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कासगंज police ने 3.20 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जलाकर नष्ट किए

Kasganj, Uttar Pradesh:तीन करोड़ 20 लाख की मादक पदार्थ को कराया नष्ट कासगंज यूपी के कासगंज में पुलिस ने ऑपरेशन दहन अभियान के तहत पुलिस द्वारा भिन्न भिन्न अभियोगों से संबंधित 3 करोड़ 20 लाख रु से अधिक मादक पदार्थों को कराया गया नष्ट। पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह के निर्देशन में जनपद की पुलिस द्वारा माननीय न्यायालय से प्राप्त आदेशों के क्रम में नशीले पदार्थों के मामले में जनपद के विभिन्न स्थानों में पंजीकृत विभिन्न अभियोगो से संबंधित बरामद माल जिसकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ 20 लाख सैंतालीस हजार दो सौ सतर रुपए है इन मादक पदार्थों को आगरा स्थित भस्मक प्लांट जे आर आर वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड एत्मादपुर आगरा में वैज्ञानिक विधि से जलकर नष्ट कराया गया। बाइट एएसपी सुशील कुमार
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चौसा में प्रेम संबंध हत्या: कैलाश राय की मौत का खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Madanpur, Bihar:मधेपुरा के चौसा थाना क्षेत्र के लौआलगान में कैलाश राय (70) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार हत्या की वजह मृतक की अविवाहित बेटी जूली कुमारी और मुख्य आरोपी राकेश कुमार उर्फ रकवा के बीच प्रेम संबंध था। मृतक और उसके परिजन इस रिश्ते का विरोध करते थे। इसी विरोध के कारण कैलाश राय को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई और उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। मंगलवार को प्रेस वार्ता में उदाकिशनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया कि 20 जून की रात चौसा थाना क्षेत्र के लौआलगान पूर्वी स्थित गौशाला रोड पर बासा के मचान पर सो रहे कैलाश राय की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक की पत्नी भदरी देवी उर्फ प्रमिला देवी के फर्दबयान पर चौसा थाना में केस कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर चौसा गौशाला चौक निवासी मुख्य आरोपी राकेश कुमार उर्फ रकवा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए घटना में शामिल अन्य आरोपियों के नाम बताए। इसके बाद उसकी निशानदेही पर गौशाला चौक इंदल मंडल और लौआलगान निवासी संजीव कुमार उर्फ राजीव कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसडीपीओ ने बताया कि हत्याकांड में अन्य अपराधियों की भी पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। मृतक कैलाश राय को छह बेटे और एक बेटी हैं। इनमें तीन बेटों की शादी हो चुकी है, जबकि तीन बेटे और बेटी जूली कुमारी अविवाहित हैं। घटना के समय कैलाश राय बासा पर बने मचान पर सो रहे थे, जबकि घर में उनकी पत्नी, बेटा लक्ष्मण राय और बेटी मौजूद थे। एसडीपीओ ने बताया कि मुख्य आरोपी राकेश कुमार उर्फ रकवा के विरुद्ध पहले से हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। छापेमारी टीम में चौसा थानाध्यक्ष रवि कुमार पासवान, डीआईयू टीम, एसटीएफ तथा चौसा थाना पुलिस शामिल थे.
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बिहार संग्रहालय स्थापना दिवस की तैयारी तेज, रिकॉर्ड टिकटधारी आगंतुक

Noida, Uttar Pradesh:बिहार संग्रहालय समिति के शासी निकाय की बैठक में भाग लेकर संग्रहालय की गतिविधियों, आगामी योजनाओं एवं स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। यह जानकर प्रसन्नता हुई कि बिहार संग्रहालय ने गत वर्ष 5 लाख से अधिक टिकटधारी आगंतुकों का रिकॉर्ड दर्ज किया है, जो बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति लोगों के बढ़ते आकर्षण का प्रतीक है। 7 से 10 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए भव्य आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संग्रहालय की गतिविधियों में बिहार की लोककला, लोकसंस्कृति एवं लोक परंपराओं को और अधिक प्रमुखता देने पर बल दिया गया, पर्यटन, संस्कृति संरक्षण एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए टूर गाइड, डिजाइन एवं लोक कलाओं से संबंधित डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं एवं पर्यटन के लिए संग्रहालय को और अधिक उपयोगी एवं आकर्षक बनाने पर विशेष जोर दिया गया, बिहार की गौरवशाली विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।
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KT Rama Rao ने तेलंगाना मेट्रो घोटाले का दावा, नेता परिवार से जुड़ाव पर आरोप

