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पुलिस की सख्ती रंग लाई: हत्या कांड में फरार दो आरोपी दबोचे, हथियार व वाहन बरामद

ASAmit SinghFollowJust now
Deoria, Uttar Pradesh:गौरीबाजार थाना क्षेत्र के बैतालपुर में हुए हत्या कांड में फरार चल रहे आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। गुरुवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार, कारतूस व वाहन भी बरामद किए गए हैं। गौरतलब है कि 12 अप्रैल की रात हुई इस सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। मामले में पहले ही चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब फरार चल रहे रंजीत गौड़ और मुलायम गौड़ को पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर भगुआ ढाला के पास से धर दबोचा। तलाशी के दौरान रंजीत गौड़ के पास से .32 बोर की अवैध पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई। वहीं मुलायम गौड़ के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी मिली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरफ्तारी केस के खुलासे की दिशा में अहम कड़ी साबित होगी। टीम की सक्रियता और लगातार दबिश के चलते फरार आरोपी भी कानून के शिकंजे में आते जा रहे हैं। थानाध्यक्ष डॉ. महेंद्र कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अजीत कुमार यादव ,हे0का0 विरेन्द्र कुमार,का0 आकाश यादव ,बृजेश कुमार, अरविन्द यादव, धर्मेद्र कुमार की टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा
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दावानल संकट: राजस्थान के जंगलों में मानवीय लापरवाही से आग फैलने के खतरे बढ़ रहे

Jaipur, Rajasthan:हैड- क्या है दावानल ? गर्मियों में क्यों जलने लगते हैं राजस्थान में जगंल? जयपुर प्रीति तंवर गर्मियों का मौसम और बढ़ता तापमान… लेकिन इसके साथ एक और चीज जो तेजी से बढ़ रही है ..... दावानल...... यानी जंगलों में लगने वाली अनियंत्रित आग.... राजस्थान के कई इलाकों में हर साल ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, विशेष तौर पर मई-जून के दौरान दावानल की घटनाएं होती हैं..... जहां सूखे जंगल और तेज हवाएं आग को और भड़का देती हैं। दावानल यानी जंगलों में लगने वाली ऐसी आग, जो तेजी से फैलती है? और उस पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो जाता है.... ये आग सिर्फ पेड़ों को ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचाती है.... लेकिन अब इस बीच सवाल ये है? कि क्या ये आग सिर्फ प्राकृतिक कारणों से लगती है? या इसमें इंसानी लापरवाही भी उतनी ही जिम्मेदार है? पर्यावरणविद KN जोशी के अनुसार गर्मियों में जब तापमान बढ़ने लगता है और पर्यावरण से नमी लगभग खत्म हो जाती है, तब जंगल सूखे ईंधन की तरह बन जाते हैं। हल्की सी चिंगारी भी बड़ी आग का रूप ले सकती है। राजस्थान में शुष्क वन क्षेत्र अधिक होने के कारण यह समस्या और गंभीर हो जाती है। खासतौर पर मई और जून के महीने में दावानल की घटनाएं ज्यादा देखने को मिलती हैं। क्या है दावानल के पीछे का कारण पर्यावरणविद KN जोशी ने बताया कि दावानल के पीछे प्राकृतिक कारण भी होते हैं और मानव जनित कारण भी। जैसे बांसवाड़ा जैसे इलाकों में बांस के पेड़ आपस में टकराते हैं, जिससे घर्षण पैदा होता है और आग लगने की संभावना बन जाती है। इसके अलावा सूखे पत्तों का जमीन पर जमा होना और तेज हवाओं का चलना आग को तेजी से फैलाने में मदद करता है। कम आर्द्रता और बढ़ता तापमान इस खतरे को और बढ़ा देता है। यानी प्रकृति खुद भी कभी-कभी इस आग को जन्म देती है, लेकिन आजकल बांस के पेड़ कम हो गए है... तो प्राकृतिक से ज्यादा मानव जनित कारणों से ज्यादा आग लगने के हालात बनते है..... मानव जनित कारण क्या हो सकते है? मानव जनित कारण दावानल के सबसे बड़े कारण माने जाते हैं। किसान फसल कटाई के बाद खेतों में अवशेष जलाते हैं, जिसे आम भाषा में पराली कहते है.... जिसकी चिंगारी जंगलों तक पहुंच सकती है। इसके अलावा सिगरेट या बीड़ी जलाकर फेंकना भी बड़ी वजह बनता है। जंगलों की कटाई के बाद सूखी लकड़ियां और पत्ते जमीन पर जमा हो जाते हैं, जो आग को और तेजी से फैलाते हैं। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान में बदल जाती है, जिससे हजारों हेक्टेयर जंगल और वन्यजीव प्रभावित होते हैं। पर्यावरणविद KN जोशी के अनुसार दावानल का असर सिर्फ जंगलों तक सीमित नहीं रहता। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान होता है, हवा में प्रदूषण बढ़ता है और वन्यजीवों का जीवन खतरे में पड़ जाता है। यह आग आसपास के गांवों तक भी पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। समय रहते जागरूकता और सतर्कता से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। छोटी-छोटी सावधानियां बड़ी घटनाओं को रोक सकती हैं。
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ग्वालियर में रील बनाने के चक्कर में गोलीकांड: एक गिरफ्तार, दूसरा फरार

