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Umang WaliaUmang WaliaFollow14 Jun 2024, 06:39 am
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जायल में रात्री चौपाल: कलेक्टर ने सुनी ग्रामीण समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

Nagaur, Rajasthan:जायल(नागौर) जायल के ग्राम पंचायत जोचिना में रात्रि चौपाल में जिला कलेक्टर ने की जनसुनवाई। जिला कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने ग्रामीणों की सुनी समस्याएं सुनकर किया समाधान। बिजली, पानी, सड़क व नालियों के मामलों पर मौके पर समाधान के निर्देश स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी ग्रामीणों को किया जागरूक。 किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी सहित कई अधिकारी रहे मौजूद जायल क्षेत्र के जोचिना ग्राम पंचायत में जिला कलेक्टर देवेन्द्र कुमार ने रात्रि चौपाल का आयोजन कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। चौपाल में बिजली, पानी, सड़क और नालियों से जुड़े विभिन्न परिवाद सामने आए, जिनके त्वरित समाधान के लिए कलेक्टर ने अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, एसडीएम रजत चौधरी, तहसीलदार विजय बाजिया, जिला परिषद सीईओ अरविंद जाखड़ सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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रणथंभौर के ग्रामीण क्षेत्रों में चीते के डर से दहशत, खेती-स्कूल प्रभावित

Sawai Madhopur, Rajasthan:रणथंभौर टाईगर रिजर्व ऐसा टाईगर रिजर्व बन गया है ,जहाँ इन दिनों वाइल्डलाइफ के तीन तीन खूंखार वन्यजीव बाघ- लेपर्ड और चीता विचरण करते नजर आ रहे है । मध्यप्रदेश के कुनों से भटककर करीब 20 दिन पूर्व राजस्थान पहुंचा चीता KP2 को रणथंभौर के जंगल एंव पैराफेरी का इलाका रास आ रहा है । चीता KP2 कभी रणथंभौर के जोन नम्बर 8 - 9 और 10 में विचरण कर रहा है तो कभी जंगल से निकलकर रणथंभौर की पैराफेरी में बसे गांवों के आबादी क्षेत्र के निकट पहुंच रहा है ,जिसके चलते ग्रामीणों में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है , चीता KP2 अक्सर रणथंभौर से सटे कैलाशपुरी गांव के नजदीक अमरूदों के बगीचे में पहुंच जाता है ,जिसके कारण कैलाशपुरी गांव के ग्रामीणों में इन दिनों ख़ौफ़ का माहौल है । इन दिनों चीते का मूवमेंट कैलाशपुरी गांव के नजदीк एक अमरूदों के बगीचे में देखा जा रहा है ,यहाँ चीता का मूवमेंट करीब पांच सात दिनों से बना हुवा है ,चीता कभी रणथम्भौर के जोन नम्बर 10 में पहुंच जाता है तो कभी अमरूदों के बगीचे में आ बैठता है ,चीता के अमरूदों के बगीचे में आने से कैलाशपुरी के ग्रामीणों में डर व्याप्त है ,ग्रामीणों का कहना है कि चीता के मूवमेंट के चलते उनका कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है ,ग्रामीणों का कहना है कि हर वक्त उनमें किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है ,चीता कब किसे अपना शिकार बना ले उसी डर से किसान अपने खेतों ओर बगीचों में नही जा पा रहे है ,ग्रामीणों का कहना है कि सबसे बड़ा खतरा उन्हें अपने बच्चों को लेकर है ,वही मोजीपुरा गांव से भी कई बच्चे पढ़ने के लिए उसी रास्ते से स्कूल आते जाते है जिस रास्ते की तरफ चीते का मूवमेंट रहता है ,ऐसे में चीते के डर से बच्चे स्कूल तक नही जा पा रहे है । ग्रामीणों ने बताया कि चीते द्वारा उनके पालतू पशु बकरियों का भी शिकार किया गया है । गांव के नजदीक अमरूदों के बगीचे में चीते का मूवमेंट होने से गांव के महिला-पुरुषों सहित बच्चे घरों में कैद होकर रह गए है । ऐसे में जहाँ ग्रामीणों की गर्मी की सफलें सिंचाई की वजह से सुख रही है वही बगीचों ओर फसलों की निनाई गुड़ाई भी नही हो पा रही है । कैलाशपुरी के ग्रमीणों का कहना है कि भलेही वन विभाग की टीम द्वारा चीते की मॉनिटरिंग की जा रही हो लेकिन ग्रामीणों में चीते के मूवमेंट को लेकर हमेशा डर और ख़तरा बना रहता है ,ग्रामीणों द्वारा वन अधिकारियों से चीते को पकड़ने की मांग की गई है ,ग्रामीणों का कहना है कि उनके द्वारा क्षेत्रीय रेंजर एंव डीएफओ को शिकायत भी की गई है कि चीता बार बार ग्रामीणों की खातेदारी की जमीन पर आ रहे है ,लेकिन वनाधिकारियों द्वारा उन्हें बार बार सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है , ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में चीते का मूवमेंट बढ़ने से गांव के महिला पुरुष और बच्चे बुरी तरह से डरे सहमे है ओर अपने घरों में कैद होकर रह गए है ।
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जल संसाधन परियोजनाओं में मानक सामग्री नहीं मिलने पर तीन अभियंता निलंबित, मंत्री कड़ी कार्रवाई

Jaipur, Rajasthan:जयपुर- जल संसाधन की महत्वपूर्ण परियोजनाओं के कार्यों में मानक सामग्री का उपयोग नहीं पाए जाने पर 3 अभियंताओं को निलंबित किया गया है। साथ ही, 3 अभियंताओं को चार्टशीट दी गई है। जल संसाधन विभाग के अधीक्षक अभियंता (प्रशासन) ने आदेश जारी किया है। इसमें दायीं मुख्य नहर सीएडी चम्बल कोटा में चल रहे निर्माण कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर दायीं नहर उपखंड सीएडी अंता के कनिष्ठ अभियंता नेमीचंद बैरवा, सोनू कुमार गोचर और दीपक चौधरी को निलम्बित किया गया है। इसके साथ ही, दायीं मुख्य नहर खंड द्वितीय सीएडी चम्बल कोटा के अधिशाषी अभियंता हेमराज मीणा, सहायक अभियंता एवं तकनीकी सहायक नरेश मालव और दायीं नहर खंड सीएडी चम्बल अंता के सहायक अभियंता अमित कुमार बोहरा पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की गई है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी स्तर पर घटिया सामग्री पाए जाने पर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। यह विषय जानकारी में आने पर अधीक्षक अभियंता सिंचाई वृत्त सीएडी कोटा, अधीक्षक अभियंता गुण नियंत्रण इकाई कोटा द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण करवाया गया था। उन्होंने बताया कि दोषपूर्ण कार्यों को चिन्हित कर उन्हें हटाया जा रहा है。