Noida, Uttar Pradesh:MEDCHAL MALKAJGIRI (TELANGANA) : K T RAMA RAO (BRS WORKING PRESIDENT) ON HYDERABAD METRO 72 KM PROJECT EXECUTION AIRPORT METRO LINE CANCELLATION ALLEGATIONS / BJP REJECTED LAKDIKAPUL–PATANCHERU METRO PROPOSAL / REVANTH REDDY AND G KISHAN REDDY DELHI MEETINGS / DEMAND FOR METRO EXPANSION 250 KM/KCR RETURN TO POWER IN 2028. BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव का कहना है, "मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी मिलकर हैदराबाद मेट्रो रेल के मुद्दे पर राजनीतिक ड्रामा कर रहे हैं, जबकि वे मेट्रो रेल की लगभग 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े एक बड़े घोटाले को छिपा रहे हैं। सीएम रेवंत रेड्डी मेट्रो रेल से जुड़ी लगभग 250 एकड़ की कीमती ज़मीन और 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों को सौंपने की कोशिश कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने L&T मेट्रो रेल के अधिकारियों को ब्लैकमेल किया और इन संपत्तियों पर कब्ज़ा करने के लिए उन्हें राज्य से बाहर जाने पर मजबूर किया। सीएम रेवंत रेड्डी सिर्फ़ मेट्रो रेल की संपत्ति पर नियंत्रण पाने के लिए तेलंगाना के लोगों पर L&T मेट्रो रेल का लगभग 14,000 करोड़ रुपये का कर्ज डालने की कोशिश कर रहे थे। राज्य सरकार उन देनदारियों को उठाने को तैयार थी जो निजी कंपनी के पास ही रहनी चाहिए थीं, जिससे मेट्रो रेल प्रोजेक्ट आर्थिक संकट की ओर बढ़ जाता...
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सरदारशहर में आंधी-बारिश ने जलभराव मचा दिया, व्यापारी परिषद के खिलाफ उग्र आक्रोश

Churu, Rajasthan:सरदारशहर में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश ने शहर के मुख्य बाजारों व निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। बारिश से सड़कें तालाब में बदल गईं, जिससे वाहनों और पैदल चलने वालों को परेशानी हुई। शहर के मुख्य बाजार, बस स्टैंड क्षेत्र, मीणा कुआं और लूहारा गाड़ा जैसे इलाकों में जलभराव हो गया। बारिश के कारण यातायात बाधित रहा और दुकानों के सामने पानी भर गया। व्यापारियों ने नगर परिषद के जल निकासी व सफाई में कमी को लेकर आक्रोश व्यक्त किया; उन्होंने कहा कि बरसात से पहले नालों की सफाई नहीं करवाई गई। दूसरी ओर अच्छी बारिश से किसान खुश हैं; खरीफ फसलों के बाद हुई बारिश से मृदा नमी और उत्पादन की उम्मीद बढ़ी है। शहरवासियों ने भी बारिश से गर्मी से राहत पाई। बारिश के दौरान कुछ मार्गों पर पानी भर गया जिससे पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी।
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पटना में शिक्षा-तकनीक व कृषि क्षेत्र की समीक्षा बैठक, कौशल विकास पर जोर

Noida, Uttar Pradesh:लोक सेवक आवास, पटना में विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, कौशल विकास विभाग तथा कृषि विभाग से संबंधित समीक्षात्मक बैठकों में भाग लिया। बैठकों के दौरान तकनीकी एवं उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रमों को सुदृढ़ बनाने तथा कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के विस्तार, उत्पादकता वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। हमारा संकल्प है कि शिक्षा, कौशल और कृषि के सशक्त आधार पर आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं विकसित बिहार का निर्माण किया जाए।
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ट्रेक्टर से पड़िया के पैर टूटे कहा सुनी पर की मारपीट, चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