Morena, Madhya Pradesh:एंकर- ग्वालियर में रील बनाने का फितूर युवको को भारी पड़ गया। दो युवको ने पिस्टल से गोली चलाने का वीडियो शूट करने की सनक में फायर किया। गोली हवा में जाने की जगह पानी की टंकी से टकराकर घर में सो रहे राजेन्द्र शाक्य के हाथ में जा लगी। वारदात के दो दिन बाद पुलिस ने एक आरोपी फैजान को पकड़ लिया है। जबकि दूसरा नाबालिग आरोपी पिस्टल समेत फरार हो गया है। जिसकी पुलिस तलाश कर कार्रवाई में जुट गई हैं। वीओ- दअरसल ग्वालियर के शिवनगर घोसीपुरा निवासी 35 साल के राजेन्द्र शाक्य ने जनकगंज थाना पुलिस से शिकायत कर बताया कि वह रविवार की दोपहर घर में सो रहे थे। तभी अचानक हाथ में गोली आकर धंसी। उन्हें लगा कि किसी ने जान से मारने की नीयत से फायर किया है। लेकिन बुधवार को वारदात का खुलासा हुआ तो कहानी चौंकाने والی निकली। जनकगंज थाना पुलिस ने 19 साल के फैजान खान निवासी शिवनगर को राउंडअप किया। जिससे पूछताछ की तो फैजान ने बताया कि वह और उसका नाबालिग दोस्त को सत्यनारायण की टेकरी पर अवैध पिस्टल पड़ी मिली थी। दोनों ने पिस्टल से फायर करने का वीडियो बनाकर रील बनाने का प्लान बनाया था। दोनों ने सोचा था कि गोली हवा में जाएगी और वीडियो वायरल होगा। लेकिन गोली टंकी से टकरा गई। कुछ देर बाद पता चला कि टंकी के पास रहने वाले राजेन्द्र को गोली लगी है तो दोनों डरकर भाग गए। राजेन्द्र को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी जान खतरे से बाहर है। पुलिस ने फैजान को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरे नाबालिग की तलाश जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पिस्टल टेकरी पर कैसे पहुंची और किसकी है। दूसरे नाबालिग आरोपी के पकड़े जाने पर हथियार के सोर्स का खुलासा होगा। वही पुलिस ने दोनों आरोपियों पर आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमला करने की धाराओं मे मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए हथियारों का इस्तेमाल न करें। रील बनाने के चक्कर में लोगों की जान जोखिम में डालना गंभीर अपराध है। वही पुलिस फरार नाबालिग आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। बाइट- सुमन गुर्जर- ASP ग्वालियर
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धनौरा गौशाला में व्यापारी में ग्राम प्रधान उन्होंने सैकड़ो कुंतल भूसा किया दान

