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Umang WaliaUmang WaliaFollow7 Jun 2024, 01:17 pm

शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने अंत्योदय हरियाणा परिवार परिवहन योजना के तहत हैप्पी कार्ड वितरित किए

Palwal, Haryana:

हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना के तहत आज पलवल बस डिपो पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर जिला उपायुक्त नेहा सिंह भी मौजूद थी। शिक्षा मंत्री सीमा ने कहा कि हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना (हैप्पी) के अंतर्गत हरियाणा सरकार द्वारा गरीब परिवारों को सरकारी बसों में प्रतिवर्ष 1 हजार किलोमीटर तक मुफ्त सफर करने की सुविधा प्रदान की गई है। प्रदेश के सभी 36 डिपो व सब डिपो पर नए कार्ड का वितरण कार्य शुरू किया गया है।

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मुजफ्फरपुर में प्रेम प्रसंग के बहाने होटल में लड़की से रेप, आरोपी गिरफ्तार

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:मुजफ्फरपुर मे प्रेम प्रसंग में युवक को होटल मे बुलाया, फिर युवती से रेप, प्रेमिका ने होटल मे ही पुलिस बुलाया, आरोपी प्रेमी को करवा लिया गिरफ्तार, अब पुलिस कार्रवाई के बाद भेज दिया सलाखों के पीछे. अहियापुर थाना क्षेत्र से घटना सामने आयी है. दरअसल अहियापुर थाना क्षेत्र के आर एस रेजीडेंसी होटल से एक युवती ने पुलिस को फोन कर मदद मांगी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिस होटल से युवती ने मदद मांगी थी उस होटल पर पहुंची और पुलिस ने होटल के कमरे से युवती को बाहर निकाला और आरोपी प्रेमी को हिरासत मे ले लिया. पीड़िता के अनुसार सिवाईपट्टी निवासी सुजीत कुमार से करीब ढाई साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था, इस दौरान शादी का झांसा देकर प्रेमी ने कई बार शारीरिक शोषण किया, बुधवार की रात मिलने के बहाने होटल बुलाया और पत्नी बनाकर कमरा बुक किया. फिर उसको प्रेम जाल में फंसा कर उसके साथ जबरन रेप घटना को अंजाम दिया. पीड़िता के अनुसार आरोपी प्रेमी ने होटल मे उसके साथ दरिंदगी की, विरोध करने पर प्रताड़ित किया. जिसके बाद किसी तरह युवती ने पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने होटल मे रेड मारा,फिर उक्त कमरे से युवती को निकाला. फिलहाल कमरा को सील कर दिया गया है. पूरे मामले पर नगर डीएसपी -2 विनीता सिन्हा ने बताया कि युवती की सूचना पर होटल से उसे सुरक्षित निकाला गया हैं और युवती के बयान ने युवक के ऊपर केस दर्ज कराया गया. जिसके आधार पर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत मे जेल भेज दिया गया हैं. फिलहाल FSL की टीम की मदद से जांच भी की जा रही हैं और कमरे से साक्ष्य भी जुटाये जा रहे हैं. बाइट - विनीता सिन्हा, डीएसपी-2, नगर
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जालौर में शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतन समस्या पर धरना प्रदर्शन

Jalore, Rajasthan:जालौर राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील जिला शाखा जालौर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के समक्ष शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर विशाल धरना प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने जोरदार नारेबाज़ी करते हुए जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को एक मांग पत्र का ज्ञापन प्रस्तुत किया। संगठन के जिला मंत्री बाबूलाल कड़वासरा ने बताया कि चार वर्षों से शिक्षकों का स्थायीकरण नहीं हो रहा है, जिससे जिले के आम शिक्षकों में जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते शिक्षकों की वाजिब समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो संगठन जबरदस्त आंदोलन और संघर्ष करेगा। धरना स्थल पर विशाल सभा हुई, जिसे संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जयकरण खिलेरी ने प्रशासन से जल्द समाधान की अपील की। संगठन के संरक्षक पूनमचंद विश्नोई ने जालौर जिले के अन्य शिक्षक संगठनों से संयुक्त आंदोलन के लिए आह्वान किया। प्रदेश मुख्य महामंत्री किशनलाल सारण ने बताया कि प्रदेश संगठन के आह्वान पर राजस्थान के जिला मुख्यालयों पर समस्याओं को लेकर आंदोलन किए जा रहे हैं। प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर को शिक्षकों के अतिशीघ्र स्थायीकरण, वेतन विसंगति के प्रकरणों का निस्तारण, ग्रीष्म अवकाश के बकाया प्रकरणों का निराकरण, जनगणना में एक प्रगणक को दो ब्लॉक आवंटित करने और मिड डे मील की राशि जारी करने सहित कई ज्वलंत समस्याओं से अवगत कराया। संगठन प्रतिनिधि मंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा से भी द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें लंबित समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई। धरने में जालौर जिले की विभिन्न ब्लॉकों के सैकड़ों शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया。
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गोविंदगढ़ थाने पर हमला: चार आरोपी गिरफ्तार, 28 शांति भंग के आरोप