Rachit PandeyRachit PandeyFollow9m ago
Harchandpur Kharagpur, Uttar Pradesh:किशनी।राजेंन्द्र सिंह पुत्र रामरतन सिंह यादव निवासी ग्राम खिरिया (नैगवां खिरिया) ने तहरीर दी कि रविवार की सुबह 9.30 बजे गांव के आनंद उर्फ अभयराज पुत्र रामकिशोर यादव उनके घर के सामने से ट्रैक्टर ले जा रहे थे। मेरे घर के पास उनकी भैंस का बच्चा (पडिया) बंधी हुई थी।ट्रेक्टर उक्त पड़िया पर चढ़ गया और उसके पैर टूट गये। जब जब उन्होंने इलाज के लिये कहा तो आनंद ने उनसे कहा कि तुम परेशान मत होओ। वह उनकी भैंस की पडिया का इलाज करा देगा। इसके बाद शाम करीब 4.00 बजे उनके घर आनंद उर्फ अभयराज पुत्र रामकिशोर व उपेंन्द, उपेश पुत्रगण रामकिशोर व रामकिशोर पुत्र प्रताप सिंह मेरे घर आये और भैंस के एक्सीडेंट की बात को लेकर गंदी गालिया देते हुये उनको व उनके बेटे अनुज यादव व बेटी बन्दना यादव को बुरी तरह लात घूसों व धारदार हथियार, कुल्हाडी व फावडा से मारापीटा।मारपीट से उनके सिर, दांत, जबडा व सर, हाथ में लड़की के हाथ में गंभीर चोटें आई हैं।मारपीट के बाद उक्त लोगों ने उनको जान से मारने की धमकी भी दी।पुलिस ने सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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11 हजार वोल्ट बिजली के चपेट में नाबालिग मजदूर, मोहर्रम मेले में हादसा—प्रशासन से सवाल

Jamui, Bihar:जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र के चौकीटांड़ गांव में मोहर्रम मेले की तैयारी उसी वक्त मातम में बदल गई, जब झूला लगाने के दौरान 11 हजार वोल्ट बिजली के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दो नाबालिग मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में एक की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिसका इलाज जमुई सदर अस्पताल में चल रहा है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी, दहशत और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार, चौकीटांड़ गांव में मोहर्रम पर्व को लेकर लगने वाले मेले के लिए ब्रेक डांस झूला समेत अन्य झूले लगाए जा रहे थे। आरोप है कि झूला संचालक मल्हू प्रसाद द्वारा इस कार्य में नाबालिग मजदूरों को लगाया गया था। इसी दौरान झूला खड़ा करने का काम चल रहा था कि वह ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। करंट इतना तेज था कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई और वहां काम कर रहे मजदूर बुरी तरह झुलस गए। इस दर्दनाक हादसे में मनीष कुमार (पिता- बाल्मीकि चौहान, निवासी- रामपुर, थाना बिंद, जिला नालंदा) तथा सोमर कुमार (निवासी- बेलदारी, थाना नूरसराय, जिला नालंदा) की मौत हो गई। दोनों को गंभीर हालत में इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। लिहाजा, मेले की तैयारियों के बीच अचानक पसरा यह मातम कई परिवारों की खुशियां निगल गया। वहीं हादसे में श्रवण चौहान (पिता- मुशहरी चौहान, निवासी- गागोरा, थाना अरियरी, जिला शेखपुरा), पवन कुमार (पिता- बेचन मांझी, निवासी- पंचलोवा, इस्लामपुर, जिला नालंदा) और राजीव कुमार (पिता- उपेंद्र पासवान, निवासी- रामपुर, थाना बिंद, जिला नालंदा) घायल हो गए। इनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। सूत्रों की मानें तो घायलों की वास्तविक संख्या इससे अधिक भी हो सकती है। चर्चा यह भी है कि कुछ घायलों का इलाज चोरी-छिपे निजी स्तर पर कराया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। प्रथम जानकारी में यह बात सामने आई है कि मोहर्रम मेले में झूला लगाने के लिए नालंदा समेत विभिन्न जिलों से नाबालिग मजदूरों को लाया गया था। यदि यह सच है तो मामला केवल एक हादसे तक सीमित नहीं रह जाएगा, बल्कि बाल श्रम, सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही की गंभीर परतें भी उजागर करते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने जोखिम भरे काम में नाबालिग बच्चों को किसकी अनुमति से लगाया गया? क्या झूला लगाने से पहले बिजली लाइन की दूरी, सुरक्षा घेरा और तकनीकी मानकों की जांच की गई थी? क्या स्थानीय प्रशासन, मेला समिति और संचालक ने सुरक्षा को लेकर कोई जिम्मेदारी निभाई थी? इस बीच मामले पर एसडीएम सौरभ सुमन का स्पष्ट बयान सामने आया है कि मेला लगाने और झूला संचालन की कोई जानकारी प्रशासन को नहीं दी गई थी। चोरी-छिपे मेले का आयोजन किया जा रहा था और इसके लिए आवश्यक लाइसेंस भी नहीं लिया गया था। एसडीएम ने कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर यह बात चर्चा में है कि कुछ बच्चों के आधार कार्ड में उम्र बढ़ाकर दिखाने या छेड़छाड़ कर उन्हें बालिग साबित करने की कोशिश की गई। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह कानून से खिलवाड़ और सबूतों के साथ छेड़छाड़ का मामला भी बन सकता है। श्रम अधिकारी रतीश कुमार ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन हादसे की हर परत खंगालने में जुटा है। यह हादसा कई कड़वे सवाल छोड़ गया है कि त्योहारों और मेलों की चमक के पीछे बच्चों की जान इतनी सस्ती हो चुकी है, अवैध तरीके से नाबालिगों से खतरनाक काम कराना सामान्य बात बन रहा है, और हर बार मौत के बाद सिर्फ जांच का आश्वासन देकर जिम्मेदार लोग बच निकलते हैं।
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नवादा के एनकाउंटर पर सवाल, भरत तिवारी के लिए न्याय की मांग तेज