JAYDEV SINGHJAYDEV SINGHFollow1m ago
Dhanaura, Uttar Pradesh:भूसा दान अभियान: गोशाला के लिए आगे आये व्यापारी व ग्राम प्रधान, सैकड़ो किवंटल भूसा जुटा मंडी धनौरा: गौशालाओ में भूसा दान अभियान में नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक के कार्यकर्ता मनु अग्रवाल और उनकी पत्नी श्वेता अग्रवाल ने 36 किवंटल भूसा दान किया। इसके अलावा उपजिलाधिकारी शैलेश दुबे ने गौशाला में गोवंश को गर्मी में लू से बचाव के लिए तत्काल उपाय करने के निर्देश दिए। गुरुवार को चुचेला कला स्थित अस्थायी गौ आश्रय स्थल में शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी मनु अग्रवाल ने व उनकी पत्नी श्वेता अग्रवाल ने 36 किवंटल भूसा दान दिया। इसके अलावा अभियान में ग्रामीण इलाके के जनप्रतिनिधी भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे है। ग्राम फूलपुर बिज़लपुर के प्रधान सतीश कुमार ने भी 50 किवंटल भूसा दान कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
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जयपुर में GRAM 23-25 मई: विदेशी डेलीगेट्स से निवेश व तकनीक पर चर्चा

Jaipur, Rajasthan:काशीराम जयपुर। दिल्ली में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का रोड शो। रोड शो के बाद विदेशी डेलीगेट्स के साथ एक-एक कर चर्चा। CM भजनलाल शर्मा ने की विदेशी डेलीगेट्स के साथ चर्चा। इनमें रूस, ब्राजील, वियतनाम के कृषि सेक्टर से जुड़े डेलीगेट्स रहे शामिल। इंडस्ट्रियलिस्ट, एग्रोटेक एक्सपर्ट, प्रगतिशील किसान, FPO प्रतिनिधियों से हुई वार्ता। CM के बाद मंत्रियों और अफसरों ने भी की वार्ता। कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल, मंत्री सुरेश रावत, केंद्रीय राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, किसान आयोग अध्यक्ष सीआर चौधरी, कृषि प्रमुख सचिव मंजू राजपाल, कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल, राजस्थान फाउंडेशन आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा सहित कृषि विभाग और राजस्थान फाउंडेशन के अधिकारी रहे मौजूद। GRAM के आयोजन, कृषि क्षेत्र में निवेश, तकनीकी उपयोग आदि पर हुई चर्चा। जयपुर में 23 से 25 मई तक होगा GRAM का आयोजन।
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बोकारो के DPS स्कूल की कैन्टीन बिना लाइसेंस सील, एक्सपायर्ड सामग्री मिलने पर

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में सेक्टर 4 स्थित DPS स्कूल के कैंटीन में एक्सपायर्ड आचार आदि मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने मौके पर जांच की। कैंटीन बिना लाइसेंस के चल रही थी और कई खामियाँ पाईं गईं; सिविल सर्जन ने कहा कि आचार सहित कई खाने की चीज एक्सपायरी मिलीं और डालडा भरा हुआ था; हल्दी पाउडर, मिर्चा पाउडर, बनस्पति तेल, दही का नमूना लिया गया और जब्त किया गया। कैंटीन के गंदगी के कारण सील किया गया। शिकायत के बाद नामकुम फूड सेफ्टी आयुक्त कार्यालय द्वारा निरीक्षण किया गया, जाँच के दौरान रुकावट पैदा करने के समान व्यवहार हुआ; प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस की उपस्थिति में कैंटीन की जाँच की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि FSSAI लाइसेंस रजिस्ट्रेशन नहीं मिला; विद्यालय प्रशासन के पास प्राधिकृत पत्र नहीं मिला; Pest Control, Medical Fitness नहीं पाया गया; परिसर गंदगी से भरा था; कैंटिन में Head Mask, Head Gloves आदि नहीं थे। Lilon’s Classic Mixed Pickle आचार एवं Testy Pixel (Vegetarian Mayonnaise) Expired Product पाया गया। बाइट — डॉ अभय भूषण प्रसाद, सिविल सर्जन बोकारो。
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JNV विश्वविद्यालय के कुलपति से ABVP ने 21 सूत्रीय मांगें उठाईं

