लाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक को काफी करीब से सिर एवं शरीर के अन्य जगहों पर चाकू मारी गई है। घटना को लेकर गांव एवं आसपास के इलाकों में सनसनी मच गई। सूचना पाकर स्थानीय थाना घटनास्थल पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई। जानकारी के अनुसार मृतक सहार थाना क्षेत्र के बड़की खड़ाव गांव निवासी वीरेंद्र सिंह का 34 वर्षीय पुत्र विक्रांत सिंह है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनका गांव के ही एक व्यक्ति से जमीन को लेकर कुछ माह से विवाद चल रहा है। बुधवार की सुबह उसी विवाद में एक बार टकराव हो गया, जिसको लेकर आरोपी पक्ष के लोगों से नोंकझोंक हुई। जिसके बाद आरोपियों द्वारा उस पर चाकू वार कर दिया गया, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया। तब परिजन द्वारा उसे इलाज के लिए सहार सीएचसी लाया गया, जहां चिकित्सक ने देख उसे मृत घोषित कर दिया; इसके पश्चात पुलिस आगे की कार्रवाई करने एवं आरोपियों की धर पकड़ में जुट गई है। हालाँकि इस पूरे मामले पर पुलिस ने तत्काल कुछ भी कहने से इन्कार किया है।
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खूंटी-मुरहू सड़क बदहाल, ग्रामीणों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहा

Khunti, Jharkhand:रिपोर्ट - ब्रजेश कुमार। क्षेत्र - खूँटी । स्लग - बारिश शुरू होते ही कई गाँवो तक आवागमन वाले सड़क हुई बदहाल । दुर्घटना को आमंत्रित करता कच्चा सड़क से परेशान निरीह ग्रामीण। एंकर - झारखण्ड को बने 25 वर्ष से अधिक हो गया और विकास कराने के नाम पर 19 साल पहले खूँटी जिला का निर्माण हुआ था । लेकिन आज भी मुरहू अड़की रनिया प्रखंड के कई गाँवों तक मूलभूत सुविधा पहुंच नहीं पायी है। हाँ ये बात जरुर है कि जो जनप्रतिनिधि किसी तरह मोटर साइकिल में चलते थे वो नेता बनने के बाद उनका तो विकास दिखाई देता है। लेकिन जिन्होंने मतदान किया और आशा लगाया कि सरकार का पैसा जनहित के लिए गांव तक लाएगा और हमारे चेहरे पर मुस्कान दिखाई देगा । लेकिन आज वो सोच और सपना धरा का धरा रह गया। ऐसा मूलभूत सुविधा नहीं मिलने वाले गाँवों में से एक उदाहरण मुरहू से शान्तिपुरी वाली सड़क आज भी कच्चा दुर्घटना युक्त और समस्या जनित है। जिसके निर्माण के लिए विधायकों सांसदों प्रशासन जनप्रतिनिधि सभी से कहा गया लेकिन वर्षों वर्षों से ये सड़क बदहाल है। जिसमें ग्रामीण डरकर चलने को मजबूर हैं। ये सड़क केवल एक गाँव नहीं बल्कि कई गाँवो को जोड़नेवाला ये सड़क है। जहां से हजारों ग्रामीण अपनी दैनिक जरुरतों को पूरा करने के लिए इसी रास्ते से मुरहू और खूंटी शहर आवागमन करते हैं। विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं।मरीज अस्पताल जाते हैं। लेकिन आज भी ग्रामीण आस लगाए हैं हैं कि काश ये सड़क बन जाता तो परेशानी से निजात मिल जाता । राहगीर ग्रामीण वृद्ध महिला ने बताई थी कि इस सड़क से काफी लोग आवागमन करते हैं और यहां विद्यालय और आंगनबाड़ी भी है। चलने में काफी कष्ट होती है लोग गिर भी जाते हैं। शांतिपुरी निवासी ग्रामीण में बताया कि इस सड़क का निर्माण कभी भी नहीं हो पाया है। इसे राहगीरों को काफी कष्ट होता है। आंगनबाड़ी सेविका ने बताई की कर के खराब होने से आवागमन में लोगों को काफी दिक्कत होता है यह विद्यार्थी आवागमन करते हैं । आंगनबाड़ी में बच्चे इसी सड़क से आना जाना करते हैं। गर्भवती महिलाएं अस्पताल जाती है कई बार तो ऐसा भी हुआ है कि गर्भवती महिला का प्रसव सड़क में ही हो गया है। इसलिए सड़क को वरना बहुत ही जरूरी है। मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण साबू ने बताया कि झारखंड को बने विकार 25 वर्ष हो गया है लेकिन अब तक की सड़क का निर्माण एक बार भी नहीं हो पाया है। नजन आते हैं आश्वासन लेकर चले जाते हैं। लेकिन ग्रामीणों का स्थिति इस प्रकार बदतर है। यह सड़क से न केवल एक गांव बल्कि कई गांवों को जोड़ने वाला सड़क है। इसमें हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। बाईट - ग्रामीण。 बाईट - ग्रामीण。 बाईट - आंगनबाड़ी सेविका。 बाईट,,- अरुण साबू, उपप्रमुख मुरहू ।
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