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श्योपुर में मासूम बच्ची के अपहरण-खरीद-फरोख्त गैंग गिरफ्तार, DNA जाँच शुरू

Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है, जिसमें एक मासूम बच्ची को राष्ट्रीय राजमार्ग पर लावारिस छोड़ने और उसकी खरीद-फरोख्त का बड़ा गिरोह सामने आया है। श्योपुर पुलिस ने लगभग 2 साल की मासूम बच्ची को NH-552 पर सोंडूखे के पास लावारिस हालत में मिलने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी काजल पटेल सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना 18 अप्रैल 2026 की सुबह की है, जब डायल 112 पर सूचना मिली कि एक बच्ची को सड़क किनारे छोड़ दिया गया है। पुलिस और बाल कल्याण समिति की टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू किया और शिशुगृह भेजा। जांच में सामने आया कि बच्ची को लगभग 1 लाख रुपये में खरीदा गया था और बाद में उसे छोड़ दिया गया। आरोपियों ने पूछताछ में बच्ची को इंदौर से लाने और पैसे के लेन-देन की बात कबूल की। इस पूरे नेटवर्क में कई लोग शामिल थे, जिनमें महिलाओं की भी भूमिका सामने आई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाने। मामले में मानव तस्करी और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई हैं। बच्ची के असली माता-पिता का पता लगाने के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है। एसपी के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया
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राजस्थान नदी बेसिन मास्टर प्लान 2047 के अनुसार जल आत्मनिर्भरता पर जोर

Jaipur, Rajasthan:नदी बेसिन का मास्टर प्लान विकसित राजस्थान2047 के अनुरूप करें तैयार-CS Aashish जयपुर- मुख्य सचिव, राजस्थान नदी बेसिन जल संसाधन योजना प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शासन सचिवालय स्थित चिंतन कक्ष में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जल संसाधन प्रबंधन, संरक्षण एवं विभाग की योजना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने राज्य में जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन के लिए तकनीकी रूप से सुदृढ़ योजना निर्माण एवं सतत मॉनिटरिंग प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इंदिरा गांधी नहर परियोजना के मरम्मत कार्यों में तेजी लाने एवं जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करते हुए राज्य को जल आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। बैठक में मुख्य सचिव द्वारा मुख्य अभियंता हनुमानगढ़ को घग्गर नदी के मानसून अवधि में बाढ़ और जल उपलब्धता और संभावित उपयोग का अध्ययन करवाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किए। साथ ही, सभी बेसिन मुख्य अभियंता एवं बेसिन अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को अपने-अपने संभाग में स्थित नदी बेसिनों की अद्यतन प्रभावी योजना एवं नदी बेसिन मास्टर प्लान विकसित राजस्थान—2047 को ध्यान में रखते हुए शीघ्र तैयार करने के निर्देश प्रदान किए। इसमें जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्राधिकरण के आयुक्त श्री अभय कुमार ने राजस्थान नदी बेसिनों की जानकारी प्रस्तुत दी। प्राधिकरण के मुख्य अभियंता श्री राज पाल सिंह ने विभिन्न परियोजनाओं एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। बैठक में जल संसाधन प्रबंधन से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गई। इनमें सतही जल की उपलब्धता, रावी-ब्यास से प्राप्त जल, भूजल विकास की स्थिति, विभिन्न क्षेत्रों में जल की मांग (सिंचाई, पेयजल एवं औद्योगिक उपयोग), नहरों में जल परिवहन के दौरान होने वाली हानि तथा प्रमुख परियोजनाएं शामिल रहीं। इनमें इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंग नहर, भाखड़ा नहर एवं सिद्धमुख-नोहर परियोजना प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। इसमें भूजल की गुणवत्ता एवं बढ़ती पेयजल मांग को प्रमुख चुनौतियों के रूप में चिन्हित किया गया। इस संदर्भ में जल के समुचित उपयोग एवं संरक्षण के लिए समन्वित रणनीति अपनाने पर जोर दिया गया। मुख्य अभियंता (उत्तर), हनुमानगढ़ प्रदीप रूस्तगी द्वारा विकसित राजस्थान—2047 के अंतर्गत जल आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु घग्घर नदी बेसिन का डेटाबेस आधारित विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें जल उपलब्धता, मांग एवं आपूर्ति का विश्लेषण करते हुए प्रमुख चुनौतियों को रेखांकित किया गया। इनमें सतही जल की सीमित उपलब्धता, भूजल का अत्यधिक दोहन, IGNP क्षेत्र में जलभराव तथा अधिक जल खपत वाली फसलों का उपयोग शामिल है।
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हाईकोर्ट ने भूगोल भर्ती मामले में सरकारी जवाब तलब किया

Jaipur, Rajasthan:हाईकोर्ट के शॉट और याचिकाकर्ता के विजय पाठक की बाईट इंट्रो- राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल व्याख्याता भर्ती- 2024 के एक प्रश्न की गलत जांच करने से जुड़े मामले में प्रमुख शिक्षा सचिव और आरपीएससी सचिव से जवाब तलब किया है। इसके साथ ही अदालत ने भूगोल विषय के व्याख्याता पद पर दी जाने वाली नियुक्तियों को याचिका के निर्णय के अधीन रुखा है। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने एक याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए। बॉडी- याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने अदालत को बताया कि आरपीएससी की ओर भूगोल विषय के लिए आयोजित स्कूल व्याख्याता भर्ती-2024 की गत जून माह में हुए लिखित परीक्षा में याचिकाकर्ता शामिल हुआ था। आयोग की ओर से मॉडल उत्तर कुंजी जारी कर प्रश्नों पर आपत्तियां मांगी। जिसमें याचिकाकर्ता ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि प्रश्न संख्या 71 का जवाब आयोग ने विकल्प संख्या 2 को सही माना है, जबकि मान्यता प्राप्त पुस्तकों में इस सवाल का जो जवाब बताया गया है, वह विकल्प संख्या 1 का है।