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आज JNV विश्वविद्यालय में कुलपति को 21 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से छात्रों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए गए। इस दौरान ललित दाधिच ने बताया कि विद्यार्थी परिषद की जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय इकाई द्वारा केंद्रीय कार्यालय में चल रही सिंडिकेट बैठक के दौरान प्रवेश कर छात्र हितों से जुड़ी मांगों को कुलपति के सामने रखा गया। उन्होंने कहा कि कुलपति महोदय को नियुक्त हुए छह महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक विश्वविद्यालय में कोई विशेष नया विकास कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि परिषद की ओर से कुल 21 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से बढ़ाई गई संबद्धता (अफिलिएशन) फीस के अंतर की राशि छात्रों को वापस दिलाने की मांग शामिल है। पिछले तीन महीनों से छात्र इस राशि के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें भुगतान नहीं मिला है। इसके अलावा छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याएं, बैठने की व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित मुद्दे भी ज्ञापन में शामिल किए गए हैं। ललित दाधिच ने बताया कि कुलपति महोदय ने सभी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है और परिषद के चार प्रतिनिधियों को अगले दिन चर्चा के लिए बुलाया गया है। परिषद का कहना है कि यदि जल्द ही मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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जयपुर में GRAM मीट: विदेशी डेलीगेट्स के साथ कृषि निवेश पर चर्चा

Jaipur, Rajasthan:दिल्ली में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का रोड शो। रोड शो के बाद विदेशी डेलीगेट्स के साथ एक-एक कर चर्चा। CM भजनलाल शर्मा ने की विदेशी डेलीगेट्स के साथ चर्चा। इनमें रूस, ब्राजील, वियतनाम के कृषि सेक्टर से जुड़े डेलीगेट्स रहे शामिल। इंडस्ट्रियलिस्ट, एग्रोटेक एक्सपर्ट, प्रगतिशील किसान, FPO प्रतिनिधियों से हुई वार्ता। CM के बाद मंत्रियों और अफसरों ने भी की वार्ता। कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल, मंत्री सुरेश रावत, केंद्रीय राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, किसान आयोग अध्यक्ष सीआर चौधरी, कृषि प्रमुख सचिव मंजू राजपाल, कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल, राजस्थान फाउंडेशन आयुक्त डॉ. मनीषा अरोड़ा सहित कृषि विभाग और राजस्थान फाउंडेशन के अधिकारी रहे मौजूद। GRAM के आयोजन, कृषि क्षेत्र में निवेश, तकनीकी उपयोग आदि पर हुई चर्चा। जयपुर में 23 से 25 मई तक होगा GRAM का आयोजन।
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पोषाहार बनाकर बच्चों को खिलाने वाली मां लाडी बाई का निधन, गांव में शोक

Noida, Uttar Pradesh:बदनोर। क्षेत्र के पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चतरपुरा में पिछले 25 वर्षों से पोषाहार (मिड-डे मील) बनाने का कार्य कर रही कुक कम हेल्पर लाडी बाई का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे गांव सहित आसपास के क्षेत्र में गहरा शोक छा गया। लाडी बाई वर्ष 2001 से लेकर 2026 तक निरंतर विद्यालय में अपनी सेवाएं देती रहीं। उन्होंने हजारों बच्चों को अपने हाथों से भोजन बनाकर खिलाया और हमेशा सभी विद्यार्थियों को अपने बच्चों की तरह स्नेह दिया। उनके जाने से विद्यालय परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी स्मृति में विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों ने स्कूल के बाहर पंक्ति में खड़े होकर नम आंखों से पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान माहौल अत्यंत भावुक हो गया और हर कोई उनकी सादगी व सेवा भावना को याद करता नजर आया। बताया गया कि लाडी बाई 28 वर्ष की उम्र में ही विधवा हो गई थीं, इसके बावजूद उन्होंने जीवनभर संघर्ष करते हुए विद्यालय में सेवा जारी रखी और बच्चों के लिए समर्पित रहीं।
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आगर मालवा के मारू बर्डिया में युवाओं ने गांव बदला, विकास की नई इबारत