Govind Garh, Ramwas, Rajasthan:गोविंदगढ़ थाने पर हमले के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4 आरोपी गिरफ्तार, 28 शांति भंग में पकड़े गए अलवर जिले के गोविंदगढ़ थाने पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 28 लोगों को शांति भंग के आरोप में हिरासत में लिया गया है। पुलिस अभी अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है । जानकारी के अनुसार, बीती रात गोविंदगढ़ थाना पुलिस ने बुलेट बाइक से स्टंट करने और पटाखों जैसी आवाज निकालने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर के मामले में दो युवकों को पकड़कर उनकी बाइक जब्त की थी। इस कार्रवाई से नाराज होकर करीब 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने थाने पर धावा बोल दिया। भीड़ ने थाने परिसर में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की और जमकर पत्थरबाजी की। इस घटना में थाना अधिकारी धर्म सिंह सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की। फिलहाल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 28 लोगों को शांति भंग करने के आरोप में पकड़ा गया है। सभी आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए गोविंदगढ़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
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कृषि मंत्री मीणा ने पल्लू शाखा में 162 फर्जी बीमा खातों की जांच कराई

Jaipur, Rajasthan:बैंक शाखा में पहुंच गए कृषि मंत्री, कहा, किसानों की लिस्ट दिखाओ - राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल फिर एक्शन मोड में, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पकड़ी गड़बड़ी - हनुमानगढ़ के पल्लू में SBI बैंक में मारा छापा, कथित रूप से 162 फर्जी किसानों का नेटवर्क उजागर जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कथित तौर पर करीब 9 करोड़ रुपए के फर्जी बीमा क्लेम का बड़ा मामला सामने आया है। कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने हनुमानगढ़ जिले की पल्लू स्थित SBI शाखा में औचक जांच की। इस दौरान 162 कथित फर्जी किसानों के नाम पर बीमा किए जाने का मामला उजागर हुआ। आपको बता दें कि कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल गुरुवार को हनुमानगढ़ के पल्लू में एसबीआई बैंक में अचानक पहुंच गए। गड़बड़ी मिलने पर कृषि मंत्री के हस्तक्षेप से करोड़ों रुपए की क्लेम राशि जारी होने से पहले रोक दी गई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बाहरी व्यक्तियों के बचत खाते खोलकर उन्हें “ऋणी किसान” दर्शाया गया। खरीफ 2025 में मूंगफली फसल का बीमा करवाया गया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया में फर्जी खसरा नंबर, मुरब्बा नंबर और कृषि भूमि रिकॉर्ड का उपयोग किया गया। दरअसल कृषि मंत्री द्वारा करवाई गई जांच में गजनेर तहसील प्रशासन ने रिपोर्ट दी थी कि सूची में शामिल व्यक्तियों के नाम पर संबंधित ग्रामों एवं चकों में कोई भूमि दर्ज नहीं है। प्रस्तुत खसरा और मुरब्बा नंबर पूर्णत: फर्जी पाए गए। इसके बाद कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा SBI पल्लू शाखा पहुंचे। उन्होंने यहां शाखा प्रबंधन से सीधे सवाल किए। मंत्री ने पूछा कि क्या 162 व्यक्तियों का फसल बीमा शाखा से किया गया है ? क्या वे ऋणी किसान हैं ? शाखा प्रबंधक द्वारा इसकी पुष्टि किए जाने के बाद मंत्री ने संबंधित किसानों की जमाबंदी और भूमि रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन मौके पर स्पष्ट दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। जांच में सामने आए प्रमुख तथ्य - 162 व्यक्तियों के बचत खाते खोलकर उन्हें ऋणी किसान दर्शाया गया - फर्जी खसरा एवं मुरब्बा नंबरों के आधार पर कृषि भूमि रिकॉर्ड अपलोड किए गए - खरीफ 2025 की मूंगफली का बीमा करवा करोड़ों रुपए का क्लेम तैयार किया - जबकि संबंधित व्यक्तियों के नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में कोई भूमि दर्ज नहीं - कृषि मंत्री ने दावा किया कि इसी सप्ताह 9 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम जारी होने वाला था - इसे अब मंत्री के दखल से समय रहते रोक दिया गया - यदि भुगतान हो जाता तो यह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ा बड़ा फर्जीवाड़ा माना जाता कृषि मंत्री बोले, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के हित के लिए बनाई गई है। लेकिन कुछ लोग इसे लूट का माध्यम बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित शाखा प्रबंधक एवं बैंक कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने, संदिग्ध खातों को फ्रीज कराने, फर्जी भूमि रिकॉर्ड की जांच करवाने तथा बीमा कंपनी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की बात कही। उठ रहे गंभीर सवाल - बिना भूमि सत्यापन बीमा कैसे स्वीकृत हुआ? - बैंक ने ऋणी किसान की पात्रता किस आधार पर मानी? - बीमा कंपनी ने दस्तावेजों का सत्यापन क्यों नहीं किया? - फर्जी खसरा और मुरब्बा नंबर सिस्टम में कैसे अपलोड हुए? - क्या यह मामला केवल एक शाखा तक सीमित है? या बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? कहीं संगठित गिरोह तो नहीं ? मामला सामने आने के बाद बैंकिंग, कृषि एवं राजस्व विभागों में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार राज्य स्तर पर भी विस्तृत रिपोर्ट तलब की जा सकती है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े सबसे बड़े संगठित वित्तीय फर्जीवाड़ों में शामिल हो सकता है।
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SC की तल्ख टिप्पणी: संसद क्यों नहीं बना पाई चुनाव आयुक्तों की स्वतंत्रता कानून?