इसके बावजूद भी आयोग की ओर से जारी अंतिम उत्तर कुंजी में विकल्प संख्या 2 के जवाब को ही सही माना गया। जिसे चुनौती देते हुए कहा गया कि इसी सवाल को आयोग ने साल 2022 की स्कूल व्याख्याता भर्ती में पूछा था और उस समय आयोग ने विकल्प संख्या 1 के जवाब को सही माना था। दो साल में आयोग ने अपनी ओर से तय जवाब को ही बदल दिया। याचिका में यह भी कहा गया कि माइनस मार्किंग की इस परीक्षा में याचिकाकर्ता केवल 0.66 अंक से कट ऑफ से बाहर हो गया है। ऐसे में यदि इस सवाल का विकल्प संख्या 1 में बताए जवाब को सही माना जाए तो उसका चयन हो जाएगा। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए नियुक्तियों को याचिका के निर्णय के अधीन रखा है।
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राजस्थान हाईकोर्ट: दोषमुक्त के बाद पेंशन जारी, 6% ब्याज सहित बकाया देय

Jaipur, Rajasthan:हाईकोर्ट के शॉट और याचिकाकर्ता के वकील लक्ष्मीकांत शर्मा की बाईट इंट्रो- राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि आपराधिक मामले में दोषमुक्त होने के बाद उसकी अपील लंबित होने के चलते रिटायर कर्मचारी के पेंशन परिलाभ नहीं रोके जा सकते हैं। इसके साथ ही अदालत ने कहा है कि तीन माह में याचिकाकर्ता को समस्त बकाया परिलाभ छह फीसदी ब्याज सहित अदा करे। जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने यह आदेश देवेन्द्र सलोल्या की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। बॉडी- याचिका में अधिवक्ता लक्ष्मीकांत शर्मा ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त व विकास निगम में कार्यरत था। उसके खिलाफ एसीबी में मामला लंबित होने के कारण उसे एसीपी का लाभ नहीं दिया गया। वहीं अप्रैल, 2016 में उसे एसीबी कोर्ट, कोटा ने दोषमुक्त कर दिया। इस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी, जो लंबित चल रही है। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता 31 जनवरी, 2022 को रिटायर हो गया, लेकिन आपराधिक अपील के लंबित होने के कारण उसे पेंशन परिलाभ नहीं दिए गए। जिसे याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को समस्त परिलाभ ब्याज सहित अदा करने को कहा है।
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संबलपुर: 15 मई से रवि धान खरीदी शुरू, DLPC की बैठक में निर्णय