Nawada, Bihar:नवादा में भरत तिवारी एनकाउंटर पर विरोध प्रदर्शन सीएम सम्राट चौधरी मुर्दाबाद के नारे लगे, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठी नवादा जिले में युवा सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत के विरोध में एक कैंडल march निकाला गया। यह मार्च नगर थाना के पास से शुरू होकर भगत सिंह चौक पर समाप्त हुआ। इसमें सैकड़ों युवाओं और स्थानीय लोगों ने सरकार तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की。 प्रदर्शनकारियों ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ "सम्राट चौधरी मुर्दाबाद" के नारे लगाए। मार्च के दौरान "न्याय दो भरत तिवारी को न्याय दो" और "भ्रष्टाचार मुर्दाबाद" जैसे नारे गूंजते रहे। युवाओं का एक बड़ा समूह बैनरों के साथ सड़कों पर उतरा。 प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी भ्रष्टाचार और सिस्टम की खामियों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, जिसके कारण उन्हें जानबूझकर गोली मारकर मार दिया गया। युवाओं ने दावा किया कि भरत तिवारी का एनकाउंटर फर्जी था और यह व्यवस्था की नाकामी को छिपाने का प्रयास है。 कैंडल march में शामिल युवाओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा न्यायिक जांच के आदेश के बावजूद, लोग आक्रोशित हैं और पूर्ण न्याय की मांग कर रहे हैं। भरत तिवारी की मौत के बाद बिहार के विभिन्न जिलों में भी ऐसे विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। नवादा का यह march युवाओं के बढ़ते आक्रोश को दर्शाता है। परिवार और समर्थकों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, फिर भी उन पर गोलियां चलाई गईं।
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खूंटी 18 वर्षीय हिस्सी कुमारी हत्या शक में कांची नदी किनारे शव मिला