Agar, Madhya Pradesh:एंकर- मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले का एक छोटा सा गांव, लेकिन सोच बड़ी और काम बड़े। मारू बर्डिया आज एक उदाहरण बनकर उभर रहा है, जहां युवाओं ने मिलकर गांव की तस्वीर बदल दी है। नवाचार, जनसहभागिता और ‘प्रयास’ टीम की सक्रियता से यहां विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। खास बात ये है कि यहां के लोग सिर्फ सरकारी मदद पर निर्भर नहीं, बल्कि खुद पहल कर गांव को आगे बढ़ा रहे हैं। वीओ- करीब 1800 की आबादी वाला मारू बर्डिया… एक ऐसा गांव, जहां बदलाव की नींव कुछ साल पहले युवाओं ने रखी। ‘प्रयास’ टीम बनाकर इन युवाओं ने संकल्प लिया कि गांव को आदर्श बनाना है… और इसी सोच ने पूरे गांव को एकजुट कर दिया। वीओ- सबसे पहले फोकस रहा स्वच्छता और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण पर। जो रास्ते कभी गंदगी से भरे रहते थे, आज वहीं साफ-सुथरे नजर आते हैं। ग्रामीण खुद सफाई में जुटते हैं और हरियाली बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं… जिसने विकास की मजबूत बुनियाद तैयार की है। बाइट - प्रभु शर्मा, ग्रामीण वीओ- मारू बर्डिया की असली ताकत है यहां की एकजुटता और भागीदारी। ग्रामीण सरकारी मदद का इंतजार नहीं करते, जहां जरूरत महसूस होती है, वहां अपने ही संसाधन लगाकर काम पूरा कर देते हैं। यही कारण है कि यहां विकास एक जन आंदोलन बन गया है। बाइट - शंकर सिंह सिसोदिया, ग्रामीण बाइट - भगवान सिंह, ग्रामीण बाइट - लक्षमण शर्मा, ग्रामीण वीओ- इस गांव में हर व्यक्ति अपने हुनर के जरिए योगदान दे रहा है। किसी को वेल्डिंग का काम आता है तो वह सार्वजनिक कार्यों में मुफ्त सेवा देता है, तो वहीं बिजली का जानकार व्यक्ति लाइट और वायरिंग की जिम्मेदारी संभाल लेता है। यानी हर हुनर यहां गांव के विकास में लगाया जा रहा है। बाइट - निर्भय सिंह, ग्रामीण बाइट - राधेश्याम शर्मा, ग्रामीण बाइट - विक्रम सिंह सिसोदिया, ग्रामीण वीओ- पर्यावरण संरक्षण और जीव दया को लेकर भी गांव में जागरूकता दिखाई दे रही है。 घर-घर और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी के सकोरे रखे जा रहे हैं, और अब करीब 200 से ज्यादा लकड़ी के घोंसले लगाने की तैयारी है, ताकि पक्षियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। वहीं, गांव में सुविधाएं भी अब शहरों की तरह विकसित हो रही हैं। स्ट्रीट लाइट से रोशन गलियां, बेहतर सड़कें… और पंचायत भवन में आधुनिक मीटिंग हॉल इसकी मिसाल है। स्कूलों और आंगनवाड़ी में स्मार्ट टीवी लगाए गए हैं, जबकि आंगनवाड़ी को ISO सर्टिफिकेट भी मिल चुका है। वीओ- गांव के युवा हर 10 से 15 दिन में बैठक करते हैं और विकास की नई योजनाएं तैयार करते हैं। यानी यहां तरक्की एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया बन चुकी है। मारू बर्डिया की ये कहानी बताती है कि जब युवा आगे आते हैं और पूरा गांव साथ खड़ा होता है… तो बदलाव सिर्फ नजर नहीं आता, बल्कि एक नई पहचान बन जाता है।
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