Sambalpur, Odisha:ସମ୍ବଲପୁର ମେ ମାସ ୧୫ ତାରିଖରୁ ରବି ଧାନ କ୍ରୟ ଆରମ୍ଭ |ଆଜି ବିପଣନ ଋତୁ ୨୦୨୫-୨୬ (ରବି ଫସଲ) ପାଇଁ ସମ୍ବଲପୁର ଜିଲ୍ଲା ସ୍ତରୀୟ ଧାନ ସଂଗ୍ରହ କମିଟି ବୈଠକ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି |ଜିଲ୍ଲାପାଳ ସମ୍ମିଳନୀ କକ୍ଷରେ ୨୦୨୫-୨୬ ରବି ଋତୁ ପାଇଁ ଜିଲ୍ଲା ସ୍ତରୀୟ ଧାନ ସଂଗ୍ରହ କମିଟି (DLPC) ବୈଠକ ସମ୍ବଲପୁର ଜିଲ୍ଲାପାଳ ସିଦ୍ଧେଶ୍ଵର ବଳିରାମ ବୋନ୍ଦର(ଭ୍ରା.ପ୍ର.ସେ) ଙ୍କ ଅଧ୍ୟକ୍ଷତାରେ ଅନୁଷ୍ଠିତ ହୋଇଯାଇଛି |ଏହି ବୈଠକରେ ଚାଷୀଙ୍କ ସ୍ୱାର୍ଥ ରକ୍ଷା ଏବଂ ଧାନ ସଂଗ୍ରହ ପ୍ରକ୍ରିୟାକୁ ସ୍ୱଚ୍ଛ ଓ ଶୃଙ୍ଖଳିତ କିପରି ହେବ ଏବଂ ଗତ ବର୍ଷ ଧାନ କ୍ରୟ ସମୟରେ ଉପୁଜିଥିବା ବିଭିନ୍ନ ସମସ୍ୟାକୁ ଦୃଷ୍ଟିରେ ରଖି ଆଗାମୀ ସମୟରେ ଏହାର କିପରି ସମାଧାନ କରାଯାଇ ପାରିବ,ସେ ବାବାଦ ରେ ଆଲୋଚନା ହୋଇଥିଲା |ସୂଚନା ଅନୁଯାୟୀ, ଜିଲ୍ଲାସ୍ତରୀୟ କ୍ରୟ ସମିତି ଦ୍ୱାରା ଆସନ୍ତା ୧୫ ମଇରୁ ରବି ଧାନ ସଂଗ୍ରହ ଆରମ୍ଭ କରିବାପାଇଁ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନିଆଯାଇଛି | ଚଳିତ KMS ୨୦୨୫-୨୬ ବର୍ଷ ପାଇଁ ସାଧାରଣ ଧାନର କ୍ୱିଣ୍ଟାଲ ପିଛା ମୂଲ୍ୟ ୨୩୬୯ଟଙ୍କା ଏବଂ 'ଗ୍ରେଡ୍-ଏ' ଧାନ ପାଇଁ ୨୩୮୯ଟଙ୍କା ଧାର୍ଯ୍ୟ କରାଯାଇଛି | ୨୦୨୫-୨୬ ପାଇଁ ମୋଟ ୧୯,୧୧୩ ଜଣ ଚାଷୀ ପଞ୍ଜୀକରଣ କରିଛନ୍ତ୍ତି | OPLS ମୋବାଇଲ୍ ଆପ୍ ଜରିଆରେ ପ୍ଲଟ୍ ଯାଞ୍ଚ ପ୍ରକ୍ରିୟା ଜାରି ରହିଛି ଏବଂ ସଂଗ୍ରହ ପୂର୍ବରୁ ଚୂଡ଼ାନ୍ତ ଚାଷୀ ତାଲିକା ପ୍ରକାଶ କରାଯିବ | ଧାନ ସଂଗ୍ରହ ପାଇଁ ଜିଲ୍ଲାରେ ୫୬ଟି PPC/ମଣ୍ଡି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ଷମ ହେବ | ଏଥିରେ ୩୨ଟି PACS/LAMPCS ଏବଂ ୮ଟି ମହିଳା ସ୍ୱୟଂ ସହାୟକ ଗୋଷ୍ଠୀ (WSHG) ସାମିଲ ହେବେ | ଚଳିତ ଋତୁରେ ୪୮ ଜଣ କଷ୍ଟମ୍ ମିଲର ଧାନ ସଂଗ୍ରହ ପ୍ରକ୍ରିୟାରେ ସାମିଲ ହେବେ | ପି-ପାସ୍ (ଅନଲାଇନ୍ ମୋଡ୍ ରେ ରିଏଲ୍ ଟାଇମ୍ କ୍ରୟ) ମାଧ୍ୟମରେ କ୍ରୟ କରାଯିବ |ଏଥିପାଇଁ କେନ୍ଦ୍ରୀୟ ଟୋକନ୍ ଜାରି କରାଯିବ ଏବଂ କୃଷକଙ୍କ ପଞ୍ଜୀକୃତ ମୋବାଇଲକୁ ଏସ୍.ଏମ୍.ଏସ୍(SMS) ପଠାଯିବ | ଆଇରିସ୍ ସ୍କାନର ଦ୍ୱାରା ଆଧାର ପ୍ରମାଣିକରଣ ନିଶ୍ଚିତ କରି ଧାନ କିଣାଯିବ | ୨୪ରୁ ୪୮ ଘଣ୍ଟା ମଧ୍ୟରେ ଅନ୍ ଲାଇନ୍ ମୋଡ୍ ରେ ଚାଷୀଙ୍କ ବ୍ୟାଙ୍କ ଆକାଉଣ୍ଟରେ ଧାନର ମୂଲ୍ୟ (ଏମ୍ଏସ୍ପି) ଜମା କରାଯିବ ଏବଂ ପ୍ରତି ୭ ଦିନରେ ରିମାଇଣ୍ଡର ମେସେଜ୍ ମଧ୍ୟ ପଠାଯିବ | ଧାନ ସଂଗ୍ରହ କେନ୍ଦ୍ର ରେ ଡିଜିଟାଲ ଆର୍ଦ୍ରତା ମିଟର, ୱେ ବ୍ରିଜ୍, ବିଶ୍ଳେଷଣ କିଟ୍, ପଲିତାରପୋଲିନ ଆଦି ଯୋଗାଇବା ସହ ପ୍ରତୀକ୍ଷା କକ୍ଷ ,ପାନୀୟ ଜଳ, ଲାଇଟ୍, ଶୌଚାଳୟ, ସି.ସି.ଟିଭି ଆଦିର ବ୍ୟବସ୍ତା କରାଯିବ | ବୈଠକରେ ଜିଲ୍ଲାପାଳ ସମସ୍ତ ଚାଷୀ ଭାଇମାନଙ୍କ ଓ ମିଲର ମାନଙ୍କ ସହଯୋଗରେ ଖରିଫ ଋତୁରେ ୩୨.୭୨ ଲକ୍ଷ କ୍ଵିଣ୍ଟାଲ ଧାନ ସଂଗ୍ରହ ହୋଇପାରିଥିଲା,ଯାହା ଗତବର୍ଷ ତୁଳନା ରେ ଅଧିକ ବୋଲି କହିଥିଲେ | ଏହି ପ୍ରକାରେ ଆଗାମୀ ଦିନରେ ରବି ଋତୁରେ ସୁରୁଖୁରୁରେ ଧାନ ସଂଗ୍ରହ ପାଇଁ ସମସ୍ତଙ୍କ ସହଯୋଗ ଲୋଡିଥିଲେ | ଧାନ ସାଇତି ରଖିବା ପାଇଁ ଜିଲ୍ଲାରେ ପର୍ଯ୍ୟାପ୍ତ ସ୍ଥାନ ରହିଛି ବୋଲି ସେ କହିଥିଲେ | ଗୋଦାମ ଘାହରର ଅଭାବ ନେଇ କୌଣସି ଅଭିଯୋଗ ଯେପରି ନ ଆସେ, ଯେପରି କୌଣସି ପ୍ରକୃତ ଚାଷୀ ଧାନ ବିକ୍ରିରେ ଅସୁବିଧାର ସମ୍ମୁଖୀନ ନ ହୁଅନ୍ତି ଏବଂ ମଣ୍ଡିରେ ଆନୁଷଙ୍ଗିକ ସୁବିଧା ଉପଲବ୍ଧ ରହେ ସେଥିପାଇଁ ଧ୍ୟାନଦେବାକୁ ବିଭାଗୀୟ ଅଧିକାରୀଙ୍କୁ ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦେଇଛନ୍ତି | କାଳବୈଶାଖୀର ସମ୍ଭାବନା ଥିବାରୁ ମଣ୍ଡିକୁ ଆସୁଥିବା ଧାନ ଯେପରି ନଷ୍ଟ ନହୁଏ, ସେଥିପାଇଁ ଆର.ଏମ.