Noida, Uttar Pradesh:*चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, कहा- सत्ता बदलती है, तरीका नहीं* सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर अफसोस जताया कि केंद्र में अलग-अलग पार्टियों की सरकारें आती रहीं, लेकिन कोई भी चुनाव आयोग के स्वतंत्र कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए कानून नहीं बना सकी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जितनी तेजी से चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति हो जाती है, काश उतनी ही तेजी से जजों की नियुक्ति भी हो जाती। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में चीफ जस्टिस की भूमिका खत्म करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की। *‘संसद ने 2023 तक कानून क्यों नहीं बनाया?’* जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण से कहा कि संसद ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले इस विषय पर कानून क्यों नहीं बनाया। वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि हर सरकार ने कानून न होने का फायदा उठाया ताकि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को अपने हिसाब से इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए पार्टियाँ स्वतंत्र चुनाव आयोग की मांग करती हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद इस मुद्दे को भूल जाती है। *'चुने हुए लोग भी कर सकते हैं मनमानी’* जस्टिस दीपांकर दत्ता ने दिवंगत नेता अरुण जेटली के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सिर्फ गैर-निर्वाचित लोग ही तानाशाही नहीं करते, चुने हुए लोग भी मनमानी कर सकते हैं। जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि इसमें बहुमत की तानाशाही भी शामिल है। *जस्टिस दत्ता ने अंबेडकर का किया जिक्र* जस्टिस दत्ता ने कहा कि उन्होंने बीआर अंबेडकर पर एक वीडियो देखी थी, जिसमें डॉ. अंबेडकर ने संविधान लागू होने के तीन साल बाद कहा था कि इस देश में लोकतंत्र सही तरीके से काम नहीं कर रहा। *‘विपक्ष में रहते हुए सुधार की बात, सत्ता में आते ही खामोशी’* वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि राजनीतिक दल विपक्ष में रहते हुए सुधार की बातें करते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें भूल जाते हैं। कोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। *2023 में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था* मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने अनूप बरनवाल मामले में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को पारदर्शी बनाने के लिए आदेश दिया था दिसंबर 2023 में सरकार चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर कानून लाई। इसके मुताबिक चयन समिति में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और एक कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे। कांग्रेस नेता जया ठाकुर, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स समेत कई याचिकाकर्ताओं ने इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है。
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