Khunti, Jharkhand:क्षेत्र - खूँटी。 स्लग - खूँटी जिले की लापता 18 वर्षीय हिस्सी का शव कanchi नदी में सारजमडीह पुल के समीप बालू से ढका हुआ मिला。 खूँटी जिले के मारंगहादा थाना क्षेत्र अंतर्गत गुटीगड़ा गांव की लापता हिस्सी कुमारी का शव दशम फॉल थाना क्षेत्र अंतर्गत कांची नदी किनारे सड़ा गला अवस्था में बरामद किया गया। जिसे हत्या करके शव को छिपाने के लिए नदी के किनारे बालू में गाड़ दिया गया था। शव मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बताया जाता है कि हिस्सी सात दिन पहले से लापता थी。 हिस्सी कुमारी बचपन से ही अपने मामा घर अड़की थाना क्षेत्र के बरागड़ा गाँव में रहती थी जो सात दिन पहले से गायब थी। आज दशम फॉल थाना क्षेत्र के कांची नदी में सारजमडीह गाँव से एक व्यक्ति शौच के लिए नदी में गया था। तभी दुर्गंध आने पर देखने के लिए उस स्थान पर गया जहां से दुर्गंध आ रहा था। जहां उसने देखा कि नदी के बालू में एक मनुष्य का शव दबा है और उपर से कुछ दिखाई दे रहा है। जिसकी जानकारी स्थानीय लोगों को दी। फिर दशम फॉल थाना के थाना प्रभारी को इसकी जानकारी दी गयी। जिसके बाद डीएसपी ओम प्रकाश के अगुवाई में घटना स्थल पर पहुँचे और अनुसंधान किया। जिस शव के बारे पता लगाने पर पाया गया कि खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र अंतर्गत बारीगड़ा गांव से लापता एक लड़की हिस्सी कुमारी का शव है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। जिसकी मां और परिजनों को घटनास्थल पर बुलाया गया जिन्होंने पहचान किया। अभी वर्तमान में शव को अपने अधीन पुलिस ने ले लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। बुंडू डिएसपी ओम प्रकाश ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची जो कि दशम फॉल थाना क्षेत्र के सारजमडीह गाँव के पास कांची नदी किनारे लोगों ने एक युवती का शव बालू से ढका हुआ देखा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस को दी। मृतका की पहचान खूँटी जिले के मारांगहादा थाना क्षेत्र गुटीगाड़ा गांव की रहने वाली लगभग 18 वर्षीया हिस्सी कुमारी के रूप मे हुई है। युवती अड़की थाना क्षेत्र के बाड़ीगाड़ा गांव मे अपने मामा के घर मे रहती थी और एक सप्ताह से लापता थी। युवती के गला और चेहरे पर चोट के निशान है और शव क्षत-विक्षत प्रतीत हो रहा है। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। स्थानीय मुखिया के पति भीमा मुण्डा ने बताया कि सारजमडीह गाँव के लोग शौच के लिए नदी आये हुए थे जहाँ दुर्गंध आने पर और कुत्ते के द्वारा खोदने को देखकर लोग उसके निकट जाकर देखें तो कपड़ा दिखाई दिया फिर जहाँ शव देखा तो पुलिस को जानकारी दी गयी जो कि प्रथम दृष्टया हत्या का मामला लग रहा है। शव की पहचान हो गयी है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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भरत तिवारी एनकाउंटर पर मंत्री अशोक चौधरी ने हत्या का मुकदमा मांगते हुए पुलिस पर सवाल उठाए

Ramgarh Cantonment, Jharkhand:बिहार सरकार के मंत्री ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर पुलिस पर उठाए गंभीर सवाल, दोषी पुलिस वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की बात कही। देश के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ रजरप्पा मंदिर में मंगलवार को बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने माता छिन्नमस्ताका का दर्शन कर पूजा अर्चना किया। उन्होंने राज्य और देश के लिए सुख समृद्धि के लिए माता से कामना भी किया। इस दौरान उन्होंने बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पत्रकारों के पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि यह एक दो पुलिस अधिकारियों की गलती का मामला है साथ ही उन्होंने कहा कि मान लीजिए उसने विक्षिप्त अवस्था में कोई घटना कर दी थी, तो उसे पकड़ कर थाने ले जाया जा सकता था, मेडिकल बोर्ड से जांच कराई जा सकती थी, यदि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ पाया जाता तो उसे अस्पताल भेजा जाता, अन्यथा जेल भेजा जाता ऐसे में एनकाउंटर करना कहां तक उचित था ? क्या इसलिए एनकाउंटर कर दिया गया कि उसने किसी पुलिस पदाधिकारी को बंदूक दिखा दी या कुछ घंटे तक उन्हें रोक रखा ? ऐसा नहीं होता है। दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो। उन्होंने कहा कि पुलिस के जवानों से लेकर एसपी डीएसपी और उन अधिकारियों तक सभी को स्थिति को हैंडल करने की ट्रेनिंग दी जाती है बड़े अधिकारी प्रशिक्षण देते हैं राजगीर में ट्रेनिंग सेंटर भी खुला है। लेकिन ऐसी परिस्थितियों में प्रशिक्षण का उपयोग करने के बजाय सीधे गोली चलाई गई मेरी राय में इस मामले में संबंधित लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। वहीं बिहार सरकार को लेकर उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का काम कर रही है, उन्होंने जब से सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं तब से अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि या तो अपराधी अपराध छोड़ दे या फिर बिहार छोड़ दें, अन्यथा कानून का सामना करना पड़ेगा।
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