ସି (RMC) କର୍ମଚାରୀ ଓ ଚାଷୀମାନେ ସତର୍କ ରହିବାକୁ ଜିଲ୍ଲାପାଳ କହିଛନ୍ତନ୍ତି | ଧାନ ସଂଗ୍ରହରେ ସ୍ୱଚ୍ଛତା ଆଣିବା ପାଇଁ ସାଟେଲାଇଟ୍ ସର୍ଭେର ସହାୟତା ନିଆଯାଇଛି | ଯେଉଁ ସ୍ଥାନରେ ଧାନ ଚାଷ ହୋଇନାହିଁ ମାତ୍ର ମାତ୍ର ମିଥ୍ୟା ପଞ୍ଜୀକରଣ କରାଯାଇଥିଲା, ସେଭଳି ପ୍ଲଟ୍‌ଗୁଡିକୁ ଚିହ୍ନଟ କରାଯାଇ ବାତିଲ କରାଯାଇଛି ବୋଲି ଜିଲ୍ଲାପାଳ ସୂଚନା ଦେଇଥିଲେ | ଏହି ବୈଠକରେ ବିଧାୟକ-ରେଢାଖୋଲ, ପ୍ରସନ୍ନ ଆଚାର୍ଯ୍ୟ, ବିଧାୟକ-ରେଙ୍ଗାଲି ଶ୍ରୀ ସୁଦର୍ଶନ ହରିପାଲ, ବିଧାୟକ-କୁଚିଣ୍ଡା ରବିନାରାୟଣ ନାୟକଙ୍କ ପ୍ରତିନିଧି, ଜିଲ୍ଲାପରିଷଦ ଅଧ୍ୟକ୍ଷା କୁମୁଦିନି ନାୟକ, ଜିଲ୍ଲା ମୁଖ୍ୟ ଉନ୍ନୟନ o କାର୍ଯ୍ୟ ନିର୍ବାହୀ ଅଧିକାରୀ ପ୍ରସନ୍ନ କୁମାର ପାତ୍ର, ଜିଲ୍ଲା ମୁଖ୍ୟ କୃଷି ଅଧିକାରୀ, ମୁଖ୍ୟ ଯୋଗାଣ ଅଧିକାରୀଙ୍କ ସମେତ ଅନ୍ୟ ପ୍ରଶାସନିକ ଅଧିକାରୀ, ଜିଲ୍ଲା ଚାଷୀ ସଂଗଠନର କର୍ମକର୍ତ୍ତା, ମିଲର୍ସ ପ୍ରତିନିଧି ପ୍ରମୁଖ ଉପସ୍ଥିତ ରହି ଆଲୋଚନାରେ ଅଂଶ ଗ୍ରହଣ କରିଥିଲେ |
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खंडवा: जनसुनवाई के दौरान किसान पिता-पुत्र जेल, शांति भंग के आरोप

Khandwa, Madhya Pradesh:दो किसानों को भारी पड़ा ऊंची आवाज में कड़वी सच्चाई बताना, सिटी मजिस्ट्रेट ने शांति भंग करने के आरोप में जेल पहुंचा खंडवा में कलेक्टर की जनसुनवाई में पिता पुत्र किसानों को ऊंची आवाज में अपनी पीड़ा बताने और पिछले अधिकारियों के निर्णय पर कड़वी सच्चाई बोलने के कारण जेल पहुंचा दिया गया। उन पर आरोप यह लगाया कि वह जनसुनवाई में हंगामा कर रहे थे और अधिकारियों को पीट भी सकते थे इसीलिए उन्हें ड्यूटी पर तैनात पुलिस वालों ने गिरफ्तार किया। आपस में संबंधी इन दोनों किसानों को जमानत लेने का मौका भी दिया गया लेकिन जब वह जमानत नहीं ले पाए तो उन्हें जेल भेज दिया गया। क्या है किसानों की समस्या दोनों किसान खंडवा जिले के वरुण गांव के रहने वाले हैं। वर्ष 1981 में इन्होंने 8 एकड़ जमीन खरीदी थी। जमीन की रजिस्ट्री में उनके खेत में जाने का रास्ता भी दर्ज था लेकिन 6 साल पहले 2019 में इन्हीं के जमीन के पास की जमीन किसी अन्य किसान ने खरीद ली। उसने इनका रास्ता बंद कर दिया। तभी से पहले तहसील न्यायालय फिर अनुविभागीय न्यायालय में खेत में जाने के रास्ते की लड़ाई लड़ रहे हैं इन किसानों का कहना है कि दोनों ही न्यायालयों से उनके पक्ष में फैसला आया था लेकिन तीन साल पहले अपर कलेक्टर की अपील में जाने के बाद तत्कालीन अपर कलेक्टर ने उनके खिलाफ फैसला दे दिया। पिछले तीन सालों से वह अपने खेत में नहीं जा पा रहे हैं और कोई भी फसल नहीं ले पाए। कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे थे अपनी पीड़ा बताने दोनों पिता और पुत्र किसान कलेक्टर की जनसुनवाई में अपने खेत में जाने के रास्ते की समस्या बताने पहुंचे थे। इसके पहले भी वह जनसुनवाई में आ चुके थे लेकिन इस बार भी उनकी समस्या का कोई निराकरण नहीं हुआ तो वह आक्रोशित हो गए और ऊंची आवाज में बातचीत करने लगे। इनका कहना है कि 3 साल पहले तत्कालीन अपर कलेक्टर ने सही न्याय नहीं किया। इन किसानों ने उन पर रिश्वतखोरी के भी आरोप लगाए। यह सब कुछ जनसुनवाई के हाल में हुआ जोर-जोर से चिल्लाने और अपने हक की बात करने के कारण ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें हाल से बाहर निकाल दिया और सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय में बैठा दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने क्या कहा सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह का कहना है कि कि दोनों किसान इतने आक्रोशित थे कि वह अधिकारियों की पिटाई भी कर सकते थे, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया। इन दोनों किसानों पर शांति भंग करने के तहत कार्रवाई की गई। इन्हें तुरंत जमानत लेने का मौका दिया गया लेकिन जब इन्होंने जमानत नहीं ली तो इन्हें जेल भेज दिया गया। कांग्रेस ने दिया धरना मामले की गंभीरता को देख कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को हाथों-हाथ ले लिया और करैक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। कांग्रेस की जिला अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि भाजपा की सरकार किसानों को अन्नदाता कहती हैं और जब किसान न्याय मांगने जाता है तो उसे जेल भेज दिया जाता है। कांग्रेस ने कहा कि जब तक की दोनों पिता पुत्र किसानों की जमानत नहीं होती तब तक वह कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगे。
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बरगी नाव दुर्घटना: कोर्ट ने 2 दिनों में FIR दर्ज करने का सख्त आदेश जारी

Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर के बरगी में नाव डूबने की घटना पर कोर्ट का सख्त आदेश, 2 दिनों में FIR दर्ज कर रिपोर्ट तलब जबलपुर के बरगी थाना प्रभारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया है कि 30 अप्रैल 2026 को हुई नाव दुर्घटना में लापरवाही बरतने वाले नाव चालक के खिलाफ तुरंत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जाए। कोर्ट ने समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के हवाले से घटना की जानकारी ली। पत्र के अनुसार, 30 अप्रैल को शाम करीब 5:30 से 6:30 बजे के बीच नाव चालक ने लापरवाही से नाव चलाई, जिससे नाव डूब गई और कई लोगों की मौत हो गई। नाव चालक खुद नाव की गतिविधियों से परिचित होने के बावजूद डूबते लोगों को छोड़कर सुरक्षित निकल गया और किसी की मदद करने का प्रयास नहीं किया। कोर्ट ने इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 106 (अपराधिक मानव वध) और धारा 110 के अंतर्गत गंभीर अपराध माना है। कोर्ट का मुख्य निर्देश: • तुरंत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करें। • मामले की जांच शुरू करें। • दो दिनों के अंदर इस संबंध में कोर्ट को सूचित करें। • भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर। कोर्ट ने उन लोगों की सराहना भी की जिन्होंने डूब रहे व्यक्तियों को बचाने का प्रयास किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो भविष्य में नाव संचालन या अन्य गतिविधियों के दौरान ऐसी अनहोनी की पुनरावृत्ति हो सकती है। यह आदेश जबलपुर के बरगी क्षेत्र में हुई नाव दुर्घटना को लेकर प्रशासन और पुलिस पर दबाव बढ़ाता है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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